महासमुंद/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले में 31 जुलाई 2025 तक बीमा कराने की अंतिम तिथि

महासमुंद/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले में 31 जुलाई 2025 तक बीमा कराने की अंतिम तिथि

पोर्टल अपडेट व डाटा प्रविष्टि हेतु प्रशिक्षण संपन्न

महासमुंद/ खरीफ वर्ष 2025 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले में ग्राम स्तर पर धान (सिंचित/असिंचित), मक्का, सोयाबीन तथा राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। संबंधित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित है। किसानों की समय पर पंजीयन एवं सही डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए आज उप संचालक कृषि महासमुंद के प्रशिक्षण हाल में वित्तीय संस्थाओं, बैंक शाखाओं, सी.एस.सी., लैम्पस, समितियों के प्रबंधकों तथा डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान फसल बीमा पोर्टल में कृषक विवरण की सफल प्रविष्टि, प्रीमियम कटौती प्रक्रिया, अधिसूचित फसलों का चयन, त्रुटि सुधार एवं पोर्टल पर आंशिक अपडेट की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी गई। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, पंडरी (रायपुर) से आए बीमा प्रतिनिधियों, सहायक प्रबंधक श्रीमती अनुराधा ठाकुर एवं सहायक प्रबंधक श्री आशुतोष ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को व्यवहारिक डेमो के साथ प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक महासमुंद श्री अविनाश शर्मा, कृषि विकास अधिकारी श्री मनोज पटेल, जिला समन्वयक बीमा कंपनी महासमुंद श्री रंजीत कुमार साहू तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री योगेश कुमार चन्द्राकर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी संबद्ध संस्थाओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकाधिक किसानों का बीमा कराने की अपील की।

महासमुंद जिले में आधार पंजीयन हेतु चयनित ऑपरेटरों को अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण करने निर्देशित

महासमुंद जिले में आधार पंजीयन हेतु चयनित ऑपरेटरों को अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण करने निर्देशित

महासमुन्द मुख्य कार्यपालन अधिकारी, चिप्स, रायपुर द्वारा जारी निर्देशानुसार आधार पंजीयन कार्य इन-हाउस मॉडल के अंतर्गत संचालित किया जाना है। इसी क्रम में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, महासमुन्द द्वारा आधार केन्द्र संचालन के लिए चयन प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यालयवार चयन एवं प्रतीक्षा सूची जारी की गई है।

निर्देशानुसार, चयनित अभ्यर्थियों को नियमानुसार अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा। अनुबंध पत्र के साथ एक लाख पचास हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा, जो भारतीय स्टेट बैंक शाखा महासमुन्द में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के खाता क्रमांक 33215336104 के नाम देय होगा। प्रतीक्षा सूची को एक वर्ष के लिए वैध माना गया है। यदि चयनित अभ्यर्थी कार्य करने में असमर्थ रहते हैं या यू.आई.डी.ए.आई. द्वारा निलंबित अथवा बर्खास्त किए जाते हैं, तो प्रतीक्षा सूची के अनुसार अन्य पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

चयनित अभ्यर्थियों को दिनांक 29 जुलाई 2025 को अपरान्ह 05ः00 बजे तक कलेक्टर कार्यालय महासमुन्द के कक्ष क्रमांक 22 में स्वयं उपस्थित होकर अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

महासमुंद/आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 को परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े एवं चप्पल पहनना अनिवार्य

महासमुंद/आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 को परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े एवं चप्पल पहनना अनिवार्य

कान का आभूषण, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट एवं टोपी प्रतिबंधित

छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई रविवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाइट अलंचंउमहण्महेजंजमण्हवअण्पद से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए एसएमएस के यूआरएल से भी प्रवेश पत्र प्राप्त किया जा सकता है।

