महासमुंद /धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने बेलसोंडा में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित

महासमुंद /धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने बेलसोंडा में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित

महासमुंद /‎मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव के निर्देशन में ग्राम पंचायत बेलसोंडा को धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के उद्देश्य से बेलसोंडा में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित की गई। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे एवं जिला नोडल अधिकारी एन टी सी पी डॉक्टर छत्रपाल चंद्राकर की उपस्थिति में बैठक संपन्न की गई। बैठक में सरपंच, उपसरपंच, पंच, शिक्षा विभाग के संकुल समन्वयक, शिक्षक गण, मितानिन, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण व छात्र- छात्राएं मौजूद थे।

बैठक में पीपीटी के माध्यम से धूम्रपान के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया व नशा मुक्ति केंद्र व कोटपा अधिनियम के समस्त धाराओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। तथा मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, टी बी मुक्त पंचायत विषय पर चर्चा की गई। साथ ही ग्राम पंचायत को धूम्रपान मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व उससे संबंधित आईईसी वितरित की गई। विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों को शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व tofei की प्रक्रिया पूर्ण की गई। तत्पश्चात मितानिनों के द्वारा दीवार लेखन का कार्य पूर्ण किया गया व विद्यार्थियों के साथ रैली का आयोजन किया गया।

बसना सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी, 12 SHG के 40 सदस्य हुए पूरी रवाना

बसना सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी, 12 SHG के 40 सदस्य हुए पूरी रवाना

सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी, 40 महिलाएँ पूरी भ्रमण पर रवाना 12 स्व सहायता समूहों के 40 सदस्य दिशा-दर्शन यात्रा पर रवाना, सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल – स्व सहायता समूहों को मिलेगा नया अनुभव

बसना। एकीकृत बाल विकास परियोजना बसना अंतर्गत आयोजित दिशा-दर्शन भ्रमण कार्यक्रम के तहत बसना ब्लॉक के 12 स्व सहायता समूहों के 40 सदस्यों को जनपद पंचायत बसना के सभापति प्रकाश सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह भ्रमण कार्यक्रम महिला स्व सहायता समूहों के सशक्तिकरण एवं आयवर्धन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। भ्रमण के दौरान समूह की माताएँ-बहनें विभिन्न सफल मॉडलों का अध्ययन कर आत्मनिर्भरता, प्रबंधन कौशल एवं आजीविका संवर्धन के नए आयाम सीखेंगी।

भ्रमण पर जा रही माताओं-बहनों को सफल एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएँ देते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर परियोजना अधिकारी श्री रामसिंह मिरी, पर्यवेक्षक श्रीमती उमादेवी पटेल, श्रीमती चंद्रिका कुमार सहित विभागीय अधिकारी एवं स्व सहायता समूह की महिलाएँ उपस्थित रहीं।

महासमुंद/प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 105 ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से आवास तिहार का आयोजन 611 हितग्राहियों ने किया भूमि पूजन

महासमुंद/प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 105 ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से आवास तिहार का आयोजन 611 हितग्राहियों ने किया भूमि पूजन

महासमुंद/ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार आवास निर्माण को गति देने के लिए आवास तिहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत कुल 13,754 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से प्रथम किस्त जारी होने के बावजूद 3,274 आवास अब तक अप्रारंभ थे।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अप्रारंभ आवासों का ले-आउट कर निर्माण प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद श्री बरनसिंग मंडावी के नेतृत्व में महासमुंद विकासखंड के 105 ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से आवास तिहार का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत 19 फरवरी को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वीकृत अप्रारंभ आवासों का शुभारंभ करते हुए 611 हितग्राहियों से भूमि पूजन एवं नींव खुदाई कराई गई।

जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भोरिंग में आयोजित जन चौपाल में श्री मंडावी द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजना को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु हितग्राहियों को प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने हितग्राहियों से निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक, तकनीकी सहायक, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्र सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।

