महासमुंद/सिवनीकला में हनुमान जी की मूर्ति चोरी, गांव में आक्रोश का माहौल

महासमुंद/सिवनीकला में हनुमान जी की मूर्ति चोरी, गांव में आक्रोश का माहौल

जिला महासमुंद के थाना कोमाखान अंतर्गत ग्राम सिवनीकला से एक धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली घटना सामने आई है। ग्राम के बंधापारा मोहल्ले में सार्वजनिक रूप से स्थापित हनुमान जी की मूर्ति अज्ञात चोरों द्वारा चुरा ली गई, जिससे पूरे गांव में नाराजगी और शोक का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भुनेश्वर साहू ने कोमाखान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि लगभग साढ़े तीन महीने पूर्व ग्रामवासियों की सहमति से खाली भूमि पर श्री हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की गई थी। लेकिन दिनांक 12 जुलाई 2025 की सुबह लगभग 8 बजे जब ग्रामीण पूजा के लिए वहां पहुंचे, तो मूर्ति गायब पाई गई। इसकी सूचना मिलने पर गांव में भारी रोष व्याप्त हो गया।

पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत अपराध क्रमांक 0074/25 में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में मामले की जांच जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक चोरी नहीं, बल्कि गांव की आस्था पर चोट है। कई लोगों ने इस घटना के पीछे शरारती तत्वों की साजिश की आशंका भी जताई है। ग्रामवासियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों को पकड़कर मूर्ति वापस लाने और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

गांव के वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने मिलकर मंदिर स्थल की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त और सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

रायपुर : जनसूचना अधिकारी पत्राचार करते समय अपना नाम, पदनाम और पदस्थापना स्थल का उल्लेख करें

रायपुर : जनसूचना अधिकारी पत्राचार करते समय अपना नाम, पदनाम और पदस्थापना स्थल का उल्लेख करें

सूचना आयोग के नोटिस का जवाब जनसूचना 30 दिवस के भीतर प्रेषित करें

सूचना आयोग के आयुक्त ने कहा कि आयोग की सुनवाई में तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारी के द्वारा प्रतिनिधि के रूप में प्राधिकार पत्र मान्य किया जाएगा और उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब को तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारी का जवाब माना जाएगा। प्राधिकार पत्र के अभाव में प्रतिनिधि की उपस्थिति मान्य नहीं की जाएगी। राज्य सूचना आयोग ने सभी तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आयोग से पत्राचार करते समय प्रकरण क्रमांक, वर्ष और सुनवाई की तिथि के साथ-साथ अपना नाम, पदनाम, पदस्थापना स्थल का स्पष्ट उल्लेख करना सुनिश्चित करें।

छत्तीसगढ राज्य सूचना आयोग ने सभी लोकप्राधिकारियों (कार्यालय प्रमुखों) को निर्देशित किया है कि अपने अधीनस्थ तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारियों को निर्देशित करें कि राज्य सूचना आयोग के द्वारा द्वितीय अपील की सुनवाई के लिए प्रेषित नोटिस का जवाब प्रथम सूचना पत्र प्राप्ति के पश्चात 30 दिवस के भीतर कंडिकावार मय दस्तावेज के साथ जवाब प्रस्तुत कर पंजीकृत डाक से प्रेषित करना सुनिश्चित करें। जवाब प्रस्तुत करते समय तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारी का नाम पदनाम का स्पष्ट उल्लेख करें। उन्होंने यह भी कहा है कि तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारियों का नाम पदनाम, कार्यावधि तथा वर्तमान पदस्थापना स्थल की जानकारी आयोग को देना सुनिश्चित करें।

