बसना: लूट की वारदात का 2 घंटे में खुलासा, बसना पुलिस ने दबोचे आरोपी

बसना: लूट की वारदात का 2 घंटे में खुलासा, बसना पुलिस ने दबोचे आरोपी

 

महासमुंद, 22 अप्रैल। जिले के बसना थाना क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने महज 2 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी सामग्री भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी राकेश सहिस (25 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 1 सरायपाली, ने थाना बसना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 20 अप्रैल को अपने भाई की स्कूटी से भंवरपुर में आयोजित शादी समारोह से लौट रहा था। इसी दौरान गढ़पटनी रोड स्थित शराब भट्टी के पास दो अज्ञात युवकों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने पहले पैसों की मांग की और विरोध करने पर मारपीट कर उसके पास से 500 रुपये नकद, चांदी की चैन तथा एक मोबाइल पावर बैंक लूटकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही थाना बसना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की। मुखबिरों की सूचना एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज 2 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश पीटर (33 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 11 बसना एवं मनीष सोनवानी (19 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 6 बसना शामिल हैं। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर लूटी गई चांदी की चैन, 500 रुपये नकद एवं मोबाइल पावर बैंक बरामद कर लिया गया।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अज्ञात लूट के मामले का शीघ्र खुलासा होने पर क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

छत्तीसगढ़ में नौकरी के साथ ‘नेतागिरी’ पर रोक: राज्य सरकार ने जारी किया ये निर्देश। राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं हो सकता।

छत्तीसगढ़ में नौकरी के साथ ‘नेतागिरी’ पर रोक: राज्य सरकार ने जारी किया ये निर्देश, जानें क्या है क्राइटेरिया

छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय सेवकों के लिए आचरण नियमों को लेकर एक सख्त निर्देश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक, सरकारी सेवा के साथ किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या अन्य पदों पर सक्रियता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सिविल सेवा आचरण नियमों को लेकर रिमाइंडर जारी करते हुए सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं

निर्देशों में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्पक्षता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ करना अनिवार्य है। जारी निर्देश में राजस्व मंडल छत्तीसगढ़, बिलासपुर सहित राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों को संबोधित करते हुए कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें। शासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवकों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का पालन अनिवार्य है।

राजनीतिक गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध
इन आचरण नियमों में कोई भी शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं हो सकता। साथ ही किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। शासन ने यह भी निर्देशित किया है कि कर्मचारी किसी भी संगठन, समिति या संस्था में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई पद धारण नहीं कर सकते।

इन पदों पर भी सख्ती
शासकीय सेवक किसी भी ऐसे पद या जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे उनके सरकारी कार्यों की निष्पक्षता प्रभावित हो। चाहे वह शासकीय संस्था हो या अशासकीय, बिना अनुमति किसी भी प्रकार की भागीदारी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

…तो होगी कड़ी कार्रवाई
शासन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन, वेतनवृद्धि रोकना या अन्य कठोर दंड शामिल हो सकते हैं।

कुल मिलाकर सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी प्रकार की “नेतागिरी” मंजूर नहीं है। ऐसे में यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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सरायपाली: राजनीति में बराबर की भागीदारी देने हेतु लाए गए ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर कांग्रेस की नकारात्मक भूमिका के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी मंडल सरायपाली ने कड़ा रुख अपनाया है।

सरायपाली: राजनीति में बराबर की भागीदारी देने हेतु लाए गए ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर कांग्रेस की नकारात्मक भूमिका के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी मंडल सरायपाली ने कड़ा रुख अपनाया है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष गुंजन अग्रवाल, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष कंचन अग्रवाल एवं जिला महामंत्री महिला मोर्चा तारेश्वरी नायक ने संयुक्त रूप से कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए इसे “नारी शक्ति के साथ बड़ा विश्वासघात” करार दिया है।

