महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा की संवेदनशील पहल, मातृत्व का सम्मान, नवजीवन का उत्सव

महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा की संवेदनशील पहल, मातृत्व का सम्मान, नवजीवन का उत्सव

महासमुंद/ जनसेवा और मानवीय संवेदना का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती प्रिया सिंह के साथ आज सुबह जिला अस्पताल पहुंचकर शिशुवती माताओं और नवजात शिशुओं का कुशलक्षेम पूछा। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 60 नवजात शिशुओं को वस्त्र, डायपर, तौलिया, स्वच्छता किट जैसी उपयोगी सामग्रियों का वितरण किया। माताओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने उनकी स्वास्थ्य स्थिति, अस्पताल में मिल रही सुविधाओं और देखभाल की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने माताओं को स्वस्थ्य रहने और नवजात की देखभाल संबंधी आवश्यक सुझाव भी दिए तथा नवजात शिशुओं के उज्जवल भविष्य की मंगलकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि माँ और शिशु का स्वास्थ्य ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। नवजीवन का यह क्षण केवल परिवार का नहीं, पूरे समाज का उत्सव होता है। हमारा संकल्प है कि हर माँ और हर बच्चे तक स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक संसाधन सुलभ रूप से पहुँचें। उन्होंने मातृत्व को ईश्वर का वरदान बताते हुए कहा कि यह पहल मातृ शक्ति के प्रति श्रद्धा और स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल जैसी संस्थाओं में यदि समाज के हर वर्ग का सहयोग मिले तो मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर की जा सकती है। इस दौरान अस्पताल परिसर में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण रहा। माताओं ने विधायक दंपत्ति की इस स्नेहमयी पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्काउट गाइड के राज्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, श्रीमती कल्पना सूर्यवंशी, श्री राहुल आवड़े, श्री महेन्द्र सिक्का, श्री राजू चंद्राकर, श्री प्रकाश शर्मा, श्री शरद मराठा, श्री हनीश बग्गा, श्री रमेश साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ. बसंत माहेश्वरी, श्रीमती नीलू धृतलहरे, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं स्टाफ मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ के नदियों के नाम पर होगा भारतीय नौसेना के नए पोतों का नामकरण प्रदेश में सेना भर्ती रैली का प्रस्ताव

 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

CG : जल्द सरायपाली में बजेगी खेलों की बिगुल: बसना, खल्लारी महासमुन्द गरियाबंद राजिम बिंद्रानवागढ़ एवं धमतरी तक इन मैदानो मे युवा खिलाड़ी दिखाएंगे दम सांसद खेल महोत्सव का आयोजन

CG : जल्द सरायपाली में बजेगी खेलों की बिगुल: बसना, खल्लारी महासमुन्द गरियाबंद राजिम बिंद्रानवागढ़ एवं धमतरी तक इन मैदानो मे युवा खिलाड़ी दिखाएंगे दमसामूहिक खेलों में खो-खो, कबड्डी एवं बॉलीबॉल तथा व्यक्तिगत खेलों में 100 मीटर दौंड, 400 मीटर दौंड, गोलाफेंक, भालाफेंक, लंबीकूद, ऊंचीकूद, गेड़ी दौड़ शामिल

महासमुन्द 6 अक्टूबर 2025/ सांसद खेल महोत्सव का आयोजन 3 चरण में आयोजित किया जाना है। प्रथम चरण में संकुल स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का आयोजन कुल 30 स्थानों में आयोजित किया जाएगा। जिसमें ग्रामीण 25 एवं शहरी 05 कुल 30 संकुल का चयन किया गया है। विधानसभा स्तरीय सांसद खेल महोत्सव में संकुल के विजेता टीम एवं विजेता खिलाड़ी अपने-अपने विधानसभा में शामिल होंगे। लोकसभा स्तरीय सांसद खेल महोत्सव में महासमुन्द के 4 विधानसभा- सरायपाली, बसना, खल्लारी एवं महासमुन्द जिला गरियाबंद के 02 विधानसभा- राजिम एवं बिंद्रानवागढ़ एवं जिला धमतरी के 02 विधानसभा- कुरुद एवं धमतरी कुल 08 विधानसभा शामिल होंगे।
सांसद खेल महोत्सव में सामूहिक खेलों के लिए आयु वर्ग 14 से 19 वर्ष एवं 19 से 24 वर्ष तथा व्यक्तिगत खेलों के लिए आयु वर्ग 14 से 17 वर्ष, 18 से 20 वर्ष एवं 21 से 24 वर्ष के बालक एवं बालिका शामिल होंगे। सामूहिक खेलों में खो-खो, कबड्डी एवं बॉलीबॉल तथा व्यक्तिगत खेलों में 100 मीटर दौंड, 400 मीटर दौंड, गोलाफेंक, भालाफेंक, लंबीकूद, ऊंचीकूद, गेड़ी दौड़ संकुल स्तर पर आयोजित होंगे तथा बैड़़मिंटन खेल में पंजीयन कराने वाले प्रतिभागी विधानसभा स्तर पर सीधे शामिल हो सकेंगे जो 22 से 23 नवम्बर को विधानसभा सरायपाली से प्रारंभ किया जाएगा। विधानसभा स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का आयोजन विधानसभा सरायपाली में 22 से 23 नवम्बर, विधानसभा बसना में 28 से 29 नवम्बर, विधानसभा खल्लारी में 05 से 06 दिसम्बर एवं विधानसभा महासमुन्द में 12 से 13 दिसम्बर 2025 को आयोजित किया जाना संभावित है।

