रायपुर/महासमुंद/धमतरी । ऑपरेशन निश्चय के तहत रेंज पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में कपड़ा फेरी करने वाले नाबालिग समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में कार्रवाई के दौरान गांजा और मोटरसाइकिलें जब्त की गईं।
पुलिस के अनुसार आरोपी कपड़ा फेरी करने का दिखावा कर मोटरसाइकिलों की पिछली सीट के नीचे बनाए गए लोहे के कंपार्टमेंट में गांजा छिपाकर परिवहन कर रहे थे। गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा और रायगढ़ा क्षेत्र से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था।
महासमुंद में कार्रवाई
महासमुंद पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाए जा रहे 215 किलोग्राम गांजे के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना बसना पुलिस ने पांच मोटरसाइकिलों को रोककर जांच की। आरोपी खुद को कपड़ा विक्रेता बता रहे थे। तलाशी में मोटरसाइकिलों की पिछली सीट के नीचे बने लोहे के कंपार्टमेंट में गांजा मिला।
एक अन्य मामले में 23 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
थाना कोमाखान पुलिस ने टेमरी जांच नाका में होंडा साइन मोटरसाइकिल से 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया।
महासमुंद में गिरफ्तार आरोपी में मेताप टाटिया, रमेश चौहान, राजू कुमावत टाकिया, दीपक राजपूत, प्रकाश बंजारा, मोहम्मद रिहान, मनोज सिंह सभी निवासी मध्यप्रदेश, चंद्रशेखर, जितेन्द्र, विकास सभी निवासी महाराष्ट्र हैं।
महासमुंद में जब्त संपत्ति में 247 किलोग्राम गांजा, 7 मोटरसाइकिलें, 6 मोबाइल फोन, गांजा छिपाने के लिए उपयोग किए गए 5 लोहे के जाले हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपये बताई गई है।
धमतरी में कार्रवाई
धमतरी जिले में वाहन जांच के दौरान 131.005 किलोग्राम गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी कपड़ा विक्रेता बनकर तीन मोटरसाइकिलों में गांजा छिपाकर परिवहन कर रहे थे। मोटरसाइकिलों की पिछली सीट के नीचे लोहे के कंपार्टमेंट बनाए गए थे।
धमतरी में गिरफ्तार आरोपी में राजेश ओबनी, दौलत सिंह दोनों निवासी मध्यप्रदेश और एक विधि से संघर्षरत बालक है।
धमतरी में जब्त संपत्ति में 131 किलोग्राम गांजा, 3 मोटरसाइकिलें, 3 मोबाइल फोन, 1000 रुपये नकद है। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 69 लाख 61 हजार रुपये बताई गई है।

सूत्रों के मुताबिक, ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के कुछ शिकारी उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सक्रिय बाघ को मारने की साजिश रच रहे थे। सूचना मिलते ही वन विभाग ने 5 दिन पहले ही ओडिशा बॉर्डर से लगी पहाड़ियों और बीहड़ों में 3 विशेष चौकी और कैंप स्थापित कर निगरानी शुरू कर दी थी।
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वन विभाग अब थर्मल ड्रोन, बॉर्डर कैंप और लगातार पेट्रोलिंग के जरिए जंगल की निगरानी कर रहा है। गरियाबंद पुलिस की फॉरेंसिक टीम की मदद से जब्त जहर को रायपुर एफएसएल लैब भेजा जा रहा है।वन विभाग का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और वन्यजीवों के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।