CG : किसानों को शून्य ब्याज पर कर्ज,धान खरीदी से लेकर बस सेवा तक, सरकार के काम गिनाए मंत्री कश्यप ने

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वर्ष 2025-26 में कृषि ऋण वितरण हेतु 9 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरूद्ध 7 हजार 667 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है। ऋण प्राप्त करने वाले कृषको की संख्या 15. लाख 55 हजार है। खरीफ सीजन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख 04 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी समितियों के माध्यम से की गई। किसानों को धान खरीदी की राषि 31 हजार 275 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

सहकारिता मंत्री बताया कि सहकार से समृद्धि के अंतर्गत 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया जा चुका है, साथ ही 351 डेयरी सोसायटी, 322 फिशरीज सोसायटी, 153 वनोपज सोसायटी सहित कुल 1341 सहकारी समितियों का गठन हो चुका है। राज्य के 2058 पैक्स समितियों में से 2028 समितियों का कम्प्यूटराईजेशन किया जा चुका है। राज्य में 2058 पैक्स समितियों में माईक्रो ए.टी.एम. लगाए जा चुके हैं, जिनसे 230 करोड़ रूपये का ट्रान्जेक्शन हो चुका है। पैक्स के सामान डेयरी समितियों में भी माईक्रो ए.टी.एम. उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

विगत 2 वर्षं में अपेक्स बैंक और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की 16 नवीन शाखाएं खोली गई है। वर्तमान में 345 शाखाएं कार्यरत हैं। सहकारी बैंको में ग्राहकांे की सुविधा के लिए बैंक ब्रांच स्तर पर 169 नवीन ए.टी.एम. मशीन भी लगाये गये हैं। राज्य में सहकारिता क्षेत्र अंतर्गत 04 सहकारी शक्कर कारखाने कार्यरत हैं, जिनसे 55 हजार से अधिक गन्ना उत्पादक किसान जुडे़ हुए हैं। वर्ष 2024-25 में 6.92 लाख मीट्रिक टन गन्ने की खरीदी एवं 67 हजार मीट्रिक टन शक्कर का उत्पादन किया गया है। गन्ना विक्रेता किसानों को 290 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। छ.ग. के शक्कर कारखानों का औसत शक्कर रिकवरी दर 11.20 प्रतिशत है, जो देश के औसत शक्कर रिकवरी दर 9.28 प्रतिशत से काफी अधिक है।

परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता दिनांक 12 फरवरी 2026

परिवहन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों में 100 बस चलाने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना के तहत ऐसे ग्रामों को जहॉ पूर्व में बस सुविधा उपलब्ध नहीं है ऐसे ग्रामों को जनपद मुख्यालय/नगरीय क्षेत्र/तहसील मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय को जोड़ना। उन्होंने कहा कि इस हेतु राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता के रूप में प्रथम वर्ष 26 रूपए द्वितीय वर्ष 24 रूपए एवं तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर की दर से एवं मासिक कर पूर्णतः छूट अधिकतम 03 वर्ष की अवधि के लिए दी जाएगी।

परिवहन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत अब तक 69 चयनित मार्गों में 69 बसों का संचालन किया जा रहा है, उक्त बसों के संचालन से कुल 450 नए गांव तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुॅंच रही है, तथा 18 बस संचालन की कार्यवाही प्रकियाधीन है। वर्ष 2026-27 में इस योजना अंतर्गत 200 नवीन बस संचालन की कार्ययोजना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में लगभग 15 हजार सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें 6 हजार 700 की मृत्यु हुई है। सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में पूरे भारत में 100 जिलों को इस कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ से रायपुर जिले को इस योजना के लिए चिन्हित किया गया है। भविष्य में दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव एवं जगदलपुर को भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

