छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्राप्त आवेदनों की हुई सुनवाई तीन प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्राप्त आवेदनों की हुई सुनवाई तीन प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया

छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग रायपुर में आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद, उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकान्ति वर्मा एवं सचिव तथा सहायक अनुसंधान अधिकारी की उपस्थिति में आयोग को प्राप्त विभिन्न शिकायत प्रकरणों पर सुनवाई संपन्न हुई।

इस दौरान आवेदक हेमंत कुमार साहू एवं पटवारी श्री प्रशांत कुमार सोनी उपस्थित हुए, जिसमें पटवारी द्वारा तहसील स्तर का जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस पर आयोग अध्यक्ष द्वारा भूमि जांच के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार आवेदक श्री लिलेश्वर देवांगन के प्रकरण में अनावेदक के बार-बार अनुपस्थित रहने पर आयोग ने सामाजिक स्तर पर समाधान हेतु आवेदक को निर्देशित किया। वहीं आवेदक श्री यशवंत कुमार साहू के प्रकरण में, अनावेदक आयुक्त, नगर निगम कोरबा की उपस्थिति में यह जानकारी दी गई कि मामला माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है, अतः प्रकरण को आयोग स्तर से नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य मामले में आवेदक श्री रामगोपाल साहू द्वारा कोर्ट की अवमानना की जानकारी देने पर आयोग ने उक्त प्रकरण को भी नस्तीबद्ध किया। श्री डुलेश्वर मटियारा एवं सह सचिव, नगर निगम दुर्ग की उपस्थिति में, अनावेदक ने आगामी तिथि की मांग की, जिसे स्वीकार किया गया। भेष कुमार साहू के प्रकरण में, आईसीआईसीआई होम फाइनेंस के अधिवक्ता उपस्थित हुए, किन्तु आवेदक की बार-बार अनुपस्थिति के चलते प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया। वहीं श्रीमती महेश्वरी साहू की शिकायत पर आवेदिका उपस्थित हुईं एवं अपना बयान प्रस्तुत किया, जबकि अनावेदक की अनुपस्थिति के कारण उन्हें पुनः आहूत करने के निर्देश दिए गए। नरेश कुमार धीवर एवं गजराज सिंह देशमुख के प्रकरणों में, क्रमशः आवेदक एवं अनावेदकों की अनुपस्थिति पर आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

आयोग ने सभी प्रकरणों की सुनवाई निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न की तथा आवश्यकतानुसार आगामी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।

 

छत्तीसगढ़: धोधा विद्युत उपकेन्द्र की क्षमता में वृद्धि 10 ग्रामों के 4233 उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

छत्तीसगढ़: धोधा विद्युत उपकेन्द्र की क्षमता में वृद्धि 10 ग्रामों के 4233 उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम धोधा स्थित 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। यहां लगभग 73 लाख रुपए की लागत से 3.15 एम.वी.ए. अतिरिक्त नया पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है, जिससे अब इस उपकेन्द्र की कुल क्षमता 6.30 एम.वी.ए. हो गई है। सीएसपीडीसीएल राजनांदगांव के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट द्वारा इसे चार्ज किया गया।

यह अधोसंरचनात्मक कार्य किसानों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और लोड शेडिंग की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व में इस उपकेन्द्र में एकमात्र 3.15 एम.वी.ए. ट्रांसफॉर्मर स्थापित था, जो विशेषकर धान की फसल के सीजन में अत्यधिक लोड के चलते ओवरलोड हो जाता था, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होती थी। अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर की स्थापना से गुणवत्तापूर्ण, स्थिर वोल्टेज पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि यह कार्य मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना की मंशानुरूप ग्रामीण अंचलों में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में किया गया है। उन्होंने इसे किसानों के हित में लिया गया निर्णय बताते हुए कहा कि अतिरिक्त क्षमता जुड़ने से अब विद्युत आपूर्ति अधिक सुचारू होगी और उपभोक्ताओं को रात्रिकालीन सिंचाई एवं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में सुविधा मिलेगी।

उक्त उपकेन्द्र से ग्राम छिराहीडीह, मजगांव, बाबूर, गोखना, पर्थरा, भुरभुसी, धोधा, बिरनपुरकला, कालेगोंडी एवं हनईबंद के कुल 4233 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ प्राप्त होगा। श्री सेलट ने विभाग के अधिकारियों और तकनीकी टीम को इस कार्य के सफल संपादन हेतु बधाई दी।

