आपातकाल की 50वीं बरसी पर फूटा आक्रोश: बसना में बग़ावत की हुंकार, विधायक डॉ अग्रवाल बोले-लोकतंत्र की आत्मा को कांग्रेस ने कैद किया

आपातकाल की 50वीं बरसी पर फूटा आक्रोश: बसना में बग़ावत की हुंकार, विधायक डॉ अग्रवाल बोले-लोकतंत्र की आत्मा को कांग्रेस ने कैद कियावि धायक डॉ संपत अग्रवाल का तीखा वार,कांग्रेस की सत्ता की भूख ने संविधान को जेल में डाल दिया तानाशाही की भयावह रात पर डॉ अग्रवाल का विस्फोट,बोले-लोकतंत्र की लाश पर रचा गया था सत्ता का ताज

*विधायक डॉ संपत अग्रवाल का कांग्रेस पर किया प्रहार,कहा-जेल में नहीं, संविधान में ताले लगे थे*

*25 जून 1975 की रात को याद रखो, वो भारत की आज़ादी की तौहीन थी:संपत अग्रवाल*

*कांग्रेस की आपातकालीन तानाशाही को कभी माफ़ नहीं किया जाएगा: डॉ संपत अग्रवाल*

*रायपुर/बसना* । यह कोई साधारण तारीख नहीं, यह भारतीय लोकतंत्र की छाती पर दर्ज एक काला धब्बा है। बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल की यह गूंजती हुई आवाज़ उस आक्रोश का प्रतीक बनी जब उन्होंने आपातकाल की 50वीं बरसी पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला। उनका कहना था कि 25 जून 1975 की रात को इंदिरा गांधी की सत्ता की लालसा ने न केवल संविधान को झुका दिया, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक तंत्र को गिरवी रख दिया गया।

*भारत की आत्मा को कैद किया गया: विधायक डॉ अग्रवाल की तीखी चेतावनी*

विधायक डॉ अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा कि उस काली रात को केवल विरोधी नेता ही नहीं, सच्चाई, अभिव्यक्ति, और न्याय तक को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।उनका आरोप था कि मीडिया को चुप करवा दिया गया, न्यायपालिका को पंगु बना दिया गया और विपक्षी नेताओं को लोकतंत्र का दुश्मन घोषित कर जेलों में ठूंसा गया।

इंडिया इज़ इंदिरा, इंदिरा इज़ इंडिया-यह नारा नहीं, यह लोकतंत्र के शव पर बोला गया राजनीतिक हथौड़ा था।

*मीसा के साए में कैद देशभक्ति*

विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि मीसा (Maintenance of Internal Security Act) के तहत 1,40,000 से अधिक देशभक्तों को बंदी बनाया गया, जिनका अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने सत्ता के खिलाफ़ अपनी आवाज़ उठाई। कांग्रेस का अतीत तानाशाही और दमन का दस्तावेज़ है, जिसे अब युवा पीढ़ी के सामने लाना होगा।

*भाजपा का ऐलान:इतिहास को दोहराने नहीं देंगे*

इस अवसर पर भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह आपातकाल जैसी स्थिति को दोबारा जन्म नहीं लेने देगी। विधायक डॉ संपत अग्रवाल में कहा कि अब यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अगली पीढ़ी को बताएं कि लोकतंत्र की नींव किन संघर्षों की बदौलत खड़ी हुई है। विधायक डॉ अग्रवाल ने चेतावनी दी कि जो इतिहास से नहीं सीखते, उनके लिए इतिहास सज़ा बन जाता है।

*नोटबंदी, GST और कोरोना के बाद का भारत-एक बदला हुआ लोकतंत्र*

विधायक डॉ अग्रवाल ने वर्तमान भारत का जिक्र करते हुए कहा कि अब जनता ज़्यादा जागरूक है, सूचना के माध्यम और मजबूत हुए हैं और लोकतांत्रिक चेतना पहले से कहीं अधिक सशक्त हो चुकी है। विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा अब जनता सवाल पूछती है और जवाब मांगती है, और यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।

