युवक की मौत के मामले में मजदूर दलाल समेत तीन गिरफ्तार, विभिन्न धाराओं में केस दर्ज
रिपोर्ट – ललित मुखर्जी, 91111 94424
छत्तीसगढ़ महासमुन्द पिथौरा :स्थानीय मजदूर दलाल के कार्यालय में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों ने शनिवार को किये दिनभर के विरोध प्रदर्शन के बाद, पुलिस ने आखिरकार तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
प्रथम सूचना तथ्य):मैं ग्राम कौहाबाहरा थाना राजादेवरी जिला बलौदाबाजार हॉल ग्राम किशनपुर थाना पिथौरा जिला महासमुन्द की रहने वाली हूं, रोजी मजदूरी का काम करती हूं। मेरे पति मृतक जलंधर यादव पिता सम्पत यादव उम्र 41 वर्ष साकिन ग्राम कौहाबहरा थाना राजादेवरी जिला बलौदाबाजार हॉल ग्राम किशनपुर थाना पिथौरा जिला महासमुन्द को हीरालाल यादव ग्राम पीलवापाली एवं ग्राम छतवन के बदन सिन्हा , घनश्याम राजपूत ऊर्फ धन्नू राजपूत और उसके अन्य साथी द्वारा मारकर उसके शव को फांसी के फंदे में लटका दिया था जिस संबंध में कार्यवाही हेतु लिखित आवेदन प्रस्तूत कर रही हूं । प्रार्थीया के लिखित आवेदन पर अपराध धारा 127(2),140(3),108,3(5) B.N.S का घटित होना पाये जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया है।
लिखित आवेदन नकल जैल है – प्रति श्रीमान थाना प्रभारी थाना पिथौरा जिला महासमुन्द विषयः – मेरे पति जलंधर यादव के मृत्यू के संबंध में रिपोर्ट दर्ज करने बाबत। महोदय, मैं अंजली यादव पति स्व0 जंलधर यादव ग्राम किशनपुर थाना पिथौरा की रहने वाली हॅू। कक्षा चैथी तक पढी लिखी हूं। रोजी मजदूरी का काम करती हूं। मेरी शादी वर्ष 2010 मे जलंधर यादव पिता सम्पत यादव उम्र 41 साल निवासी रवान कौहाबाहरा से सामाजिक रीति रिवाज से हुआ है, जिससे मेरे तीन बच्चे है, सबसे बडा लडका देवेन्द्र यादव उम्र 14 साल, मंझली कु0 दीपा यादव उम्र 12 साल, सबसे छोटा लडका समीर यादव उम्र 10 साल है। मै और मेरा पति जलंधर यादव अपने दूधमुहा बेटा देवेन्द्र यादव को साथ लेकर वर्ष 2011 मे ईट भट्ठा मे काम करने रायबरेली(उ0प्र0) गये थे, जो 06 माह काम करने के बाद वापस अपने घर रवान कौहाबाहरा आ गये थे। इसके बाद अपने परिवार के साथ अलग अलग ठेकेदार के साथ ईट भट्ठा मे काम करने गये थे, आज से लगभग 02 साल पूर्व मे मेरे पति जलंधर यादव ईट भठ्ठा ठेकेदार नरेन्द्र राजपुत, धन्नु राजपुत से
40,000रू0 रूपये लिये थे, जिसकी जानकारी मुझे नही थी, पैसा खत्म होने के बाद मुझे पैसा एडवांस लेने के संबंध मे बताये, उस समय मेरा पैर नही चल रहा था, तब मै अपने पति को पैर नही चल रहा है इस साल नही जायेगे बोली, इसके बाद हम दोनो पति पत्नि के मध्य घरेलु विवाद के चलते मै अपने मायके ग्राम सांकरा आ गयी थी और मेरा पति ईट भठ्ठा मे काम करने चला गया था, मेरा पति घर से बाहर लगभग 02 साल रहे उसके बाद मुझे लेने मेरे मायके आये मै अपने मायके मे लगभग 02 साल रही, मै अपने पति के साथ रवान कौहाबाहरा आयी, मुझे मेरे सास ससुर के पास छोडकर पुनः मेरे पति रोजी मजदूरी काम करने गये, मेरी सास सुलोचना यादव को लकवा मारने के बाद मेरा पति लगभग 08 माह बाद घर ग्राम रवान कौहाबाहरा आये, वहां हम लोग लगभग 01 माह रहे उसके बाद हम सभी परिवार ग्राम किशनपुर थाना