महासमुंद:- हाईवा ने स्कूटी को पीछे से मारी टक्कर, बेटी की मौके पर मौत; मां गंभीर

महासमुंद/फिंगेश्वर। ग्राम कोसमखुंटा से महासमुंद आ रही स्कूटी को तेज रफ्तार हाईवा ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला का उपचार महासमुंद के सोहम अस्पताल में जारी है।

जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को हकीदा बानो अपनी बेटी समीम बानो के साथ स्कूटी क्रमांक CG 04 KW 8712 से ग्राम कोसमखुंटा से महासमुंद की ओर आ रही थीं। करीब सुबह 11:30 बजे ग्राम शेर पेट्रोल पंप के पास पीछे से आ रहे हाईवा क्रमांक CG 06 GR 4105 के चालक ने वाहन को तेज रफ्तार एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए स्कूटी को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि समीम बानो को गंभीर चोटें आईं और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं हकीदा बानो भी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए महासमुंद के सोहम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

महासमुंद/ कलेक्टर श्री लंगेह ने खेतों में उतरकर डिजिटल क्राॅप सर्वे किया डीसीएस सर्वे में तेजी लाने के निर्देश

महासमुंद 02 सितंबर 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज महासमुंद अनुविभाग एवं बागबाहरा अनुविभाग के विभिन्न ग्रामों में डिजिटल क्राॅप सर्वे का मौके पर पहुंचकर अवलोकन किया। महासमुंद अंतर्गत उप तहसील तुमगांव के ग्राम बेंद्रीडीह, खैरझिटी तथा पटेवा उप तहसील के ग्राम तोरला में ग्रामीणों के खेतों में उतरकर डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) करते हुए राजस्व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सर्वेयरों से फील्ड में सर्वेक्षण के दौरान आ रही समस्याओं और चुनौतियों के संबंध में चर्चा की। इस दौरान महासमुंद एसडीएम सुश्री अक्षा गुप्ता, बागबाहरा एसडीएम श्री शुभम देव सहित संबंधित तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी मौजूद थे।

 

कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित अधिकारियों एवं सर्वेयरों को डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य को पूरी शुद्धता और गंभीरता के साथ निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान फसलों और कृषि भूमि की जानकारी का सही एवं सटीक दर्ज किया जाना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पतेरापाली एवं दारगांव पहुंचकर स्वयं डिजिटल क्रॉप सर्वे किया एवं प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर स्वयं सर्वेक्षण कर डिजिटल माध्यम से फसल संबंधी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया को देखा और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों से सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी ली।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीसीएस सर्वेक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो तथा प्रत्येक खेत और फसल की जानकारी का सर्वे पूरी सावधानी एवं शुद्धता के साथ किया जाए, ताकि जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया जा सके।
ज्ञात है कि जिले के 06 तहसीलों में डिजिटल क्राॅप सर्वे कार्य जारी है। जिसमें जिले में कुल 9 लाख 70 हजार 925 प्लाॅट्स चिन्हांकित किया गया है। जिनमें से 94.32 प्रतिशत प्लाॅट्स एसाइन किया गया है। जबकि अभी तक 5 लाख 33 हजार प्लाॅट्स का सर्वे कर लिया गया है। उन्होंने सभी पटवारियों को अप्रूवल रेट बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

CG सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद ग्राम खेमड़ा बागबाहरा के क्षतिग्रस्त पुलिया की हुई मरम्मत

महासमुंद 02 सितंबर 2026/ जिले के विकासखंड बागबाहरा के ग्राम खेमड़ा में भारी वर्षा के कारण लगभग 20 वर्ष पुरानी सड़क की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिया के टूटने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई।

 

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा तत्काल स्थल का निरीक्षण कराया गया तथा अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुलिया का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।

कलेक्टर के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाई श्री आशीष कुलदीप एवं संबंधित तकनीकी अमले की निगरानी में पुलिया के संधारण एवं मरम्मत का कार्य कराया गया। आवश्यक रखरखाव कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क पर आवागमन पुनः सुचारु हो गया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज शिकायत पर त्वरित कार्रवाई किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

