महासमुंद/खनिज विभाग द्वारा जिले के विभिन्न फर्शी पत्थर खदानों का सतत निरीक्षण

महासमुंद/खनिज विभाग द्वारा जिले के विभिन्न फर्शी पत्थर खदानों का सतत निरीक्षण

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशन में खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज अमले द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित फर्शी पत्थर खदानों का निरीक्षण किया जा रहा तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान सभी पट्टेदारों को खदानों की निर्धारित सीमा को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने हेतु सीमा स्तंभों के संधारण के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक खदान में ग्राम, रकबा, खसरा एवं पट्टा अवधि की जानकारी दर्शाने वाली नाम पट्टिका अनिवार्य रूप से स्थापित करने को कहा गया। खदान क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक उपचार, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। खनिजों के परिवहन को पारदर्शी एवं नियंत्रित बनाने के लिए शासन के निर्देशानुसार ई-टीपी के माध्यम से परिवहन सुनिश्चित करने तथा संबंधित अभिलेखों का नियमित संधारण करने भी कहा गया है।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर निरंतर जांच और निगरानी किया जाएगा।

बागबाहरा छात्रावास में तैयार हो रही नई पीढ़ी, शिक्षा और अनुशासन से मिल रही नई उड़ान

बागबाहरा छात्रावास में तैयार हो रही नई पीढ़ी, शिक्षा और अनुशासन से मिल रही नई उड़ान

 

महासमुंद/ई-ऑफिस से बदली कार्यप्रणाली: फाइल ट्रैकिंग आसान, काम में आई रफ्तार

महासमुंद/ई-ऑफिस से बदली कार्यप्रणाली: फाइल ट्रैकिंग आसान, काम में आई रफ्तार

महासमुंद/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल और विष्णुदेव साय के सुशासन एवं पारदर्शिता के संकल्प को साकार करते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने ई-ऑफिस प्रणाली को तेजी से अपनाया है। शासन की प्राथमिकता के अनुरूप ई-ऑफिस प्रणाली अब जिले के लगभग सभी विभागों में गति पकड़ चुकी है।

जिले के लगभग सभी विभागों में अब परंपरागत कागज़ी फाइलों के स्थान पर ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। 1366 अधिकारी-कर्मचारियों का ई-ऑफिस के लिए ऑनबोर्डिंग किया जा चुका है, जो इस प्रणाली के व्यापक क्रियान्वयन को दर्शाता है। अब तक लगभग साढ़े 5 हजार से अधिक फाइलों का मूवमेंट डिजिटल माध्यम से किया जा चुका है, जिससे कार्यों में गति और दक्षता आई है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट का अधिकांश कार्य ई-ऑफिस प्रणाली से संचालित हो रहा है। प्रत्येक सप्ताह समय-सीमा की बैठकों में इसकी समीक्षा कर विभागवार प्रगति की समरी रिपोर्ट ली जाती है। सभी शासकीय पत्राचार, नियमित फाइलें और वित्तीय स्वीकृतियाँ यहां तक कि छोटी नोटशीट्स भी अब ऑनलाइन दर्ज की जा रही हैं, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी आसान हो गई है।

ई-ऑफिस प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण लाभ इसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा है। अब किसी भी फाइल की स्थिति को आसानी से देखा जा सकता है, वह किस अधिकारी के पास लंबित है और कितने समय से। इससे कार्यों में अनावश्यक विलंब कम हुआ है और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। इस प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे फाइल निर्माण, नोटशीट लेखन और दस्तावेज अपलोडिंग में दक्ष हो चुके हैं। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एनआईसी और तकनीकी टीम का सहयोग भी लगातार लिया जा रहा है।

शासन की मंशा है कि भविष्य में संपूर्ण पत्राचार केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। शासन की यह कदम समय की बचत और विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा। महासमुंद जिले में यह पहल निश्चित रूप से डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में सार्थक रूप से संचालित हो रहा है।

डिजिटल जनगणना 2027: महासमुंद जिले में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन

डिजिटल जनगणना 2027: महासमुंद जिले में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन

महासमुंद/ भारत सरकार गृह मंत्रालय, जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार भारत की डिजिटल जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में संपादित किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक जिले में जनगणना कार्य से संबंधित आपत्तियों एवं शिकायतों के त्वरित निवारण हेतु शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाना है।