व्यापम ने परीक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। वहां पहचान पत्र से सत्यापन और फ्रिस्किंग के बाद ही प्रवेश के बाद किसी को भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थी परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने परीक्षा केंद्र की स्थिति देख लें। प्रवेश पत्र डाक से नहीं भेजा जाएगा। परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र का प्रिंट आउट साथ लाना अनिवार्य है। किसी भी परेशानी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 और श्री अजय राजा के मोबाइल नंबर 88788-44400 पर सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। परीक्षा में फोटो युक्त मूल पहचान पत्र अनिवार्य है। इसमें मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, विद्यालय का फोटो युक्त परिचय पत्र फोटो कॉपी मान्य नहीं होगी। बिना मूल पहचान पत्र के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।

इसी तरह परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आना होगा। चप्पल पहनना अनिवार्य है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना मना है। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले और समाप्ति के आधा घंटा पहले तक परीक्षा केंद्र से बाहर जाना वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 10.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए परीक्षा का समय बदला गया है। अब यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक होगी। पहले परीक्षा का समय सुबह 10 बजे था। कई परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाते थे। इसी कारण व्यापम ने समय में बदलाव किया है।

महासमुंद राजस्व विभाग द्वारा अवैध निर्माण पर प्रशासन की सख्ती, शासकीय वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

महासमुंद अवैध निर्माण पर प्रशासन की सख्ती, शासकीय वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

महासमुंद,  राजस्व विभाग द्वारा आज महासमुंद नगर के बी टी आई रोड स्थित शासकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को सख्ती से हटाया गया। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वन प्रशिक्षण केंद्र के समीप शासकीय भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था। मौके की जांच उपरांत इसे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल, नायब तहसीलदार श्री मोहित अमिला एवं आरआई श्री मनीष श्रीवास्तव सहित राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण सहन नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ / 500 रूपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि जानिए कैसे और किनको मिलेगा ये राशि

छत्तीसगढ़ / 500 रूपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि जानिए कैसे और किनको मिलेगा ये राशि

श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने हेतु राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना तथा मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत विद्यार्थियों को 500 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसके लाभ के लिए पंजीकृत श्रमिक परिवार के बच्चे, निर्धारित पात्रता अनुसार च्वाइस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या जनपद पंचायतों में संचालित श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों को मिलेगा, जिनके श्रमिक पंजीयन 90 दिन से अधिक पुराना है।

मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल से पंजीकृत श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 1 ली से 5वीं तक के छात्र को 1000 रूपए, छात्रा को 1500 रूपए, कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र को 1500 रूपए, छात्रा को 2000 रूपए, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र को 2000 रूपए, छात्रा को 3000 रूपए, स्नातक/डिप्लोमा के छात्र को 3000 रूपए, छात्रा को 4000 रूपए, स्नातकोत्तर के छात्र को 5000 रूपए, छात्रा को 6000 रूपए की छात्रवृत्ति दी जाती है।

असंगठित कर्मकार मंडल के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के कक्षा 1 पहली से 5वीं तक के छात्र को 500 रूपए, छात्रा को 750 रूपए, कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र को 750 रूपए, छात्रा को 1000 रूपए, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र को 1000 रूपए, छात्रा को 1500 रूपए, स्नातक/डिप्लोमा के छात्र को 1500 रूपए, छात्रा को 2000 रूपए, स्नातकोत्तर के छात्र को 2500 रूपए, छात्रा को 3000 रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र को 5000 रूपए, छात्रा को 5500 रूपए की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है।

इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश मेरिट सूची के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि तथा शिक्षा एवं दोपहिया वाहन हेतु एक रूपए लाख रूपए की अतिरिक्त सहायता श्रम विभाग द्वारा प्रदान की जाती है।

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला’

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला’

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण योजना) के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए, जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित हैं या जिनकी देखरेख और शिक्षा में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, यह योजना आर्थिक सहारा बन रही है।

कोरबा जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अब तक 122 बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इन सभी बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके अभिभावकों या संरक्षकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि बच्चों के पोषण, देखरेख, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहयोग कर रही है।

