दुर्ग में गुरुवार को केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के बैनर तले 17 जिलों से पहुंचे करीब 3000 आदिवासी समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया

दुर्ग में गुरुवार को केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के बैनर तले 17 जिलों से पहुंचे करीब 3000 आदिवासी समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस प्रदर्शन के कारण शहर का सबसे व्यस्त पटेल चौक लगभग तीन घंटे तक पूरी तरह जाम रहा।

दोपहर 4 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन शाम 7 बजे तक चला, जिससे पूरे शहर में चक्का जाम जैसी स्थिति बन गई। दुर्ग में संभवतः यह पहला अवसर था जब किसी सामाजिक संगठन के आंदोलन ने मुख्य मार्ग को इतनी देर तक बाधित रखा। लोग वैकल्पिक रास्ते खोजते रहे, लेकिन शहर का ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया।

आंदोलन की मुख्य वजह केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के प्रधान कार्यालय और कचना धुरवा देवालय में हुई तालाबंदी थी। समाज का आरोप है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर इन भवनों पर ताला लगवाया और निर्वाचित पदाधिकारियों को उनका अधिकार नहीं सौंपा।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 12 अक्टूबर 2025 को हुए चुनाव में कमलेश ध्रुव (सोरी) अध्यक्ष चुने गए थे। हालांकि, पूर्व अध्यक्ष मंगल दास ठाकुर ने इस चुनाव को चुनौती दी, जिससे विवाद खड़ा हो गया। यह मामला फर्म्स एवं सोसायटी तक पहुंचा, जहां से कई आदेश जारी हुए।

समाज ने दावा किया कि 8 मार्च 2026 को हुई विशेष सभा में 16 जिलों के प्रतिनिधियों, जिला अध्यक्षों, महिला प्रभाग, युवा प्रभाग और वरिष्ठजनों की उपस्थिति में चुनाव परिणाम को वैध माना गया। इस सभा में कमलेश ध्रुव की कार्यकारिणी को 2030 तक के लिए अनुमोदित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद भवन का कब्जा नहीं सौंपा गया।

प्रदर्शन के दौरान मंच से लगातार प्रशासन और पूर्व पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। समाज के लोगों ने कहा कि वर्षों से संस्था का हिसाब-किताब नहीं दिया गया है और अब एक व्यक्ति की वजह से पूरे समाज को बंधक बनाकर रखा जा रहा है।

सरायपाली के कोमल ने रचा इतिहास: 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98% अंक पाकर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में बनाया सातवां स्थान।

सरायपाली,छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में सरायपाली के ग्रामीण अंचल से एक ऐसी प्रतिभा निकलकर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश में क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। ग्राम बस्ती सरायपाली के होनहार छात्र कोमल कुमार पटेल ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में सातवां स्थान हासिल किया है।

गांव में उत्सव का माहौल, फूल-मालाओं से हुआ स्वागत

कोमल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव बस्ती में जश्न का माहौल छा गया। ग्रामीणों और परिजनों ने कोमल का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर अधरिया समाज के अध्यक्ष,पदाधिकारी एवं समस्त सदस्यों ने कोमल को ‘श्रीफल’ और ‘शाल’ भेंट कर सम्मानित किया। समाज के वरिष्ठों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि कोमल ने न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे समाज और जिले का मान बढ़ाया है।
सफलता का श्रेय दादाजी माता पिता और गुरुजनों को
अपनी इस शानदार सफलता पर कोमल कुमार पटेल ने विनम्रता के साथ इसका श्रेय अपने दादाजी भोगीलाल पटेल,अमृत पटेल अपने माता-पिता सुनील सिलता पटेलऔर गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है। कोमल ने बताया कि नियमित पढ़ाई और शिक्षकों के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाने में मदद की।

प्रेरणास्रोत बनी कोमल की उपलब्धि

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण परिवेश की सीमित सुविधाओं के बीच रहकर प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाना गर्व की बात है। यह उपलब्धि आगामी पीढ़ी के छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। इस दौरान कीर्तन मंडली के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने कोमल को मिठाई खिलाकर और आशीर्वाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जगह बनाना किसी गौरव से कम नहीं है। कोमल की सफलता ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधनों की मोहताज नहीं होती।

