बसना /  विश्व के प्रथम छन्दबद्ध भारत का संविधान पुस्तक गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड में दर्ज सम्मानित हुए – 

बसना /  विश्व के प्रथम छन्दबद्ध भारत का संविधान पुस्तक गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड में दर्ज सम्मानित हुए –

बसना – विश्व के प्रथम छंदबद्ध भारत का संविधान में मूल संविधान के 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित 12 अनुसूचियाँ ,जो 2110 दोहे, 422 रोला, 24 अन्य छंदबद्ध कालजयी काव्य ग्रंथ समाहित है। इसमें भारत के 18 राज्यों के अलावा चार देशों के साहित्यकार के अलावा 14 वर्ष के बालक शामिल हुए। इस काव्य में 142 सदस्य , त्रिसंपादक मंडल जिसमें प्रमुख संपादक “डॉ ओंमकार साहू मृदुल”, सह संपादक डॉ सपना दत्ता “सुहासिनी” , सह संपादक डॉ मधु शंखधर “स्वतंत्र”, जन जागरण समिति प्रेमनगर के अध्यक्ष डॉ रूपेश साहू जी के अथक प्रयास से यह छंदबद्ध भारत का संविधान ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में शामिल किया गया है जो आज दिनांक 15 जून 2024 को भव्य पुस्तक विमोचन एवं

सम्मान समारोह हिंदी भवन विष्णु दिगम्बर मार्ग नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ श्याम सिंह ‘शशि’ (पद्मश्री), मुख्य अतिथि मिनाक्षी लेखी ( पूर्व विदेश मंत्री एवं सांस्कृतिक राज्य मंत्री) विशिष्ट अतिथि डॉ सुरेश सिंह शौर्य ‘प्रियदर्शी’ (पुलिस प्रशासनिक अधिकारी गृहमंत्रालय), डॉ संतोष खन्ना (पूर्व न्यायाधीश) , डॉ राम सिंह (वरिष्ठ साहित्यकार) , शकुंतला कालरा (वरिष्ठ साहित्यकार) , चेतन आनंद (कवि एवं पत्रकार), पंकज शर्मा (आज तक एडिटर), आलोक कुमार (भारत प्रमुख गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड), आदि की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

विश्व का प्रथम छंदबद्ध भारत का संविधान पुस्तक ही नहीं अपितु एक ग्रंथ है। इसमें बसना अंचल के युवा कवि डिजेन्द्र कुर्रे रोला में छंदबद्ध किया है।जो यह पुस्तक गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के दर्ज हुआ है। उनको गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, बुक भेंट कर सम्मानित किया गया।बसना अंचल वासियों ने बधाई प्रेषित किये है।

देश के सिविल सर्विस के टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट अब रायपुर में अपनी शाखा खोलेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल का दौरा कर  छात्रों से मुलाक़ात किया। ,

देश के सिविल सर्विस के टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट अब रायपुर में अपनी शाखा खोलेंगे, जिससे राज्य के अनुसूचित जाति, जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को दिल्ली के अलावा रायपुर में भी उच्च स्तरीय कोचिंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए आदिम जाति विकास विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल का दौरा कर  छात्रों से मुलाक़ात किया। इस दौरान उन्होंने कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के प्रतिनिधियों से बात की। इन संस्थानों के छात्रों को प्रदान की जा रही सुविधाओं और पठन-पाठन के तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही,  उन्होंने रायपुर में इन कोचिंग इंस्टीट्यूट्स की शाखाएं खोलने के विषय पर भी चर्चा की।  प्रमुख सचिव ने पूछा कि यदि रायपुर में उनकी शाखाएं खोली जाती हैं, तो उन्हें शासन से किस प्रकार की मदद चाहिए होगी। इस संबंध में कोचिंग संस्थानों को एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट विभाग को प्रेषित करने को कहा है।

श्री बोरा ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल दिल्ली के छात्रों से उनकी शिक्षा और करियर संबंधी विभिन्न बातों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। श्री सोनमणि बोरा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यक हो, वहां पर एयर कंडीशनर लगाए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने मेस को सुव्यवस्थित ढंग से तैयार करने और हॉल में तत्काल एसी टीवी लगाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिये गए निर्देशों के पालन की जानकारी ली।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण कोचिंग सुविधा के साथ-साथ बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। रायपुर में कोचिंग इंस्टीट्यूट खुलने से अनुकूल वातावरण में विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।‘

