महासमुंद: सिंघोड़ा के चीवरा कूटा से शुरू हुआ अवैध LPG गैस का खेल, अब 2 खाद्य अधिकारियों और एजेंसी संचालक की गिरफ्तारी तक जा पहुंची 1.5 करोड़ की गैस बेचने के आरोप

महासमुंद: सिंघोड़ा के चीवरा कूटा से शुरू हुआ अवैध LPG गैस का खेल, अब 2 खाद्य अधिकारियों और एजेंसी संचालक की गिरफ्तारी तक जा पहुंची 1.5 करोड़ की गैस बेचने के आरोप

सरायपाली/महासमुंद। महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत चीवरा कूटा से शुरू हुआ एलपीजी गैस का खेल अब बड़े घोटाले में तब्दील हो गया है। बहुचर्चित LPG गैस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खाद्य अधिकारियों और एक गैस एजेंसी संचालक को गिरफ्तार किया है। मामला करीब 1.5 करोड़ रुपए की एलपीजी गैस के अवैध रूप से निकालकर बेचने से जुड़ा है।

अनुसार कुछ माह पूर्व सिंघोड़ा क्षेत्र के चीवरा कूटा में गैस को अवैध रूप से रिफिलिंग किए जाने की शिकायत पर अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। उसी मामले की जांच आगे बढ़ने पर अब बड़े स्तर पर मिलीभगत और गैस हेराफेरी का खुलासा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक दिसंबर 2025 में 90 मीट्रिक टन LPG गैस ले जा रही 6 गैस कैप्सूल गाड़ियों को दस्तावेजों की कमी के चलते जब्त किया गया था। सभी वाहनों को थाने में खड़ा कराया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि जब्त गैस और कैप्सूलों को लेकर अंदरखाने बड़ा खेल चल रहा था।

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि खाद्य अधिकारी अजय यादव,  तथा गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंप दिए। बाजार में इस गैस की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आज यादव खाद्य अधिकारी का फोटो

 

पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। वहीं ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

सूत्रों के अनुसार जब्त गैस कैप्सूल को प्लांट परिसर में रखने की अनुमति प्रशासन स्तर से दी गई थी, जिसके बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में गैस का अवैध उपयोग और बिक्री किस नेटवर्क के जरिए की गई और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका रही।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा जांच लगातार जारी है।

महासमुंद, पिथौरा और सरायपाली में योजना को जबरदस्त प्रतिसाद,बीपीएल और किसानों को बड़ी राहत करोड़ों जमा तो करोड़ों का बकाया माफ 30 जून तक मौका

फोटो बनाओ डाटा के अनुसार मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ विष्णु देव का भी फोटो रहना चाहिए बड़े साइज में बनाना मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 जिले में 40 हजार 693 उपभोक्ताओं ने कराया पंजीयन

महासमुंद 08 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश के घरेलू, बीपीएल, कृषि एवं निम्नदाब उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 के तहत विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। योजना के माध्यम से बकाया बिजली बिल, अधिभार एवं सरचार्ज में विशेष छूट प्रदान की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को लाभ मिल रहा है।महासमुंद जिले में 04 मई 2026 तक की स्थिति में योजना के अंतर्गत महासमंुद, पिथौरा एवं सरायपाली के कुल 40 हजार 693 सक्रिय उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। इनमें सक्रिय बीपीएल श्रेणी के 31 हजार 217 उपभोक्ता, घरेलू श्रेणी के 6 हजार 82 उपभोक्ता तथा कृषि श्रेणी के 3 हजार 394 उपभोक्ता शामिल हैं।

 

