छत्‍तीसगढ़ में 10 महीने में 1.21 लाख को मिला मोतियाबिंद से छुटकारा, नौ जिलों में नहीं मिले एक भी दृष्टिहीन

छत्‍तीसगढ़ में 10 महीने में 1.21 लाख को मिला मोतियाबिंद से छुटकारा, नौ जिलों में नहीं मिले एक भी दृष्टिहीन राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान के अंतर्गत प्रदेश को वर्ष-2025 तक मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरजोर प्रयास भी किया जा रहा है। अभियान के तहत नौ जिले कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री हो चुके हैं। 10वें के लिए कांकेर जिले ने दावा प्रस्तुत कर दिया है।प्रदेश में दस माह में 1,21,513 लोगों के मोतियाबिंद का आपरेशन किया गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष-2022 में राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की शुरुआत की थी। इसी के साथ लक्ष्य रखा गया था कि तीन साल के अंदर यानी 2025 तक देश में अंधेपन की दर को 0.25% तक कम किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री का तात्पर्य यह है कि इन जिलों में मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन हो चुके चिन्हित सभी लोगों के आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है। कबीरधाम यह स्टेटस हासिल करने वाला प्रदेश का पहला जिला था। इसके बाद बलौदा बाजार, राजनांदगांव, रायगढ़, रायपुर, बलौदा, धमतरी, दुर्ग और कोरबा को कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री हो चुके हैं। लेकिन, अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की ओर किया जाना है। दस्तावेजों का वेरीफिकेशन कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। प्रदेश के 14 जिलों में मोतियाबिंद के इलाज की अत्याधुनिक फेको तकनीक के माध्यम से पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है। आपरेशन की इस विधि में आंख में महज एक बारिक छेद किया जाता है,

जिसके माध्यम से मोतियाबिंद को आंख के अंदर ही घोल दिया जाता है। इस छेद के जरिए ही फोल्डेबल लेंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित किया जाता है। फेको तकनीक की शुरूआत जिला अस्पताल बीजापुर, सूरजपुर, बलौदाबाजार, बैकुंठपुर (कोरिया), कोंडागांव, धमतरी, मुंगेली, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़, राजनांदगांव, रायपुर और बिलासपुर से की गई थी। इसमें अब कोरबा भी शामिल हो गया है। आंखों की जांच और आपरेशन के लिए 100 बिस्तरों वाले माना सिविल अस्पताल में छह सर्जन सहित 35 कर्मचारियों की टीम काम कर रही है। सोमवार को ग्लाकोमा, गुरूवार को रेटिना और शनिवार को बच्चों में आंख की बीमारी की विशेष जांच की जाती है। रेटिना संबंधी विकारों के लिए ग्रीन लेजर की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध है। माना में रायपुर समेत अन्य जिलों के नेत्र रोगियों के आपरेशन किए जा रहे हैं। मरीजों को लाने व ले जाने की निश्शुल्क सुविधा भी अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जाती है। आपरेशन के बाद मरीजों के नियमित फालोअप के लिए बुलाया जाता है। प्रदेश के स्कूली बच्चों में बढ़ रहे दृष्टिदोष का मुकाबल स्वास्थ्य विभाग व्यायाम से करेगा। इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली गई गई है। स्कूल शिक्षा विभाग की मदद से पहले शासकीय और उसके बाद निजी स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्कूलों में चलाए गए अभियान में पाया गया है कि विगत पांच वर्षों में दृष्टिदोष वालों विद्यार्थियों में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसकी मुख्य वजह पढ़ाई के अत्याधिक दबाव, मोबाइल और टेलीविजन के ज्यादा उपयोग को माना गया। वर्ष 2018-19 में 11,258,20 विद्यार्थियों की जांच में 30,897 में दृष्टिदोष की समस्या पाई गई थी। वर्ष 2022-23 में 10,909,91 की जांच में 37302 विद्यार्थियों में दृष्टिदोष पाया गया है।

