रायपुर : प्रदेश में अब तक 115.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर : प्रदेश में अब तक 115.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 115.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक जशपुर जिले में सर्वाधिक 264.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। राजनांदगांव जिले में सबसे कम 35.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 107.4 मि.मी., सूरजपुर में 156.8 मि.मी., बलरामपुर में 245.7 मि.मी., कोरिया में 212.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 127.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 81.0 मि.मी. बलौदाबाजार में 125.8 मि.मी., गरियाबंद में 109.9 मि.मी., महासमुंद में 92.9 मि.मी. और धमतरी में 64.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 83.1 मि.मी., मुंगेली में 96.8 मि.मी., रायगढ़ में 174.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 103.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 139.0 मि.मी., सक्ती में 69.1 मि.मी. कोरबा में 130.2 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 136.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 66.7 मि.मी., कबीरधाम में 64.6 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 92.7 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 58.9 मि.मी., बालोद में 69.4 मि.मी. बेमेतरा में 45.5 मि.मी और बस्तर जिले में 145.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 88.1 मि.मी., कांकेर में 108.6 मि.मी., नारायणपुर में 71.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 149.7 मि.मी., सुकमा में 68.9 मि.मी. और बीजापुर में 213.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में हुए शामिल : छेरापहरा की रस्म अदायगी कर मांगा प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में हुए शामिल : छेरापहरा की रस्म अदायगी कर मांगा प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद

राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल श्री डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरा-पहरा‘ की रस्म निभाई। राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने श्री जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष विधि-विधान के साथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया गया और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया गया। इस परंपरा को छेरापहरा कहा जाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथ यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। श्री साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से वर्षा होती है, धान की बालियों में दूध भरता है और किसानों के घरों में समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी विनती है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की ओर अग्रसर करें।

मुख्यमंत्री ने सोने की झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई

राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरी की रथ यात्रा की तर्ज पर यह पुरानी परंपरा निभाई जाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी करते हुए सोने की झाड़ू से मार्ग बुहारकर रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक ले जाकर विराजित किया।

ओडिशा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में होती है रथ यात्रा

रथ यात्रा के लिए भारत में ओडिशा राज्य प्रसिद्ध है। ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ में भी इस उत्सव का व्यापक प्रभाव है। आज निकाली गई रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच यह एक अटूट साझेदारी का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण तीर्थ है, जहां से वे जगन्नाथ पुरी में स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित मीठे बेर ग्रहण किए थे। यहां वर्तमान में नर-नारायण का भव्य मंदिर स्थापित है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री धर्मलाल कौशिक सहित अन्य गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

 

रायपुर : जीपीएम जिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में हुआ शामिल

रायपुर : जीपीएम जिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में हुआ शामिल

रक्त शक्ति महा अभियान में एक ही दिन में 51727 महिलाओं का हुआ एचबी जांच

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की सफलता पर  जिला प्रशासन को दी बधाई

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को जिले में शामिल करते हुए 26 जून को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में चलाए गए रक्त शक्ति महा अभियान में एक ही दिन में जिले की 13 से 45 वर्ष आयु वर्ग की 51,727 महिलाओं का हीमोग्लोबीन (एचबी) जांच कराने पर जिले का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की स्टेट हेड श्रीमती सोनल राजेश शर्मा ने आज एसेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल पेण्ड्रा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर को प्रमाण पत्र प्रदान किया।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जिले का नाम दर्ज होने पर इस उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन को शुभकामनाएं और बधाई दी है।  उन्होंने कहा कि रक्त की कमी होने से बहुत सारी समस्याएं होती है।  एचबी की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए रक्त शक्ति महा अभियान ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है।

जिला कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि इस अभियान में जिला स्तर से लेकर मैदानी स्तर के सभी विभागों के अमले की सेवाएं ली गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की भी सराहनीय सहभागिता रही। अभियान में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाएं, पंचायत सचिव, पटवारी, कोटवार, ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारियों ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान किया है।