योजना के तहत अब तक कुल 3 करोड़ 10 लाख 57 हजार 299 रुपए की राशि जमा की जा चुकी है। जिसमें बीपीएल श्रेणी के अंतर्गत एक करोड़ 32 लाख 91 हजार 964 रुपए, घरेलू श्रेणी के अंतर्गत एक करोड़ 41 लाख 88 हजार 575 रुपए एवं कृषि श्रेणी के अंतर्गत 35 लाख 76 हजार 760 रुपए की राशि जमा किया गया है।इसी तरह योजना के अंतर्गत महासमुंद, पिथौरा एवं सरायपाली संभाग के कुल 279 निष्क्रिय उपभोक्ता है। इनमें निष्क्रिय बीपीएल श्रेणी के 89 उपभोक्ता, घरेलू श्रेणी के 83 उपभोक्ता तथा कृषि श्रेणी के 107 उपभोक्ता हैं। योजना के तहत अब तक कुल 16 लाख 27 हजार 303 रुपए की राशि जमा की जा चुकी है। जिसमें बीपीएल श्रेणी के अंतर्गत 4 लाख 43 हजार 762 रुपए, घरेलू श्रेणी के अंतर्गत 9 लाख 36 हजार 331 रुपए एवं कृषि श्रेणी के अंतर्गत 2 लाख 47 हजार 210 रुपए की राशि जमा किया गया है तथा उपभोक्ताओं के कुल बकाया राशि से 3 करोड़ 57 लाख 49 हजार 208 रुपए की राशि माफ की गई है। महासमुंद के उपभोक्ता श्री हरनाम दास ने बताया कि उनका बिजली बिल 3 हजार 160 रुपए आया है और उन्होंने इस योजना के तहत पंजीयन कराया है।  योजना के तहत उपभोक्ताओं को अधिभार एवं सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक की छूट तथा मूल बकाया राशि में भी विशेष राहत प्रदान की जा रही है।

 

इससे 31 मार्च 2023 से पूर्व के लंबित बिजली बिलों का निराकरण आसान हुआ है तथा उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र उपभोक्ताओं को 30 जून 2026 तक पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना आवश्यक है।जिला प्रशासन एवं विद्युत वितरण कंपनी ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे योजना की अंतिम तिथि 30 जून 2026 से पूर्व पंजीयन कराकर शासन की इस जनहितकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

CG: ऑपरेशन तलाश: छत्तीसगढ़ पुलिस ने 4 हजार से ज्यादा बिछड़े लोगों को परिवारों से मिलाया’ ’पांच वर्षों में 87 हजार से अधिक गुम इंसानों की हुई बरामदगी’ देखे डाटा सभी जिलों का

CG: ’ऑपरेशन तलाश: छत्तीसगढ़ पुलिस ने 4 हजार से ज्यादा बिछड़े लोगों को परिवारों से मिलाया’ ’पांच वर्षों में 87 हजार से अधिक गुम इंसानों की हुई बरामदगी’ देखे डाटा सभी जिलों का

 

छत्तीसगढ़ में गुमशुदा लोगों की तलाश अब केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग और मानवीय जिम्मेदारी की मजबूत पहल बन गयी है। राज्य में वर्ष 2021 से अप्रैल 2026 तक कुल 1 लाख 3 हजार 766 गुम इंसानों की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें से 87 हजार 35 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों तक पहुंचाया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस महकमे के आला अधिकारियों को राज्य में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए प्रभावी अभियान संचालित करने के निर्देश दिए थे। छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन द्वारा संचालित ऑपरेशन तलाश और ऑपरेशन मुस्कान के जरिए बरामद लोगों में 2 हजार 785 बालक, 16 हजार 472 बालिकाएं, 18 हजार 671 पुरुष और 49 हजार 107 महिलाएं शामिल हैं। इन आंकड़ों ने यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता के साथ गुमशुदा लोगों की तलाश में सक्रिय है।

राजधानी रायपुर सहित अविभाजित जिले में भी पुलिस की सक्रियता प्रभावी रही। यहां गुम नाबालिगों, महिलाओं और पुरुषों से संबंधित 15 हजार 632 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 12 हजार 456 लोगों को खोज निकाला गया। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है और जिला स्तर पर विशेष टीमों की तैनाती के साथ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण बात यह रही कि इन मामलों में अब तक मानव तस्करी जैसे किसी बड़े संगठित अपराध की जानकारी सामने नहीं आई है। बरामद लोगों ने अपने कथनों में बताया कि अधिकांश लोग प्रेम संबंध, रोजगार की तलाश, परिजनों की डांट या घूमने जाने जैसी वजहों से घर छोड़कर चले गए थे। इनमें से कई लोग बाद में स्वयं भी वापस लौट आए।

