महासमुंद /सांकरा थाना क्षेत्र में भंडारे के दौरान मारपीट, जान से मारने की धमकी

महासमुंद /सांकरा थाना क्षेत्र में भंडारे के दौरान मारपीट, जान से मारने की धमकी

महासमुंद। सांकरा थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव में सामाजिक भंडारे के दौरान गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित कामदेव सिदार (59 वर्ष), पिता सेतराम सिदार, निवासी कंचनपुर, 23 जुलाई 2025 को गांव में आयोजित सामाजिक भंडारे में सब्जी बांट रहे थे। इस दौरान बोधराम चौहान ने अधिक सब्जी की मांग की, जिस पर मना करने से बोधराम चौहान, शुभराम चौहान और मुकेश चौहान ने एक राय होकर गाली-गलौज कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट की।

आरोप है कि बोधराम ने हाथ में डंडा लेकर हमला किया, जबकि शुभराम और मुकेश ने हाथ-मुक्कों से पीड़ित को मारा, जिससे उनके बाएं कान में चोट लगी और खून निकलने लगा। घटना के प्रत्यक्षदर्शी मानसिंग सिदार और मोहन सिदार ने बीच-बचाव किया।

पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: दिखी परंपरा और प्रगति की अनूठी झलक

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: दिखी परंपरा और प्रगति की अनूठी झलक

पारंपरिक-आधुनिक कृषि यंत्रों, लोक वेशभूषाओं की आकर्षक प्रदर्शनी

मुख्यमंत्री ने सराहा, बोले-हरेली प्रकृति के प्रति सम्मान का तिहार

रायपुर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता और कृषि परंपराओं का प्रतीक हरेली तिहार इस वर्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास परिसर में अत्यंत हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध विरासत, पारंपरिक कृषि यंत्रों, लोक परिधानों, खानपान और आधुनिक कृषि तकनीकों का समन्वय एक अद्भुत नजारे के रूप में सामने आया। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रंग-रूप में सजाया गया था, जहां ग्रामीण परिधान पहने अतिथि, कलाकार और आमजन लोक संस्कृति में रमे हुए नजर आए।

हरेली उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री निवास में परम्परागत और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण कर विभिन्न पारंपरिक यंत्रों और वस्तुओं का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में काठा, खुमरी, झांपी, कांसी की डोरी और तुतारी जैसे ऐतिहासिक कृषि उपकरणों को प्रदर्शित किया गया। कृषि विभाग द्वारा आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, जिसमें  नांगर, कुदाली, फावड़ा, रोटावेटर, बीज ड्रिल, पावर टिलर और स्प्रेयर जैसे यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। ‘काठा’ वह परंपरागत मापक है जिससे पुराने समय में धान तौला जाता था; ‘खुमरी’ बांस और कौड़ियों से बनी छांव प्रदान करने वाली टोपी है; ‘झांपी’ शादी-ब्याह में उपयोग होने वाली वस्तुएं रखने की बांस से बनी पेटी; ‘कांसी की डोरी’ खाट बुनने में काम आती है और ‘तुतारी’ पशुओं को संभालने में उपयोग होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि हरेली तिहार केवल पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे कृषि जीवन, पशुधन और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी किसानों, युवाओं और आमजनों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही। मुख्यमंत्री ने इन उपकरणों की जानकारी लेकर कृषि तकनीकी प्रगति की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ की खेती परंपरा और तकनीक के समन्वय से और भी अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनेगी। किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देकर हम राज्य की कृषि उत्पादकता को ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिक, किसान, छात्र और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कृषि नवाचार के अद्वितीय संगम को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, जो राज्य की समृद्ध परंपरा और विकासशील सोच का प्रतीक है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की खुशबू से सराबोर हरेली तिहार

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की खुशबू से सराबोर हरेली तिहार

छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्वादों से सजी रही पारंपरिक थाली

ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा और चौसेला में जीवंत की छत्तीसगढ़ी पाक शैली

रायपुर, छत्तीसगढ़ की धरती पर जब भी कोई त्योहार आता है, तो वह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं होता, बल्कि वह जीवनशैली, परंपरा, स्वाद और सामाजिक सौहार्द का पर्व बन जाता है। इसी श्रृंखला में प्रदेश के प्रमुख कृषि पर्व हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास में पारंपरिक स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया। प्रदेश की अतुलनीय पाक परंपरा को जीवंत करते हुए यहां आगंतुकों के स्वागत के लिए विशेष रूप से ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा और चौसेला जैसे दर्जनों पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी।

