महासमुंद दो बड़ी खबरें :घर बनाने के नाम पर महिला से मारपीट ,जुआ खेलते 5 आरोपी गिरफ्तार 

 महासमुंद दो बड़ी खबरें :घर बनाने के नाम पर महिला से मारपीट ,जुआ खेलते 5 आरोपी गिरफ्तार 

1️⃣ खेत में घर बनाने को लेकर मारपीट – महिलाओं को भी दी गालियां व जान से मारने की धमकी

महासमुंद। वार्ड नंबर 16 घोडारी निवासी एक किसान के साथ खेत में घर निर्माण को लेकर विवाद बढ़ गया। रिपोर्टकर्ता ने बताया कि वह 2 नवंबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे अपने ब्यारा (खेत) में था, तभी मोहन ओगरे, उसकी पत्नी जयत्री ओगरे, बहू देवला ओगरे व अन्य लोग वहां पहुंचे। जब उसने मोहन ओगरे को कहा कि “यहां घर मत बनाओ”, तो वे लोग भड़क उठे और बोले – “तु कौन होता है मना करने वाला?”

इसके बाद तीनों ने मिलकर किसान को मां-बहन की अश्लील गालियां देते हुए हाथ-मुक्का से मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची उसकी बहू नीलू ओगरे को भी गालियां दी गईं और झूमाझटकी कर जान से मारने की धमकी दी गई। मारपीट से रिपोर्टकर्ता के गले में दर्द हुआ है। घटना को ग्रामीण कृष्णा और कविता धृतलहरे ने देख-सुना है। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की है।

2️⃣ महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई – जुआ खेलते 5 आरोपी गिरफ्तार, 10,200 रुपए व मोबाइल जब्त

महासमुंद। थाना महासमुंद पुलिस ने देर रात पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम लफराखुर्द में बड़ी कार्यवाही करते हुए जुआ खेलते पांच आरोपियों को धर दबोचा। उपनिरीक्षक के नेतृत्व में आरक्षक दल मुखबिर की सूचना पर मौके पर पहुंचा। वहां मयंक ध्रुव के घर के पास कुछ लोग 52 पत्ती ताश से रुपए-पैसे का दांव लगाकर ‘काट पत्ती’ नामक जुआ खेल रहे थे। पुलिस को देखते ही कुछ आरोपी भाग निकले, लेकिन पांच जुआडिए गिरफ्तार किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों में —1️⃣ गौरव सेन (20) निवासी लफराखुर्द 2️⃣ मालिकराम चक्रधारी (38) निवासी कुम्हारपारा 3️⃣ सुशील नेताम (23) निवासी नया रावणभांठा 4️⃣ साहिल ध्रुव (18) निवासी मधुबन, हाल सुभाष नगर 5️⃣ संतोष उर्फ गोलू ध्रुव (38) निवासी कुर्मीपारा शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों से कुल ₹10,200 नकद, 4 मोबाइल फोन (कीमत ₹62,000), 52 पत्तियों की ताश और दो प्लास्टिक की चटाई जब्त की है। सभी के खिलाफ धारा 3(2), 5 छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया। जमानतीय अपराध होने पर आरोपियों को मौके पर जमानत मुचलके पर रिहा किया गया।पुलिस का कहना है कि ऐसे अवैध जुआ पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बसना में बाइक चोरी! सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मोटरसाइकिल गायब — पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया

बसना में बाइक चोरी! सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मोटरसाइकिल गायब — पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया

बसना (महासमुंद)। स्थानीय वार्ड क्रमांक 02 निवासी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मोटरसाइकिल बीती रात चोरी हो गई। जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक ने अपनी होंडा CB ट्रिगर (क्रमांक CG06GC1416) मोटरसाइकिल को बसना स्थित दातार कृषि केन्द्र के सामने खड़ी की थी और दोस्तों के साथ बिहारी ढाबा में भोजन करने चला गया था। जब वह करीब 12:30 बजे रात वापस लौटा, तो देखा कि उसकी मोटरसाइकिल वहां से गायब थी।

पीड़ित ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं मिला। चोरी हुई बाइक की अनुमानित कीमत 10,000 रुपए बताई जा रही है। वाहन का इंजन नंबर KC19E80082268 और चेसिस नंबर ME4KC191JE8056052 है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर धारा 303(2)-BNS के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस चोरी के मामले की जांच में जुटी है।