’अप्रैल में चला ऑपरेशन तलाश 4056 लोगों की हुई बरामदगी’
गुमशुदा लोगों की तलाश को तेज गति देने के लिए अप्रैल 2026 में राज्यभर में “ऑपरेशन तलाश” अभियान चलाया गया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली और केवल एक माह में 4 हजार 56 गुमशुदा लोगों को खोज निकाला गया। इनमें 545 बच्चे तथा 3511 महिला और पुरुष शामिल रहे। बरामद लोगों में 75 बालक, 470 बालिकाएं, 972 पुरुष और 2539 महिलाएं शामिल हैं। सभी को विधिवत उनके परिवारों से मिलाया गया।
अभियान के दौरान पुलिस ने अंतर्राज्यीय समन्वय का भी प्रभावी उपयोग किया। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से 182 गुमशुदा लोगों को खोजकर वापस लाया गया। इनमें 3 बालक, 63 बालिकाएं, 13 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल हैं।

’जिलों की सक्रिय भूमिका से मिली बड़ी सफलता’
ऑपरेशन तलाश में जिला पुलिस इकाइयों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। बरामदगी के मामले में दुर्ग जिला सबसे आगे रहा, जहां 683 लोगों की पतासाजी की गई। इसके बाद बिलासपुर में 648, रायपुर में 426, राजनांदगांव में 280, रायगढ़ में 251 और महासमुंद में 183 गुम इंसानों को खोजा गया। इसी तरह बलौदाबाजार में 136, जांजगीर-चांपा में 134, सरगुजा में 114 और बालोद जिले में 106 लोगों को बरामद कर अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।

’अभिव्यक्ति अभियान से बढ़ रही जागरूकता’
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य में “अभिव्यक्ति” जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, छात्रावासों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में पुलिस टीमें पहुंचकर लोगों को मानव तस्करी, साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, नए कानूनों और आत्मरक्षा के बारे में जानकारी दे रही हैं।

इसके साथ ही गुम बच्चों की खोज के लिए “ऑपरेशन मुस्कान” और गुम इंसानों की तलाश के लिए “ऑपरेशन तलाश” जैसे अभियान समय-समय पर संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस तकनीकी संसाधनों, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और ईश्तहारों के माध्यम से भी लगातार निगरानी और खोजबीन कर रही है।

’हर बरामद व्यक्ति किसी परिवार की खुशी’

छत्तीसगढ़ पुलिस का मानना है कि हर गुमशुदा बच्चे, महिला या व्यक्ति की बरामदगी किसी परिवार की चिंता और पीड़ा का अंत होती है। यही कारण है कि पुलिस इसे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय दायित्व मानकर काम कर रही है। संवेदनशील पुलिसिंग, तकनीकी सहयोग, मजबूत सूचना तंत्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के चलते हजारों परिवारों के चेहरे पर फिर मुस्कान लौट सकी है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी व्यक्ति, खासकर नाबालिग, महिला या बुजुर्ग के गुम होने की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, डायल 112 या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते उनकी सुरक्षित तलाश सुनिश्चित की जा सके।

पशु तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 11 गौ-वंश बरामद, 4 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: सीजी पुलिस की पशु क्रूरता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। कार्रवाई के दौरान 11 गौ-वंश को सुरक्षित बरामद किया गया और तस्करी में प्रयुक्त दो पिकअप वाहनों को भी जब्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, दिनांक 08 मई 2026 को थाना गातापार पुलिस स्टाफ द्वारा थाना के सामने नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि खैरागढ़ की ओर से दो सफेद रंग की पिकअप वाहनों में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक भरकर महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर दोनों वाहनों को रोका। तलाशी के दौरान वाहनों में 05 भैंसी, 04 पड़िया और 02 पड़वा सहित कुल 11 मवेशी पाए गए, जिन्हें रस्सियों से बांधकर, ठूस-ठूसकर और बिना चारा-पानी के ले जाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में नरेंद्र यादव (25 वर्ष, दुर्ग), मोहम्मद इंतजार (35 वर्ष, भिलाई), राज अंसारी (20 वर्ष, जामुल) और राज राजपूत (21 वर्ष, बेमेतरा) शामिल हैं। इसके अलावा एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में मुख्य आरोपी मोहम्मद इंतजार ने स्वीकार किया कि वे मवेशियों की खरीद-फरोख्त कर उन्हें महाराष्ट्र ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मवेशी, दो पिकअप वाहन, चार मोबाइल फोन सहित कुल लगभग 15 लाख 36 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार प्रक्रिया के तहत रखा गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है और पशु तस्करी के नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।