जशपुर को सड़क विकास की बड़ी सौगात, खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के लिए 6.30 करोड़ से अधिक मंजूर

6.20 किमी सड़क का पुल-पुलिया सहित होगा निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

रायपुर, 02 सितंबर 2026।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश और नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल खरकट्टा से कोडेकेला पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वीकृत परियोजना के तहत 6.20 किलोमीटर लंबी सड़क का पुल-पुलिया सहित निर्माण किया जाएगा। सड़क के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को वर्षभर सुगम, सुरक्षित एवं बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। विशेष रूप से बारिश के मौसम में मार्ग बाधित होने और आवागमन में होने वाली परेशानियों को दूर करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।

किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। विद्यार्थियों के लिए स्कूल एवं अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंच सुगम होगी। वहीं मरीजों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने में कम परेशानी होगी।

बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार और रोजगार की गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। पुल-पुलिया सहित निर्माण होने से वर्षा ऋतु में जलभराव और रास्ते के बाधित होने जैसी समस्याओं से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत सड़क नेटवर्क को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए सड़क अधोसंरचना के विस्तार पर लगातार जोर दे रही है। सड़कें केवल गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और व्यापार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान होती है।

खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

क्षेत्रवासियों में खुशी, मुख्यमंत्री का जताया आभार

सड़क निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से बेहतर सड़क सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस मार्ग के निर्माण से आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर होगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सड़क परियोजना के पूर्ण होने के बाद खरकट्टा और कोडेकेला सहित आसपास के गांवों की कनेक्टिविटी, कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

रायपुर/महासमुंद। इंडसइंड बैंक के मैनेजर पर रिश्वत मांगने और जबरन ट्रक जब्त करने का आरोप, एमडी से शिकायत के बाद जांच का आश्वासन

रायपुर/महासमुंद। इंडसइंड बैंक के एक शाखा प्रबंधक पर ग्राहक से कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने, फोरक्लोजर प्रक्रिया में अनियमितता करने और नियमों का पालन किए बिना ट्रक जब्त करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित ट्रांसपोर्टर ने बैंक के शीर्ष प्रबंधन और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) कार्यालय में साक्ष्यों के साथ शिकायत की है। शिकायत के बाद बैंक मुख्यालय की ओर से मामले की आंतरिक जांच का आश्वासन दिया गया है। 

पीड़ित के अनुसार उसके पास इंडसइंड बैंक से फाइनेंस कराए गए दो ट्रक थे। वह एक ट्रक क्रमांक CG06GT3467 को बेचकर उसका लोन फोरक्लोज करना चाहता था, जबकि दूसरा ट्रक CG06HA7227 अपने पास रखना चाहता था। आरोप है कि 2 जून को शाखा प्रबंधक सुजीत शनीकर ने स्वयं एक ग्राहक से ट्रक का सौदा 17.50 लाख रुपये में तय किया और पीड़ित को खरीदार से सीधे बातचीत नहीं करने दी।

शिकायत के मुताबिक, उसी शाम कुटेला ब्रिज के पास पीड़ित को फोरक्लोजर राशि करीब 18.70 लाख रुपये बताई गई। इसके बाद रिकवरी एजेंट पुरुषोत्तम साहू और बैंक कर्मचारी विद्या साहू की मौजूदगी में ट्रक को कथित रूप से कब्जे में ले लिया गया। पीड़ित का आरोप है कि उससे इन्वेंट्री पेपर पर हस्ताक्षर तो कराए गए, लेकिन उसकी प्रति नहीं दी गई। 

पीड़ित ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जून महीने में जब उसने फोरक्लोजर अमाउंट का प्रिंटआउट मांगा तो मैनेजर ने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि मैनेजर ने कंपनी से बात कर तीन लाख रुपये की छूट दिलाने की बात कही और इसके बदले एक लाख रुपये नकद मांगने की बात कही।

