महासमुंद/  ऐतिहासिक  नगरी सिरपुर में जिला स्तरीय ग्यारहवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम हुआ आयोजितसांसद संग स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों व आला अधिकारियों ने भी किया योगाभ्यास

महासमुंद/  ऐतिहासिक  नगरी सिरपुर में जिला स्तरीय ग्यारहवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम हुआ आयोजितसांसद संग स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों व आला अधिकारियों ने भी किया योगाभ्यास

योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है_ सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी*

*सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने पुरजोर प्रयास जारी_ सांसद*

महासमुंद 21 जून 2025/ पुरातत्व, ऐतिहासिक नगरी एवं पर्यटन स्थल सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर परिसर में ग्यारहवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह आयोजन पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग रायपुर मंडल द्वारा किया गया । कार्यक्रम में श्रीमती रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए ।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्काउट गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल,नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी,महेंद्र सिक्का,श्री दाऊ लाल चंद्राकर, सहित कलेक्टर श्री विनय लंगेह,पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह,वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक पांडेय,जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक,अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, जिला अधिकारी,स्कूली बच्चे ,ग्रामीण एवं युवा जन मौजूद थे।कार्यक्रम में सैकड़ों स्कूली विद्यार्थियों संग जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के आला अधिकारी सहित कर्मचारियों ने योगा के विभिन आसनों का अभ्यास किया। कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के राज्य प्रमुख श्री मुथैयाकाली मुथूट सहित आला अधिकारी भी मौजूद थे ।

इस अवसर पर सांसद श्रीमती चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा का संतुलन स्थापित करता है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से आज पूरा विश्व योग की महत्ता को समझते हुए 21 जून को योग दिवस मनाता है। योग व्यक्ति को न केवल निरोग बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक सोच भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार योग को जन-जन तक पहुँचाने निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि इसे हम दिनचर्या में शामिल करें।योग की महत्ता को पूरे विश्व में स्वीकार किया गया है। उन्होंने बताया कि 193 देशों के मौजूदगी में 177 देशों ने योग दिवस मनाए जाने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के रूप में स्थापित करने पुरजोर प्रयास जारी है। सांसद में भी आवाज उठाई गई है।

छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि ने सभी प्रदेशवासियों से योग को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि “योग करें, निरोग रहें, यही हमारे जीवन की सच्ची पूँजी है।” उन्होंने कहा कि योग हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इसे शामिल करें और स्वस्थ्य रहें।
स्काउट गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू ने कहा कि आज का दिन भारत के उस योग विधा को अपनाने का दिन है । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को पूरे विश्व ने अपनाया है। आज योग को हर व्यक्ति को अपनाने की जरुरत है।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग मानव जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग से न केवल शारीरिक बल प्राप्त होता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। यह हृदय रोग, रक्तचाप जैसी कई बीमारियों से बचाव में सहायक है।उन्होंने कहा कि योग की परंपरा भारत में अत्यंत प्राचीन रही है और आज पूरे विश्व ने इसके महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने योगाचार्यों के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन योग करना चाहिए, क्योंकि “पहला सुख निरोगी काया” है। जब शरीर स्वस्थ होता है, तब जीवन के सभी कार्य—खाना, रहना, सोना, कार्य करना—सार्थक और सुखद प्रतीत होते हैं।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह ने भी योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए इसके विविध लाभों को रेखांकित किया और लोगों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के राज्य प्रमुख श्री मुथैया काली मुथूट सहित आला अधिकारी भी मौजूद थे ।

इस अवसर पर अतिथियों ने लक्ष्मण देवालय परिसर में काजू और आम के पेड़ लगाए गए।

सांसद ने स्कूली बच्चों के साथ योगाभ्यास करके उनको प्रतिदिन योग को दिनचर्या में शामिल करने प्रेरित किया।उहोंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में एकाग्रता का बड़ा महत्व है ,योग एकाग्रता बढ़ती है।