वहीं, आदिम जाति और अनुसूचित जनजाति मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा, “हमारी सरकार शिक्षा के महत्व को समझती है और हम चाहते हैं कि हमारे आदिवासी और अनुसूचित जाति के विद्यार्थी भी सर्वोत्तम शिक्षा और सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह योजना उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होने कहा सिर्फ सिलेबस पढ़ना महत्वपूर्ण नहीं है, जरूरी है अनुकूल वातावरण मिले जिससे बच्चे परीक्षा के मानसिक तौर पर तैयार हो सकें। इसी सोच के साथ रायपुर में कोचिंग शुरू की जा रही है। रायपुर में तैयारी के बाद विद्यार्थी चाहे तो तैयारी के लिए दिल्ली जा सकते हैं।

प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री और विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के निर्देश पर दिल्ली के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी देश के प्रतिष्ठित सिविल सर्विस कोचिंग इंस्टीट्यूट की शाखाएं खोलने पर कार्ययोजना तैयार की गई है। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और कोचिंग प्रदान करके उनके करियर को संवारना है। दिल्ली के प्रमुख कोचिंग इंस्टीट्यूट्स की रायपुर में शाखाएं खोलने से विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

छत्तीसगढ़ / नवगठित जिलों में खोले जाएंगे अजाक थान प्रारंभ होंगे 05 महिला थाने और 04 नवीन साइबर थाने किसी भी कीमत पर न बिगड़े कानून-व्यवस्था : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय!

छत्तीसगढ़ / नवगठित जिलों में खोले जाएंगे अजाक थान प्रारंभ होंगे 05 महिला थाने और 04 नवीन साइबर थाने किसी भी कीमत पर न बिगड़े कानून-व्यवस्था : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय! मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर कानून और व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। यदि ऐसा होता है तो जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता के बीच पुलिस की सख्त और संवेदनशील छवि दिखनी चाहिए। जनता का विश्वास पुलिस पर रहे, इसके लिए एक मेकैनिज्म बनाने की आवश्यकता है। जनता का जितना पुलिस पर विश्वास रहेगा उतना ही अच्छा होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित गृह एवं जेल विभाग के कार्यो की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ सहित गृह एवं जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून जो जुलाई में लागू हो रहे हैं इसके लिए समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाए। प्रदेश में नशाखोरी, जुआ और सट्टा पर सख्ती से रोक लगाई जाए। अवैध शराब, जुआ, सट्टा से संबंधित शिकायतें नहीं आनी चाहिए, इसके लिए जिले स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए। जुआ और सट्टा बंद होने चाहिए। चिटफंड कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कंपनियों से रिकवरी कर निवेशकों को उनकी राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।

किसी भी कीमत पर न बिगड़े कानून-व्यवस्था: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस प्रशासन की धमक हर क्षेत्र में दिखनी चाहिए। माओवाद का अंतिम रूप से खात्मा करना हमारा लक्ष्य है। माओवादी आंतक के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी रहेगा। इस अभियान में पुलिस को अच्छी सफलता मिल रही है। इसके लिए पुलिस बधाई के पात्र है। माओवाद के खिलाफ पुलिस को अच्छी सफलता मिल रही है, यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत पुलिस कैम्पों के पांच किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों के विकास के लिए राशि की कमी नही होगी। इस गांवों के विकास के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इस योजना के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए राशि की कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नवगठित जिलों में जहां अजाक थाने नहीं है, वहां शीघ्र अजाक पुलिस थाने खोले जाएंगे। पुलिस विभाग में रिक्त पदों की भर्ती और पदोन्नति की कार्रवाई शीघ्र की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की क्षमता विकास के लिए अधिकारियों और जवानों के प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। पुलिस को सुदृढ़ और दक्ष बनाने के लिए राज्य सरकार के स्तर से संसाधनों की कोई कमी नही होगी।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने समीक्षा बैठक में कहा कि लॉ एन्ड ऑर्डर की स्थिति से निपटने हेतु एसओपी बनाने की आवश्यकता है ताकि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति निर्मित होने पर तत्काल कार्यवाही की जा सके और इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन को प्रशिक्षित भी किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जिलों का दौरा करेंगे और कार्याे की समीक्षा भी करेंगे।

पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने बैठक में बताया कि प्रदेश में अपराधों में निरंतर कमी आ रही है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा हेतु चार महिला थाने एवं महिला विरुद्ध अपराध अनुसंधान की 06 इकाई कार्यरत हैं। बैठक में बताया गया कि इसके अतिरिक्त 553 महिला हेल्प डेस्क एवं सभी 33 जिलों में परिवार परामर्श केंद्र स्थापित हैं। अभिव्यक्ति एप के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को आपातकालीन सेवा एवं ऑनलाइन शिकायत की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में 5 महिला थानों को प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रदेश के चार जिलो रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव एवं कबीरधाम जिले में चार नवीन साइबर पुलिस थाने खोले जाएंगे। मानव तस्करी की रोकथाम हेतु राज्य स्तर पर एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग ब्यूरो की स्थापना की जाएगी।

साइबर अपराधों में कार्रवाई करते हुए 22.12 करोड़ रूपए की राशि ठगों के पास जाने से बचाई गई। प्रदेश में छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए भी अनेक प्रयास किया जा रहे हैं। गुम बच्चों के मामले में 92 प्रतिशत बच्चों को रेस्क्यू करने में सफलता मिली है। मानव तस्करी के मामलों में लगभग 99 प्रतिशत पीड़ितों का रेस्क्यू किया गया है। गुम बच्चों की तलाश हेतु विशेष अभियान चलाकर गुम बच्चों को बरामद कर उसके अभिभावकों को सौंपने हेतु ऑपरेशन मुस्कान भी चलाया जा रहा है।

 

महासमुंद /  हजारों किसान पदयात्रा कर महासमुंद जिलाधीश को घेरेंगे किसान मोर्चा का प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा बनी-किसान मोर्चा

महासमुंद /  हजारों किसान पदयात्रा कर महासमुंद जिलाधीश को घेरेंगे किसान मोर्चा का प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा बनी-किसान मोर्चा

रायपुर 15 जून 2024।ठा.प्यारेलाल सिंह मार्ग हांडीपारा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में दोपहर 03:00 बजे राज्य आंदोलनकारी छसपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आज 15 जून को संपन्न हुई।बैठक की अध्यक्षता राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के संस्थापक दाऊ जी.पी. चंद्राकर ने किया।बैठक की चर्चा में राज्य आंदोलनकारी छसपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल दुबे,सदस्य दाऊ जी.पी. चंद्राकर,जागेश्वर प्रसाद,चेतन देवांगन,वेगेद्र सोनवेर, चेतन देवांगन,अशोक कश्यप,गोवर्धन वर्मा,राजेश सिंह बिसेन,हेमसागर पटेल,तोषण सिन्हा,पटेल,चंद्रप्रकाश साहू,बिसरूराम कुर्रे,मोहन यादव, कृष्ण कुमार साहू,धर्मेंद्र यादव,दौलत ध्रुव आदि भाग लेंगे

 

।चर्चा के बाद राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल दुबे ने बैठक में जानकारी दिया कि कवर्धा जिले के लाखों किसानों को कल 14 जून को जिलाधीश के माध्यम से ओलावृष्टि और वर्षा से बर्बादी का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाया है उसी प्रकार से छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी जिले ब्लॉक के किसान पीड़ित प्रताड़ित हैं उन्हें भी फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिलाने के लिए कार्यकर्ताओं को दिशा निर्देश दिया है।साथ ही साथ करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट के औद्योगिक प्रदूषण से तुमगांव सिरपुर परिक्षेत्र के सैकड़ो गांव वालों को मुक्ति दिलाने के

 

