छत्तीसगढ़ : पुस्तकों की छपाई से लेकर परिवहन तक एक ही टेंडर के माध्यम हो: शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव  

छत्तीसगढ़ : पुस्तकों की छपाई से लेकर परिवहन तक एक ही टेंडर के माध्यम हो: शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव

 

छत्तीसगढ़ शाला प्रवेश उत्सव के समय ही छात्र-छात्राओं को वितरण की जाने वाली सामग्रियों की अग्रिम कार्ययोजना बनाकर समय पर कार्यवाही सुनिश्चित करें: मंत्री श्री गजेंद्र यादव’

स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) नवा रायपुर अटल नगर में शिक्षा विभाग की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में मंत्री श्री यादव ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तको की छपाई से लेकर परिवहन तक एक ही टेंडर के माध्यम से करने के निर्देश दिए ताकि समय कर राशि की बचत हो। बैठक में सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी, एमडी समग्र शिक्षा श्री संजीव कुमार झा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में सर्वप्रथम शिक्षकों की कमी को दूर करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति को ऑनलाइन एवं परिसर स्तर पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

बैठक में मंत्री ने कहा कि राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से की जाएगी। पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि अभी कितने स्थानों पर पुस्तक वितरण शेष है और कितनी अतिरिक्त मांग बची हुई है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में स्पष्टता होनी चाहिए और हर कार्य उसकी जिम्मेदार संस्था के माध्यम से ही किया जाए। समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम अब एससीईआरटी के माध्यम से अनिवार्य रूप से संचालित होंगे।

बैठक में भवनविहीन स्कूलों की स्थिति की जानकारी, उन्हें फुल फर्निश्ड स्कूलों के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक व्यय तथा तदर्थ स्कूलों की राशि पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री श्री यादव ने कहा कि बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए और राशि लैप्स न हो, इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए।

बड़े शहरों में जहां शासकीय भवन उपलब्ध हैं, वहाँ नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के सहयोग से कक्षाएं शुरू करने पर भी विचार किया गया। शाला त्यागी बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव के समय ही छात्र-छात्राओं को वितरण की जाने वाली सामग्रियों की अग्रिम कार्ययोजना बनाकर समय पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। स्कूलों की परीक्षा समाप्त होने के पश्चात शिक्षकों का जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण प्रारंभ कराया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत परीक्षा लेकर शिक्षकों की दक्षता का मूल्यांकन होगा। इसके लिए एक स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा और डीआईईटी/बीआईईटी को सशक्त बनाया जाएगा। मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बैठक के अंत में कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाएँ और कार्यक्रम समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लागू किए जाएं। मंत्री श्री यादव ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य करें।

 

Durga Puja Special train: दुर्गा पूजा पर इतवारी-शालीमार ट्रेन का संचालन बदला, रेलवे ने जारी की नई समय सारणी

Durga Puja Special train: दुर्गा पूजा पर इतवारी-शालीमार ट्रेन का संचालन बदला, रेलवे ने जारी की नई समय सारणी

 

छत्तीसगढ़ रेलवे प्रशासन ने दुर्गा पूजा के अवसर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) और शालीमार के बीच दुर्गा पूजा स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 08865 और 08866) चलाने का निर्णय लिया है।

यह ट्रेन 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक इतवारी से शालीमार और 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक शालीमार से इतवारी के बीच कुल 5 फेरे लगाएगी। भाटापारा रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन का दो मिनट का स्टॉपेज निर्धारित किया गया है।

नई समय सारणी

गाड़ी संख्या 08865 (इतवारी-शालीमार) की संशोधित समय सारणी के अनुसार यह ट्रेन

दुर्ग स्टेशन पर रात 9:40 बजे पहुंचेगी और 9:50 बजे रवाना होगी।

रायपुर स्टेशन पर रात 10:30 बजे पहुंचेगी और 10:40 बजे प्रस्थान करेगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना नई समय सारणी के अनुसार बनाएं।

CG News: जादुई कलश के नाम पर एक करोड़ नब्बे लाख की ठगी, चार गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

CG News: जादुई कलश के नाम पर एक करोड़ नब्बे लाख की ठगी, चार गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

 

