बार अभ्यारण्य के पास बायसन का तांडव; तीन गांवों में हमला कर एक ग्रामीण को उतारा मौत के घाट, दो महिलाएं गंभीर

पिथौरा। बार अभ्यारण्य के समीप स्थित गांवों में एक बायसन (गौर) रे हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई है, वहीं दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं। यह घटना मंगलवार सुबह 8 से 9 बजे के बीच तीन अलग-अलग गांवों गजराडीह, मुरुमडीह और रवान में हुई। जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

गजराडीह में देवेंद्र साहू पर बायसन ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान महासमुंद के एक निजी अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।

मुरुमडीह में बायसन नेपंचबाई ठाकुर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं रवान में  गायत्री यादव पर बायसन ने हमला किया, जिससे उनके पैर में गहरे घाव आए और टांके लगाने पड़े।

दोनों घायल महिलाओं को कसडोल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। वहीं  वन विभाग द्वारा घायलों को प्रारंभिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।  ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने, घायलों का नि:शुल्क इलाज करने और वन विभाग द्वारा हिंसक बायसन को आबादी क्षेत्र से दूर खदेडऩे की मांग की है।

वन्य प्राणी पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर

भीषण गर्मी और जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्य प्राणी पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उनके हिंसक होने की संभावना बढ़ गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर समय पर चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया, जिससे यह दुखद घटना हुई।

कसेकेरा पहाड़ी में आपस में भिड़े भालू, खूनी संघर्ष में एक मादा भालू की मौत

महासमुंद। कोमाखान क्षेत्र स्थित कसेकेरा पहाड़ी में सोमवार की रात भालुओं के मध्य हुई आपसी लड़ाई में एक मादा भालू की मौत हो गई। वन विभाग ने मृत भालू के शव को कोमाखान डिपो ले जाकर पीएम पश्चात जलाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कसेकेरा के कोटवार को ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह बताया कि कसेकेरा पहाड़ी में एक भालू मृत पड़ा है। इसकी सूचना उसने वन विभाग को दी।
सूचना मलते पर वनकर्मी तुरंत घटना स्थल पहुंचे। एसडीओ फॉरेस्ट जीएस ठाकुर एवं रेंजर एलएन ध्रुव भी वहां पहुंचे।  पंचनामा के बाद शव को कोमाखान वन डिपो लाया गया जहां अपरान्ह उसका तीस सदस्यीय पशु चिकित्सक की टीम ने उसका पोस्टमार्टम किया। उसके बाद डिपो में ही शव को जलाया गया।

चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार मृत मादा भालू का उम्र लगभग 10 वर्ष है। उसके सामने के दोनों पंजों में जख्म था। आपसी लड़ाई के जख्म भी थे। पेट में चोट लगी दिखी। वहीं पूंछ पर भी जख्म के निशान थे।
उल्लेखनीय है कि कसेकेरा पहाड़ी गांव के साथ लगभग लगी हुई है। इस पहाड़ी क्षेत्र में भालुओं बसेरा है। आए दिन भालुओं का गांव के घरों में तेल पीने आदि की खबरें मिलती है। गांव की गली में उनकी आवाजाही भी लगी रहती है। ग्रामवासियों में चर्चा के अनुसार बीती रात पहाड़ी पर भालुओं की आवाजें आ रही थी। जिससे ऐसा लग रहा था कि उनमें किसी प्रकार की लड़ाई हो रही है और सुबह एक मादा भालू का शव पहाड़ी पर मिला।
एसडीओ फॉरेस्ट महासमुंद ने बताया कि भालुओं की आपसी लड़ाई में मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आपसी लड़ाई में पहाड़ी से 20 फुट की ऊंचाई से गिर गयी थी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे कोमाखान डिपो में जला दिया गया। कहा कि पीएम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अन्य सारी जानकारियां मिल जाएगी।

नकल माफियाओं पर कड़ा प्रहार: महासमुंद में केंद्राध्यक्ष से लेकर भृत्य तक 5 अधिकारियों-कर्मचारियों पर निलंबन की गाज

महासमुंद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल में हुए नकल प्रकरण में स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए जाने पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और भृत्य समेत कुल 5 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

