महासमुंद/बाल श्रम के विरुद्ध जिले में श्रम विभाग की पहल ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों दी जा रही जानकारी

महासमुंद/बाल श्रम के विरुद्ध जिले में श्रम विभाग की पहल ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों दी जा रही जानकारी

महासमुंद, छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम के उन्मूलन हेतु व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से आमजन को बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों की जानकारी दी जा रही है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के नियोजन को पूर्णतः रोकना और 14 से 18 वर्ष की उम्र के किशोरों को खतरनाक क्षेत्र में कार्यों से दूर रखना है।

श्रम पदाधिकारी श्री डी. एन पात्र ने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रकार के कार्य में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष के किशोरों का 107 अधिसूचित कार्यों एवं स्थलों में नियोजन गैरकानूनी है। इनमें मुख्य रूप से कारखाना, होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट, घरेलू कार्य, ईंट भट्ठा, खपरेल निर्माण, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, गैरेज, भवन एवं अन्य निर्माण कार्य, विस्फोटक पदार्थ, पटाखा निर्माण/बिक्री, बीड़ी-तंबाकू उद्योग, अगरबत्ती निर्माण, कृषि कार्य जिसमें मशीनों का उपयोग हो, खाद्य सामग्री निर्माण, पत्थर खदान, कोयला खदान (भूमिगत/जलमग्न) आदि कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्थान उपरोक्त नियमों का उल्लंघन करते हुए बालक अथवा किशोर को कार्यरत पाता है, तो उसे न्यूनतम 06 माह से 02 वर्ष तक के कारावास या 20 हजार से 50 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। साथ ही अधिनियम के तहत प्रत्येक संस्थान में बाल श्रम निषेध सूचना को प्रदर्शित करना अनिवार्य है। श्रम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी स्थान पर बाल श्रमिक कार्यरत दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग के टोल फ्री नम्बर 1800-233-2197 पर दर्ज कराएं, जिससे बच्चों को उनके अधिकार और सुरक्षित भविष्य मिल सके।

 

महासमुंद/संकल्प से सफलता तक : महिला समूह ने बदली परिवार की जीवन की दिशा

महासमुंद/संकल्प से सफलता तक : महिला समूह ने बदली परिवार की जीवन की दिशा

महासमुंद / जिला मुख्यालय महासमुंद के वार्ड क्रमांक 11 की रहने वाली एक साधारण लेकिन संकल्पित महिला ने दिखाया कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और अवसर का सही उपयोग किया जाए, तो कोई भी परिवार आत्मनिर्भर बन सकता है।

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की सीओ श्रीमती प्रेमशीला ने बताया कि गरीब परिवारों की 10 महिलाओं का यह स्वयं सहायता समूह छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहा था। शासन की योजनाओं के तहत इन्हें बैंक से 3 लाख रुपये का ऋण दिलवाया गया ताकि वे अपने व्यवसाय को सशक्त बना सकें। इन्हीं में से एक महिला सदस्य श्रीमती गंगा बाई निर्मलकर ने यह ऋण लेकर अपने परिवार की स्थिति बदलने का प्रयास किया।

उनके पति श्री दूजराम निर्मलकर मूलतः ड्राई क्लीनर का कार्य करते थे। और वो खुद अपने पति का हाथ बटाती थी। उनके पति पुराने टू-व्हीलर से वे घर-घर जाकर कपड़े एकत्र करते थे, जो बरसात और धूल के कारण खराब हो जाते थे। इससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और ग्राहक भी असंतुष्ट रहते थे। इस स्थिति को बदलने के लिए उनकी पत्नी श्रीमती गंगा बाई निर्मलकर ने महिला समूह के माध्यम से बैंक से मिले ऋण का उपयोग कर एक इलेक्ट्रॉनिक ई-रिक्शा खरीदा और घर-घर जाकर प्रेस के कपड़े उसी ई-रिक्शा से एकत्र करने लगे। जिससे न सिर्फ कपड़ों की सुरक्षा होती है बल्कि कार्यक्षमता भी बढ़ी है। ई-रिक्शा से समय बचने पर श्री दूजराम स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने, शिक्षकों को पहुंचाने जैसे सवारी कार्य भी करने लगे हैं, जिससे उनकी आय में इज़ाफा हुआ है। आज वे हर महीने 5 से 6 हजार रुपए तक की आय कर लेते हैं। वहीं, उनकी पत्नी प्रेस और ड्रायक्लीन के काम से 7-8 हजार रुपए तक कमा रही हैं। इस दंपति ने मिलकर यह सिद्ध किया है कि सही मार्गदर्शन, समूह की शक्ति और शासन की योजनाओं का लाभ लेकर एक गरीब परिवार भी आत्मनिर्भरता की मिसाल बन सकता है। वे न केवल अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रहे हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

