महासमुंद : सहकारी समिति बरोंडाबाज़ार में सुगम खाद वितरण व्यवस्था: किसानों ने जताई खुशी

महासमुंद : सहकारी समिति बरोंडाबाज़ार में सुगम खाद वितरण व्यवस्था: किसानों ने जताई खुशी

वर्तमान में मानसून सीजन का समय है ऐसे में किसानों के लिए समय पर खाद व बीज का इंतजाम करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। महासमुंद जिले में खाद भण्डारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था से किसान संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है। जिससे किसानों को उपलब्ध खाद का आवश्यकतानुसार वितरण किया जा रहा है। जिले में अब तक 35798 टन खाद का भण्डारण किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के सहकारी समितियों के माध्यम से भी खाद का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। ऐेसे ही 10 जुलाई की स्थिति में सहकारी समिति बरोंडाबाज़ार में खाद की उपलब्धता एवं वितरण की व्यवस्था से किसान खुश नजर आ रहे हैं। समिति प्रबंधक ने बताया कि समिति में अब तक यूरिया 66.60 टन, सुपर फॉस्फेट 50 टन, पोटाश 25 टन, डी.ए.पी. 50 टन तथा एन.पी.के. 25 टन का भंडारण किया गया है, जिसमें से 51.010 टन खाद अभी भी विक्रय हेतु शेष है।

खाद वितरण की यह व्यवस्था किसानों के लिए राहत भरी साबित हो रही है। ग्राम लाफिन खुर्द के लघु कृषक श्री गंगाराम मार्कंडेय ने समिति में उपलब्ध खाद व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उन्हें समय पर उनकी जरूरत के अनुसार 2 बोरी यूरिया और 2 बोरी सुपर फॉस्फेट उपलब्ध कराई गई। उन्होंने समिति के प्रबंधन को सराहनीय बताया। इसी तरह, लाफिन खुर्द के ही एक अन्य किसान श्री दशरथ साहू ने भी 4 बोरी यूरिया और 4 बोरी सुपर फॉस्फेट प्राप्त किया तथा बताया कि समिति की व्यवस्था सहज और सुचारु है। ग्राम मचेवा के किसान श्री कार्तिक ने 3 बोरी यूरिया, 2 बोरी सुपर फॉस्फेट और 1 बोरी पोटाश प्राप्त कर संतोष व्यक्त किया। वहीं, बरोंडाबाज़ार के किसान श्री मालिक जगत ने 3 बोरी यूरिया और 5 बोरी सुपर फॉस्फेट तथा श्री तोमनलाल ने 2 बोरी यूरिया और 2 बोरी सुपर फॉस्फेट प्राप्त किए। सभी किसानों ने सहकारी समिति की इस समयबद्ध और मांग के अनुरूप खाद वितरण व्यवस्था को लेकर शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया है।

 

रायपुर : वनोपज से वनांचल के लोगों के जीवन में आ रही है आर्थिक समृद्धि: वन मंत्री श्री केदार कश्यप

रायपुर : वनोपज से वनांचल के लोगों के जीवन में आ रही है आर्थिक समृद्धि: वन मंत्री श्री केदार कश्यप

  वन मंत्री की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति(आईडीसी)की 307वीं बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास कार्यालय में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा मजबूती मिलेगी और वनांचल के लोगों की आय में बढ़ोत्तरी होगी साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 306वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24, तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों जैसे महुआ फूल, तेंदूपत्ता (बीज रहित), गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज आदि वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया।

इस अवसर पर सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, श्रीमती सलमा फारूकी सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

महासमुंद : ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में मछली पालन एवं मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के लिए सुनहरा अवसर

महासमुंद : ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में मछली पालन एवं मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के लिए सुनहरा अवसर

27 जुलाई तक करा सकते है पंजीयन

बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महासमुंद द्वारा जिले के युवक एवं युवतियों के लिए मछली पालन एवं मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। निदेशक बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि यह दस दिवसीय प्रशिक्षण 28 जुलाई 2025 से प्रारम्भ किया जाएगा। निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए इच्छुक हितग्राही 27 जुलाई तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। प्रशिक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेज में आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड की दो-दो छायाप्रति, अंकसूची (न्यूनजत 8वीं उत्तीर्ण) की एक छायाप्रति एवं पासपोर्ट साइज 5 फोटो शामिल है। पंजीयन के लिए बड़ौदा आरसेटी पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास बरोण्डाबाजार में स्वयं उपस्थित होकर या कमलेश पटेल के मोबाइल नम्बर +91-79997-00673 पर कार्यालयीन समय पर सम्पर्क कर सकते हैं।

