महासमुंद जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव निकला गैस के गबन का मुख्य षड्यंत्रकारी, डील में मिले थे 50 लाख, तीन गिरफ्तार

एलपीजी कैप्सूल से गबन के मामले में महासमुंद पुलिस ने जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव पुलिस द्वारा जप्त की गई एलपीजी कैप्सूल से 1.5 करोड़ के गैस के गबन का मुख्य षड्यंत्रकारी निकले. उन्होंने गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर के साथ मिलकर गबन की योजना बनाई.

आपको बता दें कि सिंघोड़ा पुलिस ने 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल को माह 24 दिसम्बर 2025 में जप्त किया गया था. तथा भीषण गर्मी पड़ने पर एवं सिंघोडा में सुरक्षा के मानक उपबंधों की पर्याप्त व्यवस्था न होने से भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए,  उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर रखवाने हेतु पुलिस अधीक्षक महासमुंद ने जिला कलेक्टर महासमुंद को पत्र लिखा था.

जिसके बाद उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर रखवाने हेतु निर्देशित किया गया था,  उक्त आदेश के परिपालन में दिनांक 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग से खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, खाद्य अधिकारी हरिश सोनेश्वरी एवं मनीष यादव के उपस्थिति में ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के संतोष सिंह ठाकुर को 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुपुर्दनामा में दिलवाया गया.

सुपुर्दनामा के बाद संतोष सिंह ठाकुर के द्वारा उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को अपने कर्मचारियों के माध्यम से थाना सिंघोड़ा से ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स ग्राम उरला थाना अभनपुर जिला रायपुर ले गये.

उक्त 06 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रकों को सुरक्षार्थ रखने हेतु ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स संतोष सिंह ठाकुर पिता मूलसिंह ठाकुर उम्र 56 वर्ष साकिन ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स ग्राम उरला थाना अभनपुर जिला रायपुर छ.ग. को न्यस्त किया गया था.

जांच के दौरान 03 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल ट्रक में करीब 50 टन LPG गैस कीमती लगभग 45,00,000 रूपये तथा गुणाशेखरन के 02 नग LPG गैस से भरी हुई कैप्सुल में 37 टन LPG गैस कीमती 32,00,000 रूपये को ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के सुपुर्दनामा में लेने वाले संतोष सिंह ठाकुर के द्वारा मिलीभगत कर उक्त 05 नग LPG कैप्सुल ट्रक गैस भरा हुआ के संबंध में आपराधिक न्यास भंग करना पाया गया.

कुल 87 टन LPG गैस कीमती करीब 77,00,000 रूपये का ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के सुपुर्दनामा में लेने वाले संतोष सिंह ठाकुर तथा अन्य डायरेक्टर, संचालक, मैनेजर व अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 42/26 धारा 316(3), 3(5) बीएनएस का अपराध घटित करना पाये जाने पर धारा सदर का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

कब हुई षड़यंत्र की शुरुआत

सुपुर्दनामा के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय से कलेक्टोरेट कार्यालय को लिखे गए प्रथम पत्र के कुछ दिन बाद ही 23 मार्च को हुई षड्यंत्र की पहली बैठक रखी गई.

खाद्य अधिकारी अजय यादव और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर ने 1 करोड़ के गबन की पटकथा लिखी दी.

अजय यादव ने पंकज चंद्राकर को क्रियान्वयन और सही एजेंसी को ढूंढने का जिम्मा दिया पंकज चंद्राकर ने पहली षड्यंत्रकारी बैठक में ही मनीष चौधरी का नाम सुझाया.  मनीष को विभिन्न एजेंसियों को संपर्क करने का काम दिया गया.

कैसे हुआ मूल्यांकन-

गैस की मात्रा के जानकारी के बिना पैसो के मूल्यांकन में मुश्किल हो रही थी डील, 26 मार्च को दोनों सूत्रधार खाद्य अधिकारी अजय यादव और पंकज चंद्राकर गैस की मात्रा का आंकलन करने सिंघोड़ा थाना पहुंचे.

6 कैप्सूल में कुल 105 मीट्रिक टन का अनुमान लगाया गया, और तुरंत 1 करोड़ के सपने पर मुहर लगा दी गयी.

मनीष चौधरी को फ़ोन पर संपर्क कर उसी दिन संभावित एजेंसी को बुलाने के लिए बताया गया, मात्रा और पैसे के बाद मनीष ने भी देरी नहीं की.

26 मार्च को ही रात 11 बजे तीनो षड्यंत्रकारियों की एक गैस एजेंसी के मालिक के साथ मध्यरात्रि को बैठक हुई.

पहली एजेंसी के मालिक ने मजबूती से इसमें शामिल होने से इनकार किया, मनीष को और एजेंसियों से संपर्क करने का जिम्मा दिया गया. इसके बाद मनीष चौधरी ने ठाकुर पेट्रोकेमिकल से डील पक्की की. खाद्य अधिकारी के 80 लाख के मांग को ठाकुर ने माना और सुपुर्दनामे लेने के लिए हामी भरी,

किसकी क्या जिम्मेदारी

खाद्य अधिकारी अजय यादव परदे के पीछे के मुख्य खिलाडी थे, पंकज चंद्राकर के जिम्मे गबन और डील का चेहरा बन कर क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी था.

