महासमुंद/अब आवास योद्धा बनेंगे, राजमिस्त्री प्रशिक्षणार्थी 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण सम्पन्न

महासमुंद/अब आवास योद्धा बनेंगे, राजमिस्त्री प्रशिक्षणार्थी 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण सम्पन्न

 

महासमुन्द/ ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं व युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) महासमुंद द्वारा विकासखण्ड बसना के ग्राम छिर्राबाहरा में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत के 27 ग्रामीण श्रमिकों ने भाग लिया और राजमिस्त्री के व्यवाहारिक व तकनीकी ज्ञान अर्जित किया।

जनपद सीईओ बसना श्री पीयूष सिंग ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को प्रशिक्षण का समापान समारोह आयोजित हुआ। समारोह में बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महासमुंद निदेशक श्री टुटु बेहेरा, पीओ मनरेगा एवं जनपद आवास इन चार्ज, श्री अजय भेड़पाल व श्री आशीष असेसर उपस्थित रहें।

इस दौरान श्री सीईओ श्री पीयूष सिंग ठाकुर ने प्रशिक्षणार्थीयों से बातचीत कर उनका प्रशिक्षण का अनुभव जाना और सीखी गई तकनीकों के बारे में जानकारी ली। उन्होनें कहा कि इस प्रशिक्षण से आप अब केवल श्रमिक नहीं, कुशल राजमिस्त्री बन गए है, और प्रशिक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी निर्माण कार्यों को क्रियान्वित करके आवासीय निर्माण योद्धा कहे जाऐगें।

प्रशिक्षणार्थीयों ने बताया, कि इस प्रशिक्षण से उन्होनें नापना, ईटें की चिनाई, प्लास्टरिंग, लेवरिंग और भवन निर्माण से जुड़ी कई तकनीकें सीखी। अब वह स्वयं आत्मविश्वास के साथ राजमिस्त्री का कार्य कर सकते हैं। समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षर्णीयों को प्रमाण पत्र व राजमिस्त्री के टूल किट वितरित किए गए, जिसमें निर्माण कार्य के आवश्यक औजार शामिल हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षणार्थी अपने कौशल का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यां में करेगें।

महासमुंद जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक सम्पन्न

महासमुंद जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक सम्पन्न

 

महासमुन्द/ जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति की सभापति श्रीमती रामदुलारी सिन्हा ने की। बैठक में सचिव एवं उपायुक्त सहकारिता तथा उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ महासमुंद श्री द्वारिका नाथ, खाद्य अधिकारी श्री अजय यादव, महाप्रबंधक उद्योग श्री मोहन साहू, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. रायपुर प्रक्षेत्र महासमुन्द श्री अविनाश शर्मा, सहकारिता विस्तार अधिकारी तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. रायपुर की महासमुन्द जिले की सभी शाखाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक में सहकारिता एवं उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस दौरान सभापति श्रीमती रामदुलारी सिन्हा ने अधिकारियों को योजनाओं के लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग की योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों, स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रत्येक योजना का पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि योजनाओं की सतत निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए समिति की बैठक प्रतिमाह नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। साथ ही बैठक में सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति, ऋण वितरण, पुनर्भुगतान व्यवस्था तथा उद्योग विभाग की नई पहल एवं निवेश संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

Bastar Investor Connect: बस्तर को मिला 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव, उद्यमियों को 45 प्रतिशत की सब्सिडी

Bastar Investor Connect: बस्तर को मिला 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव, उद्यमियों को 45 प्रतिशत की सब्सिडी

जगदलपुर: राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति ने बस्तर को अब उस मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां डर की पहचान पीछे छूट चुकी है और विकास की नई पहचान गढ़ी जा रही है। कभी माओवादियों के डर से निवेश और विकास के दरवाजे बंद दिखाई देते थे, वह बस्तर अब औद्योगिक भविष्य की उड़ान भरने को तैयार है।

