रायपुर में 8 साल बाद खुला कचना रेलवे ओवरब्रिज: अब फाटक पर नहीं रुकना पड़ेगा, 3 लाख लोगों को राहत

रायपुर। रायपुर में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज आम लोगों के लिए शुरू हो गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को इसका लोकार्पण किया। ओवरब्रिज शुरू होने से अब लोगों को रेलवे फाटक पर घंटों जाम में फंसने और धूप-बारिश में इंतजार करने से राहत मिलेगी।

करीब 8 साल पहले इस ओवरब्रिज की योजना बनाई गई थी। उस समय यह इलाका शहर का आउटर माना जाता था, लेकिन अब कचना, सड्डू, जोरा और रिंग रोड-3 के आसपास तेजी से आबादी बढ़ी है। ऐसे में यह रेलवे फाटक लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका था। रेलवे के मुताबिक इस रूट से हर दिन करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिसके कारण औसतन हर 15 मिनट में फाटक बंद हो जाता था।

ओवरब्रिज शुरू होने से वीआईपी स्टेट, अशोका रतन, कचना हाउसिंग बोर्ड, बाराडेरा, चंडीनगर, पार्वती नगर और भावना नगर समेत आसपास के इलाकों में रहने वाले करीब 3 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। अब लोगों को ट्रैफिक जाम और लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

लोकार्पण से पहले गुरुवार देर रात तक ब्रिज पर स्ट्रीट लाइट लगाने और अंतिम तैयारियों का काम चलता रहा। उद्घाटन के दौरान स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोग खुशी में ओवरब्रिज पर दौड़ते नजर आए।

कार्यक्रम के दौरान खम्हारडीह-कचना रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव, स्थानीय विधायक और पार्षद भी मौजूद रहे। लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज शुरू होने से शहर के इस हिस्से में ट्रैफिक व्यवस्था काफी बेहतर होगी।

छत्तीसगढ़ में 526 प्रशिक्षु SI की पोस्टिंग: व्यवहारिक ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग जिलों में भेजे गए

रायपुर। रायपुर में पुलिस मुख्यालय नया रायपुर ने 526 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (SI) की जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए पोस्टिंग आदेश जारी कर दिया है। सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य के अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है, जहां वे फील्ड में पुलिसिंग की बारीकियां सीखेंगे।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में प्रशिक्षु SI के नाम और उनकी पदस्थापना वाले जिलों का उल्लेख किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान ये अधिकारी कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसंपर्क और थाने की कार्यप्रणाली से जुड़ी व्यवहारिक जानकारी हासिल करेंगे।

अधिकारियों ने प्रशिक्षु SI को नसीहत देते हुए कहा कि फील्ड ट्रेनिंग पुलिस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसी दौरान एक अधिकारी को जनता से संवाद, संवेदनशील मामलों को संभालने और वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने का अनुभव मिलता है। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं से अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।

बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्हें थानों और पुलिस इकाइयों में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करना होगा।

पुलिस विभाग का मानना है कि व्यवहारिक प्रशिक्षण से प्रशिक्षु अधिकारियों को जमीनी स्तर पर पुलिसिंग समझने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में वे बेहतर तरीके से कानून व्यवस्था संभाल सकेंगे।

राज्य में बड़ी संख्या में SI की पोस्टिंग को पुलिस व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में जिलों में पुलिस बल को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।

महासमुंद: पूर्व जिला पंचायत सभापति अमर अरुण चंद्राकर ने ट्रैक्टर-हार्वेस्टर के लिए पर्याप्त ईंधन की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

महासमुंद। जिला पंचायत के पूर्व सभापति अमर अरूण चंद्राकर ने किसानों व कांग्रेस नेताओं के साथ कृषि कार्य में प्रयुक्त ट्रैक्टर, हार्वेस्टरों को पेट्रोल पंप से न्यूनतम 5 हजार रुपए तक डीजल, पेट्रोल उपलब्ध कराने एवं एग्रीस्टेक में पंजीकृत समस्त किसानों के लिए इंधन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कलेक्टर व उप संचालक कृषि को ज्ञापन सौंपकर की है।