डील को महासमुंद से दूर रखने के लिए रायपुर के मनीष चौधरी को जिम्मेदारी दी गयी थी, जिसे रायपुर के एजेंसियों से बात कर डील को अंतिम कड़ी तक पहुंचाना था. *किसके हिस्से में

कितना, पैसे के लेन देन का क्रम और प्रक्रिया-

प्रयास 1 करोड़ के डील की थी, ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक के साथ 80 लाख में डील फाइनल हुई थी. सबसे बड़ा 50 लाख का हिस्सा खाद्य अधिकारी अजय यादव को सुपुर्दनामे के दूसरे ही दिन 31 मार्च को घर में डिलीवर हुआ.

30 लाख रकम जुगाड़ने में देरी हो रही थी, ठाकुर पर भरोसा भी कम था, ठाकुर के अकाउंट से मनीष चौधरी के अकाउंट में गिरवी surety के रूप में 30 लाख डलवाया गया.

बाद में 1 हफ्ते के अंदर ठाकुर से मनीष चौधरी को 30 लाख रकम दिया. 10 लाख मनीष चौधरी ने अपने हिस्से में रखा और 20 लाख पंकज चौधरी को अपने हिस्से के मिले.

रकम के लेन देन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मनीष चौधरी ने अपने अकाउंट में गिरवी रखे हुए 30 लाख ठाकुर के अकाउंट में वापस कर दिए.

कूटरचित वजन पंचनामा की कहानी-

सिर्फ गैस और पैसों के साथ ही नहीं, कागजों के साथ भी खेल खेला गया. कैप्सूल्स के सुपुर्दनामे के बाद एक हफ्ते तक एक एक करके कैप्सूल खाली करने के बाद 6 एवं 8 अप्रैल को ख़ाली कैप्सूल्स का वजन कराया गया.

वजन के दौरान न तो ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक उपस्थित थे न ही कोई गवाह, वजन प्रक्रिया का एक फ़र्ज़ी पंचनामा महासमुंद में खाद्य अधिकारी के कार्यालय में बनवाया गया. उस पंचनामा में भी वही षड्यंत्रकारी मनीष चौधरी और पंकज चंद्राकर स्वतंत्र गवाह बने जो कैप्सूल्स के सुपुर्दनामे में गवाह बनाये गए थे और जिन्होंने खुद ही 92 टन एलपीजी गैस का गबन कर 80 लाख रुपये उगाही की थी.आश्चर्य यह भी है की ये कूटरचित वजन पंचनामा का दस्तावेज 8 अप्रैल के दोपहर को ही कलेक्टोरेट के आवक जावक में पहुंच गए थे, जबकि वजन कांटा के रजिस्टर और पर्ची के अनुसार एक कैप्सूल का वजन 8 अप्रैल को ही, रात 8 बजे के बाद हुआ है.

पल्ला झाड़ने की कार्ययोजना-

कोर्ट से सुपुर्दनामा आदेश और पुलिस की सक्रियता के बाद सभी षड्यंत्रकारियों के होश उड़ने शुरू हो गए. 20 अप्रैल के रात 8 से 10 बजे तक पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और संतोष ठाकुर की आरंग के ढाबे में हुई बैठक मंथन हुई, सब कुछ पुलिस पर डालकर पल्ला झाड़ने और दबाव बनाने की योजना बनाई थी .सबको अपने अपने बयान पर कायम रहने के निर्देश दिए गए थे.

*गिरफ्तार आरोपी-*

1-पंकज चंद्राकर पिता पवन चंद्राकर उम्र 35 वर्ष सा. हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी एमआईजी 140, बीटीआई रोड़ महासमुन्द जिला महासमुन्द।

2-मनीष चौधरी पिता स्व0 राधेश्याम चौधरी उम्र 52 वर्ष पता-ए-2/502 लखजोरा अपार्टमेंट मेन रोड मोवा रायपुुर।

3-अजय कुमार यादव पिता रामफल यादव उम्र 49 वर्ष सा. बी. 70 फेस 02, राजकिशोर नगर बिलासपुर जिला बिलासपुर छ.ग. हाल हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी महासमुन्द जिला महासमुन्द छ.ग.।

जप्त सामग्री-

01-पंकज चंद्राकर-01 नग मोबाईल, नगदी 13000/- रूपये।

02-मनीष चैधरी- सोनू ट्रेडर्स दूकान से 5,11,900/- रूपयें का होम अप्लायंस का सामान, 01 नग मोबाईल एवं नगद 8000/- रू.।