सरायपाली से तुमगांव तक पुलिस की दबिश: भारी मात्रा में अवैध महुआ और अंग्रेजी शराब जब्त; आरोपी गिरफ्तार।

महासमुंद,जिला पुलिस महासमुंद द्वारा अवैध महुआ शराब बनाने, बिक्री एवं परिवहन करने वाली के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एन्टी नारकोटिक टॉस्क फोर्स और सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों मे लगातार कार्यवाही की जा रही है। जिसके तहत दिनांक 05 व 06 मई को अवैध शराब पर कारवाई की गई कार्यवाही इस प्रकार से है-

(01) थाना बलौदा- अप. क्र.31/26 धारा 34(2)आबकारी एक्ट थाना बलौदा पुलिस को मुखबीर से सूचना रोशनदीप पिता हेलनदीप उम्र 25 साल सा0 वार्ड नं. 08 टाॅवर पारा झीलमिला सरायपाली व दुसरा विधि से संघर्षरत बालक के संयुक्त कब्जे से 40 लीटर अवैध महुआ शराब किमती 8000 रूपये सहित परिवहन में प्रयुक्त वाहन क्रमांक सीजी 06 सी 4827 किमती करीब 10,000 हजार रूपये को जप्त कर धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

गिरफ्तार आरोपी- 01- रोशदीप पिता हेलनदीप उम्र 25 साल सा0 वार्ड नं. 08ए टाॅवर पारा झीलमिला सरायपाली। 02- एक विधि से संघर्षरत बालक।

जप्त संपत्ति- 01- 40 लीटर अवैध महुआ शराब किमती 8000 रुपये।02- परिवहन में प्रयुक्त वाहन मो.सा. किमती करीब 10,000 हजार रूपये।कुल जप्त संपत्ति कीमती करीब 18,000 रुपये।

(02) थाना सरायपाली- अप. क्र. 151/26 धारा 34(A)आबकारी एक्ट मुखबिर सूचना पर थाना सरायपाली पुलिस टीम ने एन.एच. 53 गौटिया ढाबा सरायपाली अविनाश तिवारी पिता योगेश तिवारी उम्र 38 वर्ष पता किशनपुर के कब्जे से बिक्री करने वास्ते रखे 4050 एमएल देशी/अंग्रेजी शराब किमती 3320 रूपये को जप्त कर धारा 34(A)आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

गिरफ्तार आरोपी- (01) अविनाश तिवारी पिता योगेश तिवारी उम्र 38 वर्ष पता किशनपुर, थाना सरायपाली।

जप्त संपत्ति- 01- 4.050 लीटर देशी/अंग्रेजी शराब कीमती करीब 3320 रुपये। कुल जप्त संपत्ति कीमती करीब 3320 रुपये

03) थाना पिथौरा- 36(C)आबकारी एक्ट की कार्यवाही- मुखबिर सूचना पर थाना पिथौरा पुलिस टीम ने रेड कार्यवाही करते हुए ग्राम रामपुर चौक पर कार्तिक राम यादव पिता भगतराम उम्र 45 वर्ष निवासी रामपुर को सार्वजनिक स्थान पर आम लोगो को शराब पीने-पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराते पाये जाने पर, कब्जे से 90 एमएल देशी प्लेन शराब जप्त कर 36(C)आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

(04) थाना तेन्दूकोना- 36(C)आबकारी एक्ट की कार्यवाही-मुखबिर सूचना पर थाना तेन्दूकोना पुलिस टीम ने रेड कार्यवाही करते हुए ग्राम बढईपाली में हनुमान कोसरिया पिता भगवानी उम्र 40 साल पता बढईपाली को सार्वजनिक स्थानों पर आम लोगो को शराब पीने-पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराते पाये जाने पर, कब्जे से 100 एमएल देशी प्लेन शराब जप्त कर 36(C)आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

(05) थाना तुमगांव- 36(C)आबकारी एक्ट की कार्यवाही- मुखबिर सूचना पर थाना तुमगांव पुलिस टीम ने ग्राम भोरिंग चैराहा तुमगांव में चंदुकुमार जांगड़े पिता तेजराम उम्र 43 साल पता कौवाझर के द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर आम लोगो को शराब पीने-पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराते कब्जे से देशी प्लेन शराब मिलने पर शराब जप्त कर 36(C)आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

