महासमुंद/ऑयल पॉम की खेती को प्रोत्साहन देने जिले में किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना के तहत विविध सहायता प्रावधान

महासमुंद/ऑयल पॉम की खेती को प्रोत्साहन देने जिले में किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना के तहत विविध सहायता प्रावधान

महासमुंद, केन्द्र सरकार द्वारा तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना संचालित की जा रही है। राज्य में ऑयल पॉम की व्यावसायिक खेती की संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस दिशा में महासमुंद जिले में विशेष पहल की गई है, जिससे कृषकों को आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी प्राप्त हो रहा है।

सहायक संचालक उद्यान श्रीमती पायल साव ने बताया कि ऑयल पॉम पौध रोपण के चतुर्थ वर्ष में फलन प्रारंभ हो जाता है तथा इसके फलों की खरीदी संबंधित कंपनी द्वारा की जाती है। जिले में वर्ष 2025-26 हेतु योजना अंतर्गत किसानों को विविध लाभ प्रदान किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें 143 पौध प्रति हेक्टेयर पर 100 प्रतिशत विभागीय अनुदान पर प्रदाय किए जाने का प्रावधान है, इस सत्र में कुल 600 हेक्टेयर लक्ष्य है। बाग का रखरखाव के लिए प्रथम से चतुर्थ वर्ष तक प्रति हेक्टेयर 5250 रुपए का अनुदान खाद, दवा एवं उर्वरक, गैप फिलिंग, सिंचाई कार्य हेतु दिए जाएंगे। अंतरवर्ती फसल जैसे तिल/अन्य तिलहन हेतु अनुदान 5250/हेक्टेयर प्रत्येक वर्ष, ड्रिप इरिगेशन हेतु 31,399 रुपए/हेक्टेयर का अनुदान दिया जाएगा।

इसी तरह 2 हेक्टेयर या उससे अधिक ऑयल पॉम रोपित करने वाले कृषकों को प्रति बोरवेल 50 हजार या 50 प्रतिशत (जो कम हो) अनुदान दिया जाएगा, कुल 124 बोरवेल का लक्ष्य है। पम्पसेट हेतु सामान्य कृषकों को 22,500 प्रति पम्प व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सीमांत, महिला कृषकों को 27 हजार रुपए तक अनुदान अधिकतम 15 एचपी तक का डीजल, इलेक्ट्रिक पम्प पर दिया जाएगा। कुल 124 पम्प सेट का लक्ष्य है। वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट पर 1 लाख 50 हजार/यूनिट अनुदान का प्रावधान, 1 यूनिट लक्ष्य है। वर्मी कम्पोस्ट के लिए निर्माण लागत का 50 प्रतिशत अथवा 15 हजार रुपए प्रति यूनिट अनुदान का प्रावधान व कुल 3 यूनिट लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा हाई रीच ऑयल पॉम कटर पर 2500 रुपए प्रति यूनिट अनुदान, लक्ष्य 2 पॉम कटर का है, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सीमांत, महिला कृषकों को चाप कटर पर 5000 रुपए प्रति यूनिट अनुदान, 2 यूनिट का लक्ष्य है। मोटराइज्ड चिस्ल के लिए किसानों को प्रति यूनिट 15 हजार रुपए अनुदान, एक यूनिट का लक्ष्य है, वायर मेश के लिए प्रति यूनिट 20 हजार रुपए अनुदान, 85 वायर मेश का लक्ष्य है। 3 हेक्टेयर अथवा उससे अधिक ऑयल पॉम उत्पादक कृषकों को प्रति ट्रैक्टर 20 एचपी तक ट्रॉली सहित 2 लाख अनुदान देय है, लक्ष्य एक है। कृषकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु 30 कृषकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण हेतु 30 हजार रुपए प्रति प्रशिक्षण व्यय का प्रावधान है। उपरोक्त अनुदानों के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा रखरखाव, अंतरवर्तीय फसल, बोरवेल, पम्प सेट, फेंसिंग एवं ड्रिप स्थापना पर टॉप अप अनुदान भी दिया जाएगा।

सहायक संचालक उद्यान ने कृषकों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ लेने हेतु अपने विकासखंड के ग्रामीण उद्यान/उद्यान विकास अधिकारियों से संपर्क कर सकते है। महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत श्री नोहर सिंह निषाद (7067155003) एवं श्री रेवतीरमन पटेल (8815880337), बागबाहरा अंतर्गत श्री साखुराम प्रियपाल (9617232320) एवं सुश्री धनिता पटेल (6265427233), पिथौरा अंतर्गत श्री कैलाश नायक (8839031173), बसना अंतर्गत श्री दिलीप कुमार राठिया (7694095884) एवं श्री उपेन्द्र कुमार नाग (9131833408) तथा विकासखण्ड सरायपाली अंतर्गत श्री गुरुदत्त यदु (9131833408) एवं श्री लाभेन्द्र सिंह (7999800645) के मोबाईल नम्बर पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त ऑयल पॉम कंपनी प्रतिनिधि श्री आशीष (मो. 7489096992) से भी संपर्क किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ सरायपाली: / लापरवाहीपूर्ण इलाज के आरोप में SDM ने किया था हॉस्पिटल सील, हाईकोर्ट ने दिए तत्काल सील खोलने के आदेश, जवाब भी माँगा

