भंवरपुर पुलिस द्वारा धान खरीदी केंद्र भस्करापाली के पास से सोनसाय निषाद को 07 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है

भंवरपुर पुलिस द्वारा धान खरीदी केंद्र भस्करापाली के पास से सोनसाय निषाद को 07 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है

बसना 

अवैध शराब बिक्री करने वालो के विरूद्ध भंवरपुर पुलिस की कार्यवाही
अवैध शराब बिक्री करने वाले आरोपी सोनसाय निषाद गिरफ्तार
कुल 07 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब जप्त किया कर गिरफ्तार किया गया है पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन में श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे के मार्गदर्शन में तथा अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली अभिषेक केशरी के पर्यवेक्षण में भंवरपुर क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब बिक्री करने वालों पर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है कि 01 -दिनांक

21/08/2023 को मुखबिर की सूचना पर मुखबिर के बताये स्थान ग्राम भस्करापाली आरोपी को धान खरीदी केंद्र भस्करापाली आम गली पर हमराह स्टाफ एवं गवाहों को लेकर रेड किया आरोपी सोनसाय निषाद पिता मिलाप निषाद उम्र 50 वर्ष साकिन लावामौहा चौकी भंवरपुर थाना बसना जिला महासमुंद के कब्जे से 05 लीटर के सफेद प्लास्टिक जरीकन में एवं 2 लीटर सफेद कोल्ड ड्रिंक बॉटल में भरा देशी हाथ भट्टी महुआ शराब कुल जुमला 07 लीटर कीमती 1400/- रूपये मिला जिन्हे मौके पर गवाहों के समक्ष जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया आरोपी को विधिवत समय सदर में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। आरोपी के विरूद्ध चौकी भंवरपुर में अपराध क्रमांक 0/2023 धारा 34(2) आबकारी एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया जो समक्ष गवाहन वजह सबुत में जप्त कर शीलबंद कर कब्जा पुलिस लिया सम्पूर्ण कार्यवाही में श्रीमान चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संतोष सिंह , प्रधान आर राजेंद्र ब्याहर , आरक्षक यूचंद बंशे , गोपाल साहू का विशेष योगदान रहा।

पहले महासमुंद विधानसभा बनने के बाद बसना तथा सरायपाली को विधानसभा का दर्जा मिलने में कितने वर्ष लग गए सरायपाली और बसना के पहले विधायक कौन कौन और किस पार्टी के थे ?

पहले महासमुंद विधानसभा बनने के बाद बसना तथा सरायपाली को विधानसभा का दर्जा मिलने में कितने वर्ष लग गए सरायपाली और बसना के पहले विधायक कौन कौन और किस पार्टी के थे ?

छत्तीसगढ़ बसना हेमन्त वैष्णव 9131614309

पहले महासमुंद विधानसभा में खल्लारी, बसना, सरायपाली भी शामिल था 1950 में महासमुंद विधानसभा बना और इसके 17 साल बाद , बसना तथा सरायपाली को विधानसभा का दर्जा मिला। खल्लारी, बसना और सरायपाली 1977 में विधानसभा के रूप में अस्तित्व में आया

बता दें कि अभिवाजित मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के सरायपाली विधानसभा क्षेत्र का पहला विधानसभा चुनाव 1977 में हुआ, जहां से मोहनलाल रामप्रसाद कांग्रेस पार्टी का बाना लेकर विधायक बने। वर्ष 1980 में कांग्रेस के ही मोहनलाल रामप्रसाद, 1985 में पुखराज सिंह निर्दलीय, 1990 में भाजपा के नरसिंग प्रधान, वर्ष 1993 में मोहनलाल चौधरी कांग्रेस, 1998 में देवेन्द्र बहादुर कांग्रेस,थे

इसी तरह बसना विधानसभा में भी 1977 में पहला विधायक बीएस लालबहादुर कांग्रेस के पहले विधायक बने और 1980 में वे कांग्रेस पार्टी में रहकर दुबारा विधायक बने। वर्ष 1985 में यहां से महेन्द्र बहादुर कांग्रेस से विधायक बने। वर्ष 1990 में लक्ष्मण जयदेव सतपथी जनता दल से विधायक हुए।