आयोजन की तैयारियों के विषय में चर्चा हेतु सांसद लोकसभा महासमुंद श्रीमती रुपकुमारी चौधरी की उपस्थिति में आयोजित बैठक में खेल कैलेण्डर निर्धारित कर जारी किया गया है। बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुन्द श्री हेमंत नंदनवार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण श्री मनोज धृतलहरे, जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा उपस्थित रहें। जिनके माध्यम से आयोजन में आवश्यक संसाधन, पुरस्कार, प्रमाण-पत्र, परिवहन, भोजन, आवश्यक सामग्री एवं संपूर्ण व्यवस्था पर चर्चा किया गया। संकुल स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का आयोजन निम्नानुसार संकुल केन्द्र में आयोजित होंगे, जिसमें शामिल संकुल के पंजीकृत ग्राम पंचायत एवं विद्यालय तथा नगरीय क्षेत्र के विद्यालय एवं खिलाड़ी अपने-अपने केन्द्र के आयोजन स्थल में पात्रता रखने वाले जिले में अध्यनरत एवं निवासरत प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे। आवश्यकता एवं परिस्थिति अनुसार आयोजन तिथि एवं स्थान में परिवर्तन समिति द्वारा किया जा सकता है।

सकुंल स्तरीय आयोजन – जिले में 11 अक्टूबर से 23 नवम्बर तक संकुल स्तरीय आयोजन किया जाएगा। जिसमें 11 से 12 अक्टूबर 2025 को सरायपाली ग्रामीण संकुल के लिए शा. आदर्श उ.मा.वि. सरायपाली एवं शा.उ.मा.वि. तोरेसिंहा सरायपाली में आयोजित होगा जिसमें ग्रामीण संकुल अंतर्गत ग्राम पंचायत एवं विद्यालय शामिल होंगे। इसी तरह 15 से 16 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद सरायपाली के खेल मैदान सरायपाली में आयोजित होगा जिसमें शहरी क्षेत्र के खिलाड़ी शामिल होंगे। साथ ही शा.उ.मा.वि. कमरौद बागबाहरा एवं झलप संकुल शा. मिडिल स्कूल झलप महासमुन्द में आयोजन होगा। जिसमें ग्रामीण संकुल के खिलाड़ी शामिल होंगे। 27 से 28 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद महासमुन्द का आयोजन मिनी स्टेड़ियम महासमुन्द एवं फॉरेस्ट खेल मैदान महासमुन्द में आयोजित होगा जिसमें शहरी महासमुन्द एवं नगर पंचायत तुमगांव के प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे। साथ ही सांकरा संकुल का आयोजन खेल मैदान पिथौरा में, भोथलडीह संकुल में

 

सरायपाली : शिशुओं की सेहत पर “ओम हॉस्पिटल” का विशेष ध्यान — 7 अक्टूबर को सरायपाली में निशुल्क परामर्श शिविर

शा.उ.मा.वि. भोथलडीह सरायपाली में एवं खल्लारी मेला मैदान खल्लारी बागबाहरा में ग्रामीण क्षेत्र के लिए आयोजित होगा।
इसी तरह 30 से 31 अक्टूबर को बेमचा संकुल का आयोजन मिनी स्टेड़ियम महासमुन्द एवं फॉरेस्ट खेल मैदान महासमुन्द में ग्रामीण क्षेत्र के लिए आयोजित होगा एवं इसी तिथि में नगर पालिका परिषद बागबाहरा अंतर्गत सुनसुनिया खेल मैदान बागबाहरा, शा.उ.मा.वि. मोहदा सरायपाली एवं भूकेल संकुल के लिए शा.उ.मा.वि. भुकेल बसना में आयोजित किया जाएगा। 04 से 05 नवम्बर को गोपालपुर संकुल के लिए शा.उ.मा.वि.गोपालपुर पिथौरा में, रायतुम संकुल के लिए शा. उ.मा.वि. रायतुम महासमुन्द में एवं नगर पंचायत बसना में तथा पिथौरा संकुल (ग्रामीण) का आयोजन खेल मैदान पिथौरा में आयोजित किया जाएगा। 07 से 08 नवम्बर को मुनगासेर शा.उ.मा.वि. मुनगासेर में, गढ़फुलझर संकुल शा.उ.मा.वि. गढ़फुलझर बसना में, भुरकोनी संकुल शा.उ.मा.वि. भुरकोनी पिथौरा में एवं तुमगांव संकुल (ग्रामीण) सेजेस तुमगांव महासमुन्द में आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा 11 से 12 नवम्बर को तेन्दूकोना संकुल शा.उ.मा.वि. तेन्दूकोना बागबाहरा में, शहरी नगर पंचायत पिथौरा संकुल खेल मैदान पिथौरा में, छपोराडीह संकुल शा.उ.मा.वि. छपोराडीह महासमुन्द में एवं बजेसाजापाली संकुल शा.उ.मा.वि. बजेसाजापाली बसना में आयोजित किया जाएगा। 15 से 16 नवम्बर को नर्रा संकुल के शा.उ.मा.वि. नर्रा बागबाहरा में, गनेकेरा संकुल ग्राम नवागांव/गनेकेरा बसना में, गड़बेड़ा संकुल शा.उ.मा.वि. गडबेडा पिथौरा एवं जगदीशपुर संकुल हाई स्कूल खेल मैदान जगदीशपुर पिथौरा में आयोजित होगा तथा 22 से 23 नवम्बर को खट्टी संकुल के शा.उ.मा.वि. खट्टी महासमुंद में ग्रामीण क्षेत्र के लिए सांसद खेल आयोजित किया जाएगा।