परिवहन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन नीति अंतर्गत प्रत्येक इलेक्ट्रिक वाहन क्रेता को वाहन मूल्य का 10 प्रतिशत या अधिकतम रूपये 01 लाख छूट (सब्सिडी) दी जा रही है। इस योजना अंतर्गत ई.व्ही. वाहनों के जीवनकाल कर मे 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। इस निति के तहत 1 लाख 73 हजार 618 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीयन किया गया है तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीयन में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान मे 60 हजार से अधिक वाहन स्वामियों को 125 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष मे 110 करोड़ रूपए इलेक्ट्रिक सब्सिडी प्रदाय किये जाने हेतु बजट में प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष की भांति जनवरी 2026 में ऑटो एक्सपो का आयोजन 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक किया गया, जिसमें वाहनों की खरीद पर जीवनकाल कर में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की गई थी। पूर्व वर्ष 2025 में भी ग्राहकों को यह सुविधा दी गयी थी। ऑटो एक्सपो 2025 में लगभग 29 हजार वाहन बिके थे इस वर्ष 44 हजार 826 वाहन विक्रय किये गए हैं।

परिवहन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि बस संगवारी मोबाईल एप्पलीकेशन के माध्यम से यात्रियों को गंतव्य स्थान के लिए रूट, समय एवं मार्ग में उपलब्ध बसों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इसमें कुल 4 हजार 512 बसों की जानकारी संकलित की गई है, जिसमें डिवाईस के माध्यम से 2,943 बस को जोड़ा गया है। बस संगवारी ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप में भविष्य में बस के लाइव लोकेशन की जानकारी प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि वाहन 4.0 एवं सारथी 4.0 ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से वाहन, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की राष्ट्रीय परिवहन परियोजना के तहत प्रमुख ई-गवर्नेंस एप्लिकेशन है। वाहन से संबंधित समस्त कार्य वाहन-4.0 साफ्टवेयर के माध्यम से पूर्णतः आनलाईन की जाती है, जैसे- नवीन वाहनों का पंजीयन, आनलाईन टैक्स व फीस भुगतान, परमिट संबंधी कार्य आधार आथेंटिकेशन के माध्यम से विभिन्न सर्विसेस। ड्रायविंग लासेंस से संबंधित समस्त कार्य जैसे- लायसेंस, नवीनीकरण, पता परिवर्तन, रिप्लेसमेंट, डुप्लीकेट लायसेंस, अंतर्राष्ट्रीय ड्रायविंग परमिट आदि कार्य किया जा रहा है। आनलाईन मेडिकल सर्टिफिकेट फार्म 1-ए जारी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा योजना के तहत परिवहन विभाग के द्वारा ड्रायविंग लायसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र आमजन को डाक के माध्यम से उनके वर्तमान पते पर दिया जा रहा है। परिवहन विभाग की यह प्रक्रिया सरल, पारदर्शी, आधुनिक एवं मध्यस्थ विमुक्त है। इस योजना द्वारा माह जून 2022 से 09 फरवरी 2026 तक लगभग 53.26 लाख ड्रायविंग लायसेंस एवं वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि ड्राईविंग टेस्ट हेतु ई-ट्रैक योजना अंतर्गत सेंसर आधारित कम्प्यूटराईज्ड ड्रायविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) के निर्माण से सड़क सुरक्षा में वृद्धि होगी एवं सड़क दुर्घटना में कमी आएगी। वर्तमान में आठ जिलों (अंबिकापुर, जगदलपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर, जशपुर, रायगढ़, महासमुंद) में स्थापना हेतु शासन से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिस पर निर्माण की कार्यवाही छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा की जा रही है। जून 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के समस्त परिवहन कार्यालयो में ऑटोमेटेड ड्रायविंग टेस्ट टेªक का निर्माण किया जाना है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन वाहनों का समय-समय पर फिटनेस जांच, परिवहन कार्यालयों द्वारा मैन्युअल पद्धति के तहत किया जाता रहा है, जिससे तकनीकी तौर पर पूर्ण रूप से वाहनों की जांच नहीं हो पाता था वर्तमान मे ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर के संचालित होने सें वाहनों का पूर्णरूप से तकनीकी जांच संभव हो पाता है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 08 जगहों पर एटीएस स्थापना की गई है। (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अम्बिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव एवं रायगढ़) ऑटोमैटिक फिटनेंस सेंटर (एटीएस) संचालन करने में भारत देश में गुजरात राज्य के पश्चात् छत्तीसगढ़ राज्य दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि विगत एक वर्ष में 8 एटीएस के माध्यम से कुल 82 हजार 921 गाड़ियों का फिटनेस जांच किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ मे स्थित आर व्ही एस एफ द्वारा 1 अप्रैल 2025 से अब तक 642 शासकीय वाहन एवं 1606 अन्य वाहनों को स्क्रैप किया गया है। पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर नवीन वाहनों के जीवनकाल कर में 15 से 25 प्रतिशत तक छूट एवं अन्य लाभ शासन द्वारा निर्धारित किये गये हैं।