1993 में महेन्द्र बहादुर निर्दलीय के रूप में जीते और 1998 में फिर से महेन्द्र बहादुर कांग्रेस के विधायक बने। 2003 में बसना से डॉ. त्रिविक्रम भोई भाजपा के पहले विधायक बने। 2008 में फिर से कांग्रेस की वापसी हुई और देवेन्द्र बहादुर कांग्रेस के विधायक बने। वर्ष 2013 में रूपकुमारी चौधरी भाजपा के बैनर तले विधायक बनीं।

और फिर 2018 के चुनाव में फिर से कांग्रेस की वापसी हुई और देवेन्द्र बहादुर कांग्रेस के विधायक बने जिसमे भाजपा से डीसी पटेल को हार मिली वही भाजपा से बागी होकर बसना के डॉ संपत अग्रवाल निर्दलीय चुनाव लड़े और 50 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए और दूसरे नम्बर पर रहे वही भाजपा प्रत्यासी डीसी पटेल तीसरे स्थान पर ।

सरायपाली -/ 2003 से अभी तक के विधायक और विधानसभा चुनाव के नतीजे के बारे में जानेंगे कि आखिर सरायपाली को किन किन पार्टियों से किनको टिकट मिला और कितने मतों से जीते और हारे ।

अभिवाजित मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की बात करें तो बताया जाता है की सरायपाली विधानसभा सीट पर 10 बार कांग्रेस के कब्जे में रही है तो 3 बार बीजेपी लेकिन एक बार का जीता विधायक दूसरी बार नहीं बन सका है. लेकिन राज्य गठन के बाद दो बार बीजेपी और 2 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है

छत्तीसगढ़ सरायपाली हेमन्त वैष्णव 9131614309

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की सरायपाली विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. राज्य के गठन के बाद चार बार हुए विधानसभा चुनाव में दो बार बीजेपी और 2 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है. मौजूदा समय में यहां से कांग्रेस के किस्मत लाल नंद विधायक हैं, लेकिन कांग्रेस और बीजेपी वापसी के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी है.

सरायपाली के सियासी समीकरण की बात की जाए तो इस सीट को लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ माना जाता था. हालांकि बीते 20 साल से इस सीट पर कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी के प्रत्याशी को जीत मिलती रही है. इस विधानसभा सीट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां से जीतने के बाद कोई भी विधायक दोबारा चुनकर नहीं आया है लेकिन इस बार क्या होगा कहना जरा मुश्किल एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी बनने वाली सीट क्या इस बार कांग्रेस के हाथ मे जाएगी या बीजेपी के यह तो पार्टियों के घोषणा पत्र और प्रत्याशीयो पर निर्भर करता है फिलहाल सरायपाली से कांग्रेस क टिकट मिलने पर साफ साफ होगा कि कौन प्रत्याशी जीत दिला सकता है क्या किस्मत लाल नंद को पार्टी दोबारा टिकट देगी या नया चेहरे के तलाश में है सरायपाली के जनता और पार्टी के कार्य कर्ताओं के निगाहे इसी और टिकी हुई है कि आखिर टिकट कब फाइनल होगा ।

सरायपाली विधानसभा का अधिकतर इलाका जंगल से ढका हुआ है और ओडीसा रायगढ़ तक यह इलाका नक्सलियों के लिए सेफ कॉरिडोर भी है. ये गांड़ा समुदाय बहुल माना जाता है. हालांकि क्षेत्र में अघरिया और कोलता समुदाय भी बड़ी तादाद में है

अभी वर्तमान में सरायपाली से बीजेपी के राजनीति में भूचाल मचा हुआ इसका कारण क्या है जानने के पहले 2003 से अभी तक के विधायक और विधानसभा चुनाव के नतीजे के बारे में जानेंगे कि आखिर सरायपाली को किन किन पार्टियों से टिकट मिला और कितने मतों से जीते ।

सबसे पहले 2003 के विधानसभा चुनाव की बात करते है तो इसमें

2003 के चुनाव नतीजे

बीजेपी के त्रिलोचन पटेल को 48234 वोट मिले थे और भाजपा से विधायक चुने गए थे वही कांग्रेस के देवेंद्र बहादुर सिंह 40942 वोट मिले थे जो अभी वर्तमान में बसना विधायक है फिलहाल देवेंद्र बहादुर सिंह को किसी परिचय का मोहताज नही है

 