गिरफ्तार आरोपी- 01- हनुमान कोसरिया पिता भगवानी उम्र 40 साल पता बढईपाली थाना तेन्दूकोना।02- कार्तिक राम यादव पिता भगतराम उम्र 45 वर्ष निवासी रामपुर थाना पिथौरा।03- चंदुकुमार जांगड़े पिता तेजराम उम्र 43 साल पता कौवाझर थाना तुमगांव।

जप्त संपत्ति-  01- 100 एमएल देशी प्लेन शराब कीमती 60 रुपये।02- 90 एमएल देशी प्लेन शराब कीमती 40 रुपये।03- 60 एमएल देशी प्लेन शराब कीमती 30 रुपये।कुल जप्त संपत्ति 250 एमएल कीमती करीब 130 रुपये

बसना: अंकोरी टांडा–बिरसिंगपाली मार्ग बदहाल: टूटी पुलिया से हादसे का खतरा, सभापति प्रकाश सिन्हा ने सौंपा ज्ञापन

बसना: अंकोरी टांडा–बिरसिंगपाली मार्ग बदहाल: टूटी पुलिया से हादसे का खतरा, सभापति प्रकाश सिन्हा ने सौंपा ज्ञापन

बसना। जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अंकोरी से अंकोरी टांडा एवं बिरसिंगपाली को जोड़ने वाली मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क और पुलिया की जर्जर स्थिति अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। मार्ग पर बनी पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जबकि सड़क भी कई जगहों से उखड़ गई है। मामले को लेकर जनपद पंचायत बसना के सभापति एवं अंकोरी क्षेत्र के जनपद सदस्य प्रकाश सिन्हा ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए बसना विधायक एवं कलेक्टर महासमुंद को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में आयोजित एक कीर्तन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सभापति प्रकाश सिन्हा की नजर अंकोरी टांडा–बिरसिंगपाली मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया पर पड़ी। उन्होंने मौके पर रुककर सड़क एवं पुलिया का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या की जानकारी ली। इस दौरान ग्राम सरपंच मिश्रा दीप, मुरली नायक, महेंद्र प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे आवागमन जोखिमभरा हो गया है। विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है और कई छोटे हादसे भी हो चुके हैं।

स्थिति यह है कि ग्रामीणों ने पुलिया के पास पत्थर रखकर अस्थायी रास्ता बनाया है और जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। वहीं सड़क की हालत भी बेहद खराब हो चुकी है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के संचालन में भारी दिक्कत हो रही है।
बताया जा रहा है कि यह मार्ग बसना–पदमपुर मुख्य सड़क से ग्राम अंकोरी होते हुए लगभग 4 किलोमीटर अंदर स्थित महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आवागमन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया एवं सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में दोनों गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित हो सकता है।

सभापति प्रकाश सिन्हा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर संबंधित अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग भी की है। उन्होंने बताया कि मार्ग पर लगा सूचना बोर्ड भी क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे निर्माण एजेंसी और लागत संबंधी जानकारी तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन एवं विधायक द्वारा जनहित को देखते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाएगी।

प्राचीन इंजीनियरिंग का चमत्कार: 11वीं शताब्दी का वह मंदिर जहाँ आज भी बिना घर्षण और ध्वनि के घूमता है शिवलिंग।

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में स्थित बारसूर का बत्तीसा मंदिर भारतीय स्थापत्य कला, आध्यात्मिक आस्था और प्राचीन इतिहास का एक अनुपम संगम है। दंतेवाड़ा जिले के बारसूर नगर में स्थित यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह उस युग की उत्कृष्ट शिल्प परंपरा और वैज्ञानिक निर्माण तकनीक का जीवंत प्रमाण है। कभी नागवंशी शासकों की राजधानी रहा बारसूर आज भी “मंदिरों की नगरी” के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।