परिवहन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि ड्रायविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च संस्थान राज्य का पहला आईडीटीआर अटल नगर, नवा रायपुर में दिसम्बर 2021 से संचालित है। आई.डी.टी.आर. द्वारा मालवाहक चालक रिफ्रेशर कोर्स, स्कूल बस चालकों, यातायात पुलिस तथा एल.एम.व्ही. चालकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक कुल 38 हजार 573 चालकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य मे कुल 2 आर डी टी सी जगदलपुर, बिलासपुर एवं 12 डी टी सी दंतेवाड़ा, गरियाबंद, सूरजपुर, कोरबा , सरगुजा, राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, दुर्ग एवं बलौदाबाजार की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार द्वारा अनुमति प्रदान की गई है। वर्तमान मे प्रदेश में कुल 83 निजी ड्रायविंग स्कूल संचालित है।

छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्व पंजीकृत मोटर प्रत्येक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में लगभग 9.66 लाख पुराने वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा महिलाओं की सुरक्षा हेतु निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियो ं मे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं इमरजेंसी बटन लगाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान मे लगभग 2943 यात्री वाहनों एवं 5892 स्कूल बस पर व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ई-डिटेक्शन सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोल नाको से गुजरने वाले बिना फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना संचालित वाहनों पर ई-चालान के माध्यम से कार्यवाही की जा रही है ताकि अनफिट वाहनों से होने वाले सड़क दुर्घटना मे प्रभावी कमी लाई जा सके। वर्तमान में बदईगुड़ा, भोजपुरी, छुईपाली, चोटिया, ढांक, दुर्ग बाईपास, जगतारा, झलमला, कुम्हारी, लिम्हा, लोदाम, महराजपुर, मंदिर हसौद, मषोरा, मुढ़िपार, मुड़ियापारा, पचीरा, पाराघाट, तरपोंगी, ठाकुरटोला कुल 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस एवं टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्यवाही की जा रही है ।

परिवहन मंत्री ने बताया कि अभी तक 37 एएनपीआर कैमरे लीकेज मार्ग मे एवं 47 एएनपीआर कैमरे चेकपोस्ट तथा अन्य स्थानों पर लगाये गये है। मई 2023 से 31 जनवरी 2026 तक 3,02,591 वाहनों पर कुल 134 करोड़ रूपए का चालान किया गया है, जिसमें अब तक लगभग 41.58 करोड़ रूपए का चालान जमा किया जा चुका है। सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेस उपचार योजना के अंतर्गत घायलों को प्रथम 07 दिवस तक 1.50 लाख रूपए तक के कैशलेस उपचार की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि राहवीर योजना- यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘‘गोल्डन ऑवर(पहले एक घंटे) में अस्पताल पहुँचाकर जान बचाने वाले नेक मददगारों को सम्मानित करती है। पूर्व में इस योजना का नाम गुड सेमेरिटन था, जिसके तहत 5 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जाती थी, अप्रैल 2025 से इस योजना का नाम बदलकर राहवीर योजना किया गया। इसके तहत, जीवन बचाने वाले राहवीर को 25 हजार का नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र दिया जाता है। सड़क सुरक्षा अभियान सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए युवावर्ग, एन.जी.ओ, स्थानीय लोगों कि अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करनें के लिए 2400 सड़क सुरक्षा मित्रों को तैनात किया जा रहा है।

बसना: रात में गर्लफ्रेंड से मिलने बलौदाबाजार से आया किशोर दोस्तों ने किया मना पहाड़ी जंगल में हुआ दर्दनाक अंत गर्लफ्रेंड और परिवार से पूछताछ ?

