महासमुन्द बसना सरायपाली सहित जिले भर के लगभग 32 विधुत केंद्रों के नाम और पता ।
महासमुन्द जिले भर में यहां से संचालन हो रहा है बिजलिया लगभग सभी विधुत केंद्र और पता है यह जानकारी महासमुन्द जिले के शासकीय वेबसाइट से लिया गया है जहां कई विधुत केंद्रों का फोन नम्बर अपडेट नही हुवा है जो कि बहुत जी जरूरी ।
Mahasamund district : महासमुंद जिले को जानिए :महासमुंद जिले का इतिहास और सामान्य परिचय
महासमुंद जिला छत्तीसगढ़ के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह जिला 6 जुलाई 1998 को स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में आया। पहले यह रायपुर जिले का हिस्सा हुआ करता था। छत्तीसगढ़ को प्राचीन काल में दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता था। दक्षिण कौशल की तत्कालीन राजधानी श्रीपुर या सिरपुर वर्तमान महासमुंद के अंतर्गत ही आती है। यहाँ के खल्लारी में महाभारत कालीन साक्ष्य मिलने का दावा किया जाता है। महासमुंद को मेलों की धरती भी कहा जाता है। यहाँ के सिरपुर मेला, चंडी मेला, खल्लारी मेला में दूर-दराज से लोग जुटते हैं। विश्व प्रसिद्ध ‘लक्ष्मण मंदिर’ के दर्शनों के लिए देशी-विदेशी पर्यटक यहां आते है।
जिले की प्रशासनिक जानकारी
महासमुंद जिला 6 जुलाई 1998 को अस्तित्व में आया। जिले का क्षेत्रफल 4790 वर्ग किमी है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या 10, 32, 754 है। महासमुंद जिला मुख्यालय भी है। इसके अंतर्गत 5 तहसील, 5विकासखंड ,1 नगर पालिका 5 नगर पंचायत और 491 ग्राम पंचायत हैं।
कृषि
गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, धान, मूंगफली, तिलहन यहां की प्रमुख फसलें हैं।
अर्थव्यवस्था
महासमुंद खनिजों के लिहाज से संपन्न जिला है। इस क्षेत्र में महत्वूपर्ण एवं आर्थिक रूप से कीमती खनिज पाये जाते हैं। यहां सोना, टिन अयस्क, सीसा अयस्क, फ्लोराइड, फीरोज़ा, ग्रेनाइट, चूने के पत्थर और फ्लोराइड आदि पाया जाता है। जिले में डेढ़ सौ से अधिक राइस मिल और ब्लैक स्टोन व पॉलिशिंग फैक्ट्री हैं। इन सब ने मिलकर जिले को मजबूत आर्थिक आधार दिया है। इसके अलावा यहां लकड़ी चीरने का उद्योग, दाल मिल आदि भी हैं।
जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थान
प्रमुख काॅलेज
प्रतिभा काॅलेज ऑफ एजुकेशन,सरायपाली
जयहिन्द महाविद्यालय, महासमुन्द
रामचण्डी काॅलेज, सरायपाली
शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुन्द
स्व.राजा वीरेन्द्र बहादूर सिंह शासकीय महाविद्यालय, सरायपाली
स्व. श्री जयदेव सतपथी शासकीय महाविद्यालय, बसना
श्याम बालाजी काॅलेज, महासमुन्द
शासकीय माता कर्मा, कन्या महाविद्यालय, महासमुन्द
शासकीय चन्द्रपाल डडसेना महाविद्यालय, पिथौरा
इंडियन काॅलेज ऑफ एजुकेशन, महासमुन्द आदि
प्रमुख स्कूल
गवर्नमेंट डीएमएस स्कूल महासमुंद केंद्रीय विद्यालय
स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल
आसी बाई गोलछा गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल
आदिवासी कन्या आश्रम
सरस्वती शिशु मंदिर
ड्रीम इंडिया स्कूल
महासमुंद वन विद्यालय
सेंट फ्रांसिस स्कूल
कार्मेल कान्वेंट स्कूल बागबहरा
सेंट स्टीफेंस माॅडल स्कूल सरायपाली
महर्षि विद्या मंदिर
हेड एंड हार्ट स्कूल आदि
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल
लक्ष्मण मंदिर सिरपुर
सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर महासमुन्द जिले का प्रमुख आकर्षण है। इस मंदिर का निर्माण पांडु वंशीय शासक महाशिवगुप्त बालार्जुन के काल में हुआ। उनकी माता वासटा देवी ने अपने पति हर्षगुप्त की पुण्य स्मृति में इस मंदिर का निर्माण करवाया। लाल ईंटों पर जिस नफ़ासत और बारीकी से नक्काशी की गई है, वह इस मंदिर को अनोखा बनाती है। नागर शैली में बने इस मंदिर का हर कोना सुंदर है फिर चाहे वह प्रवेश द्वार हो, मंडप हो या गर्भगृह। ईंटों पर हाथी, सिंह, पशु-पक्षी और कामुक मूर्तियां उत्कीर्ण की गई हैं।
मंदिर के तोरण के ऊपर शेषशैय्या पर लेटे भगवान विष्णु की अद्भुत प्रतिमा है। इस प्रतिमा की नाभि से ब्रह्मा जी के उद्भव को दिखाया गया है और साथ ही भगवान विष्णु के चरणों में माता लक्ष्मी विराजमान हैं। इसके साथ ही मंदिर में भगवान विष्णु के दशावतारों को चित्रित किया गया है। हालाँकि यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है लेकिन यहाँ मंदिर के गर्भगृह में पांच फनों वाले शेषनाग पर लक्ष्मण जी की प्रतिमा विराजमान है। इसलिए इसे लक्ष्मण मंदिर के नाम से पुकारा जाने लगा।
बम्हनी स्थित श्वेत गंगा कुंड
sweth ganga bamhini
यह महासमुन्द से 10 किमी पश्चिम में बम्हनी गांव में स्थित है, जहां नदी में निरंतर प्रवाहित होने वाला कुंड ‘श्वेत गंगा’ प्रसिद्ध है। इस कुंड के समीप भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर स्थापित है। यहां मांघ पूर्णिमा तथा महाशिवरात्रि के दौरान मेला लगता है। सावन माह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं।
खल्लारी माता मंदिर
khallari mata mandir bhimkhoj
खल्लारी माता मंदिर महासमुंद से लगभग 25 किलोमीटर दक्षिण में खल्लारी गांव की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। खल्लारी माता का यह मंदिर कल्चुरि काल का है। मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। ऐसा माना जाता है कि महाभारत काल के दौरान पांडव इस पहाड़ी की चोटी पर आए थे। कहते हैं कि इस चोटी पर भीम के कदमों की छाप है।
आनंद प्रभु कुटी विहार
महासमुंद में आनंद प्रभु कुटी विहार को बुद्ध विहारों में प्रमुख विहार माना जाता है। यह विहार तत्कालीन सुंदर शिल्प कौशल का एक उदाहरण है। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार भगवान गौतम बुद्ध के प्रिय शिष्यों में से एक भिक्षु आनंद प्रभु ने इसका निर्माण करवाया था। यहां भगवान बुद्ध की एक विशाल मूर्ति भी है।
चंडी मंदिर
CHANDI MATA TEMPLE BAGBAHRA MAHASAMUND
चंडी माता मंदिर महासमुंद का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बिरकोनी ग्राम में स्थित है। महासमुंद से 12 किमी दूर स्थित इस मंदिर में हर साल नवरात्रि के समय विशाल मेले का आयोजन होता है जिसमें दूर-दूर से लोग आते हैं और मां चंडी के दर्शन करते हैं। कहते हैं मां के दरबार में मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है।
सिसुपाल पर्वत बूढ़ा डोंगर
सिसुपाल पर्वत की ऊंचाई तल से हजारो फिट ऊपर है जहां तक आज पिकनिक स्पॉट है लेकिन उसके ऊपर और कई किलोमीटर क्षेत्र में सिसुपाल पर्वत फैला जो राजाओं और सैनिकों के लिए एक अभेद किला था और किले में सस्त्र और सैनिक और इस पर्वत में भी गुप्त सुरंगे और रास्ते थे राजा और रानियां भाग भी सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया अंग्रेजी सल्तनत द्वारा आक्रमण के बाद जब अंतिम राजा और सैनिकों द्वारा अंग्रेजो के मध्य भयंकर लड़ाई लड़ा गया था युद्ध मे अंतिम राजा के मारे जाने के बाद ही 7 रानियों ने मर्यादा की रक्षा के लिए 1 हजार फीट की चोटी से घोड़ो पर पट्टी बांधकर छलांग लगा दिए और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा ।
सरायपाली से 20 दूर पहाडों और चट्टानो के बिच कर सकते है मां रूद्रेष्वरी का दर्शन सिंघोडा
