‘ऑपरेशन निश्चय’ का प्रहार: गांजा तस्करी करते नाबालिग समेत 13 गिरफ्तार, 3 जिलों में बड़ी कार्रवाई

रायपुर/महासमुंद/धमतरी । ऑपरेशन निश्चय के तहत रेंज पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में कपड़ा फेरी करने वाले नाबालिग समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में कार्रवाई के दौरान गांजा और मोटरसाइकिलें जब्त की गईं।

पुलिस के अनुसार आरोपी कपड़ा फेरी करने का दिखावा कर मोटरसाइकिलों की पिछली सीट के नीचे बनाए गए लोहे के कंपार्टमेंट में गांजा छिपाकर परिवहन कर रहे थे। गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा और रायगढ़ा क्षेत्र से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था।

महासमुंद में कार्रवाई

महासमुंद पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाए जा रहे 215 किलोग्राम गांजे के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना बसना पुलिस ने पांच मोटरसाइकिलों को रोककर जांच की। आरोपी खुद को कपड़ा विक्रेता बता रहे थे। तलाशी में मोटरसाइकिलों की पिछली सीट के नीचे बने लोहे के कंपार्टमेंट में गांजा मिला।

एक अन्य मामले में 23 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

थाना कोमाखान पुलिस ने टेमरी जांच नाका में होंडा साइन मोटरसाइकिल से 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया।

महासमुंद में गिरफ्तार आरोपी में   मेताप टाटिया,  रमेश चौहान, राजू कुमावत टाकिया,  दीपक राजपूत, प्रकाश बंजारा,  मोहम्मद रिहान,  मनोज सिंह सभी निवासी मध्यप्रदेश,  चंद्रशेखर,  जितेन्द्र, विकास सभी निवासी महाराष्ट्र हैं।

महासमुंद में जब्त संपत्ति में 247 किलोग्राम गांजा, 7 मोटरसाइकिलें, 6 मोबाइल फोन,  गांजा छिपाने के लिए उपयोग किए गए 5 लोहे के जाले हैं।  जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपये बताई गई है।

धमतरी में कार्रवाई

धमतरी जिले में वाहन जांच के दौरान 131.005 किलोग्राम गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी कपड़ा विक्रेता बनकर तीन मोटरसाइकिलों में गांजा छिपाकर परिवहन कर रहे थे। मोटरसाइकिलों की पिछली सीट के नीचे लोहे के कंपार्टमेंट बनाए गए थे।

धमतरी में गिरफ्तार आरोपी में राजेश ओबनी,  दौलत सिंह दोनों निवासी मध्यप्रदेश और एक विधि से संघर्षरत बालक है।

धमतरी में जब्त संपत्ति में 131 किलोग्राम गांजा, 3 मोटरसाइकिलें,  3 मोबाइल फोन,  1000 रुपये नकद है। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 69 लाख 61 हजार रुपये बताई गई है।

सोमनाथ मंदिर हमारे वैभव और संस्कृति का अमूल्य धरोहर-सांसद रूपकुमारी चौधरी

विधायक योग्श्वर राजू सिन्हा ने कहा धर्म और संस्कृति ही हमारी पहचान

महासमुंद। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर सोमवार को प्रात: 9 बजे पुरातात्विक एवं धार्मिक नगरी गंधेश्वर महादेव मंदिर परिसर में विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य आयोजन का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया तथा भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा भगवान गंधेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर जिलेवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के अध्यक्ष येतराम साहू,दाऊलाल चंद्राकर, सरपंच पुष्पा माली, कलेक्टर विनय लंगेह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आत्मगौरव और अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के संघर्ष और अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है, जो भारतीय सभ्यता की अमर चेतना और सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुडऩे का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ पहला ज्योतिर्लिंग है। आक्रांताओं द्वारा सन 1026 में बार-बार आक्रमण किया। लेकिन हर बार महारानी अहिल्या बाई होलकर ने इसके वैभव को बरकरार रखा। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा हम करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। सोमनाथ बहुत बड़ा पर्यटन का केंद्र था। माता अहिल्या बाई होलकर ने बार-बार जीर्णोद्धार किया और उसके वैभव को बरकार रहा। अंत में धर्म और सत्य की जीत हुई।