पीड़ित के अनुसार, रिश्वत देने से इनकार करने और उच्च अधिकारियों से शिकायत की बात कहने पर उसे दूसरे ट्रक को भी जब्त करने की धमकी दी गई। 

शिकायत में यह भी कहा गया है कि 25 जून को नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान मैनेजर ने पीड़ित को बताया कि बची हुई राशि उसके दूसरे ट्रक के खाते में समायोजित कर दी जाएगी। आरोप है कि रिकवरी एजेंट द्वारा पीड़ित के मोबाइल पर आए OTP के माध्यम से 1.03 लाख रुपये उसी ट्रक के खाते में काट लिए गए, जिसे पहले ही बेचा जा चुका था।

विरोध के बाद कथित तौर पर अगले दिन 70 हजार रुपये दूसरे ट्रक के खाते में एडजस्ट किए गए। पीड़ित का कहना है कि 4 अगस्त को बैंक के CCTV कैमरों के सामने उसने कथित रिश्वत मांगने का विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही, जिसके बाद उसे परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

बिना नोटिस दूसरे ट्रक की जब्ती का आरोप पीड़ित का सबसे गंभीर आरोप 6 अगस्त को दूसरे ट्रक CG06HA7227 की जब्ती को लेकर है। शिकायत के मुताबिक बैंक मैनेजर और रायगढ़ की भारत यादव रेपो एजेंसी द्वारा ट्रक को जबरन जब्त किया गया।

पीड़ित का दावा है कि जिस समय ट्रक जब्त किया गया, उस समय संबंधित लोन खाता NPA नहीं हुआ था। साथ ही उसे कथित तौर पर कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया गया था और न ही किसी न्यायालय का आदेश दिखाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वाहन जब्ती के करीब एक सप्ताह बाद बैंक रिकॉर्ड में खाते को NPA दिखाया गया।

बैंक मुख्यालय से जांच का आश्वासन मामले को लेकर पीड़ित ट्रांसपोर्टर ने इंडसइंड बैंक के शीर्ष प्रबंधन और MD कार्यालय में लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य भी दिए जाने की बात कही गई है। बैंक मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर बैंक शाखा प्रबंधक या संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

रायपुर महासमुन्द,: कलेक्टर श्री लंगेह ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश

 महासमुंद, 01 सितंबर 2026। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर कुल 44 आवेदन प्राप्त हुए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने आवेदनों का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन में ग्राम मोंगरा की टेश्वरी साहू ने श्रम विभाग के खाते से संबंधित समस्या रखी, जिस पर कलेक्टर ने जिला श्रम अधिकारी को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। ग्राम मालीडीह के बुधराम खैरवार ने एग्रीस्टेक पंजीयन, ग्राम सिंघनपुर बसना के लखेन्द्र कश्यप ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया।

वहीं सरायपाली क्षेत्र के आवेदकों ने गौरव पथ से फोरलेन नेशनल हाईवे-53 तक पहुंच मार्ग में अवैध अतिक्रमण की शिकायत की। ग्राम खेमड़ा के ग्रामीणों ने जर्जर पुल की मरम्मत तथा ग्राम मोखापुटका के सरपंच ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी।

वार्ड 13 से अटल चौक तक बने सीसी रोड में अनियमितता की शिकायत पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान

ग्राम जगदीशपुर के नागरिकों ने वार्ड क्रमांक 13 से अटल चौक तक बनाए गए सीसी रोड में अनियमितता की शिकायत जनदर्शन में की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री लंगेह ने तत्काल जांच के आदेश दिए और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को जांच टीम भेजकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा नामांतरण, भूमि अतिक्रमण, पेंशन सहित अन्य मांगों एवं समस्याओं से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवेदकों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सरायपाली, राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस पर ड्राइवर महासंघ ने किया प्रसाद वितरण, सेवा और सम्मान के साथ मनाया दिवस