CG बसना : 15वें वित्त की राशि कहां करना है खर्च, एक ग्राम पंचायत ने 15 वें वित्त की अधिकतम राशि को इस कार्य में खर्चा किया

 

2025, 26 में ग्राम पंचायत में मिलने वाली 15 वे वित्त के अधिकतर राशि को पंचायत के पदाधिकारियों को यह तय करना होता है कि उसे कहां खर्च किया जाए। भारत सरकार यह राशि किन कार्यों के लिए जारी कर रही है, क्या है सरकार की सोच और क्या ग्रामीणों को इसका वास्तविक फायदा मिल रहा है — यह जानना भी ग्रामीणों का अधिकार है।

भारत सरकार तो दिल खोलकर पंचायतों को राशि जारी करती है, लेकिन क्या उसका लाभ वास्तव में ग्रामीणों को मिल रहा है, यह देखना जरूरी है। वर्तमान समय में पारदर्शिता के लिए सरकार ने e-Gram Swaraj (ई-ग्राम स्वराज) नामक एक ऐप की सुविधा दी है, जिसके माध्यम से कोई भी ग्रामीण यह जानकारी ले सकता है कि किन निर्माण कार्यों के नाम से कितनी राशि आहरित हुई है और आने वाले दिनों में कौन-से कार्य प्रस्तावित हैं।

15वें वित्त आयोग ने वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए आरएलबी/पीआरआई को कुल ₹2,36,805 करोड़ रुपये के अनुदान की सिफारिश की है। आयोग ने राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में जल आपूर्ति और स्वच्छता को पहचाना है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता को निर्धारित करते हैं।

इसने आरएलबी/पंचायतों को आवंटन का 60% अर्थात ₹1,42,084 करोड़ रुपये सशर्त अनुदान के रूप में देने की सिफारिश की है, जिसका उपयोग इस प्रकार किया जाना है —
(अ) पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण, और
(ब) खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति की स्वच्छता और उसका रखरखाव।

महासमुंद जिले के बसना विकासखंड की ग्राम पंचायत आमपाली में e-Gram Swaraj Panchayat ऐप के माध्यम से देखने पर पता चलता है कि 15वें वित्त में लगभग ₹4 लाख 35 हजार की राशि जमा हुई है, जिसमें से लगभग ₹3 लाख 63 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।

अधिकतर खर्च पानी और स्वच्छता से संबंधित कार्यों में किया गया है — सिर्फ़ एक मद भवन मरम्मत से जुड़ी है। यह भी सही है क्योंकि भारत सरकार का भी यही उद्देश्य है कि 15वें वित्त की राशि पेयजल और स्वच्छता पर खर्च की जाए।

सरायपाली : शिशुओं की सेहत पर “ओम हॉस्पिटल” का विशेष ध्यान — 7 अक्टूबर को सरायपाली में निशुल्क परामर्श शिविर

लेकिन ग्रामीणों को भी यह देखना होगा कि सरकार द्वारा भेजी गई राशि क्या उनके वास्तविक लाभ के लिए उपयोग हो रही है या नहीं। सरकार द्वारा दिया गया यह अनुदान यदि सही दिशा में उपयोग नहीं हुआ तो यह व्यर्थ साबित होगा।

हर ग्राम पंचायत में यह जमा होने वाली राशि अलग-अलग होती है, लेकिन यह जानना सभी ग्रामीणों के लिए आवश्यक है कि आखिर यह रकम सही जगह खर्च हुई या नहीं।
यही समझ और जागरूकता ही असली ग्राम विकास की पहचान है।

महासमुंद : साजिश, सड़क हादसे के नाम पर जनपद उपाध्यक्ष के पति और साथी की दुर्घटना या हत्या पांच साल पुरानी दुश्मनी की खबर

 

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में नेशनल हाईवे-353 पर शनिवार की रात साराडीह मोड़ के पास करीब 8 बजे जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर के पति जितेंद्र चंद्राकर (46) की मौत हादसे से नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत टाटा सफारी से कुचला गया था।

आरोपी ने पहले स्कूटी को टक्कर मारी। इसके बाद सड़क किनारे गिरे जितेंद्र चंद्राकर पर अपनी कार चढ़ा दी। इस हादसे में उनके साथ स्कूटी पर सवार अशोक साहू (50) की भी मौत हो गई।मिडिया रिपोर्ट और दैनिक भास्कर मे छपी रिपोर्ट के अनुसार दरअसल, मृतक और आरोपी के बीच पांच साल पहले रास्ते को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें जितेंद्र ने आरोपी अमन को थप्पड़ जड़ दिया था। तभी से अमन ने जितेंद्र को सबक सिखाने का मन बना लिया था।

वहीं, कार चला रहे अमन अग्रवाल ने वारदात को अंजाम देने के बाद सिटी कोतवाली पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, रविवार को ग्रामीणों ने हत्या का अपराध दर्ज करने की मांग करते हुए नेशनल हाईवे-353 पर चक्का जाम कर दिया। वहीं टाटा सफारी चला रहे अमन अग्रवाल के खिलाफ पुलिस हत्या और षड्यंत्र का अपराध दर्ज करने की तैयारी में है।

