महासमुंद पिथौरा / बस आप कल्पना कीजिये भीषण गर्मी, तपते खंभे, पिघलती हुई बिजली की वायर, और पूरी दोपहरी में काम करता हुआ बिजली कर्मचारी।

महासमुंद पिथौरा / बस आप कल्पना कीजिये भीषण गर्मी, तपते खंभे, पिघलती हुई बिजली की वायर, और पूरी दोपहरी में काम करता हुआ बिजली कर्मचारी।

और सैकड़ो लोगों के निरंतर फ़ोन लाइट कब आएंगी, कबकी गई है, कुछ काम नहीं करते फ्री की तनख्वाह ले रहे हो इन सबके बीच 47 डिग्री तापमान में जलभुन कर शिद्दत से काम करता हुआ देश का एक बिजली कर्मचारी जो जानता और समझता है कि वो जितनी जल्दी विधुत अवरोध को ठीक करेगा जनसामान्य को उतनी जल्दी भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।ऐसे अल्प वेतन भोगी  संविदा कर्मचारी बिना सुविधा के विद्युत व्यवस्था को सुचारू रूप चलाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।

पिथौरा बिजली विभाग और लाखागढ़ के नवयुवक साथियों के सहयोग से ग्राम पंचायत लाखागढ़ पीपल चौक के पास का ट्रांसफार्मर को निकाल कर नया ट्रांसफार्मर जोड़ने का कार्य संपन्न हुआ कुछ समय से खराब था भीषण गर्मी, तपते खंभे, पिघलती हुई बिजली वायर, और पूरी दोपहरी काम करता हुआ बिजली कर्मचारी।

रायपुर : पीकू और गंगरेल की कहानी

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आइए जल-जगार मनाएं, गंगरेल बचाएं

आइए जल-जगार मनाएं, गंगरेल बचाएं

रायपुर, 30 मई 2024

आइए जल-जगार मनाएं, गंगरेल बचाएं

आइए जल-जगार मनाएं, गंगरेल बचाएं

आइए जल-जगार मनाएं, गंगरेल बचाएं
धमतरी जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सार्थक पहल की गई है नवाचार के माध्यम से पीकू और गंगरेल की कहानी को आकर्षक रूप से दर्शाया गया है आइए जल-जगार मनाएं, गंगरेल बचाएं के तहत लोगों से अपील की जा रही है कि पानी को व्यर्थ खर्च न करें पानी को सहेज कर रखें “जल है तो कल है” किसान भाईयों को गर्मी के सीजन में धान का फसल न लेकर दलहन और तिलहन की फसल लेने और मिट्टी उर्वरता शक्ति को बना कर रखने का आग्रह किया गया है।

पीकू – आप कौन है आप दुःखी क्यों है।

गंगरेल – मैं……मैं गंगरेल हूं, लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाला, लाखों खेतों में हरियाली लाने वाला, अब मैं पल-पल सूख रहा हूं अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहा हूं।
पीकू – ये तो बहुत बड़ी समस्या है।
गंगरेल- मुझे अपनी नहीं धमतरी वालों की चिंता है, मेरे बाद न जाने उनका क्या होगा, खेतों को पानी कहां से मिलेगा, लोगों की प्यास कैसे बुझेगी।
पीकू- ऐसा क्यों हो रहा है।
गंगरेल- लोगों की नादानी मुझ पर पड़ रही भारी, लोग ट्यूबवेल चलाकर छोड़ देते है जितना उपयोग करते है उससे ज्यादा बहा देते है हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
पीकू- आप चिंता न करें हम जल जगार मनाएंगे, गांव वालों को बताएंगे, मिलकर पानी बचाएंगे।
आइए जल जगार मनाएं
गंगरेल बचाएं……..

महासमुंद बसना / विशाखापट्टनम के सुप्रसिद्ध हड्डी एवं जोड़ प्रत्यारोपण एवं सपाइन सर्जन अग्रवाल नर्सिंग होम बसना मे! ऑपरेशन, दवाईया जाँच ऐसी रूम भोजन उपरोक्त दरो मे सम्मललित है!