2008 के विधानसभा चुनाव परिणाम इसमें कांग्रेस के डॉ. हरि दास भारद्वाज को 64456 वोट मिले थे और वे विधायक चुने गए
वही बीजेपी के नीरा चौहान को 48234 वोट मिले थे ।

 

2013 के विधानसभा चुनाव नतीजे में

बीजेपी के रामलाल चौहान को 82064 वोट मिले थे और वे विधायक चुने गए

वही कांग्रेस के डॉ. हरि दास भारद्वाज 53232 वोट मिले थे

2018 के विधानसभा चुनाव परिणाम

कांग्रेस से किस्मत लाल नंद को 100302 1 लाख से भी ऊपर मत मीले थे

वही भाजपा से श्याम तांडी को 48014 मिले जबकि छग में 2018 के विधानसभा में कांग्रेस का लहर चल रहा था ।

अभी वर्तमान में बीजेपी ने सरायपाली विधानसभा सीट से सरला कोसरिया को टिकट दे दी है हालांकि श्रीमती सरला कोसरिया का भाजपा समर्थित सरायपाली गाडा समाज के और भाजपा से जुड़े पदाधिकारी विरोध जता रहे है गाडा समाज का कहना है कि उनके समाज का उपेक्षा किया गया है जबकि सतनामी समाज के लोग सरला कोसरिया के समर्थन में उतरे है उनका कहना है 3 कार्यालय से उनका समाज इंतजार कर रहा था सरला कोसरिया को टिकट मिलने पर सतनामी समाज मे खुसी का लहर है .

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सरायपाली -/ दावेदारी में अब काँग्रेस से एक और युवा नेता का नाम दोनों ब्लॉक अध्यक्ष के समक्ष की दावेदारी , छत्तीसगढ़ में अब कांग्रेस से सितंबर में पहली सूची जारी होने की संभावना बताया जा रहा है ।

सरायपाली -/ दावेदारी में अब काँग्रेस से एक और युवा नेता का नाम दोनों ब्लॉक अध्यक्ष के समक्ष की दावेदारी , छत्तीसगढ़ में अब कांग्रेस से सितंबर में पहली सूची जारी होने की संभावना बताया जा रहा है ।

छत्तीसगढ़ में अब तक काँग्रेस ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपने एक भी उम्मीदवारों की सूची जारी नही की है लेकिन भाजपा ने अपने 21 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुका है और अब सबकी निगाहें कांग्रेस के सूची पर टिकी है कि आखिर छत्तीसगढ़ में कब कांग्रेस पार्टी अपना प्रत्यासी घोषित करेगी फिलहाल सितंबर के पहले सप्ताह में काँग्रेस का पहला सूची जारी होने का अनुमान लगाया जा रहा है फिलहाल हम बात करते है महासमुन्द जिले के सरायपाली विधानसभा सीट की यह सीट पिछले कई चुनाव से आरक्षित है और कभी भी किसी को दोबारा मौका नही देती है

सरायपाली विधानसभा सीट से वैसे तो दावेदारों की लंबी सूची है लेकिन इन दावेदारों में एक युवा नेता का नाम और जुड़ गया नाम है प्रीतम चतुर्वेदी जो पिछले कई सालों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े है और सरायपाली ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पेन्द्र पटेल और भंवरपुर ब्लॉक अध्यक्ष सिदार के समक्ष सरायपाली विधानसभा सीट से दावेदारी पेश कर दिया है बता दें कि प्रीतम चतुर्वेदी युवा नेता है और को कांग्रेस के कार्यक्रमो में सक्रिय रहते है युवा वर्ग प्रीतम चतुर्वेदी को काफी पसंद करते है प्रीतम चतुर्वेदी का गृह ग्राम सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जमनीडीह जमदरहा से है प्रीतम चतुर्वेदी जनताओं के हक के लिए भी कई बार संघर्ष करते दिखाई देते है प्रीतम चतुर्वेदी ने कहा की भारी जन समर्थन मिल रहा है काँग्रेस अगर से अगर टिकट मिलटी है तो जीत दिलाने की बात कहा ।

 

बसना – मूत्र रोग एवं पथरी का परामर्श एवं ऑपरेशन शिविर 08 सितंबर को अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में।

