बलौदाबाज़ार: मारपीट में युवक की मौत, गांव में तनाव; पुलिस टीम पर हुआ हमला

बलौदाबाज़ार: मारपीट में युवक की मौत, गांव में तनाव; पुलिस टीम पर हुआ हमला

बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश में दो गुटों के बीच बीती रात जबरदस्त झड़प हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट के बाद झबड़ी गांव के निवासी नानू की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई. वहीं एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे रायपुर रेफर किया गया है. घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है. वहीं आोरपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया.

दरअसल कसडोल थाना के झबड़ी और मडकड़ा गांव के दो गुटों में कुछ दिन पहले आपस में मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें झबड़ी निवासी मृतक नानू उर्फ त्रिलोक चंद कौशिक अपने दोस्तों के साथ मडकड़ा निवासी लकी केवट और अजय केवट के साथ जमकर मारपीट किया था, जिसकी शिकायत कसडोल थाने में दर्ज कराई गई थी.

मामले पर पुलिस ने उस वक्त ठोस कार्रवाई नहीं की और आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए थे, जिससे वैमनष्यता बरकरार थी. इसके बाद बीते शाम आरोपी अजय केवट और लकी केवट ने मृतक युवक और उसके दोस्त को अपने गांव के आसपास गुजरते देखा, फिर क्या था, तेज धारदार हथियार से मृतक त्रिलोकचंद कौशिक उर्फ नानू और उसके दोस्त हेमचंद्र पर भी हमला कर दिया. घायलों को तत्काल ग्रामीणों ने कसडोल के स्वास्थ्य केन्द्र लाया. जहां डाक्टर ने नानू को मृत घोषित किया, वहीं घायल युवक को रायपुर रिफर किया गया है.

*पुलिस वाहन पर ग्रामीणों ने किया पथराव*

घटना के बाद जब कसडोल पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने मडकड़ा गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने टीम को गांव के बीच चौराहे पर कई घंटो तक घेरे रखा. तनावपूर्ण स्थिति देख एएसपी अभिषेक सिंह और कसडोल एसडीएम अतिरिक्त पुलिस बल के साथ गांव पहुचें, जहां एसडीएम और कसडोल एसडीओपी के वाहन में ग्रामीणों ने पथराव कर दिया. जिससे दो वाहनों की शीशे टूट गए. घंटो मशक्कत के बाद 2 आरोपी अजय केवट और लक्की केवट की गिरफ्तार कर कसडोल थाना लाया गया है. वहीं सुरक्षा की दृष्टि से अभी भी पुलिस बल तैनात है.

CG/ स्वास्थ्य विभाग घोटाला: 411 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, जल्द होगी बड़े अफसरों से पूछताछ

CG/ स्वास्थ्य विभाग घोटाला: 411 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, जल्द होगी बड़े अफसरों से पूछताछ

 

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में 411 करोड़ से ज्यादा की दवा और री-एजेंट घोटाले में ईडी की जांच तेज हो गई है। सीजी-एमएससी में पदस्थ रहे वरिष्ठ आईएएस अफसरों से पूछताछ की तैयारी है। मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा समेत 7 लोग पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।

 

ईडी ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में 18 जगह छापे मारे थे। अब ईडी कोर्ट से अनुमति लेकर जेल में बंद अफसरों और व्यापारियों से पूछताछ करेगी। आईएएस को नोटिस देकर बुलाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

 

दवा घोटाले केस की जांच कर रहे ED अफसरों की रडार में भीम सिंह, चंद्रकांत वर्मा, मीनाक्षी गौतम, बसंत कौशिक, डॉ. अनिल परसाई, क्षिरौंद्र रावटिया, कमलकांत पाटनवार, आनंद राव और एक IFS समेत 10 अधिकारी शामिल हैं। ईडी के सूत्रों का दावा है कि, आने वाले दिनों में इनसे पूछताछ होगी।

FASTag Annual Pass: 15 अगस्त से लागू होगा नया फास्टैग वार्षिक पास, जानें कीमत, वैधता और फायदे

