सरायपाली : रामचंडी महाविद्यालय के NSS शिविर का ग्राम मोखापुटका में भव्य समापन,

सरायपाली : रामचंडी महाविद्यालय के NSS शिविर का ग्राम मोखापुटका में भव्य समापन,

सरायपाली।
रामचंडी महाविद्यालय सरायपाली द्वारा ग्राम मोखापुटका में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) शिविर का समापन कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं ग्रामवासियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जिला पंचायत सभापति श्री लोकनाथ बारी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी हरीश चंद्र पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कुमारी भास्कर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री मुकेश धर्मेंद्र चौधरी, ग्राम मोखापुटका के सरपंच श्री लोचन भावना पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रामचंडी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एन. के. भोई, सहायक प्राध्यापक बी.एड. श्री प्रदीप बारीक सहित महाविद्यालय परिवार ने NSS स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि NSS शिविर से विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

समापन कार्यक्रम में ग्राम पंचायत मोखापुटका के सभी पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों द्वारा किए गए सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए शिविर को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया गया।

छत्तीसगढ़: साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

छत्तीसगढ़: साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ  पीएम आवास के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 पर विस्तृत चर्चा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के दीर्घकालिक विकास विज़न का रखा स्पष्ट रोडमैप

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 पर विस्तृत चर्चा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के दीर्घकालिक विकास विज़न का रखा स्पष्ट रोडमैप

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्य के दीर्घकालिक विकास दस्तावेज “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047” पर व्यापक और सारगर्भित चर्चा हुई। सदन में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी विज़न डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसके उद्देश्य, आवश्यकता और क्रियान्वयन की रूपरेखा को विस्तार से रखा।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों में राज्य को समृद्ध, आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की दिशा में ले जाने का संकल्प है।” उन्होंने बताया कि यह विज़न भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशेषताओं को केंद्र में रखा गया है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने चर्चा  में स्पष्ट किया कि तेज़ी से बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में राज्य को दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास और युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं को देखते हुए योजनाबद्ध और दूरदर्शी नीति अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना, किसानों, श्रमिकों और आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विस्तार करना, सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ बनाना है।

विकास के प्रमुख स्तंभ

वित्त मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को कई प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है। इनमें कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना का विकास और हरित विकास शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राज्य की युवा आबादी को “डेमोग्राफिक डिविडेंड” में बदलना इस विज़न का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और नवाचार को प्राथमिकता दी गई है।

सार्वजनिक सहभागिता और पारदर्शिता

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को तैयार करने में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सुझावों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया में जनभागीदारी और नियमित समीक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

सदन में सकारात्मक चर्चा

विधानसभा में इस विषय पर उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार रखे और राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। चर्चा के दौरान यह भावना उभरकर सामने आई कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 राज्य को एक स्पष्ट दिशा और लक्ष्य प्रदान करेगा।

अंत में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का दस्तावेज है। सरकार का संकल्प है कि इस विज़न को धरातल पर उतारकर छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाएगा।

आज का राशिफल: जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, किस राशि पर बरसेगा भाग्य

आज का राशिफल: जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, किस राशि पर बरसेगा भाग्य

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो): किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह): घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा।

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

 

बलौदाबाजार में फर्जी इलाज का खुलासा: कटगी क्षेत्र स्थित संस्कार हॉस्पिटल में बिना डिग्री इलाज से महिला की मौत, 2 आरोपी गिरफ्तार

बलौदाबाजार में फर्जी इलाज का खुलासा: कटगी क्षेत्र स्थित संस्कार हॉस्पिटल में बिना डिग्री इलाज से महिला की मौत, 2 आरोपी गिरफ्तार

बलौदाबाजार।जिले के कटगी क्षेत्र स्थित संस्कार हॉस्पिटल में वैध योग्यता एवं अधिकारिता के बिना लापरवाहीपूर्वक इलाज किए जाने से एक महिला की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और फर्जी इलाज का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि संस्कार हॉस्पिटल कटगी में इलाज करने वाला आरोपी दुखित राम साहू, जो कि मात्र 12वीं पास है, बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के लंबे समय से मरीजों का इलाज कर रहा था। उसके द्वारा किए गए गलत और लापरवाहीपूर्ण उपचार के कारण महिला की जान चली गई।

वहीं अस्पताल के संचालक जोहित राम साहू द्वारा भी गंभीर लापरवाही बरती गई। जांच में पाया गया कि अस्पताल संचालन के लिए किसी भी पंजीकृत डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई थी, इसके बावजूद अस्पताल का संचालन किया जा रहा था, जो कि कानूनन अपराध है।

पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं प्रकरण में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी

1. जोहित राम साहू (उम्र 40 वर्ष)

निवासी – बिल्हा, जिला बिलासपुर

2. दुखित राम साहू (उम्र 28 वर्ष)