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और गौरव का महापर्व है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमें हमारे इतिहास, त्याग और सभ्यतागत मूल्यों की याद दिलाता है तथा आने वाली पीढिय़ों को भारतीय संस्कृति से जोडऩे का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति पर जिसने भी हमला किया उसे हमारे धर्म और संस्कृति ने ही बचाया। इसकी रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। हमें अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

अतिथियों ने कार्यक्रम में सोमनाथ से सीधा प्रसारण कार्यक्रम देखा। अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जनपद अध्यक्ष दिशा दीवान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी,प्रशांत श्रीवास्तव, अरविंद प्रहरे,राहुल चंद्राकर, आनंद साहू, जनपद सीईओ बीएस मंडावी, जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा सहित जनप्रतिनिध, श्रद्धालु और आम नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

आम आदमी पार्टी ने महासमुंद जिले में पेयजल संकट को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा

महासमुंद। आम आदमी पार्टी ने महासमुंद जिले में पेयजल संकट को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश झाबक ने कहा कि जिले के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जल स्तर गिरने से पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि टैंकरों से पानी वितरण के दौरान लोगों की भीड़ लग रही है। उनके अनुसार महासमुंद शहर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में भी पेयजल संकट बना हुआ है।

ज्ञापन में कहा गया है कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और बरसात में जलभराव की समस्या हर वर्ष सामने आती है। पार्टी ने इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।

आम आदमी पार्टी ने यह भी कहा कि कुछ क्षेत्रों में लोगों को मटमैला और अस्वच्छ पानी मिल रहा है। पार्टी ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

महासमुंद: सुशासन के संकल्प से खिलखिला उठे चेहरे, ग्राम अछोला में समाधान शिविर ने बदली तस्वीर

महासमुंद । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। जहां एक ओर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर आम जनता के लिए खुशियों का जरिया बन रहे हैं। इसी कड़ी में महासमुंद विकासखंड के ग्राम अछोला में आयोजित शिविर से एक बेहद सुखद तस्वीर सामने आई है।

अछोला निवासी देवव्रत गोलदार और उनकी पत्नी गायत्री गोलदार अपने 2 साल के मासूम बेटे अरनव के साथ पहुंचे थे। माता-पिता की इच्छा थी कि उनके लाडले की अपनी एक डिजिटल पहचान हो। उन्होंने समाधान शिविर में इसके लिए आवेदन किया और इसके तुरंत बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की गई और नन्हे अरनव को उसकी नई डिजिटल पहचान मिल गई।

अपने बच्चे का पहचान पत्र इतनी सहजता और शीघ्रता से बनते देख माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भावुक और प्रसन्न मन से देवव्रत और गायत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यह शिविर वास्तव में समाधान का सच्चा केंद्र साबित हो रहे हैं।

शोक समाचार: बागबाहरा के वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण खरे का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

महासमुंद,13 मई। बागबाहरा निवासी वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण खरे का बुधवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत सहित महासमुंद और रायपुर क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। वे करीब तीन माह से बीमार थे।

प्रवीण खरे ने पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय अखबारों में रिपोर्टर और ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। पिछले कई वर्षों से वे राजधानी रायपुर में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे थे। उनके निधन से पत्रकार साथियों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों में गहरा दु:ख व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार आज 13 मई को रायपुर में किया जाएगा। उनके निधन पर पत्रकार संगठनों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

CG NEWS: बोर्ड परीक्षा के दौरान VIDEO बनाना पड़ा भारी, DPI ने केंद्र अध्यक्ष समेत 5 को किया सस्पेंड

महासमुंद. बोर्ड परीक्षा के दौरान एग्जाम हॉल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है. भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल (SAGES) परीक्षा केंद्र में बड़ी लापरवाही और अनियमितता पाए जाने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष और पर्यवेक्षक समेत कुल 5 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, महासमुंद जिले के परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031 (स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिन्दी माध्यम विद्यालय, भंवरपुर) में बोर्ड परीक्षा के दौरान सुरक्षा और जांच में गंभीर चूक हुई थी. नियमों को ताक पर रखकर एक छात्रा परीक्षा कक्ष के भीतर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (डिजिटल कैमरा) लेकर प्रवेश कर गई. छात्रा ने न केवल कैमरा अंदर ले जाकर परीक्षा की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की, बल्कि उसे सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया. इस घटना से शिक्षा विभाग की छवि काफी धूमिल हुई है।

जांच में खुली पोल

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महासमुंद की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती थी. उनकी भूमिका को संदिग्ध मानते हुए संचालक, लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत इसे गंभीर कदाचार माना है.