बांस की सूप, पिटारी और दोना-पत्तल में परोसे गए इन व्यंजनों ने न केवल स्वाद, बल्कि प्रस्तुतीकरण में भी लोकजीवन की आत्मा को उजागर किया। अतिथियों ने गर्मागर्म पकवानों का स्वाद लेते हुए राज्य की पारंपरिक पाककला की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं भी इन व्यंजनों का स्वाद चखा और कहा की  हरेली तिहार केवल खेती-किसानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी लोकसंस्कृति, हमारी परंपरा और आत्मीयता की अभिव्यक्ति है। इन पारंपरिक व्यंजनों में हमारी माताओं-बहनों की मेहनत, सादगी और स्वाद की समृद्ध परंपरा छिपी है, जो हमारी असली पहचान है। यह आयोजन न केवल हरेली पर्व की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि यह प्रमाणित करता है कि छत्तीसगढ़ की आत्मा उसकी मिट्टी, उसके स्वाद और उसकी परंपराओं में रची-बसी है।

इस अवसर पर परिसर का हर कोना छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सौंधी खुशबू से सराबोर था। कहीं ढोल-मंजीरों की थाप पर लोक नृत्य होते दिखे तो कहीं व्यंजनों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचती रही। परंपरागत वेशभूषा में सजे ग्रामीण कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को जीवंत और आत्मीय बना दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और आमजनों ने इस आयोजन को एक स्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव बताया।

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध

सरायपाली। क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अग्रवाल (MBBS, D. ORTHO) द्वारा विशेष परामर्श एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।

डॉ. अग्रवाल प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक एवं शाम 5 बजे से 7 बजे तक उपलब्ध रहते हैं। यहाँ घुटनों का दर्द, गठिया, लिगामेंट की चोट, दौड़ने या सीढ़ी चढ़ने-उतरने में घुटनों की समस्या, कंधे का जाम रहना (फ्रोजन शोल्डर) एवं जोड़ प्रत्यारोपण जैसी समस्याओं का सफलतापूर्वक उपचार किया जाता है।

ओम हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं इंश्योरेंस से इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही ओडिशा के मरीजों के लिए भी बीजू कार्ड की सुविधा दी जा रही है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हर गुरुवार को नि:शुल्क परामर्श शिविर आयोजित किया जाता है।

संपर्क हेतु: ओम हॉस्पिटल, सरायपाली (छ.ग.)

फ़ोन: 07725-299360

मोबाइल: 83700-08558

सरायपाली / नवोदय विद्यालय कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा 2026 हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई, परीक्षा 13 दिसंबर को

सरायपाली / नवोदय विद्यालय कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा 2026 हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई, परीक्षा 13 दिसंबर को

नवोदय विद्यालय समिति द्वारा कक्षा 6वीं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया जारी है। इच्छुक अभिभावक एवं विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाने का यह सुनहरा अवसर उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए है जो गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं ।

आवेदन की अंतिम तिथि – 29 जुलाई 2025

प्रवेश परीक्षा तिथि – 13 दिसंबर 2025 (शनिवार)

प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी का जन्म 1 मई 2014 से 31 जुलाई 2016 के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही, विद्यार्थी वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में अध्ययनरत होना चाहिए।

अभिभावकों से अनुरोध है कि वे समय रहते आवेदन करें ताकि उनके बच्चे इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पा सकें।

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम में यूरोलॉजी कैम्प – 25 जुलाई 2025 शाम 5 बजे से

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम में यूरोलॉजी कैम्प – 25 जुलाई 2025 शाम 5 बजे से

बसना (जिला महासमुंद)। अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में शुक्रवार 25 जुलाई 2025 को शाम 5 बजे से यूरोलॉजी कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस कैम्प में मूत्र एवं पथरी की जांच, परामर्श और ऑपरेशन की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

विशेषज्ञ डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh – यूरो सर्जन) द्वारा परामर्श व उपचार प्रदान किया जाएगा।

उपलब्ध सुविधाएं:

