समाधान शिविर में ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन; कोमल साहू को 1 घंटे में मिला लर्निंग लाइसेंस।

महासमुंद.सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम लोहारडीह में आयोजित समाधान शिविर में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। इसी क्रम में ग्राम बिरकोनी के 24 वर्षीय कोमल साहू को शिविर में आवेदन करने के महज एक घंटे के भीतर लर्निंग लाइसेंस प्रदान किया गया।

कोमल साहू ने बताया कि उन्होंने हाल ही में नई गाड़ी खरीदी है, जिसके लिए उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता थी। समाधान शिविर में पहुंचकर उन्होंने आवेदन किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें शीघ्र ही लर्निंग लाइसेंस मिल गया।

उन्होंने कहा कि शिविर में बिना किसी परेशानी के त्वरित सेवा मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई। कोमल साहू ने शासन-प्रशासन द्वारा लगाए गए समाधान शिविर की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

इसी तरह ग्राम सोरिद के चार भाइयों विनोद चंद्राकर, राजेंद्र चंद्राकर, ललित चंद्राकर और डोमेंद्र चंद्राकर को समाधान शिविर में अलग-अलग किसान पुस्तिका प्रदान की गई। विनोद चंद्राकर ने बताया कि चारों भाइयों के बीच हाल ही में भूमि का बंटवारा हुआ है, जिसके बाद अलग-अलग किसान पुस्तिका की आवश्यकता थी। समीपस्थ ग्राम लोहारडीह में आयोजित समाधान शिविर में उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल किसान पुस्तिका उपलब्ध करा दी गई।

किसानों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि समाधान शिविर वास्तव में लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। खरीफ फसल की तैयारी के लिए किसान पुस्तिका की आवश्यकता थी और सही समय पर इसका मिलना उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन और त्वरित समाधान के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

एंबुलेंस की आड़ में गांजा तस्करी: महासमुंद पुलिस ने जब्त किया 77 किलो गांजा; महाराष्ट्र के 5 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार…

महासमुंद। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और कोमाखान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस में छिपाकर ले जा रहे 77 किलो अवैध गांजा को जब्त किया है। मामले में महाराष्ट्र के 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त एंबुलेंस, पायलेटिंग कार और 5 मोबाइल फोन समेत कुल 50 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। पुलिस के अनुसार, ओडिशा से महासमुंद की ओर एक एंबुलेंस वाहन क्रमांक एमएच 13 सीयू 0707 में गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टेमरी जांच नाका में घेराबंदी कर एंबुलेंस और उसके आगे चल रही पायलेटिंग कार क्रमांक एमएच 12 एनबी 5277 को रोका गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एंबुलेंस में गांजा होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें करीब 77 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 68/2026 के तहत धारा 20(B)(II)(C) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी गांजा को ओडिशा के बालीगुडा क्षेत्र से लेकर महाराष्ट्र के सोलापुर में खपाने की तैयारी में थे। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल किया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका प्लान विफल हो गया। गिरफ्तार आरोपी आकाश उर्फ अक्षय जाधव (27 वर्ष), निवासी खड़की, थाना तांबुलवाड़ी, जिला धाराशिव महाराष्ट्र लिंबाजी जाधव (33 वर्ष), निवासी खड़की, थाना तांबुलवाड़ी, जिला धाराशिव महाराष्ट्र धनंजय लोखंडे (25 वर्ष), निवासी संतोषनगर वाडे, थाना शोलापुर, जिला शोलापुर महाराष्ट्र प्रथमेश पिंगले (20 वर्ष), निवासी संतोषनगर वाडे, थाना शोलापुर, जिला शोलापुर महाराष्ट्र अजय काले (25 वर्ष), निवासी कुलजारपुर नाका, धाराशिव महाराष्ट्र जब्त संपत्ति 77 किलो गांजा – कीमत लगभग 38.50 लाख रुपये एंबुलेंस वाहन – कीमत लगभग 8 लाख रुपये पायलेटिंग कार – कीमत लगभग 3 लाख रुपये 5 मोबाइल फोन – कीमत लगभग 95 हजार रुपये कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 50 लाख 45 हजार रुपये आंकी गई है।