इसी क्रम में महासमुंद जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इस प्रकोष्ठ में अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं डिप्टी कलेक्टर (जिला जनगणना अधिकारी) श्री मनोज कुमार खाण्डे, को सदस्य तथा उप संचालक (अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी) श्रीमती मधु साहू को सदस्य नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

छत्तीसगढ़ अवकाश पर सख्ती: स्वीकृति से पहले नहीं जा सकेंगे शासकीय कर्मचारी, नियम उल्लंघन पर ब्रेक इन सर्विस की चेतावनी

छत्तीसगढ़ अवकाश पर सख्ती: स्वीकृति से पहले नहीं जा सकेंगे शासकीय कर्मचारी, नियम उल्लंघन पर ब्रेक इन सर्विस की चेतावनी

छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सुशासन तिहार एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखते हुए शासकीय सेवकों के अवकाश संबंधी नियमों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी शासकीय सेवक सक्षम प्राधिकारी से अवकाश स्वीकृत कराए बिना अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेगा।

निर्देशों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित रहता है तो उसे स्वैच्छिक अनुपस्थिति माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए इसे “ब्रेक इन सर्विस” (सेवा में व्यवधान) के रूप में भी दर्ज किया जा सकता है, जिससे उसकी सेवा अवधि और अन्य लाभ प्रभावित हो सकते हैं।

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी शासकीय सेवक को यथासंभव दूरभाष या डिजिटल माध्यम से तत्काल सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, कार्यालय लौटने के बाद उक्त सूचना की लिखित पुष्टि करना भी आवश्यक होगा।

इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी लंबी अवधि के अवकाश जैसे अर्जित अवकाश पर जाता है, तो उसे अपने समस्त शासकीय कार्यों का प्रभार विधिवत रूप से किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना अनिवार्य किया गया है, ताकि शासकीय कार्य प्रभावित न हों।

इस संबंध में राज्य शासन ने सभी विभागों, अध्यक्ष राजस्व मंडल बिलासपुर, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों तथा सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

शासन का यह कदम प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने और महत्वपूर्ण अभियानों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

महासमुंद: खूनी संघर्ष: छोटे भाई ने बड़े भाई को पेट्रोल डालकर घर सहित जिंदा जलाया, महिला ने बताई पूरी आपबीती फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर……….

महासमुंद: खूनी संघर्ष: छोटे भाई ने बड़े भाई को पेट्रोल डालकर घर सहित जिंदा जलाया, महिला ने बताई पूरी आपबीती फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर……….

महासमुंद/खल्लारी, 22 अप्रैल 2026।
जिले के बागबाहरा थाना में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार ग्राम आमगांव में जमीन बंटवारे के विवाद ने दिल दहला देने वाली घटना का रूप ले लिया, जहां छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई को कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता महिला ग्राम मरार कसीबाहरा की निवासी है, जो मजदूरी का कार्य करती है। उसने पुलिस को दिए अपने विस्तृत बयान में बताया कि लगभग 10 माह पूर्व उसकी पहचान कृष्णकांत दुबे से हुई थी। इसके बाद दोनों रायपुर में पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे और जल्द विवाह करने वाले थे।
महिला के अनुसार, कृष्णकांत दुबे ने उसे बताया था कि उसकी पैतृक जमीन ग्राम आमगांव में है, जहां उसकी मां तिरथ दुबे एवं छोटा भाई दौलत दुबे रहते हैं और जमीन का देखरेख करते हैं। जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से परिवार में विवाद चल रहा था।

घटना दिनांक 21 अप्रैल 2026 की शाम लगभग 4 बजे की है, जब वह कृष्णकांत दुबे के साथ स्कूटी से रायपुर से आमगांव के लिए निकले। शाम करीब 6:30 बजे गांव पहुंचने पर कृष्णकांत अपनी मां से छोटे भाई के बारे में पूछा। कुछ देर बाद दौलत दुबे घर पहुंचा, जिसके बाद कृष्णकांत ने जमीन बंटवारे की बात छेड़ी। इस पर दौलत ने साफ इनकार कर दिया और देखते ही देखते दोनों भाइयों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई।
बताया गया कि झगड़े के दौरान कृष्णकांत ने घर में रखे डंडे से दौलत के पैर पर वार किया। इसके बाद दौलत घर के अंदर गया और हंसिया लेकर आया, जिससे उसने कृष्णकांत के बाएं हाथ की कलाई और कंधे पर हमला कर दिया। घायल अवस्था में कृष्णकांत बचाव की गुहार लगाता रहा।