इस चुनौती से निटपने के लिए राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों से एक-एक सहायक नेत्र चिकित्सक और पांच-पांच शिक्षकों को आंखों के व्यायाम का प्रशिक्षण के लिए पुडुचेरी भेजा जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सहायक नेत्र चिकित्सक और शिक्षक अन्य शासकीय स्कूलों में जाकर प्रशिक्षण देंगे। अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम राज्य नोडल अधिकारी डा. निधि ग्वालरे ने कहा, प्रदेश के नौ जिले कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री हो चुके हैं। कांकेर ने भी दावा किया है, जल्द ही टीम निरीक्षण के लिए जाएगी। कोरबा में फेको तकनीकी से इलाज शुरू किया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा। व्यायाम प्रशिक्षण प्रक्रियाधीन है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रशिक्षण दिया जाना है। फैक्ट फाइल
14 जिलों में फेको तकनीकी से इलाज
10वें जिले के लिए कांकेर किया दावा
35 कर्मचारियों की टीम माना में कर रही काम
34,849 लोगों का सबसे अधिक रायपुर में सर्जरी
5 लोगों का सबसे कम सक्ती जिले में आपरेशन

सरायपाली -: शास.प्राथ. शाला खपरीड़ीह एवं कुर्मीपाली में न्योता भोज का आयोजन

सरायपाली -: शास.प्राथ. शाला खपरीड़ीह एवं कुर्मीपाली में न्योता भोज का आयोजन
शासकीय प्राथमिक शाला खपरीड़ीह एवं कुर्मीपाली, विकासखंड- सरायपाली, जिला -महासमुंद के सहायक शिक्षक गीतांजलि भोई की सुपुत्री आकांक्षा भोई के जन्मदिन के अवसर पर एवं कुर्मीपाली में पूर्व जनपद सदस्य सुंदर लाल

चौहान के द्वारा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण योजना न्योता भोज को नियम अनुसार शाला में नाश्ता में मिक्सर, चॉकलेट, बिस्कुट के साथ मध्यान्य भोजन में चावल, दाल, सब्जी, पूरी,चटनी,  पापड़ का भोज दिया गया पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन ग्रहण कर बच्चे गदगद हो गए इस भोज का उद्देश्य स्कूल के प्रति अपनेपन की भावना विकसित करना है और स्थानीय समुदाय के बीच

आपसी तालमेल विकसित करना बच्चों में समानता की भावना पैदा करना बच्चों की रोक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना दानदाताओं को प्रोत्साहित करना मुख्य उद्देश्य है इस अवसर पर प्रधान पाठक निर्मल कुमार पुरोहित, सहायक शिक्षक चरण सिंह साहू ,गीतांजलि भोई, इसी क्रम में प्रधान पाठक देव प्रसाद चौहान, सहायक शिक्षक जगबंधु सोना,शाला प्रबंधन विकास समिति के अध्यक्ष उपेंद्र बरिहा, समिति के सदस्य, रसोईया एवं सभी बच्चों द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।

वीरेंद्रनगर सरायपाली के प्रधान पाठक सिंधु प्रधान ने कराया बच्चों को न्योता भोज

वीरेंद्रनगर सरायपाली के प्रधान पाठक सिंधु प्रधान ने कराया बच्चों को न्योता भोज प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत संकुल केंद्र मंदिर सरायपाली के वीरेंद्रनगर शासकीय प्राथमिक हिन्दी एवम् अंग्रेजी माध्यम के सभी बच्चों को प्रधान पाठक सिंधु प्रधान ने अपने जन्मदिन पर न्योता भोज का आयोजन कराया।न्योता भोज में पुलाव,मिक्स

सब्जी,भजिया,जलेबी,और चॉकलेट सभी बच्चों को दिया गया।उनके जन्म दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी माध्यम और अंग्रेजी माध्यम के बच्चों ने जन्मदिन धूमधाम से बच्चों के  साथ मनाया, जिसमे शाला के सभी शिक्षक शिक्षिका रिंकी नंदे प्रधान पाठक अंग्रेजी माध्यम वीरेंद्र नगर,माधुरी पटेल,पुष्पा पारेश्वर,संध्या चौधरी,प्रकाश तांडी,खिरोद्र साहू,रीवा राम वर्मा के साथ ही साथ शाला के सभी रसोइया जुगमोती,रुक्मणि,पार्वती,विमला एवं लक्ष्मी उपस्थित रहे।