पिथौरा आ गये। मेरी सास सुलोचना यादव को लकवा मारने के कारण मै उनके स्थान मे आंगनबाडी ग्राम किशनपुर मे खाना बनाने के लिए जाती थी। दिनांक 18.09.2025 को सुबह के लगभग 05.30 बजे हमारे घर का कुत्ता के भौकने पर मेरा पति कुता का आवाज सुनकर कमरा से बाहर अकेला निकला, मै बच्चो के साथ कमरे मे थी, कमरा सीधा होने के कारण मुझे मेरे घर के दरवाजा मे हीरालाल यादव निवासी पिलवापाली थाना पिथौरा जिसको मै जानती पहचानती हूं, खडा था, घर के बाहर दो व्यक्ति खडे थे, जिसको मै नही पहचानती हूं मेरे पति को बोला चल उनसे बात कर लेना जिनसे पैसा लिये हो, तब मेरा पति बोला कि मै जाऊंगा रूको मुझे बाथरूम से आने दो बोला तो हीरालाल यादव हम लोग कुछ नही जानते चल बोला, उसे कपडा भी पहनने नही दिया, उसे लंुगी मे ही जबरदस्ती कार मे बिठाकर ले गये, उस दिन दिनभर मेरे पति का पता नही चला, उसी दिन शाम के लगभग 07.00 बजे बदन सिन्हा निवासी छतवन चैकी बया हमारे घर आया तो मै उसे बैठने के लिए कुर्सी दिया बैठने के बाद मुझे बोला कि पैसा दोगे या भठ्ठा जाओंगे, तब मै उसको बोला कि मै अपने पति के बिना कैसे जवाब दूंगी, उसे तो ले गये हो, तब मेरा छोटा बेटा समीर यादव उनको पुछा कि मेरे पापा को खाना दिये हो कि नही, तब वह बोला कि उसका हाथ हिल रहा था, तब मै उसे एक पौवा शराब व खाना देकर आया हूॅ बताया, और बोला कि मै दूसरे दिन आंऊंगा और तुम लोगो को बाल बच्चे सहित लेकर जाऊंगा तब मै उसे हा बोली, दूसरे दिन दिनांक
19.09.2025 को सुबह के लगभग 06.00 बजे आंगनबाडी कार्यकत्र्ता की हडताल मे रायपुर चली गई थी, शाम के लगभग 05.00 बजे आयी, कुछ देर के बाद मेरी मौसी फगनी सिन्हा आयी और मुझे बतायी कि बदन सिन्हा दोपहर के लगभग 01/00 बजे आया था जो जलंधर के परिवार कहा है पूछने पर उसकी माॅ है बतायी तब जलंधर का छोटा बेटा समीर उसको पुछा कि पापा कहा है, मेरे पापा के लिए कपडा ले जा बोला तब बदन सिंन्हा बोला कि तुम्हारे पापा कभी नही आयेगा, बोलकर चला गया कुछ देर के बाद मै अपने घर मे खाना बना रही थी उसी समय मेरी छोटी ननंद जानकी यादव आयी और बोली कि मेरा भैया कहा है, तब मै उसको बतायी कि भठ्ठा ठेकेदार लेकर गये है, कब और कैसे लेकर गये तब मै उसको घटना के संबंध मे बतायी, तब मेरी ननंद बोली कि मेरे भैया जलंधर यादव को ईट भठठा ठेकेदार मार दिये है। खबर सुनकर मै अपने परिवार वालो को बतायी और परिवार वालो के साथ थाना पिथौरा आये और थाना स्टाफ के साथ स्वास्तिक ऑटो ड्रिल के आफिस पहुंचे, आफिस के सामने गेट मे ताला बंद था, तब ताला को खोलने पर पुलिस स्टाफ के साथ अंदर गये छत के ऊपरी दूसरी मंजिल गये जहा कमरे मे मेरा पति खिडकी पर फांसी के फंदे पर लटका था, तब पुलिस वाले हमारे सामने शव को फांसी से उतराकर सरकारी अस्पताल पिथौरा लाये और शव को सुरक्षार्थ रखे, दिनांक 20.09.2025 को मेरा पति की पंचनामा