महासमुंद/ प्रयास विद्यालय चयन परीक्षा में 131 विद्यार्थियों की सफलता पर कलेक्टर श्री लंगेह ने दी बधाई सबसे ज्यादा सरायपाली के बच्चे बाकी ब्लॉक के बच्चों ने भी बाजी मारी

महासमुंद/ प्रयास विद्यालय चयन परीक्षा में  131 विद्यार्थियों की सफलता पर कलेक्टर श्री लंगेह ने दी बधाई सबसे ज्यादा सरायपाली के बच्चे बाकी ब्लॉक के बच्चों ने भी बाजी मारी 
महासमुंद, 21 जून 2025/ महासमुंद जिले ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा में जिले के 131 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने चयनित होकर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर समस्त चयनित विद्यार्थियों, उनके पालकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और पालकों के सतत सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रयास विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन से न केवल विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक प्रेरणास्पद उपलब्धि है।
जिले के चार विकासखंडों बसना, महासमुंद, सरायपाली और बागबाहरा क्षेत्र के बच्चों ने इस सफलता में भागीदारी निभाई है,जिसमें बसना विकासखंड से 20 विद्यार्थियों ने चयन हुआ है। खोकसा, बंसुला, चिमरकेल, मोहका, हबेकांटा जैसे ग्रामीण अंचलों के बच्चों ने यह सफलता हासिल की। सरस्वती शिशु मंदिर बसना, केजीबीवी बंसुला और एमएस खोकसा जैसे विद्यालयों से चयनित विद्यार्थियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। इसी प्रकार से महासमुंद विकासखंड से 14 विद्यार्थियों ने चयन सूची में स्थान प्राप्त किया। इनमें सेजेस नयापारा तुमाडबरी, उच्च प्राथमिक शाला साराडीह, रामसागर पारा, लखनपुर जैसे शालाओं के छात्र शामिल हैं।
सरायपाली विकासखंड से सबसे अधिक 50 विद्यार्थियों का चयन हुआ। MSG SPL, UPS खपरीडीह, UPS जंगलबेड़ा, सेजेस सरायपाली से चयनित छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा के बलबूते इस मुकाम तक पहुंचे। चयनित छात्रों में नितिन नंद, खुशबू सोनी, त्रिपुरा बारिक, अनुज पांडा, उन्नति सिंह, शेखर चौहान, रेशमा साव, अंकिता कुंवर, यामिनी सिंह बड़ीहा सहित कई नाम शामिल हैं। इसी तरह बागबाहरा विकासखंड से पहली बार इतनी बड़ी संख्या में 47 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। खैरझिटी, मचेवा, भांडीखोज, चिंगरौनी, पतेरापाली जैसे ग्रामों से आए बच्चों ने चयन सूची में स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा है। आकांक्षा, जीव टंडन, विनोद सेन, हिमांशी, नितिन नंद, कुवेर, सौम्या, शीतल, रमेश श्रीवास्तव, लक्ष्मी बाई, मोहनलाल ध्रुव जैसे नाम बच्चों की लगन और प्रयास का प्रमाण हैं।इस सफलता पर पूरे जिले में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। पालकों और शिक्षकों ने इस उपलब्धि को पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए गर्व का विषय बताया है।

सरायपाली/। मानसून में युवाओं की पहली पसंद है शिशुपाल, ट्रेकिंग- कैम्पिंग और व्यू पॉइंट के साथ ही शिशुपाल पर्वत पर जौहर के इतिहास से भी जुड़ा है

सरायपाली/। मानसून में युवाओं की पहली पसंद है शिशुपाल, ट्रेकिंग- कैम्पिंग और व्यू पॉइंट के साथ ही शिशुपाल पर्वत पर जौहर के इतिहास से भी जुड़ा है