निलंबित होने वाले कर्मचारी

गंगा प्रसाद पटेल – व्याख्याता (केंद्र अध्यक्ष)

अनिरूद्ध भोई – व्याख्याता (सहायक केंद्र अध्यक्ष)

दिनेश कुमार दास – व्याख्याता (सहायक केंद्र अध्यक्ष)

दुर्गाप्रसाद पटेल – सहायक शिक्षक एल.बी. (पर्यवेक्षक)

विजिया बुड़ेक – नियमित भृत्य

आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान इन सभी पांचों लोक सेवकों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, महासमुंद नियत किया गया है. निलंबन काल में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी. विभाग ने डीईओ को यह भी निर्देश दिया है कि 7 दिनों के भीतर संबंधितों के विरुद्ध आरोप पत्र का प्रारूप संचालनालय को उपलब्ध कराएं.

मौत का नाला: बाघ को मारने के लिए पानी में घोला जहर, वन विभाग ने नाकाम किया शिकारियों का ‘मास्टर प्लान’।

गरियाबंद,। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार की खौफनाक साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। वन विभाग की एंटी पोचिंग टीम ने ओडिशा के 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर बाघ के शिकार की बड़ी योजना को समय रहते नाकाम कर दिया। आरोपियों के पास से जहर, चीतल के सींग, जहरीली मछलियां और केकड़े बरामद किए गए हैं। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों को 7 साल तक की सजा हो सकती है।सूत्रों के मुताबिक, ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के कुछ शिकारी उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सक्रिय बाघ को मारने की साजिश रच रहे थे। सूचना मिलते ही वन विभाग ने 5 दिन पहले ही ओडिशा बॉर्डर से लगी पहाड़ियों और बीहड़ों में 3 विशेष चौकी और कैंप स्थापित कर निगरानी शुरू कर दी थी।

कार्रवाई के दौरान 9 मई को ओडिशा निवासी 76 वर्षीय रमन हेरना को पकड़ा गया। उसके पास से चीतल का सींग बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसने बाघ की खाल हासिल करने के लिए कुसुमखूंटा गांव के व्यक्ति को “कॉन्ट्रैक्ट” दिया था। आरोप है कि बाघ को जहर और तीर-कमान से मारने की योजना बनाई गई थी और कटफाड़ गांव के कई लोगों को इसमें शामिल किया गया था।

इसके बाद एंटी पोचिंग टीम ने जांच आगे बढ़ाई और 10 मई को कटफाड़ गांव के 6 आरोपियों को रानीबरझोला नाला में जहर डालकर शिकार करते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी बाघ और हाथियों के विचरण क्षेत्र में नाले का पानी जहरीला कर वन्यजीवों को मारने की कोशिश कर रहे थे। मौके से जहर की शीशी, मरी हुई मछलियां और केकड़े जब्त किए गए।गिरफ्तार आरोपियों में बुधराम पहरिया, अनंतराम पहरिया, मनलाल पहरिया, दिगसन पहरिया, धनु चिड़ा और मधुराम पहरिया शामिल हैं। सभी को JMFC राजिम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वन विभाग अब थर्मल ड्रोन, बॉर्डर कैंप और लगातार पेट्रोलिंग के जरिए जंगल की निगरानी कर रहा है। गरियाबंद पुलिस की फॉरेंसिक टीम की मदद से जब्त जहर को रायपुर एफएसएल लैब भेजा जा रहा है।वन विभाग का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और वन्यजीवों के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

24 घंटे में किडनैपर्स के चंगुल से युवक को छुड़ाया, झारखंड से 3 आरोपी गिरफ्तार।

रायगढ़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अपहरण मामले का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने झारखंड से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त दो स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किए हैं।जानकारी के अनुसार, मुड़ागांव रामनाथपुर निवासी 55 वर्षीय शिवप्रसाद बंजारा ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका 26 वर्षीय पुत्र रवि नारायण बंजारा का झारखंड से आए तीन युवकों ने घर में घुसकर अपहरण कर लिया। प्रार्थी के मुताबिक, रवि पहले धान खरीदी-बिक्री के व्यवसाय में झारखंड निवासी पवन साहू के साथ काम करता था।