बत्तीसा मंदिर 32 विशाल पत्थर के स्तंभों पर टिकी हुई

बत्तीसा मंदिर का निर्माण 11 वीं शताब्दी में नागवंशीय शासक सोमेश्वर देव के काल में हुआ माना जाता है। शिलालेखों के अनुसार इसका निर्माण शक संवत 1130 (लगभग 1209 ईस्वी) में पूर्ण हुआ। इस मंदिर का नाम “बत्तीसा” इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी संपूर्ण संरचना 32 विशाल पत्थर के स्तंभों पर टिकी हुई है। ये स्तंभ आठ पंक्तियों में अत्यंत संतुलित ढंग से स्थापित किए गए हैं, जो उस समय के वास्तु ज्ञान और इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाते हैं।

मंदिर का निर्माण बिना चूना-गारा से

मंदिर की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसके निर्माण में पत्थरों को बिना चूना-गारा के जोड़ा गया है। प्रत्येक स्तंभ पर देवी-देवताओं, पौराणिक कथाओं और अलंकरणों की बारीक नक्काशी की गई है, जो उस समय के शिल्पकारों की अद्भुत दक्षता और सौंदर्यबोध को प्रकट करती है। मंदिर की संरचना चतुर्भुजाकार है और इसमें दो गर्भगृह बनाए गए हैं, जहां अलग- अलग शिवलिंग स्थापित हैं। मान्यता है कि इन शिवालयों में राजा और रानी अलग-अलग पूजा-अर्चना करते थे।

शिवलिंग एक विशेष यांत्रिक प्रणाली पर आधारित

मंदिर के गर्भगृह के बाहर सुसज्जित नंदी बैल की प्रतिमा श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करती है। यहां यह भी विश्वास है कि नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहने से वह पूर्ण होती है। गर्भगृह के भीतर स्थापित शिवलिंग अपनी विशिष्ट संरचना के कारण अत्यंत रोचक है। बताया जाता है कि यह शिवलिंग एक विशेष यांत्रिक प्रणाली पर आधारित है, जो जल प्रवाह के प्रभाव से बिना घर्षण और बिना ध्वनि के घूम सकता है। यह प्राचीन भारतीय विज्ञान और तकनीकी समझ का अद्भुत उदाहरण माना जाता है।बारसूर का यह मंदिर केवल स्थापत्य और आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिलालेखों से ज्ञात होता है कि मंदिर के रख-रखाव हेतु केरामरूका ग्राम दान में दिया गया था और इसके निर्माण में तत्कालीन मंत्री, सचिव और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। वर्तमान में यह शिलालेख नागपुर के संग्रहालय में सुरक्षित है।इस मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथाएं भी इसे और अधिक रहस्यमयी बनाती हैं। मान्यता है कि बाणासुर ने इस क्षेत्र में अपनी राजधानी बसाई थी, जो आगे चलकर ऐतिहासिक बारसूर के रूप में विकसित हुई। यह स्थल दंडकारण्य क्षेत्र की प्राचीन सांस्कृतिक धारा का प्रमुख केंद्र रहा है।

पिथौरा: मादा नीलगाय शिकार कांड में बड़ा घटनाक्रम: तीन आरोपियों ने वन विभाग के सामने किया सरेंडर एक अब भी फरार

मादा नीलगाय शिकार प्रकरण में तीन आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण, एक अब भी फरार
पिथौरा। वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत मादा नीलगाय के अवैध शिकार मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों ने गुरुवार को वन विभाग के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद वन विभाग ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले का एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र पिथौरा के परिवृत्त पूर्व पिथौरा अंतर्गत परिसर सुखीपाली के कक्ष क्रमांक 234 के समीप शांतिनगर (सुखीपाली) में 4 मई 2026 को मादा नीलगाय के अवैध शिकार का मामला सामने आया था। घटना के बाद से वन विभाग लगातार आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ था।

गुरुवार को आरोपी ईश्वर राणा पिता मनीराम राणा, टंकधर पिता सीताराम तथा विद्याधर पिता ललित प्रधान निवासी शांतिनगर सुखीपाली, तहसील पिथौरा ने वन परिक्षेत्र कार्यालय पिथौरा पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। वन विभाग ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर घटना के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी मयंक पाण्डेय के निर्देश, संयुक्त वनमंडलाधिकारी डिम्पी बैस के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों एवं सुरक्षा श्रमिकों का विशेष सहयोग रहा।