 

रायपुर : ऑनलाईन आरटीई के माध्यम से द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से

रायपुर : ऑनलाईन आरटीई के माध्यम से द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से

ऑनलाईन आरटीई पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अन्तर्गत वर्ष 2025-26 हेतु प्रवेश की कार्यवाही के संबंध में समय-सारिणी जारी कर दी गई है। संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ अटल नगर द्वारा उक्त आशय का आदेश राज्य के सभी जिले के कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रेषित किए गए हैं।

जारी कार्यक्रम के अनुसार नवीन स्कूल पंजीयन, दर्ज संख्या प्रविष्टि एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन व सीटों का वास्तविक प्रकटीकरण 18 जून से 30 जून तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन (आवेदन) 01 जुलाई से 12 जुलाई तक तथा नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच एवं आवेदक को त्रुटि सुधार हेतु अवगत कराने के लिए 02 जुलाई से 19 जुलाई तक की तिथि निर्धारित की गई है। इसी प्रकार लॉटरी के माध्यम से स्कूलों का आबंटन 22 जुलाई से 23 जुलाई तक एवं स्कूल में दाखिला की प्रक्रिया हेतु 25 जुलाई से 31 जुलाई तक की तिथि निर्धारित की गई है।

लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत् वर्ष 2025-26 हेतु प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन/भर्ती की कार्यवाही की जानी है। पूर्व में भी प्रवेश की प्रक्रिया एवं ऑनलाईन पद्धति के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए जा चुके है।

 

रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) के डॉ. व्यास निदेशक नियुक्त

रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) के डॉ. व्यास निदेशक नियुक्त

 राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका द्वारा प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर छत्तीसगढ़ का निदेशक नियुक्त किया गया है।

राज्यपाल द्वारा उनकी नियुक्ति अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 (संशोधन अधिनियम, 2014 एवं 2015) की धारा 20(2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। डॉ. व्यास का कार्यकाल, परिलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होगी। इस संबंध में आज राजभवन सचिवालय से आदेश जारी किया गया है। 

वर्तमान में प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास, अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) में डीन के पद पर कार्यरत हैं।

 

रायपुर : बिजली बिल के बोझ को कम करने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना

रायपुर : बिजली बिल के बोझ को कम करने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अभियान से ग्रीन एनर्जी मिशन को बढावा देकर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने मे मदद होगी साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। भारत सरकार ने सौर रूफटॉप क्षमता की हिस्सेदारी बढ़ाने और आवासीय घरों को अपनी बिजली पैदा करने के लिए सशक्त बनाने के लिए 29 फरवरी, 2024 को  मंजूरी दी है।   पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना  केवल घरों को रोशन करने के लिए नहीं है बल्कि यह योजना सूरज की ऊर्जा को अपनाने के तेज और किफ़ायती तरीक़े के बारे में भी है। एक किलोवाट प्रणाली के लिए 30,000 रुपये, 2 किलोवाट प्रणाली के लिए 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक प्रणाली के लिए 78,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना से बिजली के बिल में कमी, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना न केवल स्थायी ऊर्जा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण को बचाने की ओर भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

शासन द्वारा लाभार्थी को सब्सिडी प्रदान की जाएगी

यह योजना भारत के घरों पर बिजली बिल की वित्तीय बोझ कम करने और पर्यावरणीय स्थिरता में भी योगदान देने की दिशा में एक व्यापक दृष्टिकोण पर काम करती है। इस योजना के तहत 2 किलोवाट क्षमता तक की प्रणालियों के लिए सौर इकाई लागत का 60% और 2 से 3 किलोवाट क्षमता के बीच की प्रणालियों के लिए अतिरिक्त प्रणाली लागत का 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है। सब्सिडी की सीमा 3 किलोवाट क्षमता तक सीमित रखी गई है।

पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना से 1 करोड़ लोगो को इस योजना के तहत लाभ मिलेंगा, इस योजना के तहत प्रतिमाह 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएँगी । सोलर पैनल खरीदने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाएँगी | सरकार द्वारा बैंक से सोलर पैनल खरीदने के लिए लोन उपलब्ध कराने के लिए सहायता व मार्गदर्शन दिया जाएगा।

कौन ले सकता है लाभ

पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को छत्तीसगढ का मूल निवासी होना आवश्यक है। इस योजना में आवेदक का उम्र 18 वर्ष से अधिक होना चाहिए । इस योजना में मध्यम वर्ग एवं गरीब वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी ।  यह योजना वर्ग के लोगों के लिए मान्य है। आवेदक बैंक खाते से जुड़ा आधार कार्ड योजना, मूलनिवासी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बिजली का बिल, पासपोर्ट साइज़ फोटो, शपथ पत्र के साथ आय प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। लोगों को अपनी जमीन या घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी मुहैया कराती है । इस योजना से लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे  किसान और आम लोग अपने घरों के टॉप पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल शून्य कर सकते हैं और सरप्लस एनर्जी बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।

रायपुर : शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कंप्यूटर कौशल परीक्षा 29 जून और 5 जुलाई को 

रायपुर : शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कंप्यूटर कौशल परीक्षा 29 जून और 5 जुलाई को

लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कंप्यूटर कौशल परीक्षा का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में अंग्रेजी मुद्रलेखन परीक्षा 29 जून और दूसरे चरण में हिन्दी मुद्रलेखन परीक्षा 5 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी, जिसमें टाइपिंग गति 10,000 डिप्रेशन प्रति घंटा निर्धारित है। यह परीक्षा चार चयनित परीक्षा केंद्रों में संपन्न होगी। यह परीक्षा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर में स्थित पांच परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी।

परीक्षार्थियों को केवल परिषद द्वारा आबंटित परीक्षा केंद्र, निर्धारित बैच और समय पर ही परीक्षा में सम्मिलित होना अनिवार्य है। परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध है। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सूचना परीक्षार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी गई है।

 

महासमुंद/शिविरों में हितग्राहियों को मिल रहा योजनाओं का समग्र लाभ

महासमुंद/शिविरों में हितग्राहियों को मिल रहा योजनाओं का समग्र लाभ

राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद जिले में धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जागरूकता एवं लाभ शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से राजस्व, आदिवासी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा, पंचायत विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर प्रदान किया जा रहा है। शिविरों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार लिंकिंग, बैंक खाता खुलवाने, कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु पंजीयन, स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा दी जा रही है।

इसी क्रम में आज महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सलिहाभाठा, बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम टोंगोपानी कला, पिथौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भुरकोनी में शिविर का आयोजन किया गया। सलिहाभाठा शिविर में कुल 106 हितग्राहियों का विभिन्न योजनाओं के तहत पंजीयन किया गया। जिसमें आधार कार्ड के लिए 21, राशन कार्ड 29, आयुष्मान कार्ड 16, जाति प्रमाण पत्र व निवास प्रमाण पत्र 5-5, जॉब कार्ड के लिए 23 हितग्राहियों ने पंजीयन कराया। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7 लोगों का सिकल सेल जांच किया गया। इसी तरह टोंगोपानी कला शिविर में कुल 181 हितग्राहियों जिसमें 22 हितग्राही आधार कार्ड के लिए, 11 राशन कार्ड, 06 आयुष्मान कार्ड, 18 जाति प्रमाण, 17 निवास प्रमाण पत्र, 21 श्रमिकों ने जॉब कार्ड, 5 ने श्रमिक कार्ड हेतु, 6 किसानों ने केसीसी के लिए एवं 14 ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पंजीयन कराया तथा 6 हितग्राहियों ने जनधन खाता खुलवाया। वहीं महिला बाल विकास विभाग द्वारा 9 महिलाओं का हीमोग्लोबिन टेस्ट एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 सिकल सेल एवं 43 लोगों का स्वास्थ्य जांच किया गया। वहीं भुरकोनी शिविर में 83 हितग्राहियों ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने पंजीयन कराया। जिसमें आधार कार्ड के लिए 10, राशन कार्ड 09, जाति प्रमाण पत्र 24, निवास प्रमाण पत्र 14, केसीसी 02, पीएम किसान सम्मान निधि अंतर्गत 01, जॉब कार्ड के लिए 04 हितग्राहियों ने आवेदन किया। साथ ही 2 हितग्राहियों ने जनधन खाता खुलवाया, एक गर्भवती महिला को मातृत्व वंदन योजना में पंजीयन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 लोगों का सिकल सेल जांच किया गया।