बेटी बचाव बेटी पढ़ाव के प्रदेश सदस्य व अग्रवाल नर्सिंग होम बसना के संचालक डॉक्टर एन के अग्रवाल के मार्गदर्शन में 08 सितंबर 2023 को मूत्र एवं पथरी रोग संबंधित ऑपरेशन शिविर का आयोजन रखा गया है जिसमे किडनी, पथरी,प्रोस्टेट का समुचित जांच,इलाज एवं सर्जरी किये जायेंगे।

किडनी में सूजन एवं सिकुडन का इलाज पुरुषों में बाँझपन एवं नपुंसकता का उपचार मुत्रकोष का संक्रमण एवं मूत्र नली का सिकुडन किडनी, प्रोस्टेट, टेस्टिस के कैंसर पेशाब का रुक रुक कर आना, लीक करना या खून आने का उपचार ।
पीडियाट्रिक यूरोलॉजी की सेवाएं इमरजेंसी यूरोलॉजी की सेवाएं, ट्रामा से लेकर किडनी में यूरिन ब्लॉकेज तक सभी का आपरेशन एवम परामर्श डॉ. योगेश बरापत्रे MBBS, MS, MCH यूरो सर्जन 08 सितंबर को अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में करेंगे।
आयुष्मान अथवा राशन कार्ड की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

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बसना -/8 माह से चक्कर काट रही है सचिव का बच्ची का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नही होने के कारण नही मिला 2 लाख 50 हजार का बीमा तो वही एक महिला का मृत्यु के बाद भी पति 7 माह से ऊपर तक प्रायवेट बैंक का राशि भुगतान कर रहा है

बसना -/8 माह से चक्कर काट रही है सचिव का बच्ची का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नही होने के कारण नही मिला 2 लाख 50 हजार का बीमा तो वही एक महिला का मृत्यु के बाद भी पति 7 माह से ऊपर तक प्रायवेट बैंक का राशि भुगतान कर रहा है

बसना से हेमन्त वैष्णव

रोने लगी बुजुर्ग महिला मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए 8 माह से चक्कर काट रही है सचिव का , बच्ची का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नही होने के कारण नही मिला 2 लाख 50 हजार का बीमा तो वही एक महिला का मृत्यु के बाद भी पति 7 माह से ऊपर तक प्रायवेट बैंक का राशि भुगतान कर रहा है ।

कहते है कि मृत्यु के बाद अब मरने वाले किसी को परेसान नही करेंगे लेकिन ये सरकारी तंत्र है मरने के बाद भी यहां के कर्मचारीयो के वजह से उनके परिवार वालो का मुसीबत का पहाड़ कम नही हो रहा है मामला है बसना ब्लॉक के ग्राम खोरापाली का ये गांव ग्राम पंचायत बरफ़ेला डीह के आश्रीत ग्राम है जहां के ग्रामीण पक्की और स्कूल के विधार्थीयो को पानी पक्की सड़क के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है गांव आदिवासी बाहुल्य इलाका है लेकिन खोरापाली के बच्चो से लेकर के ग्रामीण और बुजुर्गों के दसा बेहद ही खराब है गांव में पानी के बून्द बून्द के लिए तरस रहे है गांव के हैण्ड पम्प खराब है ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 6 माह से गांव के सरपँच के बेटे और पंचायत सचिव जयंत बारीक को कह कह कर तक गए लेकिन पानी का समस्या का समाधान नही हो रहा है ।

 

गांव में एक महिला धनमोती ने रोते हुए बताती है की मेरे एक पुत्री स्व कु मेमबाई विकलांग थी जिसका मृत्यु लगभग 8 माह से ज्यादा हो गया है महिला का कहना है कि पुत्री का जिस बैंक में पेंशन राशि का खाता था उस बैंक में बीमा राशि था जो बैंक से मिलना था और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नही होने के कारण अभी तक उस बीमा राशि नही मिल पाया महिला ने बताया कि लगभग बैंक से 2 लाख 50 हजार का बीमा राशि मिलता जिसमे परिवार का कुछ सहायता हो जाता लेकिन पंचायत सचिव जयंत बारीक को 8 माह में कई बार गुहार लगा लगाकर तक चुकी हूं लेकिन अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर नही दे रहा है आज दूंगा कल दूंगा कहकर घुमा रहा है बुजुर्ग महिला ने रोते हुए बताया कि अब तो सायद बीमा राशि भी लेफ्स हो गया होगा महिला ने कहा कि सरपँच पुत्र को भी कई बार गुहार लगाई पर एक बार भी नही सुना ।