महासमुंद/निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम के डाटा एंट्री ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न आर सी एच 2.0 , एच एम आई एस एवं पी सी एन डी टी पोर्टल पर हुआ प्रशिक्षण

महासमुंद/निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम के डाटा एंट्री ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न आर सी एच 2.0 , एच एम आई एस एवं पी सी एन डी टी पोर्टल पर हुआ प्रशिक्षण

महासमुंद/ जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत ऑनलाइन रिपोर्टिंग एवं प्रविष्टि प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु जिले के समस्त निजी नर्सिंग होम, हॉस्पिटल में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशानुसार होटल स्वर्ण में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में आरसीएच 2.0 पोर्टल, पी.पी.एन.डी.टी. पोर्टल, एचएमआईएस पोर्टल, इ-कल्याणी तथा ऑनलाइन फॉर्म एंट्री सहित विभिन्न मॉड्यूल पर विस्तृत तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में आरएमएनसीएच ए सलाहकार श्री संदीप चंद्राकर मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन प्रविष्टि से संबंधित सामान्य त्रुटियों, समयबद्ध रिपोर्टिंग तथा पोर्टल संचालन के आवश्यक बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर ने बताया कि आरसीएच 2.0 पोर्टल के माध्यम से गर्भवती माताओं को प्रदायित की जाने सेवाओं जैसे कि गर्भावस्था जांच, सोनोग्राफी, विशेष लैब जांच, सिजेरियन ऑपरेशन आदि की जानकारी सेवा प्रदायगी संस्थाओं से पोर्टल में प्रविष्ट की जाएगी, जिसे किसी भी संस्था स्तर पर उनके आभा – आईडी या मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरे देश में कही पर भी पोर्टल से प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय कार्यक्रमों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग अधिक सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं योजना निर्माण में भी सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण में श्री हरिशंकर साहू, श्री शेखर निर्मलकर, श्री विजय भान आदि का विशेष सहयोग रहा।

छत्तीसगढ़ : सक्ती वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी भंडारण पर बड़ी कार्रवाई 

छत्तीसगढ़ : सक्ती वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी भंडारण पर बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ वन परिक्षेत्र सक्ती अंतर्गत अवैध लकड़ी भंडारण के विरुद्ध वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम तुषार एवं जैजैपुर क्षेत्र में संचालित दो आरा मशीनों पर छापामार कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान अर्जुन प्रजाति की लकड़ी बड़ी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित पाई गई।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तुषार स्थित श्री राम टिम्बर आरा मशीन परिसर में 462 नग अर्जुन प्रजाति के लठ्ठे पाए गए, जिनका कुल आयतन 97.200 घन मीटर आंका गया। साथ ही मौके से 2 नग बैंड सॉ मशीन जब्त की गईं। इसी प्रकार जैजैपुर स्थित जी.आर. आरा मशीन में जांच के दौरान 530 नग अर्जुन प्रजाति के लठ्ठे मिले, जिनका कुल आयतन 109.192 घन मीटर मापा गया। यहां से 1 नग बैंड सॉ मशीन भी जब्त की गई। प्राथमिक जांच में संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा लकड़ी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। अवैध भंडारण की आशंका के आधार पर लकड़ी एवं मशीनों को जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया है। वन विभाग द्वारा नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

 

सरायपाली/ डॉ. देवेश अग्रवाल द्वारा नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 25 फरवरी को निःशुल्क नेत्र जांच शिविर

सरायपाली/ डॉ. देवेश अग्रवाल द्वारा नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 25 फरवरी को निःशुल्क नेत्र जांच शिविर

सरायपाली (महासमुंद)। क्षेत्र के चिवराकुटा में स्थित नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 25 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक निःशुल्क नेत्र जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. देवेश अग्रवाल मरीजों की जांच करेंगे।

शिविर में धुंधला दिखाई देना, मोतियाबिंद, भेंगापन, आंखों की एलर्जी, पानी आना, जलन, सूखी आंखें (ड्राई आई) सहित विभिन्न नेत्र रोगों की जांच निःशुल्क की जाएगी। साथ ही दृष्टि परीक्षण एवं चश्मा संबंधी परामर्श भी उपलब्ध रहेगा।

