महासमुंद / रेत खदान समूहों के नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से दो आवेदकों का नाम

महासमुंद / रेत खदान समूहों के नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से दो आवेदकों का नाम

महासमुंद,25 सितंबर 23/ जिले में विगत 16 सितम्बर से 22 सितंबर 2023 तक रेत खदान समूहों के नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) ग्राम बड़गांव के लिए कुल 456 आवेदन प्राप्त हुआ था तथा ग्राम बल्दीडीह के लिए कुल 102 आवेदन प्रात हुआ था।

आज सोमवार को अपर कलेक्टर श्री दुर्गेश वर्मा एवं खनिज अधिकारी श्री सनत कुमार साहू, खनि निरीक्षक श्री उमेश भार्गव एवं अन्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में जिला पंचायत के सभा


कक्ष में प्राप्त सभी आवेदनों का जांच किया गया। जांच अधिकारियों द्वारा ग्राम बड़गांव में 05 आवेदन पत्र में त्रुटि पाये जाने के कारण निरस्त किया गया तथा ग्राम बल्दीडीह के 102 आवेदन पात्र पाया गया । ग्राम बड़गांव में 451 आवेदन पात्र एवं सही पाया गया।

खनिज अधिकारी श्री सनत साहू ने बताया कि सभी आवेदन पत्रों में लाटरी सिस्टम से पात्र आवेदन के नाम का चिट बनाया गया।

जिसमें से ग्राम बड़गांव रेत खदान के लिए श्री विष्णु प्रसाद अग्रवाल निवासी मेन रोड सरकंडा वार्ड नं0 47 नया सरकंडा, जिला बिलासपुर (छ0ग0) एवं ग्राम बल्दीढीह रेत खदान के लिए श्री रोहित साहू निवासी हाउस नं० 46 बनिया टोली जशपुर जिला जशपुर (छ0ग0) के नाम पर लाटरी सिस्टम के आधार से दोनों आवेदकों के नाम पर नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) द्वारा निकला है।

CG-/ आचार संहिता जल्द ही जारी होने के संकेत 72 घण्टे के अंदर धरातल पर प्रारम्भ हुए निर्माण कार्यो की जानकारी मांगी गई है ताकी आचार संहिता का उल्लंघन ना हो क्या रहेगा प्रतिबन्ध

CG-/ आचार संहिता जल्द ही जारी होने के संकेत 72 घण्टे के अंदर धरातल पर प्रारम्भ हुए निर्माण कार्यो की जानकारी मांगी गई है ताकी आचार संहिता का उल्लंघन ना हो क्या रहेगा प्रतिबन्ध

छत्तीसगढ़ हेमन्त वैष्णव 9131614309

छत्तीसगढ़ में अब जल्द ही आदर्श आचार संहिता लगने को लेकर संकेत मिले है कार्यलय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के आदेश के अनुसार समस्त कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को विधानसभा निर्वाचन की घोषणा के 72 घण्ठे के भीतर धरातल पर प्रारम्भ हुए निर्माण कार्यो की जानकारी प्राप्त के सम्बंध में आदेश जारी करते हुए लिखा है

की भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा आसन्न विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ साथ राज्य में आचार संहिता प्रभावशील हो जाएगी

उक्त सम्बन्ध में लेख है की राज्य में आचार संहिता प्रभावशील होने के साथ विभिन्न योजनाओं के तहत कोई भी परियोजनाओ निर्माण कार्य वित्त अनुदान की घोषणा ,शिलान्यास , प्रारम्भ आदि कार्यो पर आचार संहिता प्रभावशील अवधि के दौरान तक पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा

प्रायः यह देखा गया है की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने के उपरांत भी कई विभागों के द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन किया जाता है विदित हो की उपरोक्त प्रतिबंध समान रूप से नई योजनाओं और साथ ही चल रही योजनाओं पर भी लागू होते है

आसन्न विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए निर्वाचन की घोषणा के 72 घण्टे के भीतर धरातल पर प्रारम्भ हुए निर्माण कार्यो की जानकारी सभी वकर्स विभाग नगरीय निकाय , जिला पंचायत , जनपद पंचायत से प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करने आदेश जारी किया गया है ।

पिथौरा -/ बीजेपी नेता ने बैनर पोस्टर से भर दिया सहर आज परिवर्तन यात्रा के आगमन पर बड़ी तैयारियां

पिथौरा -/ बीजेपी नेता ने बैनर पोस्टर से भर दिया सहर आज परिवर्तन यात्रा के आगमन पर बड़ी तैयारियां