सितारों ने दी चेतावनी” —किस राशि को रहना होगा सतर्क? जानिए आज का राशिफल

“सितारों ने दी चेतावनी” —किस राशि को रहना होगा सतर्क? जानिए आज का राशिफल

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो) :व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। लाभ के मौके बार-बार प्राप्त होंगे। विवेक का प्रयोग करें। बेकार बातों में समय नष्ट न करें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में तरक्की के योग हैं। व्यापार की गति बढ़ेगी। लाभ में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) :कोई बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। किसी विशेष क्षेत्र में सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह) :व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लाभ में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। कोर्ट व कचहरी के अटके कामों में अनुकूलता आएगी।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) :जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे बाद में पछताना पड़े। जोखिम न लें। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। प्रतिद्वंद्विता कम होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा। सभी काम पूर्ण होंगे। जल्दबाजी न करें। कोर्ट व कचहरी में लंबित कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा।

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझ्कर निवेश करें। संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। झंझटों से दूर रहें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। रोजगार में वृद्धि तथा बेरोजगारी दूर होगी। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। प्रमाद न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) :प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में कमी रह सकती है। दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। बेवजह विवाद की स्थिति बन सकती है। दूसरों के उकसाने में न आकर महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लें, लाभ होगा।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): कुंआरों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। प्रमाद न करें। जल्दबाजी में कोई काम न करें। पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में मनोनुकूल लाभ होगा। प्रमाद न करें। किसी भी निर्णय को लेने में जल्दबाजी न करें। भ्रम की स्थिति बन सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। थकान व कमजोरी महसूस होगी।

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): घर-बाहर सहयोग प्राप्त होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। बेरोजगारी दूर होगी। अचानक कहीं से लाभ के आसार नजर आ सकते हैं। किसी बड़ी समस्या से निजात मिलेगी। निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): चिंता तथा तनाव रहेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। जोखिम न लें। आंखों को चोट व रोग से बचाएं। हल्की हंसी-मजाक किसी से भी न करें। नकारात्मकता रहेगी। अकारण क्रोध होगा। फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तु गुम हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।

महासमुंद राज्योत्सव 2025 का शुभारंभ :सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने किया विभिन्न विभागों द्वारा लगाएं गए स्टॉल का अवलोकन हितग्राहियों को किया समाग्री वितरण

महासमुंद राज्योत्सव 2025 का शुभारंभ :सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने किया विभिन्न विभागों द्वारा लगाएं गए स्टॉल का अवलोकन हितग्राहियों को किया समाग्री वितरण

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव- 2025 में आज पहले दिन महासमुंद जिले के 23 विभागों द्वारा पिछले 25 वर्षों की विकास यात्रा, सफल योजनाओं एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करने हेतु आकर्षक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए। मुख्य अतिथि सांसद लोकसभा क्षेत्र महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ स्टॉलों का विस्तृत अवलोकन किया। इस अवसर पर विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्काउट गाइड के राज्य आयुक्त श्री इंद्रजीत खालसा, जिला स्काउट एवं गाइड जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, उपाध्यक्ष श्री भीखम ठाकुर, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, श्री प्रशांत श्रीवास्तव, श्री आनंद साहू, श्री प्रकाश शर्मा, श्री महेंद्र जैन, श्री महेंद्र सिक्का, श्री राहुल चंद्राकर, श्री पंकज चंद्राकर, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं अन्य जनप्रतिनिधि गण मौजूद थे।

सांसद श्रीमती चौधरी एवं विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने प्रदर्शनी के माध्यम से जिले में आधारभूत संरचना, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को सराहते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी महासमुंद की विकास गाथा का जीवंत चित्रण है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आमजन तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