परीक्षा में शामिल छात्रा नीता जगत ने परीक्षा केंद्र में खुलेआम नकल होने की लिखित शिकायत की थी। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उसने माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) में शिकायत दर्ज कराई और घटना का वीडियो प्रमाण भी सौंपा।
इस मामले ने माशिमं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का भी ध्यान आकर्षित किया, जिसने मामले का संज्ञान लेते हुए शासन से जवाब तलब किया था।
जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय ने कार्रवाई सुनिश्चित की। जांच में पाया गया कि केंद्र में प्रवेश के समय छात्रों की उचित तलाशी नहीं ली गई, जिससे छात्रा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ परीक्षा कक्ष तक पहुँचने में सफल रही।

निलंबित कर्मचारियों में गंगा प्रसाद पटेल (केंद्राध्यक्ष) – व्याख्याता, हायर सेकेंडरी स्कूल, बिछिया बसना, अनिरुद्ध भोई (सहायक केंद्राध्यक्ष) – व्याख्याता, सेजेस स्कूल, भंवरपुर, दिनेश कुमार दास (व्याख्याता) – सेजेस स्कूल, भंवरपुर, दुर्गा प्रसाद पटेल (पर्यवेक्षक) – सहायक शिक्षक (एलबी), सेजेस स्कूल, भंवरपुर, विजिया बुडेक (भृत्य)  सेजेस स्कूल, भंवरपुर हैं।
निलंबन अवधि के दौरान इन सभी कर्मचारियों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, महासमुंद में अटैच किया गया है।
छात्रा ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि परीक्षा केंद्र में शिक्षकों द्वारा भी मोबाइल का उपयोग किया जा रहा था और विरोध करने पर उसे धमकाया गया था, जिसके चलते उसने सबूत जुटाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का सहारा लिया।

महासमुंद पुलिस की यूपी में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 200 किलो गांजे का मुख्य खरीदार मैनपुरी से गिरफ्तार

महासमुंद। एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स एवं थाना कोमाखान पुलिस ने 200 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा मंगाने वाला डेस्टिनेशन पॉईंट आरोपी को जिला मैनपुरी उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया है। इस तरह इस मामले में अब तक सोर्स पॉईंट परिवहन करने वाला, पायलेटिंग करने वाला एवं गांजा खरीरदार समेत 5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।

मालूम हो कि 30 मार्च को अवैध गांजा 200 किलोग्राम परिवहन व पायलेटिंग में प्रयुक्त दो कार एवं 2 मोबाइल सहित कुल 01 करोड़, 07 लाख, 82 हजार,400 रुपए की संपत्ति बरामद हुआ था। कोमाखान थाने में 30 मार्च को ग्राम टेमरी जांच नाका पर वाहन चेकिंग दौरान डिजायर कार से आरोपी युवराज नायक, केशव दयाल को 200 किलोग्राम गांजा के सात पकड़ा था। आरोपियों के वाहन की पायलेटिंग करते आरोपी राहुल अग्निहोत्री को भी पकड़ा गया था। उनके बयान के मुताबिक  ओडि़शा से गांजा विक्रेता बाबुला मुदली को ग्राम ईश्वरगुड़ा थाना चित्रकोंडा जिला मलकानगिरी ओडिशा से पकड़ा गया था। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ग्राम वघौनी थाना किसनी जिला मैनपुरी उत्तप्रदेश से अवैध मादक पदार्थ गांजा मंगाने वाले डेस्टिनेशन प्वाइंट अमन अग्निहोत्री को घेराबंदी कर पकडक़र 16 मई को ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है।

महासमुंद जनदर्शन: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सुनीं समस्याएं, 76 आवेदनों के शीघ्र निपटारे के निर्देश

महासमुंद,20मई। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। कलेक्टर  लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में 76 आवेदन प्राप्त हुए।

जनदर्शन में महासमुंद स्थित महामाया वार्ड की पार्षद ईश्वरी संजय भोई विशेष रूप से कलेक्टर का धन्यवाद ज्ञापित करने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पिछले जनदर्शन में उन्होंने अपने वार्ड स्थित आंगनबाड़ी भवन के जीर्णोद्धार के लिए आवेदन दिया था। जिस पर कलेक्टर  लंगेह द्वारा तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन की त्वरित पहल से अब आंगनबाड़ी भवन का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है।