महासमुंद: छड़-सीमेंट के नाम पर ठगी और चोरी: कोमाखान, सांकरा में सक्रिय गिरोह; 5 गांवों से लाखों के जेवर-नकदी पार सतर्क रहने की जरूरत बच्चों करें सावधान कई शिकायत नहीं पहुंचा थाने तक

महासमुंद: छड़-सीमेंट के नाम पर ठगी और चोरी: कोमाखान, सांकरा में सक्रिय गिरोह; 5 गांवों से लाखों के जेवर-नकदी पार सतर्क रहने की जरूरत बच्चों करें सावधान कई शिकायत नहीं पहुंचा थाने तक

महाजनपद न्यूज CG
महासमुंद। जिले के कोमाखान और सांकरा थाना क्षेत्रों में इन दिनों एक शातिर गिरोह सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है, जो बच्चों और बुजुर्गों को झांसे में लेकर घरों में चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा है। आरोपी गांवों में पहुंचकर खुद को परिवार का परिचित बताता है और “छड़-सिमेंट का पैसा देना है” जैसे बहाने बनाकर घरों में प्रवेश कर नगदी व जेवरात लेकर फरार हो जाता है। चंदरपुर, उखरा, झगरेनडीह, अनसुला और लोहरिनडोंगरी गांव में हुई घटनाओं ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है।

कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम चंदरपुर में मामला सामने आया, जहां चैनलाल साहू के घर से 12 हजार रुपये नगद और करीब 80 हजार रुपये के सोना-चांदी के जेवर चोरी कर लिए गए। पीड़ित के पिता के अनुसार एक अज्ञात व्यक्ति घर पहुंचा और कहा कि “3 क्विंटल छड़ मंगाया है, पैसा देना है।” बुजुर्ग के बाहर जाने का फायदा उठाकर आरोपी नगदी और जेवर लेकर फरार हो गया। चोरी गए सामान में सोने की माला, चांदी का सांटी, पायल और बिछिया शामिल हैं। कुल नुकसान लगभग 92 हजार रुपये बताया गया है।
इसके बाद ग्राम उखरा में भी इसी तरह की वारदात सामने आई। भोजराम ठाकुर के घर पहुंचे आरोपी ने उनकी बेटी से कहा कि “तुम्हारे पिता ने छड़-गिट्टी मंगवाया है, ट्रक आ रहा है, पैसा देना है।” आरोपी ने चालाकी से आलमारी और बक्से की जानकारी ली और मौका मिलते ही सोने-चांदी के जेवर तथा 15 हजार रुपये नगद लेकर फरार हो गया। इस घटना में करीब 91,500 रुपये की चोरी हुई।

इसी तरह अब सांकरा थाना क्षेत्र में भी एक जैसे तरीके से लगातार तीन वारदातें सामने आई हैं। ग्राम झगरेनडीह में निलमणी प्रधान की 10 वर्षीय पुत्री को आरोपी ने “तुम्हारे पापा ने पेटी से कागजात लेने भेजा है” कहकर बहलाया और बच्ची को पानी लाने भेजकर पेटी से सोने के जेवर और 79 हजार रुपये नगद पार कर दिए। इस मामले में करीब 1 लाख 15 हजार रुपये की चोरी हुई।
ग्राम अनसुला में निलकंठ निषाद के 13 वर्षीय पुत्र को “छड़-सिमेंट मंगाया है” कहकर घर से बाहर ले जाया गया। इसी दौरान आरोपी घर में घुसा और आलमारी से सोने-चांदी के जेवर तथा नगदी चोरी कर फरार हो गया। यहां लगभग 64 हजार रुपये की चोरी हुई।

वहीं ग्राम लोहरिनडोंगरी में प्रदीप कुमार भोई की 70 वर्षीय मां को आरोपी ने “तुम्हारा लड़का छड़-सिमेंट का पैसा लेने भेजा है” कहकर झांसे में लिया। महिला को पानी लाने भेजने के बाद आरोपी अलमारी का लॉकर तोड़कर 40 हजार रुपये नगद लेकर फरार हो गया।
सूत्रों के अनुसार जिले के अन्य गांवों से भी इसी तरह की घटनाओं की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन कई लोग पुलिस तक नहीं पहुंच रहे हैं। सरायपाली थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में भी इसी तरीके से करीब 10 हजार रुपये की ठगी होने की चर्चा है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। खास बात यह है कि आरोपी पहले बच्चों या बुजुर्गों का भरोसा जीतते हैं, फिर उन्हें किसी बहाने दूसरे काम में उलझाकर घर से नगदी और जेवर चोरी कर लेते हैं।
पुलिस ने सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(3), 331(4) एवं 305(A) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध मोटरसाइकिल सवारों की तलाश की जा रही है।