डेम में हाथी शावक की डूबने से मौत…

रायगढ़। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल परिक्षेत्र अंतर्गत सिंघीझाप स्थित घोघरा डेम में लगभग 6 माह आयु के एक हाथी शावक की डूबने से मृत्यु होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ वनमंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार 07 मई 2026 को लगभग 20 हाथियों का दल बोजिया परिसर के कक्ष क्रमांक 516 आर.एफ. में विचरण कर रहा था, जो शाम लगभग 5.30 बजे से 6.30 बजे के बीच सिंघीझाप परिसर के कक्ष क्रमांक 502 आर.एफ. की ओर बढ़ा। देर रात लगभग 2 से 3 बजे के बीच यह दल घरघोड़ा परिक्षेत्र से वापस लौटकर घोघरा डेम के पानी में उतरा, जहां संभवतः इसी दौरान शावक की डूबने से मृत्यु हो गई। घटना के बाद दल के 15 हाथी लोटान क्षेत्र की ओर चले गए, जबकि शेष 5 हाथी, जिनमें एक नर, तीन मादा एवं एक शावक शामिल थे, कक्ष क्रमांक 502 में ही रुके रहे। दौरान हाथी ट्रैकर्स ने घोघरा डेम में शावक को मृत अवस्था में देखा और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची, जिसमें डॉ. आशीष राठिया, डॉ. विवेक नायक एवं डॉ. अनिल कुमार सिंह शामिल थे। टीम की उपस्थिति में मृत शावक का विस्तृत पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम उपरांत मृत्यु के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच हेतु विषरा के नमूने इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज्जतनगर, बरेली (उत्तर प्रदेश) तथा नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर मध्यप्रदेश भेजे जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा क्षेत्र में हाथियों की सतत निगरानी बढ़ा दी गई है।

CG: ट्रेलर की चपेट में आने से भाई-बहन की मौत, मचा हड़कंप

जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। बिरंगहनी गांव के पास ठड़गाबहरा चौक में कोलवॉशरी से कोयला लेकर जा रही एक ओवरलोड ट्रेलर अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार सगे भाई-बहन को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में संजय कुर्रे और उनकी बहन अंजुलता कुर्रे की मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हादसे को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल पुलिस ट्रेलर चालक की तलाश कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी

बसना: नाक, कान एवं गला रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सतीश राठी मरीजों की जांच कर परामर्श एवं उपचार देंगे। अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

बसना: अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
बसना। नगर स्थित अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 10 मई 2026 को नाक, कान एवं गला रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सतीश राठी मरीजों की जांच कर परामर्श एवं उपचार देंगे।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार शिविर में कान के संक्रमण, पर्दे में छेद, टॉन्सिल, एडेनॉइड, खर्राटे, थायरॉइड, आवाज एवं श्वास नली संबंधी समस्याओं का उपचार किया जाएगा। इसके साथ ही नाक की एलर्जी, नाक से खून आना, नाक की हड्डी टेढ़ी होना, पॉलीप तथा चक्कर आने जैसी समस्याओं की जांच एवं इलाज की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

शिविर में दूरबीन द्वारा जांच एवं ऑपरेशन सुविधा, ऑडियोमेट्री एवं बीईआरए टेस्ट तथा सुनने की मशीन (हियरिंग एड) संबंधी जांच भी की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए नि:शुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
विशेष चिकित्सा शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। मरीजों एवं परिजनों से समय पर पहुंचकर पूर्व पंजीयन कराने की अपील की गई है।
संपर्क नंबर – 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100।

महासमुंद: छड़-सीमेंट के नाम पर 10 से अधिक वारदातों का खुलासा, चोरी के ज्वेलर्स पिथौरा-भंवरपुर में बेचा, 32 लाख से ज्यादा की संपत्ति बरामद फरार आरोपी पंजाब से लौटकर महासमुंद में देता रहा चोरी की घटनाओं को अंजाम

महासमुंद: छड़-सीमेंट के नाम पर 10 से अधिक वारदातों का खुलासा, चोरी के ज्वेलर्स पिथौरा-भंवरपुर में बेचा, 32 लाख से ज्यादा की संपत्ति बरामद
फरार आरोपी पंजाब से लौटकर महासमुंद में देता रहा चोरी की घटनाओं को अंजाम