वहीं गांव में अगनू चौहान की पत्नी मंगतू चौहान का भी मृत्यु लगभग 8 माह से ऊपर हो चुका है बताया की सचिव द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नही करने के कारणों से हर माह एक प्रायवेट बैंक को क़िस्त पटा रहा है चौहान ने बताया की उसकी पत्नी ने महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से ऋण लिया था नियमानुसार किसी हितग्राहि का लोन के दौरान मृत्यु हो जाता है तो उसका बजाया ऋण माफ हो जाता है और जो क़िस्त पटा रहता है वह भी वापसी होता है लेकिन पंचायत सचिव जयंत बारीक इस परिवार को 8 माह से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए घुमा रहा है और वह परिवार हर माह क़िस्त पटा रहा और मृत्यु के बाद भी परेशानी कम नही हो रहा है इसका जिम्मेदार है पंचायत सचिव जयंत बारीक ।

खोरपाली गांव में एक प्राथमिक स्कूल है और एक आंगनबाड़ी वही परिसर में
आंगनबाड़ी का एक है जो ट्यूबवेल खराब है प्राथमिक शाला के बच्चो के लिए कुछ अलग व्यवस्था नही है सभी को आधा किलोमीटर दूर पानी पीने जाना पड़ता है मध्यान्ह भोजन और गरम भोजन के लिए भी पानी का बहुत तकलीफ आंगनबाड़ी में लगभग 18 बच्चे है इनको भी पानी के किल्लत है

यही ना यहां 1 से लेकर 5 वी तक स्कूल का मूल भवन नही है लगभग 30 बच्चे अतिरिक्त कक्ष में ही बैठते और एक शिक्षिका हेडमास्टर के पद पर पदस्थ है वहां भी अतिरिक्त कक्ष का हालात दयनीय स्थिति है वहा दिवालो से सिपेच आ रहा है समझ सकते है इस गांव के बच्चे कैसे पढ़ते होंगे और क्या होगा इनका भविष्य ।
आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला के लिए बनाए गए सभी सौचालय का हालात जर्जर हो चुके है स्कूल और आंगनबाड़ी के कर्मचारियों से लेकर बच्चो तक बाहर सौच करना पड़ता है पानी पीने के लिए लाखों खर्च कर बनाए गए सुविधाएं भी आज खंडहर होते जा रहा है ।

वही मामले में ग्राम पंचायत बरपेला डीह के पंचायत सचिव ने जयंत बारीक ने स्वयं दूरभाष के माध्यम से फोन करके कहा कि कहा कि हमारे पंचायत आये थे क्या मामला था वैसे मृत्यु प्रमाण पत्र वाला मामला उतना बड़ा है नही छापना है तो छाप देना कुछ होना जाना है नही बस बदनामी होगा और कुछ नही होगा ।

लिखित शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी विस्तार अधिकारी सुरेश पटेल जनपद पंचायत बसना

सरायपाली -/ कर्मचारी और हितग्राही का भ्र्ष्टाचार पड़ा इस परिवार को महंगा मकान के ढहने से घर में काम कर रही महिला व दो बच्चे मलबे में दब गए ?

सरायपाली -/ कर्मचारी और हितग्राही का भ्र्ष्टाचार पड़ा इस परिवार को महंगा मकान के ढहने से घर में काम कर रही महिला व दो बच्चे मलबे में दब गए ?

अजीबो गरीब मामला छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले सरायपाली विकासखंड का है यहां अक्सर बड़ा बड़ा घोटाला नजर आता ही रहता है लेकिन इस बार यह घोटाला एक परिवार के जान पर पड़ आई दरअसल परिवार को पीएम आवास पूर्व कार्यकाल में पीएम आवास योजना का लाभ मिला था लेकिन हितग्राही ने आवास बनाने के बजाय रकम को गबन कर दिया इसमें अब किसकी किसकी मिली भगत हो सकता है समझ ही सकते है मकान ढहने के बाद अब इस पूरे मामले में आवास सम्बंधित अधिकारी कर्मचारीयो पर सवाल उठ रहा है कि आखिर कैसे बिना मकान निर्माण हुए रकम आहरण हो गया जिओ टेकिंग करने वाले कर्मचारियों का क्या उनका घर नजर नही आया या इसमें मिली भगत है गांव गांव में जांच होने पर कई ऐसे मामले आ सकते है जिनमे अपात्र लोगों को पात्र दिखा कर भी आवास आहरण किया गया है पिछले दिनों बसना विकास खण्ड के गौर टेक में भी एक सरकारी कर्मचारी के पारीवार को आवास मिला था खबर प्रकाशन के बाद उसको निरस्त किया गया है ।