इसी क्रम में महासमुंद के डा. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड के पार्षद धनेंद्र चंद्राकर ने शीतला तालाब में सार्वजनिक पचरी निर्माण,  तमोरा निवासी दिव्यांग द्वारिका प्रसाद तांडे ने पेंशन से संबंधित,बसना विकासखंड के ग्राम अंकोरी निवासी ज्ञान सिंह रायधर ने भू.अभिलेख सुधार, साहू तेली संघ ने कन्या छात्रावास,वृद्धाश्रम एवं बालक छात्रावास निर्माण हेतु भूमि आबंटन की मांग संबंधी आवेदन कलेक्टर को सौंप। साथ ही अवैध अतिक्रमण, लम्बित राशि भुगतान एवं अन्य आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

महासमुंद: बीटीआई रोड पर सड़क चौड़ीकरण के चलते 22 मई तक सुबह 9 से 12 बजे तक रहेगी बिजली गुल

महासमुंद। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता पी आर वर्मा ने बताया कि बीटीआई रोड महासमुंद में दोनों तरफ सडक़ चौड़ीकरण कार्य हेतु नए विद्युत पोल एवं विद्युत तार लगाने के कार्य के चलते 20 से 22 मई दिनों तक सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक विद्युत अवरोध रहेगा। उन्होंने बताया है कि इससे 33केवी राजिम, 33केवी फिंगेश्वर, 33केवी शिवालिक पावर, 33केवी बागबाहरा फीडर, 11केवी टाउन 1, 2, 3 एवं 11केवी बमनी फीडर प्रभावित होगा तथा बीटीआई रोड, मोहारी भांठा, शिवानंद कॉलोनी, सिविल लाइन,वन विद्यालय एवं कार्यालय, कॉलोनी, केंद्रीय विद्यालय, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कौशिक कॉलोनी बीटीआई रोड भाजपा कार्यालय के पीछे, मलेरिया ऑफिस के आसपास, गुड़रू पारा, शास्त्री चौक, बरोंडा चौक, गांधी चौक, सत बहिनिया चौक, राम मंदिर के पीछे कुर्मी पारा एवं उसके आसपास के क्षेत्र का विद्युत सप्लाई बंद रहेगा। उन्होंने असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि किसी तरह की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1912 संपर्क कर सकते हैं।

महासमुंद में नौतपा से पहले ही ‘उबले’ तालाब, 45 डिग्री पारे में दम घुटने से मर रही हैं मछलियां

महासमुंद। नौतपा की शुरुआत से पहले ही जिले में भीषण गर्मी के चलते तालााबों का पानी उबल रहा है। महासमुंद जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण अंचल के तालाबों में पानी तेजी से सूख रहा है। यहां तापमान 44 से 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है और निस्तारी तालाबों का पानी बेहद गर्म होने लगा है। पानी गर्म होने के कारण ऑक्सीजन की के कारण तालाबों में मछलियां भारी तादात में मर रही हैं। जिला मुख्यालय से लगे तुमगांव रोड सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों में दम घुटने के कारण मछलियों के मरने और उनके तड़पकर सतह पर आने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

मत्स्य पालन विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के इस मौसम में पानी कम होने से तालाबों की तली में जमा कीचड़ और गंदगी पानी में घुलने लगती है जिससे हानिकारक अमोनिया गैस का स्तर अचानक बढ़ जाता है। यही अमोनिया गैस पानी में ऑक्सीजन की किल्लत मछलियों के लिए साइलेंट किलर साबित हो रही है। खासकर उन तालाबों में संकट ज्यादा गहरा गया है,जहां पानी नाममात्र का बचा है और निस्तारी का दबाव अधिक है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस स्थिति से निपटने के लिए किसान सुबह 4 से 6 बजे के बीच तालाब के पानी में बांस चलाकर खुद तैरकर या एरिएटर पंप के जरिए हलचल पैदा करें, ताकि वातावरण की ऑक्सीजन पानी में घुल सके। इसके अलावा, जिन तालाबों के पास बोरवेल की सुविधा है, वहां तुरंत नया और ठंडा पानी रीचार्ज करें।

मत्स्य विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि तेज गर्मी के दौरान मछलियों को कृत्रिम आहार फीडिंग देना पूरी तरह बंद कर दें या बेहद कम कर दें। क्योंकि बचा हुआ चारा पानी में सडक़र उसे और जहरीला बना देता है। पानी के शुद्धिकरण के लिए प्रति एकड़ निर्धारित मात्रा में चूने या पोटेशियम परमैंगनेट के छिडक़ाव की भी सलाह दी गई है।

