CG WEATHER : मई की तपिश पर ब्रेक, छत्तीसगढ़ में बदला मौसम—बारिश, ओले और तेज आंधी का अलर्ट

रायपुर। रायपुर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जहां सोमवार सुबह से ही राजधानी में आसमान बादलों से घिरा हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर ओलावृष्टि, वज्रपात और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटों में सुकमा और जगरगुंडा में 2-2 सेमी तथा जगदलपुर में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई, वहीं राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और जगदलपुर में न्यूनतम 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका जैसी कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट भी शुरू हो सकती है। राजधानी रायपुर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं।

Bengal Result 2026 Live: बंगाल में BJP-TMC में कांटे की टक्कर, बीजेपी 124 तो टीएमसी 110 सीटों पर आगे, जानें ममता और सुवेंदु का क्या है हाल?

West Bengal Assembly Election Result 2026 Live: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से जारी है। पहले पोस्टल बैलेट के वोटों की गिनती में बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर दखने को ममिल रही है। शुरुआती 1 घंटे के रूझानों में बंगाल में बीजेपी 124 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी 110 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी पीछे चल रहीं हैं। भवानीपुर सीट से सुवेंदु बनर्जी को बढ़त है। साथ ही नंदीग्राम सीट से भी सुवेंदु आगे चल रहे हैं। आरजी कर रेप विक्टिम की मां रत्ना देबनाथ को बढ़त है। जबकि बहरामपुर से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पीछे चल रहे हैं।

  • भवानीपुर से ममता बनर्जी पीछे
  • भवानीपुर सीट सुवेंदु अधिकारी आगे
  • नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी आगे
  • खड़गपुर से बीजेपी के दिलीप घोष आगे
  • बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी पीछे
  • नोआपड़ा से बीजेपी के अर्जुन सिंह आगे
  • भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी पीछे
  • हुंमायू कबीर दोनों सीटों पर आगे

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं, जिनमें से 293 पर ही वोटों की गिनती होगी। यहां दो चरणों में मतदान हुआ था। पहले चरण में  23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग हुई थी, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान हुआ था। बंगाल में बहुमत का आंकड़ा- 148 है। यहां ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में जुटी हुई हैं। वहीं बीजेपी इस बार सत्ता में आने की लड़ाई लड़ रही है। इस बार के चुनाव में करीब 92 फीसदी मतदान हुआ है। सबसे ज्यादा फोकस भवानीपुर सीट पर है क्योंकि यहां से ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ रही हैं, उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी टक्कर दे रहे हैं।

Aaj Ka Panchang 04 May 2026: आज बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग, नोट करें दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त, जानें राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 04 May 2026: दैनिक पंचांग के अनुसार आज 04 मई 2026, सोमवार का दिन है. आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है और सर्वार्थद सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही आज भद्रा का भी साया रहेगा और इसलिए कोई भी शुभ कार्य करने से पहले मुहूर्त जरूर देखें. आइए जानते हैं, कैसी रहेगी राहुकाल की स्थिति और दिनभर के शुभ व अशुभ मुहूर्त के बारे में. यहां पढ़ें पूरा पंचांग.

तिथि

तृतीया – 05:24 ए एममई 05 तक

आज सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

सूर्योदय का समय : 05: 38 ए एम
सूर्यास्त का समय : 06: 58 पी एम
चंद्रोदय का समय: 09:42 पी एम
चंद्रास्त का समय : 06:52 ए एम

नक्षत्र :
अनुराधा – 09:58 ए एम तक

आज का योग
परिघ – 11:20 पी एम तक

आज का पक्ष : कृष्ण पक्ष

आज का वार: सोमवार

हिन्दू लूनर दिनांक

शक सम्वत:
1947 विश्वावसु

विक्रम सम्वत:
2083 कालयुक्त

गुजराती सम्वत:
2082 पिङ्गल

चन्द्रमास:
ज्येष्ठ – पूर्णिमान्त
वैशाख – अमान्त

आज का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Muhurat)

आज अभिजित मुहूर्त 11:51 ए एम से 12:45 पी एम तक रहेगा. विजय मुहूर्त 02:31 पी एम से 03:25 पी एम तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त 04:13 ए एम से 04:55 ए एम तक रहेगा. आज निशिता मुहूर्त 11:56 पी एम से 12:39 ए एम, मई 05 तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त 06:57 पी एम से 07:18 पी एम तक रहेगा.  अमृत काल 03:02 ए एम, मई 05 से 04:49 ए एम, मई 05 तक रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग 05:38 ए एम से 09:58 ए एम तक रहेगा.