FASTag Annual Pass: 15 अगस्त से लागू होगा नया फास्टैग वार्षिक पास, जानें कीमत, वैधता और फायदे

अगर आप भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) द्वारा संचालित भारत के विशाल नेशनल हाईवे नेटवर्क पर अक्सर यात्रा करते हैं, तो आपके टोल टैक्स भुगतान के तरीके में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। इस साल की शुरुआत में, एनएचएआई ने अक्सर राजमार्गों पर यात्रा करने वालों के लिए टोल भुगतान को आसान और किफायती बनाने के लिए एक नई टोल पास प्रणाली शुरू की थी। यह नई टोल पास प्रणाली अब 15 अगस्त से लागू हो रही है।

*क्या है यह नया फास्टैग वार्षिक पास*

एनएचएआई द्वारा पेश किया गया FASTag (फास्टैग) वार्षिक पास की कीमत 3,000 रुपये रखी गई है और यह एक साल तक वैध रहेगा। यह पास खासतौर पर निजी कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल (गैर-व्यावसायिक) वाहनों के लिए है। इस पास के जरिए या तो आप 200 बार मुफ्त यात्रा कर सकते हैं या फिर 1 साल की वैधता तक इसका फायदा उठा सकते हैं। जो पहले खत्म हो जाए, वही लागू होगा।

*कैसे होगा एक्टिवेशन और कौन कर सकता है आवेदन*

फास्टैग वार्षिक पास को राजमार्ग यात्रा मोबाइल एप या एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए बहुत आसानी से एक्टिव किया जा सकता है। एक बार भुगतान और वाहन की पुष्टि हो जाने के बाद, पास 2 घंटे के भीतर एक्टिव हो जाता है।

ध्यान रखें, यह पास केवल नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर मान्य होगा। राज्य हाईवे, राज्य द्वारा संचालित एक्सप्रेसवे और नगरपालिकाओं की सड़कों पर सामान्य टोल शुल्क देना पड़ेगा। क्योंकि वहां फास्टैग पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही काम करेगा।

*क्या होगा जब 200 ट्रिप या 1 साल पूरा हो जाए*

जब 200 मुफ्त ट्रिप पूरी हो जाएंगी या एक साल की वैधता खत्म हो जाएगी (जो भी पहले हो), तब आपका फास्टैग फिर से सामान्य टोल टैग में बदल जाएगा। अगर आप दोबारा वार्षिक पास की सुविधा लेना चाहते हैं, तो आपको फिर से वही प्रक्रिया दोहरानी होगी। यानी एनएचएआई पोर्टल या एप से पास को फिर से एक्टिव करना होगा।

*FASTag वार्षिक पास कैसे एक्टिवेट करें*

अपने स्मार्टफोन पर RajmargYatra (राजमार्ग यात्रा) मोबाइल एप खोलें या NHAI (एनएचएआई) की वेबसाइट पर जाएं।

लॉग इन करते समय अपना फास्टैग आईडी, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।

सिस्टम अपने आप आपके वाहन की पात्रता की जांच करेगा।

पात्रता की पुष्टि होने के बाद, 3,000 रुपये का भुगतान करें (यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड से कर सकते हैं)।

भुगतान सफल होने के बाद फास्टैग पर पास एक्टिव हो जाएगा और आपको एसएमएस या ईमेल के जरिए इसकी पुष्टि भी मिल जाएगी। गौरतलब है कि यह पास उसी फास्टैग और वाहन पर मान्य होगा जिस पर आपने इसे एक्टिव किया है। यह ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।

महासमुंद/आकांक्षी जिला एवं विकासखंड हेतु महासमुंद जिले को कांस्य और पिथौरा विकासखंड को रजत मेडल से सम्मानित जिला पंचायत सीईओ सहित 7 अधिकारी हुए सम्मानित

