रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने माँ भद्रकाली मंदिर में की पूजा-अर्चना
राज्यपाल श्री रमेन डेका अपने दो दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान आज जिला मुख्यालय स्थित बाजारपारा के माँ भद्रकाली मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। राज्यपाल को मंदिर व्यवस्थापकों और पुजारियों ने माँ भद्रकाली का चित्र भेंट किया।
रायपुर : समस्याओं के निराकरण होने पर जनजातीय महिलाओं ने की शिविर की सराहना
आधार कार्ड बनने तथा नया राशन कार्ड की सौगात मिलने पर अभिभूत हुई दामिन बाई एवं इयन बाई
केन्द्र सरकार के द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में सेवाओं एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने तथा उनके व्यक्तिगत अधिकारों से परिपूर्ण करने के उद्देश्य से धरती आबा संचालित की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में जनजातीय समाज के लोगों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजना अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रहा है। बालोद जिले में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविरों के माध्यम से शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिलने से जनजातीय समाज के लोगों ने शासन की इस महत्वपूर्ण पहल एवं जनहितैषी कदम की भूरी-भूरी सराहना की है।
इसी कड़ी में बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर के माध्यम से उनके बहुप्रतीक्षित समस्याओं के निराकरण होने पर जनजातीय समाज के ग्रामीण महिलाओं ने शिविर के आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। शिविर के माध्यम से अपने नन्हें पुत्र तेजस के आधार कार्ड का पंजीयन होने से ग्राम मार्री बंगला निवासी दामिन बाई तथा गहिरा नवागांव निवासी श्रीमती इयन बाई का नया राशन कार्ड बनने से दोनों महिलाएं बहुत ही अभिभूत नजर आ रही थी।
ग्राम मार्री बंगला निवासी श्रीमती दामिन बाई ने बताया कि अपने पारिवारिक जिम्मेदारी एवं घरेलू कार्य में व्यस्त होने के कारण वे चाह कर भी अपने नन्हें बालक तेजस का आधार कार्ड बनवाने के लिए पास के गांव देवरी के च्वाइस सेंटर में नहीं जा पा रही थी। जिसके कारण वे परेशान भी हो जाती थी। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत उनके गृह ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में उनके पुत्र तेजस के आधार कार्ड बनाने हेतु पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुछ ही दिनों के पश्चात् उनके पुत्र के आधार कार्ड बनकर उन्हें प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से धरती आबा जनभागीदारी अभियान समस्याओं का तत्काल समाधान होना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। श्रीमती दामिन बाई ने कहा कि मेरे नन्हें बच्चे के आधार कार्ड का पंजीयन हो जाने से मैं बहुत ही प्रसन्नचित हूँ।
इसी तरह ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर के माध्यम से उनके नया राशन कार्ड बनने पर ग्राम गहिरा नवागांव की आदिवासी महिला श्रीमती इयन बाई बहुत ही प्रसन्नचित एवं उत्साही नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि अपने समीप के गांव में आयोजित शिविर के माध्यम से उन्हें एवं उनके परिवार को तत्काल राशन कार्ड का सौगात मिलना हम जैसे गरीब परिवार के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण है। नए राशन कार्ड बन जाने से अब उन्हें ग्राम पंचायत एवं अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। श्रीमती इयन बाई ने कहा शिविर के माध्यम से उनके जैसे जनजातीय परिवार के अनेक गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की मांगों और समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से केन्द्र सरकार की अत्यंत लोक हितैषी एवं जनकल्याणकारी पहल है। मार्री बंगला में आयोजित शिविर के आयोजन से लाभान्वित होने वाली दोनों महिलाओं ने शिविर आयोजन की सराहना करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाले भारत सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
रायपुर : जल संरक्षण में बना अंतरराष्ट्रीय कीर्तिमान
कबीरधाम जिले ने रचा इतिहास, एक ही दिन में बनाए दो वर्ल्ड रिकॉर्ड गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ कबीरधाम जिले का नाम
छत्तीसगढ़ का कबीरधाम जिला जल संरक्षण में जनभागीदारी की मिसाल बन गया है। जिले में वर्षा जल संचयन को लेकर चलाए गए “मोर गांव-मोर पानी” महाअभियान के तहत एक ही दिन में दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर जिले ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा जिले को सबसे अधिक सोख पिट निर्माण और एक दिन में सबसे अधिक लोगों द्वारा जल संरक्षण की शपथ लेने की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया है।