महासमुंद। महासमुंद पुलिस को एक शातिर चोर को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। आरोपी घर के बाहर एकत्रित ईंट-गिट्टी एवं घर बनाने का काम चलता देख उसी घर को निशाना बनाता था। आरोपी घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग व्यक्ति होने पर ही चोरी की घटना को अंजाम देता था और सूने मकान में कभी चोरी नहीं करता था।
आरोपी कम कीमत में छड़-सीमेंट देने का लालच देकर घर में प्रवेश करता था और फिर घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लेता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर अलग-अलग ज्वेलरी दुकान संचालकों को बेचे गए चोरी के आभूषण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपी 10 से अधिक चोरी के प्रकरणों में शामिल रहा है तथा आरोपी एवं ज्वेलरी संचालकों से शत-प्रतिशत संपत्ति बरामद कर ली गई है। बरामद संपत्ति में विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण 163.310 ग्राम कीमत 25 लाख 52 हजार 200 रुपए तथा विभिन्न प्रकार के चांदी के आभूषण 02 किलो 585.94 ग्राम कीमत 6 लाख 41 हजार 700 रुपए शामिल हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल कीमत 30 हजार रुपए और एक मोबाइल कीमत 15 हजार रुपए जब्त किया गया है। कुल जुमला बरामद संपत्ति की कीमत 32 लाख 38 हजार 900 रुपए बताई गई है।

प्रकरण में प्रार्थी ओमप्रकाश ठाकुर पिता नोहर सिंह ठाकुर उम्र 48 वर्ष निवासी ग्राम बगारपाली थाना तेंदूकोना जिला महासमुंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 08:09 बजे एक अज्ञात व्यक्ति उसके घर आया और छड़ का पैसा मांगने लगा। इसी दौरान उसने आलमारी की चाबी स्वयं ढूंढकर आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए सामान में एक सोने का हार, एक सोने का रानी हार, दस नग सोने का बड़ा लॉकेट, पांच नग सोने का छोटा लॉकेट, सोने का कान झुमका एक जोड़ी, सोने की अंगूठी, सोने की बाली एक जोड़ी, चांदी का बड़ा पायल एक जोड़ी, चांदी का छोटा पायल एक जोड़ी, चांदी का करधन एक नग एवं चांदी की बिछिया 04 नग शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई।

 

रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। वाहन चेकिंग के दौरान आरोपी पंचराम उर्फ पंचु निषाद पिता गणेश राम निषाद उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम चंदली थाना चंदरपुर जिला सक्ती छत्तीसगढ़ को पकड़ा गया। आरोपी के पास रखे सोने के जेवरात के संबंध में पूछताछ करने पर उसने ग्राम बगारपाली में चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि चोरी किए गए सोने के जेवरात को बेचने के लिए वह खरियार रोड ओडिशा जा रहा था, लेकिन बाद में बेचने का मन नहीं होने पर वापस घर लौट रहा था।

गिरफ्तार आरोपी
पंचराम उर्फ पंचु निषाद पिता गणेश राम निषाद उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम चंदली थाना चंदरपुर जिला सक्ती छत्तीसगढ़।
बरामद संपत्ति
विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण 163.310 ग्राम कीमत 25,52,200 रुपए
विभिन्न प्रकार के चांदी के आभूषण 02 किलो 585.94 ग्राम कीमत 6,41,700 रुपए
एक नग मोटरसाइकिल कीमत 30,000 रुपए
एक नग मोबाइल फोन कीमत 15,000 रुपए
कुल जुमला बरामद संपत्ति
32,38,900 रुपए
आरोपी के कब्जे से सोने के जेवरात, एक मोटरसाइकिल क्रमांक CG 06 GJ 4107 एवं मोबाइल फोन जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने कोमाखान, सांकरा, तेंदूकोना, सरायपाली, पिथौरा, बुंदेली एवं अन्य जगहों पर चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ने चोरी की संपत्ति को अलग-अलग ज्वेलरी दुकानों में बेचना भी कबूल किया।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पिथौरा पर जी.एस ज्वेलर्स तथा भंवरपुर कैलाश ज्वेलर्स से चोरी के आभूषण बरामद किए हैं। वहीं तम्मन्ना ज्वेलर्स एवं संतोष ज्वेलर्स के संचालकों से संपत्ति जब्त करना अभी शेष बताया गया है। पुलिस इनसे भी पूछ ताज कर सकती है चुकी चोरी के सामान खरीदना भी उतना ही अपराध है अब आगे देखना है