समूह के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, स्वास्थ्य बीमा, अटल पेंशन योजना जैसी योजनाओं का भी लाभ मिला है। नियमित बचत, समय पर लोन की वापसी, बैंक से संवाद, और अन्य वित्तीय गतिविधियों में अब वे कुशल हो चुके हैं। दूजराम निर्मलकर का कहना है कि आज मेरी पत्नी ने महिला समूह से जुड़कर बैंक से ऋण लिया और हमारे परिवार की स्थिति को सशक्त किया। हर महिला ऐसा ही प्रयास करे, समूह से जुड़ें, और अपने जीवन में परिवर्तन लाएं यही सच्ची आत्मनिर्भरता है।

छत्तीसगढ़: पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में बड़ा एक्शन, PWD के 5 अधिकारी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

छत्तीसगढ़: पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में बड़ा एक्शन, PWD के 5 अधिकारी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

छत्तीसगढ़ बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को जांच कर रही टीम ने बड़ा एक्शन लेते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गए अधिकारियों में दो रिटायर्ड कार्यपालन अभियंता (EE), एक वर्तमान EE, एक SDO और एक सब-इंजीनियर शामिल हैं। सभी को दो दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है और पूछताछ जारी है।

आज गिरफ्तार :-

1. डी.आर. साहू (सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता)

2. वी.के. चौहान (सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता)

3. एच.एन. पात्र – तत्कालीन कार्यपालन अभियंता

4. प्रमोद सिंह कंवर – SDO बीजापुर

5. संतोष दास – उप अभियंता, जगदलपुर

रिमांड पर :

1. सुरेश चंद्राकर

अग्रिम जमानत पर :

1. बी. एल ध्रुव – तत्कालीन कार्यपालन अभियंता

2. आर.के. सिन्हा – SDO

3. जी.एस. कोडोपी – उप अभियंता

बंद पड़े सेप्टिक टैंक से मिली थी लाश:

1 जनवरी 2025 को मुकेश चंद्राकर अपने घर से निकले और फिर वापस नहीं लौटे। 3 जनवरी को उनकी लाश एक बंद पड़े सेप्टिक टैंक से बरामद हुई। इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया था।

हत्या की वजह : मुकेश चंद्राकर एक स्वतंत्र पत्रकार थे, जो बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का लगातार खुलासा कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने वीडियो पोर्टल पर घटिया सड़क निर्माण कार्य को उजागर किया था। बताया जाता है कि इन रिपोर्टों से नाराज होकर ठेकेदार सुरेश चंद्राकर जो खुद मुकेश का रिश्तेदार भी था उसने उनकी हत्या की साजिश रची थी

महासमुंद/पालक-शिक्षक बैठक 06 अगस्त को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु स्कूल-पालक समन्वय पर विशेष जोर

महासमुंद/पालक-शिक्षक बैठक 06 अगस्त को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु स्कूल-पालक समन्वय पर विशेष जोर

महासमुंद, छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप तथा कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों में प्रथम बैठक बुधवार 06 अगस्त 2025 को प्रातः 11ः00 बजे से पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक का उद्देश्य पालकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, दैनिक गतिविधियों एवं समस्याओं से अवगत कराना। बच्चों को पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना। ड्रॉप आउट दर को कम करने हेतु पालकों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना। बच्चों को परीक्षा तनाव से मुक्त करने हेतु काउंसलिंग किया जाना है। विद्यालय स्तर पर द्वितीय बैठक तिमाही परीक्षा पश्चात 10 दिवस के भीतर एवं तृतीय बैठक छःमाही परीक्षा पश्चात 10 दिवस के भीतर आयोजित की जाएगी।