वर्तमान में सिसुपाल पर्वत एक पिकनिक स्पॉट और ट्रैकिंग पॉइंट बनते जा रहा है लेकिन कभी यहाँ एक गौरवशाली इतिहास घटित हुवा है जो बहुत कम लोग इन घटनाओं के बारे में जानते है अभी यही बात सामने आता है कि राजा रानियों ने अंग्रेजो द्वारा आक्रमण के बाद घेरे जाने के बाद सिसुपाल पर्वत के ऊपर से घोड़ो में सवार होकर घोड़ो के आंख में पट्टी बांधकर सिसुपाल पर्वत से छलांग लगा दिए थे और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा लेकिन ऐसा नही है ,

 

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भैना राजाओं का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है अक्सर सोसल मीडिया प्रिंट और वेबसाइटों में पढ़ने मिल रहा है कि राजा सिसुपाल और रानी को द्वारा अंग्रेजो द्वारा घेर लिए जाने पर पर्वत से घोड़ो के आंख में पट्टी बांधकर कूद गए थे लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही बता दें कि सिसुपाल पर्वत पर अंग्रेजो द्वारा विजय पाना इतना भी आसान नही था ।

सिसुपाल पर्वत की ऊंचाई तल से हजारो फिट ऊपर है जहां तक आज पिकनिक स्पॉट है लेकिन उसके ऊपर और कई किलोमीटर क्षेत्र में सिसुपाल पर्वत फैला जो राजाओं और सैनिकों के लिए एक अभेद किला था और किले में सस्त्र और सैनिक और इस पर्वत में भी गुप्त सुरंगे और रास्ते थे राजा और रानियां भाग भी सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया अंग्रेजी सल्तनत द्वारा आक्रमण के बाद जब अंतिम राजा और सैनिकों द्वारा अंग्रेजो के मध्य भयंकर लड़ाई लड़ा गया था युद्ध मे अंतिम राजा के मारे जाने के बाद ही 7 रानियों ने मर्यादा की रक्षा के लिए 1 हजार फीट की चोटी से घोड़ो पर पट्टी बांधकर छलांग लगा दिए और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा ।

शिशुपाल पर्वत सरायपाली से लगभग 26 किमी की दूरी पर स्थित है और यह 10 किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है. इसकी सबसे ऊंची चोटी को “खेमाखुटी” कहा जाता है. पर्वत के पूर्वी हिस्से में स्थित घोड़ाधार जलप्रपात इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देता है.

यदि आप भी इस वीकेंड मानसून के मजे के साथ घूमने की योजना बना रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता आपका इंतजार कर रही है. यहां के जलप्रपात, नदियां, जंगल और पहाड़ देशभर में प्रसिद्ध हैं, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. मानसून के दौरान छत्तीसगढ़ का महासमुंद जिला, खासकर शिशुपाल पर्वत, घूमने के लिए एक आदर्श स्थान बन जाता है.

शिशुपाल पर्वत: ट्रैकिंग और रोमांच के शौकीनों के लिएबेहतरीन विकल्प 

शिशुपाल पर्वत महासमुंद जिले में स्थित है और यह ट्रैकिंग, कैंपिंग और आकर्षक व्यू पॉइंट्स के कारण युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है. पर्वत की 1200 फीट की ऊंचाई पर उगते सूरज की पहली किरणों के साथ सेल्फी लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं. वहीं, घोड़ाधार जलप्रपात में 300 मीटर की ऊंचाई से गिरते पानी का अद्भुत दृश्य सभी को आकर्षित करता है. पर्वत की ऊंचाई से साफ मौसम में लगभग 90 किमी तक का नजारा देखा जा सकता है, जो इसे और भी खास बनाता है.

शिशुपाल पर्वत सरायपाली से लगभग 26 किमी की दूरी पर स्थित है और यह 10 किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है. इसकी सबसे ऊंची चोटी को “खेमाखुटी” कहा जाता है. पर्वत के पूर्वी हिस्से में स्थित घोड़ाधार जलप्रपात इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देता है. यहां पर्यटक ट्रैकिंग के साथ रिवर क्रॉसिंग और माउंटेन रेपलिंग का भी आनंद ले सकते हैं, जो इसे रोमांच प्रेमियों के लिए पसंदिता जगह में से एक है.