शासन की अच्छी पहल की शुरुवात सरायपाली विकासखंड के कई स्कूलों में प्रारंभ हो चुकी है।इसी तारतम्य में मंदिर सरायपाली संकुल में भी स्कूल के प्रधान पाठक सिंधु प्रधान के जन्मदिन पर उनके द्वारा इस पहल की शुरुआत की गई।न्योता भोज के लिए शाला विकास प्रबंधन समिति सदस्यों ने सिंधु प्रधान को धन्यवाद दिया।आभार व्यक्त करते हुए प्रकाश तांडी ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत आप अपने जन्मदिन,विवाह या किसी खास उत्सव को बच्चों के साथ मिलकर मना सकते हैं।इस योजना से समुदाय के बीच अपनेपन की भावना विकसित करने में मदद करेगा साथ ही इसके तहत पोषक तत्वयुक्त भोजन से बच्चों के विकास में वृद्धि होगा।

छत्‍तीसगढ़ के इन पांच शहरों में जल्द दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

छत्‍तीसगढ़ के इन पांच शहरों में जल्द दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने छत्‍तीसगढ़ के पांच प्रमुख शहरों रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा को पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की मंजूरी दे दी है। इसके लिए काफी दिनों से प्रयास किया जा रहा था। योजना के तहत रायपुर को 100, दुर्ग-भिलाई को 50, बिलासपुर को 50 और कोरबा को 40 ई-बसों की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर हर्ष जताया है। उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के कारण नवाचार और स्थिरता की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। यह योजना एक उपहार है, जो न केवल पर्यावरण को बचाएगी बल्कि हमारे जीवन को भी सुगम बनाएगी। ई-बसों का आगमन प्रदेश के लिए एक नई और स्वच्छ परिवहन सेवा का द्वार खोलेगी। इससे पर्यावरणीय प्रदूषण में कमी आएगी और शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही ऊर्जा की बचत भी होगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की यह योजना राज्यों को मिलने वाली केंद्रीय मदद को पारदर्शिता और उनके प्रदर्शन से जोड़ने की कोशिश का हिस्सा है।

केंद्र सरकार की मंशा है कि यह योजना शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित हो ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो।केंद्र सरकार शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता देगी, जिसमें एक बड़ा हिस्सा बस डिपो जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। पारदर्शिता रखने योजना की सामान्य शर्तों में प्रोजेक्ट के तहत दिए जाने वाले पैसे का थर्ड पार्टी आडिट अनिवार्य करने को शामिल किया गया है। शहरों को हर तीन महीनें में बसों के संचालन का हिसाब-किताब देना होगा। योजना के तहत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। बीस से चालीस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख तथा पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता थी। इसी आधार पर रायपुर को 100 मीडियम, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम, बिलासपुर को 35 मीडियम तथा 15 मिनी और कोरबा को 20 मीडियम तथा 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति मिली है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों की खरीदी तथा संचालन एजेंसी का चयन केंद्र सरकार करेगी।

केंद्रीय सहायता सुनिश्चित किलोमीटर संचालन के हिसाब से दी जाएगी। यदि बसें निर्धारित किलोमीटर से कम चलती हैं तो केंद्रीय सहायता उसी के अनुपात में कम हो जाएगी। केंद्र सरकार शहरों के प्रदर्शन के आधार पर राशि देगी। देश के समस्त राज्यों से राष्ट्रीय चैलेंज अंतर्गत प्राप्त शहरों के प्रतिस्पर्धात्मक के विश्लेषण उपरांत केंद्र सकरकार की केंद्रीय स्वीकृति तथा संचालन कमेटी (सीएसएससी) की छठवीं बैठक एक मार्च को हुई थी, जिसमें रायपुर को स्वीकृति मिली थी। 14 मार्च को 7वीं बैठक में प्रदेश के और तीन शहरों के प्रस्तावों को मंजूरी मिली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से शहरी परिवहन में क्रांति आएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह पहल पर्यावरणीय संरक्षण के साथ लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक कदम आगे ले जाती है। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को अन्य शहरों को भी इस योजना में शामिल कराने प्रयास करना चाहिए। फैक्ट फाइल
100 मीडियम ई-बसें रायपुर को
50 मीडियम ई-बसें दुर्ग-भिलाई को
35 मीडियम व 15 मिनी ई-बसें बिलासपुर को
20 मीडियम तथा 20 मिनी ई-बसें कोरबा को