बैठक में शिक्षकों द्वारा पालकों को शासन द्वारा संचालित विद्यार्थी हितग्राही योजनाओं, शैक्षणिक कार्यक्रमों, और शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी, ताकि पालक एवं विद्यार्थी इन योजनाओं का अधिकतम लाभ ले सकें। साथ ही प्रमुख विषयों जैसे घर का वातावरण व छात्र की दिनचर्या, बच्चों की नैतिक सीख एवं निष्कर्ष, बच्चा बोलेगा बेझिझक – संवाद पर बल, अकादमिक प्रगति एवं परीक्षा प्रदर्शन, बस्ता रहित शनिवार की गतिविधियां, स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण संबंधी जानकारी, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र की स्थिति, न्योता भोज कार्यक्रम, छात्रवृत्ति एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी, पॉक्सो एक्ट 2012 का प्रचार-प्रसार एवं डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म जैसे दीक्षा एप, ई-जादुई पिटारा, डिजिटल लाइब्रेरी का उपयोग पर चर्चा की जाएगी।

पीटीएम के लिए जिला स्तरीय, विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी की ड्यूटी प्रत्येक संकुलवार लगाई गई है। सभी अधिकारी आबंटित पीटीएम बैठक में शामिल होंगे तथा मॉनिटरिंग करेंगे। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा टीम द्वारा भी मॉनिटरिंग की जाएगी।

 

महासमुंद कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक

महासमुंद कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित हुआ। इस बैठक में बाल श्रम (निषेध और नियमन) के लिए किए गए कार्यों की जानकारी ली गई।

कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी सदस्यों और स्वयंसेवी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे समन्वय स्थापित कर प्रतिमाह बालक और कुमार श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) नियम 2017 की धारा 2 बी (2) के तहत संयुक्त निरीक्षण की कार्रवाई करें। कलेक्टर ने ऐसे बच्चों की जानकारी, जो एक माह से विद्यालय में अनुपस्थित हैं, श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। जिसमें एक माह में शाला से अनुपस्थित बाल एवं किशोर की संख्या निरंक है। कलेक्टर ने कहा कि चिन्हांकित बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत औपचारिक प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 4 के तहत उचित आयु वर्ग की औपचारिक शालाओं में प्रवेश दिया जाएगा। कलेक्टर ने संयुक्त टीम को बाल श्रम के संबंध में होटल, ढाबों और औद्योगिक संस्थानों में सतत निरीक्षण करने तथा कमी पाए जाने पर संस्थानों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधान अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए है।

जिला स्तरीय टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि समिति के माध्यम से संयुक्त टीम द्वारा 12 जून से 30 जून तक बाल श्रमिक/अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षावृत्ति, मादक द्रव्यों के शिकार बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू/पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिला स्तरीय टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा 6 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार 02 जून से 10 जून तक एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाकर संयुक्त टीम द्वारा 12 संस्थानों का निरीक्षण किया गया।

जिसमें 03 संस्थानों को बाल श्रम निषेध सूचना पटल प्रदर्शित नहीं किए जाने पर नोटिस जारी किया गया। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिकवेन्द्र जटवार, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ / 2 ननों को धर्मांतरण और मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है पर गरमाई सियासत, दुर्ग जेल के बाहर सांसदों का धरना, दिल्ली तक हंगामा

छत्तीसगढ़ / 2 ननों को धर्मांतरण और मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है पर गरमाई सियासत, दुर्ग जेल के बाहर सांसदों का धरना, दिल्ली तक हंगामा

 

छत्तीसगढ़ में केरल की दो नन की गिरफ्तारी को लेकर आज संसद के बाहर कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी, हिबी ईडन, केसी वेणुगोपाल और अन्य कांग्रेस सांसदों ने प्रदर्शन किया है. इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से दोनों ननों को रिहा करने की मांग की है. आपको बता दें कि दोनों कैथोलिक ननों को धर्मांतरण और मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है. 

मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में रेलवे पुलिस ने दुर्ग रेलवे स्टेशन पर इन दोनों ननों प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस को गिरफ्तार किया था. इसके अलावा इनके साथ सुकमन मंडावी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. आपको बता दें कि यह गिरफ्तारी एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई थी.

आखिर पूरा मामला क्या है?
लिखी शिकायत में बताया गया है कि दोनों ननों पर तीन महिलाओं जबरन धर्मांतरण करने का आरोप है. इसके अलावा, नारायणपुर से तस्करी के लिए ले जाने की भी बात कही गई है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इन महिलाओं के परिवारों ने इनकार किया है कि उन्हें मानव तस्करी के लिए ले जाया गया था.

कहां की रहने वाली हैं नन
मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों नन केरल की रहने वाली हैं, इसी वजह से छत्तीसगढ़ से लेकर केरल तक इसकी आंच पहुंच रही है. इस मामले को लेकर राजनीति विवाद और बढ़ता ही जा रही है. एक नन प्रीति मैरी मूल रूप से एर्नाकुलम जिले के इलावूर की रहने वाली बताई जा रही है. वहीं वंदना फ्रांसिस कन्नूर जिले के उदयगिरि गांव की रहने वाली हैं. बताया जा रहा है कि इन दोनों की जो बहने हैं, वो भी नन ही है.