जितेंद्र चंद्राकर ने रास्ते को लेकर हुए विवाद को लेकर आरोपी अमन अग्रवाल को पांच साल से पहले थप्पड़ मारा था। –
जितेंद्र चंद्राकर ने रास्ते को लेकर हुए विवाद को लेकर आरोपी अमन अग्रवाल को पांच साल से पहले थप्पड़ मारा था।
जानिए क्या है पूरा मामला

घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के साराडीह मोड़ के पास की है। शनिवार की रात 8 बजे महासमुंद की ओर आ रही टाटा सफारी (CG 04 QH 5836) और स्कूटी के बीच जोरदार टक्कर हुई। लेकिन जांच में पता चला कि यह हादसा दुर्घटना नहीं बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश थी। कार चला रहे अमन अग्रवाल ने जानबूझकर अपनी गाड़ी से जितेंद्र चंद्राकर और अशोक साहू को कुचल दिया।

जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि घायल अशोक साहू को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी भी मौत हो गई। घटना के बाद अमन अग्रवाल ने सिटी कोतवाली पहुंचकर हादसे की सूचना पुलिस को दी और खुद सरेंडर कर दिया।

घटना के बाद ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

रविवार को दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ और शव परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार के बाद, स्थानीय ग्रामीण अमन अग्रवाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग लेकर नेशनल हाईवे 353 पर साराडीह मोड़ के पास लगभग एक घंटे तक चक्का जाम कर बैठे। पुलिस की समझाइश और आश्वासन के बाद उन्होंने जाम खत्म किया।

कार से टक्कर के बाद स्कूटी पर सवार अशोक साहू की मौत
पांच साल पहले जितेंद्र ने अमन को मारा था थप्पड़

मामले में पूछताछ के बाद पुलिस बताया कि बेलसोंड़ा गांव के पास नेशनल हाईवे-353 से थोड़ी ही दूरी पर जितेंद्र चंद्राकर की फ्लाई ब्रिक्स फैक्ट्री है। वहीं महासमुंद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी आरोपी अमन अग्रवाल की जितेंद्र की फैक्ट्री के पास जमीन है। लगभग पांच साल पहले, दोनों के बीच रास्ते को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें जितेंद्र ने अमन को थप्पड़ भी मारा था। तब से अमन ने बदला लेने की ठानी थी।

वह कई दिनों से जितेंद्र का पीछा कर रहा था। जितेंद्र किस समय कहा जाता है, कहा बैठता है, लंबे समय से आरोपी फॉलो करता आ रहा था और प्लानिंग कर रखा था कि समय आने पर जितेंद्र को सबक सिखाएगा।

वही मौका शनिवार की रात मिल गया। जितेंद्र अपने साथी अशोक के साथ स्कूटी से महासमुंद से गांव बेलसोंडा जा रहा था। प्लानिंग के तहत आरोपी अमन पहले से खरोरा मेडिकल कॉलेज के पास जितेंद्र का इंतजार कर रहा था। जितेंद्र ने जैसे ही मेडिकल कॉलेज क्रॉस किया तो उसने उसका पीछा शुरू किया।

टाटा सफारी से कुचलकर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के पति को मार डाला
इसी दौरान साराडीह मोड़ के पास अमन ने अपनी टाटा सफारी से जितेंद्र की स्कूटी को जोर से टक्कर मार दी। इस टक्कर में जितेंद्र और उसके साथ मौजूद अशोक साहू सड़क पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए।

साराडीह मोड़ के पास आरोपी ने अमन ने जानबूझकर अपनी गाड़ी से जितेंद्र चंद्राकर और अशोक साहू को कुचल दिया।

आरोपी ने स्कूटी को टक्कर मारने के बाद कार से जितेंद्र को रौंदा

वहीं आरोपी अमन स्कूटी को टक्कर मारने के बाद उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ, उसने कार से जितेंद्र को रौंद दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद अमन अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर भाग गया और पुलिस को हादसे की सूचना देने के लिए थाने पहुंच गया।

पुलिस की जांच और ग्रामीणों के बयान के बाद मामले का खुलासा हुआ। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने अन्य हादसे की तरह मानकर BNS की धारा 281, 125 (A) 106 (1) 184 के तहत FIR दर्ज कर चुकी है। अब 103 (1) हत्या, 61(2) षड्यंत्र रचना जैसे गंभीर धारा जोड़ने की तैयारी कर रही है।

महासमुंद एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय
वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी से पूछताछ जारी
महासमुंद की एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि 4 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे पुलिस को सूचना मिली कि साराडीह मोड़ के पास टाटा सफारी और स्कूटी के बीच दुर्घटना हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

 

सरायपाली : शिशुओं की सेहत पर “ओम हॉस्पिटल” का विशेष ध्यान — 7 अक्टूबर को सरायपाली में निशुल्क परामर्श शिविर

जांच में पता चला कि बेलसोंडा निवासी जितेंद्र चंद्राकर और अशोक साहू स्कूटी से जा रहे थे, तभी एक टाटा सफारी ने उन्हें टक्कर मार दी। शुरुआत में पुलिस ने इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना मानते हुए एक्सीडेंट की धाराओं में मामला दर्ज किया।

लेकिन आगे की जांच में सामने आया कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी। पूछताछ में यह भी पता चला कि टाटा सफारी चला रहे आरोपी अमन अग्रवाल और मृतक जितेंद्र चंद्राकर के बीच पुरानी रंजिश थी। अमन ने इसी दुश्मनी के चलते स्कूटी को टक्कर मारकर हत्या कर दी।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस वारदात को अंजाम देने में आरोपी अकेला था या उसके साथ और कोई शामिल था। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