रायपुर/बसना*आपातकाल की 50वीं बरसी पर फूटा आक्रोश: बसना में बग़ावत की हुंकार, विधायक डॉ अग्रवाल बोले-लोकतंत्र की आत्मा को कांग्रेस ने कैद किया*

रायपुर/बसना*आपातकाल की 50वीं बरसी पर फूटा आक्रोश: बसना में बग़ावत की हुंकार, विधायक डॉ अग्रवाल बोले-लोकतंत्र की आत्मा को कांग्रेस ने कैद किया*

विधायक डॉ संपत अग्रवाल का तीखा वार,कांग्रेस की सत्ता की भूख ने संविधान को जेल में डाल दिया*

*तानाशाही की भयावह रात पर डॉ अग्रवाल का विस्फोट,बोले-लोकतंत्र की लाश पर रचा गया था सत्ता का ताज*

*विधायक डॉ संपत अग्रवाल का कांग्रेस पर किया प्रहार,कहा-जेल में नहीं, संविधान में ताले लगे थे*

*25 जून 1975 की रात को याद रखो, वो भारत की आज़ादी की तौहीन थी:संपत अग्रवाल*

*कांग्रेस की आपातकालीन तानाशाही को कभी माफ़ नहीं किया जाएगा: डॉ संपत अग्रवाल*

*रायपुर/बसना* । यह कोई साधारण तारीख नहीं, यह भारतीय लोकतंत्र की छाती पर दर्ज एक काला धब्बा है। बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल की यह गूंजती हुई आवाज़ उस आक्रोश का प्रतीक बनी जब उन्होंने आपातकाल की 50वीं बरसी पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला। उनका कहना था कि 25 जून 1975 की रात को इंदिरा गांधी की सत्ता की लालसा ने न केवल संविधान को झुका दिया, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक तंत्र को गिरवी रख दिया गया।

*भारत की आत्मा को कैद किया गया: विधायक डॉ अग्रवाल की तीखी चेतावनी*

विधायक डॉ अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा कि उस काली रात को केवल विरोधी नेता ही नहीं, सच्चाई, अभिव्यक्ति, और न्याय तक को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।उनका आरोप था कि मीडिया को चुप करवा दिया गया, न्यायपालिका को पंगु बना दिया गया और विपक्षी नेताओं को लोकतंत्र का दुश्मन घोषित कर जेलों में ठूंसा गया।

इंडिया इज़ इंदिरा, इंदिरा इज़ इंडिया-यह नारा नहीं, यह लोकतंत्र के शव पर बोला गया राजनीतिक हथौड़ा था।

*मीसा के साए में कैद देशभक्ति* विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि मीसा (Maintenance of Internal Security Act) के तहत 1,40,000 से अधिक देशभक्तों को बंदी बनाया गया, जिनका अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने सत्ता के खिलाफ़ अपनी आवाज़ उठाई। कांग्रेस का अतीत तानाशाही और दमन का दस्तावेज़ है, जिसे अब युवा पीढ़ी के सामने लाना होगा।

*भाजपा का ऐलान:इतिहास को दोहराने नहीं देंगे* इस अवसर पर भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह आपातकाल जैसी स्थिति को दोबारा जन्म नहीं लेने देगी। विधायक डॉ संपत अग्रवाल में कहा कि अब यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अगली पीढ़ी को बताएं कि लोकतंत्र की नींव किन संघर्षों की बदौलत खड़ी हुई है। विधायक डॉ अग्रवाल ने चेतावनी दी कि जो इतिहास से नहीं सीखते, उनके लिए इतिहास सज़ा बन जाता है।

*नोटबंदी, GST और कोरोना के बाद का भारत-एक बदला हुआ लोकतंत्र*

विधायक डॉ अग्रवाल ने वर्तमान भारत का जिक्र करते हुए कहा कि अब जनता ज़्यादा जागरूक है, सूचना के माध्यम और मजबूत हुए हैं और लोकतांत्रिक चेतना पहले से कहीं अधिक सशक्त हो चुकी है। विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा अब जनता सवाल पूछती है और जवाब मांगती है, और यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।

जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान महासमुंद में नवीन पाठ्य पुस्तक आधारित प्रशिक्षण संपन्न

जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान महासमुंद में नवीन पाठ्य पुस्तक आधारित प्रशिक्षण संपन्न
जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान महासमुंद में महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सराईपाली से 45 बीआरजी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन समारोह में डीईओ विजय कुमार लहरे, डाइट प्राचार्य मीना पाणिग्राही, अरुण प्रधान, राजेश चंद्राकर, किरण कन्नौजे, के के सिंग, ईश्वर चंद्राकर, संतोष साहू ,लक्ष्मी सिंहा,कोर ग्रुप एससीईआरटी कविता देवांगन ,सरपंच दुरुगपाली नेहा कानूनगो एवं अन्य डाइट फेकल्टी मौजूद रहे।यह प्रशिक्षण प्राथमिक विद्यालयों की नई पाठ्यपुस्तकों पर आधारित है। इस साल पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा की किताबों में बदलाव किया गया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर फाउंडेशन स्टेज के सुझावों के आधार पर किया गया है

इन बदलावों को शिक्षकों तक पहुंचाने के लिए मास्टर ट्रेनर शरण दास, अशोक पटेल, गीता साहू, शीला विश्वास, दुलारी चंद्राकर के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें संतुलित भाषा शिक्षण पद्धति, भाषा और गणित के चार ब्लॉक, सीखने के तरीके, पाठ्यक्रम और अभ्यास पुस्तिका पर काम करने की समझ दी गई। गणित की अवधारणाओं को ईएलपीएस के माध्यम से समझाया गया। डाइट प्राचार्य मीना पाणिग्राही ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्यक्रम में नए आयाम जोड़े गए हैं। इसमें कला, खेल, योग और व्यायाम को भी शामिल किया गया है। इनके लिए अलग पाठ्यपुस्तकें तैयार की गई हैं, जो बच्चों को रोचक लगेंगी। सहायक प्रध्यापक अरुण प्रधान ने बताया कि भाषा और गणित की किताबों में कला, उत्सव और संस्कृति को जोड़ा गया है। बच्चों के आसपास की चीजों और गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। इससे बच्चों में कल्पना, जिज्ञासा और रुचि बढ़ेगी। यह उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक विकास में मदद करेगा। सभी प्रशिक्षक साथियों ने इस प्रशिक्षण की विशेषता को धरातल तक ले जाने का संकल्प लिया।डीईओ ने उद्बोधन में शिक्षा नीति 2020 पर विचार व्यक्त करते हुए, नवीन पाठ्यपुस्तक प्रशिक्षण को ब्लॉक शिक्षकों के माध्यम से धरातल में बच्चों तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है कहा, डाइट प्राचार्य ने प्रशिक्षण को बहुत ही प्रभावशाली बताया गया।

प्रशिक्षण में बी आर जी महासमुंद से खेमीन साहू,निहारिका चंद्राकर, सीमा यादव, नीलकंठ यादव, पवन साहू, नीरज साहू, गोपाल साहू ,बलराम नेताम, पीतांबर पाठक ,सरायपाली से दुर्वादल दीप,हेमंत भोई, श्रवण प्रधान, कामता पटेल ,वर्षा नंद ,ज्योति प्रधान, निरुपमा देवता, योगिता पिथौरा से नितेश साहू, गंगाराम चौहान, शिशुपाल प्रधान,अरविंद कुमार नायक, डोलामणि साहू, क्रांतिपाल मंडल, ज्योति शुक्ला, छबिलाल बघेल,हरिशंकर भोई, बसना से वारिस कुमार,गजेंद्र नायक, सालिक राम टंडन,ललित कुमार साहू, विद्याधर साव, मनोहर चौहान, टुकेश्वर साहू, डिजेंद्र कुर्रे, शंकर सिंह सिदार बागबाहरा से अमित कुमार उइके,रिंकल बग्गा,पुष्कर पटेल, भूपेंद्र निराला,पवन साहू,तोषण गिरी गोस्वामी,वासना पटेल, दीपा, ठाकुर राम साहू शामिल हुए। आभार प्रदर्शन डाइट सहायक प्राध्यापक अरुण प्रधान ने किया।