आरोप है कि इसके बाद दौलत दुबे ने कृष्णकांत को धान एवं महुआ रखने वाले कमरे में धक्का देकर बंद कर दिया। महिला द्वारा बीच-बचाव करने पर आरोपी ने उसे भी पीटकर घर के बाहर कर दिया और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
महिला ने अपने बयान में बताया कि आरोपी अपने दुकान से पेट्रोल से भरा जरीकेन और माचिस लेकर आया और गुस्से में कहने लगा कि “आज इसे जिंदा नहीं छोड़ूंगा।” इसके बाद उसने कमरे के अंदर घुसकर कृष्णकांत के शरीर पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी।
महिला ने खिड़की से पूरी घटना देखी और जोर-जोर से गांववालों को आवाज लगाकर मदद मांगी, लेकिन कोई भी बचाने नहीं आया। देखते ही देखते कमरे में आग भड़क गई और अंदर से कृष्णकांत की आवाज आना बंद हो गया।
कुछ समय बाद पुलिस एवं फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। कमरे से कृष्णकांत दुबे का जला हुआ शव बरामद किया गया, जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी।

पुलिस ने महिला की रिपोर्ट पर आरोपी दौलत दुबे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गांव में दहशत, जमीन विवाद बना बड़ी वजह
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन बंटवारे का पुराना विवाद ही इस जघन्य हत्या का मुख्य कारण बना।

सरायपाली: पड़ताल 35 मिनट में एक टैंकर, फिर रोज 60 कैसे? सरायपाली नगर पालिका के आंकड़ों पर बड़ा सवाल 24 घंटे में 29 घंटे का काम कैसे?

सरायपाली: पड़ताल 35 मिनट में एक टैंकर, फिर रोज 60 कैसे? सरायपाली नगर पालिका के आंकड़ों पर बड़ा सवाल 24 घंटे में 29 घंटे का काम कैसे?

सरायपाली, 24 अप्रैल 2026।
भीषण गर्मी के बीच सरायपाली में पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शहर में पिछले तीन वर्षों से संगम सेवा समिति द्वारा टैंकरों के माध्यम से निःशुल्क पानी उपलब्ध कराया जा रहा था, जिससे सैकड़ों लोगों को राहत मिल रही थी। लेकिन इस वर्ष नगर पालिका परिषद द्वारा पानी उपलब्ध कराने में असमर्थता जताने के बाद यह व्यवस्था अचानक बंद हो गई है, जिससे आमजन में नाराजगी बढ़ गई है।

नगर पालिका के पत्र से बढ़ा विवाद
नगर पालिका द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शहर में पेयजल आपूर्ति ट्यूबवेल के माध्यम से की जा रही है, जहां से प्रतिदिन 50 से 60 टैंकर पानी भरकर विभिन्न वार्डों में भेजे जाते हैं। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि एक टैंकर भरने में लगभग 30 से 35 मिनट का समय लगता है।
महाजनपद न्यूज की पड़ताल में बड़ा गणितीय विरोधाभास
यदि नगर पालिका के दावे को गणित के आधार पर परखा जाए, तो कई सवाल खड़े होते हैं।

एक टैंकर भरने में औसतन 35 मिनट लगते हैं, तो 50 टैंकर भरने में लगभग 1750 मिनट यानी करीब 29 घंटे का समय लगेगा, जबकि एक दिन में केवल 24 घंटे ही होते हैं।
ऐसे में नगर पालिका का 50 से 60 टैंकर प्रतिदिन भरने का दावा व्यवहारिक रूप से संभव नहीं दिखता।

जिम्मेदारों की चुप्पी
मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) दिनेश यादव से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके। बाद में कॉल रिसीव कर बिना जवाब दिए फोन काट दिया गया।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष ने भी संक्षिप्त जवाब देते हुए पत्र का हवाला दिया और विस्तृत जानकारी देने से बचते नजर आए।

 