छत्तीसगढ़ -: लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान, जानें आपके क्षेत्र में कब होगी वोटिंग

छत्तीसगढ़ -: लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान, जानें आपके क्षेत्र में कब होगी वोटिंग

 

देश में सबसे बड़े चुनाव का बिगुल बज गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है. 543 लोकसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा. चुनाव नतीजे 4 जून को आएंगे.

पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 102 लोकसभा सीटों के लिए 19 अप्रैल को वोटिंग होगी. इस चरण में 10 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिनकी सभी लोकसभा सीटों पर वोटिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 89 लोकसभा सीटों के लिए 26 अप्रैल को मतदान होगा. इस चरण में चार राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां की सभी सीटों पर वोटिंग होनी है.

पांचवे चरण में 20 मई को तीन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सभी सीटों के साथ ही कुल आठ राज्यों की 49 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी.छठे चरण में दो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सभी सीटों पर वोटिंग होनी है. इस चरण में सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 57 सीटों पर वोटिंग होगी. सातवें और अंतिम चरण में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 57 लोकसभा सीटों पर 1 जून को वोटिंग होगी.

2019 में सात चरणों में हुआ था मतदान

पिछले यानि 2019 के आम चुनाव में सात चरणों में मतदान हुआ था. तब पहले राउंड में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी. दूसरे राउंड में 13 राज्यों की 97, तीसरे चरण में 14 राज्यों की 115, चौथे चरण में नौ राज्यों की 71, पांचवे चरण में सात राज्यों की 51, छठे चरण में सात राज्यों की 59 और अंतिम चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर मतदान हुआ था. लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में सभी सात चरणों में वोटिंग हुई थी. यूपी में 80, बिहार में 40 और पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीटें हैं.

इन राज्यों में एक चरण में हुई थी वोटिंग

पिछले आम चुनाव में देश के कुल 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे थे, जहां एक ही चरण में वोटिंग हुई थी. ऐसे राज्यों की लिस्ट में अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड शामिल हैं.

इन राज्यों के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली, अंडमान निकोबार, दादरा नागर हवेली, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में भी एक ही चरण में वोटिंग हुई थी. दिल्ली की सभी सात सीटों के लिए छठे चरण में वोटिंग हुई थी.

2004 से अब तक कब कितने चरणों में हुई वोटिंग

पिछले आम चुनाव में सात चरणों में मतदान हुआ था लेकिन इससे ठीक पहले यानी 2014 के चुनाव में वोटिंग नौ चरणों में हुई थी. 2014 के चुनाव में पहले दौर का मतदान 7 अप्रैल और अंतिम चरण का मतदान 12 मई को हुआ था. यूपी की 80 सीटों के लिए सबसे अधिक छह चरणों में वोट डाले गए थे. इससे पहले 2009 में छह और 2004 में चार चरणों में मतदान हुआ

लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान, जानें आपके क्षेत्र में कब होगी वोटिंग

Chhattisgarh Lok Sabha Election 2024 चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का एलान कर दिया है। 18वीं लोकसभा चुनाव का आयोजन 7 चरणों में किया जाएगा। पहले चरण का चुनाव 19 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा सीटों पर मतदान होंगे। इनमें बस्तर राजनांदगांव महासमुंद कांकेर सरगुजा रायगढ़ जांजगीर-चंपा कोरबा बिलासपुर दुर्ग और रायपुर लोकसभा सीट शामिल है।