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से सशक्त हो रही शिक्षा व्यवस्था

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से सशक्त हो रही शिक्षा व्यवस्था

नन्दौरखुर्द के बच्चों को मिला नया शिक्षक

राज्य सरकार द्वारा लागू युक्तियुक्तकरण नीति के अंतर्गत अब विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक की पदस्थापना होने से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद और गतिविधियां अच्छे से संचालित होंगी। इससे विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है और विद्यार्थियों को विषयवार पढ़ाई का लाभ मिलेगा।

सक्ती जिले के ग्राम नन्दौरखुर्द स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था। करीब 31 छात्र-छात्राएं इस स्कूल में अध्ययनरत हैं, लेकिन अब तक केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरी शिक्षण व्यवस्था संचालित हो रही थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।

पूर्व में एकल शिक्षक व्यवस्था होने के कारण बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए अन्य ग्रामों की ओर रुख करना पड़ता था। अब शिक्षक की नियुक्ति के बाद स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। इसका सीधा असर पालकों और ग्रामीणों के विश्वास पर पड़ा है, जो अब अपने बच्चों का नामांकन नन्दौरखुर्द के प्राथमिक स्कूल में कराने के लिए आगे आ रहे हैं।

युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल शिक्षकों की कमी को दूर कर रही है, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी रूप देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता है देश की आर्थिक समृद्धि का आधार – खनिज सचिव श्री पी. दयानंद

रायपुर : छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता है देश की आर्थिक समृद्धि का आधार – खनिज सचिव श्री पी. दयानंद

छत्तीसगढ़ में सामरिक एवं रणनीतिक खनिजों के दोहन पर तकनीकी सहित विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा

निवेश और औद्योगिक विकास को गति मिलने की संभावना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सामरिक एवं रणनीतिक महत्व के खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण एवं दोहन के संबंध में राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से परिपूर्ण एक समृद्ध राज्य है, जहाँ 28 प्रकार के प्रमुख खनिज जैसे—कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, बाक्साइट, टिन अयस्क के साथ-साथ लीथियम, कोबाल्ट तथा रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे सामरिक एवं परमाणु महत्व के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोग्राम ऑन एक्सप्लोरेशन स्ट्रैटेजी तथा नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) के अंतर्गत संचालित प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा राज्य में रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

इस कार्यशाला का आयोजन खनिज संसाधन विभाग तथा छत्तीसगढ़ भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका उद्देश्य भारत की क्रिटिकल मिनरल्स क्षमता के समुचित दोहन हेतु वैज्ञानिक अन्वेषण तकनीकों को प्रोत्साहित करना, प्रस्ताव प्रस्तुतिकरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा राष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक अन्वेषण नीतियों मंप राज्य की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के श्री रविकांत गुप्ता ने छत्तीसगढ़ की भूवैज्ञानिक विशेषताओं एवं ओजीपी क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड के श्री भुवनेश्वर कुमार ने लीथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निकल, टंगस्टन, फॉस्फेट जैसे खनिजों की खोज हेतु आधुनिक भू-भौतिकीय एवं भू-रासायनिक तकनीकों पर आधारित प्रस्तुति दी, जिससे अधिकारियों को नवीनतम विधियों की जानकारी प्राप्त हुई। एनएमईटी से श्री अक्षय वर्मा ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया, वित्तीय सहायता एवं अनुदान नीतियों की जानकारी साझा करते हुए एनएमईटी के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया और राज्य की अधिक सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर बल

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता और गुणवत्ता इसे वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी बना सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज उत्पादन, बाज़ार मांग और भविष्य की संभावनाओं के बीच संतुलन स्थापित कर राज्य खनिज आधारित औद्योगिक विकास का नेतृत्व कर सकता है।