छत्तीसगढ़ सरायपाली: / लापरवाहीपूर्ण इलाज के आरोप में SDM ने किया था हॉस्पिटल सील, हाईकोर्ट ने दिए तत्काल सील खोलने के आदेश, जवाब भी माँगा

बिलासपुर। लापरवाहीपूर्ण इलाज के आरोप में एसडीएम द्वारा सरायपाली स्थित मातृ केयर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। नर्सिंग होम संचालक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने अस्पताल का सील तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है। साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।

शिकायतकर्ता प्रशांत कुमार साहू, निवासी ग्राम छिंदपाली, ने आरोप लगाया था कि अस्पताल के डॉक्टर शिबाशीष बेहरा द्वारा 10 अक्टूबर 2024 को उसकी पत्नी का ऑपरेशन लापरवाही से किया गया, जिसके चलते वह विकलांग हो गई। इस मामले की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने टीम गठित की थी, लेकिन इसी बीच 28 जून 2024 को एसडीएम सरायपाली ने अस्पताल को बिना पूर्व सूचना के सील कर दिया।

डॉ. बेहरा ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अभ्युदय त्रिपाठी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग होम एवं क्लीनिकल स्थापना अधिनियम 2010 के तहत बिना पूर्व सूचना नर्सिंग होम को सील करने का अधिकार नहीं है।

जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अस्पताल का सील खोलने का आदेश दिया और स्वास्थ्य विभाग, कलेक्टर महासमुंद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, एसडीएम सरायपाली एवं शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : स्वच्छ वातावरण में स्थित सारंगढ़ का स्वयंभू तालेश्वर महादेव मंदिर

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : स्वच्छ वातावरण में स्थित सारंगढ़ का स्वयंभू तालेश्वर महादेव मंदिर

स्वच्छ वातावरण में स्थित सारंगढ़ का स्वयंभू तालेश्वर महादेव मंदिर

सारंगढ़ बिलाईगढ़,सारंगढ़ के समीप  सरायपाली रोड में स्थित तालेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का स्वयंभू शिवलिंग है।   भक्त लोग प्रतिदिन अपने दैनिक दिनचर्या में समय निकालकर भोलेनाथ का श्रृंगार करते हैं। मंदिर के बाजू स्थित ताला तालाब का पानी बेहद स्वच्छ है, जिसमें कमल के फूल पूरे तालाब में फैला हुआ है। इसी प्रकार कनेर का असंख्य पेड़ मंदिर के चारों ओर हैं। ऐसा लगता है जैसे तालाब, कमल के फूल और कनेर पेड़ मंदिर को अपने आप सजाए हुए हैं।

 

छत्तीसगढ़ : ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय ने किया ग्रामोद्योग इकाइयों का निरीक्षण ग्रामोद्योग में बढ़ेगे रोजगर के अवसर – श्री पाण्डेय

छत्तीसगढ़ : ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय ने किया ग्रामोद्योग इकाइयों का निरीक्षण ग्रामोद्योग में बढ़ेगे रोजगर के अवसर – श्री पाण्डेय

छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय ने बीते बुधवार को विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी और कोकड़ी का भ्रमण कर वहां संचालित ग्रामोद्योग द्वारा संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान श्री पांडेय ने हथकरघा, माटीकला, रेशम धागाकरण सहित विभिन्न पारंपरिक एवं लघु उद्योगों के संचालन को देखा और सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नवाचार और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामोद्योग द्वारा किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताया।

श्री पांडेय ने कहा कि ग्रामोद्योग से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक ग्रामोद्योग इकाई स्थापित हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूती मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग रायपुर के उप संचालक श्री पंकज अग्रवाल, पंचायत विभाग धमतरी के उप संचालक, जनपद पंचायत कुरूद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को ग्राम स्तर पर चल रही गतिविधियों, समूहों की भागीदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उत्पाद विपणन की जानकारी दी।

श्री पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तर्ज पर इकाइयां विकसित की जाएं और स्व-सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आने वाले समय में धमतरी जिले में कई नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना की संभावना जताई, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा।

यह निरीक्षण न केवल वर्तमान कार्यों की समीक्षा का अवसर रहा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

महासमुंद/जिले में अब तक 439.9 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 575.0 मिलीमीटरआज 18.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