जिला प्रशासन के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में और जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी की देखरेख में स्पॉन्सरशिप कमेटी की सक्रिय भूमिका से जरूरतमंद बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजना से जोड़ा गया है।

यह योजना किशोर न्याय अधिनियम और आदर्श नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत और गैर-संस्थागत सेवाएं प्रदान की जाती हैं। कोरबा जिले में गैर-संस्थागत सेवाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को उनके परिवार या संरक्षकों के साथ रहकर बेहतर जीवन की दिशा में अग्रसर करने का प्रयास किया जा रहा है।

कलेक्टर कोरबा ने अपील की है कि समाज के सभी नागरिक यदि अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी रखते हैं जिन्हें देखरेख, संरक्षण या शिक्षा की आवश्यकता है और जो माता-पिता से वंचित हैं, तो उन्हें बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष प्रस्तुत करें। राज्य सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा सिर्फ माता-पिता की अनुपस्थिति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए। स्पॉन्सरशिप योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के संवेदनशील दायित्व की पूर्ति की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की संतप्त परिजनों से की मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की संतप्त परिजनों से की मुलाकात

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

 

रायपुर / कन्या और कृषि महाविद्यालय शिशुपाल पर्वत, भालूडोंगर और निशा घाटी को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग – मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट

रायपुर / कन्या और कृषि महाविद्यालय शिशुपाल पर्वत, भालूडोंगर और निशा घाटी को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग – मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट

रायपुर/सरायपाली आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय मुलाकात हुई। इस अवसर सरला कोसरिया पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जी से सरायपाली क्षेत्र के विविध विकास संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री जी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान संगठन में साथ किए गए कार्यों को स्मरण करते हुए आत्मीय संवाद किया। उन्होंने सरायपाली क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण समस्याओं, मूलभूत सुविधाओं के अभाव और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य हेतु योजनाओं पर गंभीरता से विचार किया।

भेंट के दौरान क्षेत्र के लिए कन्या महाविद्यालय, कृषि महाविद्यालय और सेंट्रल लाइब्रेरी (नालंदा परिसर) की स्थापना की मांग की गई। साथ ही शिशुपाल पर्वत मेला स्थल, भालूडोंगर रथ स्थल तथा आदिवासी समाज की बलिदान स्थली निशा घाटी को आधिकारिक रूप से पर्यटन स्थल घोषित किए जाने का अनुरोध किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी मांगों को सकारात्मक रूप से लेते हुए यथाशीघ्र स्वीकृति देने का आश्वासन दिया और कहा कि क्षेत्र के विकास में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

इस भेंट ने न केवल सरायपाली क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

महासमुंद/प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जिले के 20357 हितग्राहियों को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रुपए का हुआ भुगतान केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संवरता गायत्री का जीवन

महासमुंद/प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जिले के 20357 हितग्राहियों को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रुपए का हुआ भुगतान केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संवरता गायत्री का जीवन

 

महासमुंद, इमली भाठा, महासमुंद की रहने वाली गायत्री देवांगन एक साधारण लेकिन सजग महिला हैं, उनका जीवन और परिवार केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। वह न केवल एक कुशल गृहिणी हैं, बल्कि समाज की उन महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने योजनाओं की जानकारी लेकर उनका भरपूर लाभ उठाया और अपने परिवार को सशक्त बनाने की ओर कदम बढ़ाया।

गायत्री ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के अंतर्गत पहली बार माँ बनने पर 5,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त की। इस राशि का उपयोग उन्होंने प्रसव पूर्व पोषण और स्वास्थ्य जांच में किया, जिससे गर्भावस्था के दौरान बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सकी। इस योजना से उन्हें 5 हजार की सहायता दो किस्तों में प्राप्त हुई। इसी तरह राज्य सरकार की कौशल्या मातृत्व सहायता योजना के तहत गायत्री को दूसरी बार गर्भधारण पर अतिरिक्त सहायता राशि प्राप्त हुई। इस योजना से दूसरी बार गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया जाता है ताकि मातृ के दौरान आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। इससे उन्हें 6 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई।