समापन सत्र में राज्य में अब तक किए गए खनिज सर्वेक्षणों, उनके निष्कर्षों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी दक्षता तथा अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खनिज संसाधन किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति का मूल आधार होते हैं। कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम एवं समयबद्ध प्रक्रियाएं अपनाकर छत्तीसगढ़ न केवल निजी एवं सार्वजनिक निवेश को आकर्षित कर सकता है, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक खनिज नीति में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सभी प्रतिभागियों ने खनिज आधारित सतत औद्योगिक विकास हेतु संयुक्त प्रयास और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर कार्यशाला में आईआईटी धनबाद के प्रो. साहेंद्र सिंह, आईबीएम के श्री प्रेम प्रकाश, संचालक श्री रजत बंसल, संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान एवं श्री संजय कनकाने सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों, नीति सलाहकारों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

 

रायपुर : शाला प्रवेश के साथ ही बच्चों को मिल रहा जाति प्रमाण पत्र

रायपुर : शाला प्रवेश के साथ ही बच्चों को मिल रहा जाति प्रमाण पत्र

शैक्षणिक सत्र की नई शुरुआत के साथ बच्चों की सामाजिक अधिकार भी हो रही सुनिश्चित

7,566 बच्चों को शाला प्रवेश के साथ प्रदान जा रहा है जाति प्रमाण पत्र

राज्य सरकार ने जाति प्रमाण पत्र प्रदाय करने की प्रक्रिया को सरलीकृत किया है जिसकेे तहत् स्कूल और आंगनबाड़ी के बच्चों को आसानी से जाति प्रमाण पत्र मिल सके। विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र सुगमता से उपलब्ध हो जाने से छात्रवृत्ति के अलावा शासन की अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसी जनहितकारी योजना के तहत् स्कूली बच्चों को समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रदान कर उनकी शिक्षा यात्रा को सुगम और अधिकारयुक्त बनाने के उद्देश्य से कोरबा कलेक्टर के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा और सामाजिक अधिकारों को मजबूती देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। चालू शैक्षणिक सत्र में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों से प्राथमिक शालाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों को शाला प्रवेश के साथ ही जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है। कोरबा जिले में अब तक आंगनबाड़ी से शाला में प्रवेश लेने वाले कुल 7,566 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने हेतु एसडीएम द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें बीईओ, सीएचसी के माध्यम से संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाकर विद्यार्थियों को वितरित किया जा रहा है। अनुविभाग कोरबा में 2930, कटघोरा  में 1293, पोड़ी उपरोड़ा  में 1696 एवं पाली में 1647 शाला प्रवेशी बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। आगे भी शेष बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

जिला प्रशासन की इस पहल से स्कूली बच्चों एवं उनके पालकों में हर्ष व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन के इस पहल की सराहना करते हुए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है। इससे बच्चों को आगे चलकर छात्रवृत्ति, शैक्षणिक सुविधाओं एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

 

महासमुंद पटेवा / सोसायटी प्रभारी से 9 लाख से अधिक रकम की धोखाधड़ी!

महासमुंद पटेवा / सोसायटी प्रभारी से 9 लाख से अधिक रकम की धोखाधड़ी!

ग्राम चिरको थाना पटेवा जिला महासमुंद का निवासी हूं । स्‍नातक तक पढा लिखा हूं । सोसायटी प्रभारी के पद पर बनपचरी में कार्यरत हूं । मेरे पंजाब नेशनल बैंक के खाता 25250********** में ऑनलाईन नेट बैंकिंग चालू करने के नाम पर दिनांक 22/06/2025 को मोबाईल नं. **********, ********** के धारक द्वारा मेरे बैंक खाता से समय शाम 06.51 बजे से कुल 9,59,705 रूपये आहरण कर मेरे साथ धोखाधड़ी किया है, जिसके संबंध में एक लिखित आवेदन पत्र पेश कर रहा हूं कार्यवाही किया जावे ।