छत्तीसगढ़ में आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्दे नजर अपने अपने पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है छत्तीसगढ़ में फिलहाल कांग्रेस और बीजेपी का ज्यादातर समर्थक है अभी तक किसी अन्य पार्टियों को उतना ज्यादा वेल्यू नही मिल पाया है हालांकि आम आदमी पार्टी भी इस साल भारी जोर लगा रही है ।

अभी वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बीजेपी छत्तीसगढ़ के अलग विधानसभाओ में परिवर्तन यात्रा निकाल रही आज महासमुन्द पिथौरा में भी परिवर्तन यात्रा कार्यक्रम है

 


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव के नेतृत्व में विशाल परिवर्तन यात्रा 24 सितम्बर को संध्या पिथौरा पहुंच रही है बीजेपी नेता सम्पत अग्रवाल ने पिथौरा में जोरो सोरों से बैनर पोस्टर लगवाएं है हर जगह डॉ सम्पत अग्रवाल का लगाया ही बैनर ज्यादा देखने को मिल रहा है

इस यात्रा में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के अनेक बड़ें नेता शिरकत करेंगे। भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बनाने के लिए पिथौरा मंडल ने जोरदार तैयारी की है।

भाजपा नेताओं का दावा है कि दस हजार से ज्यादा लोग इस सभा का हिस्सा बनेंगे। यात्रा की अगवानी दो हजार मोटरसायकल की रैली के साथ युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गगनभेदी नारों के साथ करेंगे। पूरे शहर को बेहद आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा।

दो सौ स्वागत द्वार,पांच सौ झंडे और बेनर पोस्टर से शहर को पाट दिया जाएगा। कर्मा पार्टी,पंथी नृत्य ,सुआ नाच, राउत नाच,कीर्तन मंडली के साथ लोक संगीत और लोक नृत्य की बीस से अधिक टीमें पूरे आयोजन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगी। स्वागत में शानदार आतिशबाजी और पटाखे आकर्षण का केंद्र बनने।रात्रि छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक का आयोजन होगा।अतिथियो का स्वागत अभूतपूर्व पुष्पवर्षा से होगा। जो बेहद अद्भुत और दर्शनीय होगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बैठकों का दौर चल रहा है। कार्यकर्ताओ के मध्य जिम्मेदारी बांटी जा रही है।
कार्यकर्ताओ में कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साह है।

महासमुन्द -/  देह दान करेंगे मरणोपरांत 30 वर्षीय युवक गुरु प्रेम साहू वर्तमान में वे पशु चिकित्सा विभाग में पशु परिचालक के पद पर है पदस्थ

महासमुन्द -/  देह दान करेंगे मरणोपरांत 30 वर्षीय युवक गुरु प्रेम साहू वर्तमान में वे पशु चिकित्सा विभाग में पशु परिचालक के पद पर है पदस्थ

जिले में आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत अंगदान की मुहिम चलाई जा रही है जिसे प्रभावित होकर श्री गुरु प्रेम साहू पिता स्वर्गीय श्री पंचराम साहू ग्राम चोरभट्टी निवासी 30 वर्षीय युवक ने मरणोपरांत देह दान की घोषणा की है और इस आशय का फार्म भरकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है।

वर्तमान में वे पशु चिकित्सालय महासमुंद में पशु परिचालक के पद पर कार्यरत है। जिन्होंने शनिवार 23 सितंबर 2023 को अपने इच्छा अनुसार मरणोपरांत अपने देह का दान मेडिकल कॉलेज महासमुंद को किया है।

श्री साहू ने कहा कि अगर मरणोपरांत मेरे शरीर का सदुपयोग किसी अनुसंधान कार्य के लिए या किसी की जीवन को बदलने के लिए किया जाता है तो यह मेरे लिए सबसे पुण्य का कार्य है।

उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक गौरवान्वित करने वाला निर्णय है ।स्वास्थ्य विभाग ने युवक प्रेम साहू के इस कार्य की प्रशंसा की है।

श्री प्रेम साहू के इस घोषणा से छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ जिला शाखा महासमुंद ने गौरवान्वित होते हुए बहुत-बहुत शुभकामनाये दी है एवं धन्यवाद ज्ञापित किया है।


यह जानकारी उमेश कुमार साहू जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ जिला महासमुंद ने दिया है।

बसना -/ कार्यवाही नही होने के आरोप एसडीपीओ कार्यालय को घेराव करेंगे बसना बजरंग दल के कार्यकर्ता  वही पूर्व में एसडीओपी ने कहा था कि मामला आपसी लेन देन का है जांच किया का रहा है जांच के उपरांत ही कार्यवाई की जाएगी