03- अजय कुमार यादव- 1 नग मोबाईल, नगदी 78,800/-रू. व एक काले रंग का बैंग।

जुमला जप्त संपत्ति किमती- 6,11,700 र

इस प्रकार उपरोक्त प्रकरण में आपराधिक न्यास भंग, आपराधिक षडयंत्र, कूट रचना एवं शासकीय संपत्ति का व्यापारिक हित हेतु हेराफेरी कालाबाजारी करना पाये जाने से धारा 316(3), 316 (5), 61, 238, 336 (3), 338, 340(2) बीएनएस 3,7 ई.सी. एक्ट लगाया जाकर की जा रही है कड़ी कार्यवाही।

CG : प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, पंजीयन कर उठाएँ लाभ

युवाओं के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों में इंटर्नशिप करने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा तथा भविष्य में बेहतर रोजगार संभावनाएँ विकसित होंगी।

योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं को लगभग 9000 रूपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। 6 से 9 माह की अवधि तक मिलने वाला यह कार्य अनुभव युवाओं के कौशल, आत्मविश्वास और व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करेगा।

युवाओं को योजना से जोड़ने हेतु माय भारत प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। जिले के इच्छुक युवा पहले mybharat.gov.in माय भारत पोर्टल पर पंजीयन कर सकते हैं, जिसके बाद उन्हें स्वतः प्रधानमंत्री इंटर्नशिप वेबसाइट से जोड़ दिया जाएगा। इससे आवेदन प्रक्रिया सहज, सरल और सुगम हो सकेगी, तथा अधिक से अधिक युवाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की कार्यप्रणाली से जोड़ना और उन्हें रोजगार योग्य बनाना है। यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों और युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर अपने करियर को दिशा देना चाहते हैं।

जिले के सभी पात्र एवं इच्छुक युवाओं से अपील की जाती है कि वे समय पर पंजीयन कर इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ। अधिक जानकारी हेतु माय भारत प्लेटफॉर्म तथा संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

CG : IPL मैच कल लिए एडवायजरी, बीड़ी-सिगरेट, गुटका, तम्बाकु समेत इन सामानों पर प्रतिबंधित

रायपुर।  नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल के होने वाले दो मैचों के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रायपुर फ़िलहाल आरसीबी के लिए सेकेंड होम ग्राउंड है और आरसीबी अपने दोनों मुकाबले अलग-अलग टीमों के ख़िलाफ़ खेलेगी।

पहला मैच 10 मई रविवार को आरसीबी और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा जबकि दूसरा मुकाबला बुधवार को आरसीबी और केकेआर के बीच होना है। मैच को लेकर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है तो वहीं दूसरी ओर एडवायजरी भी जारी कर दी गई है।

जारी एडवायजरी में पुलिस ने ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी एडवायजरी जारी करते हुए बताया कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था को 4 भागों में बांटा गया है और पूरी सुरक्षा व्यवस्था में 1500 पुलिस अधिकारी-जवान तैनात रहेंगे।

इस बार दर्शको की सुविधा को देखते हुए स्टेडियम में पहली बार सीट नंबर वाले टिकट जारी किये है। जिसकी हर गेट पर स्केनिंग की जायेगी। जिसकी स्केनिंग में टाइम लगने के मद्देनजर दर्शको से समय से पूर्व स्टेडियम पहुंचने की अपील पुलिस ने की है। साथ ही पुलिस ने दर्शको को स्टेडियम में न ले जाने वाले सामानों को लेकर भी एडवाइजरी जारी की है।

14 पाइंट की जारी एडवायजरी में स्टेडियम में उक्त सामान प्रतिबंधित रहेंगे। जिसमें शराब, बीड़ी-सिगरेट, गुटका तम्बाकु, माचिस, लाईटर्स, ज्वलनशील पदार्थ, बॉटल, डिब्बे, टिफिन, कुर्सी – स्टुल, छाता, रोलर, पटरिया, ब्लैड्स, स्कैट्स बोर्ड, वाद्य यंत्र अग्नियअस्त्र, फटाका, चाकु, कटार, तलवार, कैंची, काटने वाले तेज धारदार वस्तु, खतरनाक वस्तु, खाद्य पदार्थ (बच्चों के खाद्य छोड़कर) कांच का कंटेनर, हैण्ड बैग, सुटकेश, लेडिज बैग, कागज का पैकेट, पीछे का बैग, भड़काउ/ संकट पैदा करने वाले संकेत, लैपटॉप, हैण्डीकेम कैमरा, लेजर लाईट/ सूचनात्मक लाईट, फ्लैस लाईट, परफ्युम, स्प्रे (सांस का स्प्रे छोड़कर), सिरिंज, पेन/ पेंसिल, फुग्गे, खेलने वाले गेंद,लकड़ी की लाठी / हॉकी / स्टीक / झण्डा, लाउड हैलर/सिटी/हार्न/रेडियो, प्रचार उत्पाद सामाग्री, सभी प्रकार का सिक्का शामिल हैं।

महासमुंद : मास्टरमाइंड निकला जिला खाद्य अधिकारी  पुलिस को फसाने की थी तैयारी सिंघोडा से ही बना लिया था प्लानिंग 80 लाख रुपये की डील कर 6 कैप्सूल ट्रकों से करीब 92 टन गैस निकाल ली गई 3 गिरफ्तार 