सुशासन तिहार शिविर में कौशिल्या साहू को आवेदन करते ही मिला आयुष्मान कार्ड

बलौदाबाजार। राज्य शासन के मंशानुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार शिविर हितग्राहियों के लिए बेहद मददगार साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा में 6 मई 2026 को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में एक सुखद तस्वीर सामने आई, जहां ग्राम की निवासी कौशिल्या साहू को उनके आवेदन पर तत्काल आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया।

शिविर में अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को लेकर पहुंची कौशिल्या साहू ने जैसे ही आयुष्मान कार्ड के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया, प्रशासन द्वारा सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही उनके नाम से कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें कार्ड सौंप दिया गया। हाथों-हाथ आयुष्मान कार्ड मिलने पर कौशिल्या साहू के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।

उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से अब सरकार खुद चलकर ग्रामीणों के द्वार तक पहुंच रही है। त्वरित न्याय और सुविधा मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्ड उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी लेकर आया है। प्रशासन की इस संवेदनशीलता और शिविरों के माध्यम से मिल रहे त्वरित समाधान की ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रशंसा हो रही है।

नशे के सौदागरों पर शिकंजा: खाली कैरेट के नीचे छिपा रखा था 226 किलो गांजा, 2 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार।

महासमुंद,महासमुंद पुलिस ने एक बार फिर बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा जप्त किया है, जिसमे आरोपियों से कुल 226.6 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 01 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है.उक्त मामले में पुलिस ने 02 अंतराज्यीय तस्कर से गांजा के अलावा, गांजा परिवहन में प्रयुक्त एक पीकप वाहन, 03 नग मोबाइल सहित कुल 01 करोड़ 22 लाख, 75 हजार रुपये की संपति जप्त की है.आरोपी गांजा को बालीगुड़ा ओड़िशा से अहिल्यानगर महाराष्ट्र मे ले जाकर खपाने की योजना बना रहे थे. जन्हें पुलिस ने मुखबिर की सुचना पर एनएच 53 रोड सिल्की ढाबा के सामने ग्राम गनियारीपाली में नाकाबंदी कर पकड़ा.आरोपी पीकप वाहन क्र0 MH16CD8741 के डाला में खाली कैरेट के नीचे प्लास्टिक बोरीयो में 226.600 किलो ग्राम गांजा ले जा रहे थे.

CG पिथौरा : CM निवास में आत्मदाह की चेतावनी के बाद भाजपा नेता व सरपंच पत्नी पर FIR दर्ज, अब SDM पर कार्रवाई कब?

पिथौरा: आत्मदाह की चेतावनी के बाद भाजपा नेता व सरपंच पत्नी पर FIR दर्ज, लेकिन SDM की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

 

जातिसूचक गाली-गलौज, धान फसल जप्त कराने और राजनीतिक दबाव के आरोप; अब SDM की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
पिथौरा/महासमुंद। महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टेका (सुंदरगढ़) निवासी आदिवासी मनबोध कोड़ाकू और उनके परिवार द्वारा सात महीनों तक न्याय की गुहार लगाने और आत्मदाह की चेतावनी देने के बाद आखिरकार पिथौरा पुलिस ने भाजपा नेता दुलीकेशन साहू और उनकी पत्नी व ग्राम पंचायत डोंगरीपाली की सरपंच किरण साहू के खिलाफ  गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।