बसना -/ कार्यवाही नही होने के आरोप एसडीपीओ कार्यालय को घेराव करेंगे बसना बजरंग दल के कार्यकर्ता  वही पूर्व में एसडीओपी ने कहा था कि मामला आपसी लेन देन का है जांच किया का रहा है जांच के उपरांत ही कार्यवाई की जाएगी

ऑनलाइन ठगी के मामले में अबतक कोई कार्यवाही नही होने के कारण राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा S D O P सरायपाली का घेराव की तैयारी की जा रही है गुरुवार 28 तारीख को जिले भर के प्रमुख कार्यकर्ता रहेंगे उपस्थित जिला अध्यक्ष मोहन सोनवानी ने

बताया अगर S D O P द्वारा भी अगर कार्यवाही नही होती है तो पुलिस अधीक्षक महासमुंद का घेराव प्रांतीय टोली के द्वारा किया जायेगा जिसमे प्रान्त के सभी कार्यकर्ता होंगे शामिल


वही पूर्व में एसडीओपी ने कहा था कि मामला आपसी लेन देन का है जांच किया का रहा है जांच के उपरांत ही कार्यवाई की जाएगी

बता दे कि ऑनलाइन ठगी के आरोपी के ऊपर कार्यवाही के लिए प्रार्थी किशन सेन द्वारा 24अगस्त को बसना थाना में तौसीफ रजा के खिलाफ में लिखित शिकायत किया था कि उसके अकाउंट को हैक कर 2 लाख 80 हजार रूपये की ठगी की गई जिस पर 10 दिन बीत जाने के बाद भीपुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई जिससे प्रताड़ित होकर

आवेदक किशन सेन ने थाना परिसर में ही जहर पी लिया था परंतु आज तक उस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नही किया जा रहा है ।

छत्तीसगढ़ / शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया ।

छत्तीसगढ़ / शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया ।

रायपुर : शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पूरी तरह हुआ पालन
रायपुर 22 सितंबर 2023

प्रदेश में वर्तमान में शिक्षकों की भर्ती की कार्यवाही प्रकियाधीन है, शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में शिक्षक संवर्ग के कुल 5090 पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जा रही है। जिनमें से अनारक्षित वर्ग के कुल 905 पद है।

 


उल्लेखनीय है कि नियमानुसार मेरिट में उपर आने पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को भी अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति की पात्रता होती है। इस नियम का पालन करते हुये जिन 895 अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति पत्र जारी किया गया/किया जा रहा है, उनमें से 48 अनुसूचित जाति, 04 अनुसूचित जनजाति, 623 अन्य पिछड़ा वर्ग, तथा 220 अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी के है। इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है और किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी के साथ अन्याय नही किया गया है। इसके बाद भी यदि किसी अभ्यर्थी का दावा है कि मेरिट में उसके नीचे के किसी व्यक्ति को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति दी गई है तो वह तत्काल संचालक लोक शिक्षण को आवेदन दे सकता है। संचालक द्वारा समय-सीमा में ऐसे आवेदनों का निराकरण किया जायेगा।


यह भी उल्लेखनीय है कि शिक्षक भर्ती में काउंसलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रकिया अभी भी जारी है और आरक्षित वर्ग के अनेक अभ्यर्थियों को तृतीय चरण के दस्तावेज सत्यापन हेतु दिनांक 29 एवं 30 सितम्बर 2023 को बुलाया गया है।

ऊंट पर निकली सवारी, प्लास्टिक को मिली अनोखी की विदाई प्लास्टिक रूपी दानव को विदा करते वक्त लोगों ने की जूते-चप्पलों से पिटाई

ऊंट पर निकली सवारी, प्लास्टिक को मिली अनोखी की विदाई प्लास्टिक रूपी दानव को विदा करते वक्त लोगों ने की जूते-चप्पलों से पिटाई

 

कहते हैं … हथौड़ा इतना वजनदार चलाओ कि चोट का असरदार हो, जो लोहे का भी आकार बदल सके। जागरूकता अभियान तो बहुत चलाए जाते हैं पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जो हुआ, ऐसा जुलूस शायद ही कभी कहीं निकाला गया हो। यहां खुशरू बाग लीडर रोड पर जल कल विभाग नगर निगम प्रयागराज की ओर से एक निराली विदाई यात्रा निकाली गई। यह थी ‘प्लास्टिक की विदाई यात्रा’, जो कि स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत निकाली गई थी। लोगों तक प्लास्टिक की विदाई करने के लिए प्रेरित करने का यह अंदाज भले ही व्यंग्य से भरपूर रहा, मगर मामला बहुत गंभीर और उद्देश्य बेहद नेक था। व्यंग्य में दिया गया संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है, बस यही वजह रही कि प्रयागराज नगर निगम ने यह तरीका अपनाया।