सरायपाली, 1 सितंबर 2026। राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ, सरायपाली जिला महासमुंद द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सरायपाली क्षेत्र के ड्राइवर महासंघ के सदस्यों ने ड्राइवर दिवस को सेवा एवं सम्मान की भावना के साथ मनाते हुए ड्राइवरों के बीच प्रसाद का वितरण किया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष पूनम छत्रे के अनुसार एवं जिला अध्यक्ष शेख अजीम के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में ड्राइवरों की भूमिका और उनके योगदान को रेखांकित करते हुए संगठन की एकजुटता एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष विजय कार्तिक, ब्लॉक अध्यक्ष श्री रमेश सतपथी, ब्लॉक उपाध्यक्ष कृष्णा नायक एवं कोषाध्यक्ष विजय यादव सहित सरायपाली ड्राइवर महासंघ के अनेक सामान्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने एक-दूसरे को राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा ड्राइवर समाज की एकता और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

ड्राइवर महासंघ के सदस्यों ने कहा कि देश की परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में ड्राइवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दिन-रात सड़क पर रहकर अपनी सेवाएं देने वाले ड्राइवरों के योगदान को सम्मानित करना ही राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस का उद्देश्य है।

तुमगांव/ 48 गांवों को पानी देने वाली परियोजना में 10 लाख के पाइप चोरी, अब काम में देरी होगी तो जिम्मेदार कौन ?

 

 

महासमुंद/ 10 नवंबर 2025 की रात कुहरी मोड़ से चोरी हुए थे करीब 100 DI पाइप, 12 नवंबर को दी गई थी शिकायत; अब सवाल—चोरी के कारण परियोजना में देरी होगी तो जिम्मेदार कौन? महासमुंद। तुमगांव जिले के 48 से अधिक गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित समोदा-अछोला मल्टी विलेज वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 10 लाख रुपए कीमत के DI पाइप चोरी होने का मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है। खास बात यह है कि चोरी की घटना को करीब 10 महीने बीत चुके हैं।

 

पुलिस के अनुसार परियोजना के तहत घोडारी से कुहरी मोड़ तक पाइपलाइन बिछाने के लिए ग्राम कुहरी मोड़ के पास DI पाइपों का स्टॉक रखा गया था। शिकायत के मुताबिक 10 नवंबर 2025 की रात करीब 11:50 बजे अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा करीब 100 DI पाइप चोरी कर लिए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है।

कंपनी की ओर से 12 नवंबर 2025 को थाना तुमगांव में लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत पर पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

करीब 10 महीने बाद भी उठ रहा सवाल चोरी की घटना को अब करीब 10 महीने हो चुके हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि चोरी गए पाइपों का क्या हुआ? क्या पाइप बरामद हुए? आरोपियों की पहचान हुई या नहीं? और यदि पाइप उपलब्ध नहीं होने के कारण परियोजना के काम में देरी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

यह परियोजना 48 से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने से जुड़ी है। ऐसे में लोगों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि चोरी की घटना के बाद परियोजना का काम किस स्थिति में है और निर्धारित समय-सीमा पर इसका कितना असर पड़ा है।

क्या चोरी को बनाया जाएगा देरी का आधार? पाइप चोरी होना निश्चित रूप से एक गंभीर घटना है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या चोरी हुए पाइपों के कारण सरकारी पेयजल परियोजना का काम लंबे समय तक प्रभावित रहेगा? यदि ठेकेदार द्वारा चोरी हुए पाइपों की जगह नए पाइप उपलब्ध कराए जा सकते हैं, तो क्या काम को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की गई?