महासमुंद/आकांक्षी जिला एवं विकासखंड हेतु महासमुंद जिले को कांस्य और पिथौरा विकासखंड को रजत मेडल से सम्मानित जिला पंचायत सीईओ सहित 7 अधिकारी हुए सम्मानित

 

महासमुंद/आकांक्षी जिला एवं विकासखंड पिथौरा को छत्तीसगढ़ राज्य में कांस्य पदक से सम्मानित किया गया है वही पिथौरा विकासखंड को रजत पदक प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार 6 संकेतांको में से पांच संकेताक को शतप्रतिशत पूर्ण करने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 2 अगस्त को रायपुर में सम्मानित किया गया ।सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले को बधाई देते हुए कहा कि महासमुंद में टीम भावना के साथ नीति आयोग द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूर्ण करने में बेहतर कार्य किया ।इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बधाई के पात्र हैं कलेक्टर से विनय कुमार लंगेह की ओर से जिला के नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्री इस आलोक ने पुरस्कार ग्रहण किया। इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग से श्री समीर पांडे ,कृषि विभाग से श्री एफ आर कश्यप, स्वास्थ्य विभाग से पी कुदेशिया,समग्र शिक्षा से श्री रेखराज शर्मा, जनपद सीईओ श्री चंद्र प्रकाश मनहर एवं आकांक्षी ब्लॉक के फेलो वैभवी मोयल को प्रशस्ति पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया।

ज्ञात है कि आकांक्षी जिला, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है जिसका उद्देश्य देश के सबसे पिछड़े और कम विकसित जिलों का तेजी से विकास करना है। इन जिलों को सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में सुधार के लिए विशेष रूप से चुना गया है, और सरकार इन जिलों में विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम लागू की है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए कलेक्टर से विनय कुमार लंगेह होने पूरी टीम को बधाई दी है और कहा है कि संकेतक को शत प्रतिशत सैचुरेशन के लिए सतत रूप से कार्य किया जाएगा। जो संकेतके बाकी है उसे समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाएगा उन्होंने जिला नोडल अधिकारी श्री इस आलोक के नेतृत्व में किए गए कार्य की सराहना करते हुए बधाई दी है।

ज्ञात है कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) वर्ष 2018 में नीति आयोग द्वारा शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य 112 आकांक्षी जिलों में जीवन स्तर में सुधार करना है, जिनमें से प्रत्येक में कुछ सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र कमजोर हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य इन जिलों में विकास को गति देना और उन्हें देश के बाकी हिस्सों के साथ समानता लाने में मदद करना है। यह कार्यक्रम जिलों को सर्वोत्तम प्रथाओं को विकसित करने और दोहराने के लिए भी प्रोत्साहित करता है, जो सामाजिक-आर्थिक विषयों में सुधार को बढ़ावा देते हैं।

आकांक्षी जिलों के साथ-साथ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य 500 ब्लॉकों में विकास को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है, जिसने 112 जिलों में 25 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। इन जिलों में हमारा महासमुन्द जिला भी है। आज इन्हीं संकेतकों में हम शत प्रतिशत काम पूर्ण किए, जिसके लिए जिले के अधिकारी/कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

महासमुंद बसना: सरकारी शिक्षक की कमी से मजबूरन निजी स्कूल जा रहे बच्चे, सभापति प्रकाश सिन्हा ने शिक्षा के मुद्दे को सामान्य सभा में उठाया

महासमुंद बसना: सरकारी शिक्षक की कमी से मजबूरन निजी स्कूल जा रहे बच्चे, सभापति प्रकाश सिन्हा ने शिक्षा के मुद्दे को सामान्य सभा में उठाया

जनपद पंचायत बसना की सामान्य सभा में एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था का अहम मुद्दा छाया रहा। जनपद सभापति एवं अंकोरी क्षेत्र के जनपद सदस्य प्रकाश सिन्हा ने ग्राम अंकोरी टांडा की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को मजबूती से बैठक में उठाते हुए ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्रमुखता दी।

