महासमुंद/नरेगा से जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा जिले में 60 करोड़ लीटर जल संरक्षण के कार्य स्वीकृत

महासमुंद/नरेगा से जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा जिले में 60 करोड़ लीटर जल संरक्षण के कार्य स्वीकृत

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्राम पंचायतों में मांग के आधार पर श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों में इन कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

जिला महासमुंद के विकासखंड बसना में मिशन जल संरक्षण के अंतर्गत कंटूर ट्रेंच, सतत कंटूर ट्रेंच, जल अवशोषण खंती, गेबियन संरचना, डाइक निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कुआं निर्माण, निजी आजीविका डबरी, कच्ची नाली, नया तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज तथा नाला डिसिल्टिंग के 7493 कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

इसी प्रकार जनपद पंचायत बागबाहरा, महासमुन्द, पिथौरा एवं सरायपाली में जल संरक्षण से जुड़े 37,640 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने पर जिले में लगभग 60 करोड़ लीटर जल संरक्षण एवं संवर्धन होगा। इसके अलावा जिले में 1016 आजीविका डबरी निर्माण कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे लगभग 23 करोड़ लीटर जल संरक्षण एवं संवर्धन हो सकेगा। निर्मित आजीविका डबरियों से हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन से जोड़ने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करने के निर्देश भी सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए गए हैं।

इन सभी कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जा सके और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो सके।

महासमुंद/सफलता की कहानी किसान कमल के ग्राफ्टेड बैंगन की मांग ओड़िशा तक ग्राफ्टेड बैंगन से खिला कमल का चेहरा एक एकड़ में साढ़े तीन लाख रुपए तक आय

महासमुंद/सफलता की कहानी किसान कमल के ग्राफ्टेड बैंगन की मांग ओड़िशा तक ग्राफ्टेड बैंगन से खिला कमल का चेहरा एक एकड़ में साढ़े तीन लाख रुपए तक आय

महासमुंद/ कहते हैं कि अगर सोच नई हो और तरीका सही, तो खेती सिर्फ गुज़ारा नहीं बल्कि समृद्धि का रास्ता बन जाती है। ऐसा ही कर दिखाया है विकासखण्ड बसना के ग्राम बंसुलीडीह के प्रगतिशील किसान श्री कमल पटेल ने। पारंपरिक खेती से सीमित आय पाने वाले कमल ने जब आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का मदद मिला तो उनकी मेहनत ने उन्हें लाखों की कमाई तक पहुंचा दिया।

पहले श्री कमल पटेल अपनी जमीन पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 15 से 17 क्विंटल उत्पादन मिलता था और आय सीमित रहती थी। लेकिन बदलाव की सोच के साथ उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाई। उन्होंने अपनी कुल 0.40 हेक्टेयर भूमि में उद्यानिकी फसल का उत्पादन शुरू किया, जिसमें पूरी भूमि सिंचित है। आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए उन्होंने अपने खेत में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया। इन तकनीकों के प्रयोग से पानी की बचत और फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी वृद्धि हुई।

श्री पटेल बताते है कि वे पहले अपनी भूमि में पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें लगभग 21 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त होता था और आय भी सीमित थी। बाद में उन्होंने शासन के उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के कारण उन्हें लगभग 50 टन तक उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने सरायपाली और ओडिशा के बाजारों में बिक्री किया। बैंगन का औसत विक्रय मूल्य लगभग 12 रुपये प्रति किलोग्राम प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें अच्छी आय हुई।

इस खेती में प्रति एकड़ लगभग 1,30,000 रुपये की इनपुट लागत, 50,000 रुपये श्रमिक लागत तथा लगभग 20,000 रुपये अन्य खर्च आया। सभी खर्चों को निकालने के बाद श्री कमल पटेल को लगभग 3,50,000 रुपये की कुल बचत प्राप्त हुई। इस प्रकार पारंपरिक खेती की तुलना में उनकी आय में कई गुना वृद्धि हुई। उद्यानिकी खेती से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे उनके सामाजिक स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। वे निरंतर नई कृषि तकनीकों को अपनाने तथा उन्नत पद्धतियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं और विभाग की योजनाओं का लाभ लेते रहते हैं।

महासमुंद/अवैध खनिज उत्खनन व परिवहन पर कार्रवाई, 11 वाहन जप्त

महासमुंद/अवैध खनिज उत्खनन व परिवहन पर कार्रवाई, 11 वाहन जप्त

महासमुंद/ जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने विशेष अभियान चलाकर अवैध खनिज परिवहन एवं उत्खनन में संलिप्त कुल 11 वाहनों को जप्त किया है।