महासमुंद/जिले में अब तक 439.9 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 575.0 मिलीमीटरआज 18.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

महासमुंद 25 जुलाई 2025/ महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 439.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 575.0 मिलीमीटर, सरायपाली में 504.8 मिलीमीटर, बसना में 484.2 मिलीमीटर, बागबाहरा में 373.3 मिलीमीटर, महासमुंद में 372.5 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 326.0 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 25 जुलाई को 18.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बसना तहसील में 49.1 मिलीमीटर, सरायपाली में 34.6 मिलीमीटर, पिथौरा में 25.1 मिलीमीटर, महासमुंद में 2.2 मिलीमीटर एवं बागबाहरा तहसील में 0.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों से सशक्तिकरण की राह पर मुंगेली

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों से सशक्तिकरण की राह पर मुंगेली

आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सुविधाओं का स्थानीय स्तर पर मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा की अनुरूप मुंगेली जिला डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुंगेली जिले के तीनों विकासखण्डों की 30 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना होने से ग्रामीणों को काफी सुविधा मिल रही हैं। पहले आय, जाति, निवास आदि कार्यों के लिए च्वाईस सें लोक सेवा केन्द्र के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब ग्रामीणों को उनके घर के पास ही सभी सुविधाएं मिलने लगी है। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई है।

भटगॉव के युवा लेखराम साहू ने बताया कि पहले पैसे जमा या निकासी के लिए 20 किलोमीटर दूर मुंगेली जाना पड़ता था, लेकिन अब ये सुविधा केन्द्र खुलने से यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इससे ग्रामीणों को समय, मेहनत और यात्रा खर्च की बचत हो रही है। इसी तरह डिजिटल सेवा का लाभ लेने पहुंची गंगा साहू ने भी शासन की इस पहल की सराहना की। गंगा साहू ने कहा कि यह पहल ग्रामीण स्वावलंबन और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में मददगार कदम है। इस पहल ने न सिर्फ आर्थिक रूप से गाँवों को मज़बूत किया, बल्कि युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर भी दिए। डिजिटल सेवाओं के जरिये शासन की मुख्यधारा अब अंतिम छोर तक पहुँच रही है, जिससे स्थानीय जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शुरू हुए थे एडीएसके

इस वर्ष 24 अपै्रल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शासन द्वारा जिले के तीनों विकासखण्डों में पहले चरण मे 10-10 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया गया है। इन केन्द्रों में आमजनों को बैंकिंग, बीमा, पेंशन, बिजली बिल भुगतान, रेलवे टिकट, छात्रवृत्ति, और जन्म-मृत्यु सहित जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ों सहित खाता खोलने की सुविधा दी जा रही है। इससे गाँव के लोग पंचायत स्तर पर ही ज़रूरी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

 

सरायपाली : अज्ञात वाहन की ठोकर से युवक की मौत, आरोपी वाहन चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज

सरायपाली : अज्ञात वाहन की ठोकर से युवक की मौत, आरोपी वाहन चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज

 

सरायपाली। थाना सरायपाली क्षेत्र अंतर्गत एक सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

थाना सरायपाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक प्रहलाद बेहरा पिता फकिरो बेहरा (निवासी वार्ड नं. 15, डीपापारा, सरायपाली) दिनांक 01 मई 2025 को मोटरसाइकिल से सब्जी लेने सरायपाली बाजार आया था। शाम लगभग 6 बजे घर लौटते समय सरायपाली सब्जी बाजार मेन रोड के पास किसी अज्ञात वाहन चालक ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में प्रहलाद बेहरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल को तत्काल 108 एम्बुलेंस से सीएचसी सरायपाली ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल महासमुंद रेफर किया। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

थाना महासमुंद द्वारा दर्ज दिनांक 23/07/2025 मर्ग डायरी क्रमांक 0/30/2025 धारा 194 बीएनएसएस को थाना सरायपाली लाकर असल मर्ग क्रमांक 53/2025 कायम किया गया। जांच में यह पाया गया कि अज्ञात वाहन चालक की लापरवाही के कारण ही प्रहलाद बेहरा की मौत हुई। पुलिस ने आरोपी वाहन चालक के विरुद्ध धारा 106(1) बीएनएस एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

सरायपाली/ग्राम सुखापाली अज्ञात वाहन ने मारी मोटरसाइकिल को ठोकर युवक की मौके पर मौत, अपराध दर्ज

सरायपाली/ग्राम सुखापाली अज्ञात वाहन ने मारी मोटरसाइकिल को ठोकर युवक की मौके पर मौत, अपराध दर्ज

थाना सरायपाली ग्राम सुखापाली निवासी कंचनदास खुंटे की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। घटना 23 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 2:25 बजे ग्राम कांशीपाली से ग्राम रोहिना जाने वाली सड़क पर नीम के पेड़ के पास हुई।