छत्तीसगढ़: पत्थलगांव जादुई कलश को विदेश में बेचकर करोड़ों की कमाई का झांसा देकर प्रदेश के अलग-अलग जिले में 1 करोड़ 90 लाख रुपये की ठगी करने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में जशपुर पुलिस ने चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। मामले का मास्टर माइंड आरोपित फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि मामला पुलिस के सामने 7 सितंबर को उस समय सामने आया ज़ब पत्थलगांव थाना में प्रार्थिया अमृता बाई ने शिकायत की।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 ने आरोपित तुरेन्द्र कुमार उर्फ़ मनीष दिव्य और राजेंद्र दिव्य के साथ प्रकाश धृतलहरे और उपेंद्र सारथी ने उसे बताया कि कोरबा जिले के मड़वारानी के प्रसिद्ध शक्तिपीठ में एक जादुई कलश मिला है। जिसकी कीमत करोड़ों में है। इस कलश को विदेश में बेचने से करोड़ों रुपये मिलने वाला है। इस राशि को चुने हुए लोगों को अनुदान के रूप में 1 से 5 करोड़ रुपये दिया जाएगा। इसके लिए आरपी ग्रुप कंपनी से जुड़ना होगा। शातिरों ने कंपनी से जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन और केवाईसी शुल्क के रूप में 2500 रुपये ले लिए।

राशि देने के चार साल बाद भी कुछ ना मिलने ओर पीड़िता ने आरोपितों से संपर्क किया तो टालमटोल करने लगे। पीड़िता की शिकायत पर कांसाबेल पुलिस ने आरोपितो के विरुद्ध धारा 420,34 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एसएसपी सिंह ने बताया जांच में इन शातिरों द्वारा जशपुर के अलावा सरगुजा और बिलासपुर संभाग में 1 करोड़ 90 लाख की ठगी करने की पुष्टि हुई है। ठगो के इस गिरोह को पकड़ने के लिए एसएसपी ने पत्थलगांव के टीआई विनीत पांडे के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया।

एसआईटी की अब तक की जांच में इस गिरोह के द्वारा जशपुर, कोरबा, विलासपुर और रायगढ़ जिले में ठगी करने का मामला सामने आया है। एसएसपी का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में ठगी की रकम बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोरबा जिले के भदरापारा निवासी तुरेन्द्र उर्फ़ मनीष दिव्य (38), जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के गोढ़ीकला निवासी प्रकाशचंद्र धृतलहरे (40), रायपुर के कबीर नगर निवासी राजेंद्र कुमार दिव्य (46) और सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के लीचीरमा निवासी उपेंद्र कुमार (56) को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा ने जेल भेज दिया है। वही इस पूरे मामले का मास्टर माइंड महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर फरार है।

ठगी के लिए बनाई फर्जी कंपनी

एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने जानकारी दी कि उन्हें मुख्य आरोपित महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर ने बताया था कि उसके पास एक जादुई कलश है जो चावल को अपनी ओर खींचता है। महंगे धातु से बने इस कलश की कीमत विदेशों में अरबों रुपये है। वह इतनी बड़ी रकम अकेले नहीं ले सकता इसलिए 20 लोगों के साथ मिल कर एक कंपनी बनाया गया है। इस कंपनी का मुखिया उसे नियुक्त किया गया है। कंपनी के प्रत्येक सदस्य को अनुदान के रूप में एक से पांच करोड़ तक दिया जाएगा। सदस्य बनाने के नाम पर शातिरों ने 25 से 70 हजार रुपये की ठगी की है ।

पत्थलगांव में दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान ठगी का यह बड़ा मामला उजागर हुआ है। अब तक की जांच में जशपुर,कोरबा,सरगुजा में 1 करोड़ 90 लाख की ठगी की पुष्टि हुई है। जांच जारी है,ठगी की रकम बढ़ सकती है। इस मामले में चार आरोपितो को गिरफ्तार किया गया है। बाकी की तलाश जारी है। – शशि मोहन सिंह,एसएसपी,जशपुर।

छत्तीसगढ़ में अगले शिक्षा सत्र से पहले ही होगी 5 हजार शिक्षकों की भर्ती, शिक्षा मंत्री ने ली बैठक

छत्तीसगढ़ में अगले शिक्षा सत्र से पहले ही होगी 5 हजार शिक्षकों की भर्ती, शिक्षा मंत्री ने ली बैठक

 

छत्तीसगढ़: अगले शिक्षा सत्र से पहले ही पांच हजार शिक्षकों की भर्ती कर ली जाएगी। साथ ही राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से की जाएगी। शुक्रवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों के साथ बैठक की और निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तकों की छपाई से लेकर परिवहन तक एक ही टेंडर के माध्यम से करने के निर्देश दिए ताकि समय के साथ राशि की बचत हो।