छत्तीसगढ राज्य सूचना आयोग ने निर्देशित किया है कि तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारियों सुनवाई में प्रकरण से संबंधित समस्त अभिलेख एवं नस्ती के साथ उपस्थित रहें, यदि अपरिहार्य कारण से तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारी आयोग के द्वितीय अपील की नियत तिथि को सुनवाई में उपस्थित में असमर्थ होने की स्थिति में अपने ऐसे प्रतिनिधि को सुनवाई के लिए भेजा जाए, जिनको प्रकरण के संबंध में संपूर्ण जानकारी हो एवं संपूर्ण दस्तावेज और जानकारी के साथ आयोग के समक्ष सुनवाई के अवसर पर आयोग को जवाब प्रस्तुत कर सके। राज्य सूचना आयोग ने कहा है कि तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारियों के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत द्वितीय अपील की सुनवाई के लिए प्रेषित नोटिस का जवाब तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारियों से प्राप्त नहीं होने के कारण प्रकरण की सुनवाई में अनावश्यक विलंब होता है। आयोग के समक्ष सुनवाई के पूर्व तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/वर्तमान जनसूचना अधिकारियों से पंजीकृत डाक से नियमानुसार प्रतिउत्तर प्राप्त नहीं होने पर एवं उक्त निर्देश का पालन नहीं होने की स्थिति में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (1) एवं धारा 20 (2) के तहत और शासन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार अर्थदण्ड एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।

 

रायपुर : जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे हरसंभव प्रयास : मंत्री श्री रामविचार नेताम 

रायपुर : जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे हरसंभव प्रयास : मंत्री श्री रामविचार नेताम

आदिम जाति विकास मंत्री ने साकरा में पीएम जनमन के तहत बने आवासों का किया निरीक्षण

कमार जनजाति के बीच पहुंचकर मुलभूत जरूरतों की ली जानकारी

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति मंत्री श्री रामविचार नेताम आज जिला धमतरी, विकासखंड सिहावा के ग्राम साकरा पहुंचे। ग्रामीणों ने इस मौके पर मंत्री श्री नेताम का पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ‘मोदी की गारंटी’ के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार की ये योजनाएं धरातल पर उतरकर प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुँचे और उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो यह हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

मंत्री श्री नेताम ने इस दौरान प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत कमार जनजाति समुदाय के लिए बनाए जा रहे आवासों का निरीक्षण किया। मंत्री श्री नेताम ने कमार जनजाति के बीच पहुंचकर राशन, बिजली, पानी सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, आवास जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर चर्चा की।

इस मौके पर धमतरी जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा एवं सिहावा क्षेत्र की पूर्व विधायक श्रीमती पिंकी ध्रुव उपस्थित थी।

 

रायपुर : वैष्णव ब्राह्मण समाज का रहा है गौरवशाली इतिहास : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर : वैष्णव ब्राह्मण समाज का रहा है गौरवशाली इतिहास : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री साय अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश दास वैष्णव, श्री विजय कुमार दास, श्री राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, श्रीमती अंजना देवी वैष्णव, श्री रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

महासमुंद/ग्राम भानपुर निवासी मजदूर पिता-पुत्र को पिकअप ने मारी जोरदार टक्कर, दोनों घायल

महासमुंद/ग्राम भानपुर निवासी मजदूर पिता-पुत्र को पिकअप ने मारी जोरदार टक्कर, दोनों घायल

महासमुंद बागबाहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंडी मंदिर मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में भानपुर निवासी मजदूरी करने वाले एक व्यक्ति और उसका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना रात्रि लगभग 9:55 बजे की है, जब भानपुर निवासी [आपका नाम] (पढ़े-लिखे कक्षा 12वीं तक) अपने बेटे नरेन्द्र साहू को लेने मोटरसाइकिल क्रमांक CG 06 HC 0219 से रेलवे स्टेशन गए थे। ट्रेन आने के बाद दोनों घर लौट रहे थे कि चंडी मंदिर मोड़ के पास डायवर्जन की वजह से वे सुमीत बाजार की ओर मुड़े। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप वाहन क्रमांक CG 04 HQ 7533 ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों पिता-पुत्र सड़क पर गिर पड़े। हादसे में [आपका नाम] को बांये हाथ के पंजे, सीने, कंधे और कोहनी में गंभीर चोटें आईं। वहीं उनके पुत्र नरेन्द्र साहू को बांये हाथ के पंजे, दाहिने पैर की जांघ और पीठ के बांयी ओर चोट लगी है।

घटना की रिपोर्ट संबंधित थाने में दर्ज की गई है, और पुलिस ने मामला धारा 125(a)-BNS, 281-BNS के तहत दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