 

छत्तीसगढ़ : स्कूल शिक्षा विभाग में 1227 व्याख्याताओं की पदोन्नति, अब तक 7000 से अधिक पदोन्नति आदेश जारी

छत्तीसगढ़ : स्कूल शिक्षा विभाग में 1227 व्याख्याताओं की पदोन्नति, अब तक 7000 से अधिक पदोन्नति आदेश जारी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में निरंतर सुधार और शिक्षक समुदाय के हित में त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 23 जुलाई 2025 को विभिन्न विषयों के 1227 व्याख्याता (टी संवर्ग) शिक्षकों को पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। इन व्याख्याताओं की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी। इन विषयों में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे मुख्य विषय शामिल हैं। यह निर्णय सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत राज्य के शिक्षकों को उनके कार्य, वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर समय पर पदोन्नति और अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला एवं संभाग स्तर पर लगभग 7000 पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही संपन्न की गई है। इसके साथ ही, 2621 सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) की सीधी भर्ती काउंसिलिंग के माध्यम से की गई, जिससे स्कूलों में प्रयोगात्मक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

इससे पूर्व दिनांक 30 अप्रैल 2025 को लगभग 2900 प्राचार्यों के पदोन्नति आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में पदोन्नत टी संवर्ग के प्राचार्यों की पदस्थापना भी काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और स्थान-आवश्यकता के आधार पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

ई संवर्ग के प्राचार्यों का प्रकरण माननीय न्यायालय में लंबित है।  माननीय न्यायालय के निर्णयानुसार समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

 

सरायपाली/ग्राम भीखापाली में मारपीट प्रकरण: दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

सरायपाली/ग्राम भीखापाली में मारपीट प्रकरण: दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

महासमुंद थाना सरायपाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भीखापाली में दो पक्षों के बीच विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया, जिसके चलते दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना 22 जुलाई की रात लगभग 11 बजे की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भीखापाली निवासी रंजन जांगड़े ने शिकायत दर्ज कराई कि वह गांव के उपसरपंच हैं और त्यौहार संबंधी मीटिंग के बाद अपने साथी शान्तनु पटेल को ग्राम कोकड़ी छोड़ने जा रहे थे। इस दौरान गांव में अनुप कुमार भोई और धीरज मरकाम ने रास्ते में अपनी ब्रेजा कार खड़ी कर दी थी। वाहन हटाने की बात कहने पर दोनों ने रंजन को गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दी और हाथ मुक्कों से मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया कि लात मारकर प्राइवेट पार्ट में चोट पहुंचाई गई, जिससे उन्हें गंभीर दर्द हुआ।

वहीं दूसरी ओर, अनुप कुमार भोई ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि जब वे रात को सांकरा से एसी फिटिंग का काम कर वापस लौट रहे थे, तब रास्ते में एक वाहन खड़ा होने से ट्रैफिक बाधित हुआ। इसी दौरान रंजन जांगड़े और उनके साथी भदरथी ने उनके साथ गाली गलौच करते हुए मारपीट की। अनुप कुमार ने आरोप लगाया कि मारपीट से उनकी बाई आंख में गंभीर चोट आई है और दिखाई देना बंद हो गया है। साथ ही दाहिने हाथ की कलाई में भी चोट पहुंची है।

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर केस क्रमांक 0186/25 और 0187/25 दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 3(5), और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ : नैनो डीएपी से किसानों को प्रति एकड़ 75 रूपए का फायदा अब तक 3 लाख बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण

छत्तीसगढ़ : नैनो डीएपी से किसानों को प्रति एकड़ 75 रूपए का फायदा अब तक 3 लाख बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण

किसानों को नैनो डीएपी का इस्तेमाल करने के तरीके बताए गए, डेमोस्ट्रेशन भी दिए

चालू खरीफ मौसम में खेती किसानी के लिए ठोस डीएपी खाद की कमी को पूरा करने सरकार ने वैकल्पिक खादों की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की है। नैनो डीएपी इसका एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। तरल नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों  को प्रति एकड़ धान की फसल में 75 रूपए का फायदा भी हो रहा है। राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश में इफको कंपनी द्वारा 3 लाख 5 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण कराया गया है। इसमें से डबल लॉक केंद्रों में 82 हजार 470 बोतल, प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों में अब तक 1 लाख 41 हजार 389 बोतल और निजी क्षेत्र में 48 हजार बोतल तरल नैनो डीएपी भंडारित है। इफको कंपनी के पास अभी भी 33 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी शेष बचा है। नैनो डीएपी की आधा लीटर की बोतल सहकारी समितियों में 600 रूपए की दर पर किसानों के लिए उपलब्ध है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की एक एकड़ फसल में लगने वाली 50 किलो ठोस डीएपी खाद के स्थान पर आधी मात्रा केवल 25 किलो ठोस डीएपी और आधा लीटर की एक बोतल नैनो तरल डीएपी ही पर्याप्त होता है।  एक 50 किलो की ठोस डीएपी की बोरी का रेट 1 हजार 350 रूपए है। जिसकी तुलना में नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को प्रति एकड़ 75 रूपए का फायदा हो रहा है। किसान 25 किलो ठोस डीएपी के साथ आधा लीटर नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। जो कि एक बोरी ठोस डीएपी के बराबर पोषण देता है।

नैनो डीएपी के लिए किसानों को किया गया जागरूक, डेमो देकर इस्तेमाल के तरीके भी सिखाए गए,

राज्य सरकार ने ठोस डीएपी की कमी से किसानों को होने वाली असुविधा को समय रहते समझकर नैनो डीएपी के उपयोग के लिए किसानों को तेजी से जागरूक करने अभियान चलाया। कृषि विभाग के मैदानी अमले, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की सहायता से किसानों को ठोस डीएपी के साथ नैनो डीएपी का खेतों में इस्तेमाल करने के तरीके बताए गए। कृषि चौपालों और विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को डेमोस्ट्रेशन देकर नैनो डीएपी का उपयोग करने के बारे में जानकारी दी गई है। कृषि विभाग द्वारा नैनो डीएपी से संबंधित पॉम्पलेट, बैनर, पोस्टर भी सहकारी समितियों में चस्पा कराए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा निरंतर खेतों का भ्रमण किया जा रहा है और किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग और उसके फायदों के बारे में बताया जा रहा है। इससे किसानों पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं।

 

 

सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में दुकान के सामने युवक से गाली-गलौज और चप्पल से मारपीट, तीन पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज

सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में दुकान के सामने युवक से गाली-गलौज और चप्पल से मारपीट, तीन पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज

सिंघोड़ा, महासमुंद, 23 जुलाई 2025।थाना सिंघोड़ा क्षेत्र के खरखरी गांव में दुकान के सामने गाली-गलौज कर चप्पल व थप्पड़ से मारपीट करने, दुकान में तोड़फोड़ तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रार्थी निखिल प्रधान (उम्र 17 वर्ष) द्वारा थाना सिंघोड़ा में एक लिखित शिकायत दी गई, जिस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना दिनांक 19 जुलाई 2025 की शाम की है, जब निखिल प्रधान अपने दुकान के पास मौजूद था। तभी पास की दुकान चलाने वाला संदीप विशाल अचानक आकर निखिल से झगड़ा करने लगा और दुकान जलाने का आरोप लगाते हुए गंदी-गंदी गालियां देने लगा। कुछ ही देर में संदीप के भाई प्रदीप विशाल और पिता बंशीधर विशाल भी मौके पर पहुँच गए और तीनों ने मिलकर डेली नीड्स की दुकान में तोड़फोड़ करते हुए निखिल के साथ मारपीट शुरू कर दी।

प्रार्थी निखिल प्रधान ने बताया कि मारपीट के दौरान गाल, पीठ, कान व हाथ पर थप्पड़ और चप्पल से वार किया गया। गला दबाने की कोशिश की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इस दौरान जब उसका भाई चंद्र प्रधान बीच-बचाव करने आया तो उसे भी मारा गया। घटना को गांव के ही लोकेश्वर प्रधान और मनोज प्रधान ने देखा और बीच-बचाव कर पीड़ितों को छुड़ाया।

थाना सिंघोड़ा पुलिस ने इस मामले में आरोपियों बंशीधर विशाल, संदीप विशाल और प्रदीप विशाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296 (गाली गलौच), 115(2) (जान से मारने की धमकी), 351(2) (मारपीट), और 3(5) (अन्य आपराधिक कृत्य) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बलौदाबाजार : 24 लीटर शराब एवं 400 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