चंद्राकर ने कहा है कि रबी धान की कटाई 60 प्रतिशत शेष है। इसके अलावा कई किसान खरीफ  की तैयारी के लिए खेतों की जोताई कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें ट्रेक्टर,हार्वेस्टर व अन्य कृषि यंत्रों के लिए डीजल,पेट्रोल की अधिक आवश्यकता पड़ रहा है। लेकिन पेट्रोल पंपों में सीमित मात्रा में डीजल,पेट्रोल उपलब्ध कराने के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

वर्तमान में पेट्रोल पंपों पर औद्योंगिक उपयोग, खनन कार्य, हाईवे बसों, कमर्शियल वाहनों एवं अन्य व्यावसाधिक उपयोग हेतु 10हजार रुपए या उससे अधिक तक ईधन उपलब कराया जा रहा है। जबकि कृषि कार्य हेतु प्रयुक्त ट्रैक्टर, हार्वेस्टर एवं कृषि यंत्रों को सीमित मात्रा में ईधन मिलने के कारण आवश्यक कृषि कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

किसान हित में सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि कृषि कार्य में उपयोग होने वाले प्रत्येक ट्रैक्टर को पेट्रोल पंप से प्रत्येक बार न्यूनतम 5 हजार रुपए तक डीजल अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए ताकि खेतों में जुताईए बुआईए कटाई एवं परिवहन जैसे कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष दाऊ लाल चंद्राकर, मालीडीह के किसान रविन्द्र चंद्राकर, सेवादल कांग्रेस अध्यक्ष नितिन बैनर्जी, परसवानी के किसान टेमन चंद्राकर, अछरीडीह के किसान देवेंद्र साहू प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

महासमुंद: केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से गणेशपुर में दूर हुआ जल संकट, ग्रामीणों के जीवन में आई खुशहाली

महासमुंद। जिले के विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम पंचायत गणेशपुर आज केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन और छत्तीसगढ़ शासन के प्रभावी क्रियान्वयन से जल संकट से मुक्त हो गया है। कभी पेयजल संकट से जूझने वाला यह गांव अब हर घर, जल की उपलब्धता होने से आत्मविश्वास और खुशहाली के साथ जीवन यापन कर रहा है।

ग्रामीणजन बताते है कि एक समय ऐसा था जब पूरे गांव के लिए केवल 08 हैंडपंप ही पानी का सहारा थे। गर्मी के दिनों में जलस्तर घटने के कारण ग्रामीणों को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों का बड़ा समय केवल पानी लाने में ही बीत जाता था। ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना तथा राज्य शासन के सतत प्रयासों से गांव में स्थायी समाधान तैयार किया गया।

योजना के तहत लगभग 127.47 लाख रुपए की लागत से गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की विशाल पानी टंकी का निर्माण कराया गया तथा 1750 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर गांव के हर मोहल्ले तक जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई। योजना के अंतर्गत 130 घरों में नल कनेक्शन दिए गए, जिससे अब प्रत्येक परिवार को घर बैठे स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है।  इसी उपलब्धि के चलते ग्राम गणेशपुर को हर घर जल प्रमाणित गांव घोषित किया गया। इस कार्य में ग्राम पंचायत की सरपंच मदना बाई पटेल की भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने ग्रामीणों को योजना से जोड़ते हुए जनसहभागिता को बढ़ावा दिया और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में विशेष योगदान दिया।

गांव में लोगों को पानी के सतत उपयोग, जल संवर्धन और जलकर के महत्व के बारे में भी समझाया गया, ताकि योजना का संचालन और संधारण लंबे समय तक सुचारु रूप से चलता रहे। विशेष पहल के तहत गांव की जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया।

अब वे समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच कर गांववासियों को सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित कर रही हैं। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति भी जागरूकता बढ़ी है। योजना से लाभान्वित हितग्राही बेदमति बताती हैं कि पहले उन्हें दूर से पानी लाना पड़ता था। जिससे काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में नल से पानी मिलने से उनकी परेशानी खत्म हो गई है और जीवन स्तर में बड़ा सुधार आया है।