मामला आदिवासी परिवार के साथ कथित जातिसूचक गाली-गलौज, निजी कृषि भूमि पर कब्जे की कोशिश, खड़ी धान फसल को गुपचुप तरीके से जप्त कराने, धमकी देने और राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़ा बताया जा रहा है।
पीड़ित मनबोध कोड़ाकू का आरोप है कि 10 नवंबर 2025 को वे अपने परिवार के साथ ग्राम कैलाशपुर स्थित स्वयं की कृषि भूमि में धान कटाई कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा नेता दुलीकेशन साहू और उनकी पत्नी किरण साहू वहां पहुंचे और जमीन को अपना बताते हुए धान कटाई रोकने लगे। आरोप है कि इस दौरान दोनों ने जातिसूचक गालियां दीं और परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

फर्जी शिकायत के आधार पर धान फसल जप्त कराने का आरोप
मनबोध कोड़ाकू ने आरोप लगाया है कि दुलीकेशन साहू और किरण साहू ने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए ग्राम कैलाशपुर निवासी प्रहलाद बरिहा से SDM पिथौरा न्यायालय में शिकायत करवाई। शिकायत में भूमि को विवादित बताया गया, जबकि शिकायतकर्ता द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया था।
आरोप है कि इसके बावजूद तत्कालीन पिथौरा SDM बजरंग सिंह वर्मा ने 11 दिसंबर 2025 को मनबोध कोड़ाकू को बिना सूचना दिए खेत की खड़ी धान फसल कटवाकर जप्त करा दी। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ और परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया।

कमिश्नर के निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित परिवार के अनुसार, धान फसल जप्ती मामले में 19 दिसंबर 2025 को शासन-प्रशासन से शिकायत की गई थी। इसके बाद रायपुर कमिश्नर कार्यालय द्वारा 9 फरवरी 2026 को कलेक्टर महासमुंद को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन और पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचते रहे। उनका कहना है कि भाजपा नेता दुलीकेशन साहू की वरिष्ठ भाजपा नेताओं, मंत्री, सांसद और विधायकों तक पहुंच होने के कारण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही थी

कई बार शिकायत, फिर भी FIR नहीं
पीड़ित परिवार ने 10 नवंबर 2025 को थाना पिथौरा तथा 18 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक महासमुंद को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद अजाक थाना महासमुंद एवं थाना पिथौरा द्वारा परिवार और गवाहों के बयान भी लिए गए।
मनबोध कोड़ाकू का आरोप है कि पुलिस उन्हें और उनके परिवार को बार-बार थाने बुलाकर परेशान करती रही, लेकिन आरोपियों पर FIR दर्ज नहीं की गई।
परिवार ने 10 मार्च 2026 को SP कार्यालय महासमुंद के सामने धरना प्रदर्शन की तैयारी की थी, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद 26 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री निवास रायपुर घेराव के लिए निकलने से पहले भी पुलिस ने परिवार को रोककर महासमुंद SP कार्यालय ले गई।

आत्मदाह की चेतावनी के बाद दर्ज हुई FIR
मनबोध कोड़ाकू ने चेतावनी दी थी कि यदि 6 मई 2026 तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई और धान फसल जप्त कराने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने आत्मदाह करेंगे।
इसके बाद पिथौरा पुलिस ने भाजपा नेता दुलीकेशन साहू और उनकी पत्नी किरण साहू के खिलाफ SC-ST एक्ट सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया।

अब SDM की भूमिका पर उठ रहे सवाल
मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल तत्कालीन पिथौरा SDM बजरंग सिंह वर्मा की भूमिका को लेकर उठ रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बिना उचित जांच और सूचना के खड़ी धान फसल जप्त कराई गई, जिससे परिवार आर्थिक रूप से टूट गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले में राजनीतिक दबाव में कार्रवाई हुई है, तो केवल FIR दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं होगा। धान फसल जप्त कराने की प्रशासनिक प्रक्रिया, आदेश और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं हुई, तो आदिवासी परिवारों का शासन-प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या प्रशासन तत्कालीन SDM की भूमिका की जांच कर कोई कार्रवाई करता है या मामला केवल FIR तक सीमित रह जाता है।

भाजपा नेता ने आरोपों को बताया झूठा
मामले में भाजपा नेता दुलीकेशन साहू का कहना है कि उन्होंने मनबोध कोड़ाकू या उनके परिवार के साथ किसी प्रकार की जातिसूचक गाली-गलौज नहीं की है। उनका आरोप है कि जमीन विवाद में उन्हें फर्जी गवाहों के आधार पर फंसाया जा रहा है।