महासमुंद बसना / विशाखापट्टनम के सुप्रसिद्ध हड्डी एवं जोड़ प्रत्यारोपण एवं सपाइन सर्जन अग्रवाल नर्सिंग होम बसना मे! ऑपरेशन, दवाईया जाँच ऐसी रूम भोजन उपरोक्त दरो मे सम्मललित है!

महासमुंद बसना / चार दिवसीय डीआरजी ट्रेनिंग का आयोजन डाइट महासमुंद में सम्पन्न हुआ

महासमुंद बसना / चार दिवसीय डीआरजी ट्रेनिंग का आयोजन डाइट महासमुंद में सम्पन्न हुआ

बसना – 4 दिवसीय डीआरजी ट्रेनिंग का आयोजन, बच्चों को भाषाई ज्ञान और संख्यात्मक ज्ञानों को समझाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम के समापन समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी सामंत सर, संचालक सतीश नायर, सयुक्त संचालक नंदू सिन्हा, डाइट प्राचार्य मीणा पाणीग्राही, अरुण प्रधान वरिष्ठ व्याख्याता, राजेश चंद्राकर व्याख्याता, ईश्वर चंद्राकर व्याख्याता उपस्थित थे। सभी DRG को प्रशस्ति भेंट कर सम्मानित भी किया गया।

इस प्रशिक्षण में जिले के 5 विकासखंड से 45 DRG साथी डाइट महासमुंद के आदेश अनुसार राज्य स्तर के SRG साथियों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें सम्पा बोस एपीसी, प्रताप नारायण दास, कविता देवांगन, शीला विश्वास, मधु साहू, तोमार वैष्णव और महासमुंद जिले के FLN प्रभारी पाण्डेय के मार्गदर्शन सभी DRG प्रशिक्षणार्थियों बुनियादी साक्षरता अर्थात भाषाई ज्ञान एवं गणितीय समझ अर्थात संख्यात्मक ज्ञान का सरल से सरल समझ बच्चों में किस प्रकार बनाया जाए इसका मार्गदर्शन इस प्रशिक्षण में दिया जा गया है। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग के विभिन्न योजना FLN एवं नवाजतन के द्वारा बच्चों को किस प्रकार से चुनौती देकर शिक्षा को सरल और सुगम बनाया जा सके इस बात को SRG ग्रुप के द्वारा सरल रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है साथ ही साथ तीन से आठ वर्ष के आयु के बच्चों को किस प्रकार से बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान दिया जाए इस पर पूरी तरह से

फोकस किया जा रहा है।
इस ट्रेनिंग को बसना विकासखंड के DRG शरण दास, डिजेन्द्र कुर्रे,वारिश कुमार,प्रफुल साव, सालिक राम टंडन, अमित भोई, प्रकाश सिदार, त्रिलोचन पटेल, शिवकुमार साहू ने चार दिन तक सभी गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने प्रतिवेदन के रूप में बताया की fln के लक्ष्य को जल्दी हासिल कर कमजोर बच्चों को बुनियादी दक्षताओं का प्राप्त कराना है।

महासमुंद बसना / 8 अवैध कॉलोनियों को नोटिस जारी अप्रूवल कराने छोड़ना होगा कितना जमीन और ऐसी कालोनियों में न तो सड़क बनाई जाती है. न ही पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल पाती हैं।

महासमुंद बसना / 8 अवैध कॉलोनियों को नोटिस जारी अप्रूवल कराने छोड़ना होगा कितना जमीन और ऐसी कालोनियों में न तो सड़क बनाई जाती है. न ही पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल पाती हैं।

नया नियम : ले-आउट अप्रूवल की कॉपी के आधार पर ही होगी जमीन की रजिस्ट्री 8 अवैध कॉलोनियों को नोटिस जारी दस्तावेज जमा करने 2 दिन का समय