किडनी की पथरी का सम्पूर्ण इलाज एवं सर्जरी

प्रोस्टेट का इलाज एवं सर्जरी

किडनी में सूजन एवं सिकुड़न का इलाज

पुरुषों में बांझपन व नपुंसकता का उपचार

मूत्रनली में अवरोध या संक्रमण का इलाज

किडनी, प्रोस्टेट और टेस्टिस के कैंसर का इलाज

पेशाब में रुकावट, लीक होना या खून आने का उपचार

पीडियाट्रिक यूरोलॉजी सेवाएं

इमरजेंसी यूरोलॉजी सेवाएं – ट्रामा से लेकर किडनी में यूरिन ब्लॉकेज तक

जांच शुल्क: मात्र ₹700

राशन या आयुष्मान कार्ड द्वारा किडनी, मूत्र रोग, प्रोस्टेट व पथरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच पर 50% की छूट दी जाएगी।

पंजीकरण की अंतिम तिथि: 24 जुलाई 2025

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.) संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

सरायपाली/ शासकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चारभांठा को नेवता भोज

सरायपाली/ शासकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चारभांठा को नेवता भोज

शासकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चारभांठा, वि.ख.-सरायपाली, जिला -महासमुंद (छ.ग.) के लगभग 400 विद्यार्थी एवं समस्त कर्मचारियों को दिनांक 23.07.2025 दिन बुधवार को शाला प्रबंधन एवं विकास समिति चारभांठा के भूतपूर्व अध्यक्ष हेतराम नायक जी अपने माता स्व.श्रीमती नीलाबाई नायक जी के दशकर्म कार्यक्रम में पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत पूर्ण नेवता भोज दिया गया।

न्योता भोज में चावल , दाल, मिक्स सब्जी, पनीर सब्जी, पापड़, बड़ा, टमाटर चटनी, जलेबी एवं खीर इत्यादि व्यंजन परोसे गए, जिसे सभी ने बड़े स्वाद एवं श्रद्धा से ग्रहण किया। भोज उपरांत समस्त विद्यार्थी एवं कर्मचारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की तथा उनके परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। यह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता का उदाहरण बना, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता एवं संस्कारों की भावना को प्रबल किया।

महासमुंद सरायपाली / नकली सोना गिरवी रखकर 22 लाख का लोन, 10 खाताधारकों पर एफआईआर

महासमुंद सरायपाली / नकली सोना गिरवी रखकर 22 लाख का लोन, 10 खाताधारकों पर एफआईआर

इंडियन ओवरसीज बैंक की सरायपाली शाखा में बड़ा गोल्ड लोन फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक के वार्षिक ऑडिट में खुलासा हुआ कि 10 खाताधारकों ने नकली सोना गिरवी रखकर 22 लाख 86 हजार रुपए का लोन ले लिया। मामले को लेकर बैंक प्रबंधन ने सरायपाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

सरायपाली दैनिक भास्कर रिपोर्टर इरफ़ान शेख के अनुसार नकली सोने पर असली हॉलमार्क!
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, गिरवी रखे गए आभूषणों पर 22 कैरेट (916) का फर्जी हॉलमार्क अंकित था। इन गहनों की ऊपरी परत पर सोने की पॉलिश की गई थी, जबकि अंदर अन्य धातुएं पाई गईं। जांच में साफ हुआ कि इन गहनों को जानबूझकर नकली तरीके से तैयार कर बैंक को धोखा दिया गया।

मूल्यांकनकर्ताओं की भी भूमिका संदिग्ध
बैंक मैनेजर के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में आभूषण मूल्यांकन करने वाले गंगाधर पुष्टि (4 खातों के मूल्यांकनकर्ता) और सियाराम चौधरी की भूमिका भी संदिग्ध है। दोनों मूल्यांकनकर्ताओं ने नकली आभूषणों को असली बताकर स्वीकृति दी। इनकी लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध
सरायपाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। बैंक और पुलिस दोनों ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।

पुलिस और बैंक की सतर्कता से हुआ फर्जीवाड़ा उजागर
यह मामला इस बात की चेतावनी है कि गोल्ड लोन देते समय बैंक को मूल्यांकन प्रक्रिया में और अधिक सतर्कता बरतनी होगी। साथ ही फर्जी हॉलमार्क और नकली सोने की पहचान के लिए विशेषज्ञों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

महासमुंद / भाजपा नेता सस्ती लोकप्रियता पाने आंदोलन को उलटे चश्मे से देख रहे :- जफर

महासमुंद / भाजपा नेता सस्ती लोकप्रियता पाने आंदोलन को उलटे चश्मे से देख रहे :- जफर

सरायपाली – छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर प्रदेश भर में प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी चक्काजाम किया गया सरायपाली विधानसभा में भी कांग्रेसियों ने विधायक श्री चातूरी नंद जी के नेतृत्व में सैकड़ो की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्त्ताओ के मौजूदगी मे चक्कजाम को सफल बनाया।

लोकसभा अध्यक्ष कांग्रेस आईटी सेल सोसल मीडिया ज़फर उल्ला ने कहा की जीन भाजपा के नेताओं को चक्काजाम में भीड नजर नहीं आ रही उन नेताओं की आंखों में अभी भी भाजपा का उल्टा चश्मा लगा हुआ है!

