00 कच्ची झोपड़ी से पक्के घर तक का सपना हो रहा साकार,हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने जताया आभार रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम भैंसामुड़ा में देखने को मिला, जिसने ग्रामीणों के मन में गहरी छाप छोड़ी। विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण किया। गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है। इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे। यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया।
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री मोहन चक्रेश से भी चर्चा की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री साय की यह पहल केवल एक औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गई। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया। इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक गोमती साय और अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर रोहित व्यास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
00 नन्हीं मानविका के सपनों को मिला मुख्यमंत्री का स्नेहिल स्पर्श 00 डॉक्टर बनना है सुनकर मुस्कुराए मुख्यमंत्री, बढ़ाया हौसला
रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।
सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है।
मुख्यमंत्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा – मुझे डॉक्टर बनना है, तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।
मानविका की माता श्रीमती दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है। यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।
00 मुख्यमंत्री ने खुद चुकाया सामान का मूल्य, मुद्रा लोन से शुरू हुई दुकान बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल 00 लखपति दीदी की कहानी से मुख्यमंत्री हुए प्रभावित रायपुर। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान लखपति दीदी सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए। उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है। सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।
सुमिला ने बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि आपने अपनी मेहनत से लखपति दीदी का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप करोड़पति दीदी भी बनेंगी। मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
रायपुर। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में शुक्रवार से आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। इस राष्ट्रव्यापी महाभियान के सफल संचालन हेतु राज्य में 51,300 प्रगणक एवं 9,000 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गये हैं, जो 30 मई तक घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य संपन्न करेंगे। बस्तर की मिसाल: दुर्गम क्षेत्र गाटम में पहले ही दिन कार्य पूर्ण
जनगणना कार्य के प्रथम दिवस ही बस्तर जिले के तोकापाल तहसील स्थित अत्यंत दुर्गम क्षेत्र के ग्राम ‘गाटमÓ से एक उत्साहजनक खबर आई। यहाँ के प्रगणक ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन ग्राम का कार्य पूर्ण कर लिया। प्रगणक की इस उपलब्धि ने प्रशासनिक स्तर पर न केवल प्रशंसा बटोरी है, बल्कि पूरे राज्य के फील्ड कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह का संचार किया है। जनगणना निदेशालय ने इसे राष्ट्र सेवा के प्रति एक उत्कृष्ट मिसाल बताया है। सख्त रुख: ड्यूटी से नदारद 44 कर्मियों पर गाज
एक ओर जहाँ निष्ठा की मिसाल पेश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन सख्त है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनगणना ड्यूटी में लगाए गए 44 कर्मचारी कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें नगर निगम आयुक्त द्वारा तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। संबंधित प्रशासन द्वारा इन कर्मियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इंकार करना इस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। डिजिटल जनगणना और स्व-गणना की सफलता
देश में पहली बार जनगणना पूर्णत: डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिसमें प्रगणक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से 33 प्रश्नों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक उपलब्ध स्व-गणना विकल्प के माध्यम से 1,49,862 परिवारों ने वेब पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर अपनी सीधी भागीदारी सुनिश्चित की है। गोपनीयता की पूर्ण गारंटी
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्णत: गोपनीय रखी जाएंगी। इस जानकारी का उपयोग किसी भी प्रकार की पुलिस जांच, टैक्स निर्धारण या कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता और न ही यह सूचना का अधिकार के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। इसका एकमात्र उद्देश्य भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्माण में सहयोग करना है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।
इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी। बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढऩे के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके। मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।
00 घने जंगलों के बीच रोमांच का नया सफर, वन्यजीव, पहाड़ और झरनों के बीच पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव 00 भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा से शुरू होगी 36 किमी की जंगल सफारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया। लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाडिय़ों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे।
शुभारंभ कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, लोकचंद साहू, अध्यक्ष, संयुक्त वन प्रबंधन समिति थवरझोल जग्गू सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत चौरा दुर्गा लांझे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन रायपुर अरुण कुमार पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर श्री गुरूनाथन एन., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र कुमार छवई, डीएफओ निखिल अग्रवाल, सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, स्थानीय युवक-युवतियाँ पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और अधिक भव्य एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सफारी के संचालन में वाहन चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कबीरधाम जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। सफारी प्रारंभ होने से अब प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहाँ आकर विभिन्न वन्यजीवों और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कर सकेंगे। सांसद श्री पाण्डेय ने भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ पर सभी जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल निश्चित रूप से कबीरधाम को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया की इस सफारी का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से जोडऩा है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देना है। सफारी मार्ग को इस प्रकार विकसित किया गया है कि पर्यटक घने जंगलों, पहाडिय़ों, नदियों और घास के मैदानों के बीच प्रकृति को उसके वास्तविक स्वरूप में अनुभव कर सकें।
भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटकों एवं प्रकृति प्रेमियों से अपील है कि वे इस नई पहल का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करें।
सफारी के दौरान पर्यटकों को विभिन्न इन आकर्षक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा टेडगा सालेह ग्रास लैंड – जहाँ नीलगाय, हिरण एवं विविध पक्षी प्रजातियाँ सहज रूप से देखी जा सकती हैं। जैतपुरी (धन डबरा) ग्रास लैंड – संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुँचने का रोमांचक मार्ग। बर खोल्हा व्यू प्वाइंट – चारों ओर फैले पर्वतीय दृश्यों का मनमोहक दृश्य और प्राकृतिक प्रतिध्वनि का अनूठा अनुभव। बकोदा ग्रासलैंड – साल एवं बाँस के घने वन, जो प्राकृतिक स्वागत द्वार का आभास कराते हैं। दूरदूरी झरना – जलधारा की मधुर ध्वनि और शीतल वातावरण, जो मन को सुकून प्रदान करता है। भाई-बहन कोरा – स्थानीय जनश्रुतियों से जुड़ा एक सांस्कृतिक एवं भावनात्मक स्थल। बाज़ार डोंगरी – सीधी ढलान वाली पहाड़ी, जो साहसिक अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाती है। कारियाआमा – प्राचीन शनि मंदिर एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान, जहाँ की पौराणिक कथा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।
रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री साय ने लखपति दीदी सुमिला कोरवा और पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।
मुख्यमंत्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले। इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
सरायपाली शिशुपाल प्रेमी जोड़े की आत्महत्या से फिर दहला ,, 5 साल में 15 मौतें… जानलेवा सेल्फी’ , हत्या और आत्म हत्या के कई मामले?लगातार हादसों के बावजूद नहीं थम रही लापरवाही
महासमुंद 3मई ,जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित शिशुपाल पर्वत एक बार फिर दर्दनाक घटना का गवाह बना है। यहां एक युवक और एक नाबालिग युवती की लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों ने पर्वत से कूदकर आत्महत्या की है। इस घटना ने एक बार फिर इस खूबसूरत पर्यटन स्थल की खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है।
मृतकों की पहचान सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम बारीकपाली निवासी डिलेश्वर साव और एक नाबालिग युवती (कोमल) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था और इसी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है।