कबीरधाम जिले में केवल 12 घंटे के भीतर जिले के 999 गांवों में 1,02,098 सोख पिट बनाए गए, वहीं 1,17,504 नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ लेकर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। इस अभूतपूर्व सफलता के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया प्रमुख श्री मनीष विश्नोई स्वयं कवर्धा पहुंचे और कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा तथा जिला पंचायत सीईओ श्री अजय कुमार त्रिपाठी को प्रोविजनल वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाण पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस महाअभियान को वृहद जनसमर्थन मिला और यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। जल संरक्षण को लेकर राज्य में व्यापक जन-जागरूकता अभियान और जलसंरक्षण के लिए सोख पिट का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा और सीईओ श्री त्रिपाठी के नेतृत्व में जलसंरक्षण का यह अभियान वास्तव में जन-जन का आंदोलन बन गया है।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि जिले के हर नागरिक की सामूहिक चेतना और समर्पण का प्रतिफल है। इस अभियान में महिला स्व-सहायता समूहों, छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया सभी ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। उन्होंने इस उपलब्धि को जिले की जागरूक जनता को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित करती है।
जिला पंचायत सीईओ श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह अभियान महज एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जल संरक्षण की दिशा में स्थायी जागरूकता का सूत्रपात है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस अभियान को सतत् रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। कबीरधाम जिले की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।
रायपुर : आईटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़: यूआईडीएआई के सीईओ श्री भुवनेश कुमार
आधार से सध रहा है सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस का लक्ष्य – श्रीमती निहारिका बारिक सिंह
’आधार के उपयोग द्वारा अधिकतम लाभ’ विषय पर आयोजित की
गई राज्य स्तरीय कार्यशाला भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद द्वारा आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में आधार से अधिकतम लाभ प्राप्त करना विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में आधार के व्यापक और प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना है। साथ ही आधार की उपयोगिता को जन-कल्याण की योजनाओं से जोड़ते हुए अधिक पारदर्शी एवं डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में आगे बढ़ना है। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन के मार्गदर्शन मेें किया गया।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भुवनेश कुमार ने कहा कि आई.टी. के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तीव्र गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 140 करोड़ आधार बने हैं, जिसकी सहायता से हितग्राहियों को सीधे लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आधार आम नागरिकों की प्रगति का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है। उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा आधार एनरोलमेंट और अपडेशन के लिए नवाचार का उपयोग कर नया साफ्टवेयर बना कर पूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि आधार बनाने की प्रक्रिया में होने वाली दिक्कत की आशंका को कम किया जा सके। आधार को और अधिक विश्वसनीय एवं प्रभावी बनाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा, पी.डी.एस. आदि अनेक सेवाओं से इन्टीग्रेट किया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कहा कि आधार से सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस का लक्ष्य साधने में मदद मिल रही है। आधार, भारत का सबसे परिवर्तनकारी डिजिटल पहचान मंच बन चुका है, जिसकी सहायता से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने आधार की भूमिका को समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन की नींव बताते हुए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पेंशन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं सहित कई सेवाओं में आधार का सफल इंटीग्रेशन किया है। इसके अलावा, ई-डिस्ट्रिक्ट, लोक सेवा गारंटी और राज्य डी.बी.