दुर्मुहूर्त 12:45 पी एम से 01:38 पी एम, 03:25 पी एम से 04:18 पी एम तक रहेगा. राहुकाल 07:18 ए एम से 08:58 ए एम तक रहेगा. यमगण्ड 10:38 ए एम से 12:18 पी एम तक रहेगा. गुलिक काल 01:58 पी एम से 03:38 पी एम तक रहेगा. भद्रा 04:12 पी एम से 05:24 ए एम, मई 05 तक रहेगा.

Aaj Ka Rashifal 4 May 2026 : सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, किसे होगा फायदा-नुकसान, पढ़ें राशिफल

Aaj ka Rashifal 4 May 2026: ग्रहों की स्थिति- सूर्य और बुध मेष राशि में हैं। शुक्र वृषभ राशि में, गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में, और चंद्रमा वृश्चिक राशि में अनुराधा नक्षत्र के होकर चल रहे हैं। मंगल के घर में और शनि के नक्षत्र में इनकी स्थिति अच्छी नहीं है, यह जनमानस के लिए खराब स्थिति कही जाएगी। राहु कुंभ राशि में हैं, मंगल और शनि मीन राशि के गोचर में चल रहे हैं। और मंगल और शनि का गोचर ऑलरेडी बहुत खराब कहा जाता है।

मेष राशि: चोट-चपेट लग सकता है, किसी परेशानी में पड़ सकते हैं, परिस्थितियां प्रतिकूल हैं, स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी है, व्यापारिक दृष्टिकोण से यह शुभ समय कहा जाएगा, लाल वस्तु पास रखें।

वृषभ राशि: जीवनसाथी का बहुत सहयोग मिलेगा, साथ रहेगा, आनंदित रहेंगे। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात संभव है। व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह शुभ समय है, स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा है, लाल वस्तु का दान करना शुभ होगा।

मिथुन राशि: शत्रुओं पर दबदबा कायम रहेगा, गूढ़ ज्ञान की प्राप्ति होगी, बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रहेगा, प्रेम-संतान की स्थिति मध्यम रहेगी, व्यापार अच्छा है, काली जी को प्रणाम करें।

कर्क राशि: भावुकता पर नियंत्रण रखें। महत्वपूर्ण निर्णय अभी रोक दें। स्वास्थ्य ठीक-ठाक है, प्रेम-संतान की स्थिति मध्यम है, व्यापार अच्छा है, लाल वस्तु पास रखें।

सिंह राशि: गृह कलह के संकेत हैं। बहुत शांत चित्त होकर चीजों को निपटाएं। स्वास्थ्य ठीक-ठाक है, प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी है, व्यापार भी अच्छा है, पीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।

कन्या राशि: पराक्रमी बने रहेंगे, यह पराक्रम आपको सफलता दिलाएगा। स्वास्थ्य ठीक-ठाक है, प्रेम-संतान की स्थिति बहुत अच्छी है, व्यापारिक दृष्टिकोण से शुभ समय है, लाल वस्तु का दान करें।

तुला राशि: धन का आगमन बढ़ेगा, लेकिन किसी भी तरीके से अभी निवेश करना या किसी का लेन-देन करना वर्जित रहेगा। पारिवारिक सुख बढ़ेगा, लेकिन जुबान के कारण खराब हो सकता है, ध्यान रखिएगा। बाकी स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार अच्छा है, लाल वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि: ओजस्वी-तेजस्वी बने रहेंगे, स्वास्थ्य में सुधार होगा, प्रेम-संतान की स्थिति थोड़ी मध्यम है, व्यापार अच्छा है, हरी वस्तु का दान करें।