16 साल की लड़की से शादी का वादा कर रेप” फिर अपहरण करने वाला गिरफ्तार

रायगढ़। भूपदेवपुर पुलिस ने थाना क्षेत्र से लापता 16 वर्षीय बालिका को रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर दस्तयाब कर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। प्रकरण में आरोपी द्वारा नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि होने पर प्रकरण में 64 बीएनएस और 6 पाक्सो एक्ट धाराएं जोड़ी गई हैं। मामले में बालिका के पिता ने 4 मई को थाना भूपदेवपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 30 अप्रैल 2026 की रात्रि उनकी पुत्री घर से लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा आसपास गांव एवं रिश्तेदारों के यहां लगातार तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चलने पर प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना भूपदेवपुर में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध क्रमांक 77/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। अपराध दर्ज होने के दूसरे ही दिन थाना प्रभारी भूपदेवपुर संजय नाग को मुखबिर से सूचना मिली कि गुम बालिका खरसिया में देखी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई, इसी दौरान बालिका वापस अपने घर पहुंची जिसे उसके परिजनों द्वारा थाना तलब गया। महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दस्तयाब बालिका का विस्तृत कथन लिया गया, जिसमें बालिका ने बताया कि आरोपी त्रिलोचन चौहान (24 वर्ष) निवासी भूपदेवपुर उसे शादी का झांसा देकर मोटरसाइकिल से खरसिया ले गया था, जहां उसके साथ 2-3 दिनों तक दुष्कर्म किया गया। बालिका के कथन एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में धारा 64 बीएनएस एवं 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं

आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार; महिला समेत 5 सटोरिये गिरफ्तार, लाखों की नकदी बरामद।

रायगढ़। जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत साइबर और कोतवाली पुलिस ने सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ एक और बड़ी समन्वित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ रेड कर पांच सक्रिय सट्टा खाईवालों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख 70 हजार रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, महंगे मोबाइल फोन सहित कुल लगभग 4 लाख 70 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई। आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।पहली कार्रवाई में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कोतरारोड बायपास स्थित आर.एस. ट्रेडिंग कंपनी के ऑफिस में मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां साकेत सिंघानिया को मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों पर हार-जीत का ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़ा गया। जांच में उसके मोबाइल फोन में ऑनलाइन बेटिंग आईडी, व्हाट्सएप चैट, यूपीआई बारकोड और रकम के लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले। आरोपी ने पूछताछ में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सट्टा नेटवर्क संचालित करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से विवो मोबाइल और आईफोन-13 प्रो जब्त किया गया तथा आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। दूसरी कार्रवाई में पुलिस को सूचना मिली कि पुराना पंजाब नेशनल बैंक के पास एक राशन दुकान में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर रितेश डालमिया को मोबाइल फोन के माध्यम से सट्टा खिलाते रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों पिंटू हलवाई, रौनक मोदनवाल और प्रियंका हलवाई के साथ नेटवर्क संचालित करना बताया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस टीम ने चांदमारी क्षेत्र में दबिश देकर पिंटु हलवाई के भतीजे रौनक मोदनवाल और उसकी पत्नी प्रियंका हलवाई को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से आईफोन, विवो मोबाइल, सैमसंग मोबाइल, 2 लाख 69 हजार रुपये नकद तथा नोट गिनने की इलेक्ट्रॉनिक मशीन बरामद की गई। यह कार्रवाई पूरे सट्टा नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों को उजागर करने वाली साबित हुई। में पुलिस को सूचना मिली कि संजय मैदान रामभांठा क्षेत्र में एक किराए के मकान के दूसरे तल से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर प्रदीप कुमार पाण्डेय को पकड़ा। जांच में उसके मोबाइल फोन में क्रिकेट गुरु एप, फोन-पे ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड तथा सट्टे की रकम के डिजिटल लेनदेन के स्क्रीनशॉट मिले। पूछताछ में आरोपी ने पिंटू हलवाई, रौनक हलवाई और प्रियंका हलवाई के साथ मिलकर आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से विवो मोबाइल जब्त किया गया जिसमें लगभग 89 हजार 950 रुपये के डिजिटल लेनदेन के साक्ष्य मिले। आरोपी पिंटू हलवाई फरार है जिसे तीनों मामले में आरोपी बनाया गया है ।में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, एसआई ऐनु देवांगन, एएसआई गौतम ठाकुर, अमृत मिंज, विल्फ्रेड मसीह, नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर आरक्षक धनंजय कश्यप प्रशांत पण्डा, उत्तम सारथी, महिला आरक्षक हेमलता लकड़ा और हमराह स्टाफ शामिल रहे ।