 

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी अलग-अलग थानों में चोरी के 13 मामले दर्ज हैं। इनमें दुर्ग जिले के उतई, रनचिरई एवं जामगांव, धमतरी जिले के भखारा, अंडा एवं मगरलोड तथा जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ एवं बिर्रा थाना क्षेत्र शामिल हैं।

जांजगीर-चांपा के मामलों में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था, लेकिन इलाज के बहाने जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा से फरार हो गया था। फरार होने के बाद आरोपी पंजाब भाग गया और वहां से लौटकर महासमुंद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बाहर भाग जाता था।
महासमुंद जिले में एक ही प्रकार की लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने पर पुलिस द्वारा विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी विश्लेषण एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 30 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में; बुधवारी बाजार में दिखा उत्सव का माहौल।

लैलूंगा/  लैलूंगा के बुधवारी बाजार प्रांगण में आज खुशियों, परंपरा और सामाजिक समरसता का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के अंतर्गत 30 जोड़ी कन्याओं का भव्य सामूहिक विवाह समारोह पूरे उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न कराया जा रहा है।

पूरा परिसर दूल्हा-दुल्हनों की मुस्कान, मंगलगीतों और शहनाई की गूंज से जगमगा उठा। एक ही मंडप में 30 जोड़ों के विवाह का दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और नगरवासियों ने इस ऐतिहासिक आयोजन का आनंद लिया और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

इस भव्य आयोजन में लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, क्षेत्र के चर्चित जनप्रतिनिधि एवं “लैलूंगा के अजेय योद्धा” मनोज अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष ज्योति भगत सहित कई जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासनिक अमले ने भी अहम भूमिका निभाई।
इस दौरान राजस्व अधिकारी भरत कौशिक, जनपद सीईओ प्रीति नायडू, परियोजना अधिकारी, शासकीय कर्मचारी, महिला बाल विकास विभाग की टीम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

पूरा बुधवारी बाजार प्रांगण रंग-बिरंगी सजावट, पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साहित लोगों की भीड़ से मेले जैसा नजर आया। हर तरफ सिर्फ खुशी, उत्साह और आशीर्वाद का माहौल दिखाई दिया।

“सरकार की योजना बनी गरीब परिवारों का सहारा”

मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराए जाने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने इसे समाजहित में बेहद सराहनीय पहल बताया।

एक साथ 30 जोड़ों का विवाह… हजारों लोगों की मौजूदगी… और जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन तक की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।

समाधान शिविर में ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन; कोमल साहू को 1 घंटे में मिला लर्निंग लाइसेंस।

महासमुंद.सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम लोहारडीह में आयोजित समाधान शिविर में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। इसी क्रम में ग्राम बिरकोनी के 24 वर्षीय कोमल साहू को शिविर में आवेदन करने के महज एक घंटे के भीतर लर्निंग लाइसेंस प्रदान किया गया।

कोमल साहू ने बताया कि उन्होंने हाल ही में नई गाड़ी खरीदी है, जिसके लिए उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता थी। समाधान शिविर में पहुंचकर उन्होंने आवेदन किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें शीघ्र ही लर्निंग लाइसेंस मिल गया।

उन्होंने कहा कि शिविर में बिना किसी परेशानी के त्वरित सेवा मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई। कोमल साहू ने शासन-प्रशासन द्वारा लगाए गए समाधान शिविर की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

इसी तरह ग्राम सोरिद के चार भाइयों विनोद चंद्राकर, राजेंद्र चंद्राकर, ललित चंद्राकर और डोमेंद्र चंद्राकर को समाधान शिविर में अलग-अलग किसान पुस्तिका प्रदान की गई। विनोद चंद्राकर ने बताया कि चारों भाइयों के बीच हाल ही में भूमि का बंटवारा हुआ है, जिसके बाद अलग-अलग किसान पुस्तिका की आवश्यकता थी। समीपस्थ ग्राम लोहारडीह में आयोजित समाधान शिविर में उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल किसान पुस्तिका उपलब्ध करा दी गई।

किसानों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि समाधान शिविर वास्तव में लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। खरीफ फसल की तैयारी के लिए किसान पुस्तिका की आवश्यकता थी और सही समय पर इसका मिलना उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन और त्वरित समाधान के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।