आयोजकों के अनुसार चिन्हित मरीजों के लिए मोतियाबिंद ऑपरेशन, दवाइयां तथा अन्य आवश्यक खर्च भी पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ लेने की अपील की गई है।

शिविर का आयोजन नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुटा, सिंघोड़ा (सरायपाली) में किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए 87709 03234 एवं 94241 84383 पर संपर्क करे।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा छत्तीसगढ के हजारों युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी में अवसर

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा छत्तीसगढ के हजारों युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी में अवसर

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जा रहा है। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी । भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।

ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डी.एड. अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।

 

महासमुंद ग्राम खुर्सीपहार एवं किशनपुर में आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 3 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

महासमुंद ग्राम खुर्सीपहार एवं किशनपुर में आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 3 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

महासमुंद (ग्रामीण) एकीकृत बाल विकास परियोजना अंतर्गत ग्राम पंचायत खुर्सीपहार के ग्राम खुर्सीपहार एवं ग्राम पंचायत किशनपुर के ग्राम किशनपुर में आंगनबाड़ी सहायिका के एक-एक पद रिक्त होने पर ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है।

एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी पिथौरा ने बताया कि इस पद के लिए इच्छुक एवं पात्र महिला अभ्यर्थी 03 मार्च 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी योग्य आवेदिकाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है।

महासमुंद/ ‎‎राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने सिरपुर में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित

महासमुंद/ ‎‎राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने सिरपुर में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित

महासमुंद/ ‎‎मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आइ. नागेश्वर राव के निर्देश में ग्राम पंचायत सिरपुर को धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के उद्देश्य से सिरपुर में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन सरपंच की अध्यक्षता में की गई। जिसमें सरपंच, सचिव, उपसरपंच, पंच, शिक्षा विभाग के संकुल समन्वयक, शिक्षकगण, मितानिन, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण व छात्र-छात्राएं मौजूद थे। बैठक का आयोजन डीपीएम श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन व जिला नोडल अधिकारी एन टी सी पी डॉं. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से किया गया।

बैठक के दौरान पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से धूम्रपान के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया व नशा मुक्ति केंद्र व कोटपा अधिनियम के समस्त धाराओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही ग्राम पंचायत को धूम्रपान मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व उससे संबंधित आईईसी वितरित की गई। विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों को शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व tofei की प्रक्रिया पूर्ण की गई। तत्पश्चात मितानिनों द्वारा दीवार लेखन का कार्य पूर्ण किया गया व विद्यार्थियों के साथ रैली का आयोजन कर शपथ ग्रहण किया गया।

महासमुंद जिले में विशाल श्रमिक सम्मेलन आयोजित श्रमिक प्रदेश के विकास और अर्थव्यवस्था की रीढ़ – अध्यक्ष डाॅ. रामप्रताप सिंह श्रमिकों का जीवन स्तर उठाना मंडल का मुख्य उद्देश्य – विधायक श्री सिन्हा

महासमुंद जिले में विशाल श्रमिक सम्मेलन आयोजित श्रमिक प्रदेश के विकास और अर्थव्यवस्था की रीढ़ – अध्यक्ष डाॅ. रामप्रताप सिंह श्रमिकों का जीवन स्तर उठाना मंडल का मुख्य उद्देश्य – विधायक श्री सिन्हा