महासमुंद: बसना शराब भट्टी के पास चाकू लहराकर राहगीरों को डराने वाला युवक गिरफ्तार,आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई

महासमुंद। बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़पटनी रोड स्थित शराब भट्टी के पास हाथ में धारदार चाकू लहराकर आने.जाने वाले राहगीरों को डराने धमकाने वाले एक युवक को बसना पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार 20 मई को बसना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गढ़पटनी रोड दारू भट्टी के पास एक व्यक्ति हाथ में घातक हथियार लेकर आम लोगों को डरा धमका रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए स्थान पर दबिश दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने देखा कि एक युवक लोहे का धारदार चाकू हवा में लहरा रहा था। जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर धर दबोचा। पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना नाम हेमलाल चेरकिया, 29 साल बताया। आरोपी मूल रूप से धौराभांठा, थाना सहिला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी है, जो वर्तमान में जर्रा थाना बसना में रह रहा है। पुलिस ने आरोपी से साढ़े 12 इंच लंबा लोहे का धारदार चाकू, जिसके फल की लंबाई 7 इंच और चौड़ाई डेढ़ इंच है, जब्त कर लिया। आरोपी का यह कृत्य धारा 25, 27 आम्र्स एक्ट के तहत दंडनीय होने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है तथा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत: महासमुंद पुलिस को मिले 19 अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा वाहन, रिस्पॉन्स टाइम में आएगा सुधार

महासमुंद । छत्तीसगढ़ डॉयल-112 फेज-2, जेन-नेक्स्ट के तहत महासमुंद जिले को  15 नए 112 ईआरव्ही और 4 नए हाईवे पेट्रोलिंग अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा वाहन मिली हैं।

जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउंड, परसदा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वाहनों को हरी झंडी दिखाकर थानों के लिए रवाना किया गया। सभी वाहनें अत्याधुनिक कैमरा, जीपीएस ट्रैकिंग एवं रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस हैं।

ये वाहन आने वाले दिनों में आम जनता को पुलिस, एम्बुलेंस और फायर (अग्निशमन) संबंधी किसी भी आपदा में बेहद कम समय में त्वरित सेवा प्रदान करेंगे। नए हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती से राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसों को रोकने और आपातकालीन सहायता पहुंचाने में गति आएगी। जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता को त्वरित आपातकालीन सेवा एवं सुरक्षाक्रम में पूर्व में संचालित पुराने 112 ईआरव्ही वाहनों को तब्दील कर, नए 112 ईआरव्ही  वाहनों के सुगम संचालन हेतु जिला मुख्यालय पुलिस लाईन परेड ग्राउंड परसदा महासमुंद में 15 नए 112 ईआरव्ही  वाहन एवं हाईवे पेट्रोलिंग के लिये 04 नए वाहनों को आमजन की आपातकालीन सेवा के लिए थाना के लिए रवाना किया गया। ये सभी वाहने आने वाले दिनों में पुलिस, एम्बुलेंस और फायर संबंधी आपदा में त्वरित सेवाएं प्रदान करेगी। इन नए आधुनिक वाहनों के सडक़ पर उतरने से महासमुंद जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पुलिस का रिस्पांस टाइम (घटनास्थल पर पहुंचने का समय) काफी कम हो जाएगा, जिससे जनमानस को चौबीसों घंटे त्वरित सुरक्षा और सहायता मिल सकेगी।  छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदत्त उक्त संकटमोचक सेवा वाहनों को आज रक्षित केन्द्र महासमुंद में  कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधिगणो एवं जिला अधिकारियों की उपस्थिति में जनमानस की सेवा के लिये रवाना किया गया।