छत्तीसगढ़ में हर 20 मिनट में दर्ज हो रही एक नई Cyber Fraud की शिकायत, 67000 मामलों में 791 करोड़ की चपत

 

राज्य में साइबर अपराध बेकाबू होते जा रहे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2023 से जून 2025 तक राज्य में साइबर ठगी की 67,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं, जिनसे 791 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।रिपोर्ट में कहा गया है कि औसतन हर 20 मिनट में साइबर ठगी का एक नया मामला दर्ज हो रहा है। सिर्फ साल 2024 में ही 31,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं और 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लोगों को लगी। जुलाई 2025 तक के 18 महीनों में ही 1,301 मामलों में 107 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। बढ़ते साइबर अपराधों ने पुलिस और साइबर सेल की नींद उड़ा दी है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जुलाई महीने में यह आंकड़ा विधानसभा में रखा था। विधायक सुनील सोनी के सवाल और गजेंद्र यादव के पूरक प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया था औसतन हर 20 मिनट में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आ रहा है। वहीं एनसीआरबी के आंकड़े बताते है कि मुंबई के लोग सबसे अधिक साइबर अपराधों के शिकार हुए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वर्ष 2024 में रायपुर में ही 17,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई है और 48 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान लोगों को उठाना पड़ा है।

दुर्ग, बिलासपुर भी सबसे अधिक प्रभावित:रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर जिले भी साइबर अपराधियों से सबसे अधिक प्रभावित जिले रहे। लेकिन चिंताजनक तथ्य यह है कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों और नुकसान के बावजूद, केवल 107 पीडि़तों को ही पैसा वापस मिल पाया है। बैंक से जुड़ी धोखाधड़ी में तो अब तक सिर्फ तीन गिरफ्तारी और सात सजाएं हुई हैं। शिकायतों की बड़ी संख्या का मतलब धोखाधड़ी के उद्देश्य से किया गया काल है, चाहे उसमें ठगी हो पाई हो या नहीं। पुलिस और साइबर सेल ने जांच में पाया गया कि बिहार, झारखंड, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों के ठग गिरोह बीमा, नौकरी और लोन के नाम पर लोगों को फंसाते हैं। वहीं राजस्थान के ठग सेक्सटार्शन जैसे मामलों से छत्तीसगढ़ के लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। मतलब साफ है कि छत्तीसगढ़ देशभर के साइबर अपराधियों के लिए एक साफ्ट टारगेट बन चुका है।

सरायपाली : शिशुओं की सेहत पर “ओम हॉस्पिटल” का विशेष ध्यान — 7 अक्टूबर को सरायपाली में निशुल्क परामर्श शिविर

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी और स्मार्टफोन-इंटरनेट के तेजी से फैलते इस्तेमाल ने अपराधियों के लिए रास्ता और आसान कर दिया है। ठगी के शिकार लोगों में बैंक मैनेजर, उपक्रमों के महाप्रबंधक, यहां तक कि पुलिस और विजिलेंस के अधिकारी भी शामिल हैं। राज्य में लगातार बढ़ रहा साइबर अपराध काफी चिंताजनक है। इस पर लगाम कसने साइबर सुरक्षा को धरातल पर प्रभावी बनाने की जरूरत है। हर जिलों में साइबर विशेषज्ञों के साथ तकनीकी जानकारी से लैस बल तैयार किया जाना चाहिए। उम्मीद है, इससे साइबर अपराधों में कमी आएगी। साथ ही लोगों को भी साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचना चाहिए।-राजीव शर्मा, सेवानिवृत्त एडिशनल एसपी

सरायपाली : शिशुओं की सेहत पर “ओम हॉस्पिटल” का विशेष ध्यान — 7 अक्टूबर को सरायपाली में निशुल्क परामर्श शिविर

सरायपाली : शिशुओं की सेहत पर “ओम हॉस्पिटल” का विशेष ध्यान — 7 अक्टूबर को सरायपाली में निशुल्क परामर्श शिविर

सरायपाली।
नवजात और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ओम हॉस्पिटल, सरायपाली की ओर से एक विशेष शिशु रोग परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
यह शिविर 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को आयोजित होगा, जिसमें प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राम प्रकाश साहू (MBBS, DNB, Paediatrics, PGPN) बच्चों की जांच और परामर्श देंगे। स्थान: स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाइवे, सरायपाली (छत्तीसगढ़)
📞 संपर्क: 07725-299360, मोब. 83700-08558

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह पहल क्षेत्र के उन परिवारों के लिए खास तौर पर रखी गई है जो अपने नवजात शिशुओं की सामान्य बीमारियों और लक्षणों को लेकर असमंजस में रहते हैं।

नवजात शिशु को डॉक्टर के पास कब ले जाना चाहिए?