कार्यवाही मे उपस्थित रही, मै शव को देखी हूं, उसके शरीर मे किसी प्रकार से कोई चोट खरोच नही था, तब पुलिस वाले शव की पंचनामा कार्यवाही कर पीएम कराया, मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरे पति को भठ्ठा सरदार हीरालाल यादव साकिन पिलवापली और बदन सिन्हा निवासी छतवन एवं घनश्याम राजपूत ऊर्फ धन्नु राजपुत निवासी जंघोरा व्दारा हत्या कर उसे फांसी मे लटका दिये थे। अतः श्रीमान जी से निवदेन है कि हीरालाल यादव, बदन सिन्हा एवं घनश्याम राजपूत ऊर्फ धन्नु राजपुत के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की कृपा करें। हस्ताक्षर स्पष्ट हिन्दी में नाम- अंजली यादव स्थाई पता- ग्राम कौहाबाहरा थाना – राजादेवरी जिला- बलौदाबाजार हाल पता- ग्राम किशनपुर
35 वर्षीय जलंधर यादव की मौत का है, जो बलौदाबाजार क्षेत्र का है जिनका शव 19 सितंबर की शाम को मजदूर दलाल घनश्याम (धन्नू) राजपूत के स्वास्तिक नामक ऑफिस के एक कमरे की खिड़की से लटका मिला था। इसके बाद से ही मृतक के परिजन इसे हत्या बताते हुए लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
शनिवार, 20 सितंबर को, परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने के सामने जमकर प्रदर्शन किया। बढ़ते दबाव के बीच, देर शाम पुलिस ने मजदूर दलाल घनश्याम (धन्नू ) राजपूत और उसके दो सहयोगियों, हीरालाल यादव और बदन सिन्हा को मुख्य आरोपी बनाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 127 (2), 140 (3), 108, और 3 (5) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान और भी नाम सामने आ सकते हैं। वहीँ प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद, रात करीब 10 बजे पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों ने लगाया अपहरण का आरोप
मृतक जलंधर यादव के परिजनों का आरोप है कि 17 सितंबर को किशनपुर स्थित उनके घर से मजदूर दलाल के चार लोग जबरन जलंधर को एक कार में बैठाकर ले गए थे। इसके तीन दिन बाद, 19 सितंबर को उनकी लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने शुरू से ही हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
नियमों को ताक पर रखकर होता है मजदूरों का पलायन
इस घटना ने एक बार फिर महासमुंद जिले में सक्रिय मजदूर दलालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के अनुसार, जिन मजदूरों को दूसरे राज्यों में काम के लिए भेजा जाता है, उनका श्रम विभाग में पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण तथा बीमा होना अनिवार्य है।
पलायन की दलाली से कई मजदूर दलाल बने करोड़पति
हालांकि इन सभी नियमों को ताक पर रखकर मजदूर दलालों द्वारा बड़े पैमाने पर मजदूरों का पलायन कराया जाता है। जिले से मजदूरों को उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में ले जाया जाता है, जहाँ कई बार उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराने की भी खबरें सामने आती हैं। स्वाभिमान न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार कुछ मजदुर दलालों के पास सीमित संख्या में मजदूरों को ले जाने का लाइसेंस तो होता है, लेकिन उसकी आड़ में वे हजारों मजदूरों को अवैध रूप से भेजकर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाते हैं।
इस अवैध कारोबार के चलते महासमुंद जिले के कई मजदूर दलालों की संपत्ति करोड़ों में है। यदि संबंधित विभाग इन मजदूर दलालों की संपत्ति की निष्पक्षता से जांच करे, तो करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क हो सकती है