तत्काल रिहाई की मांग की
इस मामले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि छत्तीसगढ़ में 2 ननों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाकर जेल भेजना, यह न्याय नहीं, बल्कि बीजेपी-आरएसएस का भीड़तंत्र है. इसे खतरनाक पैटर्न बताया है कि बीजेपी सरकार में अल्पसंख्यकों का सिस्टैटिक उत्पीड़न है. वहीं UDF सांसदों ने संसद में प्रदर्शन करते हुए कहा कि हम चुप नहीं बैठेंगे. दोनों ननों की तत्काल रिहाई होनी चाहिए.

 

सीएम विष्णु साय क्या बोले?
वहीं इस छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने भी कहा कि यह मामला धर्मांतरण से जुड़ा है. इसके अलावा, मानव तस्करी का भी आरोप है. कानून अपने तरीके से कार्रवाई करेगा. इस पर कांग्रेस पूरी तरह से राजनीतिक रोटियां सेंक रही है, जो कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है

बसना /अंशुला में आध्यात्मिक आयोजन ने लिया राजनीतिक स्वर,मंत्री दयालदास बघेल व विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने जताई क्षेत्रीय समृद्धि की कामना

बसना/अंशुला में आध्यात्मिक आयोजन ने लिया राजनीतिक स्वर,मंत्री दयालदास बघेल व विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने जताई क्षेत्रीय समृद्धि की कामना

महायज्ञ में जुटी जनता, विधायक डॉ संपत अग्रवाल और मंत्री दयालदास बघेल ने सुनीं समस्याएँ-दिया समाधान का आश्वासन

आध्यात्मिक आयोजन के बहाने मिला जनसंवाद का अवसर,अंशुला में मंत्री दयालदास बघेल और विधायक डॉ संपत अग्रवाल का अभिनंदनीय प्रवास

श्री श्री 108 सद्गुरु श्री सियाराम दास महाराज जी के सानिध्य में महायज्ञ का भव्य आयोजन, मंत्री दयालदास बघेल और विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने लिया आशीर्वाद

बसना विधानसभा के ग्राम अंशुला में आयोजित महायज्ञ में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं महासमुंद जिला प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल तथा बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने भाग लेकर आयोजन को गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम की शुरुआत में मंत्री एवं विधायक ने जोंक नदी के तट पर स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की एवं तत्पश्चात सद्गुरु श्री सियाराम दास जी से आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

पूजन पश्चात आयोजित ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने मंत्री बघेल के समक्ष स्थानीय समस्याओं को रखा तथा सामुदायिक भवन की आवश्यकता जताई। मंत्री दयालदास बघेल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कलेक्टर और अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इससे ग्रामीणों ने गहरी संतुष्टि व्यक्त की।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि बसना विधानसभा उनका अपना परिवार है, और सद्गुरु श्री सियाराम दास जी का अंशुला ग्राम में आगमन पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य का प्रतीक है। उन्होंने मंत्री दयालदास बघेल के साथ उपस्थिति को विकास के लिए शुभ संकेत बताते हुए कहा कि मंत्री दयालदास बघेल के आगमन से क्षेत्र के विकास में और प्रगति आएगी।

इस अवसर पर ग्रामीणों ने विशेष रूप से विधायक डॉ संपत अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए यह कहा कि उनकी पहल के कारण ही सद्गुरु का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और साथ ही मंत्री दयालदास बघेल के आगमन से स्थानीय समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया।

आकस्मिक प्रवास के दौरान कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल और क्षेत्रीय विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने ग्रीन पंचायत सपोस निवासी पिथोरा के जनपद पंचायत अध्यक्ष ऊषा पुरुषोत्तम धृतलहरें के निवास स्थान में कार्यकर्ताओं से शिष्टाचार भेंट मुलाकात की।

इस पावन महायज्ञ अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल , पिथोरा जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल,बसना जनपद उपाध्यक्ष मोहित पटेल , पिथौरा जनपद सदस्य पुरुषोत्तम धृतलहरे , सरपंच सपोस किशोर बघेल,निरंजन यादव , प्रहलाद पटेल,कामेश बंजारा,आकाश सिन्हा,त्रिलोचन भोई,स्थानीय पंचायत के सरपंच ,पंच,बसना मंडल ,साकरा मंडल , भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता सहित भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