धनु राशि: मन व्याकुल रहेगा, खर्च की अधिकता होगी, कर्ज की स्थिति आ सकती है। स्वास्थ्य थोड़ा मध्यम, प्रेम-संतान की स्थिति मध्यम, व्यापार अच्छा है। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि: आय के नए मार्ग बनेंगे, पुराने मार्ग से भी पैसे आएंगे। यात्रा का योग बनेगा, शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा है। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

कुंभ राशि: व्यावसायिक सफलता मिलेगी, कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा, प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी, व्यापार भी अच्छा है। लाल वस्तु का दान करें।

मीन राशि: भाग्य साथ देगा, यात्रा का योग बनेगा, पूजा-पाठ में मन लगेगा, धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम-संतान अच्छा, व्यापार अच्छा। लाल वस्तु पास रखना शुभ होगा।

नशे का फायदा: महासमुंद में सो रहे व्यक्ति की जेब से मोबाइल, नकदी और सोने की चेन पार

महासमुंद :- महासमुंद में शराब के नशे में सो रहे एक व्यक्ति की जेब से मोबाइल, नगदी रकम और गले में पहने सोने की चैन चोरी कर ली गई, जिसकी शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों पर मामला दर्ज किया है.

मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी पिटीयाझर नया मण्डी में शराब पीने के लिये बैठा था, तथा शराब पीन के बाद शराब के नशे में वह वहीं सो गया. इसके बाद दोपहर करीब 12.00 बजे जब वह उठा तो देखा कि उसकी जेब से विवो कंपनी का मोबाईल V40 प्रो टच स्क्रीन, नगदी रकम 300 रूपये और गले में पहना सोने का चैन वर्ष 2008 में खरीदा गया कीमत करीब 19,200 रूपये गायब है.

इसके बाद प्रार्थी आसपास पता तलाश किया तो जानकारी हुई कि सुभाष नगर का रहने वाला गणेश जगत और वीर कुमार तथा संभवत: और लोग मिलकर मेरा सोने का चैन वजन करीबन 13 ग्राम कीमती 19,200 रूपये, मोबाईल विवो V40 प्रो टच स्क्रीन कीमती करीबन 15,000 रूपये एवं नगदी रकम 300 रूपये कुल कीमती 34,500 रूपये चोरी किये है.

मामले की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों पर अपराध धारा 303(2)-BNS दर्ज किया है.

गर्मी का कहर: महासमुंद में दोपहर 12 से 4 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद करने की मांग

महासमुंद  : महासमुंद भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अशवंत तुषार साहू ने महासमुंद  शहर के सभी ट्रैफिक सिग्नल को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अस्थाई रूप से बंद किये जाने की मांग की है.

उनका कहना है कि इससे बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, बीमार व्यक्तियों और आम जनता को अत्यधिक गर्मी से राहत मिलेगी.

तुषार साहू ने नागरिकों से अपील की है कि, सिग्नल बंद रहने के दौरान भी वे ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें. इससे शहर में सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सकेगा।

गर्मी या लू के कारण किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की स्थिति में नागरिक यातायात अधिकारियों या कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं. ऐसे यात्रियों को कंट्रोल रूम के माध्यम से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

महासमुंद : शिशुपाल पर्वत के नीचे मिली युवक-युवती की लाश, जताई जा रही यह आशंका

महासमुंद। जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां शिशुपाल पर्वत के नीचे युवक-युवती का शव मिलने से हड़कंम मच गया। दोनों की अगल-बगल पड़ी मिली। पुलिस आशंका जता रही है कि शायद दोनों ने आत्महत्या की। हालांकि दोनों की किन परिस्थितियों में मौत हुई, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

जानिए पूरा मामला

घटना सरायपाली विकासखंड के शिशुपाल पर्वत शिखर की है। आज सुबह रविवार को ग्रामीण जब पर्वत से गुजर रहे थे तो देखे कि नीचे में युवक और युवती का शव पड़ा हुआ था। दोनों की लाश आमने-सामने में ही थी। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना सरायपाली थाने पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पीएम के लिए भेजा गया।

