सरायपाली डायबिटीज को न करें नजरअंदाज, 10 मई को ओम हॉस्पिटल में विशेष परामर्श शिविर

सरायपाली डायबिटीज को न करें नजरअंदाज, 10 मई को ओम हॉस्पिटल में विशेष परामर्श शिविर

 

सरायपाली। बदलती जीवनशैली और खानपान के कारण डायबिटीज तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरायपाली स्थित ओम हॉस्पिटल द्वारा 10 मई रविवार 2026 को विशेष डायबिटीज जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एस. कुमार (MBBS, DNB Medicine) मरीजों को परामर्श देंगे।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डायबिटीज एक “धीमे जहर” की तरह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए समय रहते जांच और उपचार बेहद जरूरी है। शिविर में बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, कमजोरी, वजन घटना या बढ़ना, घाव देर से भरना तथा हाथ-पैरों में झुनझुनी जैसे लक्षणों की जांच की जाएगी।

शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा। आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं अन्य दस्तावेजों के माध्यम से इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही बीपी कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क इलाज की व्यवस्था भी की गई है।
अस्पताल प्रबंधन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि डायबिटीज के लक्षण दिखने पर इसे नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराकर स्वास्थ्य लाभ लें।
ओम हॉस्पिटल, स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाईवे, सरायपाली में स्थित है। संपर्क के लिए 07725-299360 एवं 83700-08558 नंबर जारी किए गए हैं।

महासमुंद/सांकरा : “पापा ने भेजा है…” कहकर घरों में घुस रहे शातिर, बच्चों और बुजुर्गों को बनाया निशाना; 3 गांवों से लाखों के जेवर-नकदी पार

महासमुंद/सांकरा : “पापा ने भेजा है…” कहकर घरों में घुस रहे शातिर, बच्चों और बुजुर्गों को बनाया निशाना; 3 गांवों से लाखों के जेवर-नकदी पार

महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में इन दिनों एक शातिर गिरोह सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है, जो बच्चों और बुजुर्गों को झांसे में लेकर घरों में चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा है। झगरेनडीह, अनसुला और लोहरिनडोंगरी गांव में एक जैसे तरीके से हुई तीन घटनाओं ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। तीनों मामलों में आरोपी काले रंग की प्लेटिना मोटरसाइकिल से पहुंचा और परिजनों का परिचित बनकर घर में घुसा।

पहली घटना ग्राम झगरेनडीह की है, जहां निलमणी प्रधान की 10 वर्षीय पुत्री को आरोपी ने यह कहकर बहलाया कि “तुम्हारे पापा ने पेटी से कागजात लेने भेजा है।” बच्ची को पानी लाने भेजकर आरोपी ने पेटी का ताला तोड़ा और सोने के जेवर सहित 79 हजार रुपये नगद पार कर दिए। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 1 लाख 15 हजार रुपये बताई गई है।
दूसरी घटना ग्राम अनसुला में हुई, जहां निलकंठ निषाद के 13 वर्षीय पुत्र को “छड़-सिमेंट मंगाया है” कहकर घर से बाहर ले जाया गया। इसी दौरान आरोपी घर में घुसा और आलमारी से 13 ग्राम सोने का माला, झुमका, नाक फुल्ली तथा 7 हजार रुपये नगद चोरी कर फरार हो गया। इस वारदात में करीब 64 हजार रुपये की चोरी हुई।
तीसरी घटना ग्राम लोहरिनडोंगरी में सामने आई, जहां प्रदीप कुमार भोई की 70 वर्षीय मां को आरोपी ने यह कहकर झांसे में लिया कि “तुम्हारा लड़का छड़-सिमेंट का पैसा लेने भेजा है।” बुजुर्ग महिला को पानी लाने भेजकर आरोपी ने अलमारी का लॉकर तोड़ दिया और 40 हजार रुपये नगद लेकर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

 

 

बसना सरायपाली : ढाबों में मिला दूषित बासी आटा,उपयोग रोटियां बनाने में मेडिकल स्टोर्स और पानी प्लांटों की भी जांच