बलौदाबाजार के नाबालिग का जंगल में मिला शव:15 दिन से लापता था, हत्या के एंगल से भी जांच कर रही पुलिस, गर्लफ्रेंड से पूछताछ

15 दिन से लापता था, हत्या के एंगल से भी जांच कर रही पुलिस, गर्लफ्रेंड से पूछताछ छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के भंवरपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के जंगल में एक नाबालिग का शव मिला है। उसकी पहचान बलौदाबाजार कसडोल जिले के ग्राम सर्वा निवासी 17 वर्षीय उद्रेश वर्मा के रूप में हुई है। उद्रेश 15 दिन पहले अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने बसना के जमनीडीह गांव गया था और तब से लापता था। पुलिस ने हत्या सहित सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, उद्रेश वर्मा 29 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ टूड्री गांव में मड़ाई मेला देखने गया था। लौटते समय उसने महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत जमदरहा के आश्रित गांव जमनीडीह में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने की इच्छा जताई।

दोस्तों के मना करने के बावजूद, उद्रेश रात करीब 11 बजे जमनीडीह गांव पहुंचा और दोस्त के मोबाइल से गर्लफ्रेंड को कॉल कर उससे मिला। इसके बाद से वह लापता हो गया।

 

दोस्त ने की थी उद्रेश के लापता होने की शिकायत
30 जनवरी को उसके दोस्त धर्मेंद्र वर्मा ने भंवरपुर चौकी में उद्रेश के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद, उद्रेश का दोस्त से लिया गया मोबाइल गांव के पास पुलिस को मिला, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी।

पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली, लेकिन डॉग लड़की के घर के आसपास जाकर भी कोई सुराग नहीं दे पाया। पुलिस तकनीकी सहायता और तलाशी अभियान में जुटी रही। दोपहर करीब 2 बजे तलाशी दल को युवती के गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में उद्रेश का शव मिला।

फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच-पड़ताल कर सबूत इकट्ठा किए। शव के कुछ हिस्से जानवरों ने खा लिए थे। परिजनों ने शव की पहचान उद्रेश के रूप में की। शव डीकंपोज होने की वजह से पोस्टमार्टम के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।

गर्लफ्रेंड और उसके परिवार से पूछताछ कर रही पुलिस
पुलिस उद्रेश की गर्लफ्रेंड और उसके परिवार से पूछताछ कर रही है। बताया जाता है कि उद्रेश और उसके गर्लफ्रेंड के बीच सोशल मीडिया के जरिए पहचान हुई थी। दोनों एक दूसरे से फोन पर भी बात किया करते थे।

दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के माने तो
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि बलौदाबाजार के लापता नाबालिग उद्रेश का शव जंगल से मिला है। मौत का कारण हत्या है या कोई और वजह है, हर पहलू इसकी जांच की जा रही है। जंगल में कोई संघर्ष या निशान नहीं मिला है। शव खराब हालत में होने की वजह से पोस्टमार्टम के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।

बसना संघर्ष, संस्कार और परिश्रम से बनती है पहचान –अंकोरी में विदाई समारोह एवं वार्षिक उत्सव में शामिल हुए जनपद सभापति प्रकाश सिन्हा

बसना संघर्ष, संस्कार और परिश्रम से बनती है पहचान –अंकोरी में विदाई समारोह एवं वार्षिक उत्सव में शामिल हुए जनपद सभापति प्रकाश सिन्हा