बलौदाबाजार : 24 लीटर शराब एवं 400 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में शराब के अवैध कारोबार पर कड़ाई से रोक लगाने और इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए जांच पड़ताल का सघन अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में बलौदाबाजार वृत्त के अंतर्गत थाना बलौदाबाजार क्षेत्र के ग्राम सुढ़ेली में आबकारी विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी धन्नू भारती पिता मेहतर के कब्जे से 24 बल्क लीटर महुआ शराब एवं 400 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया गया। जब्त महुआ शराब का बाजार मूल्य लगभग 4,800 रुपये तथा महुआ लाहन का अनुमानित मूल्य लगभग 24,000 रुपये है। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया एवं न्यायालयीन अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की दी शुभकामनाएँ

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है।

श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।

 

महासमुंद /अनुशासनहीनता पर सख्ती : विद्यालय निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों को जारी किया गया शोकॉज नोटिस

महासमुंद/अनुशासनहीनता पर सख्ती : विद्यालय निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों को जारी किया गया शोकॉज नोटिस

महासमुंद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू द्वारा आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खल्लारी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रारंभ होने का समय प्रातः 10ः00 बजे होते हुए भी विद्यालय के सात व्याख्याता समय पर उपस्थित नहीं पाए गए।

विद्यालयीन व्यवस्था की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी द्वारा स्वयं प्रार्थना सत्र संपन्न कराया गया। निरीक्षण में प्रभारी प्राचार्य सविता चंद्राकर सहित व्याख्याता सुमन चंद्राकर, भूषण सिरमौर, लक्ष्मीधर चंद्राकर, पूरी हरपाल, सरोज सिंह मर्सकोले, वेणुका साहू, ग्रंथपाल राजेन्द्र चौहान तथा व्यावसायिक शिक्षक सुभाष साहू अनुपस्थित पाए गए। अनुशासनहीनता एवं समय पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बागबाहरा द्वारा उपरोक्त सभी शासकीय सेवकों को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए 3 दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। निरीक्षण उपरांत अनुविभागीय अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि विकासखंड अंतर्गत संचालित सभी शासकीय विद्यालयों में समय पालन एवं शिक्षकीय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सतत निरीक्षण व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभारी प्राचार्य नियमित रूप से विद्यालयीन गतिविधियों की निगरानी करें तथा अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल शोकॉज नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित करें। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं शैक्षणिक अनुशासन की बहाली के लिए प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी इस प्रकार के निरीक्षण किए जाते रहेंगे तथा शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। कार्यवाही में तहसीलदार नितिन ठाकुर उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ / आयोग में मानव तस्करी से जुड़ा मामला सुना गया. जांच का दिया गया आदेश / आयोग की समझाईश पर अनावेदक ससुर अपने विधवा बहू और बच्चों के भरण-पोषण के लिए 10 किलो चांदी व 1 दुकान की व्यवस्था करेगा

छत्तीसगढ़ / आयोग में मानव तस्करी से जुड़ा मामला सुना गया. जांच का दिया गया आदेश / आयोग की समझाईश पर अनावेदक ससुर अपने विधवा बहू और बच्चों के भरण-पोषण के लिए 10 किलो चांदी व 1 दुकान की व्यवस्था करेगा

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छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं दीपिका शोरी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न संबंधित शिकायतों की सुनवाई की।
एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसके पति की मृत्यु आगजनी में हुई थी। जिसके बाद वह अपने 02 बच्चों के पालन-पोषण व जीवन-यापन के लिये संघर्षरत् है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक पक्ष सुलहनामे के लिए तैयार है। अनावेदक पक्ष आवेदिका को उसके जीवन यापन और रोजगार के लिये उसके पति का सामान और राशि आदि देने के लिये तैयार है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक सहमति जताते हुए आवेदिका को 10 किलो चांदी एवं 1 दुकान की व्यवस्था करेगा। जिससे आवेदिका अपनी ईच्छा से व्यापार कर सकेगी। इस प्रकरण को निगरानी हेतु रखा गया। दोनो पक्षों की सहमति पर प्रकरण समाप्ता किया जावेगा।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदकगणों ने उसकी पुत्री को अवैध रूप से अपने घर में रख रखा है। आवेदिका की बेटी 22 वर्ष की है जिसके लिए अनावेदकगणों ने यह बात फैलायी है कि उसकी बेटी समलैंगिक है और आवेदिका को अपनी बेटी से मिलने से भी रोक लगा रखा है। आवेदिका की शिकायत गंभीर प्रकृति की है। आवेदिका ने बताया कि अनावेदगणों के घर में 6-7 महीने में जवान लड़किया आती है फिर कहा जाती है इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है।