महासमुंद : मास्टरमाइंड निकला जिला खाद्य अधिकारी  सिंघोडा से ही बना लिया था प्लानिंग 80 लाख रुपये की डील कर 6 कैप्सूल ट्रकों से करीब 92 टन गैस निकाल ली गई 3 गिरफ्तार

महासमुंद। जिले में जब्त एलपीजी गैस कैप्सूल ट्रकों से करोड़ों रुपये की गैस गबन मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव को पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार बताया है। पुलिस जांच में सामने आया कि खाद्य अधिकारी अजय यादव, गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर और रायपुर निवासी मनीष चौधरी ने मिलकर करीब 1.5 करोड़ रुपये कीमत की एलपीजी गैस के गबन की पूरी पटकथा तैयार की थी।

पुलिस के अनुसार 80 लाख रुपये की डील कर 6 कैप्सूल ट्रकों से करीब 92 टन गैस निकाल ली गई। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इसे आपराधिक न्यास भंग, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना और शासकीय प्रक्रिया के दुरुपयोग का बड़ा मामला बताया है।
कैसे शुरू हुई पूरी साजिश
पुलिस के मुताबिक थाना सिंघोड़ा के अपराध क्रमांक 96/25 में दिसंबर 2025 में 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया गया था। इन ट्रकों में CG 07 CX 7245, CG 07 CX 7244, CG 07 CS 1663, CG 07 CX 7472, KA 01 AH 4318 और CG 12 BS 4295 शामिल थे।
भीषण गर्मी और थाना परिसर में सुरक्षा संसाधनों की कमी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया था। इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य विभाग को कैप्सूलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।

30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में इन कैप्सूल ट्रकों को ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स, ग्राम उरला थाना अभनपुर जिला रायपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर को सुपुर्दनामा पर सौंपा गया था। बाद में जांच में सामने आया कि सुपुर्दनामा मिलने के बाद ट्रकों से भारी मात्रा में गैस निकाल ली गई।
23 मार्च को हुई पहली षड्यंत्रकारी बैठक
पुलिस जांच के अनुसार पुलिस अधीक्षक कार्यालय से कलेक्टोरेट को पत्र भेजे जाने के कुछ दिन बाद ही 23 मार्च को षड्यंत्र की पहली बैठक हुई थी। इस बैठक में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव और गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर शामिल थे।
यहीं से 1 करोड़ रुपये की गैस गबन योजना की पटकथा लिखी गई। अजय यादव ने पंकज चंद्राकर को पूरी योजना के क्रियान्वयन और उपयुक्त एजेंसी खोजने की जिम्मेदारी दी। पंकज ने पहली बैठक में ही रायपुर निवासी मनीष चौधरी का नाम सुझाया, जिसे विभिन्न एजेंसियों से संपर्क करने का जिम्मा सौंपा गया।
गैस का आंकलन कर तय हुई करोड़ों की उगाही
पुलिस के अनुसार 26 मार्च को खाद्य अधिकारी अजय यादव और पंकज चंद्राकर स्वयं सिंघोड़ा थाना पहुंचे। यहां उन्होंने 6 कैप्सूल ट्रकों में मौजूद गैस की मात्रा का आंकलन किया। जांच में सामने आया कि करीब 102 से 105 मीट्रिक टन गैस होने का अनुमान लगाया गया था।

इतनी बड़ी मात्रा देखकर तुरंत 1 करोड़ रुपये उगाही की योजना को अंतिम रूप दिया गया। उसी रात करीब 11 बजे तीनों षड्यंत्रकारियों की एक गैस एजेंसी संचालक के साथ बैठक हुई, लेकिन उसने शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद मनीष चौधरी ने अन्य एजेंसियों से संपर्क किया और अंततः ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के साथ 80 लाख रुपये में डील फाइनल हुई।

किसे कितना पैसा मिलना था
जांच में पुलिस को पैसों के बंटवारे की पूरी जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार 80 लाख रुपये की डील में सबसे बड़ा हिस्सा जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव का था।
अजय यादव — 50 लाख रुपये
पंकज चंद्राकर — 20 लाख रुपये
मनीष चौधरी — 10 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक सुपुर्दनामा के अगले ही दिन 31 मार्च को अजय यादव को उसके हिस्से के 50 लाख रुपये पहुंचा दिए गए थे।
बाकी 30 लाख रुपये की व्यवस्था होने में देरी हो रही थी। ऐसे में संतोष ठाकुर द्वारा मनीष चौधरी के खाते में “श्योरिटी” के तौर पर 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। बाद में नकद भुगतान होने पर राशि वापस लौटा दी गई।
कर्मचारियों को हस्ताक्षर नहीं करने के दिए निर्देश
जांच में यह भी सामने आया कि पूरी योजना पहले से तय थी। पुलिस के अनुसार खाद्य अधिकारी अजय यादव ने खाद्य विभाग के कर्मचारियों को सुपुर्दनामा के दस्तावेजों में हस्ताक्षर नहीं करने के निर्देश दिए थे।

