महासमुंद। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुन्द द्वारा आज 21 मई को शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, ग्राम बरोंडा बाजार महासमुन्द में जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला प्रात: 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा। उपसंचालक रोजगार डा. शशी अतुलकर ने जानकारी दी कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल होंगी। इनमें विजय क्लियरिंग एजेंसी, जेके लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड, स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट, स्टार आदर्श होम हेल्थ केयर सर्विस सोसायटी, आईटीएम एजुटेक इंडिया लिमिटेड तथा एनआईआईटी लिमिटेड द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि 12वीं एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए कुल 276 रिक्त पद उपलब्ध हैं। इच्छुक एवं योग्य आवेदकों को निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होवें।
महासमुंद: समाधान शिविर में 10 ग्रामीणों को मिला आबादी पट्टा, बरसों का इंतजार हुआ खत्म
महासमुंद। विकासखंड सरायपाली के ग्राम गढफ़ुलझर में आयोजित समाधान शिविर में 10 पात्र हितग्राहियों को भूस्वामित्व आबादी पट्टा वितरित किया गया। जिससे उनके वर्षों पुराने इंतजार को नई पहचान और अधिकार मिला। ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें अपने आवासीय भूमि पर वैधानिक स्वामित्व का अधिकार प्राप्त हुआ है, जिससे भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा होगी।
शिविर में सरायपाली से सत्यानंद, रूकमणी और टिकर, मेदनीपुर से बालुमकेश्वर एवं सर्वदमन, छोटेपटनी से जगत और खेमलाल तथा केंवटापाली से जानकी प्रसाद,रामकुमार एवं महेन्द्र को भू स्वामित्व आबादी पट्टा प्रदान किया गया। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है और जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है।
ईंधन बचत और मितव्ययिता का अनूठा उदाहरण, बसना प्रशासन की सामूहिक बस यात्रा
महासमुंद । जिले के बसना अनुविभाग में आज सुशासन तिहार के दौरान एक प्रेरणादायी और अनोखी पहल देखने को मिली। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार के.के. साहू तथा जनपद पंचायत सीईओ पीयूष ठाकुर सहित 23 सदस्यीय अधिकारी-कर्मचारियों की टीम एक साथ बस में सफर कर सुशासन तिहार शिविर हेतु ग्राम नगौड़ी पहुँची।
यह केवल साधारण यात्रा तक सीमित नहीं रही, बल्कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं शासकीय कार्यों में मितव्ययिता का एक सशक्त संदेश बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं जनहित में जिम्मेदार व्यवहार की अपील को व्यवहार में उतारते हुए बसना प्रशासन ने यह पहल किया।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर विनय लंगेह ने कल ही समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों को शासकीय कार्यों में मितव्ययिता बरतने तथा अनावश्यक व्यय कम करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में बसना अनुविभाग की टीम ने सामूहिक बस यात्रा को अपनाया।
अनुविभागीय अधिकारी हरिशंकर पैकरा ने कहा कि प्रशासन का एक महत्वपूर्ण अंग होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक यात्रा से न केवल ईंधन की बचत होती है, बल्कि आपसी समन्वय और टीम भावना भी मजबूत होती है। इस यात्रा को अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुखद और उपयोगी बताया। सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए भविष्य में भी सुशासन तिहार एवं अन्य शासकीय कार्यक्रमों में सामूहिक बस यात्रा को प्राथमिकता देने की बात कही। वर्तमान ईंधन संकट और बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच बसना प्रशासन की यह पहल अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरी है।
आमजन से अपील :
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें, कार पूलिंग एवं सामूहिक यात्रा को बढ़ावा दें तथा ईंधन संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
CG बसना पहाड़ों में ड्रिलिंग के बाद अरबों के दुर्लभ खनिज भंडार के संकेत को लेकर डेक्कन गोल्ड माइंस ने की घोषणा भालुकोना-जमनीडीह बन सकता है भारत का पहला निकेल-कॉपर-PGE परियोजना
CG बसना पहाड़ों में ड्रिलिंग के बाद अरबों के दुर्लभ खनिज भंडार के संकेत को लेकर डेक्कन गोल्ड माइंस ने की घोषणा भालुकोना-जमनीडीह बन सकता है भारत का पहला निकेल-कॉपर-PGE परियोजना
महाजनपद न्यूज
छत्तीसगढ़ की धरती के नीचे छिपा खनिज खजाना अब देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। महासमुंद जिले के भालुकोना क्षेत्र में निकेल, कॉपर और प्लैटिनम ग्रुप एलिमेंट्स यानी PGE जैसे रेयर मिनरल्स के मजबूत संकेत मिले हैं। शुरुआती ड्रिलिंग में सामने आए सकारात्मक नतीजों ने इस इलाके को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगे की जांच में बड़े भंडार की पुष्टि होती है, तो महासमुंद भारत के पहले निकेल-कॉपर-PGE माइनिंग प्रोजेक्ट की पहचान हासिल कर सकता है