शिविरों में स्थानीय जनजातीय समुदाय के हितग्राहियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर कृषक रामधीन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अपना पंजीयन कराया और योजना का लाभ मिलते ही खुशी जाहिर की। रामधीन ने कहा शासन द्वारा जनजातीय समुदाय के लिए चलाई जा रही यह एक सराहनीय पहल है। इससे हम जैसे वंचित किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। पहले शासकीय दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब गांव में ही सारी सुविधा मिल रही है।

शिविर में उपस्थित अन्य हितग्राही निर्मल, चांदनी, कविता, चैत कुमारी, अनुसुईया, कोदूराम आदि ने भी योजना की सराहना की और कहा कि इस अभियान से गांव-गांव में शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं, जिससे आमजन को बहुत राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि अब न तो बार-बार शहर के सरकारी दफ्तरों में जाने की जरूरत पड़ती है, न ही कोई अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। घर के पास ही सुविधा मिलने से समय और संसाधन दोनों की बचत हो रही है। जनजातीय समुदाय में इस पहल को लेकर अत्यंत उत्साह है। इसके लिए ग्रामीणों ने शासन, जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

भारतमाला परियोजना में गड़बड़ियों पर एक्शन का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में गड़बड़ियों के उजागर होने पर तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ तोरवा थाना में एफआईआर दर्ज किया गया है।

भारतमाला परियोजना में गड़बड़ियों पर एक्शन का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में गड़बड़ियों के उजागर होने पर तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ तोरवा थाना में एफआईआर दर्ज किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 130 ए (बिलासपुर-उरगा) मुख्य मार्ग तहसील बिलासपुर के अंतर्गत ग्राम ढेंका में भू-अर्जन की कार्रवाई में अनियमितता की शिकायत हुई थी। मुआवजा राशि वितरण में अनियमितता की जिला स्तरीय समिति की जांच में पुष्टि हुई। एसडीएम के निर्देश पर वर्तमान तहसीलदार राहुल शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन तहसीलदार डीके उईके और पटवारी सुरेश कुमार मिश्रा के खिलाफ धारा 34, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी पहले ही जांच के शिकंजे मेंरायपुर जिले के भारतमाला परियोजना में हुए घोटाले में निलंबित किए गए अभनपुर तहसील क्षेत्र के तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार शशिकांत कुरें, राजस्व निरीक्षक रोशनलाल वर्मा, पटवारी दिनेश पटेल के अलावा गोबरा नवापारा के तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण, पटवारी नायक बांधा जीतेंद्र साहू, पटवारी बसंती घृतलहरे, लेखराम पटेल ग्राम टोकरो के विरुद्ध ईओडब्ल्यू ने केस दर्ज किया है। इस संबंध में जांच जारी है।