उक्त कार्यक्रम में विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा , मोंगरा पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष, निखिलकांत साहू अध्यक्ष नगर पालिका परिषद महासमुंद, विनय लंगेह कलेक्टर महासमुंद, प्रभात कुमार पुलिस अधीक्षक महासमुंद, देवीचंद राठी नगर पालिका उपाध्यक्ष महासमुंद, राहुल चंद्राकर कोषाध्यक्ष भाजपा जिला महासमुंद, पीताम्बर ध्रुव सरपंच ग्राम परसदा, टिकेंद्र चंद्राकर समाज सेवी परसदा द्वारा उक्त नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जिला मुख्यालय से आपातकालीन सेवा के लिए थानों के लिए रवाना किया गया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडेय, अजय शंकर त्रिपाठी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बागबाहरा,  डीएसपी चुन्नू तिग्गा, दीप्ति कश्यप रक्षित निरीक्षक महासमुंद, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर 112 एवं पुलिस  विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

महासमुंद: सुशासन और मितव्ययिता की अनूठी मिसाल, चमचमाती गाड़ियों की जगह बस से ‘सुशासन तिहार’ पहुंचे अफसर

महासमुंद। वर्तमान ईंधन संकट और पर्यावरण चुनौतियों के बीच बसना अनुविभाग के प्रशासन ने सुशासन और मितव्ययिता का एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। कल सुशासन तिहार शिविर में शामिल होने के लिए अफसरों की चमचमाती गाडिय़ों का काफिला नहीं, बल्कि एक सरकारी बस रखाना हुई। इस बस में एसडीएम,तहसीलदार और जनपद सीईओ सहित 23 अधिकारी-कर्मचारी एक साथ सफर कर ग्राम नगौड़ी पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील और कलेक्टर विनय लंगेह द्वारा समय-सीमा की बैठक में दिए गए फिजूलखर्ची रोकने के निर्देशों को बसना प्रशासन ने तत्काल जमीन पर उतार दिया। एसडीएम हरिशंकर पैकरा ने बताया कि अलग.अलग वाहनों के बजाय सामूहिक यात्रा करने से न केवल सरकारी ईंधन और राजस्व की बड़ी बचत हुई, बल्कि रास्ते भर शासकीय कामकाज को लेकर आपसी समन्वय और टीम भावना भी मजबूत हुई।

इस सफर में तहसीलदार केके साहू और जनपद सीईओ पीयूष ठाकुर सहित पूरी टीम ने सामूहिक बस यात्रा को बेहद सुखद और अनुकरणीय बताया। जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे भी रोजमर्रा की जिंदगी में अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें, कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दें। क्योंकि ईंधन की बचत केवल पैसा बचाना नहीं बल्कि सुरक्षित भविष्य की जरूरत है।

बागबाहरा: पेट्रोल-डीजल और महंगाई के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस का पेट्रोल पंप पर जोरदार प्रदर्शन

बागबाहरा।  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदेशानुसार एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव के निर्देशन पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बागबाहरा ग्रामीण के तत्वावधान में आवाराडबरी स्थित पेट्रोल पंप में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, खाद्य सामग्रियों में हो रही महंगाई एवं सोने के बढ़ते दामों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता पर बढ़ती महंगाई के बोझ को लेकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सराफा व्यापारियों द्वारा भी सोने के लगातार बढ़ते दामों एवं बाजार में आई मंदी को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई।

कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर लगातार संघर्ष करती रहेगी।

विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देवनाथ साहू, अंकित बागबाहरा, राहुल कुलदीप, मुकुंद सिन्हा, विजय बंजारे, भूपेंद्र ठाकुर, शहजान पासा, खिलेश्वर सिन्हा, चंदूलाल साहू, राजीव अग्रवाल, कलिंदरी ध्रुव, पवन ध्रुव, प्रमोद चंद्राकर, कामत प्रसाद, पुरुषोत्तम साहू, नीलकंठ यादव, रेशम ध्रुव, चंद्रशेखर दीवान, आशाराम मोगरे, गंगाप्रसाद भोसले, बलराम चंद्राकर, हरिराम यादव, सेवाराम साहू, राजेश सिन्हा, टेनुराम साहू, संतोष जांगड़े, कार्तिक राम, सुरेश पटेल, कबीर साहू, नंदकुमार निषाद, तुलाराम देवांगन, विजय भरतद्वाज, चयन कौशिक, अक्षय कुमार कौशिक, केवल यादव, इतवारी, माखन सोन, घासीराम, रोशन साहू, उमेश पटेल, राजकुमार बघेल, ह्रदय लाल, लालाराम ध्रुव, ओमप्रकाश साहू, धीरज गुप्ता, लोकेश कुमार दीवान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

