CG NEWS: ई-श्रम साथी ऐप का कमाल, अब चौक-चौराहों पर नहीं, मोबाइल ऐप पर मिलेंगे मजदूर और कारीगर

बिलासपुर। अब मजदूर और कारीगर खोजने के लिए लोगों को चौक-चौराहों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ शासन और श्रम विभाग ने ई-श्रम साथी मोबाइल ऐप शुरू किया है, जिसके जरिए घर बैठे ही राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य श्रमिक आसानी से मिल सकेंगे। खास बात यह है कि इस डिजिटल पहल को अपनाने में बिलासपुर जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है।ई-श्रम साथी ऐप श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम कर रहा है।

ऐप में श्रमिक अपना नाम, मोबाइल नंबर, कार्यक्षेत्र और मजदूरी दर दर्ज कर पंजीयन करा सकते हैं। वहीं आम नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार नजदीकी और सत्यापित कारीगरों से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और समय व पैसे दोनों की बचत होगी। बिलासपुर में अब तक 249 श्रमिकों ने पंजीयन कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि यह ऐप श्रमिकों को सीधा रोजगार और सम्मानजनक आजीविका दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा

रायगढ़: 44 लाख के सीसी रोड और नाली निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

रायगढ़। रायगढ़ शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। इसी क्रम में महापौर जीवर्धन चौहान ने वार्ड क्रमांक 16 एवं वार्ड क्रमांक 40 में कुल 44 लाख रुपये की लागत से होने वाले सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया

वार्ड क्रमांक 16 में दशरथ पान ठेला के सामने 19 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य का भूमिपूजन क्षेत्रीय पार्षद अशोक यादव की उपस्थिति में किया गया। वहीं वार्ड क्रमांक 40 स्थित सुभाष नगर कॉलोनी में 25 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क, सुगम आवागमन और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

स्थानीय नागरिक लंबे समय से इन कार्यों की मांग कर रहे थे, जिसे अब प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर के प्रत्येक वार्ड में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और रायगढ़ के विकास के प्रति समर्पण के कारण शहर में लगातार करोड़ों रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हो रहे हैं, जिससे रायगढ़ तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

पंचायत ने नहीं दी अनुमति, फिर किसके आदेश पर खोदा गया सरकारी तालाब? सड़क निर्माण कार्य पर उठे सवाल

खैरागढ़। जंगलपुर से आमदनी तक निर्माणाधीन सड़क कार्य अब विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में लगी एजेंसी द्वारा जंगलपुर स्थित सरकारी तालाब से मशीनों के जरिए अवैध रूप से मिट्टी निकाली जा रही है और उसी मिट्टी का उपयोग सड़क निर्माण में किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित तालाब में मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत है तथा मौके पर योजना संबंधी बोर्ड भी लगा हुआ है। इसके बावजूद तालाब की खुदाई कर उसकी संरचना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की मनमानी खुलेआम चल रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। मामले में ग्राम पंचायत की सरपंच जीत कुमारी साहू ने कहा कि पंचायत द्वारा किसी भी प्रकार की अनुमति या एनओसी जारी नहीं की गई है। वहीं ठेकेदार देवराज सिंह ने दावा किया कि ग्रामीणों की सहमति से मिट्टी निकाली जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि सरकारी तालाब से मिट्टी उत्खनन आखिर किसके आदेश पर किया जा रहा है।

CG NEWS: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रभावी संचालन को लेकर जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

रायगढ़।  रायगढ़ कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के प्रभावी संचालन को लेकर जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य शासन द्वारा शुरू की जा रही इस हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह निराकरण सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली की तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लागू होने से शिकायतों के निराकरण में जवाबदेही तय होगी और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझने और निर्धारित समय सीमा में शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार आर. के. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 नागरिकों की शिकायतों को सीधे शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। आमजन टोल फ्री नंबर 1076 पर 24 घंटे निःशुल्क कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