यदि चोरी की घटना को आधार बनाकर परियोजना के काम में देरी होती है, तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि सामग्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और देरी की जवाबदेही किसकी तय होगी।

विभाग की निगरानी भी सवालों के घेरे में समोदा-अछोला मल्टी विलेज वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) महासमुंद के अंतर्गत संचालित सरकारी योजना है। इसलिए परियोजना से जुड़ी सामग्री की सुरक्षा, कार्य की प्रगति और निर्धारित समय में योजना पूरी कराने को लेकर संबंधित विभाग की निगरानी भी महत्वपूर्ण है।

करीब 10 महीने पहले हुई चोरी की घटना के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और परियोजना एजेंसी तथा विभाग इस नुकसान की भरपाई कर 48 से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने का काम समय पर पूरा करते हैं या नहीं।

फिलहाल चोरी की घटना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है। अब सवाल सिर्फ 10 लाख रुपए के पाइपों की चोरी का नहीं, बल्कि 48 गांवों की पेयजल परियोजना की समय-सीमा और उसकी जवाबदेही का भी है।

रायपुर, बिहार की 48 वर्षीय महिला की अम्बेडकर अस्पताल में सफल बाईपास सर्जरी

रायपुर, 1 सितंबर 2026। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में बिहार के मधुबनी जिले की 48 वर्षीय महिला की सफल कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी (CABG) की गई। मरीज के हृदय की तीनों प्रमुख कोरोनरी धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज था, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ट्रिपल वेसल डिजीज (Triple Vessel Disease-TVD) कहा जाता है। वहीं, मरीज के हृदय की पंपिंग क्षमता लगभग 40 प्रतिशत थी।

 

विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. कृष्णकांत साहू एवं उनकी टीम ने मरीज की बीटिंग हार्ट कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी (Beating Heart CABG) सफलतापूर्वक की। इस सर्जरी में बाईपास के लिए मैमरी आर्टरी (Mammary Artery) का उपयोग किया गया। सामान्यतः आर्टेरियल ग्राफ्ट को लंबे समय तक प्रभावी रहने वाला ग्राफ्ट माना जाता है।

सीने की हड्डी खोलकर गोल्ड स्टैंडर्ड तकनीक से हुई सर्जरी

मरीज की सर्जरी मिडलाइन स्टर्नोटोमी (Midline Sternotomy) तकनीक से की गई। इसमें सीने की मध्य हड्डी यानी स्टर्नम को सावधानीपूर्वक खोलकर हृदय तक पहुंच बनाई जाती है। कोरोनरी बाईपास सर्जरी में यह एक स्थापित एवं विश्वसनीय ऑपरेटिव तकनीक है, जिसे गोल्ड स्टैंडर्ड तकनीक के रूप में जाना जाता है।

सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी भी अच्छी रही। ऑपरेशन के दिन ही होश में आने के बाद मरीज ने शाम को हल्का नाश्ता किया और ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही चलना-फिरना शुरू कर दिया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है।

मधुबनी से दरभंगा और फिर रायपुर पहुंची मरीज

मरीज ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उन्हें पहली बार सीने में दर्द हुआ था। उन्होंने मधुबनी के एक अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लिया, लेकिन वहां हृदय संबंधी विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें गैस एवं एसिडिटी की दवाएं देकर घर भेज दिया गया। कुछ दिनों बाद दोबारा सीने में दर्द होने पर परिजन उन्हें दरभंगा के एक बड़े अस्पताल में ले गए। वहां एंजियोग्राफी कराने पर पता चला कि हृदय की तीनों प्रमुख नसों में ब्लॉकेज है और डॉक्टरों ने उन्हें बाईपास सर्जरी कराने की सलाह दी।

परिजन पहले पटना में सर्जरी कराने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान रायपुर में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार ने उन्हें अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट सर्जरी विभाग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजन एंजियोग्राफी की सीडी लेकर अम्बेडकर अस्पताल पहुंचे और डॉ. कृष्णकांत साहू से परामर्श लिया।

डॉ. साहू ने बताया कि मरीज की बाईपास सर्जरी यहां संभव है, लेकिन चूंकि मरीज बिहार की निवासी हैं, इसलिए बिहार के आयुष्मान कार्ड के आधार पर छत्तीसगढ़ में सर्जरी का लाभ मिल सकेगा या नहीं, इसकी जानकारी लेना आवश्यक था। आयुष्मान योजना कार्यालय से जानकारी लेने पर पुष्टि हुई कि बिहार के आयुष्मान कार्ड के आधार पर भी मरीज की सर्जरी अम्बेडकर अस्पताल में की जा सकती है। इसके बाद मरीज को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