आवेदन पत्र नकल जैल है :- प्रति, थाना प्रभारी थाना पटेवा जिला महासमुंद (छ.ग.) विषय :- पंजाब नेशनल बैंक के खाता संख्या 252500********** में कुल 9,59,705 रूपये की धोखाधड़ी करने वाले मोबाईल नंबर **********, ********** के धारक के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने बाबत । महोदय, मै डोलनारायण पटेल पिता बलराम पटेल उम्र 50 साल निवासी ग्राम चिरको थाना पटेवा जिला महासमुंद का निवासी हूं । मेरे पंजाब नेशनल बैंक के खाता संख्या 252500********** में ऑनलाईन नेट बैंकिंग चला रहा था जो बंद हो जाने पर मेरे द्वारा दिनांक 22.06.2025 को पुन: चालू करने हेतु पंजाब नेशनल बैंक के कस्टमर केयर का मोबाईल नंबर ऑनलाईन सर्च करने पर मोबाईल नंबर ********** प्राप्त हुआ जिससे संपर्क किया जिनके द्वारा आपका ऑनलाईन नेट बैंकिंग चालू हो जाएगा बोलकर मोबाईल वाट्सअप नंबर ********** में मेरे मोबाईल

वाट्सअप नंबर ********** में एक लिंक भेजा, जिसे ओपन कर मेरे द्वारा जानकारी भरी गई । मोबाईल नंबर ********** के धारक द्वारा मुझे बोला गया कि 3-4 घण्टे में आपका नेट बैंकिंग चालू हो जाएगा । समय 06.51 बजे मेरे मोबाईल में पंजाब नेशनल बैंक के खाता संख्या 252500********** से रूपये आहरण होने का मैसेज आने लगा । तब मैं अपना बैंक खाता चेक किया तो मेरे पंजाब नेशनल बैंक के खाता संख्या 252500********** से कुल 9,59,705 रूपये कट गया था । तब मैं मोबाईल नंबर ********** से संपर्क किया तो वह बंद बता रहा है । मोबाईल नंबर **********, ********** के धारक द्वारा मेरे पंजाब नेशनल बैंक के खाता का ऑनलाईन नेट बैंकिंग चालू करने के नाम पर नेट बैंकिंग चालू न कर मेरे पंजाब नेशनल बैंक के खाता संख्या 252500********** से कुल 9,59,705 रूपये आहरण कर धोखाधड़ी किया गया है । जिसके संबंध में मैंने तत्काल नेशनल सायबर हेल्प लाईन नंबर

1930 में शिकायत दर्ज करवाया हूं । अत: धोखाधड़ी करने वाले मोबाईल नंबर **********, ********** के धारक के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही किया जावे एवं मेरा बैंक खाता से आहरण राशि वापस कराने की कृपा करें ।

पटेवा/ ऑटो सेन्टर एवं इलेक्ट्रानिकक्स दुकान से चोरी! 

पटेवा/ ऑटो सेन्टर एवं इलेक्ट्रानिकक्स दुकान से चोरी!

मैं ग्राम पटेवा थाना पटेवा जिला महासमुंदद (छ.ग.) का निवासी हूं । कक्षा 08 वीं तक पढ़ाई किया हूं । बस स्टैण्ड पटेवा में अशरफी ऑटो सेन्टर एवं इलेक्ट्रानिकक्स दुकान का संचालन करता हूं । दिनांक 21.06.2025 को रात्रि में दुकान को बंद करके घर चला गया था । अगले दिन दिनांक 22.06.2025 को सुबह दुकान आया तो देखा कि मेरे दुकान के सामने में रखे दो नग कूलर पंखा एवं बनाने के लिए रखे ग्राहक का एक मोटर सायकल टी.व्ही.एस. रेडान क्रमांक CG 06 GV 8591 नहीं था । दुकान के अंदर लगे CCTV को

देखने पर दिनांक 22.06.2025 के रात्रि करीबन 04.00बजे किसी अज्ञात चोर द्वारा दुकान के सामने रखे 01- दो नग कूलर पंखा कीमती करीबन 5000 रूपये । 02- एक मोटर सायकल टी.व्ही.एस. रेडान क्रमांक CG 06 GV 8591 कीमती करीबन 15,000 रूपये जुमला कीमती करीबन 20,000 रूपये को चोरी कर ले जाते दिखाई दे रहा है । जिसका आस पास तलाश करते रहा पता नहीं चलने पर आज दिनांक 23.06.2025 को रिपोर्ट दर्ज कर कारवाही जारी।