विभागवार लगाए गए स्टॉल में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण एवं जैविक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन, पशुधन विकास विभाग द्वारा राज्य डेयरी उद्यमिता विकास, पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान, उन्नत मादा वत्स पालन, बैकयार्ड कुक्कुट इकाई वितरण आदि की जानकारी प्रदर्शित दी गई। मछली पालन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत संचालित योजनाएं एवं मत्स्य बीज संवर्धन, उत्पादन, एवं उपलब्धियों की जानकारी, आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास विभाग द्वारा विभागीय योजनाएं, प्रधानमंत्री जनमन अंतर्गत दी जानी वाली सुविधाओं को प्रदर्शित किया गया। जल संसाधन विभाग द्वारा जल संरक्षण, मोर गांव-मोर पानी अभियान तथा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं की झांकी, स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में आयुष्मान कार्ड, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान, महिला स्व सहायता समूहों के उत्पादों का प्रदर्शन, जिला पंचायत विभाग द्वारा बिहान से जुड़े महिला समूहों की उपलब्धियों, प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान की जानकारी प्रदान की गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं, नशा मुक्त भारत अभियान, दिव्यांग जनों के लिए चलाए जा रहे योजनाओं की जानकारी दी गई। आदिवासी विकास विभाग द्वारा जनजातीय संस्कृति, शिक्षा व रोजगार आधारित योजनाओं की उपलब्धियाँ, लाइव डेमो के माध्यम से तकनीकी नवाचार एवं हितग्राहियों के सफल मॉडल भी प्रस्तुत किए गए, जनसंपर्क विभाग द्वारा जिले की विकास एवं उपलब्धियों का प्रदर्शन तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित पत्रिका का वितरण किया गया।

इस दौरान सांसद श्रीमती चौधरी के हाथों राजस्व एवं श्रम विभाग द्वारा ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं को योजनाओं से जोड़ने हेतु ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण एवं प्रमाणपत्र वितरण किया गया। कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी विभाग द्वारा हितग्राहियों को लाभार्थी किट, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्रदान की गई। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में 6 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान किया गया। इसी तरह राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना अंतर्गत 20 हजार रुपए का चेक एवं निः शक्ति विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत दिव्यांगजन दंपति को एक लाख की राशि का चेक वितरण किया गया। जिला पंचायत विभाग के स्टॉल में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के 5 लाभार्थियों को अभिनंदन पत्र एवं गृह प्रवेश की सांकेतिक चाबी सौंपी गई। 2 हितग्राहियों को स्वीकृत पत्र एवं सभी को बल्ब प्रदान किया गया। सांसद श्रीमती चौधरी ने हितग्राहियों से सीधे संवाद करते हुए योजनाओं के लाभ और आवश्यकताओं को जाना तथा नागरिकों को शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

छत्तीसगढ़ विशेष: कैसे हुआ प्रदेश का नामकरण ,पढ़े 25 हजार करोड़ से 5 लाख करोड़ के GDP तक का सफर

छत्तीसगढ़ विशेष: कैसे हुआ प्रदेश का नामकरण ,पढ़े 25 हजार करोड़ से 5 लाख करोड़ के GDP तक का सफर

छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक संपदा से भरपूर प्रदेश नहीं है, बल्कि इतिहास और संस्कृति की गहराइयों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। यहां की धरती के गर्भ में लौह, कोयला और बॉक्साइट जैसे खनिजों का खजाना छिपा है, तो वहीं इतिहास के गर्भ में वीरता, शासन और परंपरा की अद्भुत कहानियां संजोई हुई हैं।

छत्तीसगढ़ का इतिहास प्राचीन दक्षिण कोसल राज्य से शुरू होकर मौर्य, गुप्त, कलचुरी, मराठा और ब्रिटिश काल तक विस्तृत है। स्वतंत्रता संग्राम में यहां के आदिवासी आंदोलनों ने नई चेतना जगाई। आज यह राज्य अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोते हुए आधुनिकता की ओर अग्रसर है।

प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक प्रगति का अद्भुत संगम छत्तीसगढ़ को भारत के सबसे संभावनाशील राज्यों में शामिल करता है। दो दशक में इस राज्य ने यह सिद्ध कर दिया है कि परंपरा और विकास साथ-साथ चल सकते हैं और यही इसकी असली पहचान है।