बसना सरायपाली : ढाबों में मिला दूषित बासी आटा,उपयोग रोटियां बनाने में मेडिकल स्टोर्स और पानी प्लांटों की भी जांच

सही दवा-शुद्ध आहार अभियान के तहत प्रशासन की सख्ती, कई जगहों से लिए गए सैंपल
महासमुंद। जिले में चलाए जा रहे “सही दवा-शुद्ध आहार अभियान” के तहत प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दवाइयों की जांच को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस, स्वास्थ्य और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शहर सहित बसना, पिथौरा और सरायपाली क्षेत्र में ढाबों, मेडिकल स्टोर्स और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांटों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कई ढाबों में बासी खाद्य सामग्री मिलने पर कार्रवाई की गई। बसना क्षेत्र के एक ढाबे में

करीब 10 किलो बासी आटा बरामद हुआ, जिसका उपयोग रोटियां बनाने में किया जा रहा था। टीम ने मौके पर ही आटे को जब्त कर नष्ट कराया। वहीं कुछ अन्य स्थानों से चावल और चावल के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, नियमित मेडिकल फिटनेस जांच कराने और रसोई घर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

महासमुंद, 06 मई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रदेशभर में संचालित 15 दिवसीय सघन जांच अभियान सही दवा-शुद्ध आहार- यही छत्तीसगढ़ का आधार के अंतर्गत जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा लगातार निरीक्षण एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में खाद्य प्रकोष्ठ एवं औषधि प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। डॉ. आई. नागेश्वर राव, उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में टीम द्वारा दवाओं, खाद्य पदार्थों, वैक्सीन एवं कॉस्मेटिक सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षित उपयोग तथा मानकों की जांच की जा रही है।
औषधि प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी श्रीमती तृप्ति जैन, सहायक नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नेतृत्व में 4 मई को पिथौरा क्षेत्र के गर्ग मेडिकल स्टोर्स, अग्रवाल मेडिकल स्टोर्स, तिवारी मेडिकल स्टोर्स एवं श्रीराम मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर स्वापक औषधियों एवं दस्तावेजों की जांच की गई। वहीं 5 मई को बसना एवं सरायपाली क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स एवं फार्मा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। अभियान के पूर्व चरणों में शासकीय एवं निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में वैक्सीन के रख-रखाव, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही व्यापारियों एवं आमजन को वैक्सीन और कॉस्मेटिक उत्पादों के सुरक्षित उपयोग, निर्माण लाइसेंस, लेबलिंग एवं अवसान तिथि संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया गया।
खाद्य प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी श्री उमेश कुमार, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नेतृत्व में 4 मई को महासमुंद शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों की जांच की गई। इस दौरान खाद्य अनुज्ञप्ति, जल परीक्षण रिपोर्ट एवं फूड हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्रों की जांच की गई तथा दो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर नमूने परीक्षण हेतु संकलित किए गए। इसी क्रम में 5 मई को बसना क्षेत्र के ढाबों एवं रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यूपी बिहार ढाबा, भूकेल में लगभग 10 किलोग्राम दूषित एवं बासी आटा (लोई) पाए जाने पर मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं तिवारी ढाबा, पौसरा से पका चावल एवं दाल के नमूने जांच हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए।
निरीक्षण दल द्वारा सभी ढाबों एवं रेस्टोरेंट संचालकों को वेज एवं नॉनवेज किचन अलग रखने, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड एवं जल परीक्षण रिपोर्ट संधारित करने तथा परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए प्रतिष्ठानों को खाद्य अनुज्ञप्ति प्राप्त करने एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।

 

 

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत तेंदुकोना में चालानी कार्यवाही, 14 चालान काटे गए
 

महासमुंद 06 मई 2026/ राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में विकासखंड बागबाहरा के तेंदुकोना क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त प्रवर्तन दल द्वारा कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003) के तहत चालानी कार्यवाही की गई। कार्रवाई डीपीएम श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन एवं जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से किया गया।