ED और अडानी के खिलाफ नाकेबंदी पर भाजपा के पेट दर्द क्यों हो रहा शासकीय एजेंसियो का दुरुपयोग कर विपक्ष के नेताओं की आवाज को दबाने का कोशिश की जा रही जो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा हैं देश के संसद मे ज़ब ज़ब नेताप्रतिपक्ष श्री राहुल गाँधी जी अडानी का नाम लेते हैं तब तब सत्तापक्ष हंगामा कर आवाज को दबाने की कोशिश करती नजर आती हैं वही जब छत्तीसगढ़ विधानसभा मे कांग्रेस के विधायक सवाल करते हैं तो सत्तापक्ष का जवाब भ्रामक इधर उधर ताकझक करते नजर आते हैं तो वही ज़ब पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी विधानसभा के आखिरी दिन अडानी पर सवाल पूछते हैं तो उसी दिन ED की कार्यवाही हो जाति हैं!

महासमुंद कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ज़फर उल्ला ने कहा की अपनी खोई साख बचाने अब भाजपा नेता सरायपाली मे नाकेबंदी पर कांग्रेसजनों की संख्या गिर रहे इससे पता चलता हैं भाजपा के पास कोई काम नहीं बचा हैं कांग्रेस के चक्कजाम की सफलता इन्हे पच नहीं रही भाजपा नेत्री को चाहिए वो नगर पालिका मे हो रहे भ्र्ष्टाचार पर नजर उठा के देखे गौरव पथ ख़ामोशी कई सवाल खड़े करते हैं!

छत्तीसगढ़ : एक पेड़ लगाकर माँ को दे सम्मान- श्री दयाल दास बघेल

छत्तीसगढ़ : एक पेड़ लगाकर माँ को दे सम्मान- श्री दयाल दास बघेल

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने किया मातृत्व और पर्यावरण को समर्पित वृक्षारोपण

जनपद पंचायत परिसर, बेमेतरा में आज “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने इस भावनात्मक और पर्यावरणीय चेतना से परिपूर्ण मुहिम के तहत नीलगिरी के पौधे का रोपण किया गया, जो मातृप्रेम और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बना। उनके साथ जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमा दिवाकर, सभी जनपद सदस्यगण और आमजन ने भी इस पुनीत कार्य में भाग लेकर इस पहल को सार्थकता प्रदान की।

मातृत्व को समर्पित वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि समाज में मातृत्व के सम्मान को प्रकृति से जोड़ना है। यह पहल हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि जैसे माँ हमें जीवन देती है, वैसे ही पेड़ हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन), छांव, जल और संतुलित पर्यावरण प्रदान करते हैं। माँ और वृक्ष दोनों जीवनदाता हैं। नीलगिरी का पौधा, जो औषधीय गुणों से भरपूर और वायुमंडल को शुद्ध करने वाला वृक्ष है, इस मुहिम के लिए विशेष रूप से चयनित किया गया। यह न केवल वातावरण को स्वच्छ बनाने में सहायक होता है, बल्कि भूमि की उर्वरता को भी बढ़ाता है।

सामूहिक संकल्प: हर व्यक्ति लगाए एक पेड़ अपनी माँ के नाम

इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने लोगों से आग्रह किया कि वे भी इस अभियान से जुड़ें और कम से कम एक पौधा अपनी माँ के नाम पर अवश्य लगाएँ। यह कदम न केवल भावनात्मक श्रद्धांजलि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प भी है। सभी ने मिलकर “हरियाली बढ़ाओ, माँ का मान बढ़ाओ” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। एक पेड़ माँ के नाम” न केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम है, बल्कि यह एक आंदोलन है, मातृत्व के प्रति श्रद्धा और पर्यावरण के प्रति संवेदना का। यदि हर व्यक्ति अपनी माँ के नाम एक पेड़ लगाए, तो यह पृथ्वी और भावी पीढ़ियों के लिए सबसे सुंदर उपहार होगा।