नाम के पीछे की कथा : माना जाता है कि इस क्षेत्र में स्थित 36 किलों या ‘गढ़’ होने की वजह से इसका नाम छत्तीसगढ़ पड़ा। रायपुर जिले के गजेटियर (1973) में उल्लेख है कि इनमें से 18 गढ़ शिवनाथ नदी के उत्तर और 18 दक्षिण दिशा में स्थित थे। एक अन्य मत के अनुसार, छत्तीसगढ़ शब्द चेदिशगढ़ का अपभ्रंश है, क्योंकि यह भूमि लंबे समय तक चेदि राजवंश के अधीन रही थी।

प्राचीन दक्षिण कोसल से आधुनिक यात्रा तक : इतिहासकारों के अनुसार, वर्तमान छत्तीसगढ़ का विस्तार प्राचीन दक्षिण कोसल, महाकांतार (बस्तर का वन क्षेत्र) और दण्डकारण्य जैसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक प्रदेशों से जुड़ा रहा है।

इस धरती ने कई महान वंशों का शासन देखा है, जिनमें देशज राजर्षितुल्य, शरभपुरीय, पाण्डुवंश, नलवंश, छिंदक नागवंश, फणीनागवंश, सोमवंश और कलचुरी वंश प्रमुख हैं। इन राजाओं ने यहां मंदिरों, किलों और स्थापत्य कला की अनमोल धरोहर छोड़ी, जो आज भी राज्य की ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा हैं।

मराठा, अंग्रेज और स्वतंत्रता संग्राम की गाथा : मध्यकाल में यह क्षेत्र मराठा शासन के अधीन आया, जहां स्थानीय रियासतों और जमींदारों ने प्रशासनिक ढांचा तैयार किया। बाद में अंग्रेजों ने इस क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया। आजादी की लड़ाई में भी छत्तीसगढ़ ने अपनी वीरता से पूरे देश को प्रेरित किया। 1857 की क्रांति में यहां के वीरों, जैसे सोनाखान के शहीद वीर नरहरदेव ने अंग्रेजों के खिलाफ डटकर संघर्ष किया।

अतीत की गूंज से प्रेरित वर्तमान : छत्तीसगढ़ की पहचान आज केवल अपने खनिजों और उद्योगों से नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव से भी है। यहां की मिट्टी में इतिहास की गूंज, परंपरा की सुगंध और प्रगति की धड़कन एक साथ महसूस होती है। यही विशेषता इस राज्य को भारत के सबसे विशिष्ट और गर्वशील प्रदेशों में स्थान दिलाती है।

असीम संभावनाओं का गढ़ है छत्तीसगढ़ : धान का कटोरा नाम से विख्यात छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन समृद्ध संस्कृति और खनिज संसाधनों के लिए भी जाना जाता है। 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत अस्तित्व में आया छत्तीसगढ़ आज भारत के प्रमुख औद्योगिक और सांस्कृतिक राज्यों में गिना जाता है।

रायपुर को राजधानी बनाकर और बाद में नवा रायपुर (अटल नगर) को आधुनिक प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करके राज्य ने विकास की नई दिशा तय की। छत्तीसगढ़ के गठन ने न केवल क्षेत्रीय पहचान को मजबूती दी, बल्कि यहां के लोगों के लिए सामाजिक-आर्थिक प्रगति के नए अवसर भी खोले।

देश की औद्योगिक रीढ़ साबित हो रहा है :खनिज संपदा से समृद्ध यह राज्य देश की औद्योगिक रीढ़ साबित हो रहा है। लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, डोलोमाइट और टिन जैसे खनिजों की प्रचुरता ने इसे इस्पात और ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बना दिया है।

भिलाई इस्पात संयंत्र देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक इस्पात कारखानों में से एक है, जिसने छत्तीसगढ़ को औद्योगिक मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाया है। इसके अलावा कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जैसे जिले बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी हैं, जिससे राज्य पावर हब ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध हुआ है।

25 हजार करोड़ से 5 लाख करोड़ के पार पहुंची जीडीपी : वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था तब यहां की जनसंख्या 208.3 लाख थी। इसमें शहरी जनसंख्या 41.75 लाख थी। आज राज्य की कुल जनसंख्या बढ़कर 308.6 लाख हो गई है और शहरी जनसंख्या भी 85.68 लाख हो गई है। वहीं, साल 2000 छत्तीसगढ़ की जीडीपी 25,486 करोड़ थी, लेकिन आज 2025 में यह 5,67,880 करोड़ रुपए पहुंच चुकी है।

पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है : छत्तीसगढ़ ने पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हरियाली से आच्छादित झरने, गुफाएँ और ऐतिहासिक स्थल देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। बस्तर का दशहरा, जो विश्व का सबसे लंबा चलने वाला उत्सव है, छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का प्रतीक है। पंथी नृत्य, राउत नाचा और करमा नृत्य जैसी लोक कलाएं इस भूमि की जीवंत परंपराओं को सहेजे हुए हैं।

धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है छत्तीसगढ़ :धार्मिक दृष्टि से भी छत्तीसगढ़ अत्यंत महत्वपूर्ण है। दंतेश्वरी मंदिर (बस्तर), बम्लेश्वरी मंदिर (डोंगरगढ़), महामाया मंदिर (रतनपुर), चंद्रहासिनी मंदिर (सक्ती) और भोरमदेव मंदिर (कबीरधाम) जैसे प्राचीन मंदिर न केवल आस्था के केंद्र हैं बल्कि ऐतिहासिक धरोहर भी हैं।

महासमुंद/तुमगांव थाना क्षेत्र में छोटे-छोटे विवाद बने हिंसा का कारण : एक ही दिन में चार जगहों पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी से गांवों में तनाव

महासमुंद/तुमगांव थाना क्षेत्र में छोटे-छोटे विवाद बने हिंसा का कारण : एक ही दिन में चार जगहों पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी से गांवों में तनाव”

1️⃣ नयापारा अंछरीडीह में रॉड लेकर हमला, मजदूर घायल : नयापारा अंछरीडीह निवासी एक मजदूर के साथ पुरानी रंजिश को लेकर गांव के दो युवकों ने मारपीट की। पीड़ित ने बताया कि वह शाम को अपने बड़े पिता के घर के पास खड़ा था, तभी गांव के गैंदराम पुरैना और उसका भाई अश्वनी पुरैना पुरानी बात को लेकर गाली-गलौच कर रहे थे। मना करने पर दोनों रॉड लेकर लौटे और पीड़ित से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना में उसके हाथ, सीना और पीठ में चोटें आईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। पुलिस ने 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS के तहत मामला दर्ज किया है।

2️⃣ अछोला में रात को रास्ते में हमला, पिता-बेटियों के साथ मारपीट : वार्ड क्रमांक 18 भांठापारा, ग्राम अछोला में बीती रात एक किसान पर गांव के चार लोगों ने हमला कर दिया। पीड़ित रात्रि 9 बजे अपने रिश्तेदार के घर जा रहा था, तभी कामदेव धीवर, रूपलाल धीवर, देवा धीवर और विश्वनाथ धीवर ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौच करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। झगड़ा सुनकर उसकी बेटियां किशोरी और पूर्णीमा मौके पर पहुंचीं, जिनके साथ भी मारपीट हुई। आरोप है कि विश्वनाथ धीवर ने पूर्णीमा का गला दबाया। तीनों को चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

3️⃣ जोबा गांव में घर में घुसकर मारपीट, पिता-पुत्री घायल : वार्ड क्रमांक 10, ग्राम जोबा में देर रात दो लोगों ने घर में घुसकर पिता-पुत्री पर हमला कर दिया। किसान ने बताया कि वह सो रहा था, तभी पड़ोसी हीरालाल भतपहरी और हरदयाल टंडन ने दरवाजा खटखटाकर बाहर बुलाया और गाली-गलौच करते हुए डंडे व ईंट से हमला कर दिया। पिता के साथ बेटी टिकेश्वरी भी घायल हुई। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

4️⃣ किराना दुकान पर पत्थरबाजी, महिला दुकानदार और बहू घायल : जोबा गांव में ही दूसरी घटना में एक किराना दुकान संचालिका के साथ मारपीट और पत्थरबाजी की गई। महिला ने बताया कि पड़ोसी समारू डहरिया ने पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौच की। कुछ देर बाद समारू अपने परिजनों ओमकार व नीलकंठ के साथ घर की छत पर चढ़कर ईंट-पत्थर फेंकने लगा, जिससे दुकानदार के पैर और बहू के हाथ में चोटें आईं। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

