महासमुंद: बसना के ग्राम बुंदेलाभांठा में लापता व्यक्ति का शव मिला, जांच में जुटी पुलिस

महासमुंद। जिले के बसना थाना अंतर्गत भंवरपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम बुंदेलाभांठा में सोमवार रात से लापता एक व्यक्ति का शव उसके घर से लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर एक झोपड़ी के पास मिली है। घटना की सूचना मिलने पर भंवरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बुंदेलाभांठा निवासी सुरेश सिदार पिता समारू सिदार अपने परिवार के साथ निवास करता था। परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री सहित चार सदस्य हैं। कुछ दिनों पूर्व उसकी पत्नी और पुत्री धान कटाई मजदूरी के लिए ओडि़शा गई हुई थीं। जिसके कारण घर में केवल सुरेश और उसका पुत्र ही रह रहे थे। बताया जा रहा है कि सोमवार रात गांव में एक बैठक आयोजित की गई थी। उस दौरान सुरेश सिदार ने अपने पुत्र से कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह छत पर जाकर सो रहा है। इसलिए वह गांव की बैठक में चला जाए। बैठक से लौटने के बाद पुत्र भी सो गया।

मंगलवार सुबह जब काफी देर तक उसके पिता नीचे नहीं आए, तब उसने छत पर जाकर देखा। लेकिन वहां सुरेश सिदार मौजूद नहीं था। इसके बाद उसने आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ की। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

पूरे दिन तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया। बुधवार को भी जब सुरेश का कोई सुराग नहीं मिला तब कोटवार से मुनादी कराकर ग्रामीणों से खोजबीन में सहयोग करने की अपील की गई। मुनादी के बाद एक युवती जो खेत की ओर शौच के लिए गई थी, उसने आकर जानकारी दी कि गांव से लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर खेत के पास स्थित एक झोपड़ी के समीप एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है।  सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे,जहां परिजनों और गांव वालों ने शव की पहचान सुरेश के रूप में की। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग बोरवेल के बिजली तार की चपेट में आने से मौत होने की आशंका जता रहे हैं। जबकि कुछ लोग इसे संदेहास्पद मौत मान रहे हैं। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। बाद में घटना की सूचना भंवरपुर पुलिस चौकी को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पंचनामे के बाग शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

जमीनी हकीकत जानने गांवों में पहुंचे कलेक्टर: महासमुंद में ‘ट्रांजेक्ट वॉक’ के जरिए जनजातीय समुदायों से सीधा संवाद

महासमुंद जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास एवं उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के  उद्देश्य से आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा विकासखंड बागबाहरा के ग्राम जोरातराई एवं ग्राम रैताल में ट्रांजेक्ट वॉक कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया।

कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ गांव की गलियों, बस्तियों एवं सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कर स्थानीय  परिस्थितियों का अवलोकन किया तथा जनजातीय परिवारों की समस्याओं, आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी अपेक्षाओं को विस्तार से समझा। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर चौपाल लगाई और जनजातीय गरिमा उत्सव के उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझकर ही प्रभावी एवं स्थायी विकास संभव है।

इसी उद्देश्य  से ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से गांव की मूलभूत जरूरतों, अधोसंरचना, पेयजल, सडक़, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं अन्य आवश्यक  सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर  शीघ्र ही समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

जिससे जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा  सके।

ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं एवं आवश्यकताएं खुलकर साझा कीं। चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था, सडक़ सुधार,  रोजगार के अवसर, शासकीय योजनाओं के लाभ तथा अन्य स्थानीय विषयों पर अपनी बात रखी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को

समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए तथा कई विषयों पर ग्रामीणों से ही समाधान के सुझाव भी प्राप्त किए।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ श्री मंडावी, सहायक आयुक्त शिल्पा साय सहित विभिन्न  विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