टी. पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों में आधार की भूमिका को और अधिक सशक्त किया जा रहा है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए रीजनल ऑफिस हैदराबाद की डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्रीमती पी. संगीता ने बताया कि आधार पिछले दो दशकों में अभूतपूर्व परिवर्तन से गुजर चुका है। यह अब सिर्फ 12 अंकों की संख्या नहीं रह गया है, बल्कि यह एक समग्र सुशासन और डिजिटल भारत की आधारभूत संरचना बन चुका है। आधार से संबंधित नियम और नीतियों में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं, जिसे सभी हितधारकों के साथ साझा किया जाता है। यूआईडीएआई मुख्यालय के डीडीजी श्री विवेक चंद्र वर्मा एवं श्री विनोद कुमार सिंह ने कार्यशाला में आधार उपयोग में हाल के समय में की जा रही है पहल पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आधार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के तहत लाभ वितरण, प्रमाणीकरण सुविधाएं और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली की जानकारी दी।
कार्यशाला में यूआईडीएआई मुख्यालय के निदेशक कर्नल श्री निखिल सिन्हा ने नामांकन एवं अद्यतन पारिस्थितिकी तंत्र में हाल के समय में विकास और नई नीतियां विषय पर प्रस्तुति दी। वहीं, निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल श्री संजीव यादव ने आधार प्रमाणीकरण अवलोकन एवं मुख्य बातें साझा करते हुए छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों की तुलनात्मक जानकारियाँ दीं। इनिशिएटिव एण्ड बेस्ट प्रेक्टिसेस के अंतर्गत, बेंगलुरु के राजस्व आयुक्त श्री सुनील कुमार पोम्माला ने भूमि प्रबंधन प्रणाली में आधार के तकनीकी उपयोग और कर्नाटक राज्य में कृषि से जुड़ी योजनाओं में आधार के सकारात्मक प्रभाव पर आधारित अनुभव साझा किए।
राज्य में आधार प्रमाणीकरण का स्कोप विषय पर चिप्स के सीईओ श्री प्रभात मलिक ने अपने विचार रखते हुए बताया कि आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए योजनाओं से अपात्र हितग्राहियों को हटाकर पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाया जा सकता है। यूआईडीएआई हैदराबाद के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल श्री शरत नांबियार ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में चिप्स द्वारा प्रदेश में नियुक्त किये गये 14 ऐसे आधार केंद्रों के ऑपरेटरों को जिन्होंने विगत छः माह में अत्यंत कम त्रुटि के साथ आधार एनरोलमेंट और अपडेशन किया है, उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों ने आधार से संबंधित विविध प्रश्न रखे, जिस पर विशेषज्ञों ने सार्थक जानकारी दी और उनकी शंकाओं का समाधान किया। कार्यशाला में उद्योग एवं वाणिज्य तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, राजस्व विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के विभिन्न जिलों से आए आधार ऑपरेटर्स शामिल हुए।
रायपुर : अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में ’योग संगम-हरित योग’ थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम
जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि
जशपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होगा योगाभ्यास
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक 21 जून को इस बार ’’योग संगम-हरित योग’’ थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है।
राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में जशपुर जिले के रणजीता स्टेडियम में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े करेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री राधेश्याम राठिया, श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे।
उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव जिला मुख्यालय मुंगेली तथा उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कबीरधाम में तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार बलरामपुर-रामानुजगंज में मंत्री श्री रामविचार नेताम, बेमेतरा में मंत्री श्री दयालदास बघेल, नारायणपुर में मंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, रायगढ़ में मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी, गरियाबंद में मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, दुर्ग में सांसद श्री विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई में सांसद श्री संतोष पाण्डेय, सरगुजा में सांसद श्री चिन्तामणी महाराज, महासमुंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जांजगीर-चांपा में सांसद श्री कमलेश जांगड़े, सुकमा में सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर में सांसद श्री भोजराज नाग, सक्ती में सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, बिलासपुर में विधायक श्री अमर अग्रवाल, बीजापुर में विधायक श्री आशाराम नेताम, धमतरी में विधायक श्री अजय चंद्राकर, बस्तर में विधायक श्री किरण सिंह देव, कोरिया में विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, सूरजपुर में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में विधायक श्री गुरू खुशवंत साहेब, दंतेवाड़ा में विधायक श्री चैतराम अटामी, बालोद में विधायक श्री ललित चन्द्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची और कोण्डागांव में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम मुख्य अतिथि के तौर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