बंदूक के साये से निकलकर औद्योगिक बाजार की ओर की यात्रा की शुरुआत गुरुवार को बस्तर के होटल एंबीशन में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित ”बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट” से हुई, जहां 967 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें बस्तर के कई युवाओं ने नव उद्यमी बनने की ओर पहला कदम बढ़ाया तो बस्तर के बाहर से आए उद्यमियों ने बस्तर में निवेश करने में रुचि दिखाई है।

बस्तर में उज्ज्वल भविष्य की गाथा: सीएम साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘बस्तर की समृद्धि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिखेगी।’ उन्होंने विश्वास जताया कि मार्च 2026 तक माओवाद की बची-खुची छाया भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और यह क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और महानगरों के बाद अब बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित कर औद्योगिक विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है।

नई औद्योगिक नीति से 6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। एक्सप्रेसवे, रेलमार्ग, एयरपोर्ट व औद्योगिक क्षेत्रों से बस्तर उद्योग हब बनेगा।

वाणिज्य मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई नीति निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक और लाभकारी है और निश्चित ही निवेशक बस्तर में आने उत्सुक होंगे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बीजापुर में पहली राइस मिल और जगरगुंडा में इमली मंडी शुरू होने की जानकारी दी।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि माओवाद का खात्मा और प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति बस्तर को उद्योगों के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र बना देगी।

कार्यक्रम में 34 उद्योगों को प्रोत्साहन प्रमाणपत्र दिए गए और वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने निवेशकों के लिए ‘इंसेंटिव कैलकुलेटर’ जैसी डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की।

स्वास्थ्य सेवाओं में सबसे बड़ा निवेश

बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट में 967 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिनमें 668 करोड़ रुपये का निवेश स्वास्थ्य सेवाओं में होने जा रहा है। रायपुर स्टोन क्लिनिक प्रा.लि. के संचालक डॉ. तन्मय अग्रवाल 550 करोड़ रुपये के निवेश से 350 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं, जिससे 200 लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

उनका कहना है कि बस्तर में स्वास्थ्य क्षेत्र की अपार संभावनाएं हैं और आने वाले वर्षों में यहां चिकित्सा सेवाओं का हब तैयार होगा। इसके अलावा, दंतेवाड़ा के गीदम में नवभारत इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस 85 करोड़ रुपये से 200 बेड का अस्पताल बना रहा है।

जगदलपुर के डॉ. मनीष काले भी 33 करोड़ रुपये से मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने की तैयारी में हैं। वहीं, शंकरा लेटेक्स इंडस्ट्रीज 40 करोड़ रुपये से सर्जिकल ग्लव्स निर्माण इकाई लगाएगी, जिससे 150 युवाओं को रोजगार मिलेगा।

नए सपनों का रास्ता: बस्तर को केंद्र में रखकर नई औद्योगिक नीति 2024-30

निवेशकों को 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी

बस्तर के 88%ब्लाक्स समूह तीन में आते हैं, निवेशकों को अधिकतम लाभ

माओवदी से प्रभावित व्यक्तियों, परिवारों के लिए 10% अतिरिक्त सब्सिडी

एससी-एसटी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रोत्साहन

100% स्टाम्प शुल्क व बिजली शुल्क(आठ साल तक) छूट

40% वेतन सब्सिडी (पांच लाख प्रतिवर्ष तक) नई कंपनियाें को जो आत्मसमर्पित माओवादियों को रोजगार देगी

45% सब्सिडी होटल, रिसार्ट, इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, स्कूल, अस्पताल, वेलनेस सेंटर, रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स अकादमी, मिनी-माल व मल्टीप्लेक्स पर

पर्यटन विकास को देखते हुए रायपुर के सेलीब्रेशन रिसार्ट्स एंड होटल प्रा. लि. के संचालक कमलजीत होरा नगरनार में 75 करोड़ रुपये से होटल एवं रिसार्ट का निर्माण कर रहे हैं। वे कहते हैं, सरकार की नई नीति और 45 प्रतिशत सब्सिडी हमें यहां निवेश के लिए आकर्षित कर रही है। बस्तर अब केवल प्राकृतिक सुंदरता का नहीं, बल्कि संभावनाओं का गढ़ बन रहा है।