बताया गया कि 11 मई 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे आरोपी पवन साहू, विष्णु साहू और नरेश उर्फ नरेंद्र साहू दो स्कॉर्पियो वाहनों में रवि के घर पहुंचे। आरोपियों ने 12 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद बताते हुए रवि के साथ मारपीट की और उसे जबरन वाहन में बैठाकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए लैलूंगा पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की और रांची में दबिश दी।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रवि को सकुशल छुड़ाया तथा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

बंद केमिकल फैक्ट्री की जमीन उगल रही अंगारे, खेल रहे मासूम झुलसे।

जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर शहर के बलिराम कश्यप वार्ड में स्थित वर्षों से बंद पड़ी एक केमिकल फैक्ट्री अब स्थानीय लोगों के लिए खतरा बन गई है। फैक्ट्री परिसर में पड़े केमिकल वेस्ट मटेरियल में लगातार आग धधक रही है, जिसकी चपेट में आकर बच्चे झुलस रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार चार बच्चे इस धधकती जमीन की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से दो बच्चों को इलाज के लिए महारानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्चों के अलावा मवेशी और बड़े लोग भी इस खतरनाक क्षेत्र की चपेट में आ रहे हैं। वार्डवासियों ने बताया कि यह केमिकल फैक्ट्री करीब 30 वर्षों से बंद पड़ी हुई है। फैक्ट्री में पहले दवाइयों का निर्माण किया जाता था। लंबे समय से बंद होने के कारण भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं और परिसर की चारदीवारी भी कई जगहों से टूट चुकी है।

फैक्ट्री परिसर में वर्षों से केमिकल वेस्ट का बड़ा ढेर पड़ा हुआ है। अब इस वेस्ट मटेरियल के भीतर लगातार आग धधक रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 4 हजार वर्ग फीट क्षेत्र इसकी चपेट में है। जमीन के भीतर अंगारे जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं और कई जगहों से गर्म धुआं व भाप निकलती रहती है। खेलते समय हादसे का शिकार हो रहे बच्चे क्षेत्र में खुले पड़े परिसर के कारण आसपास के बच्चे वहां खेलने पहुंच जाते हैं। खेलते-खेलते बच्चे जमीन के भीतर धधक रही आग पर पहुंच जाते हैं, जिससे उनके पैर बुरी तरह झुलस रहे हैं।

वार्डवासियों के मुताबिक अब तक चार बच्चों के पैर गंभीर रूप से जल चुके हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा हादसा हो सकता है।वहीं घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर महापौर संजय पांडे और निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा पहुंचे दमकल वाहन के साथ पहुंचे और जमीन के नीचे धधक रही आग पर पानी डाला , हालांकि सतही तौर पर आग ठंडी हो गई लेकिन जमीन के नीचे इसके धधकते रहने की आशंका है।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर संजय पांडे ने कहा कि ये स्थान एक बंद पड़ी कैमिकल फैक्ट्री है ,जो कि निजी संपति है ,इस स्थान पर साल के पेड़ के छिलके से ओलियानोलिक एसिड बनाया जाता था। यह 40 से 50 वर्ष पूर्व की बात है उसके बाद यह फैक्ट्री बंद कर दी गई थी। संजय पांडे ने बताया कि वार्ड पार्षद के द्वारा उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि इस स्थान पर जमीन के नीचे आग धधक रही और कोई व्यक्ति इस स्थान पर जाता है तो जमीन धंस जाती है और व्यक्ति जल जाता है। उन्होंने कहा कि इस बंद फैक्ट्री नवजीवन एंड संस के मालिक को यहां मौजूद है। संजय पांडे ने कहा कि फायर ब्रिगेड की सहायता से प्रारंभिक तौर पर आग पर काबू पाया गया है , इसकी जांच की जाएगी कि आग जमीन के कितने नीचे तक है ।तब तक इस स्थान पर प्रवेश निषेध का बोर्ड भी लगाया जायेगा।

वहीं नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने बताया कि पार्षद के द्वारा इस घटना की सूचना मिली जिसके बाद नगर निगम का अमला SDRF की टीम के साथ पहुंचा है । उन्होंने बताया कि यहां पर पूर्व में साल के छिलके से ओलियानोलिक एसिड बनाया जाता था ।उसी के बायप्रोडक्ट पर आग लगी है जो जमीन के बहुत नीचे तक है । उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के मैनेजर को बुलाया गया है और जानकारी ली जा रही । आयुक्त ने कहा कि इस स्थान पर झुलसे लोगों के द्वारा पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है । नगर निगम द्वारा सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