रायपुर : मार्च 2026 तक नक्सलवाद जड़ से होगा खत्म : मुख्यमंत्री श्री साय
शांति और विकास राह पर बढ़ रहा है बस्तर, शासन की योजनाओं से बदली गांवों की तस्वीर
पहली बार राजधानी पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांवों के युवा, मुख्यमंत्री से आत्मीय मुलाकात कर रखी अपनी बात
इच्छाशक्ति, संवेदना और समावेशी नीति से हमने बस्तर में बदलाव की नई शुरुआत की है। बस्तर के युवाओं का आत्मबल ही हमारी प्रेरणा है और हम सब मिलकर नया बस्तर गढ़ेंगे। आप सभी ने पहली बार राजधानी रायपुर को देखा है, आप सभी का यहां स्वागत है और आपकी यह यात्रा सुखद और चिरस्मरणीय हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपने निवास में प्रदेश के सुदूर और नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के नियद नेल्ला नार ग्राम पंचायतों के 96 युवक-युवतियों के दल से आत्मीय संवाद कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की नई राह खोल रही है। उन्होंने कहा कि आप छत्तीसगढ़ के भविष्य हैं और आप सभी की भागीदारी से ही हम बस्तर क्षेत्र और प्रदेश को आगे लेकर जायेंगे। श्री साय ने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से जुड़कर जहां गांवों की तस्वीर बदल रही है, वहीं युवाओं को भी आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि हमारी सरकार आपके क्षेत्र में शांति व्यवस्था स्थापित करने में जुटी हुई है और केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने ठान लिया है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि माओवादी आपके क्षेत्र में विकास नहीं चाहते, लेकिन विकास के रास्ते आने वाली सभी बाधाओं को हम दूर करेंगे। बस्तर का मनोबल हमें नक्सलवाद जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने की ऊर्जा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर आपके क्षेत्र में घने जंगल, मनमोहक झरने और ऊँचे पहाड़ हैं। वहां भूमि उपजाऊ है और अच्छी खेती होती है। हमारी सरकार खेती को समृद्ध बनाने के लिए पानी की सुविधा आप तक पहुंचाने का काम कर रही है। श्री साय ने कहा कि आप सभी खेती को बढ़ावा दें और जो विद्यार्थी हैं, वे मन लगाकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करें। प्रदेश के विकास में आपका सहयोग हमारे लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा यह बस्तर की आत्मा की अभिव्यक्ति हैं। इन आयोजनों में हजारों युवाओं, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि बस्तर अब नए युग की ओर अग्रसर है। बस्तर की कला, संस्कृति और धरोहर को संजोने का कार्य हम सब मिलकर आगे भी करते रहेंगे। आज बस्तर वासियों ने यह दिखा दिया है कि वे हिंसा नहीं, शांति और विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती वीरता, धैर्य और स्वाभिमान की प्रतीक रही है और अब हम सब मिलकर इसे विकास और समृद्धि के रास्ते पर आगे लेकर जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, खेल और शिक्षा के माध्यम से सरकार हर युवा को एक नया अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री साय ने युवाओं से आह्वान किया कि वे मुख्यधारा से जुड़कर समाज में बदलाव के वाहक बनें और मजबूत, सुरक्षित व समृद्ध बस्तर के निर्माण में सहभागी बनें।
मुख्यमंत्री से युवाओं ने साझा किए अपने विचार, कहा – “बस्तर को बदलने का बनेंगे माध्यम
बीजापुर जिले के सुदूर गांवों से राजधानी पहुंचे युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से खुलकर संवाद किया। युवाओं ने न सिर्फ अपने अनुभव साझा किए, बल्कि अपने सपनों और संकल्पों की भी बात की। उन्होंने कहा कि हम शिक्षा, खेल, हुनर और सेवा के रास्ते पर चलकर अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहते हैं। बस्तर को बदलना है, और हम इस बदलाव के सहभागी बनना चाहते हैं। युवाओं ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने उन्हें नई पहचान और दिशा दी है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के साथ ही वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।
महासमुंद/ ऐतिहासिक नगरी सिरपुर में जिला स्तरीय ग्यारहवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम हुआ आयोजितसांसद संग स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों व आला अधिकारियों ने भी किया योगाभ्यास
योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है_ सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी*
*सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने पुरजोर प्रयास जारी_ सांसद*
