मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

रायपुर–छत्तीसगढ़ में इन दिनों जब भी सामूहिक विवाह समारोहों में शहनाइयां गूंजती हैं, तो वह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन में बंधने का अवसर नहीं होता, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशील शासन व्यवस्था का जीवंत उत्सव बन जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह योजना प्रदेश में सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली यह पहल वास्तव में  ‘बेटियों के साथ सुशासन का आशीर्वादÓ बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने हजारों गरीब परिवारों की चिंताओं को कम करते हुए बेटियों के सपनों को नई पहचान दी है। यह योजना आज प्रदेश में सामाजिक समरसता, महिला सम्मान और जनकल्याण का ऐसा मॉडल बन चुकी है, जिसने यह साबित किया है कि शासन की योजनाएं यदि संवेदनशील सोच के साथ लागू हों, तो वे सीधे लोगों के जीवन में खुशियां ला सकती ह

गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों का विवाह अक्सर आर्थिक चिंता का बड़ा कारण बन जाता है। कई बार परिवार कर्ज लेने को मजबूर होते हैं, तो कई बार सामाजिक दबाव और फिजूलखर्ची उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की गई।योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि विवाह को गरिमामय, सादगीपूर्ण और सामाजिक सहयोग का माध्यम बनाना है। यह योजना सामूहिक विवाहों को बढ़ावा देकर दहेज जैसी कुरीतियों पर भी प्रभावी रोक लगाने का काम कर रही है।राज्य शासन ने योजना को और अधिक मानवीय स्वरूप देते हुए विधवा, अनाथ और निराश्रित कन्याओं को भी इसमें शामिल किया है, इससे यह योजना सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों तथा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के कार्डधारी परिवारों की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को लाभ प्रदान किया जाता है।प्रत्येक कन्या विवाह हेतु शासन द्वारा अधिकतम 50 हजार रुपये तक सहायता दी जाती है। इसमें वर-वधु के लिए श्रृंगार सामग्री, उपहार सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही 35 हजार रुपये की राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में दी जाती है, जिससे नवदंपति आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ अपने नए जीवन और खुशहाल की शुरुआत कर सकें। विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी प्रति कन्या 8 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है।

— 24 हजार से अधिक बेटियों के जीवन में आई नई खुशियां

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 24 हजार से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। यह केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की खुशी और राहत की कहानी है, जिनके लिए बेटियों का विवाह कभी बड़ी चिंता हुआ करता था

8 मई 2026 को प्रदेशभर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों ने छत्तीसगढ़ को उत्सवमय बना दिया। रायपुर से लेकर दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक हजारों लोगों ने इन आयोजनों में भाग लिया। हर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सादगी के साथ विवाह सम्पन्न हुए।

इन समारोहों की सबसे बड़ी खूबी इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह बंधन में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।

–महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की संवेदनशील पहल

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस योजना को प्रभावी और जनहितकारी स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेशभर में सुव्यवस्थित सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।

श्रीमती राजवाड़े लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हर आयोजन में नवदंपति और उनके परिजनों को गरिमापूर्ण वातावरण मिले। विवाह स्थलों की सजावट, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल सहायता योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सामाजिक समानता का अभियान है।

–6412 जोड़ों का विवाह और विश्व रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाई है। 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया और इसके लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि सामूहिक विवाह केवल सामाजिक सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और जनभागीदारी की मजबूत मिसाल भी बन सकता हैं।

— सुशासन का संवेदनशील चेहरा

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आज छत्तीसगढ़ में सुशासन के संवेदनशील और मानवीय स्वरूप का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को सम्मान, परिवारों को आत्मविश्वास और समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही है।

बसना: एम्स एवं नारायणा अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों 15 से 17 मई तक अग्रवाल नर्सिंग होम में किडनी, त्वचा, माइग्रेन, दमा, पथरी एवं पेट रोगों का इलाज

