छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज: अगले 5 दिनों तक बारिश के आसार, यलो अलर्ट जारी

 

रायपुर, 2 अगस्त 2025 | अमर उजाला नेटवर्क
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले पांच दिनों तक राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। खासकर सरगुजा संभाग में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून द्रोणिका इस समय श्रीगंगानगर से लेकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण 1.5 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है, जिससे प्रदेश में वर्षा की गतिविधि बढ़ने की आशंका है।

इन जिलों में यलो अलर्ट:
राज्य के जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया सहित 30 से अधिक जिले शामिल हैं।

राजधानी रायपुर में आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर तक कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम 26°C के आस-पास रहने की संभावना जताई है।

पिछले 24 घंटे की स्थिति:
राज्य के लगभग सभी संभागों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजनांदगांव में दिन सबसे गर्म रहा, जबकि सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों में ठंडक बनी रही।

प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और निचले इलाकों में जलभराव से सावधानी बरतने की अपील की है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे बारिश की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों में सावधानी बरतें।

छत्तीसगढ़ / 6500 दोषपूर्ण टैबलेट्स की खेप की आपूर्ति को रोका दवाइयों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

छत्तीसगढ़ / 6500 दोषपूर्ण टैबलेट

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है। 29 जुलाई 2025 को कोरबा स्थित सीजीएमएससी वेयरहाउस में कैल्शियम (एलिमेंटल) विद विटामिन D3 टैबलेट 500 एम जी (कोड: D85) की खेप पहुँची, जिसमें 65 बॉक्स यानी 6500 यूनिट टैबलेट्स शामिल थीं। यह आपूर्ति मेसर्स हेल्थी लाइफ फॉर्मा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई थी।

वेयरहाउस के कर्मचारियों ने प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान पाया कि टैबलेट्स पैक से बाहर निकालते समय टूट रही हैं, जो कि गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन था और मरीजों के लिए संभावित जोखिम भी। खासकर यह दवा गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरों और बुजुर्गों को दी जाती है, इसलिए इसकी गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सीजीएमएससी की “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी ऑन क्वॉलिटी” के तहत दवा को स्टॉक में शामिल नहीं किया गया और तुरंत मुख्यालय तथा गुणवत्ता नियंत्रण इकाई को सूचित किया गया। साथ ही, आपूर्तिकर्ता को दोषपूर्ण बैच को वापस लेने और नए बैच की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

सीजीएमएससी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक दवा बैच को स्टॉक में लेने से पहले जांचा जाता है और एनएबीएल प्रमाणित प्रयोगशालाओं में परीक्षण के उपरांत ही उन्हें वितरण के लिए स्वीकृत किया जाता है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर प्रमाणित किया कि राज्य की दवा आपूर्ति प्रणाली न केवल सतर्क है, बल्कि पारदर्शिता और मरीज सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध भी।

अंततः, 6500 यूनिट टैबलेट्स की इस खेप को मरीजों तक पहुँचने से पहले ही रोक लिया गया, जिससे सीजीएमएससी की विश्वसनीयता और सतर्कता एक बार फिर साबित हुई। गौरतलब है कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सीजीएमएससी की समीक्षा बैठक में कहा था कि आमजनों की सेहत को ध्यान में रखते हुए दवाइयों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

बसना / 46 किलो गांजा के साथ कार जब्त, आरोपी फरार बसना पुलिस की बड़ी कार्रवाई

 

महासमुंद, 2 अगस्त 2025:
जिले के बसना थाना क्षेत्र में पुलिस ने शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 46.6 किलो गांजा और एक लग्जरी कार जब्त की है। हालांकि, वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, बसना थाने के उप निरीक्षक बोधन दीवान अपने दल के साथ गश्त पर निकले थे। जब वे थाना के सामने शासकीय वाहन को खड़ा कर रहे थे, तभी हरियाणा नंबर (HR47 D 6022) की एक कार पुलिस को देखकर तेजी से खेमड़ा तालाब रोड की ओर भागी। संदेह होने पर पुलिस ने उसका पीछा किया। थोड़ी दूरी पर आरोपी कार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

