महासमुंद : जिले की सभी शासकीय शालाओं में 06 से 08 अक्टूबर तक होगा सामाजिक अंकेक्षण जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश के लिए 7 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
महासमुंद 4 अक्टूबर 2025/ राज्य शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत जिले की सभी शासकीय शालाओं में 06 से 08 अक्टूबर 2025 तक सामाजिक अंकेक्षण का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव तथा अन्य विभागीय अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है।
जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि शाला स्तर पर भी समितियों का गठन किया गया है, जिसमें संकुल क्षेत्र की दूरस्थ शाला के प्रधानपाठक/प्राचार्य को अंकेक्षण प्रमुख नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, शाला प्रबंधन समिति के सक्रिय सदस्य तथा सामाजिक अंकेक्षण का अनुभव रखने वाले सदस्य भी समिति में शामिल किए गए हैं। समिति की मुख्य भूमिका समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना, अंकेक्षण टूल के उपयोग में दक्षता विकसित करना तथा अभियान की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार की निगरानी करना होगी। इस प्रक्रिया में स्थानीय समुदाय, पालक, शिक्षक एवं विद्यार्थी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
अभियान की तैयारी चरणबद्ध ढंग से की गई है। जिसमें जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का चयन, डीआरजी प्रशिक्षण, जिला स्तरीय समिति का गठन, सीएसी ऑनलाइन प्रशिक्षण, संकुल प्राचार्य एवं शिक्षकों का प्रशिक्षण, प्रत्येक ब्लॉक से 5-5 डाटा एंट्री ऑपरेटर नामित करना, बीआरजी बैठक एवं रुब्रिक्स तैयार करना, राज्य स्तरीय वेबिनार का आयोजन शामिल है तथा 02 अक्टूबर की ग्रामसभा में भी अंकेक्षण एजेंडा में शामिल किया गया।
जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश के लिए 7 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन महासमुंद 4 अक्टूबर 2025/ जवाहर नवोदय विद्यालय समिति द्वारा सत्र 2026-27 हेतु कक्षा 9वीं एवं 11वीं में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 07 अक्टूबर 2025 तय की गई है। चयन परीक्षा का आयोजन 07 फरवरी 2026 को किया जाएगा। समिति ने अभ्यर्थियों से समय पर आवेदन करने की अपील की है।
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जवाहर नवोदय विद्यालय समिति से मिली जानकारी अनुसार कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु के लिए अभ्यर्थी वर्ष 2025-26 में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत होना चाहिए तथा जन्मतिथि 01 मई 2011 के बीच होनी चाहिए। इसी तरह कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की हो तथा जन्मतिथि 01 जून 2009 के बीच होनी चाहिए। चयन परीक्षा ओएमआर आधारित होगी। प्रश्नपत्र हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा। कक्षा 9वीं हेतु आवेदन लिंक https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_9/ तथा कक्षा 11 वीं हेतु आवेदन लिंक https://cbseit ms.nic.in/2025/nvsxi_11/ है। इस सम्बंध में अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 93405- 03117 पर संपर्क कर सकते हैं।

रायपुर-एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए डॉ. हेमंत खटकर सहायक अध्यापक ने अपने आवश्यक काम के लिए विश्वविद्यालय से बाहर जा रहे थे तो देखा कि चार कार्टून सामान सड़क पर लावारिस पड़ा है, जिसमें ल्यूमिनस सोलर एनएक्सटी 130 एमआरपी 7400 रुपये लिखा है, इसका मूल्य 26900 होगा। आसपास पता करने पर सामान के मालिक का कुछ पता नहीं चला तो नेट में सर्च कर थाना आमानाका को फोन किया तब पक्ष थाना आमानाका के द्वारा 112 गाड़ी में तैनात जवान का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया, 112 वाहन में आए पुलिस के जवान अनिल चंद्राकर को डॉ. हेमंत खटकर ने अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए सामान को सुपुर्द किया। पुलिस ने सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्यवाही हेतु खाने में जमा कर दिया।

जिसका विवाह विदर्भ के राजा रुक्म की बहन रुक्मणि से हुआ था किंतु श्रीकृष्ण के रुक्मणि को भगा ले जाने के कारण के कारण शिशुपाल का युद्ध श्रीकृष्ण से हुआ था। इसी स्थान पर शिशुपाल पर्वत है जो सिरपुर से कुछ दूरी पर सरायपाली के समीप स्थित है, यात्री व्हेनसांग के वृतांत में लिखा है- दक्षिण कोसल की राजधानी से कुछ दूरी पर एक नरम पत्थर से बना पर्वत था। पर्वत को काट कर एक 5 मंजिला गुफा बनाई गई थी,बौद्ध दार्शनिक नागार्जुन यहीं निवास करते थे।
अंग्रेजों के काल में जब राजा-अंग्रेजों के बीच युद्ध हुआ,राजा वीरगति को प्राप्त हुए। बाद में राजा की 7 रानियों ने लाज बचाने 1 हजार फीट ऊंचाई सेघोड़े पर आँखों में पट्टी बांधकर छलांग लगा दिया,इसी वजह से इस जगह का नाम घोड़ाधार झरना पड़ा, शिशुपाल पर्वत में एक प्राचीन शिव मंदिर हैं,शिव समर्पित इस मंदिर के बाहर मकर संक्रांति पर विशाल मेला लगता है, हजारों की संख्या मेंश्रृद्धालु यहां आते हैं।कहते हैं इस सूर्यमुखी मंदिर में पहले हनुमान सिक्का जड़ा हुआ था जिसे बहुत शक्तिशाली- प्रभावशाली माना जाता था। लेकिन अब यहसिक्का गायब है।