बसना। शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंकोरी में विदाई समारोह एवं वार्षिक उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद पंचायत बसना के सभापति एवं क्षेत्र क्रमांक 21 अंकोरी के जनपद सदस्य प्रकाश सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य यज्ञ राम सिदार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष विनोद विशाल एवं भाजपा मंडल कोषाध्यक्ष हीरा लाल साव की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं सरस्वती माता के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि प्रकाश सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुशासन, संस्कार और निरंतर परिश्रम से प्राप्त होती है। उन्होंने नशामुक्त जीवन, लक्ष्य के प्रति समर्पण तथा माता-पिता व गुरुजनों के सम्मान पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों से क्षेत्र व विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया। वार्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को शील्ड, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में संकुल समन्वयक आरिफ बेग, शिक्षकगण संतलाल डडसेना, लालता प्रसाद डडसेना, हीराधर राणा, मधुमंगल बारीक, उमाशंकर भोई, जगतारण जांगड़े, विजय कुमार कोशिक, जयंत कुमार वर्मा, नीलिमा साहू, चंद्रहास बांक, रविन्द्र मांझी, मगन नायक, अम्बिका सिंह, आकाश डडसेना, आशीष त्रिपाठी, दयालु नंद, जनपद सदस्य प्रतिनिधि परमीत सिंह सहित अभिभावकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य यज्ञ राम सिदार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय के विकास हेतु निरंतर सहयोग की अपेक्षा की।

विद्यालय की समस्याओं से कराया अवगत

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी देते हुए नवीन भवन में शौचालय निर्माण, सेट निर्माण एवं साइकिल स्टैंड की मांग रखी। उन्होंने बताया कि इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों को असुविधा होती है तथा विद्यालय के समग्र विकास हेतु शीघ्र स्वीकृति एवं सहयोग अपेक्षित

बसना सचिव श्री दासरथी बहेरा जी के सेवानिवृत होने पर दी गई भावविनी विदाई

बसना सचिव श्री दासरथी बहेरा जी के सेवानिवृत होने पर दी गई भावविनी विदाई

अनुराग नायक : बसना विकास खंड के ग्राम पंचायत लोहड़ीपुर में ग्राम पंचायत एवं समस्त ग्रामीणों द्वारा सचिव श्री दासरथी बहेरा जी के सेवानिवृत होने पर विदाई समारोह पंचायत भवन में रखा गया जिसने जनपत सदस्य श्रीमती महेश्वरी प्रीतमसिंह सिदार सरपंच श्रीमती केकती हरिशचंद्र पटेल उपसरपंच पारसबाई उसतकुमार टंडन भूतपूर्व सरपंच लीलाबाई देवकुमार सिदार श्री योतराम चौहान श्री विजेन्द्र सिंह सिदार (सेवानिवृत गुरुजी )।

उड़ेला गणपत यादव (पूर्व उपसरपंच) पंच गण श्री सेवकलाल बारिहा रामबाई मनोहर लाल राजूदास मानिकपुरी बसंतलाल नायक शिमा कांता प्रसाद ललितकुमार सिदार उत्तरा कमल सिंह सुकमोति शौकीलाल मुंडा कार्तिक मोती मदन शशिधर नायक ग्राम गोटिया मोहितलाल नायक शंभू नायक हरिराम पटेल गोरेलाल मानिकपुरी घसिया बसंत नेहरूलाल नायक रोशनलाल कश्यप डोलेशवर बारिहा उदय दास ललित दीवान लच्छीराम सिदार झनक राम कश्यप विलासनी कश्यप मीनाक्षी सिदार अनिता सिदार ताराबाई मानिकपुरी पंपाबाई सिदार सह ग्रामीण जन उपाधित रहे

महासमुन्द/ जिले में विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट हेतु 12 फरवरी से 10 मार्च तक शिविर का आयोजन

महासमुन्द/ जिले में विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट हेतु 12 फरवरी से 10 मार्च तक शिविर का आयोजन