ब्लड शुगर 500 mg/dL से अधिक, पहले किया गया नियंत्रित

मरीज के उपचार में सबसे बड़ी चुनौती उनका अत्यधिक अनियंत्रित ब्लड शुगर था। अस्पताल में भर्ती किए जाने के समय उनका ब्लड शुगर 500 mg/dL से भी अधिक था। ऐसी स्थिति में तत्काल बाईपास सर्जरी करना जोखिमपूर्ण हो सकता था। चिकित्सकीय टीम ने पहले मरीज के ब्लड शुगर को नियंत्रित किया और उनकी स्थिति को सर्जरी के लिए उपयुक्त बनाने के बाद ही बाईपास सर्जरी की।

कम उम्र में महिलाओं में भी बढ़ रहा हृदय रोग का खतरा

डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि सामान्यतः पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) का जोखिम कम माना जाता है और महिलाओं में यह बीमारी प्रायः अधिक उम्र में सामने आती है। हालांकि, अनियंत्रित मधुमेह, मोटापा, तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन, पारिवारिक इतिहास, बढ़ता वजन, निष्क्रिय जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खान-पान जैसी स्थितियां महिलाओं में कम उम्र में भी हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान या अन्य हृदय संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

 

छत्तीसगढ़ के साथ पड़ोसी राज्यों के मरीजों का भी बढ़ा भरोसा अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी, कोरोनरी बाईपास सर्जरी, चेस्ट सर्जरी एवं विभिन्न वैस्कुलर सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जटिल हृदय रोगों की सर्जरी की जा रही है।

 

पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार, यह शासकीय चिकित्सा संस्थान के लिए गौरव की बात है कि अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बिहार सहित आसपास के राज्यों से भी मरीज जटिल हृदय एवं ओपन हार्ट सर्जरी के लिए अम्बेडकर अस्पताल का रुख कर रहे हैं। यह मरीजों और उनके परिजनों के बीच अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के प्रति समय के साथ बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

40 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ दो युवक पकड़े गए, स्कूटी भी जब्त

 बलौदा। थाना बलौदा पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक स्कूटी से 40 लीटर महुआ शराब बरामद की है। मामले में दो युवकों को पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त Honda Dio स्कूटी क्रमांक CG 06 HC 9570 भी जब्त की है।

 

पुलिस के अनुसार 30 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि काले-नीले रंग की स्कूटी में दो व्यक्ति बलौदा से पाईकपारा मार्ग की ओर अवैध महुआ शराब लेकर जाने वाले हैं। सूचना पर थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने पाईकपारा पुलिया के पास घेराबंदी की।

कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए की स्कूटी को रोककर जांच की गई। स्कूटी में रखी सफेद प्लास्टिक बोरी की तलाशी लेने पर 8 प्लास्टिक झिल्लियों में कुल 40 लीटर महुआ शराब मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 4,000 रुपये बताई गई। शराब के परिवहन में प्रयुक्त स्कूटी की कीमत करीब 50,000 रुपये है। पुलिस ने कुल 54,000 रुपये का माल जब्त किया।

पूछताछ में स्कूटी चालक ने अपना नाम साहिल चौहान तथा पीछे बैठे व्यक्ति ने नवीन चौहान, दोनों निवासी जोगनीपाली, थाना सरायपाली, जिला महासमुंद बताया। प्रारंभिक जांच में दोनों की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई थी, जिसके चलते किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया अपनाई गई तथा उन्हें उनके अभिभावकों की सुपुर्दगी में दिया गया।

हालांकि, 31 अगस्त को प्राप्त उम्र संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन में नवीन चौहान की उम्र 21 वर्ष पाई गई, जबकि साहिल चौहान की उम्र 16 वर्ष 6 माह 10 दिन होना सामने आया। इसके बाद दोनों की प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा मामले में जब्त शराब एवं स्कूटी को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।