वाहन की तलाशी के दौरान तीन प्लास्टिक बोरी में 46.6 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 9.20 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा आरोपी द्वारा छोड़ी गई कार की कीमत 9 लाख रुपये बताई जा रही है। इस प्रकार कुल 18.20 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

पुलिस ने गांजा को सीलबंद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। फरार आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पूरे मामले की जांच उप निरीक्षक बोधन दीवान कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक महासमुंद ने कहा है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

 

रायपुर सरायपाली / भाजपा सदस्यता अभियान में सरला कोसरिया को उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान, सीएम निवास में हुआ भव्य आयोजन

 

रायपुर, 2 अगस्त 2025:
मुख्यमंत्री निवास अटल नगर, रायपुर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी प्राथमिक सदस्यता अभियान 2024-25 के अंतर्गत उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान एवं सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया को सदस्यता अभियान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में भाग लेकर सम्मान प्राप्त करने के बाद श्रीमती कोसरिया ने कहा,
“सदस्यता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को सम्मानित किया जाना निश्चित ही मेरे लिए गौरव और खुशी का क्षण है। यह संगठन की समावेशी सोच और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”

उल्लेखनीय है कि यह पहला अवसर नहीं है जब श्रीमती सरला कोसरिया को संगठन द्वारा सम्मानित किया गया हो। वर्ष 2016 में भी भाजपा सदस्यता अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया था।

भाजपा संगठन और सामाजिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाली श्रीमती कोसरिया पार्टी की एक समर्पित और लोकप्रिय महिला नेत्री हैं। संगठन के प्रति उनकी ईमानदारी, निष्ठा, और परिश्रम ने उन्हें लगातार तीन बार भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बनने का अवसर दिया है। वर्तमान में वे भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सदस्यता अभियान में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती किरण सिंह देव, केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

उनकी संगठनात्मक सक्रियता, मृदुभाषी स्वभाव और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें क्षेत्र में अत्यधिक लोकप्रिय बनाया है, और यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का मूल्यांकन है, बल्कि संगठन की एकजुटता और प्रेरणा का भी प्रतीक है।

छत्तीसगढ़ : कौशल तिहार 2025: आठ साल बाद हुई कौशल प्रतियोगिताएं

रायपुर : कौशल तिहार 2025: आठ साल बाद हुई कौशल प्रतियोगिताएं

ढाई हजार से अधिक युवाओं ने दिखाई अपनी प्रतिभा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 288 का चयन मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा -युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने और आत्म निर्भर छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम

छत्तीसगढ़ में करीब 8 साल बाद युवाओं को अपना कौशल दिखाने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने इस साल कौशल तिहार 2025 के तहत् युवाओं को यह मौका दिया है। राज्य कौशल विकास प्राधिकरण (सीएसएसडीए) द्वारा 21 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक राज्य के सभी जिलों में 10 दिन तक ’’कौशल तिहार 2025’’ का आयोजन बड़े ही उत्साह और धूमधाम से किया गया। राज्य के सभी जिलों में चयनित प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में कुल 2 हजार 530 युवाओं ने भाग लिया, जिसमें से 288 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। इस आयोजन से प्रदेश के युवाओं को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगारमुखी बनने की प्रेरणा भी मिली। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के प्रति जागरूक करना और उन्हें भारत स्किल्स 2026 व वर्ल्ड स्किल्स 2026 जैसी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आशा, आत्मविश्वास व अवसर का भी प्रतीक है। यह राज्य सरकार की युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की एक मजबूत और सराहनीय पहल है। यह आयोजन न केवल रोजगार की दिशा में सहायक है, बल्कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर एक सकारात्मक कदम भी है।