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रायपुर से केवल 180 किमी की दूरी पर स्थित
शिशुपाल पर्वत राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 180 किमी की दूरी पर स्थित है. जो लोग प्रकृति की गोद में शांति और सुकून की तलाश में हैं, उनके लिए यह पर्वत एक रोमांचक यात्रा जैसा अनुभव प्रदान करता है. मानसून के दौरान इस पर्वत की हरियाली और बारिश की बूंदों के साथ इसकी खूबसूरती दोगुनी हो जाती है.

प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर
पर्वत की चढ़ाई के दौरान कुछ सौ मीटर ऊपर एक छोटा सा प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर भी स्थित है. स्थानीय लोग बताते हैं कि मंदिर तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत की है. मंदिर तक जाने वाले रास्ते में लोग थैले में रेत और ईंट लेकर आते हैं और यहां बिछा देते हैं, ताकि यात्रियों को चढ़ाई के दौरान सुस्ताने के लिए जगह मिल सके.

शिशुपाल पर्वत का यह क्षेत्र मानसून में घूमने के लिए न केवल एक सुंदर प्राकृतिक स्थल है, बल्कि यहां के जलप्रपात और रोमांचकारी गतिविधियां इसे पर्यटकों के बीच खास बनाती हैं.

महासमुंद/जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा 3 औद्योगिक संस्थानों का निरीक्षण, अनियमितता पर नोटिस जारी

महासमुंद/जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा 3 औद्योगिक संस्थानों का निरीक्षण, अनियमितता पर नोटिस जारी

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा ग्लोबल ग्रीन एनर्जी, जटाशंकर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, श्री तुलसी फास्फेट प्राइवेट लिमिटेड एवं 9ड इंडिया लिमिटेड बिरकोनी का जांच किया गया। निरीक्षण के दौरान जटाशंकर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड बंद पाया गया, जिसके कारण निरीक्षण नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान श्री मनीष कुमार कुंजाम सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक विधिक नापतौल विभाग, श्री शशिकांत प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद उपस्थित रहे। जिसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार द्वारा जांच में सुरक्षा व्यवस्था नियमानुसार नहीं पाया गया संस्थान को नोटिस जारी किया जा रहा है एवं 9ड इंडिया लिमिटेड बिरकोनी में जांच में सुरक्षा उपकरण नियमानुसार प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके लिए प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा जांच में ओवर टाईम संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। संस्थान को नोटिस जारी किया गया। 9ड इंडिया लिमिटेड बिरकोनी के जांच में ठेकेदार द्वारा लाइसेंस से अधिक कर्मचारी नियोजित किया जाना पाया गया तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके लिए प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा तुलसी फास्फेट प्राइवेट लिमिटेड की जांच में परिसर में स्थापित धर्म कांटा असत्यापित पाया गया। परिसर में जांच हेतु पर्याप्त बाट की उपलब्धता नहीं पाई गई। पैकर पंजीयन संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त संबंध में संस्थान को नोटिस जारी किया जा रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में उत्पादन प्रमाण पत्र लेने हेतु समझाइश दी गई।

महासमुंद/कृषकों को समय पर खाद उपलब्ध कराने हेतु समीक्षा बैठक आयोजित

महासमुंद/कृषकों को समय पर खाद उपलब्ध कराने हेतु समीक्षा बैठक आयोजित

महासमुंद जिले के कृषकों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके, इसके लिए शुक्रवार को उप संचालक कृषि कार्यालय, महासमुंद में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप संचालक कृषि महासमुंद, जिला विपणन अधिकारी महासमुंद, नोडल अधिकारी (जिला सहकारी केंद्रीय बैंक) एवं इफको के मैनेजर उपस्थित रहे।

बैठक में नोडल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे सहकारी समितियों को प्रोत्साहित करें कि कृषकों को डी.ए.पी. एवं एन.पी.के. के विकल्प के रूप में एस.एस.पी. खाद का वितरण किया जाए। बताया गया कि वर्तमान में जिला विपणन अधिकारी के पास 1602 मीट्रिक टन एस.एस.पी. उपलब्ध है। साथ ही 280 टन एन.पी.के. को शीघ्र ही सहकारी समितियों में भंडारित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उर्वरकों के परिवहन की व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

उर्वरक दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण

विकासखंड सरायपाली में कृषकों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की दिशा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली सुश्री नम्रता चौबे के नेतृत्व में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में अतिरिक्त तहसीलदार सुश्री मनीषा देवांगन, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बी.एल. मिर्धा एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एल.के. चौहान शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान सरायपाली के मेसर्स राजेश अग्रवाल एवं पटेल कृषि सेवा केंद्र का जायजा लिया गया। अनुविभागीय अधिकारी ने फर्म संचालकों को निर्देशित किया कि उर्वरक का वितरण केवल निर्धारित मूल्य पर और पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाए। साथ ही दुकानों में मूल्य सूची का स्पष्ट रूप से प्रदर्शन अनिवार्य किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि खाद की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बसना / श्री श्री विश्वनाथ मंदिर दूधिपाली में 22 जून को महादेव जी का जलाभिषेक,रुद्राभिषेक एवं हरिनाम संकीर्तन के साथ रक्तदान शिविर

बसना / श्री श्री विश्वनाथ मंदिर दूधिपाली में 22 जून को महादेव जी का जलाभिषेक,रुद्राभिषेक एवं हरिनाम संकीर्तन के साथ रक्तदान शिविर

*कुदारीबाहरा(बसना):-* ग्राम दूधिपाली में पिछले वर्ष स्व. रामप्रसाद साहू(बड़खा सोनार) द्वारा संकल्पित महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके परिवार द्वारा श्री श्री विश्वनाथ महादेव का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक सह हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही साथ इस आनंदमयी बेला में परिवारजनों द्वारा असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है, रक्तदान परिवार के सदस्यों सगे संबंधियों, मित्रों, ग्रामीणों एवं जिला रक्तदान केंद के सहयोग से सम्पन्न होगा।

परिवारजनों के साथ-साथ जो भी भाई बंधु, सगे संबंधी एवं मित्रगण रक्तदान करना चाहते हैं रक्तदान कर सकते हैं। प्रफुल्ल साहू द्वारा रक्तदान शिविर और जन्मोत्सव कार्यकम को सफल बनाने सभी श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक संख्या में महादेव के दरबार में आमंत्रित किया गया है, ताकि अधिक संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित हो और रक्तदान शिविर कार्यक्रम सफल हो। एवं इस कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा का आयोजन भी किया जाएगा। उक्त जानकारी स्व. रामप्रसाद साहू के पोते प्रफुल्ल साहू द्वारा दी गई।

सरायपाली / ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में करैत सांप के काटे मरीज को मिला नया जीवन 10 दिन वेंटिलेटर पर रहे फागुलाल का सफल इलाज; अस्पताल ने दिखाई मानवता, अधिकांश खर्च किया माफ

सरायपाली / ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में करैत सांप के काटे मरीज को मिला नया जीवन
10 दिन वेंटिलेटर पर रहे फागुलाल का सफल इलाज; अस्पताल ने दिखाई मानवता, अधिकांश खर्च किया माफ

सरायपाली, 1जून ग्राम अमरकोट निवासी फागुलाल को उस समय करैत सांप ने डंस लिया जब वे रात में सो रहे थे। ज़हर तेजी से शरीर में फैलने लगा और स्थिति गंभीर हो गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया।

मरीज को गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ी और उसे 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। करीब 18 दिनों तक ICU में रहने के बाद, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कड़ी मेहनत से अब वे पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