*कांग्रेस ने बोई बाधाएं, नारी शक्ति देगी करारा जवाब: गुंजन अग्रवाल*
मंडल अध्यक्ष गुंजन अग्रवाल ने कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी को ‘वंदनीय’ मानते हुए सदियों से लंबित आरक्षण बिल को लागू करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया, वहीं कांग्रेस ने इस महायज्ञ में बाधाएं डालने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल “वोट बैंक” की राजनीति जानती है और उसे डर है कि यदि महिला नेतृत्व सशक्त हुआ, तो कांग्रेस की परिवारवाद वाली राजनीति जड़ से खत्म हो जाएगी। संसद में बिल को रोकने और इसके प्रावधानों पर भ्रम फैलाने का पाप देश की मातृशक्ति कभी माफ नहीं करेगी।
*दोहरा चरित्र उजागर, महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं: कंचन अग्रवाल*
महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष कंचन अग्रवाल ने तीखे शब्दों में कहा, “कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को केवल एक वोट बैंक समझा है। दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने कभी भी इस बिल को गंभीरता से नहीं लिया। आज जब यह कानून का रूप ले चुका है, तो वे इसे लागू होने से रोकने के लिए तकनीकी अड़चनें पैदा कर रहे हैं।” उन्होंने सरायपाली क्षेत्र की महिलाओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को समझें और आने वाले चुनावों में इस अपमान का बदला लें।

*सड़क से सदन तक बेनकाब होगी कांग्रेस: तारेश्वरी नायक*
महिला मोर्चा की जिला महामंत्री तारेश्वरी नायक ने प्रेस विज्ञप्ति में विस्तार से कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संसद के भीतर महिला अधिकारों की “भ्रूण हत्या” करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे 40 साल से लंबित अधिकार को दिलाने वाला ‘महायज्ञ’ बताया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। हम भाजपा महिला मोर्चा के माध्यम से सरायपाली के प्रत्येक गांव और वार्ड में जाकर कांग्रेस के इस ‘महिला विरोधी’ और ‘विकास विरोधी’ चेहरे को बेनकाब करेंगे।”

बागबाहरा: महिलाएं सहित 52 आरोपी जेल वन भूमि पर कब्जा पड़ा भारी: प्रशासन की सख्त चेतावनी

 

महासमुंद 21 अप्रैल 2026/ माननीय वनमंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुसार वन क्षेत्रों में अतिक्रमण के विरुद्ध संचालित अभियान के अंतर्गत 20 अप्रैल को वनमंडल महासमुंद के बागबहरा परिक्षेत्र अंतर्गत आमाकोनी सर्किल, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95 एवं 96 (आरक्षित वन) में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम तमोरा के कुछ व्यक्तियों द्वारा लगभग 94 हेक्टेयर आरक्षित वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण करते हुए हरे-भरे एवं मूल्यवान वृक्षों की अवैध कटाई की गई तथा कृषि प्रयोजन हेतु भूमि पर अनधिकृत कब्जा स्थापित करने के उद्देश्य से व्यापक खुदाई/जुताई की गई थी। साथ ही, वनभूमि की सीमा निर्धारण हेतु स्थापित सीमेंट-कांक्रीट निर्मित मुनारों (सीमा चिन्हों) को तोड़ा/क्षतिग्रस्त किया गया। इन अवैध गतिविधियों के परिणामस्वरूप मूल्यवान वृक्ष प्रजातियों एवं औषधीय जड़ी-बूटियों को भारी क्षति पहुँची है, जो कि पूर्णतः विधि-विरुद्ध एवं दंडनीय अपराध है।

उक्त प्रकरण में संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26(1)(च), 26(1)(ज) तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3(1) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्यवाही की गई। कुल 52 आरोपियों जिसमें 12 महिला एवं 40 पुरुष को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय महासमुंद में प्रस्तुत किया गया, जहां से सभी आरोपियों को जेल भेजा गया।
मुख्य वन संरक्षक श्री मणिवासगण एवं वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पांडेय ने कहा है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अथवा अवैध गतिविधि किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि उक्त आरोपी आदतन अपराधी हैं, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी कार्यवाही की जा चुकी है, किंतु उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। ये मूलतः ओडिशा के निवासी हैं, जो विगत कुछ वर्षों से ग्राम तमोरा में निवासरत हैं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी इनका विरोध किया जाता रहा है, किंतु इनके आक्रामक एवं आपराधिक व्यवहार के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ था। आरोपियों द्वारा कई बार वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, अश्लील गाली-गलौज एवं धमकी भी दी गई है।
उक्त कार्यवाही हेतु उप वनमंडलाधिकारी महासमुंद श्री गोविंद सिंह, परिक्षेत्र अधिकारी श्री लोकनाथ ध्रुव एवं रेंजर श्री नवीन वर्मा द्वारा पूर्व से ही सुनियोजित रणनीति तैयार की गई थी। इस अभियान में परिक्षेत्र सहायक श्री नवीन शर्मा, डिप्टी रेंजर श्री मोतीलाल साहू, श्री भुवनेश्वर तिवारी, श्री दुलार सिन्हा, वनपाल श्री योगेश कन्नौजे तथा वनरक्षक श्री रणजीत ठाकुर, श्री नीलकंठ दीवान, श्री चुकेश सिंह ध्रुव, श्री कमल यादव, श्री वीरेंद्र कुमार ध्रुव, श्री टोमन दीवान, श्री पूरण ध्रुव, श्री खेमराज साहू, श्री चित्रसेन दीवान, श्री नरेंद्र ध्रुव, श्रीमती कविता ठाकुर, श्रीमती कांति ध्रुव सहित वन विद्यालय महासमुंद के प्रशिक्षु वनरक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।