लिएअंचल के हजारों किसान पदयात्रा कर महासमुंद जिलाधीश को घेरेंगे इसकी तैयारी के लिए 30 जून को श्रीराम जानकी मंदिर खैरझिटी ( तुमगांव)में बैठक आयोजित किया गया है।उसी प्रकार से हसदा बेरला में 20 जून को, 02जुलाई को सेमराह कुई कुकदुर(कवर्धा) 16 जुलाई को रायखेड़ा बलौदाबाजार 25 जुलाई को पाटन क्षेत्र में किसानों की समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग तिथि में बैठक लेने का भी निर्णय लिया गया है।साथ ही साथ सदस्यता एवं ब्लॉक व जिला इकाई का गठन करने के लिए भी दिशा निर्देश दिया गया। अशोक कश्यप
कार्यालय सचिव
मो.9009087379

छत्तीसगढ़ में पुलिस-सीआरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में मारे गए 8 नक्सली

छत्तीसगढ़ में पुलिस-सीआरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में मारे गए 8 नक्सली
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने एक बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन को अंजाम दिया है. सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में 8 नक्सली मारे जा चुके हैं और एनकाउंटर अभी भी जारी है. वहीं नारायणपुर-कोंडागांव-कांकेर-दंतेवाड़ा की डीआरजी, एसटीएफ और आईटीबीपी 53वीं बटालियन की फोर्स इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है.

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन में 8 नक्सलियों को मार गिराया है. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-अबूझमाड़ में चल रही मुठभेड़ में ये सभी नक्सली ढेर हुए हैं. इस ऑपरेशन में एक जवान भी घायल हुआ है.

बता दें कि अभी भी ये ऑपरेशन जारी है और कुतुल, फरसबेड़ा, कोड़तामेटा इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. अबूझमाड़ में चार जिलों की पुलिस संयुक्त ऑपरेशन कर रही है.

नारायणपुर-कोंडागांव-कांकेर-दंतेवाड़ा की डीआरजी, एसटीएफ और आईटीबीपी 53वीं बटालियन की फोर्स इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है. पिछले दो दिनों से इस इलाके में रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है. नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि की है.

इससे पहले 7 जून को भी छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-दंतेवाड़ा के सीमावर्ती इलाके में नक्सलियों और जिला रिजर्व समूह (DRG) के जवानों के बीच मुठभेड़ हुई थी जिसमें 7 नक्सली मारे गए थे.

यह नक्सल विरोधी अभियान सुरक्षाबलों ने उस वक्त शुरू किया था जब नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले की सीमा पर स्थित मुंगेडी और गोबेल क्षेत्र में एक गांव में कई नक्सलियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी.

बता दें कि छत्तीसगढ़ में पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रही है जिसमें इस साल अब तक 120 से ज्यादा नक्सली मारे जा चुके हैं. बीते मई महीने में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी संख्या में नक्सलियों को मार गिराया था.

रायपुर के सुप्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ अब बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम मे दिनांक 19 जून 2024 डॉ. रमेश कोठारी

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बसना / मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग परामर्श असामान्य सिर दर्द माइग्रेन चक्कर आना नस एवं मस्तिष्क जैसी समस्याएं के लिए कल अग्रवाल नर्सिंग होम मे विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे डॉ. पंकज शाह!

बसना / मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग परामर्श असामान्य सिर दर्द माइग्रेन चक्कर आना नस एवं मस्तिष्क जैसी समस्याएं के लिए कल अग्रवाल नर्सिंग होम मे विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे डॉ. पंकज शाह!
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डॉ. पंकज शाह
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महासमुंद / 35 अनुदान राईस मिल से लेकर बेकरी प्रोडक्ट्स, दूध उत्पाद, पापड़, बड़ी, नमकीन, मिक्चर, अचार उत्पाद आदि स्थापित करने के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित!

महासमुंद / 35 अनुदान राईस मिल से लेकर बेकरी प्रोडक्ट्स, दूध उत्पाद, पापड़, बड़ी, नमकीन, मिक्चर, अचार उत्पाद आदि स्थापित करने के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित!