समिति अध्यक्ष के गंभीर आरोप
संगम सेवा समिति के अध्यक्ष प्रखर अग्रवाल ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी समिति पानी के लिए निर्धारित शुल्क देने को तैयार है, इसके बावजूद पानी नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर पालिका 50–60 टैंकर चलाने का दावा कर रही है, तो वास्तव में केवल 5–6 टैंकर ही क्यों दिखाई देते हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गर्मी में बढ़ी लोगों की परेशानी
तेज गर्मी के बीच पानी जैसी बुनियादी जरूरत प्रभावित होने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। सामाजिक संगठनों द्वारा दी जा रही राहत व्यवस्था के बंद होने से ग्रामीण और शहरी गरीब वर्ग पर सीधा असर पड़ा है।
अब बड़ा सवाल यही है — क्या नगर पालिका अपने दावों पर स्पष्ट जवाब देगी, या यह मामला यूं ही सवालों में उलझा रहेगा?
महाजनपद न्यूज इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है।

महासमुंद पशुपालकों को राहत: सस्ती जेनेरिक दवाओं के लिए खुलेंगे पशु औषधि विक्रय केन्द्र

महासमुंद पशुपालकों को राहत: सस्ती जेनेरिक दवाओं के लिए खुलेंगे पशु औषधि विक्रय केन्द्र

महासमुंद/ केन्द्र सरकार द्वारा पशुपालकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने हेतु Department of Pharmaceuticals (DoP), Ministry of Cooperation & Pharmaceuticals and Medical Devices Bureau of India के सहयोग से प्रदेश में पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।

उप संचालक पशु चिकित्सक सेवाएं डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि पशु औषधि विक्रय केन्द्र के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन हेतु ऑपरेशनल गाइडलाइन के लिए पशु औषधि कम्पोनेंट ऑफ लाइवस्टॉक हेल्थ एंड डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम भारत शासन के विभागीय वेबसाइट http://dahd.gov.in के मुख्य मेनू में पशु औषधि अंतर्गत प्राप्त किया जा सकता है।

इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र एवं सहकारी समितियां, पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित करने के लिए पात्र होंगे। इच्छुक आवेदकों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। भारत सरकार की विभागीय वेबसाइट पर प्रतिदिन दोपहर 3ः00 बजे से 4ः00 बजे तक शैक्षणिक वीडियो भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, महासमुंद से संपर्क कर सकते हैं।

महासमुंद/जिले में डिजिटल जनगणना 2027 हेतु ‘जनगणना प्रकोष्ठ’ का गठन

महासमुंद/जिले में डिजिटल जनगणना 2027 हेतु ‘जनगणना प्रकोष्ठ’ का गठन

महासमुंद/छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग के निर्देशों के परिपालन में भारत की डिजिटल जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में संपादित किया जाएगा। इसके तहत प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाएगा।

उक्त निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में जनगणना प्रकोष्ठ का गठन किया जाना है। इसी क्रम में जिला महासमुंद में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जनगणना कार्य के प्रभावी संचालन, निगरानी एवं संपादन के लिए जिला स्तरीय जनगणना प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।

जनगणना प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह होंगे। वहीं पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत रमेश नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, डिप्टी कलेक्टर (जिला जनगणना अधिकारी) श्री मनोज कुमार खाण्डे तथा उप संचालक सांख्यिकी (अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी) श्रीमती मधु साहू को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसी तरह समाज कल्याण विभाग, खाद्य विभाग, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, कृषि, परिवहन, श्रम, आबकारी, उद्योग, जनसम्पर्क विभाग, आदिम जाति विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्रकोष्ठ में सदस्य बनाया गया है।

महासमुंद/कलेक्टर लंगेह ने जनदर्शन में सुनी समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

महासमुंद/कलेक्टर लंगेह ने जनदर्शन में सुनी समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए।

जनदर्शन में साराडीह महासमुंद निवासी श्री समुन्द बघेल ने क्षतिग्रस्त मकान का मुआवजा दिलाने के लिए आवेदन किया। इसी तरह झलप निवासी श्री मनीराम बरिहा ने खाता विभाजन हेतु, बरेकेल पिरदा निवासी श्री जयप्रकाश बघेल ने नया विद्युत मीटर कनेक्शन के लिए, ठूठापाली भंवरपुर निवासी श्री कांता प्रसाद दीवान ने भंवरपुर में आधार नामांकन संचालन के लिए एवं पोटापारा पिथौरा निवासी श्री सेवक राम साहू ने ऑनलाईन नक्शा में त्रुटि सुधार हेतु आवेदन दिए। इसके अलावा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना, पीएम आवास, अवैध अतिक्रमण, सीमांकन, लम्बित राशि भुगतान संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।