डॉ. साहू के अनुसार, कई बार छोटे बच्चे कुछ संकेतों के माध्यम से अपने शरीर की तकलीफ़ बताते हैं, जिन पर माता–पिता को तुरंत ध्यान देना चाहिए।
अगर नवजात शिशु में निम्न लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है —

बुखार, सर्दी या ज़ुकाम

रोने के तरीक़े में अचानक बदलाव

बहुत कम या बहुत ज़्यादा रोना

भूख कम लगना

दूध पीने की इच्छा न होना

सांस लेने में तकलीफ़

असामान्य मल प्रक्रिया

निमोनिया या खून की कमी के लक्षण

डॉ. साहू का कहना है कि “अक्सर अभिभावक बच्चों की इन छोटी–छोटी दिक्कतों को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि यही शुरुआती संकेत किसी गंभीर संक्रमण या रोग की शुरुआत हो सकते हैं।”

सरायपाली में हर गुरुवार को निशुल्क परामर्श

ओम हॉस्पिटल द्वारा बताया गया कि हर गुरुवार को निशुल्क परामर्श शिविर भी लगाया जाता है,
जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर शिशु, बालक एवं किशोरों की बीमारियों की जांच और आवश्यक उपचार की सलाह देते हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि “आपका स्वास्थ्य, हमारी प्राथमिकता” के सिद्धांत पर चलने वाला यह हॉस्पिटल NABH एंट्री लेवल से मान्यता प्राप्त है,
जहां बच्चों के उपचार के लिए सभी आवश्यक आधुनिक उपकरण और सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध

ओम हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड और अन्य बीमा योजनाओं के अंतर्गत भी उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
साथ ही बीजू कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कोई भी परिवार अपने बच्चे की जांच के लिए सुबह 11 बजे से अस्पताल पहुंच सकता है।

अस्पताल का स्थान और संपर्क जानकारी

📍 स्थान: स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाइवे, सरायपाली (छत्तीसगढ़)
📞 संपर्क: 07725-299360, मोब. 83700-08558

“सही सलाह और बेहतर उपचार के लिए आज ही परामर्श लें”

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बच्चों की बीमारियों को लेकर समय पर पहचान और सही उपचार की दिशा में जागरूक करना है।

> “एक छोटी सी लापरवाही शिशु के स्वास्थ्य पर बड़ा असर डाल सकती है।
समय पर परामर्श ही सबसे बेहतर इलाज की शुरुआत है।”

🩺 विशेष परामर्श दिवस: 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार)
⏰ समय: सुबह 11 बजे से
👨‍⚕️ विशेषज्ञ डॉक्टर: डॉ. राम प्रकाश साहू, शिशु रोग विशेषज्ञ
🏥 स्थान: ओम हॉस्पिटल, सरायपाली

 

CG : सरायपाली जिला का सीमा कहाँ तक हो सकता है — कौन-कौन से ब्लॉक शामिल होंगे, और कहा बन सकते हैं नए विकासखंड?

CG : सरायपाली जिला का सीमा कहाँ तक हो सकता है — कौन-कौन से ब्लॉक शामिल होंगे, और कहा बन सकते हैं नए विकासखंड?

सरायपाली जिला बनने की चर्चा तेज़ — लोगों में उम्मीद, सरकार ने मांगी रिपोर्ट से बढ़ी हलचल
महासमुंद जिले के पूर्वी हिस्से में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा का विषय “सरायपाली जिला गठन” है।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हाल ही में जब से छत्तीसगढ़ शासन ने महासमुंद कलेक्टर से सात बिंदुओं में जानकारी मांगी, तो सरायपाली–बसना क्षेत्र के लोगों में उम्मीदों की नई लहर दौड़ गई।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हाल ही में महासमुंद कलेक्टर से इस विषय में 7 बिंदुओं में विस्तृत जानकारी मांगे जाने के बाद स्थानीय राजनीति से लेकर आम जनता तक में इस मुद्दे पर हलचल बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार से उन्हें उम्मीद है कि यह लंबे समय से लंबित मांग अब साकार होगी। हालांकि इस विषय पर श्रेय लेने की होड़ भी तेज़ है — कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दलों के नेताओं ने समय-समय पर सरायपाली जिला गठन की मांग उठाई है, पर अब तक निर्णय नहीं हो सका है।

लोगों का कहना है कि महासमुंद से अलग होकर नया जिला बनने से न सिर्फ़ प्रशासनिक कामकाज में आसानी होगी,
बल्कि विकास की गति भी तेज़ होगी।
स्थानीय नागरिकों के बीच यह मुद्दा अब केवल सुविधा का नहीं, बल्कि पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है125 किलोमीटर की दूरी, आम जनता के लिए बड़ी परेशानी सरायपाली महासमुंद जिले का सबसे पूर्वी और सीमावर्ती हिस्सा है,जो ओडिशा राज्य की सीमा से लगा हुआ है।यहाँ से जिला मुख्यालय महासमुंद की दूरी करीब 125 से 130 किलोमीटर है। इतनी दूरी के कारण लोगों को शासन और प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है।

ग्राम पंचायतों से लेकर शासकीय विभागों तक की फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं।
किसानों, छात्रों और ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए पूरा दिन यात्रा करनी पड़ती है।
इसी कारण अब आम जनता खुलकर कह रही है कि “सरायपाली को जिला बनाना अब समय की मांग है।”

लोगों की राय — “यह केवल प्रशासन नहीं, सम्मान की बात है” स्थानीय निवासियों का मानना है कि सरायपाली जिला बनना केवल प्रशासनिक सुविधा नहीं,
बल्कि क्षेत्रीय अस्मिता और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।
लोगों का कहना है कि महासमुंद के मुकाबले यह इलाका सांस्कृतिक रूप से भिन्न और ऐतिहासिक दृष्टि से विशिष्ट है।

चार ब्लॉकों का प्रस्ताव चर्चा में
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेजी से हो रही है कि प्रस्तावित सरायपाली जिला में कुल चार विकासखंड शामिल हो सकते हैं —
1️⃣ सरायपाली
2️⃣ बसना
3️⃣ सांकरा (प्रस्तावित नया ब्लॉक)
4️⃣ छुईपाली–भंवरपुर (प्रस्तावित नया ब्लॉक)