 

अब मन में सवाल आएगा कि प्लास्टिक की विदाई यात्रा में खास क्या है, तो भैया विदाई यात्राएं तो तमाम तरह की निकलती हैं, राजनीतिक रैलियों में तो कई बार विरोध स्वरूप किसी जिंदा आदमी की शव यात्रा तक निकाल दी जाती है। खैर, अभी तक तो आपने प्लास्टिक के बैन होने, उसके खिलाफ एक्शन और रिकवरी होने, बैन हो चुकी प्लास्टिक के इस्तेमाल पर चालान या ‘सिंगल यूज प्लास्टिक को ना’ कहने के लिए प्रेरित करने वाले जागरूकता अभियान के बारे में ही देखा या सुना होगा। पर, सभी मामलों में प्लास्टिक निर्जीव होती है, कहने का मतलब जिंदा नहीं होती। सुनकर भले ही हैरानी हो, मगर प्रयागराज में जो विदाई यात्रा निकाली गई उसमें प्लास्टिक जिंदा नजर आई। इस अनोखी विदाई यात्रा में कई बातें निराली थीं, क्योंकि यहां प्लास्टिक जिंदा ही नहीं, बल्कि काफी भयानक और हिंसक प्रवृत्ति की दिखाई दी, जिसके हाथ में तलवार भी थी।

दरअसल इस विदाई यात्रा में प्लास्टिक रूपी दानव दिखाया गया, तो तलवार लेकर मजाकिया अंदाज में ही सही लोगों की जान लेने को तैयार बैठा था। बाकायदा एक बग्गी के आगे प्लास्टिक की विदाई यात्रा का बैनर लेकर निगमकर्मी चल रहे थे। किसी बारात की तरह ढोल नगाड़े बजाए गए और दूल्हे की तरह प्लास्टिक के वेश में एक व्यक्ति ऊंट पर बैठा हुआ था। अच्छी खासी संख्या में बाराती, या कहें क्षेत्रीय लोग, निगम अधिकारी और कर्मचारी इस विदाई यात्रा में शामिल हुए। भले ही विदाई यात्रा निकल रही थी, पर सजे-धजे ऊंट पर सवार प्लास्टिक रूपी दानव मस्ती से झूमता और नाचता दिखाई दिया। एक अन्य ऊंट पर प्लास्टिक को अलविदा कहने के लिए विकल्प सुझाने के संदेश दिए गए। प्लास्टिक के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी, पर इस विदाई यात्रा में आए बाराती दुखी नहीं थे, बल्कि प्लास्टिक की विदाई पर नाचते हुए नारे लगा रहे थे।

जैसा कि संदेश देने का अंदाज अनोखा था, तो हर किसी का ध्यान वास्तव में इस विदाई यात्रा पर जा रहा था, कोई हैरान, तो कोई परेशान था कि यह भला कैसी यात्रा है। पर संदेश बिल्कुल साफ था इसलिए किसी को समझने में ज्यादा देर नहीं लगी कि यहां प्लास्टिक को हमेशा के लिए अपनी जिंदगी से दूर करने की बात चल रही है। यह यात्रा बाजारों, कॉलोनियों और गली मोहल्लों से गुजरी और लोगों के दिमाग पर उसी जोरदार हथौड़े की वार करते हुए जागरूकता फैलाने का काम किया, जिसकी चोट से लोग सोचने को मजबूर हो जाएं और प्लास्टिक इस्तेमाल करने के प्रति अपने व्यवहार में परिवर्तन लाएं। अंत में चार कंधों पर लोगों ने प्लास्टिक रूपी हैवान को उठाकर कचरा ढोने वाले वाहन में फेंक दिया और फिर उसकी जूते-चप्पलों से पिटाई की गई। यह दानव अपनी विदाई के दौरान कभी तड़पता दिखा, तो कभी मरने और खत्म होने का नाटक करता दिखा, जिसे देख लोगों की हंसी छूट गई। इस तरह हंसते-हंसाते, पिटते-पिटाते प्लास्टिक रूपी दानव तो वहां से चला गया, पर सभी के दिलो-दिमाग पर यह असर छोड़ गया कि अब हमेशा के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करना है। क्योंकि यह प्लास्टिक हमारे ही नहीं, बल्कि हमारी पूरी प्रकृति के लिए नुकसानदायक है। जहां हमें कैंसर जैसी बीमारियां दे रही है, वहीं लंबे समय तक नष्ट नहीं होने वाली यह प्लास्टिक धरती को भी बंजर बना सकती है।