पहले चरण का चुनाव 19 अप्रैल, दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल, तीसरे चरण का चुनाव 07 मई, चौथे चरण का मतदान 13 मई, पांचवें चरण का मतदान 20 मई, छठे चरण का मतदान 25 मई और आखिरी चरण का मतदान 1 जून को किया जाएगा।

इन 11 सीटों पर होगी वोटिंग
बता दें कि छत्तीसगढ़ में चुनाव का आयोजन एक ही चरण में किया जाएगा। राज्य में 11 लोकसभा सीटों 7 मई को यानी तीसरे चरण में मतदान होंगे। इनमें बस्तर, राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर-चंपा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर लोकसभा सीट शामिल है।

छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव
पहला चरण – बस्तर, कांकेर 19 अप्रैल
दूसरा चरण – रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, *महासमुंद 26 अप्रैल*
तीसरा चरण – बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर – चांपा रायगढ़ और सरगुजा 7 मई

 

क्या कहता है विज्ञान, बिजली के नंगे तार पर बैठते हैं पक्षी फिर भी क्यों नहीं लगता करंट?

क्या कहता है विज्ञान, बिजली के नंगे तार पर बैठते हैं पक्षी फिर भी क्यों नहीं लगता करंट?
आखिर बिजली के तार पर बैठने के बावजूद पक्षियों को इलेक्ट्रिक शॉक या करंट क्यों नहीं लगता? कैसे मजे से इलेक्ट्रिक वायर पर उछल-कूद कर लेती हैं? जानिये इसके पीछे का विज्ञान क्या है…

आपने अक्सर पक्षियों को बिजली के तार पर बैठे देखा होगा! क्या कभी आपके दिमाग में ख्याल आया है कि आखिर बिजली के तार पर बैठने के बावजूद पक्षियों को इलेक्ट्रिक शॉक या करंट क्यों नहीं लगता? कैसे मजे से इलेक्ट्रिक वायर पर उछल-कूद कर लेती हैं? आइये आपको बताते हैं इसके पीछे का विज्ञान क्या है.

पहले हम बिजली प्रवाह (Flow of Electricity) के नियम को समझ लेते हैं. बिजली का करंट एक तरह से इलेक्ट्रान का आगे बढ़ना होता है. इलेक्ट्रान्स, तार के सहारे आगे बढ़ते हैं और हमारे घरों में बिजली के रूप में पहुंचते हैं और सर्किट के द्वारा जमीन में चले जाते हैं. इस तरह से एक सर्किट पूरा हो जाता है. बिजली दो सिद्धांतों पर कार्य करती है.

पहला- इलेक्ट्रान हमेशा आगे की ओर बढ़ते हैं. इनके फ्लो के लिए एक सर्किट का पूरा होना जरूरी है. अगर सर्किट पूरा नहीं होता है तो करंट नहीं लगता है. दूसरा- इलेक्ट्रान हमेशा कम बाधा या रेसिस्टेंस वाला रास्ता चुनते हैं. अगर रास्ते में कोई रुकावट आती है तो इलेक्ट्रॉन धातु से होते हुए आगे बढ़ जाते हैं. धातु, बिजली की बहुत अच्छी सुचालक होती है. धातु से बिजली आसानी से एक जगह से दूसरी जगह चली जाती है.

तो पक्षियों को करंट क्यों नहीं लगता? इसका कारण यह है कि जब चिड़िया खुले तार पर बैठी होती तो उसका संपर्क उस तार के अलावा किसी और वस्तु से नहीं होता है. जिस कारण इलेक्ट्रॉन अपना सर्किट पूरा नहीं कर पाते और वह बिना बाधा वाले रास्ते से होते हुए आगे बढ़ जाते हैं. पर अगर चिड़िया बिजली के तार पर बैठी हो और उसका शरीर किसी तार अथवा जमीन से छू जाए तो उसे जोरदार करंट लगेगा.

आसान भाषा में कहें तो बिजली का करंट तब तक नहीं लगता जब तक कि सर्किट पूरा ना हो जाए और बिजली को अर्थिंग ना मिल जाए. अगर बिजली को अर्थिंग मिल जाती है तो करंट लगना तय है. चाहे वह पक्षी हों या मनुष्य या कोई और.