बिलासपुर/नवविवाहिता की फंदे पर लटकती मिली लाश:साल भर पहले हुई थी शादी, एक दिन पहले हुआ था झगड़ा; ससुरालवालों ने फंदा काटकर उतारा

बिलासपुर/नवविवाहिता की फंदे पर लटकती मिली लाश:साल भर पहले हुई थी शादी, एक दिन पहले हुआ था झगड़ा; ससुरालवालों ने फंदा काटकर उतारा

साल भर पहले हुई थी शादी, एक दिन पहले हुआ था झगड़ा; ससुरालवालों ने फंदा काटकर उतारा|

पुलिस के पहुंचने से पहले ही ससुरावालों ने फंदा काटकर उतार दिया महिला का शव।

बिलासपुर में नवविवाहिता महिला की लाश फंदे पर लटकती मिली है। 8 जुलाई की रात ग्राम जोंधरा में गायत्री यादव (22) का अपने सुसराल वालों से झगड़ा हो गया था, जिसके बाद उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया, अगले दिन साड़ी के फंदे पर उसकी लाश लटकी थी।

मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, गायत्री की शादी को एक साल हुए थे, आए दिन सुसराल वालों से उसका विवाद होता रहता था। शुरूआती जांच में उसके फांसी लगाकर खुदकुशी करने की आशंका है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

घटना के बाद जुटी लोगों की भीड़। शादी को 1 साल हुए थे

ग्राम जोंधरा में रामायण चौक के पास रहने वाले रामलाल यादव से गायत्री की शादी हुई थी। घटना से एक दिन पहले उसका घर वालों से विवाद हुआ, जिससे नाराज होकर अपने कमरे में चली गई। इस दौरान पति और ससुरालवालों ने नजरअंदाज कर दिया। परिवार के बाकी सदस्य बरामदे में सो गए।

अगले दिन सुबह जब गायत्री नहीं उठी, तब परिजनों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया और उसे आवाज दी। काफी आवाज लगाने के बाद भी अंदर से कोई आहट नहीं सुनाई दी, जिसके बाद परिजनों ने खिड़की से झांक कर देखा, तब उनके होश उड़ गए।

पंखे के हुक में लटक रही थी महिला

गायत्री की लाश पंखे के हुक पर साड़ी के फंदे से लटक रही थी। घबराए परिजनों ने आनन-फानन में दरवाजा तोड़ दिया। जिसके बाद हंसिए से साड़ी का फंदा काटकर शव को नीचे उतारा। फिर उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस बोली- परिजनों के बयान के आधार पर होगी कार्रवाई

पुलिस ने इस घटना की जानकारी गायत्री के मायके वालों को दी। जानकारी मिलते ही परिजन गांव पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा कराया। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस का कहना है कि मृतका के मायकेवालों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच जारी।

छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख पर्वत और पहाड़ियाँ जहाँ जा सकते है घूमने रोमांच से भरा है छत्तीसगढ़ के पर्वत और उनकी कहानियाँ

छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख पर्वत और पहाड़ियाँ जहाँ जा सकते है घूमने रोमांच से भरा है छत्तीसगढ़ के पर्वत और उनकी कहानियाँ

छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्वतों में गौरलाटा (1225 मीटर, बलरामपुर), नंदीराज (1210 मीटर, बैलाडीला), और बदरगढ़ (1176 मीटर, मैकल श्रेणी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मैनपाट (1152 मीटर, सरगुजा), पलमागढ़ (1080 मीटर, पेंड्रा-लोरमी पठार), और अबूझमाड़ की पहाड़ियाँ (1076 मीटर, नारायणपुर) भी महत्वपूर्ण हैं.
छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख पर्वत और पहाड़ियाँ इस प्रकार हैं:
गौरलाटा:
यह छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी है, जो बलरामपुर जिले के सामरीपाट में स्थित है।
नंदीराज:
यह बैलाडीला, दंतेवाड़ा में स्थित है।
बदरगढ़:
यह मैकल श्रेणी में स्थित है और छत्तीसगढ़ के मैदान की सबसे ऊंची चोटी है,
मैनपाट:
यह सरगुजा जिले में स्थित एक पठार है।
पालमागढ़:
यह पेंड्रा-लोरमी पठार में स्थित है।
अबूझमाड़ की पहाड़ियाँ:
ये नारायणपुर जिले में स्थित हैं।
लाफागढ़:
यह भी एक महत्वपूर्ण चोटी है।
जारंग पाट:
यह भी एक पठार है।
देवगढ़:
यह सरगुजा जिले में स्थित है।
शिशुपाल पर्वत:
यह महासमुंद जिले में स्थित है।
डूंगरगढ़:
यह राजनांदगांव जिले में स्थित है और यहां माता बमलेश्वरी का मंदिर भी है,
दल्हा पहाड़:
यह जांजगीर-चांपा जिले में अकलतरा के पास स्थित है।
बैलाडीला:
यह दंतेवाड़ा जिले में स्थित है और अपने लौह अयस्क भंडारों के लिए प्रसिद्ध है।
मैकल श्रेणी:
यह छत्तीसगढ़ के पश्चिम भाग में स्थित है, जिसमें पेंड्रा, गौरेला, मरवाही, लोरमी, खैरागढ़, कवर्धा और डोंगरगढ़ शामिल हैं,