सरायपाली: धड़ल्ले से ग्रामीण क्षेत्र में बिना पैकिंग और एक्सपायरी डेट के बिक रहे पानी पाउच, बॉटल और कोलड्रिंक जीरा,कलेक्टर के निर्देशन के जांच कार्यवाही के बाद भी नहीं सुधरे हालात , क्या कहा अधिकारी ने पढ़े पूरी खबर 

सरायपाली: धड़ल्ले से ग्रामीण क्षेत्र में बिना पैकिंग और एक्सपायरी डेट के बिक रहे पानी पाउच, बॉटल और कोलड्रिंक जीरा,कलेक्टर के निर्देशन के जांच कार्यवाही के बाद भी नहीं सुधरे हालात , क्या कहा अधिकारी ने पढ़े पूरी खबर

सरायपाली mahajanpad news.com / महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक में बिना स्पष्ट पैकिंग डेट और एक्सपायरी जानकारी वाले पानी पाउच खुलेआम बाजार में बिक रहे हैं। हाल ही में सामने आए कई अलग-अलग पानी पाउच में “Best Before Within 30 Days/1 Month From The Date of Packing” तो लिखा मिला, लेकिन सबसे जरूरी “Packed On” यानी पैकिंग तारीख स्पष्ट रूप से अंकित नहीं थी।

 

इन कम्पनी का पानी देखे मामले में सामने आए पानी पाउच में Chhaya Industries, मोखा पुटखा ।Ganesh Enterprises, मुड़पहार तथा । सरोवर Industries ओड़िया पारा सरायपाली नाम की कंपनियों के पाउच शामिल हैं। कई पाउच में पैकिंग और एक्सपायरी से जुड़ी जानकारी अधूरी या अस्पष्ट दिखाई दी

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरायपाली क्षेत्र में ऐसे कई पानी पाउच, पानी बॉटल, कोल्ड्रिंक और जलजीरा पैकेज देखने को मिल जाते हैं, जिनमें पैकेजिंग डेट, एक्सपायरी डेट या अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से अंकित नहीं रहती।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार के निर्देश पर जिलेभर में फूड सेफ्टी विभाग द्वारा जांच अभियान चलाया गया था। इसके बावजूद सरायपाली क्षेत्र में नियमों की अनदेखी जारी रहने के आरोप लग रहे हैं।
मामले में सरायपाली के फूड सेफ्टी अधिकारी श्री भोई ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशन में पहले भी जांच कर कई जगहों को सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके यदि सुधार नहीं हो रहा है तो संबंधित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मुड़पहार स्थित गणेश इंटरप्राइजेस के संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि कई बार इंक खत्म हो जाने के कारण पानी पाउच में पैकिंग और एक्सपायरी डेट छूट जाती है। वहीं दूसरे कंपनी संचालक ने भी कहा कि “ऐसे तो नहीं होता, किसी-किसी पाउच में छूट जाता है।”
हालांकि उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक-दो पाउच में गलती होती तो बात अलग थी, लेकिन दुकानों में एक पूरी बोरी तक ऐसे पानी पाउच मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सिर्फ पैकिंग और एक्सपायरी वाली जानकारी में ही इंक खत्म हो जाना समझ से परे है, जबकि बाकी प्रिंट स्पष्ट दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार बिना पैकिंग डेट और एक्सपायरी जानकारी वाले पानी पाउच लोगों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। लंबे समय तक रखा गया पैक्ड पानी दूषित होने, बैक्टीरिया पनपने या प्लास्टिक के रासायनिक तत्व घुलने का खतरा बढ़ा सकता है। गर्मी के मौसम में ऐसे पानी के सेवन से उल्टी, दस्त, पेट संक्रमण और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पैकिंग तारीख नहीं होने से उपभोक्ता यह तय ही नहीं कर पाते कि पानी ताजा है या पुराना।

खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों में पैकिंग डेट, बैच नंबर, एक्सपायरी/बेस्ट बिफोर जानकारी, निर्माता का नाम और FSSAI लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना जरूरी माना जाता है, ताकि उपभोक्ता सुरक्षित उत्पाद की पहचान कर सकें।