बागबाहरा / प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिली उड़ान: श्री जमील ने 30 एकड़ में खड़ा किया आधुनिक फिश फार्म
महासमुंद/ जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भुरकोनी के प्रगतिशील मत्स्य कृषक श्री अब्दुल जमील ने अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता से मछली पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाते हुए मत्स्य पालन विभाग से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें विभिन्न मछलियों की प्रजातियों, उनके व्यवहार, गुणवत्ता, रोग एवं उनके उपचार की समुचित जानकारी मिली, जिससे उन्होंने अपने उत्पादन को बेहतर और टिकाऊ बनाया।
श्री जमील बताते हैं कि शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद जब उन्हें कोई उपयुक्त रोजगार नहीं मिला, तब उन्होंने छोटे स्तर पर मछली पालन कार्य की शुरुआत की। प्रारंभ में सीमित संसाधनों के साथ शुरू किया गया यह कार्य उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी के बल पर निरंतर आगे बढ़ता गया। वर्तमान में वे लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एस.एफ. फिश फार्म का सफल संचालन कर रहे हैं।
श्री जमील द्वारा एकीकृत मत्स्य पालन प्रणाली को अपनाया गया है, जिसमें मछली पालन के साथ-साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन एवं फसल उत्पादन भी किया जा रहा है। इस समन्वित कृषि प्रणाली ने उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ जोखिम को भी कम किया है। उनके फार्म में पंगास, तिलापिया, रोहू, कतला एवं मृगाल जैसी प्रमुख मछलियों का उत्पादन किया जाता है। इसके साथ ही वे रोहू, कतला एवं मृगाल के उन्नत बीज उत्पादन का कार्य भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कर रहे हैं। उनके द्वारा उत्पादित मछलियों की आपूर्ति आसपास के विभिन्न बाजारों में की जाती है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार और पोषण सुरक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
श्री अब्दुल जमील वर्ष 2000 से मछली पालन कर रहे हैं और एक प्रगतिशील मछली उत्पादक हैं। साथ ही आधुनिक पद्धित से एकीकृत मछली पालन करते हैं, इसीलिये उन्हें राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस 10 जुलाई 2025 में श्रेष्ठ मत्स्य कृषक पुरस्कार प्रदान किया गया।किया आधुनिक एस.एफ. फिश फार्म



