महासमुंद/राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत तेंदुकोना में चालानी कार्यवाही, 14 चालान काटे गए

महासमुंद/राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत तेंदुकोना में चालानी कार्यवाही, 14 चालान काटे गए

महासमुंद/ राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में विकासखंड बागबाहरा के तेंदुकोना क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त प्रवर्तन दल द्वारा कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003) के तहत चालानी कार्यवाही की गई। कार्रवाई डीपीएम श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन एवं जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से किया गया।

कार्यवाही के दौरान औषधि निरीक्षक श्री अवधेश भारद्वाज द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में आने वाले दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोटपा एक्ट 2003 की धारा 04 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, धारा 06 (अ) के तहत नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध तथा धारा 06 (ब) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पाद बिक्री प्रतिबंध का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 14 चालान काटे गए।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि तंबाकू सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कोटपा एक्ट 2003 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु जिले में लगातार निरीक्षण एवं चालानी कार्यवाही जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि सार्वजनिक स्थलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों का उपयोग एवं बिक्री न करें तथा स्वस्थ समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

महासमुंद/सुशासन तिहार अंतर्गत ग्राम परसूली में समाधान शिविर आयोजित अंतिम गांव, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे – श्री ठाकुर

महासमुंद/सुशासन तिहार अंतर्गत ग्राम परसूली में समाधान शिविर आयोजित अंतिम गांव, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे – श्री ठाकुर

महासमुंद, 06 मई 2026/ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत आज बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम परसूली में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर शामिल हुए। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री केशव नायक राम चंद्राकर, जनपद सदस्य श्री लोचन पटेल सहित अंचल के सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं जनपद पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली गई। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। शिविर में 19 ग्राम पंचायतों – परसुली, खट्टी, परकोम, पण्डरीपानी, झिटकी, राटापाली, नर्रा, बिन्द्रावन, उखरा, कोमाखान, घोयनाबाहरा, बोईरगांव, पतेरापाली स, द्वारतराकला, भलेसर, खैरटकला, सुवरमार, कसहीबाहरा, कुलिया के नागरिक गण शामिल हुए।

शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच के अनुरूप सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रशासन प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना एवं वात्सल्य योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक लोगों को आगे आने की अपील भी की। उन्होंने बताया कि लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां आमजन की शिकायतों और मांगों का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना ही सुशासन की पहचान है।

जनपद अध्यक्ष बागबाहरा श्री केशव नायक राम चंद्राकर एवं मंचस्थ अतिथियों ने शिविर में पहुंचे आम नागरिकों की समस्याएं सुनी और विभागीय अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अतिथियों ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल से आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण संभव हो रहा है तथा लोगों को अपनी बात सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तेज गति से हो। उन्होंने ग्रामीणों से शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों का रक्त परीक्षण, ब्लड प्रेशर एवं मधुमेह की जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया तथा परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लायसेंस बनाया गया। इसी तरह जिले के पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत रेमडा एवं सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बानीगिरोला में समाधान शिविर में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अखबार में प्रकाशित पेयजल समस्या की खबर पर लिया त्वरित संज्ञान

मैनपाट के सपनादर स्थित चेराजोबला बस्ती में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह समाचार पत्रों का अवलोकन करते समय “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी” शीर्षक से प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ ज़मीन पर सुनिश्चित करना है।

जिला परियोजना अधिकारी कमल नारायण चन्द्राकर को सेवानिवृत्त होने पर दी गई भावभीनी विदाई

महासमुंद : जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण महासमुंद के जिला परियोजना अधिकारी कमल नारायण चन्द्राकर के 30 अप्रैल 2026 को शिक्षकीय जीवन में अर्धवार्षिकी पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने पर जिला पंचायत सभाकक्ष महासमुंद में विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत, शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद हेमन्त नंदनवार के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने श्री चन्द्राकर को साल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके लंबे सेवाकाल, कार्यनिष्ठा और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान की सराहना की।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी नंदनवार ने कहा कि चन्द्राकर ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण एवं ईमानदारी के साथ किया। उनका अनुभव, कार्यशैली और शिक्षा व साक्षरता के प्रति प्रतिबद्धता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई संभावनाओं और समाज सेवा के नए अध्याय की शुरुआत है।

विदाई समारोह का माहौल भावुक एवं आत्मीय रहा। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने चन्द्राकर के साथ बिताए अनुभव साझा करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस अवसर पर सम्पाबोस, तारिका कुजांम, जागेश्वर सिन्हा, ईश्वर चन्द्राकर, अशोक चन्द्राकर, मनोज सिन्हा, मनोज सोनी, कलीराम मधुकर, सरजू दीवान, प्रनीत शर्मा, मयंक दुबे, धनेश यादव, रामकुमार कमार, योगेश ध्रुव, विकास साहू, केशव साहू सहित जिला पंचायत के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिले में 06 मई को परसुली, रेमडा एवं बानीगिरोला में होगा समाधान शिविर का आयोजन