महासमुंद 21 जून 2025/ पुरातत्व, ऐतिहासिक नगरी एवं पर्यटन स्थल सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर परिसर में ग्यारहवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह आयोजन पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग रायपुर मंडल द्वारा किया गया । कार्यक्रम में श्रीमती रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए ।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्काउट गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल,नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी,महेंद्र सिक्का,श्री दाऊ लाल चंद्राकर, सहित कलेक्टर श्री विनय लंगेह,पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह,वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक पांडेय,जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक,अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, जिला अधिकारी,स्कूली बच्चे ,ग्रामीण एवं युवा जन मौजूद थे।कार्यक्रम में सैकड़ों स्कूली विद्यार्थियों संग जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के आला अधिकारी सहित कर्मचारियों ने योगा के विभिन आसनों का अभ्यास किया। कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के राज्य प्रमुख श्री मुथैयाकाली मुथूट सहित आला अधिकारी भी मौजूद थे ।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा का संतुलन स्थापित करता है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से आज पूरा विश्व योग की महत्ता को समझते हुए 21 जून को योग दिवस मनाता है। योग व्यक्ति को न केवल निरोग बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक सोच भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार योग को जन-जन तक पहुँचाने निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि इसे हम दिनचर्या में शामिल करें।योग की महत्ता को पूरे विश्व में स्वीकार किया गया है। उन्होंने बताया कि 193 देशों के मौजूदगी में 177 देशों ने योग दिवस मनाए जाने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के रूप में स्थापित करने पुरजोर प्रयास जारी है। सांसद में भी आवाज उठाई गई है।
छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि ने सभी प्रदेशवासियों से योग को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि “योग करें, निरोग रहें, यही हमारे जीवन की सच्ची पूँजी है।” उन्होंने कहा कि योग हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इसे शामिल करें और स्वस्थ्य रहें।
स्काउट गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू ने कहा कि आज का दिन भारत के उस योग विधा को अपनाने का दिन है । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को पूरे विश्व ने अपनाया है। आज योग को हर व्यक्ति को अपनाने की जरुरत है।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग मानव जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग से न केवल शारीरिक बल प्राप्त होता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। यह हृदय रोग, रक्तचाप जैसी कई बीमारियों से बचाव में सहायक है।उन्होंने कहा कि योग की परंपरा भारत में अत्यंत प्राचीन रही है और आज पूरे विश्व ने इसके महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने योगाचार्यों के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन योग करना चाहिए, क्योंकि “पहला सुख निरोगी काया” है। जब शरीर स्वस्थ होता है, तब जीवन के सभी कार्य—खाना, रहना, सोना, कार्य करना—सार्थक और सुखद प्रतीत होते हैं।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह ने भी योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए इसके विविध लाभों को रेखांकित किया और लोगों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के राज्य प्रमुख श्री मुथैया काली मुथूट सहित आला अधिकारी भी मौजूद थे ।
इस अवसर पर अतिथियों ने लक्ष्मण देवालय परिसर में काजू और आम के पेड़ लगाए गए।
सांसद ने स्कूली बच्चों के साथ योगाभ्यास करके उनको प्रतिदिन योग को दिनचर्या में शामिल करने प्रेरित किया।उहोंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में एकाग्रता का बड़ा महत्व है ,योग एकाग्रता बढ़ती है।
महासमुंद/ प्रयास विद्यालय चयन परीक्षा में 131 विद्यार्थियों की सफलता पर कलेक्टर श्री लंगेह ने दी बधाई सबसे ज्यादा सरायपाली के बच्चे बाकी ब्लॉक के बच्चों ने भी बाजी मारी
महासमुंद, 21 जून 2025/ महासमुंद जिले ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा में जिले के 131 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने चयनित होकर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर समस्त चयनित विद्यार्थियों, उनके पालकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और पालकों के सतत सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रयास विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन से न केवल विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक प्रेरणास्पद उपलब्धि है।