आंध्र प्रदेश की जोन्नागिरी स्वर्ण परियोजना से जुड़ी डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड ने पहले चरण की ड्रिलिंग के सकारात्मक परिणामों की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक भालुकोना-जमनीडीह क्षेत्र में अब तक करीब 1200 मीटर ड्रिलिंग पूरी की जा चुकी है। शुरुआती रिपोर्ट में 60 मीटर से अधिक क्षेत्र में खनिजयुक्त परतों और निकेल-कॉपर से जुड़े सल्फाइड मिनरल्स के संकेत मिले हैं।
निकेल और कॉपर आज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण धातुओं में गिने जाते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल बैटरी, सोलर पैनल, रक्षा उपकरण और हाईटेक इंडस्ट्री में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं PGE यानी प्लैटिनम ग्रुप एलिमेंट्स का उपयोग ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरण और ग्रीन टेक्नोलॉजी में बड़े स्तर पर होता है।
भारत फिलहाल इन क्रिटिकल मिनरल्स के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में इन खनिजों के संकेत मिलना केवल राज्य ही नहीं बल्कि देश की रणनीतिक और आर्थिक जरूरतों के लिए भी अहम माना जा रहा है।
डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. हनुमा प्रसाद मोडाली ने कहा है कि पहले चरण की सफलता ने परियोजना की संभावनाओं को और मजबूत किया है। कंपनी अब ड्रिलिंग और खोज कार्य में तेजी लाकर खनन योग्य संसाधनों का आकलन करेगी और माइनिंग लीज प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
राज्य सरकार ने पहले ही इस ब्लॉक के लिए कंपोजिट लाइसेंस जारी किया है, जिससे प्रॉस्पेक्टिंग से लेकर माइनिंग तक की प्रक्रिया को गति मिली है। यदि आगे बड़े भंडार की पुष्टि होती है, तो महासमुंद की पहचान कृषि और व्यापार से आगे बढ़कर देश के महत्वपूर्ण खनिज केंद्र के रूप में भी बन सकती है।
कैंसर के खिलाफ कांकेर की बेटियों का बड़ा कदम: एचपीवी टीकाकरण केंद्रों पर उमड़ी 14-15 वर्ष की बालिकाओं की भीड़।
जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर बालिकाओं एवं अभिभावकों में लगातार जागरूकता बढ़ रही है। अब बड़ी संख्या में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाएं टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचकर निःशुल्क एचपीवी टीका लगवा रही हैं। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव एवं स्कूलों में पहुंचकर बालिकाओं और अभिभावकों को एचपीवी टीके के महत्व एवं इसके लाभों की जानकारी दे रही है। इसका सकारात्मक असर अब देखने को मिल रहा है और टीकाकरण केंद्रों में बालिकाओं की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि एचपीवी टीका गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है। उन्होंने जिले के सभी पात्र बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर निःशुल्क टीकाकरण का लाभ अवश्य लें।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविंद गुप्ता ने कहा कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं मेडिकल कॉलेज में नियमित रूप से एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगातार निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों की तुलना में अब बालिकाओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में बालिकाएं स्वयं आगे आकर टीका लगवा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों को समय पर एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं।
छत्तीसगढ़ पुलिस हुई और भी हाईटेक: ‘डायल-112 फेस-टू नेक्स्ट जनरेशन’ सेवा का हुआ शंखनाद, गृहमंत्री ने दिखाई हरी झंडी
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने “डायल- 112 फेस-टू नेक्स्ट जनरेशन” सेवा का शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में इस सेवा का शुभारंभ करते हुए 54 नये इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने बताया कि सभी वाहन अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम, स्मार्ट कंट्रोल, मॉनिटरिंग सिस्टम और डिजिटल कम्युनिकेशन तकनीक से लैस है। वहीं, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ के पुराना पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में 16 आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी बलौदाबाजार स्थित रक्षित केंद्र परिसर से डायल-एक सौ बारह वाहनों को हरी झंडी दिखाई।
24 घंटे में गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 4 मामलों में 72 किलो गांजा जब्त….