1. किडनी रोग एवं डायलिसिस विभाग
बसना में अब किडनी रोगों का आधुनिक इलाज, 15 मई को विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे परामर्श
बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 15 मई 2026 को किडनी रोग एवं डायलिसिस विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रवि धर मरीजों का परीक्षण एवं परामर्श देंगे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन डायलिसिस सुविधा उपलब्ध है तथा किडनी फेल्योर, पथरी, यूरिन संक्रमण, सूजन, पेशाब संबंधी समस्याओं सहित कई गंभीर बीमारियों का उपचार किया जाएगा।
डॉ. रवि धर (MBBS, DNB नेफ्रोलॉजिस्ट) दोपहर 2 बजे से मरीजों को परामर्श देंगे। अस्पताल में जिले का एडवांस 8 बेड वाला डायलिसिस यूनिट भी संचालित किया जा रहा है। बीजू एवं आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

2. त्वचा रोग, सौंदर्य एवं यौन रोग विशेषज्ञ
त्वचा और बालों की समस्याओं के लिए बसना में विशेषज्ञ परामर्श शिविर 16 मई को
अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में 16 मई 2026 शनिवार को त्वचा रोग, सौंदर्य एवं यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार द्वारा विशेष परामर्श शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में स्किन एलर्जी, मुंहासे, दाग-धब्बे, फंगल इंफेक्शन, बाल झड़ना, गंजापन एवं विभिन्न त्वचा रोगों का उपचार किया जाएगा।
डॉ. अजीत कुमार (MBBS, MD Skin & VD – BHU) लेजर एवं कॉस्मेटिक सर्जरी विशेषज्ञ हैं तथा AIIMS, KGMU और मेकाहारा में सेवाएं दे चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की है।

3. मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग परामर्श
माइग्रेन, लकवा और नस संबंधी रोगों के इलाज हेतु न्यूरोलॉजिस्ट 17 मई को बसना में उपलब्ध
बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 17 मई 2026 को मस्तिष्क एवं स्पाइन रोगों के लिए विशेष परामर्श शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पंकज शाह मरीजों का परीक्षण करेंगे।
शिविर में माइग्रेन, सिर दर्द, चक्कर, लकवा, पार्किंसन, ब्रेन ट्यूमर, नसों की समस्या, कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी संबंधी रोगों का उपचार एवं परामर्श दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सुबह 11 बजे से मरीजों का परीक्षण शुरू होगा।

 

4. पेट, लीवर एवं फेफड़ा रोग विशेषज्ञ शिविर
एम्स एवं नारायणा अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर 16 मई को बसना में देंगे सेवाएं
बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम में 16 मई 2026 शनिवार को एम.एम.आई. एवं नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों को परामर्श देंगे। शिविर में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अनुपम महापात्रा तथा पल्मोनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. दिपेश मडके उपलब्ध रहेंगे।
डॉ. अनुपम महापात्रा पेट, लीवर एवं आंत संबंधी रोगों का उपचार करेंगे, वहीं डॉ. दिपेश मडके दमा, सांस एवं छाती रोगों का परीक्षण करेंगे। अस्पताल में एंडोस्कोपी सुविधा तथा आयुष्मान एवं बीजू कार्ड से इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

बंद परिसर में पड़े केमिकल वेस्ट से धधकते आग के चपेट में आ रहे बच्चे, मवेशी व अन्य

जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय में निगम क्षेत्र अंर्तगत बलिराम कश्यप वार्ड में स्थित वर्षों से बंद पड़ी एक केमिकल फैक्ट्री अब स्थानीय लोगों के लिए खतरा बन गई है। फैक्ट्री परिसर में पड़े केमिकल वेस्ट मटेरियल में लगातार आग धधक रही है, जिसकी चपेट में आकर स्थानीय चार बच्चे चपेट में आ चुके हैं। इनमें से दो बच्चों को इलाज के लिए महारानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्चों के अलावा मवेशी और अन्य भी चपेट में आ रहे हैं।

वार्डवासियों ने बताया कि यह केमिकल फैक्ट्री करीब 30 वर्षों से बंद पड़ी हुई है। फैक्ट्री में पहले दवाइयों का निर्माण किया जाता था। लंबे समय से बंद होने के कारण भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं और परिसर की चारदीवारी भी कई जगहों से टूट चुकी है। फैक्ट्री परिसर में वर्षों से केमिकल वेस्ट का बड़ा ढेर पड़ा हुआ है। अब इस वेस्ट मटेरियल के भीतर लगातार आग धधक रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 4 हजार वर्ग फीट क्षेत्र इसकी चपेट में है। जमीन के भीतर अंगारे जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं और कई जगहों से गर्म धुआं व भाप निकलती रहती है। खुले पड़े परिसर के कारण आसपास के बच्चे वहां खेलने पहुंच जाते हैं। खेलते-खेलते बच्चे जमीन के भीतर धधक रही आग पर पहुंच जाते हैं, जिससे उनके पैर बुरी तरह झुलस रहे हैं। वार्डवासियों के मुताबिक अब तक चार बच्चों के पैर गंभीर रूप से जल चुके हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय निवासी गणेश ने आरोप लगाया कि मामले की जानकारी कई बार प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। फैक्ट्री परिसर चारों ओर से खुला होने के कारण लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्री परिसर को तत्काल सील किया जाए, धधक रहे केमिकल वेस्ट को हटाया जाए और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