पुलिस जांच में अभी यह पता नहीं चल पाया है कि दोनों कौन है और यहां क्यों पहुंचे थे। क्या दोनों को किसी ने धक्का दिया या फिर दोनों ने सुसाइड किया, इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। साथ ही मृतकों की पहचान भी पुलिस द्वारा की जा रही है।

वहीं, दो शव मिलने की सूचना के बाद सरायपाली क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीण घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे है। पुलिस आशंका जता रही हैं कि दोनों मृतक प्रेमी जोड़े हो सकते है। दोनों ने पर्वत से कूदकर आत्महत्या की होगी।

फिलहाल, दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। साथ ही मृतकों की फोटों के आधार पर आसपास के गांव में पूछताछ कर रही है। पहचान होने के बाद दोनों की मौत के कारणों का पता चल पाएगा।

सीएम साय ने ‘लखपति दीदी’ सुमिला की दुकान में की खरीदारी

मुद्रा लोन से शुरू हुई दुकान बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में मुख्यमंत्री साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि “यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।” उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है।

सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।

सुमिला ने आगे बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि “आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।”
मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।

शराब घोटाले पर ईडी का बड़ा एक्शन: 13 ठिकानों पर छापे, करोड़ों की नगदी और सोना जब्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की है। एजेंसी की टीम ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग/भिलाई सहित कुल 13 ठिकानों पर दबिश दी, जहां से भारी मात्रा में नकदी और सोना जब्त किया गया।

ईडी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 30 अप्रैल 2026 को की गई। तलाशी अभियान के दौरान शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के परिसरों को खंगाला गया, जिन पर घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई को छिपाने या संचालित करने का संदेह था।

करोड़ों की बरामदगी
छापेमारी के दौरान एजेंसी को बड़ी सफलता मिली। कुल मिलाकर लगभग 5.39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें करीब 53 लाख रुपये नकद, लगभग 3.23 किलोग्राम सोना (करीब 4.86 करोड़ रुपये मूल्य), इसके अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।

घोटाले की परतें खुलीं
ईडी की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एफआईआर के आधार पर चल रही है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन वसूली का एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

इस नेटवर्क में कथित तौर पर राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, आबकारी विभाग के अधिकारी, शराब कारोबारी और लाइसेंसधारी शामिल थे, जो मिलकर अवैध वसूली की सुनियोजित साजिश चला रहे थे।

अब तक की कार्रवाई
ईडी अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है
लगभग 380 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं
81 आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ 6 अभियोजन शिकायतें दायर

इन मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जारी है।

जांच जारी
ईडी का कहना है कि हालिया छापेमारी में मिले सबूतों से जांच को और मजबूती मिली है। आने वाले समय में और कुर्की, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में अब तक की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है, जिसने पूरे नेटवर्क को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों से महकेगा नारी शक्ति का स्वावलंबन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल की गोद में छिपी अमूल्य औषधि संपदा अब केवल स्वास्थ्य का आधार नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का नया अध्याय बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन की जिस परिकल्पना को साकार कर रही है, उसे वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में धरातल पर उतार रहा है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं

पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक पहचान
वनांचल में बिखरे पारंपरिक ज्ञान को महज एक स्मृति न रहने देने के संकल्प के साथ बोर्ड ने इसे वैज्ञानिक पद्धति से जोडऩे का निर्णय लिया है। इसके तहत उन स्थानीय वैद्यों और जानकारों का चिन्हांकन शुरू किया गया है, जिनके पास असाध्य रोगों के उपचार का अद्भुत ज्ञान है। बोर्ड का प्रयास इन महिलाओं को एक उचित मंच प्रदान करना है, ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ समाज को मिले और वे स्वयं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सकें। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस विरासत का सम्मान है जिसे ग्रामीण महिलाओं ने सदियों से सहेजकर रखा है। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक जड़ी-बूटी और जनजातीय ज्ञान को अब आधुनिक विज्ञान के माध्यम से नई पहचान मिल रही है। राज्य के वनों में छिपे औषधीय खजाने को वैज्ञानिक आधार पर प्रमाणित कर, उसे आजीविका के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
संग्रहण से प्रसंस्करण तक- उद्यमिता की नई उड़ान
आर्थिक मोर्चे पर सबसे बड़ा बदलाव तब दिखाई दे रहा है, जब जड़ी-बूटियों का संग्रहण करने वाली महिलाएं अब संग्राहक से आगे बढ़कर निर्माता की भूमिका में नजर आ रही हैं। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, महिला स्व-सहायता समूहों को औषधि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के उन्नत गुर सिखाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल औषधीय पौधों का संरक्षण कर रही है, बल्कि वनवासियों और लघु वन उपज संग्राहकों की आय में वृद्धि करके उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। छत्तीसगढ़ में 1500 से अधिक सक्रिय वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और जड़ी-बूटियों के विपणन के लिए छत्तीसगढ़ जनजातीय स्थानीय स्वास्थ्य परंपराएं और औषधीय पादप बोर्ड सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह संस्था हर्बल उत्पादों की खेती, मूल्य संवर्धन, और मार्केटिंग में तकनीकी सहायता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करती है।
औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं
छत्तीसगढ़ में जड़ी-बूटी मूल्य संवर्धन एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से राज्य के समृद्ध वन संसाधनों को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित (प्रोसेस) करके उनके आर्थिक मूल्य को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत इन उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। जब ये महिलाएं वनों से प्राप्त कच्ची सामग्री को साफ कर, सुखाकर उसे चूर्ण, अर्क या तेल के रूप में परिवर्तित करती हैं, तो उत्पाद की कीमत और गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है। इस मूल्य संवर्धन का सीधा आर्थिक लाभ उनके बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे बिचौलियों का वर्चस्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। 65 से अधिक लघु वन उपज प्रजातियों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी और उनका प्रसंस्करण किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख हर्बल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम है।

छत्तीसगढ़ हर्बल्स को वैश्विक पहचान
छत्तीसगढ़, जिसे जड़ीबूटि गढ़ भी कहा जाता है, अपने घने जंगलों, विशेषकर बस्तर में 160 से अधिक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों का प्राकृतिक खजाना है। यहाँ की मिट्टी में अश्वगंधा, सर्पगंधा, गोक्षुरा (गोखरू), कुटकी और तिखुर जैसी औषधियां पाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। बाजार की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए बोर्ड ने विपणन (मार्केटिंग) तंत्र को पारदर्शी बनाया है। प्रदेश के छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड को सशक्त करने के लिए प्रदर्शनियों और रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से इन उत्पादों को सीधे शहरी उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के व्होकल फार लोकल और मुख्यमंत्री के लखपति दीदी अभियान को सफल बनाने में यह रणनीति संजीवनी का कार्य कर रही है।
नर्सरी प्रबंधन और स्थानीय रोजगार
जड़ी बूटियों को किचिन गार्डन, होम गार्डन में खिड़की, बालकनी, टेरिस पर गमलों, या अन्य कंटेनरों में कभी भी उगाया जा सकता है। कंटेनर गार्डनिंग या ग्रो बैग में जड़ी-बूटियां उगाने का एक फायदा यह भी है कि जड़ी-बूटी को उसकी जरूरत के आधार पर मिट्टी, पोषक तत्व, सूर्य प्रकाश और नमी के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है तथा गमलों में उगाई गई प्रत्येक जड़ी-बूटी (हर्बल) को उसकी आदर्श स्थितियां दे सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से औषधीय पौधों की ‘मदर नर्सरीÓ विकसित करने की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंपी जा रही है। इससे दुर्लभ जड़ी-बूटियों की प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए बारहमासी रोजगार के द्वार खुल गए हैं, जिससे वनांचल से होने वाले पलायन पर भी अंकुश लगा है।
समृद्ध नारी, सशक्त छत्तीसगढ़
राज्य शासन का यह समेकित दृष्टिकोण इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड केवल एक प्रशासक की नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। सामूहिक नेतृत्व और संस्थागत सुधारों पर जोर देने से आज छत्तीसगढ़ की बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। वनांचल की महिलाओं के चेहरे पर उपजी मुस्कान एक समृद्ध और स्वावलंबी छत्तीसगढ़ की सच्ची तस्वीर पेश कर रही है।