महासमुंद: सांकरा पुलिस की बड़ी कामयाबी, घर में हुई 2.30 लाख की चोरी का 48 घंटे में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। सांकरा थाना पुलिस ने तत्परता के साथ एक बड़ी चोरी की वारदात का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरक्षेत्र में पुलिस की इस कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी देवेंद्र जोशी ने थाना सांकरा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 16 मई की रात अज्ञात चोर उनके घर में रखी पेटी से प्रधानमंत्री आवास योजना, केसीसी लोन तथा धान बिक्री से प्राप्त राशि सहित कुल 2 लाख 30 हजार रुपए नगद चोरी कर ले गया। यह रकम घर निर्माण के लिए वर्षों से पाई-पाई जोडक़र संचित की गई थी।

बताया जा रहा है कि पीडि़त एक दिव्यांग किसान है, जिसने कठिन परिस्थितियों के बीच अपने परिवार के लिए घर बनाने का सपना संजोया था। चोरी की इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। वर्षों की मेहनत और संघर्ष से जोड़ी गई रकम एक ही रात में गायब हो जाने से किसान और उसका पुत्र मानसिक रूप से टूट गए थे। घर बनाने की उम्मीद मानो बिखरती नजर आने लगी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सांकरा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 305, 331-4 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीम ने साइबर सेल और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए लगातार संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस का संदेह सावित्रीपुर निवासी शिशुपाल धुवल पर गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सतर्कता और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आगे उसकी चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई पूरी 2 लाख 30 हजार रुपए की नगद राशि बरामद कर ली। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

महासमुंद: बसना के ग्राम बुंदेलाभांठा में लापता व्यक्ति का शव मिला, जांच में जुटी पुलिस

महासमुंद। जिले के बसना थाना अंतर्गत भंवरपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम बुंदेलाभांठा में सोमवार रात से लापता एक व्यक्ति का शव उसके घर से लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर एक झोपड़ी के पास मिली है। घटना की सूचना मिलने पर भंवरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बुंदेलाभांठा निवासी सुरेश सिदार पिता समारू सिदार अपने परिवार के साथ निवास करता था। परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री सहित चार सदस्य हैं। कुछ दिनों पूर्व उसकी पत्नी और पुत्री धान कटाई मजदूरी के लिए ओडि़शा गई हुई थीं। जिसके कारण घर में केवल सुरेश और उसका पुत्र ही रह रहे थे। बताया जा रहा है कि सोमवार रात गांव में एक बैठक आयोजित की गई थी। उस दौरान सुरेश सिदार ने अपने पुत्र से कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह छत पर जाकर सो रहा है। इसलिए वह गांव की बैठक में चला जाए। बैठक से लौटने के बाद पुत्र भी सो गया।

मंगलवार सुबह जब काफी देर तक उसके पिता नीचे नहीं आए, तब उसने छत पर जाकर देखा। लेकिन वहां सुरेश सिदार मौजूद नहीं था। इसके बाद उसने आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ की। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

पूरे दिन तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया। बुधवार को भी जब सुरेश का कोई सुराग नहीं मिला तब कोटवार से मुनादी कराकर ग्रामीणों से खोजबीन में सहयोग करने की अपील की गई। मुनादी के बाद एक युवती जो खेत की ओर शौच के लिए गई थी, उसने आकर जानकारी दी कि गांव से लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर खेत के पास स्थित एक झोपड़ी के समीप एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है।  सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे,जहां परिजनों और गांव वालों ने शव की पहचान सुरेश के रूप में की। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग बोरवेल के बिजली तार की चपेट में आने से मौत होने की आशंका जता रहे हैं। जबकि कुछ लोग इसे संदेहास्पद मौत मान रहे हैं। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। बाद में घटना की सूचना भंवरपुर पुलिस चौकी को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पंचनामे के बाग शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।