छत्तीसगढ़ राज्य में इस प्रकार की कौशल प्रतियोगिता का आयोजन आठ साल पहले वर्ष 2017 में किया गया था। इसके बाद अब दूसरी बार यह आयोजन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता को जिला और राज्य स्तर पर दो आयु वर्गों में किया गया। पहला वर्ग 22 वर्ष से कम आयु के युवाओं के लिए और दूसरा 22 से 45 वर्ष तक के युवाओं के लिए था, इस वर्ष कुल 10 प्रमुख ट्रेड में कौशल प्रतियोगिताएं कराई गईं। इनमें ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी, ब्रिकलेइंग, रिनेयूएबल एनर्जी, फूड एंड बेवरेज, हेल्थ एण्ड सोशल केयर, प्लंबिंग एंड हिटिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर एवं मोबाइल फोन टेक्निशियन,  आईटी नेटवर्किंग, मोबाइल रिपेयर, ग्राफिक डिजाइन, रेफ्रिजरेशन एण्ड एयर कंडीशनिंग जैसे ट्रेड शामिल थे। हर जिले में प्रतिदिन 2 से 3 ट्रेडों में प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। प्रत्येक ट्रेड में युवाओं को वास्तविक कामों पर आधारित चुनौतियां दी गई। हर एक प्रतियोगिता की अवधि 2-3 घंटे की रही। इसका मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया गया। जिल स्तर पर प्रतियोगिताओं के बाद प्रत्येक ट्रेड और आयु वर्ग से 2-2 विजेताओं का चयन किया गया। इन विजेताओं को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित भी किया गया।

आगामी महीनों में राज्य स्तरीय कौशल तिहार 2025 का आयोजन होगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में चयनित युवाओं को उन्नत प्रशिक्षण, पुरस्कार, स्किल डेमो और करियर गाइडेंस दिया जाएगा। राज्यस्तर पर चयनित युवाओं को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा और वहां चयनित होने पर वे वर्ल्ड स्कील्स 2026 शंघाई चीन में भारत का प्रतिनिधित्व कर पाएंगे।

 

छत्तीसगढ़: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने 03 विशेषज्ञ चिकित्सकों व 20 चिकित्सा अधिकारियों के संविदा नियुक्ति आदेश जारी

छत्तीसगढ़: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने 03 विशेषज्ञ चिकित्सकों व 20 चिकित्सा अधिकारियों के संविदा नियुक्ति आदेश जारी

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेश ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सक

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में 20 संविदा चिकित्सा अधिकारियों एवं 03 संविदा विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। इससे त्वरित और बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।

इन चिकित्सकों को संबंधित जिलों के ग्रामीण एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज नवीन संविदा नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ स्नेहा वर्मा, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, डॉ प्रेमचंद पोपटानी, जिला अस्पताल बेमेतरा व डॉ काशिफा रफत जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा  में पदस्थापना की गई है।

चिकित्सा अधिकारियों  (संविदा) में डॉ. दीपक कुमार मधुकर, डॉ. अंकुर मंडल, डॉ. पारूल चौहान, डॉ. मिनी श्रीवास्तव, डॉ केशव कुमार, डॉ. पूर्वी रंजन, डॉ. ठाकुर राम धु्रव, डॉ. अरशद आलम, डॉ आदिल मोमिन, डॉ वी वी एस अनिरूद्ध सोनी, डॉ अमिल शेख, डॉ अपर्णा पाण्डेय, डॉ रितीक प्रकाश देवांगन, डॉ. सना खान, डॉ सुनीति, डॉ हर्ष वर्धन सागर, डॉ गौरव दिलीप कुमार जाधव, डॉ चेतना साहू, डॉ पूजा श्रीवास व डॉ शशांक कुमार पंडित की पदस्थापना प्रदेश के ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों में की गई है।

छत्तीसगढ़ : छात्रावासी बच्चों का समग्र विकास अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ : छात्रावासी बच्चों का समग्र विकास अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी

उनसे संबंधित योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करे-आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री नेताम आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने तीन जिलों के अधिकारियों की ली बैठक

छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज दंतेवाड़ा जिला कार्यालय के सभागार में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलें के आदिवासी विकास विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत पूरी गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री नेताम ने छात्रावासों में रह रहे बच्चों के समग्र विकास अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने सभी सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया कि वे आश्रम-छात्रावासों का नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करें और रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपें। मंत्री ने कहा कि जिन अधीक्षकों द्वारा आश्रमों का संचालन ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। साथ ही सभी प्रकार की सामग्री की आपूर्ति गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए और सामग्री की खरीदी केवल जेम पोर्टल के माध्यम से की जाए, खुले बाजार से कोई भी खरीदी न की जाए।

वर्तमान में बरसात का मौसम होने के कारण मंत्री नेताम ने आश्रमों में नियमित सफाई, जीव-जन्तुओं से सुरक्षा और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों में बिजली, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने छात्रावास परिसरों में पौधरोपण कराए जाने के भी निर्देश दिए। मंत्री नेताम ने निर्माण कार्यों की शीघ्र पूर्णता और शासन की राशि के समुचित उपयोग पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आश्रमों की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अधिकारियों को निरंतर निगरानी रखनी होगी।

बैठक में तीनों जिलों के सहायक आयुक्तों ने अपने-अपने जिलों में संचालित छात्रावासों की अद्यतन जानकारी मंत्री को दी। दंतेवाड़ा जिले में 70 आश्रमों में 6340 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 5950 बच्चे प्रवेशित हैं। वहीं, प्री मैट्रिक छात्रावासों की संख्या 38 है जिनमें 4185 सीटों के विरुद्ध 3331 छात्र हैं। पोस्टमैट्रिक छात्रावासों की संख्या 20 है, जिनमें 2200 स्वीकृत सीटों के मुकाबले 2615 छात्र निवासरत हैं।

सुकमा जिले में 95 आश्रमों में 8355 सीटें स्वीकृत हैं जिनमें 8108 छात्र प्रवेशित हैं। 33 प्री मैट्रिक छात्रावासों में 2295 सीटों के मुकाबले 2720 बच्चे और 13 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में 650 सीटों की तुलना में 1200 बच्चे निवासरत हैं।

इसी प्रकार बीजापुर जिले में 137 आश्रम संचालित हैं जिनमें 11600 सीटों के विरुद्ध 10289 बच्चे प्रवेशित हैं। 42 प्री मैट्रिक छात्रावासों में 3335 सीटों पर 2936 बच्चे और 10 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में 500 सीटों पर 513 छात्र निवासरत हैं। बैठक मे ही मंत्री ने स्पष्ट कहा कि है कि अब आश्रम-छात्रावासों की निगरानी और संचालन और अधिक सुदृढ़ एवं जवाबदेह बनाया जाए ताकि इन संस्थानों में रह रहे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण वातावरण मिल सके।

 

छत्तीसगढ़ : यात्रियों को मिली नई ट्रेन सुविधा: रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी जानकारी

छत्तीसगढ़ : यात्रियों को मिली नई ट्रेन सुविधा: रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी जानकारी

छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारत सरकार के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में ₹44,657 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकॉर्ड ₹6,925 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से 5 स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण हैं।

रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़: पानी की जांचकर खोली आंखे, पीने के पानी की गुणवत्ता पर सजग हुए ग्रामीण

छत्तीसगढ़: पानी की जांचकर खोली आंखे, पीने के पानी की गुणवत्ता पर सजग हुए ग्रामीण

ग्रामीणों में जल सुरक्षा के प्रति जागरूकता की मिसाल बना बामनपुर,गुंजेपरती और नंबी गांव

धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में अब विकास के साथ सामाजिक-स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ रही है। प्रशासन इसके लिए तरह-तरह से प्रयास कर लोगों को समझाईश दे रहा है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम एवं उसूर विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले ग्राम बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी में जल जीवन मिशन के तहत जल सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर ऐसे ही एक अनोखी और प्रेरणादायक जनजागरूकता पहल की गई।