सभापति सिन्हा ने बताया कि ग्राम की प्राथमिक शाला में सिर्फ एकमात्र शिक्षक पदस्थ है, जो कि दिव्यांग हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक न होने के कारण कई बच्चे निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे पालकों को आर्थिक व मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही मांगों के बावजूद अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस परिस्थिति को गंभीरता से लेते हुए श्री सिन्हा ने सभा में जोरदार तरीके से तत्काल नए शिक्षक और अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की मांग की।

इस जनहित के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी विनोद शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लेते हुए भरोसा दिलाया कि शीघ्र ही आवश्यक प्रक्रिया अपनाकर शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी और समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।

ग्राम अंकोरी टांडा के ग्रामीणों ने सभापति प्रकाश सिन्हा के इस सार्थक प्रयास की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और आशा जताई कि उनके बच्चों को अब बेहतर शिक्षा सुविधा मिल सकेगी।

छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री की विशेष पहल से बस्तर समेत प्रदेश भर में रेल सेवाओं का बढ़ा दायरा : मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री की विशेष पहल से बस्तर समेत प्रदेश भर में रेल सेवाओं का बढ़ा दायरा : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का हुआ भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने रायपुर-जबलपुर नई रेलसेवा को दिखाई हरी झंडी रायपुर से जबलपुर तक का आरामदायक सफर 08 घंटे में होगा पूरा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ेगी संपर्क सुविधा पिछले एक दशक में रेलवे बजट में 21 गुना वृद्धि, 32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित रायपुर-जबलपुर ट्रेन से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़  की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। श्री साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर  की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्री तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर श्री दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।

 

रायपुर : सावन की पावन बेला में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया भगवान शिव का रूद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की समृद्धि और सुख-शांति की कामना

रायपुर : सावन की पावन बेला में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया भगवान शिव का रूद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की समृद्धि और सुख-शांति की कामना भक्ति, संस्कृति और समरसता का संगम: रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

महासमुंद/ग्राम टूरीडीह गाली-गलौज और मारपीट की घटना: पुरानी रंजिश को लेकर पांच लोगों पर हमला करने का आरोप

महासमुंद/ग्राम टूरीडीह गाली-गलौज और मारपीट की घटना: पुरानी रंजिश को लेकर पांच लोगों पर हमला करने का आरोप

महासमुंद, 03 अगस्त 2025 ग्राम टुरीडीह थाना पटेवा जिला महासमुंद में एक युवक के साथ पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज व मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने पटेवा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें गांव के ही पांच लोगों को आरोपित किया गया है।

पीड़ित ने बताया कि वह खेती-किसानी करता है और 12वीं तक शिक्षित है। घटना 02 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे की है, जब वह हरि अंडा दुकान के सामने बैठा था। उसी समय गांव का निवासी प्रकाश बाघमारे वहां आया। पीड़ित द्वारा उससे हालचाल पूछे जाने पर प्रकाश बाघमारे उग्र हो गया और “तुम कौन होते हो मुझे पूछने वाले?” कहते हुए पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद उसने हाथ-मुक्के से मारपीट की।

इतना ही नहीं, प्रकाश बाघमारे के परिवार के सदस्य – पोतदार बाघमारे, प्रमोद बाघमारे और पुन्नीलाल बाघमारे – भी वहां पहुंचे। उन्होंने पंचायत चुनाव को लेकर पुरानी बातों का जिक्र करते हुए पीड़ित से गाली-गलौज की और डंडों से मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई।

इस हमले में पीड़ित को सिर, माथे, नाक, पीठ, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी अंशु जांगड़े और ताराचंद चेलक ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की।

पुलिस ने आरोपी प्रकाश बाघमारे समेत अन्य चार लोगों के खिलाफ धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है।

महासमुंद/ग्राम पचेड़ा फुलवारीबाड़ी के पास स्कूटी सवार बच्चे को तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर, रायपुर में चल रहा इलाज

महासमुंद/ग्राम पचेड़ा फुलवारीबाड़ी के पास स्कूटी सवार बच्चे को तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर, रायपुर में चल रहा इलाज