छत्तीसगढ़ में 16 से 20 मार्च तक मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है प्रदेश के अधिकांश स्थानों में तेज अंधड़ चलने की संभावना हैं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली देखे अपने जिलों की स्थिति

छत्तीसगढ़ में 16 से 20 मार्च तक मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है प्रदेश के अधिकांश स्थानों में तेज अंधड़ चलने की संभावना हैं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली देखे अपने जिलों की स्थिति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 16 से 20 मार्च तक मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिकांश स्थानों में तेज अंधड़ चलने की संभावना हैं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की संभावना भी जताई गई है। आज शाम से ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अंधड़ के साथ बादल गरजने की संभावना है। आज 16 मार्च को कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, बलौदाबाजार, रायपुर, बेमेतरा, दुर्ग, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, कांकेर और राजनांदगांव जिले के कुछ क्षेत्रों में तेज अंधड़ चल सकती है।

17 मार्च को जशपुर,सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर, कोरबा, बिलासपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, कोंडागांव, कांकेर, बालोद, दुर्ग, बेमेतरा,रायपुर में तेज अंधड़ के साथ बादल गरजेंगे कुछ स्थानों में भारी बारिश भी संभावित है। वहीं 18 मार्च को भी बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, कोरिया, कबीरधाम सहित कई क्षेत्रों में अंधड़ चलने व बादल गरजने की संभावना है। 19 और 20 मार्च को भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी, बारिश से तापमान में कमी के आसार भी हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गिरौदपुरी धाम पहुंचने पर, हेलीपैड पर क्षेत्रवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।श्री साय ने गुरु गद्दी और जैतखाम की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गिरौदपुरी धाम पहुंचने पर, हेलीपैड पर क्षेत्रवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।श्री साय ने गुरु गद्दी और जैतखाम की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

राज्य नीति आयोग द्वारा सृजित “मोर सपना, मोर विकसित छत्तीसगढ़” पोर्टल के द्वारा छत्तीसगढ़ के नागरिक दे सकते है सुझाव

‘अमृतकाल : छत्तीसगढ विजन @2047’ विजन डॉक्यूमेंट हेतु नागरिकों से पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन सुझाव आमंत्रित राज्य नीति आयोग द्वारा सृजित “मोर सपना, मोर विकसित छत्तीसगढ़” पोर्टल के द्वारा छत्तीसगढ़ के नागरिक दे सकते है सुझाव https://सद्गुस्पक .cg.gov.in/viksitcg/#/homeपो र्टल पर भेज सकते हैं सुझावरा यपुर, 16 मार्च 2024

वर्ष 2047 तक राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु की गई परिकल्पना को साकार करने में छत्तीसगढ़ राज्य की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। छत्तीसगढ़ राज्य में 2047 तक सभी सेक्टर्स के त्वरित विकास सुनिश्चित करने हेतु राज्य नीति आयोग द्वारा “अमृतकाल : छत्तीसगढ विजन @2047” संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार किये जाने का कार्य किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा अनुसार राज्य शाासन द्वारा आगामी राज्य स्थापना दिवस दिनांक 01 नवम्बर 2024 को राज्य का विजन डॉक्यूमेंट “अमृतकाल छत्तीसगढ विजन @ 2047” जारी किया जाना है।

सर्व समावेशी विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग द्वारा राज्य के नागरिकों से ऑनलाईन सुझाव आमंत्रित करने के लिये पोर्टल का सृजन किया गया है। जिसका यूआरएल
https://sdgspc. cg.gov.in/viksitcg/#/home
है।राज्य नीति आयोग द्वारा सृजित “मोर सपना, मोर विकसित छत्तीसगढ़” पोर्टल के द्वारा छत्तीसगढ़ के नागरिक अपने सुझाव प्रेषित कर सकते हैं तथा राज्य के चौमुखी विकास हेतु अपना सक्रिय योगदान दे सकते है।