राज्य सरकारी की महती योजना महतारी वंदन के तहत उन्हें हर महीने 1,000 की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, पोषण और रसोई खर्च जैसे छोटे-छोटे ज़रूरतें पूरी करती हैं। गायत्री मानती हैं कि यह योजना उनके परिवार की मासिक मदद बन गई है। दो बेटियों की मां गायत्री ने नोनी सुरक्षा योजना का लाभ उठाकर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का बड़ा कदम उठाया। बेटियों के जन्म के साथ ही उनके नाम पर नवजात कन्या सुरक्षा योजना के अंतर्गत 5 साल तक 5-5 हजार रुपए की राशि जमा की गई, जो उन्हें भविष्य में शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहारा देगी। 18 वर्ष के पश्चात एक लाख रुपए की राशि प्राप्त होगी।

गायत्री के पति एक वेल्डर हैं। आय सीमित होते हुए भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। गायत्री ने आंगनबाड़ी से जुड़कर न केवल पोषण और स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की, बल्कि अन्य महिलाओं को भी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। आज गायत्री का परिवार संतुलित पोषण, सुरक्षित मातृत्व और बालिका शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वे कहती हैं अगर हम योजनाओं की जानकारी लें और उनका सही उपयोग करें, तो कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं लगती।

उल्लेखनीय है कि महासमुंद जिले में विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित है जिसके अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को पहली किस्त में 3 हजार रूपये एवं दूसरी किस्त 2 हजार रूपये प्रसव के बाद व शिशु का टीकाकरण होने पर मिलता है। महिलाए एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिकवेन्द्र जटवार ने बताया कि जिले में सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है। योजनांतर्गत कुल 17075 हितग्राहियों के आवेदन के विरूद्ध 3282 बैकलाग हितग्राही सहित 20357 हितग्राहियों को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रूपये भुगतान किया गया है।

उन्होंने सत्रवार जानकारी देते हुए बताया कि जिले में योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में दर्ज 7330 हितग्राहियों के विरूद्ध 3627 हितग्राहियों को राशि भुगतान, वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज 8227 हितग्राहियों के विरूद्ध 14722 हितग्राहियों को राशि भुगतान एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में दर्ज 1518 हितग्राहियों के विरूद्ध 2008 हितग्राहियों को राशि भुगतान पी.एफ.एम.एस. से डी.बी.टी. के माध्यम से भुगतान किया गया है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से अथवा स्वयं अपना ऑनलाईन पंजीयन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।

बसना/मानसिक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी 24 जुलाई को अग्रवाल नर्सिंग होम में देंगे परामर्श

बसना/मानसिक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी 24 जुलाई को अग्रवाल नर्सिंग होम में देंगे परामर्श

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी सेंटर, बासना में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को लेकर एक महत्वपूर्ण चिकित्सा शिविर का आयोजन 24 जुलाई 2025, दिन गुरुवार को किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रसिद्ध मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी (WELLBOND हॉस्पिटल, रायपुर) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

इस स्वास्थ्य शिविर में डिप्रेशन, बेचैनी, घबराहट, चिंता, याददाश्त की कमी, नींद न आना, आत्महत्या के विचार, काम में मन न लगना, मानसिक थकावट, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं का विशेषज्ञ परामर्श और इलाज उपलब्ध रहेगा।

डॉ. त्रिवेदी शाम 6 से 7 बजे तक रोगियों की जांच एवं परामर्श देंगे।

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना।

समय: शाम 6 बजे से 7बजे तक।

मानसिक रोगों के लक्षणों की जानकारी भी पंपलेट के माध्यम से दी गई है, जिससे आम जनता को इन लक्षणों की पहचान करने और समय रहते इलाज लेने में मदद मिलेगी।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

📞 77708-68473 | 84618-11000