शिशुपाल पर्वत अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऊंचाई के लिए जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां घूमने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने पहुंचते हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह स्थान आत्महत्या और हादसों के कारण बदनाम होता जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में यहां करीब 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें प्रेमी जोड़ों द्वारा आत्महत्या के कई मामले शामिल हैं, जिससे यह जगह धीरे-धीरे ‘सुसाइड पॉइंट’ के रूप में पहचान बनाने लगी है।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यहां कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अप्रैल 2025 में एक महिला की लाश झरने के पास मिली थी, जो बाद में हत्या का मामला निकला और पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कई पर्यटक खतरनाक चट्टानों पर सेल्फी लेने के दौरान हादसे का शिकार हो चुके हैं। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण लोग जोखिम उठाकर ऊंचे और खतरनाक स्थानों पर फोटो और वीडियो बनाने से नहीं चूकते, जो कई बार उनकी जान पर भारी पड़ता है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि लगातार घटनाओं के बावजूद यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आते। न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की मजबूत व्यवस्था है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
शिशुपाल पर्वत की खूबसूरती जितनी आकर्षक है, उतना ही बड़ा खतरा भी अपने भीतर समेटे हुए है। जरूरत है कि पर्यटक भी जिम्मेदारी दिखाएं और खतरनाक स्थानों से दूर रहें। वहीं प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि यह पर्यटन स्थल हादसों और आत्महत्याओं का केंद्र बनने से बच सके।हादसों के बावजूद नहीं थम रही लापरवाही
महासमुंद। आज सुबह जिले के सराईपाली विकासखंड स्थित शिशुपाल पर्वत शिखर के नीचे युवक और एक युवती की लाश मिली है। पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने रविवार सुबह सरायपाली थाने में शव मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक स्तर पर मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। शव कितने समय पुराने हैं और घटना के कारण क्या हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। आम चर्चा है कि दोनों प्रेमी जोड़े हैं। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। लोग इन्हें प्रेमी जोड़ा इसलिए मान रहे हैं कि पहले भी इसी जगह पर और भी कई जोड़े से आत्महत्या की है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही मृत्यु के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।
रायपुर। बंगाल चुनाव परिणाम को लेकर सियासी गलियारों में आज हलचल तेज है। इस बीच डिप्टी सीएम अरुण साव ने पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर बड़ा दावा किया है। साव ने दो टूक शब्दों में कहा है कि 4 मई को जब नतीजे आएंगे, तो ममता बनर्जी का किला ढह चुका होगा।
पश्चिम बंगाल में ममता का खेला खत्म, खिलेगा कमल
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पूरा देश 4 मई की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, बंगाल की जनता ने इस बार घुसपैठियों का साथ देने वाली ममता सरकार को सबक सिखाने का मन बना लिया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि साव ने फीडबैक के आधार पर दावा किया है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता का रुझान भाजपा की तरफ साफ दिख रहा है और 4 मई को TMC के साथ खेला होने वाला है।
असम और पांडिचेरी में भी जीत का पक्का भरोसा
साव सिर्फ बंगाल तक ही नहीं रुके, उन्होंने अन्य चुनावी राज्यों पर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि असम और पांडिचेरी में भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने और बनाने में सफल होगी। साव के मुताबिक, इन 5 राज्यों के परिणाम देश की राजनीति की दिशा बदल देंगे। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब तुष्टिकरण की राजनीति से ऊब चुकी है और विकास चाहती है।
महंगाई पर कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया पाकिस्तान प्रेम
प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में आज कांग्रेस महंगाई को लेकर बड़ा मोर्चा खोलने जा रही है। इस पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। साव ने तंज कसते हुए कहा कांग्रेस पार्टी का पाकिस्तान के प्रति प्रेम अब दुनिया के सामने उजागर हो गया है। पाकिस्तान में कांग्रेस के नेता हीरो की तरह पेश किए जाते हैं। महंगाई पर शोर मचाने वाली कांग्रेस अपने पसंदीदा देश पाकिस्तान के हालात देख ले। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में महंगाई दर दुनिया के कई विकसित देशों की तुलना में काफी कम है।
रायपुर से लेकर दिल्ली तक नतीजों का इंतजार
छत्तीसगढ़ भाजपा के दिग्गज नेता का यह बयान तब आया है जब कल यानी 4 मई को नतीजों का पिटारा खुलने वाला है। रायपुर के जयस्तंभ चौक से लेकर मंत्रालय के गलियारों तक अब सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि क्या वाकई बंगाल में साव का दावा सच साबित होगा? प्रशासन ने भी नतीजों के बाद किसी भी तरह के जश्न या प्रतिक्रिया को लेकर अपनी नजरें गढ़ी हुई हैं।