हालांकि शासन की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है,
लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यही चार क्षेत्र मिलकर एक सशक्त प्रशासनिक इकाई बना सकते हैं।
इन इलाकों की भौगोलिक स्थिति और आपसी संपर्क भी इन्हें स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे से जोड़ता है।

संभावित सीमाएँ और भौगोलिक स्थिति चर्चाओं में बताया जा रहा है कि प्रस्तावित सरायपाली जिले की सीमा इस प्रकार हो सकती है —

📍 उत्तर में: रायगढ़ जिला का सारंगढ़–बिलाईगढ़ और बरमकेला क्षेत्र
📍 दक्षिण में: ओडिशा राज्य का बरगढ़ और पदमपुर जिला
📍 पूर्व में: ओडिशा का सोहेला इलाका
📍 पश्चिम में: महासमुंद का पिथौरा ब्लॉक

इस तरह सरायपाली जिला, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित होकर सांस्कृतिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र बन जाएगा।

सरायपाली : शिशुओं की सेहत पर “ओम हॉस्पिटल” का विशेष ध्यान — 7 अक्टूबर को सरायपाली में निशुल्क परामर्श शिविर

7 लाख की आबादी, 3 हजार वर्ग किमी क्षेत्रफल

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रस्तावित जिले की जनसंख्या करीब 7 लाख और क्षेत्रफल लगभग 2,800 से 3,000 वर्ग किलोमीटर माना जा रहा है।
इस क्षेत्र में 350 से अधिक ग्राम पंचायतें और दो नगरीय निकाय — सरायपाली (नगरपालिका) और बसना (नगर पंचायत) — पहले से मौजूद हैं।

लोगों का कहना है कि इन मानकों के अनुसार सरायपाली जिला गठन के सभी प्रशासनिक और जनसंख्या संबंधी मानक पूरे करता है।

कृषि, व्यापार और अर्थव्यवस्था का केंद्र

सरायपाली–बसना क्षेत्र कृषि उत्पादन में समृद्ध है।
यहाँ धान, तिलहन, दलहन और मक्का जैसी फसलें बड़े पैमाने पर होती हैं।
सरायपाली और बसना दोनों नगर व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रमुख केंद्र हैं।

धान खरीदी केंद्र, कृषि मंडियाँ और साप्ताहिक बाजारों की सक्रियता ने इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाया है।
ओडिशा से लगते व्यापारिक संबंध भी यहाँ के व्यापार को अतिरिक्त बल देते हैं।
लोगों का कहना है कि यदि जिला बनता है तो यहाँ के कृषि और औद्योगिक विकास को नया आयाम मिलेगा।

इतिहास, संस्कृति और आस्था की धरोहर

सरायपाली अंचल इतिहास और संस्कृति से भरपूर है। सिंघोड़ा मंदिर सांकरा, गढ़फुलझर, नानकसागर और शिशुपाल पर्वत जैसे स्थल इस इलाके की ऐतिहासिक पहचान हैं।
यह क्षेत्र बौद्धकालीन और नागवंशी सभ्यता का प्रतीक माना जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़फुलझर किला और उसके आसपास की गुफाएँ
न केवल ऐतिहासिक महत्व रखती हैं, बल्कि क्षेत्र के गौरव की पहचान भी हैं। यहाँ की लोक संस्कृति, देवी–देवताओं की परंपरा और वार्षिक मेले इस क्षेत्र को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा से जोड़ते हैं।

राजनीतिक हलचल और उम्मीदें
सरायपाली जिला बनने की चर्चा शुरू होते ही राजनीतिक गतिविधियाँ भी तेज़ हो गई हैं।
स्थानीय नेताओं के बीच इस विषय पर खुली रायभिन्नता देखने को मिल रही है। कुछ जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार ने जब रिपोर्ट मांगी है, तो यह संकेत है कि “सरायपाली जिला बनना अब केवल समय की बात है।”

दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि यह अभी केवल विचार–मंथन का दौर है, और कोई औपचारिक निर्णय तभी होगा जब सरकार क्षेत्रीय, वित्तीय और प्रशासनिक दृष्टि से पूरी जांच कर लेगी।

जनता की उम्मीदें और संभावित लाभ
लोगों का कहना है कि अगर सरायपाली को जिला बनाया जाता है तो इससे — प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी,

शासन की योजनाएँ गाँव-गाँव तक पहुँचेंगी, सीमावर्ती ओडिशा क्षेत्रों में समन्वय बेहतर होगा, स्वास्थ्य, शिक्षा और न्यायिक सेवाओं का विस्तार होगा, और पर्यटन व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

राशिफल विशेष, जहां आप पाएंगे आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल

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मेष👉अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। करियर के क्षेत्र में उन्नति के योग हैं। आपके प्रयासों को पहचान मिलेगी और वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा, जिससे संबंधों में मधुरता आएगी।

वृषभ👉ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो, आज आपका भाग्य पूरी तरह से साथ देगा। धर्म-कर्म के कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। नौकरी में बदलाव का सोच रहे हैं तो यह समय अनुकूल है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और किसी मांगलिक कार्य का संयोग बन सकता है। सेहत में सुधार होगा।

मिथुन👉का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह, आज का दिन आपके लिए मिला-जुला रहेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं, लेकिन सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों को कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। संतान की ओर से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रहेगा।