पीड़ित ने उचित कार्यवाही की मांग की है।

बसना में पार्षद के भाई से मारपीट, गंभीर चोटें, आरोपी पर FIR दर्ज

बसना में पार्षद के भाई से मारपीट, गंभीर चोटें, आरोपी पर FIR दर्ज

बसना (प्रतिनिधि): दिनांक 12 जुलाई 2025 की प्रात: लगभग 4:00 बजे वार्ड नंबर 08 के वर्तमान पार्षद और वार्ड नंबर 15 निवासी के छोटे भाई के साथ मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है। पीड़ित अफसर कादरी ने अपने भाई को फोन कर बताया कि वह टेलीफोन ऑफिस के सामने घायल अवस्था में पड़ा है।

पीड़ित ने बताया कि बंसुला डीपा निवासी विरेंद्र मिश्रा द्वारा उसे अश्लील गालियाँ दी गईं और किसी अज्ञात वस्तु से मारपीट की गई। जब पार्षद मौके पर पहुंचे तो उनका भाई लहूलुहान स्थिति में जमीन पर पड़ा था। पूछताछ में अफसर कादरी ने ईशारों से बताया कि विरेंद्र मिश्रा ने बिना किसी स्पष्ट कारण के हमला किया।

मारपीट की इस घटना में अफसर कादरी को मुख पर गंभीर चोटें, दो-तीन दांत टूटना, जबड़े तथा सिर के पीछे गहरी चोटें आई हैं। परिजनों द्वारा तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

पार्षद की ओर से बसना थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने धारा 115(2)-BNS एवं 296-BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर नाराज़गी है, वहीं प्रशासन से दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

छत्तीसगढ़ : परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025 में रायगढ़ जिला बना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला

छत्तीसगढ़ : परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025 में रायगढ़ जिला बना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला

तीसरी, छठवीं और नवमीं सभी कक्षाओं में राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम

ग्रामीण छात्रों और बालिकाओं ने दिखाया श्रेष्ठ प्रदर्शन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा हर चार वर्ष में आयोजित होने वाले परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025 में रायगढ़ जिले ने राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उत्कृष्टता साबित की है। दिसंबर 2024 में आयोजित इस सर्वेक्षण में रायगढ़ जिले के 91 स्कूलों के 325 शिक्षक और 2728 विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिले के छात्रों ने कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमीं तीनों स्तरों पर सभी विषयों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले को ‘उदित’ श्रेणी में शामिल कराया है।

इस सर्वेक्षण में शासकीय, मान्यता प्राप्त अशासकीय तथा अनुदान प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से आंका गया। रायगढ़ जिले में यह अभियान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी और सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिसका परिणाम सभी स्तरों पर अत्यंत सराहनीय रहा।

कक्षा तीसरी में भाषा विषय में रायगढ़ का औसत 70 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत 64 प्रतिशत और राज्य औसत 59 प्रतिशत से कहीं अधिक है। गणित में भी रायगढ़ ने 68 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि राष्ट्रीय औसत 60 और राज्य औसत 57 प्रतिशत रहा। कक्षा छठवीं में भाषा में 64 प्रतिशत, गणित में 56 प्रतिशत और ‘आस-पास की दुनिया’ विषय में 59 प्रतिशत के साथ रायगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं कक्षा नवमीं में भाषा विषय में 60 प्रतिशत, गणित में 39 प्रतिशत, विज्ञान में 43 प्रतिशत और सामाजिक विज्ञान में भी 43 प्रतिशत के साथ जिले ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम दर्ज किए।

इन आंकड़ों के आधार पर रायगढ़ को परख सर्वेक्षण की चार स्तरीय श्रेणी में ‘उदित वर्ग में स्थान मिला है। यह श्रेणी केवल उन जिलों को प्रदान की जाती है, जिन्होंने तीनों कक्षाओं में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया हो। रायगढ़ के साथ तीसरी कक्षा में बालोद, बलरामपुर, बीजापुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा, छठवीं में बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर और सरगुजा तथा नवमीं में बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, धमतरी और दुर्ग जिले भी इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं।

परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों से यह भी सामने आया है कि रायगढ़ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का परिणाम शहरी क्षेत्रों से बेहतर रहा। इसके अलावा, बालिकाओं का प्रदर्शन भी बालकों की तुलना में तीनों कक्षाओं में अधिक बेहतर रहा है, जो जिले में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकेत है।

 