फागुलाल के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण, ओम हॉस्पिटल प्रबंधक ने मानवीय पहल करते हुए केवल जरूरी मेडिकल और टेस्ट का शुल्क लिया, जबकि अस्पताल का बाकी सारा खर्च पूरी तरह माफ कर दिया गया। यह निर्णय मरीज के परिजनों के लिए किसी राहत से कम नहीं था।

फागुलाल के बेटे ने कहा, “हम बिल्कुल टूट चुके थे – न इलाज का खर्च उठा सकते थे, न उम्मीद बची थी। लेकिन ओम हॉस्पिटल के डॉक्टरों और प्रबंधक ने हमें सहारा दिया और हमारे पिता को नई ज़िंदगी मिल गई।”

अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि करैत सांप का ज़हर बहुत तेज़ होता है और यदि समय रहते इलाज ना मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है। इस मामले में समय पर लाया जाना और सटीक इलाज ही जीवनरक्षक सिद्ध हुआ।

इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि ओम हॉस्पिटल, सरायपाली न केवल चिकित्सा सेवाओं में सक्षम है, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा-भाव में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

आपका स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता
ओम हॉस्पिटल सरायपाली
(83700 08558,077252 99360)
स्व.राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय नेशनल हाईवे सरायपाली

सरायपाली /0ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में करैत सांप के काटे मरीज को मिला नया जीवन 10 दिन वेंटिलेटर पर रहे फागुलाल का सफल इलाज; अस्पताल ने दिखाई मानवता, अधिकांश खर्च किया माफ

सरायपाली /0ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में करैत सांप के काटे मरीज को मिला नया जीवन
10 दिन वेंटिलेटर पर रहे फागुलाल का सफल इलाज; अस्पताल ने दिखाई मानवता, अधिकांश खर्च किया माफ

सरायपाली, 1जून ग्राम अमरकोट निवासी फागुलाल को उस समय करैत सांप ने डंस लिया जब वे रात में सो रहे थे। ज़हर तेजी से शरीर में फैलने लगा और स्थिति गंभीर हो गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया।

मरीज को गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ी और उसे 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। करीब 18 दिनों तक ICU में रहने के बाद, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कड़ी मेहनत से अब वे पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

फागुलाल के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण, ओम हॉस्पिटल प्रबंधक ने मानवीय पहल करते हुए केवल जरूरी मेडिकल और टेस्ट का शुल्क लिया, जबकि अस्पताल का बाकी सारा खर्च पूरी तरह माफ कर दिया गया। यह निर्णय मरीज के परिजनों के लिए किसी राहत से कम नहीं था।

फागुलाल के बेटे ने कहा, “हम बिल्कुल टूट चुके थे – न इलाज का खर्च उठा सकते थे, न उम्मीद बची थी। लेकिन ओम हॉस्पिटल के डॉक्टरों और प्रबंधक ने हमें सहारा दिया और हमारे पिता को नई ज़िंदगी मिल गई।”

अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि करैत सांप का ज़हर बहुत तेज़ होता है और यदि समय रहते इलाज ना मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है। इस मामले में समय पर लाया जाना और सटीक इलाज ही जीवनरक्षक सिद्ध हुआ।

इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि ओम हॉस्पिटल, सरायपाली न केवल चिकित्सा सेवाओं में सक्षम है, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा-भाव में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

आपका स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता
ओम हॉस्पिटल सरायपाली
(83700 08558,077252 99360)
स्व.राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय नेशनल हाईवे सरायपाली

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हर घर जल योजना अंतर्गत पूर्ण कार्यां को पंचायतों को हैंड ओवर करें

