Monday, February 9, 2026
पिथौरापिथौरा : धान नहीं बिकने से भड़के किसान, 50 से अधिक ट्रैक्टरों...

पिथौरा : धान नहीं बिकने से भड़के किसान, 50 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ तहसील घेराव आंदोलन मे बीजेपी नेता भी शामिल 

पिथौरा : धान नहीं बिकने से भड़के किसान, 50 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ तहसील घेराव आंदोलन मे बीजेपी नेता भी शामिल

IMG-20250916-WA0012(2)
IMG-20250910-WA0001(2)
IMG-20250901-WA0011
IMG-20250908-WA0014(1)
WhatsApp-Image-2025-08-01-at-09.59.00_bcc6eb55 (1)
IMG-20250923-WA0011 (2)
WhatsApp-Image-2025-09-21-at-15.05.31_f88b8d4c
IMG-20251008-WA0036(1)
GridArt_20251009_232600188
IMG-20251014-WA0016(1)
IMG_20251014_223411
GridArt_20251014_224215691
GridArt_20251014_225846989
GridArt_20251014_230348033
GridArt_20251211_151829804
IMG-20260127-WA0008
GridArt_20260131_111915253

पिथौरा।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी नहीं हो पाने से आक्रोशित ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित राजाडेरा के सैकड़ों किसानों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने धान से लदे 50 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नगर क्षेत्र में लगभग आधा किलोमीटर तक ट्रैक्टरों की लंबी कतारें देखी गईं।

WhatsApp Image 2025-09-21 at 15.05.29_0f650f3a
IMG-20250901-WA0010(1)
IMG-20250923-WA0011(1)
IMG-20250923-WA0012(1)
IMG-20250925-WA0012
IMG-20250930-WA0008(1)
IMG-20250928-WA0004
IMG-20251008-WA0035(1)
GridArt_20251014_224656444
GridArt_20251014_225226326
GridArt_20251014_230804378
GridArt_20251211_151017347
GridArt_20260131_112311586

बताया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 30 जनवरी तक निर्धारित की गई थी, लेकिन मंडी समिति कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई खरीदी केंद्रों में 1 दिसंबर के बाद ही खरीदी सुचारू हो सकी। वहीं सीमित आवक लिमिट के चलते राजाडेरा धान खरीदी केंद्र के 52 किसान पूरी तरह से समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित रह गए। इन किसानों का एक दाना भी सरकारी खरीदी में नहीं लिया गया। इसके अलावा करीब 99 किसान दूसरे चरण में खरीदी की आस लगाए बैठे रहे, लेकिन उन्हें भी निराशा हाथ लगी।

IMG-20250913-WA0022
IMG-20250816-WA0034
IMG_20251004_021325
IMG_20251004_020844
IMG-20250923-WA00131
IMG-20251014-WA0015

किसानों के अनुसार केवल राजाडेरा केंद्र में ही करीब 6 हजार क्विंटल धान की खरीदी नहीं हो सकी। किसानों का आरोप है कि उन्होंने कई बार खरीदी तिथि बढ़ाने और लिमिट हटाने की मांग की, लेकिन शासन-प्रशासन ने इस ओर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

IMG-20251203-WA0002
IMG-20251203-WA0005
IMG-20251203-WA0006

तहसील कार्यालय पहुंचने पर पुलिस प्रशासन ने मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर किसानों को रोक दिया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, हालांकि एक तरफ से यातायात व्यवस्था चालू रखी गई।

IMG-20251203-WA0004
GridArt_20251211_151829804
GridArt_20251211_152241225
IMG-20251211-WA0029

इस आंदोलन में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई नेता भी शामिल रहे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता सादराम पटेल एवं प्रेमशंकर पटेल ने कहा कि वे पहले किसान हैं, बाद में राजनीतिक कार्यकर्ता। सादराम पटेल ने कहा कि जिन किसानों ने धान नहीं बेचा है, उन पर बैंक ऋण का भारी बोझ है और अब उसकी भरपाई कैसे होगी, यह सबसे बड़ा सवाल है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि इस वर्ष प्रशासन द्वारा बार-बार दबाव बनाया गया और कुछ स्थानों पर घरों से धान जब्ती की कार्रवाई भी की गई, जिससे किसानों में भारी रोष है। इस दौरान किसानों ने “गांजा नहीं, हम धान उगाते हैं” जैसे नारों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।

बाद में तहसीलदार मनीषा देवांगन ने मौके पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। आंदोलन में अरण्ड, टेका, सोनासिल्ली, खुटेरी, कौहाकुड़ा, बरेकेल, पिथौरा, सुखीपाली, बगारपाली, राजाडेरा, जम्हर, खुशरूपाली, गोडबहाल, कोकोभाठा, छिबर्रा और कोचर्रा सहित आसपास के गांवों के किसान बड़ी संख्या में शामिल रहे।

इस दौरान एसडीएम बजरंग सिंह वर्मा और तहसीलदार लगातार उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा करते रहे। किसानों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनका धान समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष पूरे छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मामले में महासमुंद जिला प्रदेश में अव्वल रहा है, इसके बावजूद जिले के सैकड़ों किसानों का लाखों क्विंटल धान तिथि और लिमिट की वजह से नहीं बिक सका, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।

बयान
कलेक्टर, डीएमओ, मार्कफेड के अधिकारी, डीआरसीएच और सीसीपी नोडल को मामले की जानकारी दे दी गई है। यह उच्च स्तर पर निर्णय का विषय है। किसानों की मांगें वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दी गई हैं।
— बजरंग सिंह वर्मा, एसडीएम पिथौरा

WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.58.59_16c64a20
WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.58.59_3be423df
WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.59.01_6e96dcfe
IMG-20250916-WA0013(1)
IMG-20250916-WA0008(1)
IMG-20250923-WA0013(1)
IMG-20251009-WA0005(1)
spot_img

ADV.

spot_img
RECENT POSTS

महासमुंद थाना सांकरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 105 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद थाना सांकरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 105 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार महासमुंद। थाना सांकरा क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध...

हेल्थ प्लस

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम में मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग परामर्श शिविर 8 फरवरी को,सुबह 11बजे से विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पंकज शाह देंगे सेवाएं

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम में मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग परामर्श शिविर 8 फरवरी को,सुबह 11बजे से विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पंकज शाह देंगे सेवाएं बसना। क्षेत्रवासियों...