सरायपाली विधानसभा के ग्राम पंचायत घुंचापाली का एक परिवार के नाम पर प्रधानमंत्री आवास की राशि स्वीकृत हुई, कर्मचारियों की फर्जी जिओ टेक से कागज में ही मकान पूर्ण रूप से बन गया,चार किस्त जारी भी हो गई,लेकिन मौके पर अभी तक नीव तक नहीं खोदा गया है और हितग्राही कच्चे मकान पर ही निवास कर रहे थे, विगत दिनों हुई बारिश से भर भरा कर पूरा छत गिर गया,जिससे घर में काम कर रही एक महिला और दो बच्चे मलबे में दबने से घायल हो गए जिन्हें 112 की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए भेजा गया । महिला की स्थिति गंभीर होने के कारण रायपुर रिफर किए जाने की भी सूचना मिली है।

मिली जानकारी के अनुसार विगत दिनों हुई तेज बारिश के कारण ग्राम घुंचापाली का मंगल प्रसाद नाम के एक व्यक्ति का एक कच्चा मकान ढह गया । मकान के ढहने से घर में काम कर रही महिला व दो बच्चे मलबे में दब गए। बच्चों को मामूली चोट लगने की सूचना मिली है,जबकि महिला को ज्यादा चोट लगने के कारण उन्हें मेकाहारा रायपुर रिफर किया गया है। घायल बच्चे में एक बच्चा पड़ोसी का था खेलने के लिए वहां गया था। जबकि मकान मालिक मंगल प्रसाद घटना के समय घर पर नहीं था। काम से घर से बाहर गया था। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कच्चे मकान में निवास करने वाले घुचापाली निवासी मंगल प्रसाद पिता हरिशंकर भोई का प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृत हुआ था, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा फर्जी तरीके से जिओ टेक कर अन्य के मकान को फोटो में दर्शा कर बिना मकान बनाएं, पीएम आवास की चार किस्तों में ₹1,20,000 जारी भी कर दिया गया। जबकि ब्लॉक में कई ऐसे हितग्राही हैं जिन्हें नियमत: एक किस्त के बाद दूसरी किस्त नहीं मिल पाई है तो किसी का मकान पूर्ण होने के पश्चात अंतिम किस्त अब भी शेष है। इस तरह कई ऐसे हितग्राही हैं जिनका राशि के अभाव में उनके मकान अधूरे पड़े हैं। लेकिन बिना मकान बनाए अधिकारी फर्जी तरीके से कागज में ही प्रधानमंत्री आवास पूर्ण कर चार किस्त जारी भी कर दिए जो जांच का विषय है? इस तरह ब्लॉक में कई ऐसे हितग्राही होंगे, जिनसे अधिकारी, कर्मचारी लाभ लेकर फर्जी तरीके से कागज में ही मकान पूर्ण दर्शा कर चारों किस्त राशि जारी कर दिए होंगे। उक्त हितग्राही का मामला तब सामने आया जब उनका कच्चा मकान अत्यधिक बारिश के कारण ढह गया। और मकान में निवासरत एक महिला और 2 बच्चे मकान के ढहने से घायल हो गए। फर्जी तरीके से जिओ टेक करने वाले ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ शासन द्वारा सख्त से सख्त कार्रवाई करते हुए उनसे राशि की रिकवरी की जानी चाहिए। ताकि वे दोबारा इस तरह हरकत ना करें, जिससे किसी गरीब परिवार के जान-माल का अधिकारी ‌के लापरवाही से नुकसान ना हो।

पूरी किस्त हो चुकी है जारी,लेकिन अभी तक नहीं खोदा गया है नीव

इस संबंध में ग्राम पंचायत घुंचापाली के सचिव तेज पांडे से चर्चा किया गया तो उन्होंने भी बताया कि उक्त व्यक्ति के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। प्रधानमंत्री आवास का कार्य अभी तक शुरू नहीं होने और मकान नहीं बनने की बात कही। जबकि प्रधानमंत्री आवास का कार्य देख रहे जनपद के एक कर्मचारी से जानकारी ली गई तो पता चला कि उक्त मंगल प्रसाद के नाम का प्रधानमंत्री आवास की पूरी किस्त जारी हो चुकी है।