सरायपाली से सम्बलपुर जाने वाले राजमार्ग क्रमांक 53 में सरायपाली से 20 किलोमीटर दूर ओडिसा सीमा से लगे ग्राम सिंघोडा में स्थित है माता रुद्रेस्वरी का मंदिर। पहाडों और चट्टानो को काटकर बनाया है माता रुद्रेश्वरी देवी का भव्य मंदिर स्वर्गीय स्वामी शिवानंद जी महाराज के द्वारा तीन दषक पहले सन 1977 में बनाया गया था. बताया जाता है कि स्वामी शिवानंद आसाम से द्वारीकापुर की पैदल तीर्थ यात्रा पर जा रहे थे और यात्रा के दौरान इसी पहाडी पर शांत वातावरण ने उन्हे कुछ देर रूकने पर विवष कर दिया, उन्हे विश्राम के दौरान माता के भव्य मंदिर बनाने की आत्म प्रेरणा मिली।
छछान माता नवागांव वाली भी आदि शक्ति मां भवानी जगतजननी जगदम्बा का रूप और नाम है। छछान माता छत्तीसगढ़ प्रान्त के जिला महासमुंद मुख्यालय से तुमगांव स्थित बम्बई कलकत्ता राष्ट्रीय राजमार्ग पर महासमुंद से लगभग 22 किलोमीटर दूरी पर सीधे हाथ की ओर लगभग 300 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित हैं। माता जी दर्शन करने सार्वजनिक बस से या निजी सड़क वाहन से पहुंचा जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही महासमुंद से मंदिर जाते समय दाहिने तरफ माताजी का नाम लिखा हुआ भव्य स्वागत द्वार है। स्वागत द्वार से ही सामने देखने पर सीमेंट निर्मित बहुत बड़ा गोलाकार ग्लोब निर्मित है। उसके उपर चार भुजाधारी शिवजी की मूर्ति बनाई गई है। स्वागत द्वार से ही मंदिर की अध निर्मित सीढियां दिखाई पड़ती हैं। सीढियां ऐसी है जिसमें खुले पत्थर रखे गए हैं जिससे माताजी के मंदिर तक पहुंचा जा सके।पहाड़ी से घूमकर एक और मार्ग है जो ढलान नुमा है जिस पर सीढ़ी नहीं है। पहाड़ी के नीचे ही शिवलिंग की चौड़ी है और भैरव बाबा का छोटा सा मंदिर है। पहाड़ी के ऊपर दानदाताओं के आर्थिक सहयोग से वर्तमान में भव्य मंदिर निर्माणाधीन है।
माता छछान माता मंदिर के आसपास पहाड़ी पर माता जी के विभिन्न रूप की मूर्ति छोटे छोटे मंदिर में स्थापित किये गये हैं। जिनमें काली माता, विंध्यवासिनी माता, पाताल भैरवी माता, बिलई माता, माता चंडी, भोलेनाथ, नाथल दाई, रतनपुर महामाया प्रमुख हैं। कई माताएं पहाड़ी के गुफाओं में विराजमान हैं। पहाड़ी पर बेल, कर्रा, भिरहा, सेनहा, धौरा के वृक्षों के प्राकृतिक जंगल विद्यमान हैं।
कैसे पहुँचे
प्लेन से
महासमुंद के लिए निकटतम हवाई अड्डा रायपुर में है, जो 36 किलोमीटर दूर है।
ट्रेन से
महासमुंद में एक छोटा स्टेशन है लेकिन
देश के अन्य प्रमुख शहरों से महासमुंद के लिए नियमित ट्रेन नहीं है। निकटतम रेलवे स्टेशन रायपुर में है, जो 50 किलोमीटर दूर है।
सड़क मार्ग से
NH 53 और NH 153 महासमुंद से होकर गुजरते हैं। अन्य सड़कें भी नजदीकी शहरों से अच्छी तरह जुड़ी हुई हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य का क्षेत्रफल लगभग एक लाख 35 हजार 361 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का 9वां और जनसंख्या की दृष्टि से 16 वां बड़ा राज्य है।
छत्तीसगढ़ की भाषा कौन सी है?
छत्तीसगढ़ी भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में बोली जाने वाली भाषा है। यह हिन्दी के अत्यन्त निकट है और इसकी लिपि देवनागरी है। छत्तीसगढ़ी का अपना समृद्ध साहित्य व व्याकरण है।
छत्तीसगढ़ का मुख्य धर्म कौन सा है?
इसके मुताबिक छत्तीसगढ़ में दो करोड़ 55 लाख 45 हजार 198 लोग हैं। इनमें से 93.24 फीसदी हिंदू हैं। मुस्लिम 0.02 और ईसाई 0.019 प्रतिशत हैं। जबकि सिख 0.0027 प्रतिशत व जैनधर्म को मानने वाले 0.00240 प्रतिशत हैं।
छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु कौन सा है?