जिले के चार विकासखंडों बसना, महासमुंद, सरायपाली और बागबाहरा क्षेत्र के बच्चों ने इस सफलता में भागीदारी निभाई है,जिसमें बसना विकासखंड से 20 विद्यार्थियों ने चयन हुआ है। खोकसा, बंसुला, चिमरकेल, मोहका, हबेकांटा जैसे ग्रामीण अंचलों के बच्चों ने यह सफलता हासिल की। सरस्वती शिशु मंदिर बसना, केजीबीवी बंसुला और एमएस खोकसा जैसे विद्यालयों से चयनित विद्यार्थियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। इसी प्रकार से महासमुंद विकासखंड से 14 विद्यार्थियों ने चयन सूची में स्थान प्राप्त किया। इनमें सेजेस नयापारा तुमाडबरी, उच्च प्राथमिक शाला साराडीह, रामसागर पारा, लखनपुर जैसे शालाओं के छात्र शामिल हैं।
सरायपाली विकासखंड से सबसे अधिक 50 विद्यार्थियों का चयन हुआ। MSG SPL, UPS खपरीडीह, UPS जंगलबेड़ा, सेजेस सरायपाली से चयनित छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा के बलबूते इस मुकाम तक पहुंचे। चयनित छात्रों में नितिन नंद, खुशबू सोनी, त्रिपुरा बारिक, अनुज पांडा, उन्नति सिंह, शेखर चौहान, रेशमा साव, अंकिता कुंवर, यामिनी सिंह बड़ीहा सहित कई नाम शामिल हैं। इसी तरह बागबाहरा विकासखंड से पहली बार इतनी बड़ी संख्या में 47 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। खैरझिटी, मचेवा, भांडीखोज, चिंगरौनी, पतेरापाली जैसे ग्रामों से आए बच्चों ने चयन सूची में स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा है। आकांक्षा, जीव टंडन, विनोद सेन, हिमांशी, नितिन नंद, कुवेर, सौम्या, शीतल, रमेश श्रीवास्तव, लक्ष्मी बाई, मोहनलाल ध्रुव जैसे नाम बच्चों की लगन और प्रयास का प्रमाण हैं।इस सफलता पर पूरे जिले में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। पालकों और शिक्षकों ने इस उपलब्धि को पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए गर्व का विषय बताया है।
सरायपाली/। मानसून में युवाओं की पहली पसंद है शिशुपाल, ट्रेकिंग- कैम्पिंग और व्यू पॉइंट के साथ ही शिशुपाल पर्वत पर जौहर के इतिहास से भी जुड़ा है
वर्तमान में सिसुपाल पर्वत एक पिकनिक स्पॉट और ट्रैकिंग पॉइंट बनते जा रहा है लेकिन कभी यहाँ एक गौरवशाली इतिहास घटित हुवा है जो बहुत कम लोग इन घटनाओं के बारे में जानते है अभी यही बात सामने आता है कि राजा रानियों ने अंग्रेजो द्वारा आक्रमण के बाद घेरे जाने के बाद सिसुपाल पर्वत के ऊपर से घोड़ो में सवार होकर घोड़ो के आंख में पट्टी बांधकर सिसुपाल पर्वत से छलांग लगा दिए थे और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा लेकिन ऐसा नही है ,
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भैना राजाओं का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है अक्सर सोसल मीडिया प्रिंट और वेबसाइटों में पढ़ने मिल रहा है कि राजा सिसुपाल और रानी को द्वारा अंग्रेजो द्वारा घेर लिए जाने पर पर्वत से घोड़ो के आंख में पट्टी बांधकर कूद गए थे लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही बता दें कि सिसुपाल पर्वत पर अंग्रेजो द्वारा विजय पाना इतना भी आसान नही था ।
सिसुपाल पर्वत की ऊंचाई तल से हजारो फिट ऊपर है जहां तक आज पिकनिक स्पॉट है लेकिन उसके ऊपर और कई किलोमीटर क्षेत्र में सिसुपाल पर्वत फैला जो राजाओं और सैनिकों के लिए एक अभेद किला था और किले में सस्त्र और सैनिक और इस पर्वत में भी गुप्त सुरंगे और रास्ते थे राजा और रानियां भाग भी सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया अंग्रेजी सल्तनत द्वारा आक्रमण के बाद जब अंतिम राजा और सैनिकों द्वारा अंग्रेजो के मध्य भयंकर लड़ाई लड़ा गया था युद्ध मे अंतिम राजा के मारे जाने के बाद ही 7 रानियों ने मर्यादा की रक्षा के लिए 1 हजार फीट की चोटी से घोड़ो पर पट्टी बांधकर छलांग लगा दिए और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा ।
शिशुपाल पर्वत सरायपाली से लगभग 26 किमी की दूरी पर स्थित है और यह 10 किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है. इसकी सबसे ऊंची चोटी को “खेमाखुटी” कहा जाता है. पर्वत के पूर्वी हिस्से में स्थित घोड़ाधार जलप्रपात इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देता है.
यदि आप भी इस वीकेंड मानसून के मजे के साथ घूमने की योजना बना रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता आपका इंतजार कर रही है. यहां के जलप्रपात, नदियां, जंगल और पहाड़ देशभर में प्रसिद्ध हैं, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. मानसून के दौरान छत्तीसगढ़ का महासमुंद जिला, खासकर शिशुपाल पर्वत, घूमने के लिए एक आदर्श स्थान बन जाता है.