महासमुन्द/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में 5 से 7 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के छूटे हुए विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट हेतु विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर आज जिले के 32 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आयोजित किए गए हैं। ये शिविर 10 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे। शिविर संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर बी.आर.सी. तथा संकुल स्तर पर संकुल समन्वयकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इन शिविरों में आधार ऑपरेटरों के माध्यम से विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट किया जाएगा। इस संबंध में जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा महासमुंद द्वारा संकुल समन्वयकों एवं आधार ऑपरेटरों को आपसी समन्वय से कार्य करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी विद्यालयों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छूटे हुए विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

इसी क्रम में आगामी सप्ताह में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के नवीन आधार पंजीयन हेतु आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पोस्ट ऑफिस के आधार ऑपरेटरों के सहयोग से संपन्न किया जाएगा। उक्त समस्त कार्यों की नियमित समीक्षा कलेक्टर द्वारा समय-सीमा बैठकों में की जाएगी।

 

वन्यजीव अपराधियों पर सख्ती की तैयारी महासमुंद में दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का शुभारंभ

वन्यजीव अपराधियों पर सख्ती की तैयारी महासमुंद में दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का शुभारंभ

महासमुंद/ वनमंडल महासमुंद द्वारा वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं सुदृढ़ न्यायालयीन कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए वनमंडल स्तरीय वन विद्यालय, महासमुंद में वन्यजीव अपराध, पहचान एवं अभियोजन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य वन्यजीवों से संबंधित अपराधों की समयबद्ध पहचान, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन, प्रकरणों का विधिसम्मत पंजीयन एवं प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करना है, ताकि दोषियों को कठोर दंड दिलाया जा सके और अवैध शिकार व तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व श्री वरुण जैन, वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पांडेय, अधिवक्ता श्री निमिश किरण शर्मा, सदस्य छत्तीसगढ़ वन्यजीव बोर्ड श्री गौरव निहलानी, तथा सदस्य, नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी रायपुर श्री रितेश श्रीवास विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में बताया कि कई बार वन्यजीव अपराधों के प्रकरण तकनीकी त्रुटियों, साक्ष्य की कमी या उचित धाराओं के अभाव में न्यायालय में कमजोर पड़ जाते हैं। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 सहित प्रासंगिक अधिनियमों एवं नियमों के प्रभावी प्रयोग, जब्ती कार्यवाही की शुद्ध प्रक्रिया, केस डायरी संधारण, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन एवं समयबद्ध चालान प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि मजबूत विवेचना एवं ठोस साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को जमानत से रोका जा सकता है तथा कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जा सकता है।

कार्यशाला में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराध की पहचान, घटनास्थल प्रबंधन, पंचनामा तैयार करने की विधि, जब्त सामग्री के संरक्षण, वन्यजीव अंगों की पहचान, न्यायालयीन प्रक्रिया एवं अभियोजन की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विभिन्न वास्तविक प्रकरणों के उदाहरणों के माध्यम से व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अवैध शिकार, वन्यजीव तस्करी एवं अवैध व्यापार के विरुद्ध सतत निगरानी, जन जागरूकता एवं सख्त कार्रवाई ही प्रभावी समाधान है। कार्यक्रम में समस्त एसडीओ, रेंज अधिकारी, डिप्टी रेंजर एवं परिसर रक्षक उपस्थित रहे।

महासमुन्द/ कलेक्टर श्री लंगेह ने आज बागबाहरा अंतर्गत संचालित पीएमश्री विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया 

महासमुन्द/ कलेक्टर श्री लंगेह ने आज बागबाहरा अंतर्गत संचालित पीएमश्री विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया

महासमुन्द/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत संचालित पीएमश्री विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह विभिन्न कक्षाओं में पहुँचे और विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहकर योजनाबद्ध अध्ययन करने, समय प्रबंधन अपनाने तथा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित होने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और प्रेरणादायी संदेश देकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर को अपने बीच पाकर छात्र-छात्राएं अत्यंत उत्साहित एवं प्रेरित दिखाई दिए। निरीक्षण के दौरान जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा, बीईओ श्री के.के. वर्मा, एपीसी श्रीमती सम्पा बोस, एबीईओ श्री रामता मन्नाडे तथा आरईएस के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री लंगेह ने पीएमश्री शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस) बागबाहरा के नवीन निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया तथा बायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय एवं कम्प्यूटर लैब का पृथक-पृथक अवलोकन किया। उन्होंने प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उपकरणों, पुस्तकालय की व्यवस्था एवं कम्प्यूटर लैब के संचालन की जानकारी लेते हुए समुचित संधारण एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित ठेकेदार को मार्च माह तक नवीन भवनों का कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश प्रदान किए।

इसी क्रम में कलेक्टर श्री लंगेह ने पीएमश्री नवीन प्राथमिक शाला बागबाहरा का भी निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने छोटे बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की तथा उनकी पढ़ाई-लिखाई, उपस्थिति एवं अधिगम स्तर की जानकारी ली। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति तथा कक्षाओं की व्यवस्था का अवलोकन करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि पीएमश्री विद्यालयों को उत्कृष्ट शैक्षणिक मॉडल के रूप में विकसित करना जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता है और इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, स्वच्छता एवं अधोसंरचना के बेहतर उपयोग पर बल दिया।

बसना: अग्रवाल नर्सिंग होम में 13 फरवरी को विशेष चिकित्सा शिविर, गठिया व यूरोलॉजी रोगों की जांच व उपचार

बसना: अग्रवाल नर्सिंग होम में 13 फरवरी को विशेष चिकित्सा शिविर, गठिया व यूरोलॉजी रोगों की जांच व उपचार

समाचार–1 : बसना में गठिया एवं जोड़ों के रोग विशेषज्ञ की विशेष ओपीडी
बसना।
गठिया, जोड़ों एवं ऑटोइम्यून बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए बसना में विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने जा रही है। रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के वरिष्ठ एवं उच्च प्रशिक्षित जोड़ एवं गठिया रोग विशेषज्ञ (रूमेटोलॉजिस्ट) डॉ. नमन जैन अब प्रत्येक माह के दूसरे शुक्रवार को बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम में मरीजों को परामर्श एवं उपचार प्रदान करेंगे।

इसी क्रम में 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक डॉ. जैन द्वारा मरीजों की जांच की जाएगी। इस दौरान जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न, कमर व गर्दन दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, पुराने गठिया, वात रोग, ऑटोइम्यून बीमारियां, नॉन-हीलिंग अल्सर, लंबे समय से दर्द निवारक दवाओं के सेवन तथा SLE व Sjögren जैसी गंभीर बीमारियों की जांच एवं परामर्श दिया जाएगा।
अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की है। अधिक जानकारी व अपॉइंटमेंट के लिए निर्धारित संपर्क नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

📰 समाचार–2 : बसना में यूरोलॉजी केयर कैंप का आयोजन, 13 फरवरी को विशेषज्ञ देंगे सेवाएं
बसना।

अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में यूरोलॉजी केयर कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मूत्र एवं पथरी संबंधी रोगों की जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यह शिविर 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को शाम 5 बजे से आयोजित किया जाएगा।
कैंप में वरिष्ठ यूरो सर्जन डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh) द्वारा मरीजों की जांच की जाएगी। शिविर में किडनी स्टोन, प्रोस्टेट रोग, किडनी में सूजन या सिकुड़न, पेशाब संबंधी समस्याएं, मूत्र मार्ग संक्रमण, पुरुषों में बांझपन, मूत्र नली सिकुड़न, किडनी–प्रोस्टेट–टेस्टिस कैंसर तथा पीडियाट्रिक एवं इमरजेंसी यूरोलॉजी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।


शिविर में जांच शुल्क मात्र ₹700 रखा गया है। बीपीएल एवं आयुष्मान कार्डधारकों को विशेष सुविधा दी जाएगी। साथ ही सिटी स्कैन व एक्स-रे जांच में 50 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। ऑपरेशन के इच्छुक मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट के साथ 12 फरवरी तक पंजीयन कराने की अपील की गई है।
अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना से संपर्क किया जा सकता है।