महासमुंद : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आमजन को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत 01 मई से 05 जून 2026 तक जिले में कुल 41 समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें महासमुंद विकासखंड में 10, बागबाहरा में 7, पिथौरा में 9, बसना में 7, सरायपाली में 7 तथा तुमगांव नगरीय निकाय में एक क्लस्टर शामिल है।

समाधान शिविर का आयोजन 06 मई 2026 को तीन क्लस्टर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसुली के हाई स्कूल में शिविर आयोजित होगा, इनमें 19 ग्रामों के ग्रामीणजन शामिल होंगे।

इसी तरह पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत रेमडा के हाई स्कूल परिसर में आयोजित शिविर में 13 ग्राम के ग्रामीणजन तथा सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बानीगिरोला के हायर सेकेण्डरी स्कूल में आयोजित शिविर में 20 ग्रामों के ग्रामीणजनों से मांग एवं शिकायत से संबंधित प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा।

कलेक्टर लंगेह ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं, 65 आवेदन प्राप्त

महासमुंद : कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। कलेक्टर लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए।

जनदर्शन में ग्राम मुढ़ेना महासमुंद निवासी उमेश कुमार चौहान ने खसरा क्रमांक त्रुटि के संबंध में आवेदन किया। इसी तरह कमरौद बागबाहरा निवासी छबेलाल पटेल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि प्रदाय करने हेतु, झलप निवासी बल्दूराम सेन ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत दावा आपत्ति के संबंध में, ग्राम ठाकुरदिया पिथौरा निवासी दिव्यांग रोहित ने विकलांग पेंशन प्रदाय किए जाने, ग्राम बोईरगांव बागबाहरा निवासी विनोद कुमार महानंद ने भूमि सीमांकन के लिए तथा ग्राम तोरेसिंहा सरायपाली निवासी सुरेश साहू ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया।

रेलवे को बड़ी सौगात: 23,437 करोड़ की तीन परियोजनाएं मंजूर, विकास को मिलेगी रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिनकी कुल लागत लगभग 23,437 करोड़ रुपये है। पीएम मोदी का कहना है कि इससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी तेज रफ्तार मिलेगी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, आर्थिक विकास को गति!” उन्होंने बताया, “मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में रेलवे परियोजनाओं के लिए कैबिनेट की मंजूरी से कनेक्टिविटी बढ़ेगी और परिचालन क्षमता में सुधार होगा। इससे पूरे देश में प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होगी।”

दरअसल, मंगलवार को सरकार ने रेलवे की तीन बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत करीब 23,437 करोड़ रुपये है और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन योजनाओं के तहत भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी।

इन तीन अहम परियोजनाओं में नागदा-मथुरा थर्ड और फोर्थ लाइन, गुंटकल–वाडी थर्ड और फोर्थ लाइन और बुरहवाल–सीतापुर थर्ड और फोर्थ लाइन शामिल हैं। इन लाइनों के बढ़ने से ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी, देरी कम होगी और रेलवे की सेवा ज्यादा भरोसेमंद बनेगी।

ये प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों को कवर करेंगे। इससे करीब 4,000 से ज्यादा गांवों (लगभग 83 लाख आबादी) को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। सरकार का कहना है कि ये योजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाई गई हैं, जिसका मकसद मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना है। इससे लोगों, सामान और सेवाओं का आवागमन और आसान होगा।

इन प्रोजेक्ट्स से कई बड़े पर्यटन स्थलों जैसे महाकालेश्वर, रणथंभौर नेशनल पार्क, केवलादेव नेशनल पार्क, मथुरा, वृंदावन और नैमिषारण्य तक पहुंच बेहतर होगी। साथ ही कोयला, सीमेंट, खाद, लोहा-इस्पात जैसे जरूरी सामान की ढुलाई भी तेज होगी।रेलवे के मुताबिक, इन परियोजनाओं से हर साल करीब 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। इससे न सिर्फ लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, बल्कि 37 करोड़ लीटर तेल की बचत और सीओ2 उत्सर्जन में भी बड़ी कमी आएगी।

सरायपाली में पानी की किल्लत ने बढ़ाया तनाव: टैंकर से पानी भरने को लेकर विवाद, युवक पर बाल्टी और मुक्के से हमला; नाक से निकला खून, थाना में मामला दर्ज

सरायपाली में पानी की किल्लत ने बढ़ाया तनाव: टैंकर से पानी भरने को लेकर विवाद, युवक पर बाल्टी और मुक्के से हमला; नाक से निकला खून, थाना में मामला दर्ज

 

महासमुंद जिले के सरायपाली में भीषण गर्मी के बीच पानी को लेकर तनाव अब झगड़े और मारपीट तक पहुंचने लगा है। नगर पालिका, नल-जल योजना और संगम सेवा समिति द्वारा पानी उपलब्ध कराए जाने के बावजूद वार्ड क्रमांक 07 शास्त्रीनगर झिलमिला में पानी भरने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक के साथ मारपीट कर दी गई। घटना में युवक की नाक में चोट आई और खून निकलने लगा।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक शास्त्रीनगर झिलमिला निवासी