इतना ही नहीं, कैप्सूलों का वास्तविक वजन नहीं करने और पुलिस कर्मचारियों को गुमराह करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
सुपुर्दनामा के बाद करीब एक सप्ताह में कैप्सूलों से 92 टन गैस निकाल ली गई। इसके बाद खाली कैप्सूलों का वजन कराया गया।
फर्जी पंचनामा बनाकर कलेक्टोरेट में जमा
पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा वजन पंचनामा को लेकर हुआ। पुलिस के अनुसार 6 और 8 अप्रैल को कैप्सूलों का वजन कराया गया, लेकिन उससे पहले ही पंचनामा तैयार कर लिया गया था।
जांच में सामने आया कि वजन पंचनामा खाद्य अधिकारी के कार्यालय में बैठकर तैयार किया गया। उसमें वही लोग गवाह बनाए गए जो खुद पूरी साजिश में शामिल थे।
आश्चर्यजनक रूप से यह पंचनामा 8 अप्रैल की दोपहर में ही कलेक्टोरेट में जमा हो गया था, जबकि वजन कांटा रजिस्टर के अनुसार एक कैप्सूल का वजन उसी दिन रात 8 बजे के बाद हुआ था। पुलिस ने इसे गंभीर आपराधिक कूटरचना माना है।
पुलिस पर दोष डालने की बनी थी योजना
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि 20 अप्रैल की रात आरंग के एक ढाबे में पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और संतोष ठाकुर की बैठक हुई थी।
इस बैठक में पूरे मामले का दोष पुलिस पर डालने, दबाव बनाने और सभी आरोपियों को अपने-अपने बयान पर कायम रहने की रणनीति तैयार की गई थी।
तकनीकी जांच से खुला पूरा राज
महासमुंद पुलिस की 40 सदस्यीय टीम ने 15 दिनों तक लगातार तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) जांच, वैज्ञानिक पूछताछ और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद मामले का खुलासा किया।
तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि सभी कैप्सूल तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित थे और उनमें किसी प्रकार का लीकेज नहीं था। पुलिस के अनुसार 100 टन गैस का प्राकृतिक रूप से लीकेज होना व्यावहारिक रूप से असंभव था।

गिरफ्तार आरोपी
अजय कुमार यादव, जिला खाद्य अधिकारी
पंकज चंद्राकर, गौरव गैस एजेंसी संचालक
मनीष चौधरी, रायपुर निवासी
जप्त सामग्री
पंकज चंद्राकर से मोबाइल और 13 हजार रुपये नकद
मनीष चौधरी से 5.11 लाख रुपये के होम अप्लायंस सामान, मोबाइल और 8 हजार रुपये नकद
अजय यादव से मोबाइल, 78,800 रुपये नकद और एक बैग
कुल जप्त संपत्ति करीब 6.11 लाख रुपये बताई गई है।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 316(3), 316(5), 61, 238, 336(3), 338, 340(2) बीएनएस तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

आरक्षण के नाम पर राजनीति बर्दाश्त नहीं : समोदा नगर पंचायत में कांग्रेस पार्षदों का हंगामा, महिला आरक्षण प्रस्ताव का विरोध

 समोदा नगर पंचायत में महिला आरक्षण प्रस्ताव पर बवाल, कांग्रेस पार्षदों ने किया विरोध

Arang : शुक्रवार को नगर पंचायत समोदा में आयोजित बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा महिला आरक्षण के नाम पर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करते हुए प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया, जिसका नगर पंचायत के समस्त कांग्रेस पार्षदों एवं विपक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया।

विपक्ष के पार्षदों ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित कानून वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका है, लेकिन आज तक इसे देश में लागू नहीं किया गया है। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं केंद्र सरकार, विशेषकर पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, महिलाओं को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं।

नगर पंचायत समोदा में लाया गया यह प्रस्ताव केवल महिलाओं को भ्रमित करने और राजनीतिक लाभ लेने का एक प्रयास है, जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है। कांग्रेस पार्षदों ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीर है, तो उसे तत्काल प्रभाव से महिला आरक्षण कानून को लागू करना चाहिए, न कि केवल उसका राजनीतिक प्रचार करना चाहिए।

इस विरोध कार्यक्रम में पार्षद के रूप में उपस्थित रहे:सत्येंद्र चेलक, देवेंद्र साहू, दानेश्वरी साहू, गायत्री शोभा साहू, दीपा जगदीश साहू, वैशालिनी ईश्वर साहू।साथ ही निर्दलीय पार्षद भीषम साहू एवं सोना अमित राय का भी इस विरोध में सहयोग रहा।

कांग्रेस पार्टी स्पष्ट रूप से मानती है कि भाजपा का यह कदम महिला विरोधी है और समाज में भ्रम फैलाने वाला है। नगर पंचायत के भीतर इस प्रकार की भ्रामक राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

अतः कांग्रेस पार्टी एवं विपक्ष के सभी पार्षद इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा करते हैं और भविष्य में इस प्रकार के किसी भी भ्रामक प्रस्ताव का विरोध जारी रखने का संकल्प लेते हैं।