महासमुंद। थाना कोमाखान क्षेत्र में पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने 24 घंटे के भीतर गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 अलग-अलग मामलों में कुल 72 किलो अवैध गांजा जब्त किया है। इस कार्रवाई में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार तस्कर ओडिशा के पटनागढ़ क्षेत्र से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। कुछ मामलों में गांजा रायपुर और बागबाहरा में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बेचने की तैयारी थी, जबकि अन्य मामलों में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया गया था। पहले प्रकरण में पुलिस ने 10.190 किलो गांजा के साथ एक आरोपी राजकुमार उर्फ राजू देवांगन को गिरफ्तार किया। दूसरे मामले में 7 किलो गांजा के साथ सुशांत बाग को पकड़ा गया। दोनों आरोपियों से मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। तीसरे मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध मारुति डिजायर कार को रोकने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए। कार की तलाशी में 30 किलो गांजा बरामद हुआ। इस मामले में आरोपियों की तलाश जारी है। चारों मामलों को मिलाकर कुल 72 किलो गांजा, दो मोटरसाइकिल, एक कार और मोबाइल फोन सहित लगभग 32 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना, लगातार चेकिंग और समन्वित रणनीति के तहत की गई। पिछले चार महीनों में जिले में 93 मामलों में 6400 किलो से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है और 236 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन का बड़ा एक्शन: कांकेर और बालोद में सगाई से पहले पहुंची टीम, रुकवाई दो शादियां
कांकेर। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा तत्परता दिखाते हुए विकासखंड भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत डोंगरकट्टा व्यापारीपारा में होने वाले बाल विवाह को समय रहते रोका गया। नाबालिग बालिका का विवाह 19 मई 2026 से महलिया (सगाई) की रस्म के साथ जिला बालोद के ग्राम तुमड़ीसुर के युवक के साथ शुरू होने वाला था। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी की संयुक्त टीम जिसमें परियोजना अधिकारी भानुप्रतापपुर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परामर्शदाता एवं केसवर्कर तथा भानुप्रतापपुर पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे, द्वारा मौके पर पहुंचकर विवाह शुरू होने के कार्यक्रम को रोकरने की कार्यवाही की गई। इस दौरान बालिका के आयु संबंधी दस्तावेज जैसे दसवीं की अंकसूची, आधार कार्ड आदि की जांच की गई। जांच में बालिका की आयु 17 वर्ष 7 माह तथा युवक की आयु 19 वर्ष पाई गई, जो कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। जांच एवं सत्यापन उपरांत टीम ने बालिका के परिजनों, ग्रामवासियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही टीम की समझाइश पर परिजनों ने विवाह रोकने लिखित सहमति प्रदान की, जिसके बाद बाल विवाह को रोका गया। इसी प्रकार हीरे का हार झपटने वाला तुरंत अरेस्ट भी बालोद जिले की ग्राम पंचायत तुमड़ीसुर में भी नाबालिग युवक का विवाह किए जाने के संबंध में जानकारी मिलने पर संयुक्त टीम द्वारा तत्काल वर पक्ष के घर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की गई तथा वहां बाल विवाह रुकवाया गया। विभाग ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कार्यवाही के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परामर्शदाता और पुलिस विभाग की टीम शामिल थी।
बस्तर में बड़ा सियासी भूचाल: फंड न मिलने से नाराज अंतागढ़ ब्लॉक के सभी 56 सरपंचों ने दिया सामूहिक इस्तीफा।
कांकेर। जिले के अंतागढ़ ब्लॉक में विकास कार्यों के लिए फंड जारी नहीं होने से नाराज 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। सरपंचों के इस फैसले के बाद क्षेत्र की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार अंतागढ़ ब्लॉक की सभी 56 ग्राम पंचायतों के सरपंच लंबे समय से विकास कार्यों के लिए राशि जारी करने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि फंड के अभाव में पंचायत स्तर पर सड़क, नाली, पेयजल और अन्य मूलभूत विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरपंचों ने क्षेत्र के विकास कार्यों की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि पर्याप्त बजट नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों के बीच जवाब देना मुश्किल हो गया है और पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
गरियाबंद : ट्रैक्टर ट्रॉली में बाइक को लादकर पेट्रोल पंप पहुंचा युवक, जानिए ऐसी क्या मजबूरी थी?
गरियाबंद। पेट्रोलियम संकट के चलते डिब्बों, बोतलों या जरीकैन में पेट्रोल-डीजल देने से पंप वालों को रोका गया है। इस रोक के बीच गरियाबंद जिलर मुख्यालय से एक अनूठा मामला सामने आया है। दरअसल बाइक में पेट्रोल खत्म होने पर एक युवक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर उसे लादकर पेट्रोल पंप पहुंच गया। मिली जानकारी के मुताबिक, मामला गरियाबंद के शांति फ्यूल्स का है। युवक की बाइक का पेट्रोल रास्ते में खत्म होकर बंद हो गई। आसपास के इलाकों में बोतल या जरीकैन में पेट्रोल उपलब्ध नहीं हो सका। तब युवक ने अलग तरीका अपनाते हुए अपनी बाइक को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लाद लिया और पेट्रोल पंप पहुंच गया। जब ट्रैक्टर ट्रॉली के ऊपर बाइक लादकर वह पंप पहुंचा तो, वहां मौजूद लोगों को कुछ देर तक कुछ समझ नहीं आया। ट्रॉली पर बाइक लदी देखकर कर्मचारी थोड़ी हैरानीभरी नजरों से उसकी ओर देखने लगे। बाद में युवक ने अपनी बाइक पर पेट्रोल भरवाया और वहां से चला गया। अब इस वाकए का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे ‘देसी जुगाड़’ तो कुछ छत्तीसढ़िया जुगाड़ का सटीक उदाहरण बता रहे हैं।