75 लाख की गांजा बरामद, तस्करों के भागने की कोशिश को महासमुंद पुलिस ने किया नाकाम

गरियाबंद। जिले की देवभोग पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर दो स्विफ्ट कारों से करीब 75 लाख रुपये कीमत का डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद किया है। इस मामले में एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े जाने के डर से तस्करों ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई और पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा। मिली जानकारी के अनुसार, तस्करों ने ओडिशा से गांजा भरने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए अपनी गाड़ियों की मध्य प्रदेश (MP) की नंबर प्लेट निकालकर छत्तीसगढ़ (CG) की नंबर प्लेट लगा दी थी, लेकिन देवभोग पुलिस को इसकी पुख्ता सूचना पहले ही मिल चुकी थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की।आरोपियों को भनक लग गई और उन्होंने भागने की कोशिश की। इस दौरान रोकने का प्रयास कर रहे पुलिसकर्मियों के ऊपर ही तस्करों ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा करने के लिए अलग-अलग टीमें बनाईं। पुलिस से बचने के लिए तेज रफ्तार में भाग रही तस्करों की दोनों स्विफ्ट कारें अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गईं, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों को हिरासत में ले लिया। कारों की तलाशी लेने पर उसमें से डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी मध्य प्रदेश के गांधी नगर और साजनाबाद जिले के रहने वाले हैं। पकड़े गए तस्करों में एक नाबालिग है, जबकि अन्य 4 आरोपियों की उम्र 22 से 26 साल के बीच है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे हमेशा की तरह इस बार भी एक बड़े नेटवर्क के इशारे पर मोटी मजदूरी के चक्कर में गांजा सप्लाई करने जा रहे थे।

 

तेंदूपत्ता लोड ट्रक में लगी आग, अंतागढ़ के पास घटना

कांकेर। जिले के अंतागढ़ इलाके में तेंदूपत्ता से भरा एक ट्रक बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने के बाद आग का गोला बन गया। देखते ही देखते ट्रक धू-धू कर जल उठा और लाखों रुपये का तेंदूपत्ता समेत पूरा वाहन जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि ड्राइवर और हेल्पर ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। पूरा मामला अंतागढ़ – सोनपुर वन परिक्षेत्र का बताया जा रहा है जहां ट्रक में हेटारकसा और बोगान फड़ का तेंदूपत्ता लोड था। जैसे ही ट्रक खरीदी केंद्र के पास पहुंचा, वह ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों की चपेट में आ गया। सूखी पत्तियां होने के कारण आग ने पल भर में विकराल रूप ले लिया। गनीमत रही कि करंट और आग का एहसास होते ही ड्राइवर और हेल्पर ने फौरन ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। इस हादसे में लाखों रुपये का तेंदूपत्ता और ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है। वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर मामले की जांच में जुट गई है

मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत जनभागीदारी सप्ताह का आयोजन

महासमुंद। आज “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अंतर्गत जिले में आयोजित जनभागीदारी सप्ताह के प्रथम दिवस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर जनभागीदारी से निर्मित जल संरक्षण संरचनाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए प्रत्येक घर में सोखता गड्ढा निर्माण कराने तथा ग्राम पंचायतों में उपयुक्त स्थलों पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित लघु संरचनाओं का निर्माण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल शासन का कार्य नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।  मुख्य कार्यपालन अधिकारी नंदनवार ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनभागीदारी सप्ताह अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में जल संवर्धन हेतु विविध प्रकार की संरचनाओं का निर्माण जनसहभागिता से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के नियमित निर्माण कार्यों से पृथक होंगे। उन्होंने सरपंच, पंच एवं जनप्रतिनिधियों से गांवों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, चौपाल आयोजित कर जल संरक्षण पर चर्चा करने तथा अधिक से अधिक लोगों को श्रमदान हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही गांव की आवश्यकता के अनुरूप जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अंतर्गत आगामी 27 मई तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में लगभग 400 जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी निर्मित संरचनाओं की पोर्टल में अनिवार्य रूप से एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुशासन तिहार में शामिल होने बस से रवाना हुए अधिकारी