विभागीय जानकारी अनुासर स्थानीय मछुआरों के हितों के लिए जिले में लगभग 140 से 160 पंजीकृत मछुआरा सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जो नियमों के तहत शासकीय तालाबों का संचालन करती हैं। जिले के पारंपरिक मछुआरे धीवर, केंवट और निषाद समाज संंंंंंंंंंंंंंंहित लगभग 18 हजार से 22 हजार लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मछली पकडऩे, जाल बुनाई और इसके कारोबार से जुड़े हैं। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति से खुद के निजी तालाबों में मछली पालन करने वाले उन्नत किसानों की संख्या भी जिले में लगभग 3 हजार 500 से 4 हजार 500 के आसपास है।

गौरतलब है कि महासमुंद जिला छत्तीसगढ़ में मत्स्य उत्पादन और उन्नत मछली बीज स्पॉन्स और फिंगरलिंग्स की आपूर्ति के मामले में एक बड़ा हब माना जाता है। यहां उत्पादित मछलियां ओडि़शा और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के बाजारों तक भेजी जाती हैं। ऐसे में अचानक मौसम के इस कड़े रुख ने हजारों परिवारों की आजीविका पर सवालिया निशान लगा दिया है। नुकसान को देखते हुए मत्स्य पालन विभाग ने जिले के मत्स्य कृषकों और समितियों के लिए आपातकालीन एडवायजरी जारी कर तुरंत सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा है। महासमुंद जिले में लगभग 4 हजार 500 से 5 हजार छोटे-बड़े ग्रामीण तालाब हैं। जबकि जल संसाधन विभाग और जनपद के अंतर्गत करीब 150 सिंचाई जलाशय, बांध व बैराज हैं। जिन्हें मलय पालन के लिए पट्टे पर दिया जाता है।

मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गर्मी के दिनों में प्राकृतिक रूप से पानी में ऑक्सीजन का स्तर गिरना एक आम समस्या है। लेकिन समय से पहले बढ़ी तपिश ने चिंता बढ़ा दी है। मछुआरों और समितियों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। यदि किसी भी क्षेत्र में बड़ी संख्या में मछलियों के प्रभावित होने की जानकारी मिलती है, तो स्थानीय अमला तुरंत पानी की जांच और सुधार के लिए मौके पर पहुंचेगा।

तरेकेला मोड़ के पास दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक, एक युवक की मौके पर मौत

महासमुंद। बसना-भंवरपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तरेकेला मोड़ के पास सोमवार को सडक़ हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाइक पर सवार उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के कारण मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे एक पेड़ से जा टकराई। हादसे में चालक की घटनास्थल पर ही जान चली गई।

मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी पियर सिदार कर्राभौना ने पुलिस को बताया कि 18 मई की सुबह 10.30 बजे उनका भतीजा निर्मल सिदार अपने साथियों के साथ स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल क्रं. सीजी 06 जी 3267 पर सवार होकर किसी कार्य से पिरदा गया था।

बताया जा रहा है कि कार्य पूरा करने के बाद सभी लोग वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान शाम लगभग 4 बजे जैसे ही मोटरसाइकिल ग्राम तरेकेला मोड़ के पास पहुंची, चालक निर्मल सिदार ने बाइक को तेज गति से लापरवाही पूर्वक चलाने लगा। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित हो गई और सडक़ किनारे स्थित पेड़ से सीधे जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और चालक निर्मल सिदार गंभीर रूप से घायल होकर सडक़ पर गिर पड़ा। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं उसके बाइक पर पीछे बैठा उसका साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल घायल को उपचार के लिए भंवरपुर स्थित श्याम अस्पताल तथा कल्पना अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका उपचार जारी है। सूचना मिलते ही चौकी भंवरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दुर्घटना को लेकर मृत बाइक चालक निर्मल सिदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 280, 125 एवं 106-1 के तहत मामला दर्ज किया है।

महासमुंद: व्याख्याता के सूने मकान में धावा, सोने-चांदी के जेवरात और नगदी ले उड़े चोर