न्यूरो सर्जन डॉ. चन्द्रमुक़ेश धावड़े 1 अगस्त को ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में देंगे परामर्श

न्यूरो सर्जन डॉ. चन्द्रमुक़ेश धावड़े 1 अगस्त नको ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में देंगे परामर्श

सरायपाली, प्रदेश के प्रसिद्ध मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग विशेषज्ञ डॉ. चन्द्रमुक़ेश धावड़े आगामी 1 अगस्त 2025 (शुक्रवार) को ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में रोगियों को परामर्श देने के लिए उपस्थित रहेंगे। वे सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।

डॉ. धावड़े MBBS, MS, MCH (Neuro Surgeon) JIPMER हैं और SHNRC वेल्लोर में पूर्व कंसल्टेंट रह चुके हैं। न्यूरो और स्पाइन रोगों के विशेषज्ञ डॉ. धावड़े का परामर्श हर माह के प्रथम और तृतीय शुक्रवार को मिलेगा।

उपलब्ध इलाज में शामिल हैं –

सिर का बड़ा होना

सिर की चोट

असामान्य सिर दर्द

चक्कर आना

माइग्रेन व मिर्गी

नसों का दबना

स्ट्रोक लकवा

शंट सर्जरी

विशेष सुविधाएं:

आयुष्मान कार्ड / राशन कार्ड / इन्श्योरेंस से इलाज

बैंक कार्ड से निशुल्क इलाज की सुविधा

हर गुरुवार को निशुल्क परामर्श

अग्रिम पंजीयन अनिवार्य

सम्पर्क करें: फोन – 07725-299360

मोबाइल – 83700-08558

ओम हॉस्पिटल, सरायपाली (स्थान – स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाईवे, सरायपाली, छ.ग.)

पिथौरा युवक की हत्या हत्याकांड में आरोपी गिरफ्तार, नाले में दबा मिला अमित चौधरी का शव

 

 

पिथौरा, 30 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र में 24/25 जुलाई से लापता 28 वर्षीय अमित चौधरी की गुमशुदगी के मामले ने दिल दहला देने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुख्य संदिग्ध को उड़ीसा के खरियार रोड के पास से धर दबोचा। आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा में हत्या की बात कबूल कर ली ओर अन्य 4 आरोपी होने की बात कही जा रही है जो पुलिस ब्रीफ के बाद स्पष्ट होगा शव को पीलवापाली जंगल के नाले में दबाए जाने की जगह बताई, जो जली हुई मोटरसाइकिल की घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर थी। बावजूद, पुलिस को शव बरामद करने में चार दिन लग गए,

बताया जा रहा है आरोपी ने जुर्म कबूला ओर शव तक ले कर गया
पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए संदिग्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अमित चौधरी की हत्या कर शव को पीलवापाली जंगल के एक नाले में रेत के नीचे दबा दिया था। पुलिस ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया और मंगलवार, 29 जुलाई को शव बरामद किया। शव की पहचान के लिए अमित के छोटे भाई अमन चौधरी को घटनास्थल पर बुलाया गया। शव नाले में रेत में दबा था, जिसमें केवल पिछला हिस्सा दिखाई दे रहा था। मौके पर एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह, एसडीओपी अजीत ओगरे, थाना प्रभारी टी. उमेश वर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

खुलासा बाकी धारदार हथियार से हत्या
पुलिस ने शव को बरामद कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।नौक पर शव परिक्षण के प्रारंभिक जाँच अनुसार अमित के सिर के पिछले हिस्से में धारदार हथियार से गहरी चोट के निशान मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी हत्या पीछे से वार कर की गई। पुलिस हत्या और साक्ष्य छिपाने के तहत मामले की पड़ताल कर कार्यवाही करेंगी इधर मुख्य आरोपी से गहन पूछताछ जारी है।

अमन का भावनात्मक टूटन
शव की पहचान के दौरान अमन अपने भाई के कपड़ों और शव को देखकर भावनात्मक रूप से टूट गया। अधिकारी के निर्देश मिलने के बाद रेत हटाने के दौरान वह रोते हुए बार-बार बेहोश होने की कगार पर था,अन्य एक दोस्त के साथ उसने हिम्मत दिखाते हुए प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान si सिकंदर भोई ने साहस का परिचय देते हुए अमन की मदद की। अमन ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, “मेरे भाई को बेरहमी से मारा गया। हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।”