नगर पंचायत बसना सीमा अंतर्गत आठ अवैध प्लाटिंग कॉलोनी पर नोटिस जारी करते हुए 2 दिन के
अंदर संपूर्ण दस्तावेज लेकर नगर पालिका में उपस्थित होने कहा गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से ले
आउट अप्रूवल की कापी के आधार पर ही जमीन की रजिस्ट्री होगी। इस आदेश के लागू होने पर अपनी जमा
| पूंजी खर्च कर घर बनाने का सपना देखने या निवेश करने वालों के साथ धोखाधड़ी करना आसान नहीं
रहेगा। शहर में 08 से ज्यादा अवैध
कालोनियां हैं, जहां बगैर ले आउट
पास कराए टुकड़ों में जमीन बेची
जा रही है।

ऐसी कालोनियों में न तो सड़क बनाई जाती है. न ही पानी, बिजली जैसी
बुनियादी सुविधाएं मिल पाती हैं। अवैध कालोनी बनाने वाले ईडब्ल्यूएस के लिए भूखंड भी नहीं
छोड़ते हैं। कापी होने पर ही रजिस्ट्री होगी । अभी तक ले-आउट का अप्रूवल देखे बगैर ही सीधे रजिस्ट्री कर दी कार्यालय नगर पंचायत बसना. शासन के आदेश के
बाद सभी जिला रजिस्ट्री कार्यालयों में इसकी तैयारी
शुरू हो गई है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अप्रूव्ड ले आउट की
शासन के नए आदेश के बाद अब अवैध प्लाटिंग पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इसके पहले अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने
2014 में शासन ने आदेश जारी कर
5 डिसमिल से कम जमीन की बिक्री पर रोक लगाई थी। इस आदेश के बावजूद जमीन की अवैध
प्लाटिंग पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई।

अब प्लाट की खरीद-बिक्री के लिए
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग
विभाग से अप्रूवल कराना
अनिवार्य कर दिया गया
है।

ले-आउट अप्रूवल होने पर
प्लाट की बिक्री होने पर उस एरिया
अप्रूवल कराने अब छोड़ना होगा 55 प्रतिशत तक में चौड़ी सड़क, गार्डन और ड्रेनेज सिस्टम का प्रावधान नियमानुसार किया जाएगा। अभी सड़क की जमीन भी भूमाफिया बेचते हैं। शासन को पीएम आवास के लिए
ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए पर्याप्त
जमीन मिलेगी।

 

अभी तक ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 15 प्रतिशत जमीन छोड़े बगैर पूरी जमीन बेच दी जाती है। ले-आउट एप्रूवल होने
पर बिल्डिंग परमिशन आसानी से
मिलेगी। एप्रूव न होने के कारण
नगरीय निकाय से परमिशन नहीं
मिलती थी। लोगों के लिए राहत
वाली बात है। जमीन की प्लाटिंग करने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लेआउट अप्रूव कराना जरूरी है। अप्रूवल के लिए सड़क, नाली, गार्डन के लिए 55 फीसदी जमीन रिजर्व रखनी पड़ती है। बाकी बची 45 प्रतिशत जमीन पर ही प्लाटिंग कर बेचा जा सकता है। जबकि, कालोनाइजर 15 प्रतिशत भूखंड छोड़कर प्लाटिंग कर देते हैं। ले-आउट के बिना पहले भी रजिस्ट्री नहीं होती थी। लेकिन, कुछ लोग रजिस्ट्री
कार्यालय में गलत तरीके से रजिस्ट्री करा लेते थे। नगर पंचायत बसना क्षेत्रान्तर्गत अवैध कालोनी बनाई गई है, जिसकी शिकायत प्राप्त हुई। उसके बाद नगर पंचायत हरकत में आई है। दो दिवसीय के भीतर कालोनाइजर एक्ट के तहत अनुमति ली गई है या प्रकियाधीन है तो कालोनी से संबंधित समस्त दस्तावेज नक्शा खसरा पालिका की अनुमति, नगर निवेश की अनुमति ले-आउट की कॉपी

सूचना प्राप्ति के 02 दिवस के भीतर इस कार्यालय में आकर अपने समस्त दस्तावेजों का जांच कराने कहा गया है। ताकि न की स्थिति में वैधानिक कार्यवाही करते हुए समस्त कालोनियों का नियमितिकरण किया जा सके। अथवा पत्र के प्राप्ति उपरांत आपके द्वारा अगर कार्यालय में उपस्थित होकर अपने दस्तावेजों का परीक्षण ना कराया गया तो यह माना जाएगा कि अवैध कालोनी बनाई
गयी है। पालिका द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं होंगे।