कर्क👉ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो ,आज आप अपनी रचनात्मकता पर ध्यान केंद्रित करेंगे। आपके काम से लोग प्रभावित होंगे और आपको सराहना मिलेगी। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी और किसी संस्था से जुड़ने का मौका मिल सकता है। अपनी योजनाओं को गति देंगे और आर्थिक सौदेबाजी में सफल रहेंगे।

सिंह👉मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे, आज का दिन आपके करियर में उतार-चढ़ाव ला सकता है। हालांकि, मित्रों और शुभचिंतकों का सहयोग मिलेगा। आय के नए स्रोत खुलने और बड़े धन लाभ की संभावना है। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा और घर में किसी शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें।

कन्या👉ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो, आज आप अपनी निर्णय लेने की क्षमता से लाभ उठाएंगे। कार्यक्षेत्र में कामकाज के चलते व्यस्तता अधिक रहेगी, लेकिन सभी रुके हुए काम पूरे हो जाएंगे। इससे भविष्य में लाभ कमाने के मौके मिलेंगे। यात्रा का योग बन सकता है।

तुला👉रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते, आज का दिन आपके लिए चुनौतियों से भरा हो सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। कोई भी बड़ा निवेश सोच-समझकर करें। प्राइवेट नौकरी करने वालों को अपनी मेहनत के लिए पहचान मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी, लेकिन जीवनसाथी से गलतफहमी हो सकती है।

वृश्चिक👉 तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू, आज आपका पराक्रम रंग लाएगा। रोजी-रोजगार में तरक्की के योग हैं। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। व्यापार में लाभ होगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी, और आप आत्म-विश्वास से खिल उठेंगे। मित्रों का परामर्श आपके लिए मार्गदर्शक होगा।

धनु👉ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे, आज आपको जुआ, सट्टा या लॉटरी जैसे जोखिम भरे कामों से बचना चाहिए। अपनी जुबान पर नियंत्रण रखें, अन्यथा परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है। प्रेम और व्यापार दोनों के लिए दिन अच्छा है। दोस्ती और समझदारी से सफल निर्णय लेकर सकारात्मक माहौल बना सकते हैं।

मकर👉भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी ,आज आपके लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्य और व्यापार में तरक्की मिलेगी। कार्यक्षेत्र में प्रबंधन से जुड़े मामले आपके पक्ष में रहेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा और प्रेम-संतान का पूरा साथ मिलेगा। आज करियर संबंधी निर्णयों पर पुनर्विचार करने का समय है। रोमांटिक आकर्षण में स्पष्टता रखें।

कुंभ👉गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा, आज का दिन आपके लिए कुछ खर्चों वाला हो सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। यात्रा पर जाने के योग हैं। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें। स्वास्थ्य थोड़ा नरम-गरम रह सकता है। रोमांस बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।

मीन👉दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची, आज आपकी आय में वृद्धि हो सकती है। रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा। कार्यक्षेत्र में किए गए प्रयासों से लाभ मिलेगा। सेहत अच्छी रहेगी और पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा। किसी महत्वपूर्ण काम में आपको सफलता मिल सकती है। अनपेक्षित सफल अवसर, लचीलेपन की ज़रूरत है।

भारतीय नौसेना आन्द्रोत युद्धपोत को कमीशन करने के लिए तैयार – नए स्वदेशी जहाजों के साथ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर

भारतीय नौसेना 6 अक्टूबर, 2025 को विशाखापत्तनम स्थित नौसेना डॉकयार्ड में आयोजित होने वाले औपचारिक कार्यक्रम के दौरान दूसरे ‘आन्द्रोत’ जहाज को शामिल करने के लिए तैयार है। यह पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले पानी का युद्धपोत (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) है। इस समारोह की अध्यक्षता पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर करेंगे।

आन्द्रोत का नौसेना में शामिल होना भारतीय नौसेना की क्षमता वृद्धि और स्वदेशीकरण की दिशा में निरंतर प्रगति का एक अन्य महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कदम उस व्यापक विकास का हिस्सा है, जिसके तहत हाल के महीनों में कई अत्याधुनिक युद्धपोत नौसेना के बेड़े में शामिल किए गए हैं।

कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आन्द्रोत को 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ तैयार किया गया है। यह युद्धपोत

भारत की बढ़ती समुद्री आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह नवीन तकनीकों और स्वदेशी समाधानों के माध्यम से नौसेना की स्वदेशी क्षमता बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आन्द्रोत के नौसेना में शामिल होने से एएसडब्ल्यू क्षमताओं, विशेषकर तटीय जल में खतरों से निपटने की दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। यह कदम नौसेना के स्वदेशीकरण, नवाचार और क्षमता संवर्धन पर निरंतर फोकस को दर्शाता है। इसके साथ ही यह भारत की समुद्री सुरक्षा संरचना को सशक्त बनाने में जीआरएसई की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करता है।

हाल के महीनों में नौसेना में शामिल किए गए जहाज —अर्नाला, निस्तार, उदयगिरि, नीलगिरि और अब आन्द्रोत समुद्री अभियानों में संतुलित विकास की दिशा को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये जहाज आत्मनिर्भरता की भावना को मूर्त रूप देते हैं, जिनमें भारतीय शिपयार्ड और उद्योगों द्वारा प्रदान की गई स्वदेशी सामग्री, डिजाइन विशेषज्ञता तथा घरेलू नवाचार का उच्च प्रतिशत शामिल है।