शिशुपाल पर्वत: ट्रैकिंग और रोमांच के शौकीनों के लिएबेहतरीन विकल्प
शिशुपाल पर्वत महासमुंद जिले में स्थित है और यह ट्रैकिंग, कैंपिंग और आकर्षक व्यू पॉइंट्स के कारण युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है. पर्वत की 1200 फीट की ऊंचाई पर उगते सूरज की पहली किरणों के साथ सेल्फी लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं. वहीं, घोड़ाधार जलप्रपात में 300 मीटर की ऊंचाई से गिरते पानी का अद्भुत दृश्य सभी को आकर्षित करता है. पर्वत की ऊंचाई से साफ मौसम में लगभग 90 किमी तक का नजारा देखा जा सकता है, जो इसे और भी खास बनाता है.
शिशुपाल पर्वत सरायपाली से लगभग 26 किमी की दूरी पर स्थित है और यह 10 किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है. इसकी सबसे ऊंची चोटी को “खेमाखुटी” कहा जाता है. पर्वत के पूर्वी हिस्से में स्थित घोड़ाधार जलप्रपात इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देता है. यहां पर्यटक ट्रैकिंग के साथ रिवर क्रॉसिंग और माउंटेन रेपलिंग का भी आनंद ले सकते हैं, जो इसे रोमांच प्रेमियों के लिए पसंदिता जगह में से एक है.
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रायपुर से केवल 180 किमी की दूरी पर स्थित
शिशुपाल पर्वत राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 180 किमी की दूरी पर स्थित है. जो लोग प्रकृति की गोद में शांति और सुकून की तलाश में हैं, उनके लिए यह पर्वत एक रोमांचक यात्रा जैसा अनुभव प्रदान करता है. मानसून के दौरान इस पर्वत की हरियाली और बारिश की बूंदों के साथ इसकी खूबसूरती दोगुनी हो जाती है.
प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर
पर्वत की चढ़ाई के दौरान कुछ सौ मीटर ऊपर एक छोटा सा प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर भी स्थित है. स्थानीय लोग बताते हैं कि मंदिर तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत की है. मंदिर तक जाने वाले रास्ते में लोग थैले में रेत और ईंट लेकर आते हैं और यहां बिछा देते हैं, ताकि यात्रियों को चढ़ाई के दौरान सुस्ताने के लिए जगह मिल सके.
शिशुपाल पर्वत का यह क्षेत्र मानसून में घूमने के लिए न केवल एक सुंदर प्राकृतिक स्थल है, बल्कि यहां के जलप्रपात और रोमांचकारी गतिविधियां इसे पर्यटकों के बीच खास बनाती हैं.
महासमुंद/जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा 3 औद्योगिक संस्थानों का निरीक्षण, अनियमितता पर नोटिस जारी
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा ग्लोबल ग्रीन एनर्जी, जटाशंकर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, श्री तुलसी फास्फेट प्राइवेट लिमिटेड एवं 9ड इंडिया लिमिटेड बिरकोनी का जांच किया गया। निरीक्षण के दौरान जटाशंकर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड बंद पाया गया, जिसके कारण निरीक्षण नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान श्री मनीष कुमार कुंजाम सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक विधिक नापतौल विभाग, श्री शशिकांत प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद उपस्थित रहे। जिसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार द्वारा जांच में सुरक्षा व्यवस्था नियमानुसार नहीं पाया गया संस्थान को नोटिस जारी किया जा रहा है एवं 9ड इंडिया लिमिटेड बिरकोनी में जांच में सुरक्षा उपकरण नियमानुसार प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके लिए प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा जांच में ओवर टाईम संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। संस्थान को नोटिस जारी किया गया। 9ड इंडिया लिमिटेड बिरकोनी के जांच में ठेकेदार द्वारा लाइसेंस से अधिक कर्मचारी नियोजित किया जाना पाया गया तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके लिए प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा तुलसी फास्फेट प्राइवेट लिमिटेड की जांच में परिसर में स्थापित धर्म कांटा असत्यापित पाया गया। परिसर में जांच हेतु पर्याप्त बाट की उपलब्धता नहीं पाई गई। पैकर पंजीयन संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त संबंध में संस्थान को नोटिस जारी किया जा रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में उत्पादन प्रमाण पत्र लेने हेतु समझाइश दी गई।