 

महासमुंद प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र जैस राईस मिल, दाल मिल, आटा, बेसन, मैदा निर्माण, मसाला, बेकरी प्रोडक्ट्स, दूध उत्पाद, पापड़, बड़ी, नमकीन, मिक्चर, अचार उत्पाद आदि स्थापित करने के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए है।

महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण के लिए नवीन इकाई या इकाई के विस्तार के लिए क्रेडिट लिंक स्थायी पूंजी निवेश अनुदान सभी वर्गों के लिए 35 प्रतिशत की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इकाई स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति योजना के वेबसाईट https://pmf me.mofpi.gov.in/pmfme/#/login पर जाकर

ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद या मोबाईल नम्बर 88843-22242, 83193-70847, 75877-24731 एवं 97558-62158 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ मे मछली मारने या पकड़ने पर बैन

 

राज्य शासन द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मस्योद्योग अधिनियम 1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है। अतएव प्रदेश के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब या जलाशय (बड़े या छोटे) जो निर्मित किए गए हैं में किये जा रहे केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।

उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगा।

महासमुंद बलौदाबाजार सहित भू-जल में समस्या और खारा पानी वाले गांवों में पेयजल के लिए मल्टी-विलेज योजना 18 जिलों के 3234 गांवों को मिलेगा साफ पेयजल!

 

 

जल जीवन मिशन के तहत इन मल्टी-विलेज योजनाओं में स्थानीय नदी पर निर्मित एनीकट, बांध एवं नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जल संग्रहण के लिए इन्टेकवेल तथा जल शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय एम.बी.आर. (Master Balance Reservoir) भी बनाए जा रहे हैं। इन्टेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डी.आई. पाइप रॉ वाटर पम्पिग मेन तथा ट्रीटमेंट प्लांट से एम.बी.आर. तक क्लियर वाटर पम्पिग मेन बिछाए जा रहे हैं। एम.बी.आर. के माध्यम से योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए डीआई/ओ-पी.वी.सी. पाइपलाइन भी बिछाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का काम पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 12 महीने का समय दिया गया है।

 

जल जीवन मिशन के तहत इन मल्टी-विलेज योजनाओं में स्थानीय नदी पर निर्मित एनीकट, बांध एवं नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जल संग्रहण के लिए इन्टेकवेल तथा जल शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय एम.बी.आर. (Master Balance Reservoir) भी बनाए जा रहे हैं। इन्टेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डी.आई. पाइप रॉ वाटर पम्पिग मेन तथा ट्रीटमेंट प्लांट से एम.बी.आर. तक क्लियर वाटर पम्पिग मेन बिछाए जा रहे हैं। एम.बी.आर. के माध्यम से योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए डीआई/ओ-पी.वी.सी. पाइपलाइन भी बिछाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का काम पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 12 महीने का समय दिया गया है।

 

उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा जल जीवन मिशन के वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा कार्यस्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान योजनाओं में प्रयोग की जा रही सामग्रियों, उपकरणों एवं आर.सी.सी. के कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मल्टी-विलेज योजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियों एवं उपकरणों की गुणवत्ता की जांच (टेस्टिंग) के लिए थर्ड पार्टी इन्सपेक्सन (Third Party Inspection) भी कराए जा रहे हैं।

 

18 जिलों के 3234 गांवों को मिलेगा साफ पेयजल

जल जीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी-विलेज योजनाओं के माध्यम से 18 जिलों के 3234 गांवों में जलापूर्ति की जाएगी। इनमें रायगढ़ जिले के 396, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 16, कोरबा के 245, जांजगीर-चांपा के 32, राजनांदगांव के 393, महासमुंद के 48, कबीरधाम के 31, गरियाबंद के नौ, बिलासपुर के 93, सूरजपुर के 413, मुंगेली के 240, दुर्ग के 201, बलौदाबाजार-भाटापारा के 192, बेमेतरा के 219, कोरिया के 292, बालोद के 148, सरगुजा के 190 और धमतरी जिले के 76 गांव शामिल हैं।

किस जिले में कितनी योजनाएं ?

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश भर में अभी कुल 71 मल्टी-विलेज योजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें सूरजपुर जिले की 11, कोरिया की दस, दुर्ग की सात, बलौदाबाजार-भाटापारा और रायगढ़ की छह-छह, बालोद, सरगुजा, राजनांदगांव और बिलासपुर की चार-चार, बेमेतरा की तीन, धमतरी, मुंगेली, कबीरधाम और जांजगीर-चांपा की दो-दो तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, महासमुंद और गरियाबंद जिले की एक-एक योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से कुल दस लाख 445 परिवार लाभान्वित होंगे।