भूमि अधिग्रहण के लिए चार गांवों का हुआ था सर्वेइस घोटाले की जांच पूर्व में भी रायपुर जिला प्रशासन द्वारा करवाई गई थी। अब यही जांच रायपुर संभाग के कमिश्नर एमडी कावरे की देखरेख में हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के अनुसार अभनपुर क्षेत्र में रायपुर-विशाखापट्‌नम इकनोमिक कॉरिडोर सड़क निर्माण भारत माला परियोजना अंतर्गत चार ग्रामों के लिए भूमि अधिग्रहण करने के लिए सर्वे किया गया। इस सर्वे तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी सहित अन्य लोगों ने मिलकर भूमि के खसरा और रकबा में गड़बड़ी की गई है। जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि चारों गांव में 1 से लेकर 33 नंबर तक खसरा भूमि का रकबा 1.3929 हेक्टेयर था। इन खसरा-रकबा के भू-स्वामियों की संख्या करीब 17 थी, लेकिन खसरा और रकबा को विभाजित करने के बाद इसी भूमि के 97 97 भूस्वामी बना दिए गए। इसी आधार पर सभी 97 भूस्वामियों को मुआवजा भी दिलाया गया।

एक ही परिवार के कई सदस्यों को मुआवजापूर्व की रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों को मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है, उनमें ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम पर ही भूमि चढ़ा दी गई थी। इनमें किसी परिवार के 12 किसी के 10 तो कईयों के 7 से 6-5 सदस्यों के नाम पर भी भूमि दर्ज है।

अब दो पहिया वाहन को भी देना होगा Toll टैक्स? 15 जुलाई से लागू होगा सिस्टम; जानिए क्या है नये नियम की सच्चाई

अब दो पहिया वाहन को भी देना होगा Toll टैक्स? 15 जुलाई से लागू होगा सिस्टम; जानिए क्या है नये नियम की सच्चाई

25 जून गुरुवार को एक खबर ने सभी दो पहिया वाहन चालकों को चौंका दिया. इसमें कहा गया कि केंद्र सरकार की तरफ से दो पहिया वाहन चालने वालों के लिए एक नया आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार 15 जुलाई 2025 से टू-व्हीलर पर भी टोल टैक्स लगेगा. इससे करोड़ों बाइक चालक के झटका लगा. क्योंकि इससे पहले दो पहिया वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाता था. ऐसा इसलिए होता था क्योंकि जब नया दो पहिया वाहन खरीदा जाता है तब उसके पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के समय ही टोल टैक्स की राशि एकमुश्त वसूल ली जाती थी. लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए नियम के हिसाब से सभी दोपहिया वाहनों को FASTag के जरिए टोल देना होगा. वहीं इस नियम का उल्लंघन करने पर 2 हजार रुपये जुर्माना देना होगा. आइए जानते हैं इसकी पूरी सच्चाई.

सरकार का क्या कहना है?
सरकार ने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है. वहीं कुछ रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि NHAI के सूत्रों ने मीडिया में चल रही इन खबरों पर कहा है कि टू-व्हीलर पर फास्टैग के जरिए टोल टैक्स की ये सभी खबरें गलत हैं. NHAI ने बाइक से टोल टैक्स वसूली को लेकर किसी तरह का कोई आदेश नहीं दिया है.

भ्रामक खबरों से बचें : गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि “कुछ मीडिया हाऊसेस द्वारा दो-पहिया (Two wheeler) वाहनों पर टोल टैक्स लगाए जाने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है. ऐसा कोई निर्णय प्रस्तावित नहीं हैं. दो-पहिया वाहन के टोल पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी. बिना सच्चाई जाने भ्रामक खबरें फैलाकर सनसनी निर्माण करना स्वस्थ पत्रकारिता के लक्षण नहीं है. मैं इसकी निंदा करता हूं.”

कुछ दिनों पहले ही वाषिक पास का हुआ था ऐलान
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार 18 जून को बड़ा ऐलान किया था. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि, “हम 3,000 रुपये की कीमत वाला फास्टैग-आधारित वार्षिक पास पेश कर रहे हैं, जो 15 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा. एक्टिवेशन की तारीख से एक वर्ष या 200 यात्राओं तक के लिए वैध – जो भी पहले हो – यह पास विशेष रूप से गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए डिज़ाइन किया गया है.