निवासी – ग्राम खैरा, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना आम जनता के लिए भी एक चेतावनी है कि इलाज के दौरान अस्पताल और डॉक्टर की वैधता की पुष्टि अवश्य करें।

महासमुंद/तेन्दूकोना पुलिस की कार्रवाई: अवैध शराब पिलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद/तेन्दूकोना पुलिस की कार्रवाई: अवैध शराब पिलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद।थाना तेन्दूकोना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक द्वारा दिनांक 13 दिसंबर 2025 को हमराह स्टाफ के साथ टाउन एवं देहात पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि पेट्रोल पंप ग्राम सराईपाली ठेला के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से लोगों को शराब पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।

सूचना की तस्दीक हेतु मौके के गवाह नंदकुमार कोसरिया एवं खगेश विश्वकर्मा को साथ लेकर पुलिस टीम मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंची। पुलिस पार्टी को देखकर शराब पीने वाले व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को मौके पर पकड़ा गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम लेखु मिरी पिता वेदराम मिरी उम्र 32 वर्ष, निवासी हरदी, थाना पिथौरा, जिला महासमुंद बताया। आरोपी के कब्जे से एक शीशी देशी प्लेन शराब (180 एमएल) में लगभग 60 एमएल शराब तथा दो नग डिस्पोजल गिलास बरामद किए गए, जिसकी कुल कीमत लगभग 40 रुपये आंकी गई।

उक्त मशरूका को गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त कर आरोपी के विरुद्ध धारा 36(सी) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामला जमानतीय होने के कारण आरोपी को सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने पर जमानत मुचलके पर रिहा किया गया। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना जारी है।

रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित

रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित

रायपुर,विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

महासमुंद/ तेन्दूकोना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अपाचे बाइक से अवैध शराब ले जा रहा आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद/ तेन्दूकोना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अपाचे बाइक से अवैध शराब ले जा रहा आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। थाना तेन्दूकोना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपाचे मोटर सायकल में 55 पौवा देशी प्लेन शराब लेकर बिक्री के उद्देश्य से परिवहन कर रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 दिसंबर 2025 को थाना तेन्दूकोना में पदस्थ प्रधान आरक्षक एवं हमराह आरक्षक क्रमांक 561 व 392 जुर्म-जरायम पतासाजी एवं वारंट तामिली हेतु शासकीय वाहन क्रमांक CG03A1087 से रवाना हुए थे। इसी दौरान ग्राम तेन्दूकोना बस स्टैंड के पास मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति काले-सिल्वर रंग की अपाचे मोटर सायकल (CG06GW7563) में सामने की ओर शराब रखकर बिक्री हेतु ले जा रहा है।

सूचना की तस्दीक हेतु मौके पर गवाह नंदकिशोर कोसरिया एवं भरत साहू को धारा 179 BNSS का नोटिस तामिल कर सहमति प्राप्त की गई। इसके बाद पुलिस टीम मुखबिर के साथ ग्राम मुडागांव तिराहा पहुंची, जहां कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए की मोटर सायकल आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोककर चालक से पूछताछ की।

मोटर सायकल चालक ने अपना नाम प्रेमलाल साहू पिता महेश साहू (उम्र 34 वर्ष), निवासी कौहाकुड़ा, थाना पिथौरा, जिला महासमुंद बताया। तलाशी के दौरान मोटर सायकल के सामने रखे काले रंग के बैग से 55 पौवा देशी प्लेन शराब (शोले) प्रत्येक 180-180 एमएल, कुल मात्रा 9900 एमएल, कीमत लगभग 4400 रुपये बरामद की गई।

आरोपी शराब एवं वाहन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। मौके पर शराब को सीलबंद कर पंचनामा तैयार किया गया तथा परिवहन में प्रयुक्त अपाचे मोटर सायकल कीमती लगभग 35 हजार रुपये को जप्त किया गया। जप्त सामग्री की कुल कीमत करीब 39,400 रुपये आंकी गई।

आरोपी का कृत्य धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पाए जाने पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य प्रकरण में प्रतिपादित नियमों का पालन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दी गई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध देहाती नालसी दर्ज कर प्रकरण विवेचना में लिया है।

कोमाखान पेट्रोल पंप के सामने शराबी युवकों का तांडव, मजदूर व भाई पर हमला

कोमाखान पेट्रोल पंप के सामने शराबी युवकों का तांडव, मजदूर व भाई पर हमला

कोमाखान। थाना कोमाखान क्षेत्र अंतर्गत पेट्रोल पंप के सामने शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब के नशे में दो युवकों ने बेवजह गाली-गलौच कर मजदूर और उसके भाई के साथ मारपीट कर दी। घटना में एक युवक को नुकीली वस्तु से गंभीर चोट आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम टोंगोपानी निवासी पीड़ित, जो मजदूरी का कार्य करता है, दिनांक 12 दिसंबर 2025 की रात करीब 7:30 बजे सुवरमाल मंडी से हेमाली काम कर अपने छोटे भाई दुलार ठाकुर एवं गांव के ओमन, नेपाल और भुषण के साथ घर लौट रहा था। कोमाखान पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरवाने के दौरान पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर शाहिल खान एवं रिंकू चंद्राकर ने शराब के नशे में पीड़ितों के साथ अश्लील गाली-गलौच शुरू कर दी।