CG: समर्थन मूल्य के अंतर की राशि इस दिन एकमुश्त देने का निर्णय – मुख्यमंत्री श्री साय लगभग ₹10,000 करोड़ सीधे 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में जाएंगे

CG: समर्थन मूल्य के अंतर की राशि इस दिन एकमुश्त देने का निर्णय – मुख्यमंत्री श्री साय लगभग ₹10,000 करोड़ सीधे 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में जाएंगे

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इस निर्णय के तहत लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाता भाइयों-बहनों की मुस्कान ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल धान की खरीदी नहीं करती, बल्कि किसानों के परिश्रम का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और उनके सम्मान की रक्षा करना अपना दायित्व मानती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से किसानों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही उत्सव का उल्लास बढ़ेगा।

उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत बीते दो वर्षों में किसानों को धान मूल्य अंतर की राशि के रूप में ₹25,000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। होली से पूर्व किसानों के खाते में ₹10,000 करोड़ के भुगतान के साथ यह राशि बढ़कर ₹35,000 करोड़ से अधिक हो जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसान प्रदेश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उनकी मेहनत और पसीने से ही राज्य की समृद्धि सुनिश्चित होती है। राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

सांकरा : जंगल में अवैध महुआ शराब फैक्ट्री पर पुलिस का छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार

सांकरा : जंगल में अवैध महुआ शराब फैक्ट्री पर पुलिस का छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद (छत्तीसगढ़)
थाना सांकरा पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बिजेपुर के बीच जंगल में नहर के पास चल रही देशी हाथ भट्टी महुआ शराब निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 5 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर भारी मात्रा में अवैध शराब व सामग्री जब्त की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 11 फरवरी 2026 को थाना सांकरा में पदस्थ प्रधान आरक्षक कृपाल सिंह सिदार दिवस अधिकारी के रूप में तैनात थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बिजेपुर के जंगल क्षेत्र में नहर के पास कुछ लोग अवैध रूप से महुआ शराब का निर्माण व बिक्री कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल रोजनामचा रिपोर्ट दर्ज कर पंचनामा तैयार किया गया तथा गवाहों को तलब कर नोटिस दिया गया।
इसके बाद पुलिस टीम ने आरक्षक क्रमांक 738, 494 एवं NTF टीम के साथ शासकीय वाहन क्रमांक CG 03 A 1084 से बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर पांच व्यक्ति देशी हाथ भट्टी महुआ शराब बनाते हुए पाए गए, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपी
मुकेश बाघ (41 वर्ष), पिता उजागर बाघ
गुलाब बाघ (64 वर्ष), पिता शंकरलाल बाघ
रोशन बाघ (35 वर्ष), पिता कीर्ति बाघ
बृजेश बाघ (28 वर्ष), पिता अमर सिंह बाघ
नरेंद्र बाघ (22 वर्ष), पिता जुगुत राम बाघ
(सभी निवासी – ग्राम बिजेपुर, थाना सांकरा, जिला महासमुंद)
जब्ती विवरण
कुल 150 लीटर देशी हाथ भट्टी महुआ शराब (कीमत लगभग ₹30,000)

स्टील के 5 नग गंजा, कीमत करीब ₹2,000
70 बोरी महुआ लाहन (मदिरा बनाने योग्य), जिसे मौके पर ही नष्ट किया गया
कुल जप्त मशरूका की अनुमानित कीमत ₹32,000
पुलिस ने शराब को गवाहों के समक्ष जप्त कर सील बंद किया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2), 34(1)(क), 34(1)(च) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामला अजमानतीय होने से सभी आरोपियों को 11 फरवरी 2026 की शाम 16:32 से 16:40 बजे के बीच गिरफ्तार किया गया तथा परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दी गई।
देहाती नालसी के आधार पर प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना थाना सांकरा द्वारा की जा रही