महासमुंद / पिथौरा PM आवास योजना में फर्जीवाडा सचिव को निलंबित कर कार्यवाही के नाम से जिला सीईओ के द्वारा केवल खाना पूर्ति किया गया है ।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंचायत सचिव ने अपने स्वयं के नाम से कराया आवास स्वीकृति । उक्त सचिव को निलंबित कर कार्यवाही के नाम से जिला सीईओ के द्वारा केवल खाना पूर्ति किया गया है ।पीएम आवास योजना के पिथौरा विकास खण्ड समन्वयक एवं जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर एक वर्ष बितने के बाद भी अबतक नहीं हूई कोई कार्यवाही ।
महासमुन्द : मिली जानकारी अनुसार जिला महासमुंद विकास खण्ड पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंटगतराई में चैतराम साहू पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ था जो कि वर्तमान में निलंबित है। सचिव चैतराम साहू पिथौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बडेटेमरी का मूल निवासी है। सचिव चैतराम साहू ने अपने गृह ग्राम बडेटेमरी में वर्ष 2020-21 में एक शासकीय कर्मचारी होते हुए जो कि पीएम आवास योजना के नियमानुसार पूर्णतः अपात्र है यह जानते हुए भी अधिकारियों के साथ सांठ – गांठ कर अपने स्वंय के नाम से पीएम आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति कराकर राशि आहरण किया गया है।
मामले की खुलासा होने के बाद सचिव चैतराम साहू को दिनांक 01 दिसंबर 2023 को जिला सीईओ महासमुंद के द्वारा निलंबित कर कार्यवाही के नाम पर केवल खाना पूर्ति किया गया है । जबकी उक्त अपात्र हितग्राही सचिव चैतराम साहू के नाम से आवास स्वीकृति के संबंध में ग्राम पंचायत बडेटेमरी के सचिव जिसका पंजीयन प्रपत्र में हस्ताक्षर है एवं जियो टेग करने वाला कर्मचारी , जनपद पंचायत पिथौरा में अधिकरियों के द्वारा पंंजीयन प्रपत्र को स्वीकृति भी नहीं कि गई और नोट सीट भी नहीं चलाया गया है और अपात्र हितग्राही सचिव चैतराम साहू को 65 हजार रूपये भुगतान कर दिया जाना अधिकारी कर्मचारियों का संलिप्तता स्पष्ट परिलक्षित होता है । उसके बाद भी सीईओ जिला पंचायत महासमुंद के द्वारा जानबुझकर दोषियों को बचाने के आशय से इतने बडे फर्जीवाडा मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है ।
*पिथौरा जनपद से दस्तावेज गायब, हेड ऑफिस रायपुर में वही दस्तावेज उपलब्ध*
इस संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा से रूपानंद सोई को दिनांक 04/12/2023 को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार पंचायत सचिव चैतराम साहू के द्वारा उक्त आवास के संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा में जमा किया गया पंजीयन प्रपत्र उपलब्ध नहीं होना और नोट सीट भी नहीं चलाया जाना बताया गया , उक्त पंजीयन प्रपत्र को तीन अधिकारी डी.एल बरिहा, तेजेन्द्र साहू एवं ऋषिकांंत साहू के द्वारा दो दिन तक खोज बिन किया गया लेकिन जनपद कार्यालय में उक्त पंजियन प्रपत्र नहीं मिला । उक्त विभाग के अधिकारी दस्तावेज न मिलने का ढोंग रचकर मामले को रफा दफा करने में लगे हैं । जबकी उक्त आवास की पंजीयन प्रपत्र कार्यालय संचालक , पीएम आवास योजना – ग्रामीण , छत्तीसगढ , नवा रायपुर में उपलब्घ है।
*सचिव चैतराम साहू के द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं क्या है उसकी सच्चाई -*
उक्त मामले में दिनांक 02 नवंबर 2023 को सचिव चैतराम साहू के द्वारा जनपद सीईओ पिथौरा के समक्ष लिखित में जवाब प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि त्रुटीवश उनके नाम से आवास स्वीकृति हो गया है , जिसकी दो किस्त की राशि 65 हजार रूपये उसके बैंक खाता में प्राप्त हुआ है । न ही उसके द्वारा राशि आहरण किया गया है, और न ही आवास का निर्माण किया गया है ।
जबकी सच्चाई यह है कि सचिव चैतराम साहू किसी अन्य व्यक्ति के निर्माणाधिन आवास में खडे होकर जियो टेग कराया है । उक्त आवास से संबंधित प्रस्तुत पंजीयन प्रपत्र में सचिव चैतराम साहू की पत्नि कल्याणी साहू का बैंक खाता की जानकारी दी गई है। लेकिन जनपद पंचायत पिथौरा के अधिकारियों के द्वारा सचिव चैतराम साहू के बैंक खाता में 65 हजार रूपये भुगतान किया गया है ।