स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र नियानार की शुरुआत

नियानार में तैयार हो रहा स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र बस्तर की औद्योगिक तस्वीर को और बदलने वाला है। बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की। 118 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस पार्क में 77 औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी, जिनसे 3,000 प्रत्यक्ष और 5,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। यहां सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक करम्प्लेक्स और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं पहले से तय हैं।

CG DMF Scam: मंत्रालय तक पहुंची जांच की आंच, ED के राडार पर अधिकारी और कारोबारी

CG DMF Scam: मंत्रालय तक पहुंची जांच की आंच, ED के राडार पर अधिकारी और कारोबारी

रायपुर: डीएमएफ (जिला खनिज प्रतिष्ठान) फंड से कृषि यंत्रों की खरीदी में हुए 550 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की आंच अब मंत्रालय तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कृषि विभाग के तीन पूर्व निदेशकों और एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी से दो दिन तक लगातार पूछताछ की है। फाइलों और भुगतान दस्तावेजों की जांच जारी है, जिससे जल्द ही और बड़े राजफाश की उम्मीद है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही घोटाले से जुड़े अफसरों के साथ ही कारोबारियों की गिरफ्तारी होगी।

ईडी की जांच में सामने आया है कि डीएमएफ मद से खरीदी गई कृषि सामग्रियों में भारी गड़बड़ी कर 600 करोड़ तक कमीशन का बंदरबांट किया गया। जांच एजेंसी ने राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम से जुड़े ठेकेदारों, सप्लायरों, बिचौलियों के साथ होटल मालिक, सीए, सराफा और दवा कारोबारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।

अब तक 28 ठिकानों पर छापेमारी

अब तक की जांच में ईडी ने 28 स्थानों पर छापेमारी कर चार करोड़ रुपये, 10 किलो चांदी के जेवर और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इससे पहले 21.47 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी है। एजेंसी के राडार पर फिलहाल छह आइएएस और 25 से अधिक सप्लायर हैं।

500-600 करोड़ कमीशन बांटने की आशंका

इस घोटाले की शुरुआत कोरबा जिले से मानी जा रही है, जहां वित्तीय वर्ष 2022-23 तक 2,000 करोड़ रुपये की डीएमएफ राशि प्राप्त हुई। इसमें से करीब 500-600 करोड़ रुपये केवल कमीशन के रूप में बंटने की आशंका जताई जा रही है। कृषि उपकरणों के अलावा निर्माण कार्य और खेल सामग्री की खरीदी में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की माने तो जांच में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल कृषि विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारियों को पूछताछ के दायरे में लाया गया है।

CG Weather Update: अधिकांश इलाके में मध्यम बारिश का संभावना, तापमान में नहीं होगा बदलाव

CG Weather Update: अधिकांश इलाके में मध्यम बारिश का संभावना, तापमान में नहीं होगा बदलाव

छत्तीसगढ़ प्रदेश में मौसम की स्थिति सामान्य बनी हुई है। मानसून का प्रभाव साधारण है। कुछ इलाकों हल्की बारिश हो रही हैं। वहीं एक बार फिर कई इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग की मानें तो मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर श्रीगंगानगर, बरेली, बाराबंकी, डेहरी, पुरुलिया, दीघा और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खड़ी तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण उड़ीसा-उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर स्थित है तथा यह 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

एक द्रोणिका उप हिमालयीन पश्चिम बंगाल और सिक्किम से पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक झारखंड दक्षिण उड़ीसा में स्थित ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण से होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इनके प्रभाव से यह स्थिति बनी है। तभी तो दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। राहत की बात यह कि गर्मी व उमस का अहसास कम हुआ।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के मौसम और तापमान गुरुवार को बिलासपुर का मौसम ठंडक भरा रहा। वातावरण में हल्की नमी महसूस हुई। ठंडी हवाएं चलीं। इस वजह से गर्मी व उमस से थोड़ी राहत मिली। दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे। बारिश के नाम पर कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई।