गाली देने से मना करने पर आरोपियों ने हाथ-मुक्के और डंडे से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए छोटे भाई दुलार ठाकुर के बाएं हाथ की गदेली में किसी नुकीली वस्तु से गंभीर चोट आई, जिससे खून बहने लगा। वहीं पीड़ित को भी हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी ओमन, नेपाल और भुषण ने बीच-बचाव किया।

पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी देकर फरार हो गए। मामले में थाना कोमाखान में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने धारा 115(2), 296, 3(5) व 351(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़: जनहित में बड़ा फैसला: पेरी-अर्बन व अन्य ग्रामों में वर्ग मीटर दर समाप्त स्टाम्प व रजिस्ट्री शुल्क में नागरिकों को सीधा लाभ

छत्तीसगढ़: जनहित में बड़ा फैसला: पेरी-अर्बन व अन्य ग्रामों में वर्ग मीटर दर समाप्त स्टाम्प व रजिस्ट्री शुल्क में नागरिकों को सीधा लाभ

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुसार वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पेरी-अर्बन ग्रामों एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में लागू वर्ग मीटर दर को पूर्णतः समाप्त कर दिया है। अब ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में भूमि का मूल्यांकन केवल हेक्टेयर दर के आधार पर किया जाएगा। इस फैसले से आम नागरिकों, किसानों और भू-धारकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

पूर्व व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 500 वर्ग मीटर तक की भूमि का मूल्यांकन वर्ग मीटर दर से तथा 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि का मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जाता था। चूंकि वर्ग मीटर दर, हेक्टेयर दर की तुलना में अधिक होती थी, इसलिए कम क्षेत्रफल वाली भूमि पर अधिक मूल्य और मुआवजा देय हो जाता था, जबकि बड़े क्षेत्रफल की भूमि पर अपेक्षाकृत कम। यह एक बड़ी विसंगति थी, जिसे समाप्त करते हुए सरकार ने अब सभी ग्रामीण भूमि के लिए एक समान हेक्टेयर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था लागू की है।

इस निर्णय से भू-अर्जन प्रकरणों में अब भूमि के वास्तविक क्षेत्रफल के अनुरूप न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा। उदाहरण के तौर पर बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्र देवारभाट में पूर्व व्यवस्था के तहत 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 9 लाख 25 हजार रुपये किया जाता था, जबकि 1000 वर्ग मीटर (0.10 हेक्टेयर) भूमि का मूल्यांकन केवल 3 लाख 67 हजार रुपये होता था। नई व्यवस्था में वर्ग मीटर दर समाप्त होने के बाद 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 6 लाख रुपये तथा 1000 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 12 लाख रुपये किया जा रहा है, जो पूरी तरह तर्कसंगत और न्यायसंगत है।

वर्ग मीटर दर समाप्त होने से स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क में भी उल्लेखनीय कमी आई है। भूमि का मूल्यांकन अब वास्तविक और किफायती दरों पर होने से रजिस्ट्री की कुल लागत घट रही है। इससे ग्रामीण एवं पेरी-अर्बन क्षेत्रों में भूमि खरीदना आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ हो गया है।

उप पंजीयक कार्यालय बालोद में 9 अक्टूबर 2025 को पंजीकृत एक दस्तावेज के अनुसार ग्राम देवारभाट में 15 डिसमिल भूमि के पंजीयन में पूर्व व्यवस्था के तहत बाजार मूल्य 7 लाख 90 हजार रुपये आंका गया था, जिस पर 74 हजार 900 रुपये स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क देय था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उसी भूमि का बाजार मूल्य 4 लाख 80 हजार रुपये निर्धारित हुआ और पक्षकारों द्वारा मात्र 45 हजार 500 रुपये स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क अदा किया गया। इस प्रकार संबंधित पक्षकारों को सीधे 29 हजार 400 रुपये का लाभ हुआ।

सरकार के इस फैसले से किसानों, भू-धारकों और आम खरीदारों को अनावश्यक अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी। साथ ही भूमि लागत कम होने से रियल एस्टेट, आवास निर्माण और विकास कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के सरलीकरण से नियमों की जटिलता कम हुई है और आमजन के लिए प्रक्रिया अधिक सहज एवं पारदर्शी बनी है।

राज्य सरकार का यह निर्णय ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी जनता के हित में दूरगामी प्रभाव वाला कदम है, जिससे हजारों लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। सरकार का उद्देश्य भूमि एवं आवास से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुलभ, किफायती और जनकल्याणकारी बनाना है और यह सुधार उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।