महासमुंद/पोषण पखवाड़ा में आयुष विभाग की पहल: माँ और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूकता अभियान तेज

महासमुंद/पोषण पखवाड़ा में आयुष विभाग की पहल: माँ और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूकता अभियान तेज

महासमुंद,संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार 8वें पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत जिला आयुष विभाग द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. मुक्ता बारिहा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य के तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं एवं छोटे बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

इस दौरान जिला आयुष विभाग द्वारा विभिन्न आयुष संस्थानों एवं चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सुवर्णप्राशन संस्कार, गर्भिणी परिचर्या जागरूकता, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य परामर्श, पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली पर स्वास्थ्य शिक्षा, योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण, आयुर्वेदिक आहार एवं दिनचर्या संबंधी मार्गदर्शन तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।

ये कार्यक्रम जिला आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक, आयुर्वेदिक औषधालय, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा संस्थानों में आयोजित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को पोषण, आयुष चिकित्सा पद्धतियों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

डॉ. बारिहा ने बताया कि इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना, कुपोषण को कम करना तथा बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।

जिला आयुष विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपने नजदीकी आयुष संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर आयुष चिकित्सा पद्धति का लाभ उठाएं और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करें।

सरायपाली: 20 रु का पानी बॉटल खरीदने मजबूर , वाटर एटीएम लाखों रु की योजना होने के बावजूद ऐसा क्यों ठेकेदार पर अभी भी जिम्मेदारी – क्या कहते है नगरपालिका अधिकारी

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के दौर में सरायपाली नगर के बस स्टैंड परिसर में स्थापित वाटर एटीएम बंद पड़ा हुआ है, जिससे यात्रियों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नगरपालिका द्वारा लाखों रुपए की लागत से लगाए गए इस वाटर एटीएम का उद्देश्य यात्रियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान में यह पूरी तरह निष्क्रिय है।

बंद पड़े वाटर एटीएम के सामने अतिक्रमण की स्थिति भी देखने को मिल रही है, जहां एक होटल संचालक द्वारा सामान रखा जा रहा है। वहीं, आसपास के ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों द्वारा कचरा और प्लास्टिक सड़क किनारे फेंके जाने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा मवेशियों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा बनाई गई यह योजना ठेकेदार की लापरवाही के कारण धरातल पर विफल हो गई है।
इस संबंध में नगरपालिका सरायपाली के सीएमओ दिनेश यादव ने बताया कि वाटर एटीएम ठेकेदार की गारंटी अवधि में है और जल्द ही इसे सुधारने की कार्रवाई की जाएगी। खबर अभी बाकी है

साथ ही बाहर कचड़ा फेंकने वाले के खिलाफ भी सुधार की कार्यवाही करने की बात कहा गया है अब देखने वाली बात यह है क्या वाटर एटीएम को सुधार किया जाएगा कि बस यह एक बयान बाजी है अगली खबर एक सप्ताह बाद प्रकाशन होगा वाटर एटीएम के संबंध में और हम आपको बताएंगे कि अधिकारी कितने सक्रिय हैं

सरायपाली अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉ. अनुराधा व डॉ. अभिषेक अग्रवाल देंगे टेढ़े-मेढ़े दांतों का आधुनिक इलाज, 19 अप्रैल को विशेष परामर्श शिविर

सरायपाली अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉ. अनुराधा व डॉ. अभिषेक अग्रवाल देंगे टेढ़े-मेढ़े दांतों का आधुनिक इलाज, 19 अप्रैल को विशेष परामर्श शिविर