मैदान गीला होने की वजह से टॉस में देरी, 8:15 बजे निरीक्षण

रायपुर–आईपीएल 2026 का 57वां मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जाना है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में टॉस 7:00 बजे होना था, लेकिन मैदान गीला होने की वजह से देरी हो रही है। रात 8:15 बजे निरीक्षण किया जाएगा।

दोनों टीम की पॉसिबल प्लेइंग-11

बेंगलुरु- विराट कोहली, जैकब बेथेल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेवि रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम

कोलकाता- अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती और वैभव अरोड़ा

सरायपाली बागबाहरा के 4 खाद विक्रेताओं पर FIR दर्ज के निर्देश

 

महासमुंद,13 मई //जिले के 4 उर्वरक विक्रेताओं को अनियमित रूप से यूरिया उर्वरक वितरण करने के कारण उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने उर्वरक निरीक्षक बागबाहरा एवं उर्वरक निरीक्षक सरायपाली को संबंधित फर्मों मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली, मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली,

 

आर. एस. ट्रेडर्स बागबाहरा एवं जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया के प्रोपराइटर के विरूद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिये है। उक्त फर्मों द्वारा अनियमित रूप से दिनांक 16 मार्च 2026 से 29 मार्च 2026 तक यूरिया उर्वरक का वितरण किया गया था। पूर्व में भी अनियमित रूप से यूरिया उर्वरक वितरण करने के कारण जिले के 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाईसेंस 21 दिवस के लिये निलंबित किया गया था। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिले में पास मशीन से ही उर्वरक वितरण के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने कृषको से अपील की है, कि वे अपने रकबे के अनुसार एवं पॉस मशीन के माध्यम से ही उर्वरकों की खरीदी करे एवं उर्वरक क्रय करते समय दुकानदार से बिल अवश्य ले तथा जो निजी विक्रेता ज्यादा कीमत पर यूरिया, डी.ए.पी. एवं अन्य उर्वरकों का विक्रय करे उसकी शिकायत संबंधित विकासखण्ड के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसीलदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से करें।

पिथौरा: सुशासन तिहार 5 लखपति दीदी सम्मानित, स्व-सहायता समूहों को 4 लाख ऋण और दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक उपकरण 15 मई को 15 मई को ग्राम मोंगरा, मुढ़ीपार, गढ़फुलझर एवं नगरपालिका सरायपाली में शिविर आयोजित

पिथौरा: सुशासन तिहार 5 लखपति दीदी सम्मानित, स्व-सहायता समूहों को 4 लाख ऋण और दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक उपकरण 15 मई को 15 मई को ग्राम मोंगरा, मुढ़ीपार, गढ़फुलझर एवं नगरपालिका सरायपाली में शिविर आयोजित

 

महासमुंद, 13 मई 2026। महासमुंद पुलिस की एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना बसना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने 8 किलो 100 ग्राम गांजा जब्त कर एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, पलसापाली बैरियर पर वाहनों की सघन चेकिंग के दौरान ओडिशा की ओर से आ रही सफेद रंग की अशोक लीलैंड वाहन क्रमांक MH 45 AF 4521 को रोका गया। चालक के संदिग्ध व्यवहार पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें वाहन के डाला के नीचे बनाए गए विशेष गुप्त चेंबर में गांजा छिपाकर रखने की बात सामने आई।