बसना/दशगात्र कार्यक्रम से लौट रहे किसान को तेज रफ्तार टाटा नेक्सॉन कार ने मारी टक्कर — गंभीर रूप से घायल,भंवरपुर पुलिस ने दर्ज किया मामला

बसना/दशगात्र कार्यक्रम से लौट रहे किसान को तेज रफ्तार टाटा नेक्सॉन कार ने मारी टक्कर — गंभीर रूप से घायल,भंवरपुर पुलिस ने दर्ज किया मामला

बसना। चौकी भंवरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धामनघुटकुरी मेन रोड पर शुक्रवार दोपहर लगभग 4 बजे एक तेज रफ्तार टाटा नेक्सॉन (CG 04 QN 9747) वाहन ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल (CG 06 GL 4803) को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मोटरसाइकिल सवार खानसिंह पालेश्वर, निवासी ग्राम संतपाली थाना सरायपाली, गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल को कल्पना हॉस्पिटल भंवरपुर में भर्ती कराया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें रायपुर रेफर कर दिया। बताया गया है कि किसान खानसिंह पालेश्वर के दाहिने पैर में गंभीर चोट लगी है और इलाज जारी है। घटना की जानकारी घायल की पत्नी शशीबाई पालेश्वर द्वारा पुलिस को दी गई। उन्होंने बताया कि उनके पति ग्राम बरेकेल में दशकर्म कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे, तभी धामनघुटकुरी के पास सामने से तेज और लापरवाहीपूर्वक चल रही टाटा नेक्सॉन ने उनकी बाइक को ठोकर मार दी, जिससे वे घायल हो गए और मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

आरक्षक आर-509 देवेंद्र साव, चौकी भंवरपुर ने मामले की जांच करते हुए अपराध क्रमांक 0/25 धारा 281, 125(ए) बीएनएस एवं 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर थाना बसना को नंबरी अपराध हेतु प्रेषित किया है।

पुलिस के अनुसार, वाहन चालक की पहचान की जा रही है और मामले की विवेचना जारी है। स्थान: ग्राम धामनघुटकुरी, थाना बसना, जिला महासमुंद  तारीख: 31 अक्टूबर 2025 जांच अधिकारी: आरक्षक आर-509 देवेंद्र साव, चौकी भंवरपुर

52 एकड़ का परिसर, 324 करोड़ की लागत, राष्ट्रपति भवन जैसी झलक… जानें कैसी है छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा

52 एकड़ का परिसर, 324 करोड़ की लागत, राष्ट्रपति भवन जैसी झलक… जानें कैसी है छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा

छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य की नई पहचान बन चुका नवा रायपुर अब प्रदेश के नए विधानसभा भवन का गवाह बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस भव्य और अत्याधुनिक भवन का उद्घाटन किया, जो पर्यावरण संरक्षण और परंपरा का अद्भुत संगम है।

ग्रीन बिल्डिंग की मिसाल :नवा रायपुर में बना नया विधानसभा भवन ग्रीन बिल्डिंग सिद्धांतों पर आधारित है। यह पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होगा और इसमें रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था भी की गई है। भवन इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्राकृतिक रोशनी दिनभर अंदर बनी रहती है, बिजली न रहने पर भी यहां अंधेरा नहीं होता।

51 एकड़ में फैला सांस्कृतिक प्रतीक :लगभग 51 एकड़ क्षेत्र में फैले इस विधानसभा भवन का निर्माण 324 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। वास्तुविद संदीप श्रीवास्तव के अनुसार, इसे राज्य की सांस्कृतिक पहचान और प्रगतिशील दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पारंपरिक महलों की शैली में बने इस भवन में 13 आकर्षक गुंबद हैं, जिन पर धान की बालियों की उकेरी गई कलाकृतियां राज्य की कृषि समृद्धि का प्रतीक हैं।

तीन वर्षों में साकार हुआ सपना :भवन की नींव अगस्त 2020 में रखी गई थी, और अगस्त 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। करीब तीन वर्षों में तैयार यह भव्य परिसर अब राज्य की नयी प्रशासनिक पहचान बन गया है। इसकी बनावट में राष्ट्रपति भवन की झलक दिखाई देती है, वहीं बस्तर और सरगुजा की पारंपरिक कला इसकी दीवारों को जीवंत बनाती है।

वर्तमान में विधानसभा में 90 विधायकों की व्यवस्था है, पर नए भवन में 120 सदस्यों के बैठने की सुविधा रखी गई है ताकि भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके। भवन को तीन मुख्य ब्लॉकों — ए, बी और सी — में विभाजित किया गया है, जिनमें आधुनिक कार्यालय, सभागार और सहयोगी सुविधाएं शामिल हैं।

तीन ब्लॉकों की मुख्य विशेषताएं : ब्लॉक ए: सचिव, उप सचिव, समिति शाखाएं और प्रशासनिक कार्यालय।

ब्लॉक बी: विधानसभा सभागार, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के कक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय, सेंट्रल हॉल, मेंबर्स लाउंज, रिपोर्टर ब्रांच और डाइनिंग एरिया।

ब्लॉक सी: मंत्रियों और विधायकों के कक्ष, साथ ही एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक अस्पताल, रेलवे आरक्षण केंद्र, पोस्ट ऑफिस और बैंक जैसी सुविधाएं।

परिसर की अन्य प्रमुख विशेषताएं:  500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम ,संसद भवन की तर्ज पर तैयार सेंट्रल हॉल ,हाईटेक लाइब्रेरी, कैबिनेट मीटिंग हॉल और आर्ट गैलरी ,विधानसभा में पेपरलेस वर्क सिस्टम ,जल और ऊर्जा संरक्षण की समग्र व्यवस्था।,परिसर में पूर्व विधायकों के लिए भी बैठने की विशेष सुविधा

छत्तीसगढ़: किसान चने की बीजोपचार बुवाई से पहले करें ये काम नहीं आएगी सूखने की समस्या 

छत्तीसगढ़: किसान चने की बीजोपचार बुवाई से पहले करें ये काम नहीं आएगी सूखने की समस्या

छत्तीसगढ़ में चने की फसल को मुरझाने, बीमारियों और संक्रमण से बचाने के लिए चने के बीज का उपचार एक आवश्यक अभ्यास है। रोपण से पहले बीजों को फफूंदनाशकों और कीटनाशकों से उपचारित करके किसान यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी फसलों को मजबूत शुरुआत मिले और उपज के नुकसान की संभावना कम हो।

चने के बीज उपचार के लाभ : मुरझाने से बचाता है- चने का मुरझाना एक कवक रोग है जिसके कारण पौधे मुरझा सकते हैं और मर सकते हैं। फफूंदनाशी से बीज उपचार करने से इस रोग से बचा जा सकता है। बीमारियों को नियंत्रित करता है- चने की फसलें कई बीमारियों के प्रति संवेदनशील होती हैं, जिनमें एस्कोकाइटा ब्लाइट, बोट्रीटिस ग्रे मोल्ड और फ्यूजेरियम विल्ट शामिल हैं। फफूंदनाशकों से बीज उपचार करने से इन रोगों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। संक्रमण को रोकता है- चने की फसलें एफिड्स, लीफमाइनर और थ्रिप्स जैसे कीटों के संक्रमण के प्रति भी संवेदनशील होती हैं। कीटनाशकों से बीज उपचार करने से इन संक्रमणों को रोकने में मदद मिल सकती है।

रबी सीजन की शुरुआत अक्टूबर के पहले सप्ताह से ही हो चुकी है। इस दौरान किसान चना बोने की तैयारी में जुटे हुए हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, चने की फसल में अक्सर सूखने (विल्ट) की समस्या देखी जाती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है लेकिन अगर किसान बुआई से पहले सही तरीके से चने का बीजोपचार कर लें, तो यह समस्या जड़ से खत्म हो सकती है।

रोपण से पहले बीजों को अच्छी तरह से उपचारित करें : रोपण से कम से कम 24 घंटे पहले बीजों को उपचारित करना चाहिए। इससे फफूंदनाशी और कीटनाशक को सूखने और बीजों से चिपकने का समय मिल जाएगा। कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि चने की बुआई से पहले न सिर्फ बीजोपचार करना बेहद जरूरी है, बल्कि सही तरीके से इसे करना भी जरूरी है, अन्यथा बीजोपचार के बाद भी बीमारियां लग जाती हैं। इसके लिए किसानों को पांच चीजों- कार्बोक्सिन, ट्राइकोडर्मा, अमोनियम मोलिब्डेट, रायजोबियम कल्चर और पीएसबी कल्चर को मिलाकर बीजोपचार करना चाहिए, इससे फसल मजबूत बनती है। बीमारियों से बचाव होता है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है, जबकि सूखने की समस्या लगभग समाप्त हो जाती है।

इन पांच चीजों से करें चने का बीजोपचार :कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह ने आगे कहा कि चने में बीजोपचार के लिए किसान एक किलो बीज के लिए 2.5 ग्राम कार्बाेक्सिन और पांच ग्राम ट्राइकोडर्मा पाउडर से बीजोपचार करें। यह फफूंदनाशक उपचार फसल को मिट्टी जनित बीमारियों से बचाता है और पौधों की प्रारंभिक ग्रोथ को मजबूत बनाता है। इसके अलावा चने की फसल में जड़ों पर गांठें (नोड्यूल्स) बढ़ाने के लिए किसान एक ग्राम अमोनियम मोलिब्डेट का प्रयोग करें। इससे पौधों में नाइट्रोजन फिक्सेशन की प्रक्रिया बेहतर होती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।

बीजोपचार में इन्हें भी करें शामिल :बीजोपचार में रायजोबियम कल्चर और पीएसबी (फॉस्फेट सॉल्यूबिलाइजिंग बैक्टीरिया) कल्चर को भी शामिल करना चाहिए। दोनों का उपयोग एक किलो बीज पर 5-5 ग्राम किया जा सकता है। यह जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और पौधों को पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण करने में मदद करते हैं।

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मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो) नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। निवेश मनोनुकूल लाभ देगा। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। विरोध होगा। आर्थिक नीति में परिवर्तन होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। तत्काल लाभ नहीं होगा। कोई पुराना रोग बाधा का कारण हो सकता है।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश लाभ देगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बिगड़े काम बनेंगे। जल्दबाजी से हानि संभव है। धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह) किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। विशेषकर गृहिणियां लापरवाही न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। व्यापार में वृद्धि होगी। स्त्री वर्ग से समयानुकूल सहायता प्राप्त होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाणी में शब्दों का प्रयोग सोच-समझकर करें। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कर्ज समय पर चुका पाएंगे। बैंक-बैलेंस बढ़ेगा। स्थायी संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। मनपसंद रोजगार मिलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। शेयर मार्केट से लाभ होगा। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। तनाव रहेगा।

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) यात्रा लाभदायक रहेगी। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। लेन-देन में सावधानी रखें। लाभ होगा।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) व्यापार-व्यवसाय से लाभ होगा। आय में निश्चितता रहेगी। शत्रु शांत रहेंगे। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। दौड़धूप की अधिकता का स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ेगा। थकान व कमजोरी रह सकती है। वाणी में कड़े शब्दों के इस्तेमाल से बचें। दूसरों की बातों में नहीं आएं।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होने से प्रसन्नता रहेगी। निवेश से लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेंगे। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। बनते कामों में बाधा उत्पन्न होगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे) शुभ समाचार प्राप्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। बिछड़े मित्र व संबंधी मिलेंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में सहकर्मी सहयोग करेंगे। लाभ होगा। जल्दबाजी व लापरवाही से हानि होगी। राजकीय कोप भुगतना पड़ सकता है। विवाद न करें।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी) व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट मनोनुकूल लाभ देगा। बुद्धि का प्रयोग करें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई अनहोनी होने की आशंका रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा।

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) नौकरी में कार्यभार रहेगा। थकान महसूस होगी। आंखों का विशेष ध्यान रखें। चोट व रोग से बचाएं। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। आय बनी रहेगी। सहकर्मी सहयोग नहीं करेंगे। चिंता रहेगी।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) रुका हुआ धन प्राप्त होगा। प्रयास सफल रहेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। प्रमाद न करें। निवेश से लाभ होगा। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कारोबार से संतुष्टि रहेगी। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। व्यापार-व्यवसाय में उत्साह से काम कर पाएंगे। भाग्य अनुकूल है, जल्दबाजी न करें। प्रसन्नता रहेगी।