ऐसा रह सकता है आज का मौसम

आज बारिश की संभावना प्रदेश में 12 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने तथा वज्रपात होने की संभावना है।बिलासपुर अंचल में बारिश का अनुमान है।

बिलासपुर में 12 मिमी बारिश

न्यायधानी में बीते 24 घंटों में 12 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई
है। शहर में एक जून से अब तक 1,183.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से ज्यादा है। वहीं अलग-अलग तहसीलों की बात की जाए तो तखतपुर में इस साल सबसे ज्यादा 1,243 मिमी पानी बरस चुका है। सबसे कम बारिश इस साल कोटा क्षेत्र में 758 मिमी
बरसात हुई है।

CG News: एंबुलेंस ड्राइवर ने नशे में ले ली एक युवक की जान, दीवार तोड़कर घर में घुसी तेज रफ्तार गाड़ी

CG News: एंबुलेंस ड्राइवर ने नशे में ले ली एक युवक की जान, दीवार तोड़कर घर में घुसी तेज रफ्तार गाड़ी

 

राजनांदगांव: खैरागढ़ में गुरुवार की रात तेज रफ्तार एम्बुलेंस घर में जा घुसी। दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। दाऊचौरा नाका के पास एक एंबुलेंस चालक ने कथित तौर पर नशे में गाड़ी चलाई। वाहन पर नियंत्रण खोने से एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक घर में जा घुसी।

एंबुलेंस की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घर की दीवार टूट गई और अंदर खड़ी दो गाड़ियाँ भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसी दौरान 27 वर्षीय युवक रविकांत साहू, निवासी दीवानभेड़ी अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। दुर्भाग्य से वे अनियंत्रित एंबुलेंस की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मरीज को छोड़कर वापस जा रहा था ड्राइवर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस एक निजी संस्थान की है। जिसे राजनांदगांव, बांकल के निवासी गोविंद पटेल (21) चला रहा था। एंबुलेंस राजनांदगांव मेडिकल कॉलजे से मरीज को गातापार घर छोड़कर वापस लौट रहा था, जब यह हादसा हुआ। एक्सीडेंट के बाद मौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एंबुलेंस का ड्राइबर नशे की हालत में तेज रफतार में गाड़ी चला रहा था।

एंबुलेंस अनियंत्रित होकर घर में घुसी है। एंबुलेंस की चपेट में आने से एक युवक की मौत हुई है। एम्बुलेंस निजी है। पुलिस मामला पंजीबद्ध कर जांच कर रही है। ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

-अनिल शर्मा, थाना प्रभारी खैरागढ़

खैरागढ़ में बढ़ रही नशाखोरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि खैरागढ़ में नशे की वजह से सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर युवाओं और ड्राइवरों के बीच शराब व अन्य नशे का सेवन चिंता का विषय बन गया है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार देखने को नहीं मिल रहा।

यह घटना कई सवाल खड़े करती है जब जीवन बचाने के लिए बनी एंबुलेंस ही मौत का कारण बन जाए तो आखिर जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रशासन और पुलिस को नशाखोरी पर कठोर कदम उठाने होंगे, वरना ऐसी त्रासदियां रुकने का नाम नहीं लेंगी।

CG Road Accident: NH 63 पर भीषण हादसा, कार की टक्कर में दो की जिंदा जलकर मौत, एक गंभीर घायल

CG Road Accident: NH 63 पर भीषण हादसा, कार की टक्कर में दो की जिंदा जलकर मौत, एक गंभीर घायल

 

किलेपाल: बस्तर जिल में नेशनल हाइवे 63 पर किलेपाल स्थित ठाकुर हार्डवेयर के सामने गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा (kilepal Road Accident) हो गया। गीदम से आ रही एक वेन्यू कार और बोलेरो वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर हुई, जिसमें दोनों गाड़ियां कुछ ही मिनटों में आग की लपटों में घिर गईं। हादसे में कार सवार दो युवकों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक बाल-बाल बच गया। बोलेरो चालक भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है।