सांकरा और गढफुलझर में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत संपन्न हुआ भव्य समारोह, विधायक सम्पत अग्रवाल ने खुद एक-एक जोड़े के पास जाकर भेंट किए उपहार फिजूलखर्ची पर लगाम और सामाजिक समरसता का बड़ा उदाहरण

सांकरा और गढफुलझर में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत संपन्न हुआ भव्य समारोह, विधायक ने खुद एक-एक जोड़े के पास जाकर भेंट किए उपहार फिजूलखर्ची पर लगाम और सामाजिक समरसता का बड़ा उदाहरण है यह सामूहिक आयोजन मंत्रोच्चार के बीच 57 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में: विधायक डॉ संपत अग्रवाल बोले- फिजूलखर्ची पर लगाम और सामाजिक समरसता का बड़ा उदाहरण है यह सामूहिक आयोजन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से संवर रहा बेटियों का भविष्य, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की मौजूदगी में गूंजी शहनाइयां*

*बसना* । बसना विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत खुशियों की नई सौगात देखने को मिली। क्षेत्र के सांकरा और गढफुलझर में आयोजित भव्य समारोहों में कुल 57 जोड़ों का विवाह वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इस गौरवशाली और पुनीत अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और नव-दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करने वाले जोड़ों को अपना स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान किया।

*सांकरा: समरसता भवन में 37 जोड़ों का हुआ विवाह* सांकरा स्थित समरसता भवन में आयोजित कार्यक्रम में 37 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कन्यादान के इस पावन कार्य में साक्षी बनकर नव-विवाहित जोड़ों को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

विधायक की संवेदनशीलता तब देखने को मिली जब वे केवल मंच तक सीमित न रहकर स्वयं एक-एक जोड़े के पास पहुंचे। उन्होंने प्रत्येक जोड़े से मुलाकात की, उन्हें शासन द्वारा निर्धारित उपहार भेंट किए और एक अभिभावक की भांति उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।

उन्होंने कहा कि एक पिता के लिए कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं होता। आज इन बेटियों के हाथ पीले होते देख मुझे आत्मिक संतोष हो रहा है। विधानसभा क्षेत्र का प्रत्येक परिवार मेरा अपना परिवार है।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने आगे कहा कि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय हर गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है। शासन की इस योजना से आज हमारी बेटियों का घर बस रहा है, जो अत्यंत हर्ष का विषय है। विवाह जीवन का एक नया अध्याय है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आप सभी का वैवाहिक जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो।

*गढफुलझर: रामचंडी मंदिर परिसर में गूंजी शहनाइयां*इसी कड़ी में बसना विधानसभा के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल गढफुलझर स्थित मां रामचंडी मंदिर परिसर में भी भव्य आयोजन हुआ। यहाँ 20 जोड़ों का सामूहिक विवाह विधि-विधान से कराया गया। पावन मंदिर की छत्रछाया में नव-दम्पत्तियों ने एक-दूसरे के साथ जीवन भर निभाने का संकल्प लिया।

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के प्रतिनिधि भाजपा नेता रमेश अग्रवाल ने भावुक और प्रेरणादायी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा है। सामूहिक विवाह से समाज में फिजूलखर्ची रुकती है और समरसता का संदेश जाता है।

आयोजन में उपस्थित वधु पक्ष के परिजनों ने विधायक और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में कमी आई है और गरिमापूर्ण तरीके से उनकी बेटियों का विवाह संपन्न हुआ है। इस अवसर पर (सांकरा में)वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश अग्रवाल,जनपद अध्यक्ष पिथौरा ऊषा धृतलहरे, विधायक प्रतिनिधि बसना कैलाश अग्रवाल,जनपद उपाध्यक्ष मोहित पटेल,सभापति जनपद पंचायत पिथौरा कंवल जीत सिंह छाबड़ा,जनपद सभापति महिला बाल विकास प्रकाश सिन्हा,जनपद सदस्य पिथौरा पुरुषोत्तम धृतलहरे, विधायक प्रतिनिधि सोनू छाबड़ा,पिथौरा तहसीलदार प्रकृति सिंह, डी पी ओ महासमुंद टिक्वेन्द्र जाटवार , परियोजना अधिकारी रतन टांवर, परियोजना अधिकारी अपर्णा श्रीवास्तव, प्राचार्य दीपक कुमार देवांगन,पत्रकार गौरव चंद्राकर,(गढफुलझर में)वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश अग्रवाल,जनपद उपाध्यक्ष मोहित पटेल,जनपद सभापति महिला बाल विकास प्रकाश सिन्हा,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मिलाप निराला,सभापति शाखा सभा ठाकुरपाली टिकट लाल साहू, सभापति महिला बाल विकास जनपद पंचायत सरायपाली ऊषा लवकुमार पटेल,जनपद सदस्य प्रतिनिधि लीलांबर प्रधान, परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास रामसिंह मिरी,क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में वर-वधू पक्ष के परिजन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार एवं लोकप्रिय विधायक की प्रशंसा की।