सही उत्तर जंगली भैंसा है। छत्तीसगढ़ का राज्य पशु जंगली भैंसा
छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय वृक्ष कौन सा है?
साल के पेड़ को आदिवासियों का कल्प वृक्ष और बस्तर को साल वनों का द्वीप भी कहा जाता है। कहने को तो साल छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष है, लेकिन इससे विकास व संरक्षण में मदद नहीं मिल पाई है। साल को बस्तर में सरई भी कहा जाता ।
छत्तीसगढ़ का चिन्ह क्या है?
यह प्रतीक एक गोलाकार मुहर है जिसमें चावल की बालियों से घिरे अशोक के सिंह स्तंभ को दर्शाया गया है । राजधानी के नीचे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में तीन लहरदार रेखाएं हैं, जो राज्य की नदियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनके किनारे दो बिजली के बोल्ट हैं जो ऊर्जा अधिशेष राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
छत्तीसगढ़ का सबसे घना जंगल कौन सा है?
नंदनवन जंगल सफारी का पूरा 800 एकड़ क्षेत्र सुंदर इलाकों के साथ हरे भरे हरे रंग का है। कई स्वदेशी पौधों की प्रजातियां भी वनस्पति को जोड़ती हैं, जो जानवरों के लिए प्राकृतिक आवास बनाते हैं।
छत्तीसगढ़ में कौन से जानवर पाए जाते हैं?
आप तेंदुए, सियार, बाघ, उड़ने वाली गिलहरी, जंगली बिल्ली, बाइसन, चार सींग वाले मृग, साही, धारीदार लकड़बग्घा, चिंकारा, स्लॉथ भालू, नीलगाय, जंगली सूअर, बंदर, बार्किंग हिरण, ब्लैक बक, मंटजैक जैसे जंगली जानवरों को देख सकते हैं। , सांबर, जंगली कुत्ते, गौर, चीतल और अन्य।
छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान कौन सा है?
इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे बेहतरीन और सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव पार्क है। यह उदंती-सीतानदी के साथ छत्तीसगढ़ में दो बाघ परियोजना स्थलों में से एक है, इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित है।
सरायपाली में लगातार एक के बाद एक निजी अस्पताल खुलते जा रहा है लेकिन 100 बिस्तर का अस्पताल 50 और इसके बाद 30 बिस्तरों में सिमट गया विधायक ने आज एक्सरे मशीन का सौगात देते हुए क्या कहा ।
सरायपाली हेमन्त वैष्णव
सरायपाली बसना स्वास्थ्य क्षेत्र में किस तरह से जूझ रहा है यह बात तो सबको मालूम ही है लेकिन राज्य के अंतिम छोर पर बसे सरायपाली को कांग्रेस के कार्यकाल से 100 बिस्तर वाला अस्पताल का सौगात तो मिला लेकिन आज सुविधाओं के नाम पर कई मसीनो का अभाव है जब यह 100 बिस्तर अस्पताल का उद्घटान हुवा तब लगा था की अब राजधानी जैसे निःशुक्ल इलाज का सुविधाएं मिलेंगी लोगो को निजी और रायपुर बरगढ़ जैसे सहरो की और जाना नही पड़ेगा लेकिन ऐसा नही हुवा भाजपा के कार्यकाल में 50 बेड से सुरु हुवा अस्पताल बढ़ने के बजाय 30 बिस्तर में तब्दील हो चुका है ।
वही सरायपाली में निजी अस्पतालों और क्लीनक की संख्या लगातार बढ़ रही है आपको तो पता ही होगा कुछ दिनों पहले सरायपाली कुमकुम हॉस्पिटल को सील कर दिया गया इस अस्पताल पर बिना पंजीयन और फर्जी डिग्रीधारी सहित कई आरोप लगे थे किस तरह लोगो
को इलाज के नाम पर ठगा गया और क्या कार्यवाही हुवा लोग जानना चाहते है बता दें कि सरायपाली बसना के जनसंख्या के हिसाब से एक बड़ी अस्पताल की जरूरत तो है लेकिन ये जरूरतें अब निजी अस्पताल पूरे कर रहे है बसना सरायपाली क्षेत्र में झोला छाप डॉक्टरों की संख्या भी लगातार बढ़ रहा है ।
आज मोहनलाल चौधरी शासकीय अस्पताल सरायपाली विधायक किस्मतलाल नंद उपाध्यक्ष अनुसूचित विकास प्राधिकरण द्वारा डिजिटल एक्सरे मशीन का पूजा अर्चना कर फीता काट कर क्षेत्र के लोगो को बड़ी सौगात दी विधायक जी ने अपने उद्बोधन में कहा की आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक्सरे की मशीन लग जाने से क्षेत्र के लोगों का इसका सीधा लाभ मिलेगा चिकित्सा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। आने वाले 6 माह के भीतर हमर लैब, ब्लड बैंक की भी शुरवात होनी है और कई सुविधाएं उपलब्ध होगी। इस अवसर पर सरायपाली खंड चिकित्सा अधिकारी डा हीरालाल जांगडे ,