जल जीवन मिशन के जिले में प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शुक्रवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला ने की। बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अधीक्षण अभियंता श्री आर.के. शुक्ला, कार्यपालन अभियंता श्री डी.पी. वर्मा सहित सभी जनपद सीईओ, विभागीय उप अभियंता, सभी क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में जिले में चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए श्री शुक्ला ने कहा कि कहा कि नल जल जीवन मिशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अंतर्गत हर ग्रामीण परिवार को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना लक्ष्य है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने, पानी टंकी निर्माण, गृह संयोजन की स्थिति तथा परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने जो हर घर जल योजना अंतर्गत जितने ग्राम पंचायतों में जल प्रदाय का कार्य प्रारम्भ हो चुका है उसे पंचायतों को हैंड ओवर करने के निर्देश दिए। हर घर जल योजना अंतर्गत 511 पंचायतों में जल सेवा प्रदाय किया गया जिसमें से 172 पंचायतों को हैंड ओवर किया गया है। इसी तरह श्री शुक्ला ने विद्युत संयोजन के लिए जिन ग्राम पंचायतों में डिमांड नोट प्राप्त नहीं हुआ है वहां तत्काल डिमांड नोट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। जल जीवन मिशन अंतर्गत टंकी निर्माण अप्रारम्भ होने वाले ग्रामों में कारणों की समीक्षा करते हुए उनकी शीघ्र समाधान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पीएम जनमन योजना अंतर्गत जिले के कुल 76 मोहल्लों में जल प्रदाय किया जाना है। जिसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत समोदा, अछोला बैराज से 48 गांवों में पानी पहुंचेगी जिसे दिसम्बर माह तक पूर्ण करने कहा गया है।

उन्होंने कहा कि सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण हों और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आईएसए एजेंसियां गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए कार्य की निगरानी करें और आवश्यकतानुसार ठेकेदारों का मार्गदर्शन करें। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में प्रगति की जानकारी दी।

पीएचई कार्यपालन अभियंता श्री वर्मा ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत कुल 1117 ग्रामों में 2 लाख 21 हजार घरेलू नल कनेक्शन प्रदाय किया जाएगा। बैठक में रिट्रोफिटिंग, सोलर आधारित जल योजनाएं, जल स्रोत की उपलब्धता, खनन संबंधी मुद्दों और जल संरक्षण-स्रोत संवर्धन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत की गई समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया और समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

Chhattisgarh: बारिश के बीच उफनती नदी में चार लोग बहे, 20 घंटे बाद भी नहीं लगा कोई सुराग

Chhattisgarh: बारिश के बीच उफनती नदी में चार लोग बहे, 20 घंटे बाद भी नहीं लगा कोई सुराग

छत्तीसगढ़ में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। सरगुजा के सीतापुर थाना क्षेत्र के ढोढागांव के पास मैनी नदी में चार लोग बह गए जिसमें महिला और बच्चे भी शामिल हैं। 20 घंटे बाद भी इनका पता नहीं चल सका है।

छत्तीसगढ़ में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। सरगुजा के सीतापुर थाना क्षेत्र के ढोढागांव के पास मैनी नदी में चार लोग बह गए जिसमें महिला और बच्चे भी शामिल हैं। 20 घंटे बाद भी इनका पता नहीं चल सका है। नदी में अचानक बाढ़ आ जाने के कारण घटना हुई है। पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई है।

 

मिली जानकारी के मुताबिक सोमारी (45), अंकिता (8), बिनावती नागवंशी (30) और उसका बेटा आर्यस (3), सभी मैनी नदी के किनारे मशरूम इकट्ठा करने गए थे। इलाके में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और चारों बह गए। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ ने बचाव अभियान शुरू किया। अभी तक उनमें से किसी का भी पता नहीं चल पाया है।

जब चारों देर शाम घर नहीं पहुंचे तो उनकी तलाश शुरू की गई। कुछ ग्रामीणों ने उन्हें खेत की ओर से नदी में उतरते हुए दूर से देखा था। सूचना पर केरजू चौकी प्रभारी राजेश्वर सिंह की टीम मौके पर पहुंच गई है। अब तक चारों का पता नहीं चला है।