गिरफ्तार आरोपी 1. प्रदीप कुमार पाण्डेय पिता स्व० दीनदयाल पाण्डेय उम्र 52 वर्ष निवासी संजय मैदान रामभांठा रायगढ़ 2. रितेश डालमिया पिता अजय डालमिया उम्र 28 वर्ष साकिन बीड़पारा रायगढ़ 3. प्रियंका हलवाई पति पिंटु हलवाई उम्र 37 वर्ष साकिन चांदमारी फायरबिग्रेड आफिस के पीछे रायगढ़ 4. रौनक मोदननवाल पिता संतोष मोदनवाल उम्र 19 वर्ष साकिन चांदमारी फायरबिग्रेड आफिस रायगढ़ 5. साकेत सिंघानिया पिता प्रदीप कुमार सिंघानिया उम्र 37 वर्ष निवासी गजानंदपूरम कोतरारोड रायगढ़

धान के कटोरे में ‘हरा सोना’: छत्तीसगढ़ के किसान अब ‘वच’ की खेती से कमा रहे लाखों; धान के मुकाबले कई गुना बढ़ा मुनाफा।

महासमुंद.छत्तीसगढ़ के किसान अब पारंपरिक धान की खेती के चक्र से बाहर निकलकर औषधीय फसलों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहे हैं। वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व और छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसान वच (स्वीट फ्लैग) की व्यावसायिक खेती अपनाकर अपनी आय को कई गुना बढ़ा रहे हैं।छत्तीसगढ़ में पारंपरिक धान की खेती के अलावा वच की औषधीय खेती ने किसानों की तकदीर बदल दी है, विशेषकर वन अंचलों में। औषधीय पौधों की खेती से किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा मिल रहा है।

क्या है वच और क्यों है इसकी मांग?

वच, जिसे स्थानीय स्तर पर घोड़बच कहा जाता है, एक बहुउपयोगी औषधीय पौधा है। इसकी जड़ों का प्रयोग आयुर्वेद, हर्बल दवाओं, सौंदर्य प्रसाधन, सुगंधित तेल और अगरबत्ती निर्माण में प्रमुखता से किया जाता है।वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग ने इसे किसानों के लिए हरा सोना बना दिया है। औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

11 गांवों से हुई मुनाफे की शुरुआत

वर्तमान में धमतरी, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर और रायपुर जिलों के 11 गांवों में लगभग 38 एकड़ क्षेत्र में वच की खेती की जा रही है। राज्य सरकार के नई सुबह की ओर अभियान के तहत आदिवासी किसान अब ब्राह्मी और वच ;बचद्ध जैसी सुगंधित व औषधीय फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

कम लागत, अधिक लाभ

जहाँ पहले एक एकड़ धान से किसान मुश्किल से 20 हजार रुपए कमा पाते थे, वहीं अब बोर्ड द्वारा निःशुल्क पौधे और तकनीकी सहायता मिलने से मुनाफा लाख के पार पहुँच गया है। वैज्ञानिक पद्धति और जैविक खेती का संगम किसानों ने औषधीय पादप बोर्ड के प्रशिक्षण के अनुरूप आधुनिक तकनीकों को अपनाया है। रोपाई जुलाई माह में 30×30 सेमी की दूरी पर अंकुरित कंदों का रोपण।

जैविक पोषण

रासायनिक खादों के बजाय गोबर खाद और जीवामृत का उपयोग किया जाता है। सुरक्षा की फसल में कीटों का प्रकोप नगण्य होने और कम पानी की आवश्यकता के कारण रखरखाव का खर्च काफी कम रहा। प्रसंस्करण से मिली ए-ग्रेड गुणवत्ता 9 महीने की मेहनत के बाद अप्रैल-मई में फसल तैयार हुई। किसानों ने केवल कच्चा माल नहीं बेचा, बल्कि जड़ों की सफाई, कटाई और पॉलिशिंग कर उन्हें ए-ग्रेड गुणवत्ता में बदला, जिससे बाजार में उन्हें उच्चतम मूल्य प्राप्त हुआ।