महासमुंद, ग्राम पचेडा निवासी शिक्षक अपने 15 वर्षीय पुत्र के साथ महासमुंद जा रहे थे, जब NH-353 फुलवारीबाड़ी के पास एक लापरवाह स्कूटी चालक ने उनके पुत्र को टक्कर मार दी। हादसे के बाद घायल बालक का इलाज रायपुर स्थित रामकृष्ण अस्पताल में जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षक अपने पुत्र के साथ स्कूटी (एक्टिवा क्रमांक CG 06 GZ 7334) में सवार होकर महासमुंद की ओर जा रहे थे। रास्ते में फुलवारीबाड़ी के पास शिक्षक को लघुशंका लगी, जिस कारण उन्होंने स्कूटी को सड़क किनारे खड़ा किया और कुछ दूरी पर चले गए। उस समय बालक पीछे की सीट पर बैठा हुआ था।

इसी दौरान महासमुंद की ओर से आ रही तेज रफ्तार TVS स्कूटी क्रमांक CG 06 HD 5429 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के प्रभाव से बालक सड़क के दाहिने ओर गिर पड़ा और उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।

परिजनों द्वारा घायल को तत्काल इलाज हेतु रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

थाना महासमुंद में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी स्कूटी चालक के विरुद्ध धारा 125(ए)-बीएनएस एवं 281-बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

ग्राम पंचायत प्रेतेनडीह में प्रशासनिक कार्यों को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत सचिव मुक्ता भोई ने सरपंच दीपक ओगरे पर पंचायत के सूचना और प्रस्ताव रजिस्टर को जबरन छीनने और उसे अपने पास रखने का आरोप लगाया है।

सरायपाली : ग्राम पंचायत प्रेतेनडीह में प्रशासनिक विवाद: सचिव ने सरपंच पर रजिस्टर छीनने का लगाया आरोप

ग्राम पंचायत प्रेतेनडीह में प्रशासनिक कार्यों को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत सचिव मुक्ता भोई ने सरपंच दीपक ओगरे पर पंचायत के सूचना और प्रस्ताव रजिस्टर को जबरन छीनने और उसे अपने पास रखने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जनपद पंचायत सरायपाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अमित हालदार को लिखित शिकायत सौंपी है।

मामला 30 जुलाई 2025 को आयोजित ग्राम सभा बैठक के दौरान का है, जब सचिव मुक्ता भोई ने प्रस्ताव रजिस्टर में बैठक की कार्यवाही दर्ज की। उन्होंने बताया कि रजिस्टर में कुछ जानकारी लिखी जानी बाकी थी, तभी सरपंच दीपक ओगरे ने रजिस्टर जबरन छीनकर अपने पास रख लिया।

सचिव का आरोप है कि आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत एक व्यक्ति संजय ने पंचायत से जानकारी मांगी थी, जिसके लिए प्रस्ताव रजिस्टर की आवश्यकता थी, लेकिन सरपंच ने रजिस्टर देने से मना कर दिया। मुक्ता भोई ने यह भी बताया कि सरपंच ने व्हाट्सएप के माध्यम से कहा कि रजिस्टर का पीडीएफ या कॉपी निकाल लें, और मूल रजिस्टर सीईओ के आदेश के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा।

सरपंच ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं सरपंच दीपक ओगरे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह उनकी छवि धूमिल करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि सचिव द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और सच्चाई से कोई संबंध नहीं रखते।

सीईओ ने जताई असहमति
मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमित हालदार ने कहा कि रजिस्टर पंचायत कार्यालय की संपत्ति है और उसे घर ले जाना अनुचित है। यदि ऐसा हुआ है तो यह नियमों के खिलाफ है और इस पर कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने ग्राम पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर विवाद की चर्चा ज़ोरों पर है और अब सभी की निगाहें जनपद पंचायत के सीईओ के आगामी निर्णय पर टिकी हैं।