महासमुन्द -/ 2 करोड़ रु की प्राचीनतम मूर्ति की तस्करी करते 03 अंतरर्राज्जीय तस्कर गिरफ्तार मूर्ति की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2,50,00000₹(दो करोड़ पचास लाख रुपये)

महासमुन्द -/ 2 करोड़ रु की प्राचीनतम मूर्ति की तस्करी करते 03 अंतरर्राज्जीय तस्कर गिरफ्तार मूर्ति की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2,50,00000₹(दो करोड़ पचास लाख रुपये)

महासमुन्द

मूर्ति की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2,50,00000 दो करोड़ पचास लाख रुपये

पुलिस अधीक्षक महासमुंद श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के मार्गदर्शन में प्राचीनकालीन मूर्ति की तस्करी पर महासमुन्द पुलिस की बडी कार्यवाही।
मारूति स्वीफ्ट कार से 02 नग छोटा, बडा,बौद्ध धर्म के देवता अवलोकितेश्वर पद्मपाणी की प्रतिमा तस्करी करते 03 अन्तर्राज्जीय तस्कर गिरफ्तार।
जिला अंगूल, ओडिसा के क्षेत्र के मंदिर से दोनो मूर्ति को चुराकर ले जा रहे थे तस्कर।

02 नग छोटा, बडा बौद्ध धर्म के देवता अवलोकितेश्वर पद्मपाणी प्रतिमा कीमती 2,50,00000 रूपये।

अवलोकितेश्वर पद्मपाणि की प्रतिमा 10वीं-11वीं सदी की होने की पुष्टि की गई पुरात्तव विभाग द्वारा कला एवं पुरातत्व की दृष्टी से पुरात्तव विभाग ने माना महत्वपूर्ण प्रतिमा
थाना सिंघोडा एवं सायबर सेल पुलिस की संयुक्त कार्यवाही।

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र रायपुर श्री शेख आरिफ हुसैन (IPS) के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक महासमुन्द श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के द्वारा अगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर रखते हुये जिलें के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को दीगर प्रान्त से आने वाली अवैध शराब, अवैध मादक पदार्थ, संदिग्ध गतिविधियों एवं अवैध परिवहन पर नजर रख कर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया है।

जिसके तहत थाना/चौकी प्रभारी व सायबर सेल की टीम को दीगर प्रांतों से आने वाले सभी चेक पोस्ट पर संदिग्ध गतिविधियों एवं अवैध परिवहन पर नजर रखी हुई थी।
इसी दौरान दिनांक 23.09.2023 को सिंघोडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अन्तर्राजीय चेक पोस्ट रेहटीखोल (छ0ग0 ओड़िसा बॉर्डर) के पास पुलिस पार्टी द्वारा संदिग्ध वाहनो की चेकिंग की जा रही थी तभी बरगढ़ ओडिसा की तरफ से एक सफेद रंग की मारूति स्वीफ्ट कार क्रमांक MP 09 TB 5054 तेज रफ्तार बरगढ, ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही थी। जो पुलिस पार्टी को वाहन चेकिंग करते खडा देख वाहन को चेक पोस्ट से पहले छोडकर भागने लगे। जिसे पुलिस की टीम द्वारा दौडाकर घेराबंदी कर 03 व्यक्ति को पकडा गया।

जिसमें 01 व्यक्ति मौके पर से फरार हो गया। जिनसे नाम पता पूछने पर अपना नाम (01) बलराम यादव पिता लक्ष्मण सिंग उम्र 48 वर्ष सा. ग्राम कलौदहाला थाना लवुडिया जिला इंदौर, मध्य प्रदेश (02) सुरेन्द्र पाल पिता रामप्रसाद पाल उम्र 40 वर्ष सा. वार्ड नं. 16 म.न. 122 रूवमी नगर छोटा बागडण थाना एरोड्रम जिला इंदौर, मध्य प्रदेश तथा (03) सुधीर अहीर पिता वासुदेव अहीर उम्र 18 वर्ष सा. कृष्णबाग कॉलोनी पटेल दूध डेयरी के पास विजय नगर इंदौर, मध्य प्रदेश का निवासी होना बताये।


जिनसे पुलिस पार्टी को देख भागने का कारण पूछे जाने पर टाल मटोल व गोलमोल जवाब देने लगे जवाबो में भिन्नता एवं असमानता पाये जाने पर संदेह प्रतीत हुआ है जिसके आधार पर कार की तलाशी ली गई। पुलिस टीम के द्वारा वाहन के तलाशी दौरान पीछे डिक्की से 02 नग छोटा, बडा मूर्ति मिला।