बसना/सरायपाली। अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में टेढ़े-मेढ़े दांतों एवं जबड़े से जुड़ी समस्याओं के आधुनिक उपचार के लिए 19 अप्रैल 2026 को विशेष दंत परामर्श एवं उपचार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में अनुभवी विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा  (MDS ऑर्थोडॉन्टिक्स) एवं डॉ. अभिषेक अग्रवाल (BDS, MDS) अपनी सेवाएं देंगे।

शिविर में बाहर निकले हुए दांत, दांतों के बीच गैप, टेढ़े-मेढ़े दांतों को ब्रेसेस द्वारा सही आकार देना, कटे होंठ एवं तालु का उपचार, हड्डी में फंसे दांतों को सही स्थान पर लाना, अंगूठा चूसने जैसी आदतों का इलाज, छोटे-बड़े जबड़े की समस्या तथा विकृत जबड़े का ऑपरेशन सहित विभिन्न दंत समस्याओं का उपचार किया जाएगा।

इसके अलावा 3D डेंटल स्कैनर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिससे मरीजों को सटीक एवं आधुनिक जांच का लाभ मिलेगा।

शिविर का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अग्रवाल डेंटल एंड पॉलीक्लिनिक, मेन रोड, IDBI बैंक के पास, सरायपाली में तथा दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, जिला महासमुंद में किया जाएगा।

आयोजकों ने क्षेत्र के लोगों से इस अवसर का लाभ उठाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की अपील की है। अपॉइंटमेंट हेतु मोबाइल नंबर 9165266994 एवं 9174335366 पर संपर्क किया जा सकता है।

महासमुंद किसानों के लिए खुशखबरी: MSP पर खरीदी शुरू, पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

महासमुंद किसानों के लिए खुशखबरी: MSP पर खरीदी शुरू, पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

महासमुंद/ प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत प्राईस सपोर्ट स्कीम के अतंर्गत रबी वर्ष 2025-26 में दलहन / तिलहन खरीदी का शुभारंभ जिले के 03 उपार्जन केन्द्रों में किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किसानों द्वारा तिलहन उत्पाद का उपार्जन किया गया। जिसमें कृषि उपज मंडी पिटियाझर महासमुंद में कृषक श्री खोरबाहरा निषाद ग्राम घोडारी द्वारा 7 क्विटल सरसों बीज उपार्जन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री जागेश्वर चन्द्राकर, उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, जिला नोडल अधिकारी श्री अविनाश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती गणेश्वरी बंजारे, जिला विपणन महासमुंद से प्रोग्रामर श्री प्रशांत जोशी, समिति प्रबंधक एवं कृषकगण उपस्थित रहे।

इसी तरह कृषि उपज मंडी बसना के कृषक श्री मोहन नायक ग्राम दलदली द्वारा 15 क्विटल सरसों बीज उपार्जन किया गया। इस अवसर श्री रमेश अग्रवाल, श्रीमती दीपा अरुण साह, बसना सहकारी समिति अध्यक्ष श्री जन्मजय साव उपस्थित रहें। इसके अलावा कृषि उपज मंडी सरायपाली में कृषक श्री पंकज राज पटेल ग्राम कुटेला (1.5 किंव.) एवं श्री सागरचंद पटेल ग्राम केना (01 क्विं.) से किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियो ं एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा बड़ी संख्या में कृषक भी उपस्थित होकर योजना का लाभ लेने पहुंचे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री प्रकाश पटेल, कृषि सभापति श्रीमती बालमोती पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधियो ने सहभागिता करते हुए किसानों को योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मण्डी सचिव, प्रा.कृ.सा. सह. समिति सरायपाली प्रबंधक, कृषि विकास अधिकारी एवं समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा सरसों की गुणवता जांच, तौल प्रक्रिया एवं खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। उपस्थित कृषकों को समर्थन मूल्य पर चना 5875 रु प्रति क्विटल, मसूर 7000 रू प्रति क्विटल एवं सरसों 6200 रू प्रति क्विटल पर अपनी उपज बेचने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओ ं की जानकारी दी गई तथा पारदर्शी एवं सुचारू रूप से खरीदी व्यवस्था का क्रियान्वयन किया जा सके। कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा खरीदी केन्द्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचे।