तुमगांव/ पति पत्नी के बीच आपसी विवाद महिला के भाई से मारपीट रिपोर्ट दर्ज।

तुमगांव/ पति पत्नी के बीच आपसी विवाद महिला के भाई से मारपीट रिपोर्ट दर्ज।

भाठापारा तुमगांव में रहती हूं, घरेलु काम करती हूं । मेरा पति रंजित मन्नाडे दिनांक 24/06/25 को शाम करीबन 7.00 बजे मेरे मायके भाठापारा तुमगांव में आकर मुझे अपने बच्चे से मिलने नहीं देती हो कहकर गंदी गंदी गाली गुप्तार कर रहा था उसी समय बीच बचाव करने आये मेरा भाई ज्ञानेश्वर गहरवाल को तुम कौन होते हो ,हम दोनो के बीच में पडने वाले कहकर मेरे भाई को भी डंडा से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दिया। मारपीट करने से मेरे भाई के कमर में चोट आकर दर्द हो रहा है। मुझे बच्चे से मिलने नहीं दोगी तो मैं तुम लोगो को जान से मार दूंगा कहकर धमकी देकर चला गया । घटना को केशव टंडन एवं भोलाराम जांगडे देखे सुने है रिपोर्ट दर्ज कर उचित कारवाही की मांग की गई।

रायपुर : सुकमा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर, बैंकुठपुर, चिरमिरी जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी

रायपुर : सुकमा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर, बैंकुठपुर, चिरमिरी जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी

18 सेंट्रल लाइब्रेरीज के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने मंजूर की 114 करोड़ रुपए से अधिक की राशि

17 नगरीय निकायों में बनेंगे सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अच्छा माहौल

उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेंगी अच्छी पुस्तकें, युवाओं के करियर निर्माण में महत्वपूर्ण साबित होंगी सेंट्रल लाइब्रेरी

राजधानी रायपुर में 500-500 सीटर दो नई लाइब्रेरीज के लिए भी राशि स्वीकृत

छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर, बैंकुठपुर, चिरमिरी जैसे दूरस्थ अंचलों के युवाओं को भी सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन की सुविधा मिलेगी। राज्य शासन ने इन नगरीय निकायों के साथ ही कुल 17 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन के निर्माण के लिए 114 करोड़ 50 लाख 77 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से राज्य के विभिन्न शहरों में कुल 18 सेंट्रल लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी जिनमें कई दूरस्थ अंचलों के शहर भी शामिल हैं। इन लाइब्रेरीज की स्थापना से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। साथ ही उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन काफी सहायक होंगी। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने मंत्रालय से विभागीय संचालक को सेंट्रल लाइब्रेरीज के लिए राशि की मंजूरी के संबंध में परिपत्र जारी किया है।

राज्य शासन ने 250-250 सीटर 13 सेंट्रल लाइब्रेरीज के लिए 57 करोड़ 39 लाख 37 हजार रुपए तथा 500-500 सीटर पांच लाइब्रेरीज के लिए 57 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए मंजूर किए हैं। गरियाबंद, दुर्ग और बिलासपुर में 500-500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन हेतु प्रत्येक के लिए 11 करोड़ 42 लाख 28 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। राजधानी रायपुर में भी 500-500 सीटर दो नई लाइब्रेरीज के लिए कुल 22 करोड़ 84 लाख 56 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने चिरमिरी, दंतेवाड़ा, सुकमा, अंबागढ़-चौकी, पेंड्रा, सूरजपुर, बैकुंठपुर, सारंगढ़, धमतरी, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती और बसना में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन हेतु प्रत्येक के लिए चार करोड़ 41 लाख 49 हजार रुपए के मान से कुल 57 करोड़ 39 लाख 37 हजार रुपए मंजूर किए हैं।