आयोग ने कहा कि आवेदिका की शिकायत को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है क्योंकि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में अनावेदकगणो की पुलिस द्वारा जांच कराया जाना आवश्यक है। आवेदिका की पुत्री को सखी प्रशासिका रायपुर के सुपूर्द कर निर्देश दिया गया कि वह आवेदिका की पुत्री का मेडिकल प्रशिक्षण करावाकर रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करेंगे साथ ही आवेदिका की पुत्री को सुरक्षा की दृष्टि से नारी निकेतन रखा जायेगा क्योकि वह अपनी मां के साथ घर जाने को तैयार नहीं है जवान लडकी को असुरक्षित नहीं छोडा जा सकता है। आवेदिका स्वयं भी सुरक्षा की दृष्टि से अपनी बेटी को नारी निकेतन में रखवाना चाहती है। आयोग ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर साइबर थाने से इसकी जांच करवायी जायेगी ताकि स्पष्ट हो सके कि अनावेदकगण क्या वास्तव में जवान लडकियों को आश्रय देकर अवैध कारोबार तो नहीं कर रहे है। इसकी जांच पुलिस के माध्यम से करवायी जायेगी।

अन्य एक प्रकरण में आवेदिका ने शिकायत दर्ज करवायी है

कि आवेदिका का पति जो शासकीय सेवा में शिक्षक के पद पर कार्यरत् है और आये दिन शराब पीकर मारपीट करता है व आवेदिका का चरित्रहनन करता है। अनावेदक शासकीय स्कूल पूर्व माध्यमिक शाला बलौदाबाजार में कार्यरत् है। उसे 72 हजार रू. मासिक वेतन प्राप्त होता है। अनावेदक ने आवेदिका को मारपीट कर घर से निकाल दिया है और कोई भरण-पोषण आवेदिका को नहीं देता है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक आवेदिका को प्रतिमाह 15 हजार रू. भरण-पोषण देने के लिए तैयार हुआ। दोनो पक्ष सुलहनामे के लिए तैयार हुए। प्रकरण की निगरानी आयोग के काउंसलर द्वारा की जावेगी।

आज के एक प्रकरण के दौरान आवेदिका ने बताया कि आवेदिका के पति ने आवेदिका से बिना तलाक लिए दूसरा विवाह कर लिया है। आवेदिका व अनावेदक (पति) की तीन बेटिया है। अनावेदक के दूसरे विवाह से भी उसके दो बच्चे एक पुत्र व एक पुत्री है। वर्तमान में अनावेदक पूर्व माध्यमिक शाला, उसलापुर में शिक्षक एल.बी. के पद पर कार्यरत् है। उसे 18 वर्ष की सेवा में 50 हजार रू. मासिक वेतन प्राप्त होता है।आयोग के समक्ष अनावेदक (पति) से पूछे जाने पर उसने साफ इकार कर दिया और अपने दूसरी पत्नी के बच्चों को भी पहचानने से इंकार कर दिया, लेकिन दूसरी महिला के बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट में अनावेदक का नाम दर्ज होने से यह स्पष्ट हो गया कि अनावेदक झूठ बोल रहा है और दूसरी महिला व संतान होने की बात को छिपा रहा है। अनावेदक (पति) शिक्षक होने के बावजूद आवेदिका से तलाक लिये बगैर 2019 से दूसरा विवाह कर रखा है। आयोग के पूछे जाने पर कि अनावेदक के सर्विस रिकॉर्ड में आवेदिका और बच्चों का नाम है या नहीं?” अनावेदक का कथन है कि नहीं मालूम मेरे सर्विस रिकॉर्ड में किसका नाम दर्ज है।” चूंकि अनावेदक सभी बातों से स्पष्ट इंकार कर रहा है, इस हेतु आयोग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली, जिला कलेक्टर मुंगेली को पत्र प्रेषित कर अनावेदक के सर्विस बुक की प्रमाणित प्रतिलिपि मंगाया जायेगा। पुलिस अधीक्षक को दूसरी महिला को आगामी सुनवाई में आवश्यक रूप से उपस्थित कराये जाने का पत्र भेजा जावेगा जिससे प्रकरण का निराकरण किया जा सके व आवेदिका को अपने व अपने बच्चों के पालन-पोषण में कोई समस्या ना हो।