बैठक में सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक ऋतुराज रघुवंशी, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव कुमार झा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षकों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति को ऑनलाइन एवं परिसर स्तर पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि अभी कितने स्थानों पर पुस्तक वितरण शेष है और कितनी अतिरिक्त मांग बची हुई है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में स्पष्टता होनी चाहिए और हर कार्य उसकी जिम्मेदार संस्था के माध्यम से ही किया जाए। समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम अब एससीईआरटी के माध्यम से अनिवार्य रूप से संचालित होंगे।

बैठक में भवनविहीन स्कूलों की स्थिति की जानकारी, उन्हें फुल फर्निश्ड स्कूलों के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक व्यय तथा तदर्थ स्कूलों की राशि पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री श्री यादव ने कहा कि बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए और राशि लैप्स न हो, इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए।

नीट और जेईई के लिए शुरू होंगी कक्षाएं

बड़े शहरों में जहां शासकीय भवन उपलब्ध हैं, वहां नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के सहयोग से कक्षाएं शुरू करने पर भी विचार किया गया।

शाला त्यागी बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। यादव ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव के समय ही छात्र-छात्राओं को वितरण की जाने वाली सामग्रियों की अग्रिम कार्ययोजना बनाकर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्कूलों की परीक्षा समाप्त होने के पश्चात शिक्षकों का जिला एवं ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण प्रारंभ कराया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत परीक्षा लेकर शिक्षकों की दक्षता का मूल्यांकन होगा। इसके लिए एक स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा।

महासमुंद: कोमाखान में अवैध शराब गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार

महासमुंद: कोमाखान में अवैध शराब गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार

 

महासमुंद जिले के थाना कोमाखान क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की बिक्री करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। थाना कोमाखान में प्रधान आरक्षक की देखरेख में 12 सितंबर 2025 को मुखबीर से सूचना मिली कि गणेश चौक के पास ग्राम लुकुपाली में एक व्यक्ति लोगों को अवैध शराब पिला रहा है।

सूचना पर हमराह स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। पुलिस ने शराब पीने वाले राहगीरों जितेन्द्र धीवर और मुकेश यादव को नोटिस देते हुए कार्रवाई में सहयोग लिया। मौके पर पुलिस को देखकर शराब पीने वाले भाग गए, लेकिन अवैध शराब उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति ललित ध्रुव (वयः 50, निवासी वार्ड 14, लुकुपाली, कोमाखान) को पकड़ लिया गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 03 खाली प्लास्टिक डिस्पोजल गिलास और 03 देशी शराब की खाली 180 मि.ली. शीशियाँ बरामद कीं, जिनमें शराब की गंध मौजूद थी। आरोपी के पास कोई लाइसेंस नहीं होने के कारण उसे धारा 36(C) आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।

जमानत योग्य होने के कारण आरोपी को मौके पर सक्षम जमानतदार के जरिए जमानत मुचलका में रिहा कर दिया गया। पुलिस ने मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस ने जनता से अपील की है कि अवैध शराब के किसी भी मामले की सूचना तुरंत थाने को दें।

गरियाबंद में 10 नक्सली ढेर, 5.22 करोड़ के इनामी जिनमें शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हैं।

गरियाबंद में 10 नक्सली ढेर, 5.22 करोड़ के इनामी जिनमें शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हैं।

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई लंबी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। थाना मैनपुर क्षेत्र के राजाडेरा-मटाल पहाड़ियों में हुए इस ऑपरेशन में 10 नक्सली मारे गए, जिनमें शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हैं। मारे गए नक्सलियों पर कुल 5.22 करोड़ का इनाम घोषित था।

मारे गए नक्सली नेता

मारे गए नक्सलियों में सेंट्रल कमेटी सदस्य मोडेम बालाकृष्णा उर्फ मनोज, ओडिशा राज्य कमेटी के सदस्य प्रमोद उर्फ पंडरन्ना और विमल उर्फ जाडी वेंकट जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी और डिवीजन स्तर के अन्य नक्सली कैडर भी ढेर हुए हैं। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एके-47, इंसास, एसएलआर सहित 10 हथियार, विस्फोटक और माओवादी साहित्य बरामद किया गया है।

कैसे चला ऑपरेशन

गरियाबंद पुलिस की ई-30, एसटीएफ, सीएएफ और कोबरा 207 की संयुक्त टीम ने 10 सितंबर को विश्वसनीय सूचना पर अभियान शुरू किया था। 11 सितंबर की दोपहर से शुरू हुई गोलीबारी 12 सितंबर सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही। इस दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