महासमुंद / श्रमिकों के सम्मान एवं उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन आज विशाल मेगा मार्ट परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डाॅ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, स्काउट एवं गाइड के राज्य आयुक्त श्री इन्द्रजीत सिंह गोल्डी एवं स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू प्रमुख रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जिले के 3106 पंजीकृत श्रमिकों के खातों में 1 करोड़ 51 लाख 57 हजार 630 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। इस अवसर पर श्रमिकों में हर्ष एवं उत्साह का माहौल देखने को मिला।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रामप्रताप सिंह ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि सभी जिले में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है तथा आज महासमुंद जिले में 3 हजार से ज्यादा श्रमिकों को 1 करोड़ 51 लाख रुपए से ज्यादा की राशि उनके खाते में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याण को सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। श्रमिकों को उनके हित की राशि अब सीधे उनके बैंक खातों में मिल रही है। उन्होंने श्रमिकों से अपने पंजीयन को अद्यतन रखने, श्रम कार्ड बनवाने और निरंतर नवीनीकरण पर जोर दिया। साथ ही बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने तथा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि सरकार श्रमिक परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवास, छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, प्रसूति सहायता एवं कौशल विकास जैसी योजनाओं का विस्तार कर रही है।

विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि श्रमिक समाज व राज्य की प्रगति की रीढ़ है और उनके उत्थान के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों एवं गरीब वर्ग के कल्याण हेतु अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे है। राज्य शासन श्रमिक योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके परिवारों को सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जिले के श्रमिकों से अपील की है कि वे समय पर पंजीयन कराकर शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों की समस्याओं के समाधान हेतु सदैव तत्पर है और उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकसित भारत के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर ने कहा कि जी-राम-जी योजना के अंतर्गत अब श्रमिकों को 125 दिवस का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही उन्हें उनके श्रम का वाजिब मूल्य भी मिलेगा। उन्होंने विकसित भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में हमारे जिले को भी विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा कि देश की उन्नति में श्रमिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सुई से लेकर हवाई जहाज तक हर वस्तु के निर्माण में मजदूरों का परिश्रम जुड़ा होता है। बिना श्रमिकों के किसी भी प्रकार के विकास और निर्माण की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने आगे कहा कि मजदूरों के कठिन परिश्रम और योगदान को सम्मान देने तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य सरकार द्वारा कर्मकार कल्याण मंडल का गठन किया गया है।

श्री येतराम साहू ने कहा कि कोई भी देश और अर्थव्यवस्था के निर्माण में श्रमिकों का योगदान महत्वपूर्ण है। श्रम विभाग में अनेक योजनाओं द्वारा लाभान्वित किया जा रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से गरीब, श्रमिक एवं वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे। इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, श्री महेन्द्र सिक्का, श्री मनीष बंसल, श्री अमन वर्मा, श्री अरविन्द प्रहरे, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में श्रमिकगण एवं श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन पात्र ने अपने विभागीय प्रतिवेदन में बताया कि विगत ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत 44 हजार 373 हजार श्रमिक पंजीकृत हुए है तथा 42 हजार 116 श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण किया गया है। इन ढाई वर्षों मंे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अब तक 26 हजार 256 श्रमिकों के खातों में 23 करोड़ 43 लाख 94 हजार रुपए अंतरित कर उन्हें लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में विगत 2 वर्षों में 287 शिविर कैम्पों के माध्यम से 28,526 श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिले में शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता बस स्टैंड महासमंुद और औद्योगिक क्षेत्र बिरकोनी में संचालित किया जा रहा है। योजना अंतर्गत ढाई वर्षों में कुल 1 लाख 34 हजार 681 यूनिट श्रमिकों को 5 रुपए की दर से भोजन कराया गया है।

श्रमिक सम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत महासमंुद नयापारा वार्ड की निवासी श्रीमती ललिता महानंद को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा उनके परिवार के आय का मुख्य स़्त्रोत है। उनके परिवार में 3 बेटियां है और पति भी मजदूरी करते हैं। अब इस योजना की सहायता से वे अपने परिवार को आर्थिक संबल दे पाएंगी। उन्होंने कहा कि इस योजना ने मेरी जिंदगी बदल दी है। योजना अंतर्गत एक लाख रुपए की सब्सिडी राशि मिलती है। ई-रिक्शा प्रदान करने के दौरान मुख्य अतिथि श्री डाॅ. रामप्रताप सिंह, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डाॅ. विमल चोपड़ा ने ई-रिक्शा की सवारी की और ललिता और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी।