बसना: बाइक को घसीटते हुए सरायपाली की ओर जाती अर्टिका कार देखे जाने का दावा हादसे के बाद , मौत का मामला दर्ज

बसना: बाइक को घसीटते हुए सरायपाली की ओर जाती अर्टिका कार देखे जाने का दावा 4. हादसे के बाद , मौत का मामला दर्ज

बसना : ग्राम पौसरा निवासी शंकर दास की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा दिनांक 14 दिसंबर 2025 की शाम करीब 06.30 से 07.00 बजे के बीच पुराना तिवारी ढाबा के पास हुआ। मृतक मजदूरी का कार्य करता था।

मृतक के छोटे भाई संतोष दास ने बताया कि वह ग्राम पौसरा का निवासी है और मजदूरी का काम करता है। दिनांक 14 दिसंबर की शाम जब वह काम करके घर वापस आया, तब उसकी मां और भाभी ने उसे जानकारी दी कि पुराना तिवारी ढाबा के पास उसके बड़े भाई शंकर दास का एक्सीडेंट हो गया है।

सूचना मिलते ही संतोष दास मौके पर पहुंचा, जहां उसके पिता मुक्ती दास पहले से मौजूद थे। सड़क किनारे उसके भाई शंकर दास का शरीर गिरा हुआ था, जबकि आसपास उनकी मोटर सायकल दिखाई नहीं दे रही थी।

संतोष दास ने बताया कि जब वह काम कर अपने घर लौट रहा था, तब उसने एक अर्टिका कार को एक मोटर सायकल को घसीटते हुए सरायपाली की ओर जाते हुए देखा था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसी वाहन से यह हादसा हुआ।

घटना के बाद परिजनों ने एम्बुलेंस की सहायता से शंकर दास को शासकीय अस्पताल बसना उपचार के लिए पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बाद में जानकारी मिली कि उक्त दुर्घटना अर्टिका कार क्रमांक CG06 GN 8311 के चालक द्वारा की गई। बताया गया कि शंकर दास अपनी मोटर सायकल क्रमांक CG11 CD 1817 से भंवरपुर मोड़ से अपने घर ग्राम पौसरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कार चालक ने वाहन को तेज, लापरवाहीपूर्वक एवं खतरनाक ढंग से चलाते हुए उनकी मोटर सायकल को टक्कर मार दी। टक्कर से आई गंभीर चोटों के कारण शंकर दास की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर धारा 184 एवं 106(1) बीएनएस के तहत प्रकरण कायम कर लिया है। पुलिस द्वारा घटना की जांच की जा रही है। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।

महासमुंद/ 183 हाई, हायर सेकेण्डरी शालाओं में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण हेतु एक माह के लिए कराटे प्रशिक्षक की भर्ती पात्र आवेदक 17 दिसम्बर तक कर सकते हैं आवेदन

महासमुंद/ 183 हाई, हायर सेकेण्डरी शालाओं में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण हेतु एक माह के लिए कराटे प्रशिक्षक की भर्ती पात्र आवेदक 17 दिसम्बर तक कर सकते हैं आवेदन

महासमुंद/ कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिले के 183 हाई, हायर सेकेण्डरी शालाओं में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाना है।

जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे ने बताया कि समग्र शिक्षा के बालिका शिक्षा योजना अंतर्गत जिले के 183 हाई, हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में निर्धारित मानदेय 5 हजार रुपए (एकमुश्त) केवल एक माह हेतु कराटे प्रशिक्षक रखे जाने आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतः ऑफलाइन होगा। संबंधित विद्यालयों में आवेदन 17 दिसम्बर 2025 अपरान्ह 05ः00 बजे तक स्वीकार किया जाएगा। 01 अभ्यर्थी केवल 01 विद्यालय में आवेदन कर सकेंगे। आवेदक जिले का मूल निवासी होना चाहिए तथा 12 उत्तीर्ण एवं कराटे में ब्लैक बेल्ट होना अनिवार्य है। आवेदक पद की न्यूनतम अर्हताऐं, नियम व शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाइट www.mahasamund.gov.in में अवलोकन कर सकते हैं।

महासमुंद/अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई, 694 बोरा धान जब्त

महासमुंद/अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई, 694 बोरा धान जब्त

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद के नेतृत्व में बीती रात संयुक्त टीम द्वारा रेहटीखोल क्षेत्र में 694 बोरा धान जप्त किया गया।

सरायपाली/पिथौरा अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर बड़ी कार्रवाई 4 प्रकरणों में 2112 कट्टा धान जब्त

संयुक्त टीम द्वारा अवैध धान परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान एक ट्रक को रोका गया, जिसमें उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर बिना वैध दस्तावेजों के धान का परिवहन किया जा रहा था। जांच में ट्रक में कुल 694 बोरा धान, जिसका कुल वजन लगभग 319 क्विंटल पाया गया। परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर धान से भरे ट्रक को मौके पर ही जब्त किया गया। जब्त किए गए धान एवं वाहन को आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए धान परिवहन एवं भंडारण पर सतत निगरानी जारी रहेगी।

महासमुंद/आवारा कुत्तों के नियंत्रण हेतु जनपद स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद/आवारा कुत्तों के नियंत्रण हेतु जनपद स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद/ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के प्रभावी परिपालन हेतु जनपद पंचायत महासमुंद में आवारा कुत्तों के प्रबंधन एवं जनसुरक्षा को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग, पशुधन विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी तथा ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।

कार्यशाला में अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को बताया गया कि खेल परिसरों, स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशनों को आवारा कुत्तों से सुरक्षित रखने के लिए फेंसिंग, गेट एवं नियमित निगरानी अनिवार्य है। आवारा कुत्ते पाए जाने की स्थिति में उन्हें पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 के अनुसार हटाकर टीकाकरण व नसबंदी के बाद आश्रय स्थलों में शिफ्ट करने, वापस उसी क्षेत्र में न छोड़ने तथा संपूर्ण डाटा संधारित करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही अस्पतालों में एंटी रेबीज टीके की उपलब्धता, हाट-बाजारों में अपशिष्ट प्रबंधन, नियमित निरीक्षण व्यवस्था तथा हेल्पलाइन नंबर 1100 पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। अधिकारियों को यह भी अवगत कराया गया कि माननीय न्यायालय द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

महानदी जल विवाद सुलझाने के लिए ओडिसा में हाई लेवल कमेटी का गठन, पहली बैठक 22 दिसंबर को

महानदी जल विवाद सुलझाने के लिए ओडिसा में हाई लेवल कमेटी का गठन, पहली बैठक 22 दिसंबर को

छत्तीसगढ़: महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए ओडिशा सरकार ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की पहली बैठक 22 दिसंबर को शाम चार बजे लोक सेवा भवन में होगी। ओडिशा के उप मुख्यमंत्री कनकबर्धन सिंह देव इसकी अध्यक्षता करेंगे, जबकि कमेटी के अन्य सदस्य और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

हालांकि यह मामला अब भी ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकार अलग-अलग मोर्चों पर बातचीत कर रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के निर्देश पर बनी इस कमेटी में भाजपा, बीजद और कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा महानदी से जुड़े जिलों के विधायक भी सदस्य हैं। कमेटी का उद्देश्य विवाद के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का विश्लेषण कर समाधान की दिशा में मार्गदर्शन देना है।

ट्रिब्यूनल जाने का निर्णय गलत- विधायक जयनारायण मिश्रा

कमेटी गठन के बाद ओड़िशा के विधायक जयनारायण मिश्रा ने जानकारी दी कि पिछली सरकार का ट्रिब्यूनल जाने का निर्णय गलत था और इसके लिए राजनीतिक समाधान आवश्यक था। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल जाने से प्रक्रिया में देरी हुई। उनका मानना है कि जैसे छत्तीसगढ़ ने महानदी पर बैराज बनाया, वैसे ही ओडिशा को भी हीराकुद डैम के नीचे और बैराज बनाने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक समाधान और कमेटी के प्रयास से विवाद समाप्त होगा।

कमेटी विवाद का त्वरित समाधान निकालने में मदद करेगी

कमेटी की सदस्य सोफिया फिरदौस का कहना है कि नौ साल बाद ऐसी कमेटी बनना महत्वपूर्ण है। न्यायिक प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है, इसलिए यह कमेटी विवाद का त्वरित और प्रभावी समाधान निकालने में मदद करेगी। कमेटी की पहली बैठक को लेकर ओडिशा में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक चर्चा चल रही है, और इसे विवाद सुलझाने का ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह कमेटी महानदी के पानी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और राज्य में तकनीकी तथा प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को आवश्यक मार्गदर्शन देगी।

कमेटी में ये है आठ सदस्य

कमेटी के आठ सदस्यों में ओड़िशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, उद्योग मंत्री संपदा चंद्र स्वैन, गवर्नमेंट चीफ विजिलेंट सरोज कुमार प्रधान, बीजद विधायक निरंजन पुजारी, संबलपुर विधायक जयनारायण मिश्रा और कांग्रेस विधायिका सोफिया फिरदोस शामिल हैं

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में गुर्दा व मूत्र रोगों का आधुनिक इलाज, प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल देंगे विशेष परामर्श

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में गुर्दा व मूत्र रोगों का आधुनिक इलाज, प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल देंगे विशेष परामर्श

सरायपाली | गुर्दा एवं मूत्र रोग से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में प्रसिद्ध गुर्दा व मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल द्वारा विशेष परामर्श एवं उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

डॉ. राजेश अग्रवाल (MBBS, MS, DNB Urology, FMAS, AUA Fellowship – USA), जो पूर्व में अपोलो हॉस्पिटल हैदराबाद से जुड़े रहे हैं, 20 दिसंबर 2025, शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओम हॉस्पिटल में मरीजों को अपनी सेवाएं देंगे।

डॉ. अग्रवाल द्वारा गुर्दे की पथरी, पेशाब में जलन, पेशाब में खून आना, मूत्रनली की पथरी, पेशाब में रुकावट, गुर्दे की सूजन व इन्फेक्शन, मूत्राशय की समस्या सहित अन्य मूत्र रोगों का आधुनिक जांच व इलाज किया जाएगा।

हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार ऑपरेशन के इच्छुक मरीजों को अपनी सभी जांच रिपोर्ट के साथ एक दिन पूर्व भर्ती होना अनिवार्य होगा। इस शिविर के लिए अग्रिम पंजीयन आवश्यक रखा गया है।

इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बीज कार्ड एवं बीमा योजना के अंतर्गत निःशुल्क या रियायती इलाज की सुविधा भी उपलब्ध है।

अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु मरीज ओम हॉस्पिटल, सरायपाली से संपर्क कर सकते हैं।

महासमुंद/ इलाज के दौरान बुझ गई जिंदगी, सांकरा थाना क्षेत्र में संदिग्ध सड़क हादसे का खुलासा

महासमुंद/ इलाज के दौरान बुझ गई जिंदगी, सांकरा थाना क्षेत्र में संदिग्ध सड़क हादसे का खुलासा

महासमुंद। थाना सांकरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढाबाखार में सड़क दुर्घटना का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां तेज गति और लापरवाही से बाइक चलाने के कारण एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना सांकरा के मर्ग क्रमांक 44/25 धारा 194 BNSS के तहत मर्ग जांच की गई। मर्ग जांच के दौरान शव पंचनामा, गवाहों, परिजनों के कथन एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि दिनांक 26 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 02:30 बजे विजय सिदार पिता नेहरू सिदार एवं कुमार सिदार पिता कुशवा सिदार, दोनों निवासी ढाबाखार, ग्राम भगतदेवरी से अपने गांव ढाबाखार लौट रहे थे।

जब वे ढाबाखार पुलिया के पास पहुंचे, तभी पीछे से आ रही मोटर साइकिल क्रमांक CG 06 GZ 2815 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए उनकी मोटर साइकिल क्रमांक CG 06 GM 1179 को पीछे से टक्कर मार दी।

दुर्घटना में दोनों युवक सड़क पर गिर गए। कुमार सिदार को सामान्य चोटें आईं, जबकि विजय सिदार के सिर एवं सीने में गंभीर चोटें आईं। घायल विजय सिदार को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना पर मर्ग कायम कर जांच की गई। जांच में मोटर साइकिल क्रमांक CG 06 GZ 2815 के चालक द्वारा अपराध घटित किया जाना पाए जाने पर उसके विरुद्ध धारा 281, 125(a) एवं 106(1) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

बसना/भंवरपुर चौकी क्षेत्र में अवैध शराब पिलाने वालों पर पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

बसना/भंवरपुर चौकी क्षेत्र में अवैध शराब पिलाने वालों पर पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

बसना | महासमुंद पुलिस चौकी भंवरपुर क्षेत्र में अवैध रूप से शराब पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों ही मामलों में आरोपियों के विरुद्ध धारा 36(सी) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

पहला मामला – ग्राम कुरमाडीह

दिनांक 14 दिसंबर 2025 को मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम कुरमाडीह में रेड कार्रवाई की। मौके पर आरोपी दुखुराम राजहंस (35 वर्ष) को अपने घर के पास लोगों को शराब पिलाते हुए पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से

एक पाव देशी मदिरा (180 एमएल में 90 एमएल भरी)

02 नग डिस्पोजल गिलास

कुल कीमत लगभग 60 रुपये की सामग्री जब्त की गई। आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। आरोपी को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया।

दूसरा मामला – ग्राम बनडबरी (ब)

इसी दिन पुलिस ने ग्राम बनडबरी (ब) में आरोपी पिंगल सिंह बरिहा (52 वर्ष) की दुकान पर रेड कार्रवाई की। आरोपी द्वारा दुकान में शराब पीने-पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी। पुलिस को देखकर शराब पीने वाले फरार हो गए। मौके से

02 नग अंग्रेजी शराब (गोवा) पौवा की खाली शीशी

02 नग डिस्पोजल गिलास (शराब की गंध सहित)

जब्त किए गए। आरोपी के पास कोई वैध अनुमति नहीं पाई गई। आरोपी को गिरफ्तार कर जमानत मुचलके पर रिहा किया गया।

दोनों मामलों में देहाती नालसी तैयार कर थाना बसना में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पिलाने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सरायपाली : रामचंडी महाविद्यालय के NSS शिविर का ग्राम मोखापुटका में भव्य समापन,

सरायपाली : रामचंडी महाविद्यालय के NSS शिविर का ग्राम मोखापुटका में भव्य समापन,

सरायपाली।
रामचंडी महाविद्यालय सरायपाली द्वारा ग्राम मोखापुटका में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) शिविर का समापन कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं ग्रामवासियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जिला पंचायत सभापति श्री लोकनाथ बारी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी हरीश चंद्र पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कुमारी भास्कर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री मुकेश धर्मेंद्र चौधरी, ग्राम मोखापुटका के सरपंच श्री लोचन भावना पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रामचंडी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एन. के. भोई, सहायक प्राध्यापक बी.एड. श्री प्रदीप बारीक सहित महाविद्यालय परिवार ने NSS स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि NSS शिविर से विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

समापन कार्यक्रम में ग्राम पंचायत मोखापुटका के सभी पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों द्वारा किए गए सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए शिविर को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया गया।

छत्तीसगढ़: साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

छत्तीसगढ़: साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ  पीएम आवास के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।