मत्स्य पालकों के लिए सुशासन शिविर बना वरदान, आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन करना हुआ आसान

दंतेवाडा। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं।
विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही श्री हिड़मा मण्डावी एवं श्री महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य कर रहा हैं। इनके द्वारा उसे प्रतिवर्ष 30 से 40 हजार रूपये मछली विक्रय कर आमदनी होती हैं। जैसा कि हिड़मा ने बताया कि पूर्व में इनके पास जाल उपलब्ध नहीं थे। जिसके फलस्वरूप किराये से जाल लाकर मत्स्याखेट करना पड़ता था। परन्तु राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से सुशासन तिहार 2026 में इन्हें मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे मत्स्याखेट करने में कोई परेशानी नहीं होगी एवं किराये से जाल होने की स्थिति से बचकर वह बेहतर आय अर्जित करेगा।

इसी प्रकार एक और अन्य हितग्राही श्री महादेव मरकाम पिता श्री हड़मा ग्राम भूसारास वि.ख. कटेकल्याण के मत्स्य कृषक को सुशासन तिहार 2026 में विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत मछली विक्रय हेतु आइस बॉक्स प्रदाय किया गया है। चूंकि इसके पहले कृषक महादेव को अपने तालाब से निकाली गई मछली को तुंरत आस-पास के स्थानीय बाजारों में ले जाना पड़ता था। और मछली स्टोरेज करने हेतु आईस बाक्स न होने से मछलियों के खराब होने की स्थिति आ जाती थी। लेकिन अब महादेव खुश है क्योंकि सुशासन शिविर में आईस बाक्स प्रदान किया गया। वह अपने तालाब की मछली को निकालकर विक्रय हेतु बाजार ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और मछली खराब होने की स्थिति से राहत मिलेगा।

इसके अलावा ग्राम पंचायत हल्बारास वि.ख. कुआकोंडा में भी मत्स्य कृषक श्री परमेश्वर राना पिता श्री नवल राना एवं श्री सुनील कुमार भोयर पिता श्री सामनाथ भी मत्स्य सामग्रियों से लाभान्वित हुए। कृषक परमेश्वर राना द्वारा विगत 08 वर्षों से अपने स्वयं के भूमि में 0.50 हे. का तालाब निर्माण कर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार की आमदनी प्राप्त हो रही है। पूर्व में कृषक के पास मत्स्याखेट हेतु जाल उपलब्ध नही होने के कारण मछली पकडऩे में परेशानी हो रही थी। वर्तमान में कृषक को सरकार की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 में विभाग द्वारा मत्स्यासेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे कृषक को अब मछली पकडऩे में कोई परेशानी नही होगी। वही सुनिल कुमार के पास भी पूर्व में मछली विक्रय हेतु बाजार तक ले जाने का कोई साधन नहीं था जिससे मछली खराब होने की संभावना बनी रहती थी। परन्तु आईस बाक्स मिलने से जिससे कृषक को बाजार तक मछली ले जाने में दिक्कत नहीं होगा। इस प्रकार राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन शिविर ने श्री हिड़मा मण्डावी, श्री महादेव मरकाम, श्री परमेश्वर राना, श्री सुनील कुमार भोयर जैसे सैकड़ों हितग्राहियों की व्यवहारिक एवं आर्थिक दिक्कतों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूर दराज के ग्रामीणों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने समझने और इसके समाधान करने का यह अभिनव प्रयास सुशासन को सार्थक कर रहा हैं।

महासमुंद व बसना अनुभाग अंतर्गत शिविर स्थलों में आंशिक संशोधन

0 11 मई को अछोला हाई स्कूल में समाधान शिविर आयोजित

महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत महासमुंद एवं बसना अनुभाग में समाधान शिविर के लिए निर्धारित कुछ स्थलों में आंशिक परिवर्तन किया गया है। जिले में शिविर 01 मई से 10 जून 2026 तक विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में आयोजित किए जा रहे हैं।

जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार महासमुंद अनुभाग में 11 मई 2026 को पूर्व निर्धारित हाई स्कूल मैदान, पीढ़ी के स्थान पर अब हाई स्कूल मैदान अछोला में समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी प्रकार 25 मई 2026 को हाई स्कूल मैदान कछारडीह के स्थान पर शासकीय प्राथमिक शाला सलिहाभाटा ग्राम पंचायत तोरला में शिविर आयोजित होगा। वहीं बसना अनुभाग अंतर्गत नगर पंचायत बसना में पूर्व निर्धारित 24 मई 2026 के स्थान पर अब 22 मई 2026 को समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।

सरायपाली: जंगलबेड़ा में गोदावरी सोलर प्लांट का विरोध , थाना प्रभारी और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी का वीडियो वायरल

सरायपाली: जंगलबेड़ा में गोदावरी सोलर प्लांट का विरोध , थाना प्रभारी और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी का वीडियो वायरल