मोहनलाल अहिरवार ने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। 3 मई 2026 की शाम करीब 5 बजे नगर पालिका सरायपाली द्वारा मोहल्ले में पानी टैंकर लाकर उसके घर के सामने खड़ा किया गया था। टैंकर आते ही पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। प्रार्थी भी अपने बड़े भाई संजय अहिरवार के साथ बाल्टी में पानी भर रहा था।
इसी दौरान मोहल्ले के पप्पू सागर और उसके परिवार के लोग भी वहां पहुंचे। प्रार्थी ने आरोपी से दो बाल्टी पानी भर लेने देने की बात कही। आरोप है कि इसी बात पर पप्पू सागर भड़क गया और “अपना पाइप अलग से खरीद लो” कहते हुए गाली-गलौच शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपी ने हाथ-मुक्के व बाल्टी से मारपीट कर दी।

मारपीट में मोहनलाल अहिरवार की नाक में चोट आई और खून निकलने लगा। घटना को बड़े भाई संजय अहिरवार और मोहल्ले की शारदा निषाद ने देखा तथा बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। बाद में घायल युवक ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ इलाके में पानी की मांग भी बढ़ गई है। नगर पालिका के टैंकर, नल-जल योजना और सामाजिक संस्थाओं द्वारा पानी उपलब्ध कराए जाने के बावजूद कई मोहल्लों में पानी भरने को लेकर रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है।

मामले में सरायपाली थाना पुलिस ने आरोपी पप्पू सागर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 115(2), 296 और 351(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महासमुंद/कलेक्टर श्री लंगेह ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं, 65 आवेदन प्राप्त

महासमुंद/कलेक्टर श्री लंगेह ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं, 65 आवेदन प्राप्त

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए।

जनदर्शन में ग्राम मुढ़ेना महासमुंद निवासी श्री उमेश कुमार चौहान ने खसरा क्रमांक त्रुटि के संबंध में आवेदन किया। इसी तरह कमरौद बागबाहरा निवासी श्री छबेलाल पटेल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि प्रदाय करने हेतु, झलप निवासी श्री बल्दूराम सेन ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत दावा आपत्ति के संबंध में, ग्राम ठाकुरदिया पिथौरा निवासी दिव्यांग श्री रोहित ने विकलांग पेंशन प्रदाय किए जाने, ग्राम बोईरगांव बागबाहरा निवासी श्री विनोद कुमार महानंद ने भूमि सीमांकन के लिए तथा ग्राम तोरेसिंहा सरायपाली निवासी श्री सुरेश साहू ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया। इसके अलावा अवैध अतिक्रमण, लम्बित राशि भुगतान एवं अन्य आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

महासमुंद ज़िला यूनियन में तेंदूपत्ता सीज़न 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण प्रारंभ 

महासमुंद ज़िला यूनियन में तेंदूपत्ता सीज़न 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण प्रारंभ

म्हासमुंद 05 मई 2026/ महासमुंद ज़िला यूनियन के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 का कार्य दिनांक 03 मई 2026 से सुचारु रूप से प्रारंभ हो चुका है। इस वर्ष कुल संग्रहण लक्ष्य 91,300 मानक बोरा निर्धारित किया गया है। दिनांक 04 मई 2026 तक 13,814.570 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है, जो प्रारंभिक चरण में संतोषजनक प्रगति को दर्शाता है।

ज़िला यूनियन के प्रबंध संचालक श्री मयंक पांडेय के कुशल मार्गदर्शन एवं निरंतर मॉनिटरिंग के चलते तेंदूपत्ते का संग्रहण उच्च गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। वनमंडल के समस्त उपवनमंडल अधिकारी एवं परिक्षेत्र अधिकारीगण द्वारा नियमित रूप से फड़ों का निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे तेंदूपत्ते की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न आए।

इस वर्ष महासमुंद ज़िला यूनियन के अंतर्गत 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 786 तेंदूपत्ता फड़ों में लगभग 44,900 संग्राहक परिवार सक्रिय रूप से संग्रहण कार्य में संलग्न हैं। इस वर्ष तेंदूपत्ता का निर्धारित पारिश्रमिक 5,500 प्रति मानक बोरा है, जिससे संग्राहकों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

उपवनमंडल अधिकारी महासमुंद श्री गोविंद सिंह ने बताया कि इस वर्ष तेंदूपत्ते की गुणवत्ता अत्यंत उत्तम है तथा मौसम भी संग्रहण के लिए पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। यदि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति होती है, तो लगभग 44,900 संग्राहक परिवारों के मुखियाओं के निजी बैंक खातों में कुल 50.21 करोड़ (लगभग) की राशि सीधे अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।