छत्तीसगढ़: बैंक सखी, गाँव-गाँव पहुँचा रही बैंकिंग सेवायें

छत्तीसगढ़ : बैंक सखी, गाँव-गाँव पहुँचा रही बैंकिंग सेवायें

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम चरईडाड़ निवासी श्रीमती जीनत परवीन, वर्ष 2019 से बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं।

श्रीमती जीनत परवीन बताती हैं कि योजना से जुड़ने से पहले वे एक साधारण गृहिणी थीं।  राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत जब उन्हें बैंक सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, तो उन्होंने इसे पूरी लगन और निष्ठा से अपनाया। आज वे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से जुड़ी बैंकिंग सेवाएं अपने गाँव और आसपास के ग्रामीणों तक पहुँचा रही हैं।

उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को खाता खोलने, पैसा जमा-निकासी, आधार लिंक, सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाओं में सहायता प्रदान कर रही हैं। उनकी मासिक बैंकिंग लेनदेन की राशि 35 से 40 लाख तक पहुँचती है, जिससे उन्हें नियमित रूप से अच्छा कमीशन के रूप में अच्छी राशि प्राप्त हो जाती है। यह सेवा न केवल उनके लिए रोज़गार का साधन बनी, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान का माध्यम भी बनी है।

श्रीमती जीनत परवीन बताती है कि इस आमदनी से उन्होंने अपने कई सपने पूरे किए हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने लिए एक स्कूटी भी खरीदी, जिससे अब वह आसानी से ग्रामीण क्षेत्र में सेवा प्रदान कर रही हैं। वे बताती है कि बैंक सखी बनने के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और अब वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।

 

रायपुर : ’राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश’

रायपुर : ’राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश’

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान जिला पंचायत परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत बादाम के पौधे रोपित किए। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी नागरिकों से अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की अपील की। साथ ही लगाए गए पौधे को सजीव बनाए रखने की जिम्मेदारी स्वयं उठाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है। पेड़ पौधे न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक अनमोल उपहार है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

कंप्यूटर शिक्षा का सुपर पॉवरहाउस – सुपर कंप्यूटर इंस्टिट्यूट, सरायपाली

“कंप्यूटर शिक्षा का सुपर पॉवरहाउस – सुपर कंप्यूटर इंस्टिट्यूट, सरायपाली

“सुपर कंप्यूटर इंस्टिट्यूट”

सरायपाली (प्रतिनिधि): शहर में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से सुपर कंप्यूटर इंस्टिट्यूट, सरायपाली ने छात्रों, बेरोजगार युवाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए विशेष कोर्स की शुरुआत की है। अनुभवी शिक्षकों द्वारा कंप्यूटर शिक्षा के विभिन्न विषयों में उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

संस्थान में DCA, PGDCA, BCA, BA, B.COM, BSC, MA, M.COM, MSW, PGDRD, TALLY GST, TALLY PRIME, MS OFFICE, DEO, BASIC, B.LIB, M.LIB जैसे कोर्स उपलब्ध हैं।

संस्थान की प्रमुख विशेषताएं: 45 दिन की निःशुल्क टाइपिंग ट्रेनिंग

Web Designing का 1 महीने का फ्री स्पेशल ऑफर कोर्स

डाटा एंट्री ऑपरेटर, पुलिस व अन्य सरकारी नौकरियों के लिए विशेष तैयारी

20 किमी से अधिक दूरी से आने वाले छात्रों के लिए कोचिंग शुल्क निःशुल्क

स्कूल, कॉलेज व सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रवेश की सुविधा

फीस संरचना भी मेरिट आधारित: छात्रों के अंकों के अनुसार उनकी मासिक फीस तय की जाती है, जिसमें 50 में से 41 से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को फ्री शिक्षा दी जाती है।

प्रवेश शुल्क:

DEO: ₹1200

DCA: ₹2000

PGDCA: ₹3000

साथ ही, हर रविवार को प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। PDF नोट्स और MCQ प्रैक्टिस सेट भी छात्रों को उपलब्ध कराए जाते हैं।

संस्थान का पता:

गोवर्नमेंट कॉलेज से 400 मीटर की दूरी पर, तहसील ऑफिस के सामने, मैन रोड, सरायपाली।

संपर्क करें:

📞 +91 7772970234

📧 purushottamchoudhary234@gmail.com

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