महासमुंद। सुशासन तिहार अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट परिसर से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम को समाधान शिविर हेतु बस के माध्यम से रवाना किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा सामूहिक बस यात्रा के जरिए ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं शासकीय कार्यों में मितव्ययिता का संदेश दिया गया। कलेक्टर लंगेह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के समुचित उपयोग को लेकर लगातार अपील की जा रही है। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामूहिक रूप से बस के माध्यम से शिविर स्थल तक भेजने की पहल की गई है। इस दौरान अधिकारियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए भविष्य में भी सुशासन तिहार एवं अन्य शासकीय कार्यक्रमों में सामूहिक बस यात्रा को प्राथमिकता देने की बात कही।

ब्रेकिंग न्यूज़ : गृहमंत्री अमित शाह से बोली बस्तर की बच्ची…

बस्तर। गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे, जहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद, कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में प्रसिद्ध बस्तर में आदिवासी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान एक बच्ची के साथ हुए संवाद का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने इसे आनंददायक पल बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जगदलपुर के नेतानार गांव में गुंडा धुर सेवा डेरा का जब उद्घाटन किया गया, वहां आदिवासी भाई-बहनों के चेहरे पर आशा की किरण देखी। राजनीति में मैं संवेदनशीलता के साथ काम करने वाला इंसान हूं। लाखों की भीड़ को भाषण देने से जितना आत्मसंतोष नहीं मिलता, उससे ज्यादा आत्मसंतोष 400 आदिवासी भाई-बहनों के बीच में मिला है।  कि इस दौरान एक बच्ची के मुंह से ‘अब हम बच गए’ चलते-चलते सुनकर इतना आनंद हुआ कि शब्दों में वर्णन करना बहुत कठिन है। गृह मंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया गया है, साथ में लिखा गया है, “बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद जब वहां की एक छोटी बच्ची मुझे बोलती है कि ‘हम बच गए,’ तो वह खुशी लाखों खुशियों से ऊपर होती है।” बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए बस्तर पहुंचे थे। इस बैठक के आयोजन को लेकर उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी लाल आतंक का साया था, आज वहीं जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होना सभी के लिए गौरव का विषय है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों के बीच आज किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं रह गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। आज यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त है। बैठक में कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने एवं राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ में नवतपा की शुरुआत से पहले ही भीषण गर्मी का प्रकोप, गर्म हवाओं (लू) से थमी रफ्तार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में नवतपा से पहले से सूरज आग उगल रहा है. रायपुर में गुरुवार को भीषण गर्मी का कहर देखने को मिला. पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. वहीं माना में सबसे ज्यादा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. रात तक गर्म हवाएं चलती रही. दोपहर में सूरज की तपन और गर्म हवाओं के चलते कूलर भी ठंडा हवा नहीं दे पा रही थी. एक मिनट भी घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. मौसम विभाग ने शुक्रवार को रायपुर में ग्रीष्म लहर को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया है. आज राजधानी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है.  बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़- बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, बलोदा बाजार, रायपुर, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव जिलों में एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट है. वहीं मौसम विभाग ने कोरबा, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में एक-दो पॉकेट में हीटवेव चलने की संभावना जताई है. यहां यलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने ग्रीष्म लहर मद्देनजर एडवायजरी जारी की है. मौसम विभाग का कहना है कि अनावश्यक रूप से धूप में ना निकलें, विशेषकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच. पानी और उपयुक्त तरल पदार्थ का सेवन करते रहें. धूप में निकल रहे हैं तो हल्के रंग के कॉटन कपड़े पहनें व पूरे शरीर को ढंककर रखें.

सरायपाली: खाद दुकान में स्टॉक कम पाए जाने पर जप्ती की कार्रवाई / 2 कृषि अधिकारी को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है सरायपाली बागबाहरा के कृषि दुकानों से जुड़ा है मामला/

सरायपाली: खाद दुकान में स्टॉक कम पाए जाने पर जप्ती की कार्रवाई / 2 कृषि अधिकारी को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है सरायपाली बागबाहरा के कृषि दुकानों से जुड़ा है मामला/