खनिज अधिकारी श्री फागुलाल नागेश ने बताया कि 13 मार्च को अवैध परिवहन के मामले में फर्शी पत्थर खनिज से भरे 02 आईचर वाहन तथा चूना पत्थर से भरा 01 हाईवा वाहन जप्त किया गया। इसी तरह 16 मार्च को अवैध उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुरूम खनिज के अवैध उत्खनन में लगे 02 जेसीबी लोडर तथा 06 हाईवा वाहन जप्त किए गए। इस प्रकार कुल 11 वाहन अवैध उत्खनन एवं परिवहन कार्य में संलिप्त पाए जाने पर जप्त किए गए हैं। सभी जप्त वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से थाना तुमगांव एवं महासमुंद की अभिरक्षा में रखा गया है।

उन्होंने बताया कि जप्त सभी वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर 02 से 05 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। खनिज अधिकारी ने बताया कि पूर्व में भी जिले के खनिज पट्टेदारों एवं परिवहनकर्ताओं को निर्देशित किया जा चुका है कि बिना अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना दंडनीय अपराध है।

कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर नियंत्रण के लिए खनिज अमला द्वारा विशेष अभियान चलाकर निरंतर जांच एवं कार्रवाई की जारी रहेगी।

महासमुंद/जल उत्सव पखवाड़ा ग्राम गोड़बहाल में जल संरक्षण और पेयजल गुणवत्ता जांच पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित

महासमुंद/जल उत्सव पखवाड़ा ग्राम गोड़बहाल में जल संरक्षण और पेयजल गुणवत्ता जांच पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित

महासमुंद/ जल उत्सव पखवाड़ा के अंतर्गत आठवें दिन जिले के विकासखंड पिथौरा के ग्राम गोड़बहाल में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं जल बहनियों को एफटीके किट के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित लोगों को पानी की शुद्धता की जांच करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जल के संचालन एवं संधारण के महत्व पर भी चर्चा की गई तथा ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए जल शपथ भी ली। इस अवसर पर जिन स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज की समस्या थी, वहां मरम्मत कराकर उसका डेमो भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से ग्रामीणों को जल प्रबंधन एवं रखरखाव की जानकारी दी गई, ताकि भविष्य में पानी की बर्बादी को रोका जा सके। कार्यक्रम में ग्रामीण जन एवं पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।

महासमुंद/कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बच्चे को विटामिन ए की दवा पिला कर किया शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ 

महासमुंद/कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बच्चे को विटामिन ए की दवा पिला कर किया शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ

महासमुंद/ जिला स्तरीय शिशु संरक्षण माह मार्च-अप्रैल 2026 का शुभारंभ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बच्चों को विटामिन ए की दवा पिला कर किया गया। शिशु संरक्षण माह शुभारंभ अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू, सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं बच्चों के पालकगण मौजूद थे।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, एनीमिया तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम करना है, ताकि बच्चों का समुचित शारीरिक और मानसिक विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में अवश्य लेकर आएं, ताकि बच्चों को विटामिन-ए एवं आयरन की खुराक देकर उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास तथा अन्य संबंधित विभागों को समन्वय के साथ अभियान का संचालन के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान 9 माह से 59 माह तक के एक लाख 10 हजार 493 बच्चों को विटामिन-ए सिरप पिलाया जाएगा तथा 6 माह से 59 माह तक के एक लाख 4 हजार 355 बच्चों को आयरन एवं फोलिक एसिड सिरप वितरित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को विशेष स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ पोषण संबंधी सेवाएं भी प्रदान की जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव में जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी, जिससे अधिक से अधिक बच्चों तक इस अभियान का लाभ पहुंचाया जा सके।

अभियान के दौरान बच्चों का वजन एवं स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा, एनीमिया की जांच की जाएगी तथा अभिभावकों को पोषण और स्तनपान संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा। इसके अलावा गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए आवश्यकतानुसार रेफर भी किया जाएगा, ताकि समय पर उनका समुचित इलाज सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए बच्चों की आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखने में सहायक होता है तथा रतौंधी से बचाव करता है। इसके साथ ही यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे वे संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाते हैं और उनकी शारीरिक वृद्धि एवं विकास भी बेहतर होता है।