ई-समृद्धि पोर्टल में दलहन एवं तिलहन फसलों का पंजीयन तिथि 20 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई है। उपसंचालक कृषि द्वारा महासमुंद जिले के अंतर्गत सभी 06 उपार्जन केन्द्रों पिटियाझर, सिर्रीपठारीमुड़ा, कोमाखान, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक पंजीयन कराकर योजना का लाभ लेने हेतु आव्हान किया गया है। छ.ग. शासन किसानों की आय बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

बागबाहरा/ खुसरूपाली विद्यालय में नेवता भोज का गरिमामय आयोजन

बागबाहरा/ खुसरूपाली विद्यालय में नेवता भोज का गरिमामय आयोजन

महासमुंद/ विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला खुसरूपाली में आज नेवता भोज कार्यक्रम का गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। यह आयोजन कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा अपनी माता स्व. संतोष कुमारी जी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। जो सेवा भावना, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने की प्रेरणादायक पहल के रूप में परिलक्षित हुआ। कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसर को स्वच्छ, आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप से सजाया गया था। विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामवासियों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन में अनुशासन और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया। भोजन की गुणवत्ता उत्कृष्ट रही और वितरण व्यवस्था पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संपन्न हुई।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे ने उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता जैसे मानवीय मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान डीईओ श्री लहरे ने विद्यार्थियों को खीर, पुड़ी एवं मिठाई परोसा। इस अवसर विद्यालय के वातावरण में उत्साह का माहौल रहा।

कार्यक्रम में सरपंच पवन ठाकुर, एसएमडीसी अध्यक्ष, विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए। साथ ही एबीईओ रामता मन्नाडे, सीएसी देव सिन्हा, प्रधानपाठक प्रेमचंद डड़सेना सहित शिक्षकों और स्टाफ की उपस्थिति रही। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है राशन एटीएम’: अब फिंगरप्रिंट से मिलेगा अनाज, लंबी लाइनों से मिलेगी राहत?

छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है राशन एटीएम’: अब फिंगरप्रिंट से मिलेगा अनाज, लंबी लाइनों से मिलेगी राहत?

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार राज्य में सरकारी राशन दुकानों पर हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार अब ‘राशन एटीएम’ का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी में है. यह व्यवस्था उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर की तर्ज पर लागू की जाएगी, जहां इस तरह की मशीनें पहले से काम कर रही हैं.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अब बैंक एटीएम की तरह ही एक ऐसा एटीएम लगने जा रहा है, जिससे राशन कार्डधारकों को राशन मिलेगा. इसके लिए रायपुर के मोतीबाग में केंद्र सरकार की टीम ने जगह भी देख ली है और कुछ ही दिन में यहां ATM लग जाने के बाद लोग यहां से अपना राशन ले सकेंगे. इस ATM मशीन में लाभार्थी को अपना राशन कार्ड नंबर डालना होगा या आधार आधारित बायोमेट्रिक (अंगूठा) लगाना होगा. जिसके बाद स्क्रीन पर अनाज की मात्रा दिखाई देगी और मशीन से निर्धारित मात्रा में चावल या शक्कर सीधे थैले में गिर जाएगा. इस पूरी प्रोसेस में एक मिनट से भी कम का समय लगेगा.

रायपुर जिले में इसके सफल संचालन के बाद प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसे लागू किया जाएगा. यह एटीएम 24 घंटे चालू रहेगा, जिससे लाभार्थी अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी टाइम इस मशीन से अपना राशन ले सकेंगे. एक तरफ इससे लोगों को काफी सुविधा होगी, तो वहीं सरकारी राशन दुकानों में बैठने वाले संचालकों का कहना है कि इससे हमारी नौकरी खतरे में आ जाएगी. राशन दुकान के संचालकों ने कहा कि राशन एटीएम से हितग्राहियों को तो फायदा होगा लेकिन हमारी रोजी-रोटी संकट में आ जाएगी. हमारा कमीशन खत्म हो जाएगा. इसी से हमारा खर्च चलता है.

 

राशन की कालाबाजारी रुकेगी
रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राज्य में पहली बार राशन एटीएम लगने जा रहा है. इसके लिए जगह का चयन करके मुख्यालय को सूचित किया गया है. इसका उद्देश्य लोगों को सहूलियत देना है. जिस तरह एटीएम से पैसा निकालते हैं, ठीक उसी तरह राशन कार्ड के माध्यम से और आधार कार्ड के जरिए हितग्राही अपना राशन निकाल सकते हैं. इससे राशन की कालाबाजारी भी रुकेगी और राशन वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सकेगा !