गीदम के हराम पारा निवासी सुनील दास मानिकपुरी, अनिकेत और मानिक वेन्यू कार से दंतेवाड़ा की ओर आ रहे थे। किलेपाल के पास उनकी कार की भिड़ंत सामने से आ रही बोलेरो वाहन से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते आग लग गई। कार में सवार सुनील दास और मानिक बाहर नहीं निकल पाए और लपटों में घिरकर जिंदा जल गए। वहीं, आगे की सीट पर ड्राइवर के बगल में बैठा अनिकेत किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा और उसकी जान बच गई।

दूसरी ओर, बोलेरो चालक बुधराम भी हादसे के बाद किसी तरह गाड़ी से बाहर निकल गया और घायल अवस्था में स्वयं किलेपाल अस्पताल पहुंचा। फिलहाल उसे इलाज के लिए भर्ती किया गया है। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा–तफरी का माहौल रहा और आग बुझाने के लिए पुलिस तथा ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की।

घटना की सूचना मिलते ही किलेपाल पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि कार सवार दोनों युवकों को बाहर निकालने का कोई प्रयास सफल नहीं हो सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

सड़क सुरक्षा पर एसपी का निर्देश

एसपी शलभ सिन्हा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर रफ्तार और लापरवाही ही ऐसे गंभीर हादसों की सबसे बड़ी वजह बन रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि रात के समय वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें, गति सीमा का पालन करें और शराब सेवन कर वाहन न चलाएं।

एसपी ने यह भी कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट जैसी बुनियादी सुरक्षा आदतें जीवन बचा सकती हैं, इसलिए इनका पालन हर हाल में करना चाहिए। पुलिस प्रशासन ने सड़क पर चलने वाले सभी वाहन चालकों से कहा है कि वे सावधानी को प्राथमिकता दें ताकि भविष्य में इस तरह की हृदयविदारक घटनाओं से बचा जा सके।

भारत बनने जा रहा ग्रीन हाइड्रोजन हब 8 लाख करोड़ निवेश, 6 लाख रोजगार : आने वाले वर्षों में ग्रीन हाइड्रोजन से सस्ती पेट्रोल डीजल, बिजली, खाद और इस्पात के साथ करोड़ों को फायदा क्या कैसे होगी फायदे पढ़े पूरी खबर

भारत बनने जा रहा ग्रीन हाइड्रोजन हब 8 लाख करोड़ निवेश, 6 लाख रोजगार : आने वाले वर्षों में ग्रीन हाइड्रोजन से सस्ती पेट्रोल डीजल, बिजली, खाद और इस्पात के साथ करोड़ों को फायदा क्या कैसे होगी फायदे पढ़े पूरी खबर

एनजीएचएम तेजी से प्रगति कर रहा है: 23 अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं पुरस्कृत, बंदरगाह और उद्योग पायलट परियोजनाएं चल रही हैं, और ग्रीन अमोनिया की नीलामी में रिकॉर्ड निम्नतम मूल्य प्राप्त हुए हैं
प्रविष्टि तिथि:
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, श्री प्रल्हाद जोशी ने आज नई दिल्ली में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रथम वार्षिक ग्रीन हाइड्रोजन अनुसंधान एवं विकास कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया और हाइड्रोजन नवाचार में स्टार्ट-अप्स को सहयोग देने हेतु ₹100 करोड़ के नए प्रस्ताव आमंत्रण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह योजना नवीन हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग प्रौद्योगिकियों में पायलट परियोजनाओं के लिए प्रति परियोजना ₹5 करोड़ तक की सुविधा देगी। कॉन्फ्रेंस में, 25 स्टार्ट-अप इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई)-संचालित सुधार और जैविक हाइड्रोजन समाधानों तक, अपने नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे।

शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स, उद्योग जगत के नेताओं और नीति निर्माताओं को संबोधित करते हुए, श्री जोशी ने इस विषय पर जोर दिया कि यह कॉन्फ्रेंस महज विचारों को साझा करने के बारे में नहीं है, बल्कि अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के बारे में है, जो उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं, शहरों को स्वच्छ बना सकते हैं और पूरे भारत में लाखों नए रोजगार निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जिन्होंने 2023 में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य भारत के ऊर्जा परिदृश्य में बदलाव लाना और देश को हरित हाइड्रोजन का वैश्विक केंद्र बनाना है। ₹19,744 करोड़ के आउटले के साथ, यह मिशन चार स्तंभों – नीति और नियामक ढांचा, मांग पैदा करना, अनुसंधान एवं विकास व नवाचार, और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पर आधारित है।

एनजीएचएम के अंतर्गत अनुसंधान एवं विकास में हुई प्रगति

अनुसंधान एवं विकास में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि एनजीएचएम के अंतर्गत समर्पित अनुसंधान एवं विकास योजना ने प्रस्ताव आमंत्रण के पहले दौर में ही 23 परियोजनाएं प्रदान कर दी हैं। इनमें सुरक्षा एवं एकीकरण, बायोमास से हाइड्रोजन उत्पादन, हाइड्रोजन के इस्तेमाल और गैर-बायोमास हाइड्रोजन उत्पादन मार्ग जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। अग्रणी आईआईटी, आईआईएसईआर, सीएसआईआर प्रयोगशालाएं और उद्योग भागीदार इन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। अनुसंधान एवं विकास प्रस्तावों का दूसरा दौर, जो 14 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था, 15 सितंबर 2025 तक खुला रहेगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी, यूरोपीय संघ-भारत व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के अंतर्गत सहयोग मिल रहा है, जिसमें कचरे से हाइड्रोजन उत्पादन पर 30 से अधिक संयुक्त प्रस्ताव मिले हैं।

हरित हाइड्रोजन इकोसिस्टम का निर्माण: विजन से लेकर काम तक

श्री जोशी ने इस विषय पर जोर दिया कि भारत में हरित हाइड्रोजन इकोसिस्टम पहले से ही विजन से लेकर काम करने की ओर अग्रसर है। भारत की पहली बंदरगाह-आधारित हरित हाइड्रोजन पायलट परियोजना तमिलनाडु के वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह पर शुरू की गई है। इस्पात क्षेत्र में, पांच पायलट परियोजनाएं हाइड्रोजन-आधारित डीकार्बोनाइजेशन का प्रदर्शन कर रही हैं। नौवहन क्षेत्र में, तूतीकोरिन बंदरगाह पर जहाजों का नवीनीकरण और ईंधन भरने की सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। परिवहन क्षेत्र में, हाइड्रोजन बसें और ईंधन भरने वाले स्टेशन पहले से ही कार्यरत हैं। उर्वरक के क्षेत्र में, भारत ने अपनी पहली हरित अमोनिया नीलामी आयोजित की, जिसमें 2024 में ₹100.28 प्रति किलोग्राम की तुलना में ₹49.75 प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक न्यूनतम कीमत प्राप्त हुई, और ओडिशा के पारादीप फॉस्फेट्स में इसकी आपूर्ति शुरू होने वाली है।

मंत्री जी ने पहले से मौजूद सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला, जिनमें 140 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर हरित हाइड्रोजन मानक और प्रमाणन योजना, पांच नई परीक्षण सुविधाओं की स्वीकृति, हाइड्रोजन से संबंधित योग्यताओं में 5,600 से अधिक प्रशिक्षुओं का प्रमाणन, और ट्रांसमिशन शुल्क में छूट व सुव्यवस्थित मंज़ूरी जैसी नियामक छूटें शामिल हैं। भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए कांडला, पारादीप और तूतीकोरिन बंदरगाहों पर समर्पित हाइड्रोजन केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एनटीपीसी, रिलायंस और आईओसीएल जैसे बड़े उद्यम और स्टार्ट-अप तथा एमएसएमई, हाइड्रोजन में भारी निवेश कर रहे हैं, एक मजबूत वैल्यू चेन का निर्माण कर रहे हैं और लाखों नए रोजगार निर्मित कर रहे हैं।

भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए, श्री जोशी ने कहा कि एनजीएचएम का लक्ष्य 2030 तक प्रतिवर्ष 50 लाख मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन, 125 गीगावॉट नई नवीकरणीय क्षमता, 8 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 6 लाख नए रोजगार और हर साल 50 मिलियन टन कार्बन डाइ ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाना है।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सम्मेलन के दौरान आयोजित स्टार्टअप प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।

 

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) राष्ट्र को जटिल चुनौतियों का समाधान करने और आर्थिक विकास को गति देने में मदद करता है। प्रो. सूद ने एक मजबूत हरित हाइड्रोजन इकोसिस्टम के निर्माण के लिए निरंतर नवाचार के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “आरएंडडी वैकल्पिक नहीं, बल्कि आवश्यक है।”

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सचिव श्री संतोष कुमार सारंगी ने इस विषय पर प्रकाश डाला कि हरित हाइड्रोजन अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम का बजटीय आउटले ₹400 करोड़ है और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को आगे बढ़ाने में सभी हितधारकों के साथ सहयोग और समर्थन करने के लिए तैयार है।

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अभय भाकरे ने कहा कि भारत आज हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में पूरे विश्व में अग्रणी बनने के मुहाने पर खड़ा है।

एमएनआरई की ओर से आयोजित पहली वार्षिक ग्रीन हाइड्रोजन आरएंडडी कॉन्फ्रेंस 2025 11-12 सितंबर 2025 को आयोजित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञ सत्र, इंटरैक्टिव गोलमेज सम्मेलन और भारत की हरित ऊर्जा क्रांति को आगे बढ़ाने वाली 25 अग्रणी कंपनियों के साथ एक स्टार्ट-अप एक्सपो शामिल होगा।

बसना में आयोजित हुआ आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रोसेस लैब

बसना में आयोजित हुआ आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रोसेस लैब

 

महासमुंद जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत बसना के सभा कक्ष में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रोसेस लैब का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 12 आदि ग्रामों के सरपंच, सचिव, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान पाठक एवं सक्रिय महिलाएं सम्मिलित हुईं। जिन ग्रामों से प्रतिनिधि पहुंचे उनमें जमदरहा, रंगमटिया, तिलईदादर, बिलखंड, पुरुषोत्तमपुर, चिपरिकोना, बनडबरी, कुरमाडीह, बुन्देलाभाठा, बेलटिकरी, भुतहाबाहरा एवं लोहारपाली शामिल रहे।

बसना सीईओ श्री पीयूष ठाकुर ने बताया कि कार्यशाला में ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने संबंधी प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही अभियान के उद्देश्य और रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

उल्लेखनीय है कि यह अभियान “Last Mile Service Distribution” के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों ने अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने की शपथ ली और अपने ग्रामों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह, सी. पी. राधाकृष्णन बने भारत के नए उपराष्ट्रपति

राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह, सी. पी. राधाकृष्णन बने भारत के नए उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली, 12 सितम्बर 2025।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित गरिमामय शपथ ग्रहण समारोह में श्री सी. पी. राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, संसद सदस्य, राज्यपाल, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

श्री राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति पदभार संभालने के साथ ही वे राज्यसभा के सभापति का दायित्व भी निभाएंगे। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।

सी. पी. राधाकृष्णन को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, जनसेवा और संसदीय कार्यकुशलता के लिए जाना जाता है। उपराष्ट्रपति पद पर उनके कार्यकाल से संसद की कार्यवाही और भी सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

9 सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को सिर्फ 300 वोट मिले। चुनाव में राधाकृष्णन को भारी मतों से जीत मिली। माना जा रहा है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंगी भी हुई। इंडिया ब्लॉक के 10 से अधिक सांसदों ने सीपी राधाकृष्णन को वोट दिया। इस पर सियासत भी खूब गरमाई।