विवेक अग्रवाल विधायक प्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग, रामनारायण आदित्य जी अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरायपाली शहर, श्री पुष्पेंद्र पटेल अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरायपाली ग्रामीण, विद्या सतपति जी, वाहिद नियरिया जी सहादत हुसैन जी, शुरू पाणिग्रही जी, फिरोज खान , सौरभ सतपति जी, डॉ कुणाल नायक शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ रमेश साहू पैथोलांजिस्ट, bpm श्रीमती शीतल सिंग, beto पी आरघीतलहरे,अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए
सरायपाली -/क्या जीत दिला पाएंगी भाजपा उम्मीदार सरला कोसरिया कांग्रेस प्रतिद्वंदी के रूप में किसको उतारेगी मैदान में ,सरला कोसरिया गांव गांव में जाकर कर ही है आम लोगो से भेंट मुलाकात मिल रहा है भारी जनसमर्थन ।
छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव है दोनों दल के नेता और कार्यकर्ताओं ने अपने अपने पसंदिता नेता और नेत्रियों के साथ गांव गांव में जाकर जनसम्पर्क कर रहे है बता दें कि सरायपाली से भाजपा BJP ने श्रीमती सरला कोसरिया को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुका है वही महासमुन्द से अलका चन्द्राकर को भी टिकट फायनल कर चुकी है दोनों उम्मीदवारो के पास अपना प्रचार प्रसार करने के लिए पर्याप्त समय है सरायपाली से बीजेपी के उम्मीदवार सरला कोसरिया भी गांव गांव जाकर जनसंपर्क कर रही है सरला कोसरिया केंद्र सरकार के योजनाओँ और राज्य सरकार के विफलताओ के माध्यम से आम लोगो को रिझा रही है और भाजपा की सरकार बनाने की अपील कर रही है ।
बता दें कि सरला कोसरिया कई सालों के बीजेपी से जुड़ी हुई है और गायत्री परिवार के माध्यम से काफी पकड़ है वे पूर्व में जिला सदस्य और अध्यक्ष का कमान भी सम्हाल चुकी है और भाजपा ने प्रदेश स्तर में भी सरला कोसरिया को कमान दिए है ऐसे में कांग्रेस उनके सामने किस दिग्गज नेता को अपना सीट देगी देखने वाली बात होगी ।
बता दें कि सरला कोसरिया को काफी वक्त से राजनीति में जुड़े हुए के कारण गांव गांव में जनसमर्थ सरला कोसरिया को मिल रहा है बता दें कि सरला कोसरिया को भाजपा से टिकट मिलने के बाद गाड़ा समाज ने विरोध किया था जिसके बाद गाडा समाज से जुड़े भाजपा के पूर्व mla प्रत्यासी श्याम तांडी सहित कई कार्यकर्ताओ ने रायपुर जाकर कांग्रेस प्रवेश कर लिए लेकिन कई कार्यकर्ताओ ने बीजेपी का साथ नही छोड़ा जिसके बाद सरला कोसरिया लगातार गांव गांव में जाकर जनसम्पर्क कर रही है ।
अब कांग्रेस किसके नाम पर खोलेगा पत्ता सरायपाली पर एक नजर
वही छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपना एक भी टिकट का फायनल नही किए है जिन सीटो पर सिंगल नाम है उन्ही का फायनल माना जा रहा है मीडिया रिपोर्ट की माने तो छ्ग कांग्रेस लगभग 40 ऐसे सीटों को काटने जा रही है जहां कांग्रेस लहर में जीते थे लेकिन बात करें हम सरायपाली विधानसभा सीट की तो क्या वर्तमान विधायक किस्मत लाल नंद क्या कांग्रेस लहर में जीते थे या नही
चुकी किस्मत लाल नंद भी टीआई से लेकर एसडीओपी के पद पर पदस्थ थे उनके पोस्टिंग नक्सल क्षेत्र में भी हुए थे वे कई इनकाउंटर में शामिल रहे है फिर राजनीति में किस्मत आजमाने चाहे और कांग्रेस ने किस्मत लाल नंद को टिकट भी दिया और भाजपा के उम्मीदवार श्याम तांडी को हराया और 1 लाख से भी अधिक मत प्राप्त हुए थे वही श्याम तांडी भी बीजेपी के