सूत्रों के अनुसार, कंचनदास अपने हीरो एचएफ डिलक्स मोटर सायकल (क्रमांक CG 06 GF 3217) से घरेलू कार्य हेतु कांशीपाली गया था। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन चालक ने तेज, लापरवाहीपूर्वक और खतरनाक ढंग से वाहन चलाते हुए सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कंचनदास की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के चश्मदीद गवाह:राहगीरों ने बताया कि अज्ञात वाहन दुर्घटना के बाद फरार हो गया। स्थानीय निवासी खगेश्वर खुंटे ने मृतक के भाई को सूचना दी। जब वह मौके पर पहुंचे, तो कंचनदास का शव खून से लथपथ हालत में सड़क पर पड़ा मिला।

पुलिस कार्रवाई:प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 184-LKS, 106(1)-BNS, 281-BNS के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी है।

CG बसना / शिक्षक संघों की सख्त मांग और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी से हिली व्यवस्था – मिश्रा की घर वापसी, जोल्हे को कमान

CG बसना / शिक्षक संघों की सख्त मांग और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी से हिली व्यवस्था – मिश्रा की घर वापसी, जोल्हे को कमान शिकायतों, विरोध और राजनीति के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला – पूर्णानन्द मिश्रा की वापसी, जोल्हे की ताजपोशी

बसना। संकुल समन्वयको एवं शिक्षक संगठनो के विरोध की वजह से पूर्णानन्द मिश्रा ने कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा को अपना त्यागपत्र जिला परियोजना कार्यालय के माध्यम से सौंपा था। पूर्णानन्द मिश्रा को उनके मूल शाला मिडिल शाला मोहका में वापसी हो गया है। बद्री विशाल जोल्हे सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बसना को बीआरसीसी अस्थायी प्रभार दी गई है।

मालूम हो कि शिक्षक संगठनो एवं संकुल समन्वयको ने कलेक्टर महासमुन्द को 10 बिन्दुओ में लिखित शिकायत किया था। इन्होने पूर्णानन्द मिश्रा के उपर कई गंभीर आरोप लगाये थे। बीआरसीसी को नही हटाने पर सामूहिक इस्तिफा देने की भी मंशा था। मामले को देखते हुए डीईओ विजय लहरे एवं डीएमसी रेखराज शर्मा दोनो बसना आकर जांच किये। इसके बाद मामले में जमकर राजनीति में हुआ। लेकिन संगठन अडे रहे।

पूर्णानन्द मिश्रा ने 11 जुलाई को त्यागपत्र दिया। वजह व्यक्तिगत कारण बताया। चर्चा है कि इसी वजह से शिक्षक संगठन एवं संकुल समन्वयको ने शिकायत वापस ली। इसके बाबजूद शंका था कि त्यागपत्र स्वीकृत किया जायेगा, अथवा इसमें भी खेल होगा। लेकिन उसके त्याग पत्र को स्वीकृत करके 23 जुलाई को उसके मूल शाला में वापसी का आदेश जारी किया गया।

विदित हो कि पूर्णानन्द मिश्रा को 2018 में चेतावनी दण्ड मिला था। जिसे उसके सर्विस बुक में एन्ट्री नही किया था। आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने इस मामले को उठाया तब पूर्णानन्द मिश्रा के सर्विस बुक में 07 साल बाद दर्ज हुआ।

बसना: भंवरपुर सब्जी बनने में देरी पर पिता से लाठी-डंडों से मारपीट, मामला दर्ज

बसना: भंवरपुर सब्जी बनने में देरी पर पिता से लाठी-डंडों से मारपीट, मामला दर्ज

बसना। घरेलू विवाद में लाठी-डंडों से मारपीट की गंभीर घटना चौकी भंवरपुर क्षेत्र के इन्द्रानगर में सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई 2025 की सुबह लगभग 11 बजे पुक सिंह सिदार (उम्र 55 वर्ष), निवासी इन्द्रानगर भंवरपुर का अपने बेटे दिनेश सिदार (उम्र 22 वर्ष) से भोजन को लेकर विवाद हो गया।

पुक सिंह ने बताया कि बेटा भोजन मांग रहा था, लेकिन सब्जी बनने में समय लग रहा था। इसी बात पर दोनों के बीच बहस बढ़ गई। आरोप है कि गाली-गलौज करते हुए दिनेश सिदार ने लाठी-डंडों से अपने पिता पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस चौकी भंवरपुर ने प्रार्थी की लिखित शिकायत पर अपराध क्रमांक 0/25 धारा 296, 115(2), 351(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही शुरू कर दी है। घटना का प्रत्यक्षदर्शी बड़कु देवांगन है।

पुक सिंह सिदार का कहना है कि वह घायल हैं और अभी भी भयभीत हैं कि उनका बेटा दोबारा हमला कर सकता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।