तकनीकी विशेषज्ञ सौरभ श्रीकांत ने अधिकारियों को शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध निराकरण, नागरिक फीडबैक, पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी। प्रत्येक शिकायत के लिए 12 अंकों का यूनिक टोकन नंबर जारी किया जाएगा, जिससे शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति जान सकेगा। शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 तक की प्रणाली लागू की गई है। समय सीमा में समाधान नहीं होने पर शिकायत स्वतः उच्च स्तर पर भेज दी जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, CM साय ने हितग्राहियों से किया संवाद

बलौदा बाजार। बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर योजनाओं के प्रभाव और लाभ की जानकारी ली।

शिविर में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत कई उपभोक्ताओं को लंबित बिजली बिल में राहत दी गई। योजना से लाभान्वित लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बढ़ते बिजली बिलों के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन इस योजना से अब काफी राहत मिली है।

ग्राम बिटकुली निवासी आशाराम को 11 हजार 625 रुपए, बाबूलाल को 14 हजार 922 रुपए, जगदीश को 9 हजार 832 रुपए, बुधयारिन को 8 हजार 467 रुपए और चोवाराम को 13 हजार 325 रुपए की छूट प्रदान की गई। लाभ मिलने के बाद हितग्राहियों ने कहा कि अब वे बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के नियमित रूप से बिजली बिल जमा कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है। सरकार लगातार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनसे समाज के हर वर्ग को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है।

शिविर में मौजूद हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। उनका कहना था कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। योजना से लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही बिजली बिल को लेकर चिंता भी कम हुई है।

बरगद के पेड़ के नीचे लगी चौपाल: CM साय ने ग्रामीणों से सुनी समस्याएं, योजनाओं का लिया फीडबैक

महासमुंद। महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड स्थित ग्राम कमरौद में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशाल बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

सुशासन तिहार-2026 के तहत आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और लोगों की समस्याएं सुनीं। चौपाल शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके बाद ग्रामीणों से आत्मीय बातचीत करते हुए उन्होंने राशन, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना समेत विभिन्न योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि उन्हें नियमित मिल रही है। ग्राम की देव कुमारी साहू ने कहा कि वे इस राशि को बेटी के भविष्य के लिए बचा रही हैं।

चौपाल के दौरान एक खास पल तब आया, जब मुख्यमंत्री ने पांचवीं के छात्र पूर्वांश साहू से मुस्कुराते हुए पूछा, “सेल्फी लेंगे क्या?” इसके बाद छात्र ने उत्साह के साथ मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली। यह पल पूरे कार्यक्रम का आकर्षण बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का मकसद शासन और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अब तक वे 16 जिलों का दौरा कर चुके हैं।

उन्होंने बिजली बिल समाधान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए। किसी ने पानी की समस्या बताई तो किसी ने स्वरोजगार और सोलर योजना से हुए फायदे की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कई मांगों पर तत्काल निर्देश दिए और कमरौद से चरोदा तक सड़क निर्माण, मुक्ति धाम और महिलाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की घोषणा की। इससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला।

नीति आयोग के ‘Champions of Change’ में उसूर विकासखंड ने देशभर में हासिल किया दूसरा स्थान

बीजापुर। बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड ने नीति आयोग के “Champions of Change” कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में सेंट्रल इंडिया ज़ोन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर यह उपलब्धि मिली है। इस सफलता को राज्य सरकार की जनकेंद्रित विकास नीति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि आकांक्षी और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले इलाके अब स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बना रहे हैं।

नीति आयोग के इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना और सामाजिक विकास जैसे विभिन्न मानकों पर विकासखंडों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है।

उसूर विकासखंड ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और परिणाम आधारित कार्यशैली के जरिए यह मुकाम हासिल किया।

इस उपलब्धि के पीछे बीजापुर प्रशासन द्वारा अपनाया गया “3C मॉडल” अहम माना जा रहा है। इसमें Convergence यानी योजनाओं का अभिसरण, Collaboration यानी विभागों और समुदाय के बीच सहयोग तथा Competition यानी बेहतर प्रदर्शन के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया गया। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, महिला एवं बाल विकास और कृषि विभागों ने मिलकर योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल बीजापुर जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल की पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और आकांक्षी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