मुनाफे का गणित (प्रति एकड़) विवरण

अनुमानित आंकड़े कुल लागत लगभग 20 हजार रुपए कुल उपज (सूखी जड़ें) लगभग 15 क्विंटल बाजार मूल्य 70 रुपए प्रति किलो शुद्ध की दर से आय करीब एक लाख रुपए होती है। सतत खेती की ओर कदम भविष्य के प्रति जागरूक किसानों ने अपनी उपज का 10 प्रतिशत हिस्सा अगले साल के बीज (कंद) के रूप में सुरक्षित रखा है।बोर्ड द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और विपणन सहायता ने किसानों में यह आत्मविश्वास जगाया है कि वे अब वच की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।इस सफलता की कहानी सिद्ध करती है कि यदि पारंपरिक कृषि के साथ तकनीकी नवाचार और औषधीय पादपों का समन्वय हो, तो छत्तीसगढ़ का किसान न केवल समृद्ध होगा, बल्कि देश की हर्बल अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ भी बनेगा।

महासमुंद पुलिस की रेड: चखना ठेले की आड़ में अवैध ‘मयखाना’ चलाने वाला संचालक गिरफ्तार

महासमुंद। जिले में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से शराब परोसने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। गुरुवार की रात थाना महासमुंद की टीम ने शीतली नाला के पास संचालित एक चखना दुकान पर दबिश दी, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर लोगों को शराब पिलाने की सुविधा दी जा रही थी। पुलिस ने मौके से संचालक को गिरफ्तार कर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

पेट्रोलिंग के दौरान मिली सटीक सूचना

जानकारी के अनुसार, 7 मई 2026 की रात थाना महासमुंद के प्रधान आरक्षक अपनी टीम (आरक्षक अशोक रात्रे और राजेंद्र टण्डन) के साथ शासकीय वाहन से शहर और देहात क्षेत्र में जुर्म-जरायम की पतासाजी में निकले थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि शीतली नाला शराब दुकान के पास एक व्यक्ति अपने चखना ठेले में अवैध रूप से लोगों को शराब पीने-पिलाने का इंतजाम कर रहा है।

पुलिस की रेड से मची अफरा-तफरी

पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए गवाह नकुल सोनी और आशीष साहू को साथ लेकर घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस की टीम मौके पर पहुँची, वहां शराब पी रहे लोग पुलिस की गाड़ी देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर ठेला संचालक को पकड़ लिया।

पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम नीलकण्ठ तारक (30 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 10 खैरा (महासमुंद) बताया। तलाशी के दौरान ठेले से देशी प्लेन शराब की अधभरी शीशी, इस्तेमाल किए गए डिस्पोजल गिलास और पानी के पाऊच बरामद हुए।

आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही

आरोपी के पास शराब परोसने से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस ने आरोपी नीलकण्ठ तारक के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी एक्ट की धारा 36(C) के तहत मामला दर्ज किया। चूंकि यह अपराध जमानतीय प्रकृति का था, इसलिए मौके पर सक्षम जमानतदार पेश करने के बाद आरोपी को मुचलके पर रिहा किया गया।

महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चखना दुकानों की आड़ में नशाखोरी को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चखना दुकान की आड़ में शराब पिलाने वाले संचालक पर गिरी गाज

महासमुंद: जिले में अवैध रूप से शराब परोसने और सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में बीते गुरुवार, 07 मई 2026 की रात पुलिस ने शीतली नाला के पास स्थित एक चखना दुकान पर दबिश देकर अवैध शराब पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा है।

मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी

जानकारी के अनुसार, थाना महासमुंद में पदस्थ प्रधान आरक्षक अपनी टीम (आरक्षक अशोक रात्रे और राजेंद्र टण्डन) के साथ शासकीय वाहन से शहर में पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि शीतली नाला शराब दुकान के पास एक व्यक्ति अपने चखना ठेले में अवैध रूप से लोगों को शराब पिला रहा है।

पुलिस को देख भागने लगे पियक्कड़

पुलिस टीम ने तत्काल दो स्थानीय गवाहों (नकुल सोनी व आशीष साहू) को साथ लेकर मौके पर रेड की। पुलिस की गाड़ी देखते ही शराब पी रहे लोगों में हड़कंप मच गया और वे मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, चखना दुकान संचालक को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।