महासमुंद : जिले में अब तक 303.8 मिलीमीटर औसत वर्षा

महासमुंद : जिले में अब तक 303.8 मिलीमीटर औसत वर्षा

सर्वाधिक वर्षा सरायपाली तहसील में 352.3 मिलीमीटर

आज 29.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 303.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा सरायपाली तहसील में 352.3 मिलीमीटर, पिथौरा में 351.1 मिलीमीटर, महासमुंद में 298.3 मिलीमीटर, बसना में 292.6 मिलीमीटर, बागबाहरा में 279.7 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 248.8 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 09 जुलाई को 29.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में सरायपाली तहसील में 54.6 मिलीमीटर, बसना में 35.2 मिलीमीटर, पिथौरा में 24.5 मिलीमीटर, कोमाखान में 23.4 मिलीमीटर, बागबाहरा में 22.5 मिलीमीटर एवं महासमुंद तहसील में 16.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

बलौदाबाजार कसडोल / 04 अपराधिक प्रकरण शासकीय शिक्षक सहित 11 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार शेयर मार्केट मे करोडो की ठगी!

बलौदाबाजार कसडोल / 04 अपराधिक प्रकरण शासकीय शिक्षक सहित 11 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार शेयर मार्केट मे करोडो की ठगी!

 

पुलिस द्वारा करोड़ों रूपयों की ठगी करने वाले प्रकरण में आज 01 आरोपी गुलशन साहू को किया गया गिरफ्तार आरोपी द्वारा शेयर मार्केट में निवेश कर दोगुना रकम वापस करने का झांसा देकर की गई ठगी
पुलिस द्वारा आरोपी से 03 मोबाइल, विभिन्न बैंक का 03 पासबुक, 05 एटीएम, पैसा लेनदेन का रजिस्टर एवं नगदी रकम ₹34,500 आदि किया गया बरामद

अभी तक की जांच कार्यवाही में आरोपियों के विरुद्ध थाना कसडोल में 04 अपराधिक प्रकरण किया गया है दर्ज अब तक शासकीय शिक्षक आरोपी रामनारायण साहू सहित 11 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार
● किसी भी व्यक्ति के साथ शेयर मार्केट में निवेश करने के नाम पर आरोपियों द्वारा ठगी की गई है, तो वह करें तत्काल पुलिस को सूचितआरोपी- गुलशन साहू उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम महकम चौकी सोनाखान

महासमुंद, सांकरा / नारायणपुर मे दो पक्षो के बिच खेत जोताई को लेकर मारपीट दोनों के खिलाफ थाना मे FIR दर्ज

महासमुंद, सांकरा / नारायणपुर मे दो पक्षो के बिच खेत जोताई को लेकर मारपीट दोनों के खिलाफ थाना मे FIR दर्ज

मैं आयुष मंयक बारिक पिता मुकेश बारिक उम्र 20 साल साकिन नारायणपुर थाना सांकरा जिला महासमुंद का रहने वाला हुं । ग्रेजुएट हूं । खेती किसानी का काम करता हूं । दिनांक 09.07.25 को मै और मेरे चाचा मनोज बारिक एवं दादी पुन्यवती बारिक एवं मेरी फुफी अपर्णा बारिक खेत में काम करने गये थे खेत में ट्रेक्टर से जोताई का काम कर रहे थे तभी गांव के अविनास बारिक एवं जनेक बारिक खेत में आकर बोले कि ट्रेक्टर चालक को ट्रेक्टर रोकने के लिए बोले तब मेरी फुफी अपर्णा बारिक उनको बोली कि इसको क्यों ट्रेक्टर रोकने के लिए बोल रहे हो मेरी फुफी की बात को सुनकर अविनास बारिक , एवं जनेक बारिक द्वारा एक राय होकर मेरे और मेरी फुफी अपर्णा बारिक को मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए अविनास बारिक अपने हाथ में रखे डंडे से मेरी फुफी को मारने के लिए डंडा उठाया था तब मै घटना को देखकर बीच बचाव करने लगा बीच बचाव करते समय डंडा से मेरे दाहिने हाथ में लगने से चोट आया है । आविनास बारिक द्वारा मेरे हाथ को मोडकर हाथ मुक्का से मारपीट किया है, घटना को गांव के जेम्स एवं ताराचंद बारिक देखे व सुने है । रिपोर्ट करता हुं । मामला मे थाना ने आरोपियों के खिलाप मामला दर्ज कर विवेचना मे लिया है 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS

वही दूसरे पक्ष ने भी थाना मे आरोपियों के खिलाप मामला दर्ज किया है अविनास बारिक पिता जनेक बारिक उम्र 33 साल साकिन नारायणपुर थाना सांकरा जिला महासमुंद का रहने वाला हुं । कक्षा 08 वी तक पढाई किया हूं । खेती किसानी का काम करता हूं । दिनांक 09.07.25 को मै और मेरे पिताजी जनेक बारिक अपने खेत में काम कर रहे थे तभी आयुष बारिक, अपर्णा बारिक , मनोज बारिक हमारे खेत में ट्रेक्टर को घुसाकर जोताई करवा रहे थे उसी समय मेरे पिताजी उनको हमारे खेत में क्यो जोताई करा रहे हो बोलने पर आयुष बारिक, अपर्णा बारिक , मनोज बारिक तीनो एक राय होकर मेरे एवं पिताजी को मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ मुक्का से मारपीट किए तथा मोबाईल को तोडकर फेंक ‍दिये मारपीट करने से मेरे चेहरे एवं सिर पर चोट आया है, तथा मेरे पिताजी के सिर में चोट आया है । मारपीट को सीमा बारिक एवं ग्राम भगतदेवरी की शवेता यादव देखे व सुने है तथा बीच बचाव किए है । रिपोर्ट करता हुं । कार्यवाही चाहता हूं । रिपोर्ट मेरे बताये अनुसार लिखी दोनों पक्ष के खिलाप एफआईआर दर्ज कर लिया है 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS!

पिथौरा/ जगदीशपुर के समिति प्रबंधक से डंडे से क्यों किया गया मारपीट थाना ने आरोपियों के खिलाप की मामला दर्ज

पिथौरा/ जगदीश के समिति प्रबंधक से डंडे से क्यों किया गया मारपीट थाना ने आरोपियों के खिलाप की मामला दर्ज

कुशाग्र प्रधान कृषि साख सहकारी समिति जगदीशपुर पंजीयन क्र 880 में समिति प्रबंधक के पद पर पदस्थ हूं दिनांक 30/06/2025 को सुबह मैं अपने बच्चे को संत स्टीफन स्कुल जीराडबरी से छोडकर वापस अपने घर जा रहा था करीबन 09/30 बजे ग्राम चनौरडीह राधेश्याम प्रधान के घर के सामने पहुंचा था तभी कुष्टो प्रधान एवं राधेश्याम प्रधान ने मुझे देखकर हाथ मारकर रूकवाया और बोला कि मेरा जो गाडी एक्सीडेंट

हुआ था तेरे कहने से ही थाना में एफआईआर किये है बोलते हुए मां बहन की अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ मुक्का एवं अपने हाथ में रखे डण्डा से मारपीट किया है उक्त घटना को भगतराम, विजय प्रधान, साकिनान सीतापुर व अश्वनी प्रधान साकिन चनौरडीह देखे सुने है रिपोर्ट करता हुं कार्यवाही की जावे रिपोर्ट! मामले मे
राधेश्याम प्रधान , कुष्टो प्रधान
115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS के तहत मामला दर्ज किया गए है

छत्तीसगढ़: प्रदेश के किसानों को अब तक 8.35 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरित

छत्तीसगढ़: प्रदेश के किसानों को अब तक 8.35 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरित

 लक्ष्य का 57 प्रतिशत खाद का हो चुका वितरण

प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 7 जुलाई 2025 की स्थिति में किसानों को 8 लाख 35 हजार 692 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 57 प्रतिशत है।

वितरित किए गए उर्वरक में 04 लाख 409 मीट्रिक टन यूरिया, 01 लाख 14 हजार 276 मीट्रिक टन डीएपी, 01 लाख 41 हजार 064 मीट्रिक टन एनपीके, 46 हजार 463 मीट्रिक टन पोटाश तथा एक लाख 33 हजार 480 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण किया गया हैं।

गौरतलब है कि इस खरीफ सीजन में राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से किसानों को 14.62 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 12 लाख 60 हजार 731 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध 8 लाख 35 हजार 692 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।