महासमुंद/जनदर्शन में कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने सुनी आमजन की समस्याएं, 70 आवेदन प्राप्त 

महासमुंद/जनदर्शन में कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने सुनी आमजन की समस्याएं, 70 आवेदन प्राप्त

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 70 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान 4 वर्षीय रियांश साहू (महासमुंद) के परिजनों ने बच्चे के श्रवण एवं स्पीच थेरेपी हेतु सहायता का आवेदन प्रस्तुत किया। बताया गया कि रियांश को सुनने में समस्या है तथा 3 वर्ष पूर्व मेकाहारा में उसका ऑपरेशन भी हो चुका है। इस पर कलेक्टर श्री लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक जांच एवं समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि उचित इलाज के माध्यम से रियांश को सुनने में मदद मिल सकेगी। इससे नन्हा रियांश जल्दी ही अपने कानों से सुन सकेगा।

इसी प्रकार दिव्यांग पूनम पटेल द्वारा मानस मंडली में पंजीयन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी तरह महासमुंद निवासी सुभद्रा बाई ने झुग्गी झोपड़ी का पट्टा दिलाने हेतु, ग्राम बेलर निवासी हेमलाल ध्रुव ने सड़क निर्माण हेतु, महासमुंद निवासी हेमंत चंद्राकर एवं ग्राम मुनगासेर निवासी राधेश्याम बंजारा ने अतिक्रमण हटाने, ग्राम बिरकोनी निवासी जामनी बाई ने राशन कार्ड बनवाने, ग्राम बड़े टेमरी सांकरा निवासी श्यामलाल भोई ने वन अधिकार पट्टा दिलाने, पिथौरा निवासी सुरेंद्र बरिहा ने मत्स्य पालन हेतु अनुमति के लिए, ग्राम खरोरा निवासी श्यामलाल नौरंगे ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए एवं ग्राम सोनासिल्ली के ग्रामवासियों ने राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु आवेदन किया।

कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें तथा आवेदकों को समय पर राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

महासमुंद/कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश धान उठाव के कार्य में तेजी लाएं 

महासमुंद/कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश धान उठाव के कार्य में तेजी लाएं

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री लंगेह ने बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में धान उठाव के कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 15 हजार क्विंटल धान का उठाव सुनिश्चित करें तथा धान का उठाव 25 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। वर्तमान में 1.48 लाख मीट्रिक टन धान उठाव के लिए शेष है। कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में कुपोषण को समाप्त करने के लिए अधिकारियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए हैं तथा चिन्हांकित कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें पोषित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा कलेक्टर ने पोस्ट मास्टर को आवश्यक समन्वय कर आंगनवाड़ी के बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने टेक होम राशन अंतर्गत शत प्रतिशत बच्चों, गर्भवती और शिशुवती माताओं को वितरण के निर्देश दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी छात्रों के अपार कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वय वंदन योजना तथा आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए है कि सभी अधिकारी-कर्मचारी मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में रहें तथा प्रतिदिन प्रातः 10 बजे समय पर कार्यालय पहुंचे तथा आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय पर उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। ई-ऑफिस प्रणाली में नियमित पत्राचार करते हुए इसे व्यववहार में प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत सर्वे के लिए पोर्टल पर पात्र हितग्राहियों का सर्वे समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मानव दिवस बढ़ाने के निर्देश दिए है। वर्तमान में 545 पंचायतों में 45 हजार मजदूर कार्य पर लगे हैं। साथ ही गांव-गांव में कचरा संग्रहण की शुरुआत करने के निर्देश दिए। विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसे गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगरीय निकायों के सीएमओ को नियमित साफ-सफाई एवं कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संपूर्णता अभियान के अंतर्गत सभी संकेतकों को पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया तथा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में 6 में से 5 संकेतांक पूर्ण हो गए हैं।

कलेक्टर ने जल संचयन भागीदारी 2.0 योजनांतर्गत शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों में सोख्ता गड्ढा सहित जल संचयन के लिए विशेष पहल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा अंतर्गत जल संचयन के कार्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनचौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य विभागों से संबंधित पत्रों एवं लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बसना : कर्मा माता जयंती समारोह में उमड़ा आस्था का सैलाब, भागवत कथा में शामिल हुए मोक्ष कुमार प्रधान

बसना : कर्मा माता जयंती समारोह में उमड़ा आस्था का सैलाब, भागवत कथा में शामिल हुए मोक्ष कुमार प्रधान