जाने माने नेता थे यूआओ वर्ग उनको काफी पसंद करते है जिला सदस्य भी रह चुके थे इनको लगभग 48 हजार वोट मिले थे बता दें कि किस्मत लाल नंद कोरोना काल मे भी लगातार एक्टिव रहे है और लगातर छ्ग सरकार के योजनाओँ सभा और उद्घाटन में शामिल रहते है स्थानीय नेता बताते है कि किस्मत लाल नंद का नाम सबसे ऊपर है और उन्ही को टिकट मिलना चाहिए बता दें कि किस्मत लाल नंद अभी भी पद में है और लगातार जनसम्पर्क कर रहे है जाहिर सी बात है विधायक है भारी जनसमर्थ मिल रहा है ।
क्या कांग्रेस दोबारा किस्मत पर दांव लगाएगी या कोई नया चेहरा ढूंढ रही है अब तो टिकटों के घोषणा के बाद ही पता चलेगा चुकी सरायपाली से कई नाम कांग्रेस से सामने आ रहे है , किस्मत लाल नंद, चातुरी नंद , कामपाल नंद, रतन बंजारा दुगली बाई तांडी सहित कई दिग्गज नेताओं ने आवेदन किया था जिनमे लगभग 46 नाम शामिल है ।
वही चातुरी नंद भी गांव गांव में जाकर लगातार जनसम्पर्क कर रही है बता दें चातुरी नंद पेसे से एक शिक्षिका है और पिछले कई सालों से छ्ग चौहान सेना के प्रदेश अध्यक्ष है और वे कांग्रेस को अपना टिकट मांग रही है और लगातार जनसम्पर्क कर रही है चातुरी नंद का तैयारियां जोरों सोरों पर है वे अपने समर्थको के साथ लागातर जनसम्पर्क कर रही है ।
सरायपाली -/ टिकट मिलने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किनके नाम से फोड़ने लगे फटाखे रेस में कौन है आगे समर्थको का दावा ?
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने अभी तक अपनी पहली सूची जारी नही किया है सितंबर के पहले सप्ताह में कांग्रेस के प्रत्याशीयो के नाम घोषणा होने के कयास लगाये जा रहे थे लेकिन अभ 17 से 18 तारिक को कांग्रेस अपना पहली सुची जारी करने का संभावना जताया जा रहा है । बताया जा रहा है की इधर कांग्रेस लहर में जितने वाले विधायको का नाम काटने जा रहा है उन सीटो पर नए उम्मीदवार देखा रहा है ।
सरायपाली कांग्रेस के पदाधिकारियों से बात करने पर पता चलता है है कि नाम का चयन हो चुका है 18 तारिक को पता चलेगा कहा जा रहा है कि विधायक किस्मत लाल नंद चातुरी नंद का नाम दौड़ में आगे है सरायपाली क्षेत्र में चुनावी तैयारी देखने पर लगता किस्मत और चातुरी नंद को टिकट मिल सकता है वही कुछ लोगो का कहना है किसी तीसरे प्रत्याशी को कांग्रेस दे
नाम फायनल कर चुका है वही चातुरी नंद जो पेसे से एक शिक्षिका है वही चौहान समाज का नेतृत्व भी करती है उनका तैयारी देख कर उनका भी टिकट मिलने कन्फर्म बताया जा रहा है और तैयारियां देख कर ऐसा भी लगता है कही टिकट नही मिलने पर निर्दलीय भी लड़ने की बात कहा जा रहा है ।
कई कांग्रेस पदाधिकारीयो का कहना है लगभग किस्मत लाल नंद का टिकट फायनल बताया जा रहा है उनका कहना है कि किस्मत को टिकट मिलने के चांसेस ज्यादा है अगर पार्टी टिकट रिपीट नही करती है तो और कई लोगो का नाम है लेकिन चातुरी नंद भी रेस में आगे चल रहा है इनके सिवा अब कुछ लोगो का कहना है श्याम तांडी को टिकट दे देना चाहिए वही कई दिग्गज नेताओ ने टिकट की मांग की है इनके अलावा हमारे महाजनपद के सर्वे में दुगली बाई तांडी को अबसे ज्यादा वोट मिले है ।
इसी बीच परसो रात सरायपाली विधानसभा क्षेत्र ग्राम भंवरपुर में चौक के पास कुछ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और वर्तमान विधायक किस्मत लाल नंद के समर्थकों ने रात में फटाखे फोड़ने लगे उनका दावा है कि विधायक किस्मत लाल नंद का टिकट फायनल हो चुका है
बस लिस्ट जारी होने का देर है किस्मत के समर्थकों ने हमारे विधायक कैसा हो किस्मत भैया जैसा का नारा भी लगाए और वीडियो वायरल भी कर दिए भवरपुर के उनके कार्यकर्ता युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रेम पटेल हिरू चौरसिया और कई समर्थकों द्वारा अटल चौक भंवरपुर में फटाका फोड़ करके खुशी मनाई गई उनका दावा है विधायक जी को टिकट कन्फर्म हो चुका है
छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी की ओर से एलर्ट जारी फर्जी मोबाइल नंबरों से आए एसएमएम से बिजली उपभोक्ता रहें सावधान कनेक्शन काटे जाने का संदेश भेजकर उपभोक्ताओं को कर रहे भ्रमित
छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी की ओर से एलर्ट जारी
10 सितंबर 2023
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन विद्युत कंपनी ने एलर्ट जारी करते हुए कहा है कि साइबर ठग द्वारा उपभोक्ताओं के मोबाइल पर झूठी (फेक) एसएमएस भेजे जा रहे हैं,ऐसे मामला सारँगगढ़ बिलाईगढ़ तरफ ज्यादा आ रहा है जिसमें बिजली बिल भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने का संदेश लिखा होता है तथा 10 अंकों का फर्जी मोबाइल नंबर से संपर्क करने कहा जाता है। इस नंबर पर फोन करने पर साइबर ठग बिजली कनेक्शन कटने का झांसा देते हैं। विद्युत कंपनी कभी भी अपने उपभोक्ताओं को 10 अंकों के मोबाइल नंबर से कोई मैसेज नहीं भेजती है और न ही 10 अंकों के मोबाइल नंबर पर किसी तरह के भुगतान स्वीकार किया जाता है।
पॉवर कंपनी ना ही कभी भी किसी लिंक को क्लिक करने के लिए कहती है और ना ही ‘मोर बिजली ऐप’ के अलावा किसी ऐप को डाउनलोड करने या उपयोग करने को कहती है। साइबर ठग उपभोक्ता नंबर के बजाय उपभोक्ता का मोबाइल नंबर मांगते हैं और भुगतान संबंधी जानकारी देने की बात कहते हैं। साथ ही ये प्ले स्टोर में जाकर किसी एप्प को डाउनलोड करने कहते हैं, जिससे उपभोक्ता धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि बिजली संबंधी सभी भुगतान विद्युत वितरण कंपनी के काउंटरों, एटीपी सेंटरों, मोर बिजली ऐप, कंपनी की वेबसाइट सीएसपीडीसीएल डाॅट सीओ डाॅट इन अथवा सीएसी या पे पाॅइंट के अधिकृत आउटलेट्स पर ही करें।
इनके अलावा किसी दूसरे माध्यम से किसी भी तरह की राशि का भुगतान न करें। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को सूचनार्थ भेजे जाने वाले अधिकृत एसएमएस हमेशा सीएसपीडीसीएल सेन्डर आई डी के साथ भेजे जाते हैं।
इसके अलावा कंपनी ने अपने सभी उपभोक्ताओं को ऐसे किसी भी अनाधिकृत एसएमएस को नजर अंदाज करने की सलाह दी है। इसके अलावा कंपनी की टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर अपने संदेह का समाधान कर सकते हैं।
CG-/ किसानों के लिए बड़ी खबर केन्द्र सरकार ने धान उपार्जन के लिए अनिवार्य किया है बायोमेट्रिक सिस्टम छत्तीसगढ़ सरकार ने बायोमेट्रिक को लागू न करने को लेकर क्यो लिखा पत्र
छत्तीसगढ़
राज्य की विषम भौगोलिक स्थिति के चलते किसानों को होने वाली परेशानी से कराया अवगत
रायपुर, 10 सितंबर 2023
केन्द्र सरकार ने फर्जी धान खरीदी रोकने किसानों से बायोमेट्रिक पद्धति से धान खरीदी का फरमान जारी किया है इधर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की विषम भौगोलिक स्थिति के चलते सुदूर एवं दुर्गम अंचलों के किसानों को बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने से धान बेचने में होने वाली परेशानी को देखते हुए केन्द्र सरकार से बायोमेट्रिक सिस्टम को इस वर्ष लागू किए जाने का अनुरोध किया है।
केन्द्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 से खाद्यान्न उपार्जन में बायोमेट्रिक सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। इस सिस्टम को छत्तीसगढ़ राज्य के वनांचल और पहाड़ी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित रूप से लागू करने में होने वाली दिक्कत के चलते किसानों को समर्थन मूल्य पर धान और मक्का बेचने में परेशानी होगी।
छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य विभाग के सचिव श्री टोपेश्वर वर्मा ने भारत सरकार के खाद्य सचिव को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ प्रदेश में बायोमेट्रिक आधारित खरीफ प्रणाली को लागू करने के कारण किसानों को होने वाली कठिनाईयों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य के बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्र के दूरस्थ एवं पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण इस इलाके के कई स्थानों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा की कमी के चलते बायोमेट्रिक आधारित खाद्यान्न उपार्जन प्रणाली को लागू करने में दिक्कत होगी। खाद्य सचिव श्री वर्मा ने अपने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी के पूर्व किसानों का पंजीयन किया जाता है।
पंजीयन में किसान का आधार नंबर भी होता है। किसानों की भूमि के रकबे का सत्यापन भी ‘भुईयां’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाता है। धान खरीदी के एवज में राशि का ऑनलाईन भुगतान किसानों के बैंक खातों में होता है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी और देश में सर्वश्रेष्ठ है।
उन्होंने भारत सरकार को खाद्य सचिव से छत्तीसगढ़ राज्य की उक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक खरीदी सिस्टम को अनिवार्य न करने का अनुरोध किया है।
खाद्य सचिव श्री टोपेश्वर वर्मा द्वारा 21 जुलाई 2023 को उक्त संबंध में भेजे गए पत्र के संबंध में केन्द्र सरकार से अब तक न तो सहमति मिली है न ही बायोमेट्रिक आधारित खरीदी सिस्टम में रियायत दिए जाने का भरोसा दिया गया है। धान खरीदी के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बायोमेट्रिक सिस्टम की अनिवार्यता का अन्य कोई विकल्प न होने के कारण छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में इस प्रणाली को लागू किए जाने की प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इस संबंध में सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
CG-/ महासमुन्द बंद का ऐलान क्या है तामिलनाडु के मंत्री और महासमुन्द बंद का कनेक्सन लोग जानना चाहते है कि आखिर कल क्यो जिले भर बंद रहेगा प्रदर्शन कर रहे 61 कार्य कर्ताओं के ख़िलाप एफआईआर दर्ज के बाद बसना सरायपाली बागबाहरा खल्लारी तुमगांव झलप पटेवा सभी जगह बन्द का ऐलान जाने क्या है मामला ।
सनातन धर्म को डेंगू मलेरिया और कोरोना वायरस कहकर खत्म करने की बात से संबोधित करने वाले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे उदयनिधि स्टालिन जो कि मंत्री है उदय निधि स्टालिन धर्म से ईसाई है क्रियस्चन है उसके ये बयान से पूरे देश मे बहस बाजी छिड़ गए है हिन्दु समाज इस बयान से काफी नाराज है और उदय निधि
स्टालिन के ख़िलाप एफआईआर की मांग कर रही है यह मामला छत्तीसगढ़ तक पहुँच गया है अब यहां के स्थानीय हिन्दू समाज के संगठन और बजरंग दल के कार्य कर्ताओं ने कल महासमुन्द जिले भर में महा में बंद का एलान किया है और समर्थन मांगा है ।
दरसल महासमुन्द जिले भर के सर्व हिन्दू समाज के कार्यकर्ता ने पिछले 04 सितंबर 2023 को सिटी कोतवाली महासमुन्द पहुंच कर उदयनिधि स्टालिन के ख़िलाप एफआईआर की मांग की गई इस दौरान प्रदर्शन पर मार्गे बाधित भी हुवा सर्व हिन्दू समाज के प्रेस विज्ञप्ति की माने तो 4 तारिक प्रदर्शन कर रहे हिन्दू समाज के
कार्य कर्ताओं को पुलिस ने 48 घण्ठे के बाद उदय निधि स्टालिन के ख़िलाप एफआईआर की भरोसा दिया गया था जिसके बाद सभी कार्यकर्ता वापिस हो गए लेकिन अगले दिन पुलिस प्रसासन उदयनिधि स्टालिन के ख़िलाप एफआईआर दर्ज करने के बजाय हिंदू समाज के
लगभग 61 कार्य कर्ताओं के ख़िलाप एफआईआर दर्ज कर लिया गया इन कार्यकर्ताओं के खिलपा मार्ग अवरुद्ध करने का सिकायत था जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर लीया गया है।
इस मामले के बाद महासमुन्द जिले भर के सर्व हिंदू समाज और बजरंग दल के कारतकर्ताओ ने कल महासमुन्द जिले भर का बंद का आहवाहन किया है और समर्थन मांगा है ।