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पिथौरा, 30 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र में 24/25 जुलाई से लापता 28 वर्षीय अमित चौधरी की गुमशुदगी के मामले ने दिल दहला देने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुख्य संदिग्ध को उड़ीसा के खरियार रोड के पास से धर दबोचा। आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा में हत्या की बात कबूल कर ली ओर अन्य 4 आरोपी होने की बात कही जा रही है जो पुलिस ब्रीफ के बाद स्पष्ट होगा शव को पीलवापाली जंगल के नाले में दबाए जाने की जगह बताई, जो जली हुई मोटरसाइकिल की घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर थी। बावजूद, पुलिस को शव बरामद करने में चार दिन लग गए,

बताया जा रहा है आरोपी ने जुर्म कबूला ओर शव तक ले कर गया
पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए संदिग्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अमित चौधरी की हत्या कर शव को पीलवापाली जंगल के एक नाले में रेत के नीचे दबा दिया था। पुलिस ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया और मंगलवार, 29 जुलाई को शव बरामद किया। शव की पहचान के लिए अमित के छोटे भाई अमन चौधरी को घटनास्थल पर बुलाया गया। शव नाले में रेत में दबा था, जिसमें केवल पिछला हिस्सा दिखाई दे रहा था। मौके पर एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह, एसडीओपी अजीत ओगरे, थाना प्रभारी टी. उमेश वर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

खुलासा बाकी धारदार हथियार से हत्या
पुलिस ने शव को बरामद कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।नौक पर शव परिक्षण के प्रारंभिक जाँच अनुसार अमित के सिर के पिछले हिस्से में धारदार हथियार से गहरी चोट के निशान मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी हत्या पीछे से वार कर की गई। पुलिस हत्या और साक्ष्य छिपाने के तहत मामले की पड़ताल कर कार्यवाही करेंगी इधर मुख्य आरोपी से गहन पूछताछ जारी है।

अमन का भावनात्मक टूटन
शव की पहचान के दौरान अमन अपने भाई के कपड़ों और शव को देखकर भावनात्मक रूप से टूट गया। अधिकारी के निर्देश मिलने के बाद रेत हटाने के दौरान वह रोते हुए बार-बार बेहोश होने की कगार पर था,अन्य एक दोस्त के साथ उसने हिम्मत दिखाते हुए प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान si सिकंदर भोई ने साहस का परिचय देते हुए अमन की मदद की। अमन ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, “मेरे भाई को बेरहमी से मारा गया। हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।”

थाना सांकरा ग्राम चारभांठा में अवैध शराब बिक्री पर पुलिस की कार्रवाई, एक महिला गिरफ्तार

थाना सांकरा ग्राम चारभांठा में अवैध शराब बिक्री पर पुलिस की कार्रवाई, एक महिला गिरफ्तार

ग्राम चारभांठा, महासमुंद थाना सांकरा पुलिस ने मंगलवार को अवैध शराब बिक्री की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम चारभांठा में दबिश देकर एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला के कब्जे से दो लीटर महुआ शराब बरामद की गई है।

थाना सांकरा में पदस्थ प्रधान आरक्षक नीलकंठ नायक ने बताया कि वह स्टाफ के साथ ग्राम पाटनदादर की ओर गश्त पर रवाना हुए थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम चारभांठा में एक महिला अपने बाड़ी में अवैध रूप से महुआ शराब रखकर बिक्री के लिए तैयार कर रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दो स्वतंत्र गवाहों को साथ लेकर बताए गए स्थान पर छापेमारी की।

मौके पर श्रीमति संध्या भोई, पति जोगीराम भोई (उम्र 50 वर्ष), निवासी ग्राम चारभांठा, उपस्थित मिली। पूछताछ में संध्या ने शराब अपने पास रखना स्वीकार किया। तलाशी लेने पर उसके पास से दो लीटर क्षमता की सफेद स्प्राइट बॉटल में भरी हुई दो लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत लगभग 400 रुपये आंकी गई है, बरामद की गई।

महिला को मौके पर ही धारा 34(1)(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर, विधिवत नोटिस दिया गया। चूंकि अपराध जमानतीय था और महिला ने सक्षम जमानतदार प्रस्तुत किया, अतः उसे मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक के साथ आरक्षक क्रमांक 603, 514 व मआर 444 शामिल थे। जप्त शराब को विधिवत सीलबंद कर पंचनामा तैयार किया गया और आगे की विवेचना जारी है।