कार्यवाही के दौरान औषधि निरीक्षक श्री अवधेश भारद्वाज द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में आने वाले दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोटपा एक्ट 2003 की धारा 04 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, धारा 06 (अ) के तहत नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध तथा धारा 06 (ब) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पाद बिक्री प्रतिबंध का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 14 चालान काटे गए।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि तंबाकू सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कोटपा एक्ट 2003 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु जिले में लगातार निरीक्षण एवं चालानी कार्यवाही जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि सार्वजनिक स्थलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों का उपयोग एवं बिक्री न करें तथा स्वस्थ समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

 

विधायक ने झंडी दिखाकर किया विकसित कृषि संकल्प यात्रा का शुभारंभ, 20 तक चलेगा रथ

महासमुंद। जिले में किसानों को आधुनिक खेती के प्रति जागरूक करने विकसित कृषि संकल्प यात्रा का शुभारंभ कल कलेक्ट्रेट परिसर से किया गया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर प्रचार-प्रसार के लिए रवाना किया।

इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जनपद अध्यक्ष महासमुंद दिशा दीवान, नगरपालिका उपाध्यक्ष  देवीचंद राठी, जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, जिला रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष संदीप दीवान मौजूद थे। इसी तरह अन्य विकासखण्डों में जनप्रतिनिधियों द्वारा किसान रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशानुसार जिले में विकसित कृषि संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया गया है। जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की नवीन तकनीकों से जोडऩा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से किसान जैविक खेती, उन्नत बीज,कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने तथा आय में वृद्धि के तरीकों को समझ सकेंगे।

उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे और उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आए। विधायक श्री सिन्हा ने जिले के किसानों एवं ग्रामीण जनों से अपील की कि वे 20 मई तक आयोजित इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आधुनिक कृषि तकनीकों, फ सल चक्र परिवर्तन तथा मिलेट्स की खेती के लाभों की जानकारी प्राप्त करें।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि विकसित कृषि संकल्प यात्रा के अंतर्गत किसान रथ गांव-गांव जाकर तथा सुशासन तिहार शिविरों में किसानों को कृषि योजनाओं, उन्नत तकनीकों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि शिविरों में सफल किसानों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे। ताकि अन्य किसान उनसे प्रेरणा लेकर उन्नत एवं लाभकारी खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो सकें।

इस अवसर पर संदीप घोष,हरंबश सिंह ढिल्लो, पार्षद राहुल आवड़े, रमेश साहू, श्याम साकरकर, शरद मराठा, जन प्रतिनिधि तथा कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उप संचालक एफ . आर. कश्यप ने बताया कि जिले में विकसित कृषि संकल्प यात्रा का आयोजन 5 से 20 मई तक किया जाएगा।

इस दौरान किसान प्रचार रथों के माध्यम से खरीफ  सीजन की तैयारी, आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, दलहन-तिलहन एवं मक्का उत्पादन में वृद्धि पर किसानों को जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान किसानों को जैविक खाद, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा विभिन्न कृषि योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एग्रीटेक पंजीयन और फसल बीमा योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कृषि विभाग के विशेषज्ञों द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित खाद उपयोग एवं मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

समाधान शिविर आज हरदा में

महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आमजन को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत 01 मई से 5 जून तक जिले में कुल 41 समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें महासमुंद विकासखंड में 10, बागबाहरा में 7, पिथौरा में 9ए बसना में 7, सरायपाली में 7 तथा तुमगांव नगरीय निकाय में एक क्लस्टर शामिल है। समाधान शिविर का आयोजन कल 7 मई को बसना विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदा के प्राथमिक शाला में तथा 8 मई को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत लोहारडीह के मिडिल स्कूल मैदान में शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणजनों से अपील की गई है कि शिविर में पहुंचकर शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

महासमुंद में मौसम का मिजाज बदला: आधे घंटे की आंधी-बारिश से 100 से ज्यादा गांवों में ब्लैक आउट

महासमुंद। महासमुंद जिले में कल शाम अचानक मौसम बदला और खूब बारिश भी हुई। इससे पहले दोपहर तक जिले भर में तेज धूप थी। शाम करीब 5 बजे तेज हवा के साथ आधे घंटे तक आंधी-बारिश का दौर रहा। इस दौरान जिले के लगभग 100 से अधिक गांवों में ब्लैक आउट की स्थिति बन गई।