जिसे बाहर निकालकर देखने पर प्राचाीनकालीन मूर्ति मिला। जिसके संबंध में पूछताछ करने पर उक्त व्यक्तियों के द्वारा पुलिस टीम को गोलमोल जवाब देकर गुमराह करते रहे। टीम के द्वारा कडाई से पूछताछ करने पर अततः टूट गये और बताया कि दिनांक 18.09.2023 को इंदौर से ओडिसा जाने के लिए निकले थे दिनांक 21.09.2023 को जिला अंगूल ओडिसा के 60-70 किमी. आगे पहुंचे जहां पर एक मंदिर था उक्त मंदिर में स्थापित छोटा, बडा 02 नग मूर्ति को चोरी कर कार के डिक्की में रखकर वापस इंदौर, मध्य प्रदेश जा रहे।

पुलिस टीम के द्वारा आरोपीयों से दोनो मूर्ति को जप्त कर पुरातत्व विभाग, रायपुर को उक्त दोनो मूर्ति के संबंध में पृथक से सूचना दिया गया। पुरातत्व विभाग के द्वारा यह मूर्ति 10वीं-11वीं सदी की प्रतीत होना एवं पद्मपाणी प्रतिमा (बौध्द धर्म से संबंधित मूर्ति) होना बताया एवं मूर्ति का आकार (01) बड़ी मूर्ति की ऊंचाई 49 सेमी ,चौडाई 34 सेमी,मोटाई 13 सेमी (02) छोटा मूर्ति की ऊंचाई 10 सेमी, चौडाई 09 सेमी, मोटाई 06 सेमी होना बताया जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 2,50,00,000 रूपये का होना बताये।


पुलिस की टीम के द्वारा 03 आरोपियों के पास से 02 नग छोटा, बडा पद्मपाणी प्रतिमा (बौध्द धर्म से संबंधित मूर्ति) जिसका अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में मुल्य 2,50,00000 रूपये एवं 01 स्वीफ्ट डीजायर वाहन क्रमांक MP 09 TB 5054 कीमती करीबन 4,00,000 रूपये एवं 03 नग विभिन्न कंपनी के मोबाईल कुल जुमला कीमती 2,54,00,000 रूपये जप्त कर थाना सिंघोडा में अपराध/धारा 41(1+4) जा.फौ., 379 भादवि के तहत् कार्यवाही कर गिरफ्तार किया गया तथा फरार आरोपी हासीम खान पिता सलीम खान की पतासाजी की जा रही है।

यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक महासमुन्द धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के मार्गदर्शन मे अति0 पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव एवं अनु0अधिकारी (पु) सरायपाली श्री अभिषेक केसरी के निर्देशन में थाना सिंघोडा प्रभारी उप निरीक्षक उमेश वर्मा, साइबर सेल प्रभारी नसीम उद्दीन खान, प्रआर. जितेन्द्र कुमार आर. संदीप भोई, हेमन्त नायक, जैकी प्रधान, शुसान्त बेहरा, बिरेन्द्र बाघ, बिरेन्द्र कर, रोहित सिदार, जिवर्धन बरिहा, बसंत कुमार, मनोहर साहू, डिग्री मेहेर, यश ठाकुर के द्वारा की गई।

छत्तीसगढ़ -/ मामा भाचा मेला तो सब जानते है लेकिन क्या है इसके पीछे का कारण की मामा भाचा और मुनि पहाड़ पर्वत के रूप में परिवर्तित हो गए कुछ सालों तक प्रेमी जोड़ा भागने को लेकर भी यह स्थान मशहूर हुवा था ?

छत्तीसगढ़ -/ मामा भाचा मेला तो सब जानते है लेकिन क्या है इसके पीछे का कारण की मामा भाचा और मुनि पहाड़ पर्वत के रूप में परिवर्तित हो गए कुछ सालों तक प्रेमी जोड़ा भागने को लेकर भी यह स्थान मशहूर हुवा था ?

छत्तीसगढ़ में एक से एक जगह है और हर जगह का अलग अलग मान्यताएं है आस्था इतना ज्यादा है कि आज भी सालों बीत जाने के बाद भी आस्था पर कोई कमी नही आई है बात कर रहे है हम छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले अंतर्गत आने वाले बसना ब्लॉक के भंवरपुर क्षेत्र में आता है खोखसा लोहड़ी पुर और आस पास के कई गांव के मध्य एक पहाड़ है जिसका नाम है मामा भाचा जंगल यहां पर मामा भाचा के नाम से हर साल

 