मौके से शराब और डिस्पोजल जप्त

पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम नीलकण्ठ तारक (30 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 10 खैरा बताया। आरोपी के कब्जे से:

  • एक देशी प्लेन शराब की शीशी (अधभरी)।

  • खाली डिस्पोजल गिलास (शराब की गंध युक्त)।

  • पानी के पाऊच बरामद किए गए।

आरोपी के पास शराब पिलाने या दुकान संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए।

आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी नीलकण्ठ तारक का कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी एक्ट की धारा 36(C) के तहत अपराध पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। चूंकि यह धारा जमानतीय है, इसलिए आरोपी द्वारा सक्षम जमानतदार पेश करने पर उसे मुचलके पर रिहा किया गया। पुलिस ने मामला विवेचना में ले लिया है और क्षेत्र में ऐसे अन्य अवैध ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।

शराब की लत ने उजाड़ा घर: कोंडागांव में शराब पीने से रोकने पर पति ने डंडे से पीटकर की पत्नी की हत्या।

काेंड़ागांव । जिले की सिटी काेतवाली क्षेत्र अंर्तगत चिपावण्ड डोंडिया पारा में शराब पीने काे लेकर आराेपी पीतम उर्फ प्रीतम कोर्राम का अपनी पत्नी सुखदई कोर्राम से हुए विवाद में आराेपी पति ने घर में रखे मोटे डंडे से अपनी पत्नी के सिर पर वार कर फरार हाे गया। उपचार के दाैरान पत्नी सुखदई कोर्राम की माैत हाे गई। सिटी काेतवाली पुलिस ने आराेपी पीतम उर्फ प्रीतम कोर्राम काे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल कर दिया

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 5 मई 2026 कोे प्रार्थी सिंगलु मण्डावी पिता लच्छन मण्डावी निवासी चिपावण्ड डोंडीयापारा ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 30 अप्रेल2026 को ग्राम खड़का के लोग बताए कि उसका साला पितम कोर्राम शराब पीकर उसकी पत्नि को गाली गलौज करते हुए सिर पर डण्डा से वार किया है, जो बेहोश पड़ी है। सूचना पर प्रार्थी जाकर देखा तो उसका साला पितम कोर्राम उसे देखकर वहां से भाग गया। तब सुखदई कोर्राम को उनके पड़ोसियों के मदद से अस्पताल ले जाया गया। जहां से बेहतर ईलाज के लिए रायपुर डीकेएस अस्पताल में ले जाकर भर्ती किये जहां पर ईलाज के दौरान श्रीमति सुखदई कोर्राम की 3 मई 2026 काे मृत्यु हाे जाने की रिपोर्ट पर थाना कोण्डागांव में अपराध क्रमांक 139/2026 धारा 103(1) बीएनएस कायम कर अग्रिम विवेचना कार्यवाही में लिया

विवेचना के दौरान प्रकरण के आरोपी पीतम उर्फ प्रीतम कोर्राम पिता स्व. कार्तिक कोर्राम उम्र 35 वर्ष जाति गोंड निवासी ग्राम चिपावण्ड डोंडिया पारा से पूछताछ करने पर बताया कि उसकी पत्नी उसे शराब पीने के कारण बार-बार ताना मारती थी। जिससे वह परेशान हो गया था, जिसके कारण उसने अपनी पत्नी की घर में रखे मोटे डंडे से उसके सिर पर वार कर घटना कारित करना स्वीकार्य करने पर आराेपी काे गिरफ्तार कर कार्यवाही उपरांत आज गंरूवार काे आरोपी पति पीतम उर्फ प्रीतम कोर्राम को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल कर दिया गया। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उप निरी. राज कुमार कोमरा, प्र0आर0 अशोक मरकाम, सायबर सेल से सउनि. सुरेन्द्र बघेल, आरक्षक संतोष कोड़ोपी बिरजू सोरी का योगदान रहा ।

तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान आफत: बीजापुर में महिला को जहरीले ‘पेंजर’ (रसेल वाइपर) ने डसा, हालत गंभीर।