अधिकारियों के बयान

पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा – “गरियाबंद नक्सलवाद समाप्त करने के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। जो लोग भ्रमित होकर हिंसा की राह पर हैं, उन्हें आत्मसमर्पण कर सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए।”

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने कहा – “मानसून जैसी विषम परिस्थितियों में मिली यह सफलता सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। अभियान लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में स्थाई शांति स्थापित की जाएगी।”

प्रेसवार्ता

संयुक्त प्रेसवार्ता में एडीजी विवेकानंद सिन्हा, आईजी अमरेश मिश्रा, आईजी सीआरपीएफ सालीन, एसपी निखिल राखेचा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है और आगे भी अभियान तेज़ किया जाएगा।

महासमुंद:  बसना परसकोल चौक पर मोटरसाइकिल से 2.5 किलो गांजा बरामद, दो युवक गिरफ्तार

महासमुंद:  बसना परसकोल चौक पर मोटरसाइकिल से 2.5 किलो गांजा बरामद, दो युवक गिरफ्तार

 

महासमुंद जिले के थाना बसना क्षेत्र में आज (12 सितंबर 2025) एक बड़ी नशीली द्रव्यों की कार्रवाई हुई। थाना बसना में सउनि0 जयंत बारीक की अगुवाई में पुलिस टीम वाहन चेकिंग के दौरान परसकोल चौक बंसुला में दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली।

पुलिस के अनुसार, आरोपी नागेश उर्फ आकाश पेंडरिया (23, निवासी पाटन, दुर्ग) और आकाश नेताम (20, निवासी सिकोला, दुर्ग) मोटरसाइकिल स्प्लेंडर प्लस क्रमांक CG07CH5763 में सफेद थैला लेकर जा रहे थे। तलाशी के दौरान थैले में 2.5 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 40,000 रुपये बताई गई है।

बरामदगी के साथ ही पुलिस ने मौके पर धारा 20(ख) नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके परिजनों को सूचित किया।

पुलिस ने बरामद गांजा, मोटरसाइकिल, दो मोबाइल और अन्य संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लिया। जांच के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे उड़ीसा से गांजा लेकर पाटन दुर्ग के चिल्हर-पुडिया में बेचने जा रहे थे।

थाना बसना पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के कारोबार पर कड़ी चेतावनी मिलती है और जिले में नशा विरोधी अभियान को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

छत्तीसगढ़: सनसनीखेज वारदात: परिवार के 4 सदस्यों की हत्या, लाशें बाड़ी में दफन

छत्तीसगढ़: सनसनीखेज वारदात: परिवार के 4 सदस्यों की हत्या, लाशें बाड़ी में दफन

रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक ही परिवार के 4 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चों के शव घर के पीछे बाड़ी में गड्ढा खोदकर दफनाए मिले। घटना का खुलासा तब हुआ जब गांव में बदबू फैलने लगी और पुलिस ने मिट्टी खोदकर लाशें बाहर निकालीं।

मृतकों की पहचान बुधराम उरांव (40), पत्नी सहोद्रा (35), बेटा अरविंद (12) और बेटी शिवांशी (6) के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में अनुमान है कि चारों की हत्या नींद में ही की गई, क्योंकि शवों पर प्रतिरोध के निशान नहीं पाए गए। घटनास्थल से कुल्हाड़ी, हंसिया और लोहे की रॉड बरामद की गई है, जिन पर खून के दाग भी मिले हैं।

पड़ोसी पर शक, चोरी की शिकायत से था विवाद

गांव वालों ने हत्या का शक पड़ोसी और उसके नाबालिग बेटे पर जताया है। आरोप है कि कुछ महीने पहले पड़ोसी के बेटे ने मृतक के घर से धान की चोरी की थी, जिसकी शिकायत मृतक की पत्नी ने थाने में की थी। इसके अलावा संपत्ति विवाद और जमीन मुआवजे की राशि को लेकर भी हत्या की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस की जांच जारी

घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बिलासपुर रेंज के आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और एसपी दिव्यांग पटेल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम भी जांच में जुटी है।

स्निफर डॉग घटनास्थल से सीधे मृतक के भतीजे के घर के सामने तक गया, जिससे शक और गहरा हो गया है। फिलहाल, पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और सभी एंगल से जांच कर रही है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम ने बताया कि हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

👉 यह घटना पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर रही है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।

CG बसना : 20 साल पहले मुंबई में लापता हुए युवक की दर्दनाक सच्चाई, अब मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 50 हजार की रिश्वत की मांग, आरोप है की अब गवाह को भी धमकाया जा रहा है