तलाशी के दौरान खाकी और पीले रंग के टेप से लिपटे 8 पैकेट गांजा बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 8 किलो 100 ग्राम बताया गया है। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि गांजे की खेप ओडिशा के बरपाली से नागपुर ले जाई जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शफीक खान (40 वर्ष) निवासी अशोक नगर, पारडी, नागपुर (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(ख)(ii)(ख) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 4 लाख रुपये कीमत का गांजा, 5 लाख रुपये कीमत का अशोक लीलैंड वाहन और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत 9 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क के सोर्स प्वाइंट और डेस्टिनेशन प्वाइंट की जांच में जुटी हुई है। महासमुंद पुलिस के अनुसार पिछले चार महीनों में जिले में 89 प्रकरणों में 6348.881 किलो गांजा जब्त करते हुए 233 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के आरोपी भी शामिल हैं।

15 मई को ग्राम मोंगरा, मुढ़ीपार, गढ़फुलझर एवं नगरपालिका सरायपाली में शिविर आयोजित

महासमुंद, 13 मई 2026/ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह में गत दिवस जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती ऊषा धृतलहरे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, जिला पंचायत सदस्य रामदुलारी सीताराम सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य जगमोती भोई, सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा, जनपद सदस्य पुरुषोत्तम धृतलहरे उपस्थित थे।
शिविर मंे जनपद अध्यक्ष श्रीमती ऊषा धृतलहरे ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने शासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन शिविरों के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही त्वरित समाधान उपलब्ध हो रहा है। जिला पंचायत सदस्य रामदुलारी सिन्हा ने कहा कि शासन की योजनाएं अब सीधे गांव-गांव तक पहुंच रही हैं तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल रहा है। सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। शासन का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी तरह अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक रहने तथा योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर में श्री सतपाल सिंह छाबड़ा, भारती अग्रवाल, कंवलजीत छाबड़ा, मथामणी बढ़ई, विधायक प्रतिनिधि हरप्रसाद पटेल, श्री नरेंद्र बोरे, श्री कृष्ण कुमार साहू, श्री हलधर साव, सरपंच हेमंत ठाकुर, कमलेश डड़सेना, विजय चौधरी सहित एसडीएम बजरंग वर्मा, तहसीलदार मनीषा देवांगन, जनपद पंचायत सीईओ योगेश्वरी बर्मन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच-सचिव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया तथा ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित होकर अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन दिए। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 5 श्रमिकों को जॉब कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 लखपति दीदी को सम्मान पत्र एवं 2 स्व-सहायता समूहों को 4 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया। इसी तरह शिक्षा विभाग द्वारा 2 दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक उपकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग ने 7 गर्भवती महिलाओं को प्रोटीन किट एवं राजस्व विभाग द्वारा हितग्राहियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसी तरह आज पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरनईदादर, ग्राम पंचायत आंवराडबरी बागबाहरा एवं ग्राम पंचायत केना सरायपाली में भी शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रामीणजनों की समस्याओं का निराकरण एवं हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

उल्लेखनीय है कि 15 मई 2026 को महासमुंद विकासखंड अंतर्गम ग्राम पंचायत मोंगरा में, पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत मुढ़ीपार, बसना अंतर्गत ग्राम गढ़फुलझर एवं सरायपाली नगरपालिका परिषद् में शिविर का आयोजन किया जाएगा।

महासमुंद: महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी के नाम पर वसूली! सरायपाली-बसना के 4 CSC सेंटर ब्लॉक

महासमुंद: महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी के नाम पर वसूली! सरायपाली-बसना के 4 CSC सेंटर ब्लॉक
महासमुंद, मई 2026। विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी कार्य में शुल्क वसूली की शिकायतों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच के बाद सरायपाली और बसना क्षेत्र के 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, महतारी वंदन योजना अंतर्गत महिला हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य सीएससी संचालकों के माध्यम से किया जा रहा है। मीडिया एवं अन्य माध्यमों से लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ सीएससी संचालक ई-केवाईसी के नाम पर महिलाओं से पैसे मांग रहे हैं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर रायपुर से प्रोजेक्ट मैनेजर की टीम महासमुंद पहुंची और जांच की। जांच एवं प्राप्त शिकायतों के आधार पर ऐसे 4 सीएससी संचालकों की आईडी को महतारी वंदन योजना के कार्य से ब्लॉक कर दिया गया।
ब्लॉक किए गए सीएससी संचालकों में सरायपाली क्षेत्र के परशुराम रात्रे, राजू बरिहा और नरहरि कुमार शामिल हैं, जबकि बसना क्षेत्र से वृंदावती भोई की आईडी पर कार्रवाई की गई है।