इन गांवों में “हर घर नल से जल” योजना के अंतर्गत पेयजल सुविधा तो उपलब्ध थी, फिर भी कुछ ग्रामीण परंपरागत आदतों या जानकारी के अभाव में नदी और नालों के पानी का उपयोग पीने के लिए कर रहे थे। इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की संभावना बनी हुई थी। जल-जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में प्रशासन ने तय किया कि ग्रामीणों को जल की गुणवता और उससे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में व्यावहारिक तरीके से समझाने का अभियान चलाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान प्रारंभ किया गया।

जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला की केमिस्ट के नेतृत्व में दल बनाकर गांवों में भेजा गया। वहाँ पहुँचकर उन्होंने सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और ग्रामवासियों की उपस्थिति में नदी नाले के जल और नल से प्राप्त जल का परीक्षण करके अंतर को सबके सामने प्रस्तुत किया। जब ग्रामीणों ने स्वयं देखा कि नदी नाला के जल में हानिकारक तत्व उपस्थित हैं जबकि घर में लगे नल का जल साफ और सुरक्षित है, तो उन्होंने भविष्य में पीने के लिए केवल सुरक्षित नल के जल का उपयोग करने का वादा किया। इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे आँखें खोलने वाला अनुभव बताया।

यह पहल इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि जानकारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जनसामान्य को समझाया जाए, तो वे सकारात्मक बदलाव के लिए तत्पर रहते हैं। यह अभियान जल जीवन मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ है। बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी जैसे गांव अब केवल जल उपलब्धता में आत्मनिर्भर नहीं हैं, बल्कि जल की गुणवत्ता को लेकर भी सजग हुए हैं।

 

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री के खिलाफ फर्जी शिकायतें भेजने का मामला: PMO सहित 80-90 संस्थानों को भेजे गए पत्र, तीन संदिग्ध हिरासत में

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री के खिलाफ फर्जी शिकायतें भेजने का मामला: PMO सहित 80-90 संस्थानों को भेजे गए पत्र, तीन संदिग्ध हिरासत में

रायपुर | 2 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम को बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें महाराष्ट्र के एक हिंदू संगठन के फर्जी लेटर पैड का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति कार्यालय और अन्य 80-90 सरकारी संस्थानों को फर्जी भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें भेजी गई थीं। दैनिक भास्कर खबर की माने तो इस मामले में रायपुर के राखी थाना में एफआईआर दर्ज की गई है और तीन संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

फर्जी लेटरपैड और हस्ताक्षर का किया गया इस्तेमाल

शिकायतों में महाराष्ट्र के हिंदू जनजागृति समिति के समन्वयक सुनील घनवट के नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया था। जब इस बारे में भाजपा नेता राहुल हरितवाल ने जानकारी जुटाई, तो सुनील घनवट ने किसी भी शिकायत से साफ इनकार करते हुए पुणे पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

कोरबा से हुई थी फर्जी शिकायतों की पोस्टिंग

पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी फर्जी शिकायतें कोरबा जिले के हसदेव उप डाकघर से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजी गई थीं। दो युवक बाइक से आकर पत्रों को पोस्ट कर गए थे। डाकघर के रिकॉर्ड और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान मोहन मिरी और कमल वर्मा के रूप में की गई है।

FIR और कानूनी धाराएं

राखी थाना पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने BNS की धारा 318, 319 और 336 के तहत मामला दर्ज किया है, जो धोखाधड़ी, झूठे दस्तावेज तैयार करने और गलत इरादे से शिकायत भेजने से संबंधित है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांग

भाजपा नेता राहुल हरितवाल ने इसे एक राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि यह मंत्री को बदनाम करने का एक सुनियोजित प्रयास है और इस मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।