महासमुन्द झलप / शिकारीयों के बिछाये गए बिजली करेंट की चपेट में आने से 3 मवेशियों की मौत,,,,,

महासमुन्द झलप / शिकारीयों के बिछाये गए बिजली करेंट की चपेट में आने से 3 मवेशियों की मौत,,,,,

महासमुंद जिले के झलप से महज 5 किलो मीटर दूर स्थित ग्राम कोलपदर के जंगल से लगे गुड़ा बांध तालाब के पास शिकारी द्वारा जंगली जानवर के शिकार करने के नियत से बिछाये गए बिजली तार करेंट के चपेट में आने से बेजुबान 3 मवेशियों की मौत हो गई है

बताया जा रहा है की साल दो साल से इस श्रेत्र में लगातार जंगली सुवर, जंगली भालू, बुंदिया बाघ जंगली जानवर के शिकार के मामले में शिकारियों जेल की हवा भी खा चुके है उसके बाद भी शिकारियों के हौसले इतना बुलंद है कि शिकार करते जा रहे है!

महासमुंद बसना/ गोल्ड मेडलिस्ट महिला की मौत पर परिजनों का आरोप दहेज के लिए हत्या स्कूलो मे पढ़ाने के दौरान हुई जान पहचान दोनों स्कूलो मे शिक्षक परिजनों ने और क्या आरोप लगाया!

महासमुंद बसना/ गोल्ड मेडलिस्ट महिला की मौत पर परिजनों का आरोप दहेज के लिए हत्या स्कूलो मे पढ़ाने के दौरान हुई जान पहचान दोनों स्कूलो मे शिक्षक परिजनों ने और क्या आरोप लगाया!

महासमुंद जिले के बसना थाना अंतर्गत ग्राम देवरी में एक नवविवाहित महिला की संदिग्धावस्था में मौत हो गई है। घटना रात की है मृतक के परिजनों को रात मे सुचना मिला की मृतिका उर्मिला साव पति कपूरचंद साव उम्र 25 वर्ष की शादी 3 माह पूर्व ही हुई थी जिसकी रात को मृत्यु हो गई है बताया गया मृतिका ग्राम छुआरी पतेरा से शादी होकर ग्राम देवरी आई थी बताया गया की रात को मृतक के ससुराल वालो ने मृतक महिला के परिजनों को सूचना दिया की उर्मिला साव की मृत्यु हो गई है,!
जिसके बाद रात से ही जीस रूम मे मृत्यु हुई थी उसको घर वालो ने स्वयं ही सील कर दिए थे!

कल सुचना के बाद बसना पुलिस और तहसीलदार के मौजूदगी में पंच नामा तैयार कर कल सील हुई कमरा को खोला गया। जिसमें नवविवाहिता मृतिका उर्मिला साव पति कपूरचंद साव की लाश मृत अवस्था में बेड पर पड़ी मिली। लाश को जांच पड़ताल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत किस कारण हुई पता चल सकेगा।

मृतिका के पिता राम कुमार साव छुआरी पतेरा ने बेटी उर्मिला साव के मृत्यु पर आरोप लगाते हुए कहा की उर्मिला शाव की हत्या हुई है 3 माह पहले ही शादी हुई बेटी के ससुराल वाले मोबाइल मे बात भी नहीं करने देते थे कल रात को अचानक फोन आया की आपकी बेटी उर्मिला साव की मृत्यु हो गई ज़ब आकर देखें तो शव पर कई जगह चोट के निसान देखने को मिले है परिजनों ने निष्पक्ष जाँच कर कार्यवाही की मांग की है

तहसीलदार बसना,ASI महेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक बारिक, महिला आरक्षक के साथ साथ सरपंच प्रतिनिधि, उपसरपंच,कोटवार सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

वही इस पुरे मामले मे प्रधान आरक्षक शशि भूषण बरिहा ने कहा की घटना कल रात 9 बजे की है सुचना के बाद पीएम के लिए भेजा गया है रिपोर्ट आने के बाद ही साफ साफ कहा जा सकता है परिजनों के नवविवाहिता की संदिग्ध स्थिति मे मौत परिजनों का हत्या का आरोप के मामले मे कहा की आरोप सभी लगाते है पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक पता चलेगा!