महासमुंद। जिले के सरायपाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जंगलबेड़ा में प्रस्तावित गोदावरी सोलर पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार उग्र होता जा रहा है। ग्रामीण 6 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं, लगभग 4 माह हो गए लेकिन अब तक प्रशासन और सरकार आंदोलन समाप्त कराने अथवा ग्रामीणों की मांगों का समाधान निकालने में सफल नहीं हो पाए हैं। 

इसी बीच गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें प्लांट निर्माण के लिए ट्रकों से सामग्री ले जाए जाने के दौरान धरने पर बैठे ग्रामीण वाहनों को रोकते नजर आ रहे हैं। वीडियो में मौके पर मौजूद सरायपाली पुलिस ग्रामीणों को हटाते दिखाई दे रही है। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी तथा तीखी बहस की स्थिति भी निर्मित हो गई। देखें वीडियो 

 

 

आरोप है कि गोदावरी सोलर प्लांट प्रबंधन करीब 400 एकड़ से अधिक भूमि पर बिना ग्रामसभा की अनुमति के निर्माण कार्य करा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि परियोजना के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है, जिससे वन एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है। साथ ही तालाब और निस्तार भूमि को प्रभावित किए जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है।

धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है ग्रामीणों में शांति गरुड़
,सिला गरुड़ ,उलपी चौहान महेश ,
दीपक भोई बली गरुड़कि भारी वाहनों को रोकने के पीछे सड़क सुरक्षा और मार्ग संरक्षण का मुद्दा है भी है ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने पहले ही सरायपाली एसडीएम और थाना प्रभारी को आवेदन देकर अवगत कराया था कि यह मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित है, जहां लगातार भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि 15 टन से अधिक भार वाले वाहनों को इस सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद लगातार भारी वाहन प्रवेश कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम में महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं, जबकि धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं को भी हटाने का प्रयास किया।

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वहीं मामले में सरायपाली थाना प्रभारी नीतेश सिंह ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा एक आम रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया था, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। थाना प्रभारी के अनुसार यदि सड़क खराब हो रही है तो संबंधित विभाग द्वारा गोदावरी प्लांट प्रबंधन से जुर्माना वसूला जाएगा, लेकिन किसी को सड़क रोकने का अधिकार नहीं है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मौके पर बुजुर्ग महिलाएं भी रास्ता रोककर बैठी थीं और किसी प्रकार की दुर्घटना अथवा अनहोनी की आशंका को देखते हुए उन्हें हटाया गया। उन्होंने कहा कि किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की गई तथा थाना के कर्मचारी कई और कार्य में बिजी थे इसलिए वे स्वयं मौके पर पहुंचे थे।

फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। वहीं प्रशासन की ओर से अब तक आंदोलन के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।

महासमुंद: सिंघोड़ा के चीवरा कूटा से शुरू हुआ अवैध LPG गैस का खेल, अब 2 खाद्य अधिकारियों और एजेंसी संचालक की गिरफ्तारी तक जा पहुंची 1.5 करोड़ की गैस बेचने के आरोप

महासमुंद: सिंघोड़ा के चीवरा कूटा से शुरू हुआ अवैध LPG गैस का खेल, अब 2 खाद्य अधिकारियों और एजेंसी संचालक की गिरफ्तारी तक जा पहुंची 1.5 करोड़ की गैस बेचने के आरोप

सरायपाली/महासमुंद। महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत चीवरा कूटा से शुरू हुआ एलपीजी गैस का खेल अब बड़े घोटाले में तब्दील हो गया है। बहुचर्चित LPG गैस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खाद्य अधिकारियों और एक गैस एजेंसी संचालक को गिरफ्तार किया है। मामला करीब 1.5 करोड़ रुपए की एलपीजी गैस के अवैध रूप से निकालकर बेचने से जुड़ा है।

अनुसार कुछ माह पूर्व सिंघोड़ा क्षेत्र के चीवरा कूटा में गैस को अवैध रूप से रिफिलिंग किए जाने की शिकायत पर अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। उसी मामले की जांच आगे बढ़ने पर अब बड़े स्तर पर मिलीभगत और गैस हेराफेरी का खुलासा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक दिसंबर 2025 में 90 मीट्रिक टन LPG गैस ले जा रही 6 गैस कैप्सूल गाड़ियों को दस्तावेजों की कमी के चलते जब्त किया गया था। सभी वाहनों को थाने में खड़ा कराया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि जब्त गैस और कैप्सूलों को लेकर अंदरखाने बड़ा खेल चल रहा था।

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि खाद्य अधिकारी अजय यादव,  तथा गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंप दिए। बाजार में इस गैस की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आज यादव खाद्य अधिकारी का फोटो

 

पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। वहीं ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

सूत्रों के अनुसार जब्त गैस कैप्सूल को प्लांट परिसर में रखने की अनुमति प्रशासन स्तर से दी गई थी, जिसके बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में गैस का अवैध उपयोग और बिक्री किस नेटवर्क के जरिए की गई और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका रही।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा जांच लगातार जारी है।