महासमुंद। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर ग्राम मोहंदी में खेतों में लगाई गई आग फैलकर डच गुलाब की खेती वाले पॉलीहाउस तक पहुंच गई, जिससे दो पॉलीहाउस में लगे गुलाब के पौधे जल गए और बड़ी संख्या में पौधे झुलस गए। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन किसान को लाखों रुपए की क्षति उठानी पड़ी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम मोहंदी निवासी किसान तुषार चंद्राकर लगभग छह एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित कर डच गुलाब की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर खेतों में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पराली में आग लगा दी गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती हुई आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गई और देखते ही देखते पॉलीहाउस को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग लगने की सूचना मिलते ही वह ग्रामीणों और अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और सभी ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफ ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया, लेकिन तब तक लाखों रुपए केाडच गुलाब जल चुके थे और बहुत से पौधे झुलस गये थे। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो पूरा का पूरा पॉलीहाउस और उसमें लगी फसल नष्ट हो सकती थी।
किसान तुषार चंद्राकर ने बताया कि आग की वजह से दो पॉलीहाउस में लगे गुलाब के पौधे जल गए हैं। जबकि कई पौधे गर्मी और धुएं के प्रभाव से झुलस गए हैं। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार उन्हें करीब तीन लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि डच गुलाब की खेती में भारी निवेश करना पड़ता है और पौधों को तैयार होने में भी लंबा समय लगता है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं किसानों के लिए बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बनती हैं।
गौरतलब है कि न्यायालय में पराली जलाने पर आपत्ति जताई है। किसानों को फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। इसके बावजूद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम पराली जलाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।