उर्मिला शाव के भाई दीपक ने बताया की उर्मिला छत्तीसगढ़ कॉलेज मे टॉपर रही है और गोल्ड मेडलिस्ट है उर्मिला कालेज के बाद सांकरा के ADN इंग्लिश मिडिम स्कूल मे पढ़ा रही थी वही उसका जान पहचान सांकरा मे शिशु मंदिर मे पढ़ाने वाले कपूरचंद साव हुई और जान पहचान बढ़ी और दोनों ने शादी करने के निर्णय लिया उर्मिला के भाई ने बताया की कपूरचंद साव के घर अच्छा नहीं था इसलिए हम लोग शादी से इनकार कर रहे थे लेकिन दोनों ने एक दूसरे को पसंद किया और हम लोग नहीं चाहते हुए भी जिद मे शादी कराना पड़ा लड़की को बोले थे की कम से कम एक साल रुका जा शादी करा देंगे लेकिन नहीं माना और आज 3 माह बाद लड़की की मृत्यु हो गई भाई ने दहेज़ के लिए हत्या की बात कहा!

महासमुंद बसना / आयुष्मान योजना के तहत जिन बिमारीयों का ईलाज एवं ऑपरेशन प्राईवेट अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं, उन सभी बिमारीयों का ईलाज एवं ऑपरेशन आपके अपने अस्पताल अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में न्यूनतम दर में उपलबध है

महासमुंद बसना / आयुष्मान योजना के तहत जिन बिमारीयों का ईलाज एवं ऑपरेशन प्राईवेट अस्पतालों में
उपलब्ध नहीं हैं, उन सभी बिमारीयों का ईलाज एवं ऑपरेशन आपके अपने अस्पताल अग्रवाल
नर्सिंग होम, बसना में न्यूनतम दर में उपलबध है
24/7 उपलब्ध चिकित्सक एवं सर्जन की टीम
स्तन में गठान (Fibroadenoma) (एक साईड) – ₹4000 मात्र
स्तन में गठान (Fibroadenoma) (दोनो साईड) – ₹7000 मात्र
छोटा सिस्ट या गठान

पाईल्स

₹10000 मात्र
फिशर ₹10000 मात्र

खतना ₹5000 मात्र

₹4000 मात्र
हाइड्रोसिल ऑपरेशन (एक साईड) – ₹5000 मात्र
हाइड्रोसिल ऑपरेशन (दोनो साईड) – ₹8000 मात्र
नसबंदी – ₹7000 मात्र
नोट :
पैकेज में ईलाज / आपरेशन
के साथ दवाईयां, जांच एवं रहने
का खर्च पूर्ण रूप से
सम्मिलित है।
बच्चेदानी का ऑपरेशन (ओपन) – ₹25000 मात्र
बच्चेदानी का ऑपरेशन ( दूरबीन द्वारा ) – ₹35000 मात्र
कृपया पुरानी रिपोर्ट साथ लेकर आएं
बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.)
84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

महासमुंद सरायपाली / आयुष्मान के तहत अस्पताल मे भर्ती कर 25 हजार लेने का आरोप, अधिकारी और हॉस्पिटल संचालक ने मामले मे कहा की………

महासमुंद सरायपाली / आयुष्मान के तहत अस्पताल मे भर्ती कर 25 हजार लेने का आरोप, अधिकारी और हॉस्पिटल संचालक ने मामले मे कहा की………

महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लाक अंतर्गत ओम om हॉस्पिटल पर एक इलाज कराने गए परिजनों के अनुसार बाहबल यादव जो लमकेनी निवासी जो सरायपाली के निजी हॉस्पिटल om हॉस्पिटल मे एडमिट हुवा बताया गया की मरीज केंद्र सरकार से मिलने वाले योजना आयुष्मान के तहत भर्ती हुवा था लेकिन इलाज के बाद डिस्चार्ज के समय 25 हजार रु ऑन लाइन रु रकम ले लिया गया है