महासमुंद। दीनदयाल कॉलोनी परसकोल रोड में रहने वाले एक व्याख्याता के घर से सोने-चांदी के सामान सहित नगदी रकम चोरी होने की रिपोर्ट पर सिटी कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है।  पुलिस को दीनदयाल कालोनी परसकोल रोड निवासी व व्याख्याता सुखेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने रिपोर्ट में बताया कि 01मई 2026 को वह अपने परिवार के साथ अपने जान पहचान की रोशनी त्रिपाठी के घर शादी में ग्राम ब्यवहारी जिला शहडोल मध्यप्रदेश गया था। 18 मई की रात्रि करीबन 02.25 बजे उसके पड़ोसी रमेश सिन्हा ने फोन कर और वीडियो भेजकर बताया कि तुम्हारे घर में चोर घुसे हैं। इसके बाद जब वह वापस घर आया तो देखा कि घर के मेन गेट का ताला नहीं लगा था। अंदर जाकर देखा तो द्वार एवं तीनों कमरे में लगाया हुआ ताला नहीं था।

बेडरूम में रखे दो आलमारी एवं बाक्स में लगा ताला एवं लॉक टूटा एवं सामान बिखरा हुआ था। दोनों आलमारी एवं बॉक्स में रखे चांदी की लक्ष्मी की मूर्ति, चांदी की गणेश की मूर्ति, चांदी वजन 400 ग्राम, एक नग चांदी का लोटा वजन 250 ग्राम 03 नग चांदी की कटोरी वजन 100, 12 नग चांदी के छोटे व बड़े सिक्के, 05 जोड़ी चांदी के पायल, चांदी का शिवलिंग व बेलपत्र वजन 10 ग्राम, 02 नग सोने की अंगूठी वजन 03 ग्राम, नगदी रकम 13 हजार रुपए, जियो का फाइबर सेट, सीसीटीवी का डीवीआर, पावर किट, जियो का सेटअप बाक्स अनुमानित राशि 98 हजार रुपए को अज्ञात चोर ने चोरी कर लिया। मामल को  धारा 305, 331-4 बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

महासमुंद: सुशासन तिहार और कृषि संकल्प अभियान के तहत 5 विकासखंडों के 10 गांवों में लगे शिविर

महासमुंद। महासमुंद जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत 13 मई को जिले के पांचों विकासखंडों के 10 ग्रामों में व्यापक जनजागरूकता एवं समाधान शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत विकासखंड महासमुंद के ग्राम नरतोरा एवं ढांक, विकासखंड बागबाहरा के ग्राम आंवराडबरी एवं जामली, विकासखंड पिथौरा के ग्राम बरनईदादर एवं गड़बेड़ा, विकासखंड बसना के ग्राम भौना एवं मेदापाली तथा विकासखंड सरायपाली के ग्राम केना एवं सिरपुर में शिविर आयोजित किए गए।

शिविरों में कृषि विभाग सहित अन्य समवर्गीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों एवं जनप्रतिनिधियों को दी गई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार फसलवार संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ई.उर्वरक टोकन प्रणाली आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपीए नैनो यूरियाए 12:32:16, 20:20:13 तथा एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही हरी खाद, जैव उर्वरक, नीलहरित काई एवं केंचुआ खाद जैसे जैविक उपायों को अपनाने से भूमि की उर्वरा शक्ति एवं उत्पादकता बढ़ाने के संबंध में भी विस्तार से बताया गया।

शिविरों में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड तथा एग्रीस्टैक से संबंधित आवेदन भी प्राप्त किए गए। प्राप्त आवेदनों में से कुछ आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही किया गया। जबकि शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण का आश्वासन संबंधित अधिकारियों द्वारा दिया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने, संतुलित उर्वरक उपयोग करने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा किसान रथ के माध्यम से जिले के सभी विकासखण्डों के चयनित ग्रामों में पहुंचकर किसानों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। 12 मई तक किसान रथ की 10 टीमों द्वारा जिले के सभी विकासखण्डों के 50 ग्रामों में पहुंचकर कुल 4520 कृषकों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया गया है। इस दौरान किसानों को शासन की कृषि योजनाओं, उन्नत बीजों के उपयोग, आधुनिक खेती की तकनीकों, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, जल संरक्षण तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। किसान रथ के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने, लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने तथा कृषि में नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।