छत्तीसगढ़ -: 30 नगरीय निकायों के लिए 112 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 111.88 करोड़ रुपए मंजूर

रायपुर नगर निगम के लिए 53.51 करोड़, धमतरी के लिए 11.48 करोड़, बिलासपुर के लिए 8.91 करोड़, भिलाई-चरोदा के लिए 7.71 करोड़ और रायगढ़ के लिए 7.12 करोड़ की स्वीकृति 14वें वित्त आयोग के तहत खरौद नगर पंचायत के लिए 19.38 लाख और नई लेदरी नगर पंचायत के लिए 3.12 लाख रुपए स्वीकृत

रायपुर. 16 मार्च 2024 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 30 नगरीय निकायों के लिए 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत कुल 112 करोड़ दस लाख 51 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 30 नगरीय निकायों के लिए कुल 111 करोड़ 88 लाख एक हजार रुपए तथा 14वें वित्त आयोग के तहत खरौद नगर पंचायत के लिए 19 लाख 38 हजार रुपए और नई लेदरी नगर पंचायत के लिए तीन लाख 12 हजार रुपए की राशि शामिल हैं। नगरीय निकायों में विकास कार्यों में तेजी लाने उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने ये राशि मंजूर की है। उन्होंने गुणवत्ता एवं समय-सीमा का ध्यान रखते हुए इन राशियों से प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत भिलाई-चरोदा नगर निगम के लिए सात करोड़ 71 लाख 37 हजार रुपए, बिलासपुर नगर निगम के लिए आठ करोड़ 90 लाख 86 हजार रुपए, कवर्धा नगर पालिका के लिए 71 लाख 39 हजार रुपए, सरायपाली नगर पालिका के लिए एक करोड़ 53 लाख 78 हजार रुपए, बागबहरा नगर पालिका के लिए आठ लाख 33 हजार रुपए, लोरमी नगर पंचायत के लिए 98 लाख रुपए, डौंडीलोहारा नगर पंचायत के लिए 73 लाख 52 हजार रुपए, दुर्ग नगर निगम के लिए तीन करोड़ 69 लाख 53 हजार रुपए, रायगढ़ नगर निगम के लिए सात करोड़ 11 लाख 75 हजार रुपए, राजनांदगांव नगर निगम के लिए चार करोड़ 20 लाख 62 हजार रुपए, बलौदाबाजार नगर पालिका के लिए 45 लाख सात हजार रुपए, नई लेदरी नगर पंचायत के लिए 52 लाख रुपए, उतई नगर पंचायत के लिए 32 लाख 85 हजार रुपए और चिरमिरी नगर निगम के लिए चार करोड़ 37 लाख 94 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।

विभाग द्वारा 15वें वित्त आयोग के तहत झगराखंड नगर पंचायत के लिए 12 लाख रुपए, मुंगेली नगर पालिका के लिए 18 लाख रुपए, मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के लिए साढ़े 16 लाख रुपए, राहौद नगर पंचायत के लिए 37 लाख 62 हजार रुपए, रायपुर नगर निगम के लिए 53 करोड़ 51 लाख 28 हजार रुपए, तुमगांव नगर पंचायत के लिए 22 लाख 95 हजार रुपए, खरौद नगर पंचायत के लिए 27 लाख 41 हजार रुपए, बसना नगर पंचायत के लिए 59 लाख 74 हजार रुपए, रामानुजगंज नगर पंचायत के लिए एक करोड़ 11 लाख 85 हजार रुपए, बिलाईगढ़ नगर पंचायत के लिए एक करोड़ नौ लाख 30 हजार रुपए, माना कैंप नगर पंचायत के लिए 33 लाख 86 हजार रुपए, शिबरीनारायण नगर पंचायत के लिए 27 लाख 82 हजार रुपए, लखनपुर नगर पंचायत के लिए नौ लाख 32 हजार रुपए, नवागढ़ नगर पंचायत के लिए 27 लाख 79 हजार रुपए, कोटा नगर पंचायत के लिए 37 लाख 24 हजार रुपए एवं धमतरी नगर निगम के लिए 11 करोड़ 48 लाख 32 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।