मिली जानकारी के अनुसार जिले के कई स्थानों पर बिजली ठप हो जाने की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश थमने के बाद रात तक बिजली विभाग की टीम सक्रिय रही और मरम्मत का शुरू जारी रहा। हालांकि रात तक विभाग आपूर्ति बहाल कर दी। बिजली विभाग की मानें तो तेज हवा और बारिश के कारण बड़ा नुकसान हुआ है। विभाग की टीम देर रात तक युद्ध स्तर पर सुधार कार्य में जुटी रही।

महासमुंद शहर की बात करें तो यहां दिन भर उमस के बाद शाम होते ही करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बेमौसम बारिश से जहां आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं रबी फसल की कटाई में जुटे किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। ग्राम मटिया के पास खेत में पेड़ गिरने से 11 केवी के तीन तार एक साथ टूट गए। वहीं भैंसामुड़ी के आगे खेत में पेड़ की टहनी गिरने से बिजली बंद हो गई।

गौरतलब है कि बीते चार-पांच दिनों से जिले में लगातार बादल बाए रहे और हर शाम आंधी-तूफ ान जैसी स्थिति बनी। लेकिन कल मंगलवार शाम करीब 6 बिजली कडक़ने के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। जो लगभग एक घंटे तक अनवरत जारी यहीं। इसके बाद से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रबी फसल को लेकर हालात यह हैं कि अधिकांश किसान धान की कटाई कर उसे सुखाने के लिए खलिहानों में रखे हुए हैं।

जानकारी अनुसार कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ों से उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर पड़े। इससे बिजली विभाग को भारी नुकसान हुआ है। अचानक आई आंधी ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। पहले तो कई स्थानों पर मिसरी के आकार के छोटे-छोटे ओले भी गिरए जो जमीन पर गिरते ही घुल गए। इसके तुरंत बाद 5 से 7 मिनट तक बारिश हुई। इससे ईंट निर्माण कार्य से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

CG NEWS: रायगढ़ निगम परिषद में हंगामा: टेंडर, जिंदल और विकास पर सत्ता–विपक्ष आमने-सामने

रायगढ़। CG NEWS: रायगढ़ नगर निगम के विशेष सम्मेलन में बुधवार को सियासी माहौल गरमा गया। औपचारिक स्वीकृति के लिए बुलाए गए इस सम्मेलन ने देखते ही देखते अखाड़े का रूप ले लिया, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षदों ने पांच में से चार प्रस्तावों का विरोध करते हुए महापौर परिषद पर निगम की गरिमा गिराने और औद्योगिक घरानों के पक्ष में काम करने के आरोप लगाए।

सबसे ज्यादा विवाद केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड से मरीन ड्राइव तक प्रस्तावित केनाल लिंक रोड निर्माण के टेंडर को लेकर हुआ। पूर्व सभापति जयंत ठेठवार ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों को दरकिनार कर ठेका बाराद्वार के एक ठेकेदार को दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज कर फैसले लिए जा रहे हैं।

CG : प्रेमी – प्रेमिका ने ट्रेन से कटकर दे दी जान “टुकड़ो में मिली लाश” फैली सनसनी

बालोद। जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक प्रेमी जोड़े ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना डौण्डी थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोटूलमुण्डा के पास दल्ली राजहरा-भानुप्रतापपुर रेलवे ट्रैक पर हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

मृतकों की पहचान 16 वर्षीय नाबालिग लड़की लिलिसा उइके, निवासी ग्राम साल्हे, और 20 वर्षीय युवक जितेश्वर, निवासी ग्राम कुम्हालोरी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था और इसी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों प्रेमी – प्रेमिका एक दिन पहले अपने-अपने घरों से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा था। परिजनों द्वारा उनकी तलाश की जा रही थी, लेकिन अगले ही दिन उनकी लाश रेलवे ट्रैक पर मिलने से परिवारों में कोहराम मच गया।