सरदपूर्णिमा पर यहाँ मेला लगता है कई हजार के संख्या में लोग यहां आते है रात भर कार्यक्रम और पूजा पाठ होता है रात को लोग पहाड़ मे चढते है चांदनी रात में पहाड़ों पर हजारो के संख्या में दिखाई देते है बताया तो यह भी जाता है कि मामा भाचा जंगलों में भालू और अन्य हिंसक जानवर भी है लेकिन इस दिन ये दिखाई नही देते और आज तक किसी को नुकसान नही पहुचाया यह बात तो सभी को पता है लेकिन मामा भाचा नाम कैसे विख्यात हुवा यह एक बड़ा सलाल है बता दें आस पास के गांव वाले मिलकर इस मेले को आयोजीत करते है और कानून व्यवस्था बनाने पुलिस प्रशासन का भी सहायता मिलता है ।


स्थानीय लोगो मे कई सालों में यह मान्यता है की इस जंगल में तीन पहाड़ हैं, जिसे मामा, भांजा और शीत बाबा के रूप में जाना जाता है यहां के लोगों के मुताबिक ये तीनों कभी आदमी थे, लेकिन बाद में वे पहाड़ पर्वत डोंगरी के रूप में परिवर्तित हो गए. लोग इन्हें देवओ के रूप में पूजते हैं और हर साल यहां सरदपूर्णिमा पर बड़े मेले का आयोजन किया जाता है हालांकि, इस घटना का कहीं कोई लिखित प्रमाण नहीं है,

 

लेकिन गांववालों की वर्षों पुरानी मान्यताएं इस जंगल को भी हरा-भरा किए हुए हैं और आस्था आज भी जीवित है ।

मामा-भांजा जंगलों के आस पास रह रहे ग्रामीणों के अनुसार कई सालों पहले मामा-भांजा दो शिकारी खोकसा गांव के पास अपनी फसल की रखवाली कर रहे थे वहीं पर, शीत बाबा जंगली सुअर का रूप धारण कर मामा-भांजा के खेत में लगी फसलों को खाने लगे कहा जाता है की शिकारी मामा-भांजा जंगली सुअर का पीछा करते हुए एक स्थान पर पहुंचे, जैसे ही मामा-भांजा ने जंगली सुअर को मारना चाहा तो वह अपने अपने असली रूप (शीत बाबा) के रूप में आ गए बाबा ने मामा-भांजा से कहा कि तुम शिकारी का काम छोड़ दो और हम तीनों यहां एक साथ रहेंगे बाबा ने मामा-भांजा से कहा कि लोग हमारी पूजा करेंगे और मामा-भांजा का नाम लेकर कोई मनोकामना मांगेगा तो उसकी मनोकामना पूरी होगी. फिर तीनों अलग-अलग पहाड़ के रूप में हमेशा के लिए वहीं खड़े हो गए और यह मान्यता आज भी चली आ रही है

गौरतलब है कि ये मेला केवल 24 घंटे ही लगता है जिसमें शामिल होने बहुत दूर दूर से लोग बड़ी संख्या मेंआते हैं जिस जगह ये मेला लगता है उस जगह को प्राचीन काल के ऋषियों की तपोभूमि कहते हैं जहाँ आज भी ऋषियों के कुछ अवशेष मौजूद हैं जैसे ऋषि सरोवर ,ऋषि गुफा, मुनि धुनि ,वराह शीला, चूल्हा ,बारस पीपल ,भीम बाँध इत्यादि बड़े बुजुर्ग बताते हैं के यहाँ डोंगरी के अंदर में झरना है झील के जैसा छोटा तालाब है हरा भरा मैदान है जो हर समय ठण्ड और ताजगी से भरा रहता है ।

 

यहाँ शिव का प्राचीन मंदिर है और लंबी लंबी अथाह सुरंगें हैं जहाँ पत्थरों को हाथ से रगड़ने पर आज भी भभूत मिल जाती है यही नहीं इस डोंगरी पर आयुर्वेदिक औषधियों का भी भंडार है. जहाँ आज भी वैद्यो को कई दुर्लभ प्रजाति की औषधियों तथा जड़ी बुटी के पौधे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और डोगरी के बाहर विशाल जलाशय है जो बारह महीने पानी से भरा रहता है. जो कि नहाने वाले को ताजगी से भर देता है कहते हैं की इस जगह पर रात को जाने और डोंगर पर चढ़कर मामा भांचा मंदिर के दर्शन कर आशिर्वाद लेने वाले को बहुत ही आत्मिक शान्ति की अनुभूति होती है.