जांच टीम ने स्पष्ट किया कि महतारी वंदन योजना का ई-केवाईसी कार्य पूरी तरह निःशुल्क है। यदि किसी ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या अन्य माध्यम से शुल्क लेने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित सीएससी संचालकों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी आईडी निरस्त या बंद की जाएगी।
प्रशासन ने हितग्राहियों से अपील की है कि ई-केवाईसी के लिए किसी को भी राशि न दें और अवैध वसूली होने पर तत्काल शिकायत करें।

जिला स्तरीय परामर्शदात्री, रिव्यु एवं आरसेटी परामर्शदात्री समितियों की बैठक 14 मई को

महासमुंद 13 मई 2026- जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय रिव्यु समिति एवं जिला स्तरीय आरसेटी परामर्शदात्री समिति की बैठक गुरुवार 14 मई को शाम 4ः30 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष महासमुंद में आयोजित की जाएगी।
बैठक में जिले के बैंकिंग कार्यों, वार्षिक जिला साख योजना, सीडी रेशियो, शैक्षिक ऋण, मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, डेयरी एवं मत्स्य पालन ऋण प्रकरणों सहित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जन-धन योजना, आधार एवं मोबाइल सीडिंग, रुपे कार्ड वितरण तथा शासन प्रायोजित विभिन्न स्वरोजगार एवं बैंक ऋण योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होगी। सभी बैंकर्स एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को अद्यतन जानकारी एवं उपलब्धि आंकड़ों सहित निर्धारित समय एवं स्थान पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सब्जी बाजार बना चोरों का अड्डा: सांकरा में एक साथ चार मोबाइल चोरी, पीड़ितों ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट

महासमुंद। सांकरा के साप्ताहिक सब्जी बाजार में खरीदारी करने पहुंचे चार लोगों के मोबाइल अज्ञात चोरों ने पार कर दिए। पश्चात पीडि़तों ने सांकरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

जानकारी के अनुसार ग्राम भोकलूडीह निवासी खीरसागर साहू 8 मई को शाम 4 बजे सांकरा के साप्ताहिक बाजार में सब्जी खरीदने पहुंचे थे। इस दौरान उनके शर्ट के जेब में रखा वन प्लस कंपनी का मोबाइल जिसकी कीमत लगभग 25 हजार रुपए को अज्ञात ने भीड़ का फायदा उठाकर चोरी कर लिया। जब खीरसागर साहू ने खरीदारी के दौरान जेब में हाथ डाला तो मोबाइल गायब मिला। उन्होंने तत्काल आसपास खोजबीन की लेकिन मोबाइल नहीं मिला।

इसी दौरान बाजार में मौजूद अन्य लोगों ने भी अपने मोबाइल चोरी होने की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि ग्राम बड़ेटेमरी निवासी टेकनाथ भोईए ग्राम चिखली थाना पिथौरा निवासी प्रकाश विशाल तथा ग्राम देवसराल निवासी अभेष निषाद की मोबाइल भी उसी दौरान किसी अज्ञात ने चोरी कर लिया। एक ही समय में तीन लोगों के मोबाइल गायब होने से बाजार में हडक़ंप मच गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। पीडि़तों ने सांकरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 303-2 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

बाजार मार्ग पर चोरों के हौसले बुलंद: बैंक के सामने खड़ी मोटरसाइकिल ले उड़े अज्ञात चोर

महासमुंद । बसना नगर के बाजार मार्ग स्थित स्टेट बैंक शाखा के पास से एक मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार मुकेश निषाद 9 मई को शाम 7 बजे अपनी मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स क्रमांक सीजी 06 जीयू 9199 से बसना बाजार पहुंचे थे। उन्होंने अपनी बाइक स्टेट बैंक शाखा के पास खड़ी कर दी और खरीदारी के लिए चले गए। आधे घंटे बाद जब वे वापस लौटे तो वहां उनकी बाइक नहीं थी। पश्चात उन्होंने आसपास तलाश की लेकिन मोटर साइकिल का कोई पता नहीं चल सका। अत: उन्हें शंका है कि अज्ञात ने उनकी बाइक चोरी कर ली है।

पीडि़त मुकेश निषाद ने बताया कि मोटरसाइकिल की कीमत 30 हजार रुपए है। मुकेश की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 303-2 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है।