CG NEWS: नहर नहाने गए 3 बच्चे बहे, एक की मौत

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां बुधवार को तीन बच्चे भाटापारा की मुख्य शाखा नहर में बह गए। इस घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जो ओडिशा से अपने रिश्तेदार के घर गर्मी की छुट्टी मनाने आया था। वहीं दूसरे बच्चे की हालत गंभीर है और तीसरे को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह घटना भाटापारा शहर थाना क्षेत्र की है।

नहाने गए थे तीनों बच्चे

जानकारी के मुताबिक, घटना में जान गंवाने वाले मासूम की पहचान ब्लेसन डीगल उर्फ रिहान (14) के रूप में हुई है, जो कि ओडिशा के कन्दामाल जिले का रहने वाला था और गर्मी छुट्टी मनाने के लिए शांति नगर में अपने रिश्तेदार के घर आया था। बुधवार को रिहान अपने दो साथियों के साथ भाटापारा की मुख्य शाखा नहर में नहाने गया था। इसी दौरान तीनों पानी की तेज बहाव में बह गए।

जैसे -तैसे स्थानीय लोगों ने एक बच्चे की बचाई जान

तीनों की चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पहुंचे और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर रिहान के साथ एक अन्य बच्चे को भी नहर से निकाला गया, लेकिन तब तक रिहान की मौत हो चुकी थी और दूसरे की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए भाटापारा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है।

बसना/सरायपाली सही दवा-शुद्ध आहार अभियान के तहत जिले में सघन जांच जारी मेडिकल स्टोर्स, ढाबों और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों का किया गया निरीक्षण

बसना/सरायपाली सही दवा-शुद्ध आहार अभियान के तहत जिले में सघन जांच जारी मेडिकल स्टोर्स, ढाबों और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों का किया गया निरीक्षण

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रदेशभर में संचालित 15 दिवसीय सघन जांच अभियान सही दवा-शुद्ध आहार- यही छत्तीसगढ़ का आधार के अंतर्गत जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा लगातार निरीक्षण एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में खाद्य प्रकोष्ठ एवं औषधि प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। डॉ. आई. नागेश्वर राव, उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में टीम द्वारा दवाओं, खाद्य पदार्थों, वैक्सीन एवं कॉस्मेटिक सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षित उपयोग तथा मानकों की जांच की जा रही है।

औषधि प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी श्रीमती तृप्ति जैन, सहायक नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नेतृत्व में 4 मई को पिथौरा क्षेत्र के गर्ग मेडिकल स्टोर्स, अग्रवाल मेडिकल स्टोर्स, तिवारी मेडिकल स्टोर्स एवं श्रीराम मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर स्वापक औषधियों एवं दस्तावेजों की जांच की गई। वहीं 5 मई को बसना एवं सरायपाली क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स एवं फार्मा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। अभियान के पूर्व चरणों में शासकीय एवं निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में वैक्सीन के रख-रखाव, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही व्यापारियों एवं आमजन को वैक्सीन और कॉस्मेटिक उत्पादों के सुरक्षित उपयोग, निर्माण लाइसेंस, लेबलिंग एवं अवसान तिथि संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया गया।

खाद्य प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी श्री उमेश कुमार, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नेतृत्व में 4 मई को महासमुंद शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों की जांच की गई। इस दौरान खाद्य अनुज्ञप्ति, जल परीक्षण रिपोर्ट एवं फूड हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्रों की जांच की गई तथा दो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर नमूने परीक्षण हेतु संकलित किए गए। इसी क्रम में 5 मई को बसना क्षेत्र के ढाबों एवं रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यूपी बिहार ढाबा, भूकेल में लगभग 10 किलोग्राम दूषित एवं बासी आटा (लोई) पाए जाने पर मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं तिवारी ढाबा, पौसरा से पका चावल एवं दाल के नमूने जांच हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए।

निरीक्षण दल द्वारा सभी ढाबों एवं रेस्टोरेंट संचालकों को वेज एवं नॉनवेज किचन अलग रखने, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड एवं जल परीक्षण रिपोर्ट संधारित करने तथा परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए प्रतिष्ठानों को खाद्य अनुज्ञप्ति प्राप्त करने एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।