 

चांदनी रात में बिना किसी लाइट के इस पहाड़ी की बड़ी बड़ी चट्टानों को पार करते हुए इसकी चोटी पर चढ़ना किसी रोमांच से कम नहीं है. और चोटी पर चढ़कर वहां से आस पास के क्षेत्रो का नजारा तो रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है ये मेला इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि इस मेले से हर वर्ष अनेक प्रेमी युगल अन्यत्र पलायन कर जाते हैं जिसे छत्तीसगढ़ी भाषा में उढ़रिया भाग जाना कहते हैं और इसलिए इस मेले को जंगल में मंगल भी कहते हैं.

 

बता दें कि सालों पहले मामा भाचा मेला से प्रेमी जोड़ा भागने का भी प्रचलन जोरो था ऐसा किसी के पास अभी पुख्ता प्रमाण तो नही है लेकिन सालों पहले मामा भाचा मेला से प्रेमी जोड़ा भागने का अफवाह हर साल रहता था लेकिन अब ऐसा सुनने को नही मिलता है ।


सरकार की उदासीनता..

इस जगह को ऐतिहासिक स्थल घोषित कर इसका संरक्षण करने तथा यहाँ सुविधाएं विकसित करने की मांग आस पास की जनता के द्वारा सरकार से कई वर्षों से की जा रही है तथा हर वर्ष मेले के वक़्त आस पास के जन प्रतिनिधियों को यहां मुख्य अतिथि के रूप में बुलाकर उनसे भी विनती की जाती है. पर उसे आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला है यदि यहाँ जाने हेतु पहुँच मार्ग तथा ऊपर चढ़ने हेतु सीढ़ियों का निर्माण करवा दिया जाए तो यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं जो इस क्षेत्र के विकास में काफी मदद गार हो सकती हैं

 

कैसे पहुंचे.

ये जगह जिला मुख्यालय महासमुंद से 130 KM ब्लाक मुख्यालय बसना से 20 KM जबकि भंवरपुर से 5 KM की दुरी पर उत्तर में स्थित है वैसे तो इस जगह पर पंहुचने के लिए चारों तरफ से रास्ता है मगर भंवरपुर से बनडबरी पतरापाली जाने वाले रास्ते पर तथा भंवरपुर से बरतियाभाँटा होते हुए संतपाली जाने वाले रास्ते पर जाना ज्यादा बेहतर है भंवरपुर लोहड़ीपुर मार्ग जो थोडा दुर्गम तो है मगर ठीक है.

सरायपाली विधानसभा टिकट के प्रबल दावेदार को बलात्कार का आरोपी बताते हुए सोसल मीडिया पर छवि धुमिल करने षडयंत्र का आरोप पर क्या कही इस नेत्री ने ।

सरायपाली विधानसभा टिकट के दावेदार को बलात्कार का आरोपी बताते हुए सोसल मीडिया पर छवि धुमिल करने षडयंत्र का आरोप पर क्या कही इस नेत्री ने ।

 

जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे है दावेदारों के ऊपर एक से एक आरोप लग रहे है ताजा मामला सरायपाली विधानसभा सीट का है जहां एक कांग्रेस के नेता को बलात्कार के आरोपी जैसे सब्दो से उनका छवि धूमिल किया गया दरसअल रतन बंजारे सरायपाली विधानसभा सभा सीट से प्रबल दावेदार है वही इनके पत्नी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि


मैं गीता रतन बंजारे जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 13, मेरे पति रतन बंजारे के एक पुराने मामले को लेकर कुछ लोगों के द्वारा सोशल मीडिया में गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया एवं उन्हें बलात्कार का आरोपी बताते हुए विधानसभा टिकट के लिए एक आरोपी को दावेदार कहा गया है।

सोशल मीडिया में उनके पति के विरूद्ध लगाया गया आरोप सर्वथा निराधार है। कई वर्षों पहले जमीन विवाद के चलते एक महिला के द्वारा उनके पति के विरूद्ध झूठा आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाया गया था।

जबकि न्यायालय में उक्त आरोप निराधार साबित हुआ और श्री बंजारे को दोषमुक्त करार दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके पति कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता है और वे स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य हैं।

क्षेत्र की जनता उनके साथ है, जिसके कारण विरोधी इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं और उनकी छवि को धुमिल करने के लिए इस तरह का षडयंत्र रचा जा रहा है। उनका पूरा परिवार कांग्रेस के प्रति समर्पित है और क्षेत्र की जनता भी उन्हें चाहती है। जिसके कारण विरोधियों के द्वारा यह द्वेषपूर्ण कार्य किया गया है।

उन्होंने इसकी शिकायत कांग्रेस के उच्चाधिकारियों से भी की है तथा आने वाले दिनों में सोशल मीडिया में इस तरह उनकी छवि को धुमिल करने वालों के खिलाफ मानहानी का भी दावा करने की बात कही है।