बसना तहसील के ग्राम बोहारपार स्थित कर्मा माता मंदिर में आयोजित तहसील स्तरीय कर्मा माता जयंती समारोह 2026 के अंतर्गत चल रहे श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ एवं ज्ञानयज्ञ सप्ताह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। धार्मिक माहौल के बीच क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं।

इसी कड़ी में मोक्ष कुमार, प्रधान जिला पंचायत सदस्य भी मोर जिला पंचायत मोर गांव बोहारपारा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कथा स्थल पहुंचकर कर्मा माता मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की।

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आस्था, संस्कार और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन को सही मार्ग दिखाने का कार्य करती है और समाज को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनती है।

कार्यक्रम में कथा वाचन के साथ-साथ प्रतिदिन भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी कथा का कर्मा माता जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम 12 मार्च से 18 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक प्रसंगों पर कथा का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सहयोग प्रदान किया।

सरायपाली: कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है , बकाया पैसे मांगने पर मारपीट, 60 ग्राम सोने की चैन छीनने का आरोप था

सरायपाली: कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है , बकाया पैसे मांगने पर मारपीट, 60 ग्राम सोने की चैन छीनने का आरोप था

सरायपाली। महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र से मारपीट और सोने की चैन छीनने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रकरण में न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सरायपाली में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर ग्राम मोखापुटका निवासी डिग्रीलाल पटेल (47 वर्ष) ने सरायपाली निवासी नीलेश अग्रवाल (32 वर्ष) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
आवेदक ने अपने परिवाद में बताया कि उसने दिनांक 29 मई 2024 को आरोपी को 49.40 क्विंटल धान 2000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल 98,800 रुपये में बेचा था। इसमें से आरोपी द्वारा 90,000 रुपये का भुगतान कर दिया गया था, जबकि 8,800 रुपये बकाया रह गया था।

शिकायत के अनुसार, दिनांक 9 जून 2024 को सुबह करीब 11 बजे जब वह बकाया राशि लेने के लिए आरोपी के पास मेन रोड सरायपाली स्थित उसके दुकान/स्थान पर पहुंचा, तब आरोपी ने गाली-गलौच करते हुए उसे अपशब्द कहे और हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी।

आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने डिग्रीलाल पटेल के गले से करीब 60 ग्राम वजनी सोने की चैन जबरन खींच ली और वापस करने से इंकार कर दिया। घटना के दौरान मौजूद गवाह बोरेलाल (निवासी झारबंध) और हेमलाल (निवासी मोखापुटका) ने बीच-बचाव किया।

मामले को लेकर आवेदक ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरायपाली के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय द्वारा दिनांक 08 अगस्त 2025 को धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत आदेश जारी करते हुए थाना प्रभारी सरायपाली को आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जांच करने के निर्देश दिए गए।

न्यायालय के आदेश के परिपालन में पुलिस ने आरोपी नीलेश अग्रवाल के खिलाफ धारा 378 (चोरी), 294 (गाली-गलौच) और 506 (धमकी) भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बागबहरा में टीकाकरण के बाद पुलिसकर्मी के बेटे की मौत, स्वास्थ्य केंद्र पर उठे सवाल

बागबहरा में टीकाकरण के बाद पुलिसकर्मी के बेटे की मौत, स्वास्थ्य केंद्र पर उठे सवाल

बागबहरा। बागबहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। डीपीटी का टीका लगने के कुछ घंटे बाद एक 5 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जिससे स्वजनों में आक्रोश है। जानकारी के अनुसार महासमुंद निवासी नरेंद्र यादव खल्लारी थाना में पदस्थ हैं और बागबाहरा में निवासरत हैं।

यहां नैतिक यादव (5 वर्ष) के पिता नरेंद्र यादव सोमवार को बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित टीकाकरण के तहत डीपीटी का टीका लगाने गए। बताया जा रहा है कि पांच वर्ष की आयु पूरी होने पर लगाए जाने वाले इस टीके के कुछ ही घंटों बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई।

बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक का माहौल छा गया। स्वजनों ने स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि बच्चे का पोस्टमार्टम बाहर की विशेषज्ञ टीम से कराया जाए, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।

घटना के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जांच के बाद ही बच्चे की मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

नरेंद्र यादव ने बताया कि टीकाकरण के बाद नैतिक को घर लाया गया। भोजन करने के बाद बच्चा सोया था। शाम पांच बजे पत्नी ने फोन पर बताया कि बच्चे का मुंह खुला है। अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित किया गया