करहीबाजार समाधान शिविर में CM साय ने दी विकास कार्यों की सौगात, योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद

बलौदा बाजार। बलौदाबाजार जिले के भाटापारा विकासखंड स्थित ग्राम करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार-2026 के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों को कई विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के जमीनी असर की जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने ग्राम करहीबाजार में सर्व समाज के लिए 25 लाख रुपए की लागत से सांस्कृतिक भवन और सुकालू के घर से सिद्ध बाबा मार्ग तक सीसी रोड निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा करहीबाजार और कोदवा के हायर सेकेंडरी स्कूलों में भवन निर्माण की भी घोषणा की गई। वहीं विटकुली में मांगलिक भवन और कई पंचायतों में सीसी रोड निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मां महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना की और महिला स्व-सहायता समूहों से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचकर धात्री माताओं को किट वितरित की। साथ ही विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर हितग्राहियों से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और “हम होंगे कामयाब 2.0” पोर्टल का शुभारंभ किया। ग्रामीणों ने पारंपरिक खुमरी पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में नवजात बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया और सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट भी वितरित किए गए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के तहत सोखता पिट निर्माण में श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। हितग्राहियों ने भी योजनाओं से मिले लाभ साझा किए। किसी ने आवास मिलने पर खुशी जताई तो किसी ने महतारी वंदन योजना और स्वामित्व पट्टा योजना से मिली राहत के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

महासमुंद में अवैध रेत उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई: 2 चैन माउंटेन मशीन सील, 7 वाहन जब्त

महासमुंद। महासमुंद जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच टीम ने जोंक नदी में चल रहे अवैध खनन का खुलासा करते हुए दो चैन माउंटेन मशीनों को सील कर दिया। वहीं मौके से 3 हाईवा और 4 ट्रैक्टर भी जब्त किए गए हैं।

खनिज साधन विभाग के मुताबिक राज्य सरकार के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 22 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता और जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम बल्दीडीह में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जोंक नदी में दो चैन माउंटेन मशीनें अवैध रूप से रेत उत्खनन करती मिलीं।

टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से खनन और परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध अनुमति, अभिवहन पास या अन्य जरूरी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में यह भी सामने आया कि स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन किया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान विभाग ने तत्काल अवैध खनन बंद कराया और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत दोनों मशीनों को जब्त कर सील कर दिया। फिलहाल मशीनों को खदान मुंशी की सुपुर्दगी में रखा गया है। साथ ही संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी किया गया है।

इसके अलावा अवैध परिवहन में लगे 3 हाईवा और 4 ट्रैक्टरों को जब्त कर साकरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत: मां ने बच्चों को इंजेक्शन देकर घोंटा गला, पति-पत्नी ने लगाई फांसी

दुर्ग। दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। घर के कमरे में पति-पत्नी फांसी के फंदे पर लटके मिले, जबकि उनके दो बच्चों की लाश बिस्तर पर पड़ी थी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पत्नी ने शादीशुदा जिंदगी से परेशान होने और पति के कथित अफेयर का जिक्र किया है।

जानकारी के मुताबिक मृतकों की पहचान गोविंद साहू (45), उनकी पत्नी चंचल साहू (40), बेटी दृष्टि साहू (13) और बेटे यशांत साहू (11) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि चंचल ने पहले बच्चों को शराब पिलाई और फिर नींद का इंजेक्शन लगाया। मौत की पुष्टि नहीं होने पर रस्सी से दोनों बच्चों का गला घोंट दिया गया।

सुसाइड नोट में पति-पत्नी के रिश्तों में लंबे समय से तनाव होने की बात लिखी गई है। पत्नी ने पति पर दूसरी महिलाओं से संबंध होने का आरोप लगाया है। पुलिस को घर से शराब की बोतलें भी मिली हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। चंचल के गाल पर चोट के निशान भी मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक इसके बाद पति गोविंद ने फांसी लगाई और फिर पत्नी ने भी खुदकुशी कर ली। दोनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, सुसाइड नोट और परिवार के लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच कर रही है।