 

पीड़ित के परिजनों ने कहा की अस्पताल के कर्मचारीयों ने कहा की ज़ब तक 25 हजार रु नहीं देंगे छुट्टी नहीं देंगे परिजनों ने पैसा लेने का कारण जानने पर बताया की आयुष्मान से जो पैकेज है उससे अधिक खर्च हुवा है इसलिए पेमेंट लिया जा रहा है बिल माँगने पर भुगतान के बाद देने बात कहा गया वही भुगतान के बाद बिल माँगने पर कर्मचारीयों ने कहा की संचालक रायपुर मे रहते है उनके आने के बाद ही बिल दिया जाएगा,

वही इस पुरे मामले मे om ओम हॉस्पिटल के संचालक डॉ कमलेश अग्रवाल से बात करने पर अन्य जवाब मिला संचालक ने आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने से बात को साफ साफ इनकार कर दिया कहा की अगर आयुष्मान योजना के तहत भर्ती था तो पैसे क्यों दिया संचालक ने कहा की पीड़ित के आयुष्मान कार्ड मे कुछ फाल्ट था इसलिए आयुष्मान योजना के तहत भर्ती नहीं कर पाए 11 बजे दोबारा फोन करें पूरी जानकारी दिया जाएगा  / मामले मे सरायपाली BMO ने कहा की आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने पर एक रु भी नहीं देना है पीड़ित के लिखित शिकायत पर जाँच कर कार्यवाही की जाएगी!

महासमुंद अलर्ट / पारा चढ़ने के साथ बढ़ा हीट-स्ट्रोक का खतरा, जिला अधिकारी ने लू के प्रकोप को देखते हुए जारी किया एडवाइजरी! लू के लक्षण,लू से बचाव के उपाय,लू लगने पर यह करें!

महासमुंद अलर्ट / पारा चढ़ने के साथ बढ़ा हीट-स्ट्रोक का खतरा, जिला अधिकारी ने लू के प्रकोप को देखते हुए जारी किया एडवाइजरी! लू के लक्षण,लू से बचाव के उपाय,लू लगने पर यह करें!

महासमुंद मई 2024/ ग्रीष्म ऋतु में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखने लगा है। पारा चढ़ने के साथ लू (हीट एंड स्ट्रोक) का भी खतरा बढ़ रहा है। इसे देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया ने लोगों से शरीर में पानी की कमी न होने देने की अपील की है। ज्यादा गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी या डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है। आमतौर पर लोग इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते। स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव और इसके प्रबंधन हेतु व्यापक जन-जागरूकता के लिए विस्तृत जानकारी प्रसारित की है।

लू के लक्षण

सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना, अधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना, भूख न लगना और बेहोशी लू लगने के लक्षण हैं।

लू से बचाव के उपाय

लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज, मुख्यतः नमक की कमी होना है। इससे बचाव के लिए सावधानी रखना आवश्यक है। बहुत अनिवार्य न हो तो गर्मी में घर से बाहर न जाएं। धूप में निकलने से पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें।
लू से बचने के लिए पानी अधिक मात्रा में पिएं खाली पेट न रहे। अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मियों में मुलायम सूती के कपड़े पहनना चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहें। अधिक पसीना आने पर ओ.आर.एस. का घोल पिएं। चक्कर या मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करें। शीतल पेयजल, जूस, लस्सी, मठा इत्यादि का सेवन करें।

लू लगने पर यह करें

लू लगने पर प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श ले सकते हैं। उल्टी, सिरदर्द या तेज बुखार होने पर नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जरूरी सलाह लें।
बुखार पीड़ित व्यक्ति के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाएं। अधिक पानी व पेय पदार्थ जैसे कच्चे आम का पना, जलजीरा इत्यादि पिलाएं। पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटाएं। शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहें। पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदीकी डॉक्टर या अस्पताल में इलाज के लिए लेकर जाएं। मितानिन या ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. के पैकेट के लिए संपर्क करें।