CG बसना : 20 साल पहले मुंबई में लापता हुए युवक की दर्दनाक सच्चाई, अब मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 50 हजार की रिश्वत की मांग, आरोप है की अब गवाह को भी धमकाया जा रहा है

बसना (महासमुंद)।
छत्तीसगढ़ के बसना ब्लॉक के ग्राम सलखंड का एक गरीब परिवार बीते दो दशकों से दर्द और इंतजार के बीच जी रहा है। करीब 20 साल पहले गुम इंसान मूल चंद्र साहू अपने गाँव के 4 साथियों के साथ रोज़गार की तलाश में मुंबई गया था। उसके साथी वापस लौट आए, लेकिन वह नहीं लौटा। घरवालों को बताया गया कि वह मुंबई में कहीं गुम हो गया है।

परिवार ने वर्षों तक उसके लौटने का इंतजार किया, लेकिन एक साल पहले उसके ही एक साथी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने मृतक के भाई गोपी नाथ साहू को बताया कि मुंबई में समुद्र में आई बाढ़ के दौरान वह बह गया और उसकी ओ लापता हो गया उसके साथियों ने उसको मृत ही माना भाई ने यह दर्दनाक सच अपने सीने में दबाए रखा, लेकिन आखिरकार सच्चाई सामने आई।

सच्चाई सामने आने के बाद मृतक के परिवार ने गांव में दशगात्र और अंतिम संस्कार की रस्में करने की भी तैयारी की थी। लेकिन आरोप है कि पंचायत के सरपंच और सचिव ने खुद परिजनों से संपर्क कर कहा कि पहले मृत्यु प्रमाण पत्र बनना जरूरी है, उसके बाद ही अंतिम कार्यक्रम करें। इसके बदले उन्होंने 50,000 रुपये की मांग की।

परिजनों का कहना है कि उन्होंने किस्तों में लगभग 30,000 रुपये दे भी दिए — कभी ऑनलाइन तो कभी नकद। गवाह भी मौजूद हैं। लेकिन अब भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ और शेष 20,000 रुपये की मांग की जा रही है।

इतना ही नहीं, जब इस पूरे मामले में गवाहों ने आवाज उठाई तो उन्हें सरपंच और उसके लोगों द्वारा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी तक दी गई। एक गवाह ने डर के कारण गांव छोड़कर छिपना पड़ा। पीड़ित परिवार ने बताया कि धमकी से जुड़ा वीडियो भी वायरल हुआ है।

पीड़ित पक्ष ने भंवरपुर चौकी में आवेदन देकर मृतक की घटना का पूरा विवरण दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने “एक साल से ज्यादा वक्त गुजर जाने पर गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने” का हवाला देते हुए आवेदन लेने से इनकार कर दिया।

अब परिजन ने जनपद पंचायत बसना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। गरीब परिवार की यह पीड़ा सिर्फ एक प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार की गहरी तस्वीर भी बयां करती है।

मामले मे पंचायत सचिव को पक्ष जानने दूरभाष के माध्यम से कई बार सम्पर्क किया गया घंठी बजती रही ओ फोन नहीं उठाये!

CG : पिथौरा से भीखापाली, रामपुर और थरगांव को जोड़ेगी नई सड़क, 11.09 करोड़ की परियोजना को मंजूरी, विधायक ने मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री जताया आभार

CG : पिथौरा से भीखापाली, रामपुर और थरगांव को जोड़ेगी नई सड़क, 11.09 करोड़ की परियोजना को मंजूरी, विधायक ने मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री जताया आभार

छत्तीसगढ़ के बसना विधानसभा में विकास कार्यों की रफ्तार तेज़ हो रही है। अब पिथौरा से भीखापाली, रामपुर और थरगांव मार्ग के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। कुल 8.60 किलोमीटर लंबी इस सड़क और पुलिया निर्माण के लिए राज्य सरकार ने ₹11 करोड़ 9 लाख 85 हज़ार की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

यह परियोजना क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के सतत प्रयासों से संभव हो सकी है। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन विकास मंत्री श्री अरुण साव का आभार जताया। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह सड़क निर्माण न केवल आवागमन को आसान बनाएगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और कृषि क्षेत्र को भी नई गति देगा।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र की एक लंबे समय से लंबित मांग थी, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है। सड़क निर्माण से पिथौरा, भीखापाली, रामपुर और थरगांव सहित आसपास के गाँवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे लोगों का समय और धन दोनों की बचत होगी।

विधायक ने कहा कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा ताकि जनता जल्द से जल्द इसका लाभ ले सके। उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बसना विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी वे इसी तरह कार्य करते रहेंगे।