महासमुंद 21 मई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कृषि आदानों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में टीम द्वारा सरायपाली एवं महासमुंद विकासखण्ड में औचक निरीक्षण किया गया।
सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद एवं तहसीलदार श्रीधर पंडा के नेतृत्व में ओम फर्टिलाइज़र प्रतिष्ठान में भौतिक सत्यापन किए जाने पर स्टॉक में 298 बोरी कम पाई गई। अनियमितता पाए जाने पर भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक को जप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव कृषि विभाग को प्रेषित किया जा रहा है। इसी तरह महासमुंद में गत दिवस तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल के नेतृत्व में बग्गा कृषि सेवा केंद्र के दुकान एवं गोदाम तथा मार्कफेड खाद गोदाम तुमाडबरी का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद एवं उर्वरकों के भंडारण, वितरण तथा अभिलेखों का परीक्षण किया गया। प्रशासन द्वारा किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि उर्वरक उपलब्ध कराने एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।

 

 

महासमुंद बस स्टैंड में आरटीओ द्वारा बसों का औचक निरीक्षण
बसों में चालक वर्दी, फिटनेस और मेडिकल जांच के दिए निर्देश महासमुंद, 21 मई 2026/ जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला द्वारा मंगलवार को महासमुंद बस स्टैंड में आर.टी.ओ. टीम एवं यातायात पुलिस अधिकारियों के साथ बसों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों की फिटनेस, चालक-परिचालकों की वर्दी तथा वाहनों की सड़क पर चलने योग्य स्थिति का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी ने वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से वर्दी पहनने, बसों को तकनीकी रूप से फिट एवं सुरक्षित रखने तथा वाहन चालकों की प्रारंभिक मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उपस्थित वाहन स्वामियों एवं चालकों ने विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का निःशर्त पालन करने की सहमति जताई। जिला परिवहन अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की जांच कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। यदि किसी वाहन में खामी पाई जाती है अथवा नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित वाहन, वाहन स्वामी एवं चालक के विरुद्ध चालानी एवं वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में 2 कृषि अधिकारी को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है सरायपाली बागबाहरा के कृषि दुकानों से जुड़ा है मामला छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले अंतर्गत सरायपाली और दूसरा बागबहार क्षेत्र के है दोनों पर नियमों के विपरीत अधिक मात्रा में खाद वितरण को रोकने किया जा रहा था महासमुंद में कृषि विभाग पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई…!
यूरिया खाद वितरण में गड़बड़ी की शिकायत के बाद दो वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी निलंबित…!
महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह ने सख्त रुख अपनाते हुए कृषि विभाग के दो अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की है। मामला जुड़ा है अक्रियाशील फसल अवधि में अनियमित और अधिक मात्रा में यूरिया खाद वितरण से।
सरायपाली के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुंदरलाल मिर्धा पर आरोप है कि मेसर्स राजेश अग्रवाल और ओम फर्टिलाइजर सरायपाली द्वारा अधिक मात्रा में यूरिया वितरण के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई और विभागीय निर्देशों की अनदेखी की गई।

वहीं बागबाहरा के प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगा प्रसाद शरणागत पर भी आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा और जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप लगे।
कलेक्टर के आदेश के बाद दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि में गंगा प्रसाद शरणागत का मुख्यालय सरायपाली, जबकि सुंदरलाल मिर्धा का मुख्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है। दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
सवाल बड़ा है… आखिर अक्रियाशील सीजन में इतनी मात्रा में यूरिया किसके लिए और कैसे वितरित हुआ…?
क्या यह कार्रवाई यहीं रुकेगी या जिम्मेदार कारोबारियों पर भी होगा कार्यवाही

यूरिया वितरण में धांधली पर बड़ी कार्रवाई: महासमुंद कलेक्टर ने दो सीनियर कृषि अधिकारियों को किया निलंबित

महासमुंद। जिले में यूरिया वितरण में गड़बड़ी को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय लंगेह ने कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। कार्रवाई के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुंदरलाल मिर्धा और प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगा प्रसाद शरणागत पर अनियमित खाद वितरण और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं।

बताया जा रहा है कि सरायपाली और बागबाहरा क्षेत्र में अक्रियाशील फसल अवधि के दौरान किसानों को अधिक मात्रा में यूरिया का वितरण किया गया। मामले में किसानों की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों पर खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी नहीं करने और समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।