बीजापुर। जिले के भोपालपटनम तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत वंगापल्ली में तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान एक 38 वर्षीय महिला को जहरीले सांप ने डस लिया, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम मुत्तापुर निवासी सुशीला गुरला (पति महेश गुरला) आज गुरुवार सुबह अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थीं। काम के दौरान अचानक एक अत्यंत विषैले सांप, जिसे स्थानीय भाषा में ‘पेंजर’ (रसेल वाइपर) कहा जाता है, ने उनके पैर में डस लिया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में रसेल वाइपर (चितकबरा) सांप का भारी आतंक है। स्थानीय बोली में इसे ‘पेंजर’ या ‘पिंजर’ कहा जाता है। यह सांप अपनी फुर्ती और घातक जहर के लिए जाना जाता है।
परिजनों ने बिना समय गंवाए सुशीला को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार तो दिया गया, लेकिन जहर के बढ़ते असर और महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल जिला अस्पताल बीजापुर रेफर कर दिया है। विदित हओ कि पिछले दो दिनों से क्षेत्र में तेंदू पत्ता की तुड़ाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। ग्रामीण सुबह-सवेरे घने जंगलों में जाते हैं, जहाँ घास और पत्तों के बीच छिपे इन जहरीले सांपों का खतरा सबसे अधिक होता है। फिलहाल, जिला अस्पताल में सुशीला का उपचार जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहे हैं।

बसना : शराब दुकानें खाली, लेकिन माफियाओं के पास पेटी-पेटी शराब! बसना-भंवरपुर में 4 बड़ी कार्रवाई, 89 लीटर से ज्यादा शराब जब्त

बसना : शराब दुकानें खाली, लेकिन माफियाओं के पास पेटी-पेटी शराब! बसना-भंवरपुर में 4 बड़ी कार्रवाई, 89 लीटर से ज्यादा शराब जब्त

महासमुंद जिले के बसना एवं चौकी भंवरपुर क्षेत्र में इन दिनों एक तरफ शराब दुकानों में स्टॉक खत्म होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध शराब कारोबारियों के पास से पेटी-पेटी शराब जब्त होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार को पुलिस ने अलग-अलग चार बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 89.580 बल्क लीटर से अधिक अंग्रेजी एवं महुआ शराब जब्त कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सबसे बड़ी कार्रवाई चौकी भंवरपुर क्षेत्र के ग्राम पुरुषोत्तमपुर में हुई, जहां पुलिस ने नवीन चौहान, अतुल साहु और राजेश पटेल के कब्जे से 39.600 बल्क लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि घर बाड़ी में भारी मात्रा में शराब छिपाकर बिक्री की जा रही है। रेड कार्रवाई में 220 नग अंग्रेजी गोवा शराब की शीशियां और 1800 रुपये बिक्री रकम बरामद हुई।

इसी तरह थाना बसना क्षेत्र के रसोड़ा-जगदीशपुर रोड स्थित एक मुर्गा दुकान के पीछे पुलिस ने बड़ी मात्रा में शराब का जखीरा पकड़ा। आरोपी राजा बंजारा द्वारा पैरा ढेरी में छिपाकर रखी गई 64.980 लीटर अंग्रेजी एवं देशी शराब जब्त की गई। पुलिस ने पांच प्लास्टिक बोरियों से 336 पौवा अंग्रेजी जीप्सी शराब एवं 25 पौवा देशी शराब बरामद की।
वहीं चौकी भंवरपुर क्षेत्र के खोक्सा गांव में बिहारी लाल राठिया नामक आरोपी के कब्जे से 10 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब जब्त की गई। दूसरी ओर NH-53 स्थित सिंह ढाबा के सामने ग्राहक का इंतजार कर रहे ओम प्रकाश चौहान से 15 लीटर महुआ शराब बरामद हुई।

चारों मामलों में पुलिस ने आरोपियों से शराब रखने संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया।

लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में आम लोग चर्चा कर रहे हैं कि जब सरकारी शराब दुकानों में कई बार “स्टॉक खत्म” का बोर्ड लगा रहता है, तब अवैध कारोबारियों तक पेटी-पेटी शराब आखिर पहुंच कैसे रही है? क्या कहीं न कहीं सप्लाई चैन में मिलीभगत है या फिर अवैध नेटवर्क खुलेआम सक्रिय है? पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।