स्वीकृत हुआ है आवास लेकिन नहीं बना है मकान- सरपंच

इस संबंध में ग्राम पंचायत घुंचापाली के सरपंच सरोज प्रधान से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मंगल प्रसाद के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। लेकिन नहीं बना है । पूर्व सरपंच के साथ मिलकर स्वीकृत राशि को आहरण करने की बात उन्होंने कही।

मुख्यमंत्री ने 13 नए अनुविभागों और 18 नई तहसीलों का किया सुभारम्भ  राज्य में राजस्व अनुविभाग बढ़कर हुए 122 एवं तहसील 250

मुख्यमंत्री ने 13 नए अनुविभागों और 18 नई तहसीलों का किया सुभारम्भ  राज्य में राजस्व अनुविभाग बढ़कर हुए 122 एवं तहसील 250

शासन-प्रशासन को जनता के करीब लाने की पहल*

राज्य में राजस्व अनुविभाग बढ़कर हुए 122 एवं तहसील 250

20 अगस्त 2023/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज महासमुंद में पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती ‘सद्भावना दिवस‘ के अवसर पर नवगठित 13 राजस्व अनुविभाग और 18 तहसीलों का वर्चुअल शुभारंभ किया। आज से राज्य में 13 नए राजस्व अनुविभाग और 18 तहसीलें अस्तित्व में आ जाएंगी और यहां विधिवत कामकाज शुरू हो जाएगा। इन नवीन तहसीलों एवं अनुविभाग के प्रारंभ होने से राज्य में अब 122 राजस्व अनुविभाग एवं 250 तहसीलें हो गई है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा बीते पौने पांच सालों में शासन-प्रशासन को आम जनता के करीब लाने, प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और कसावट लाने के उद्देश्य से राज्य में नए जिले, अनुविभागों एवं तहसीलों को बनाए जाने की घोषणा की जाती रही है। वर्ष 2018 में राज्य में जिलों की संख्या 27 थी। 06 नवीन जिलों का गठन होने के बाद राज्य में जिलों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। इसी तरह मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में 13 नवीन अनुविभाग एवं 18 नवीन तहसीलों के गठन की घोषणा की गई थी, जिनका विधिवत शुभारंभ आज किया गया। नवीन अनुविभागों एवं तहसीलों की स्थापना से शासकीय योजनाओं का सुचारू रूप से क्रियान्वयन एवं आम जनता तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुगम होगी।

*नवगठित 13 अनुविभाग-*


वर्ष 2023 में 13 नवीन अनुविभाग जिला बस्तर अंतर्गत अनुविभाग बकावण्ड, जिला सुकमा अंतर्गत अनुविभाग छिंदगढ़, जिला सूरजपुर अंतर्गत अनुविभाग रामानुजनगर, जिला बालोद अंतर्गत अनुविभाग डौंडी, जिला जशपुर अंतर्गत अनुविभाग फरसाबहार, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा अंतर्गत अनुविभाग पलारी, जिला गरियाबंद अंतर्गत अनुविभाग छुरा, जिला बीजापुर अंतर्गत अनुविभाग उसूर (आवापल्ली), जिला महसमुंद अंतर्गत अनुविभाग बसना, जिला सरगुजा अंतर्गत अनुविभाग लुण्ड्रा (धौरपुर) एवं अनुविभाग उदयपुर, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत अनुविभाग केल्हारी तथा जिला बलरामपुर-रामानुजनगर अंतर्गत अनुविभाग शंकरगढ़ का गठन किया गया है।

*नवगठित 18 तहसीलें:-*
वर्ष 2023 में 18 नवीन तहसील जिला रायगढ़ अंतर्गत तहसील कापू, जिला सूरजपुर अंतर्गत तहसील भटगांव, जिला कबीरधाम अंतर्गत तहसील कुकदुर, जिला बस्तर अंतर्गत तहसील करपावण्ड जिला सुकमा अंतर्गत तहसील दोरनापाल एवं तहसील जगरगुण्डा, जिला राजनांदगांव अंतर्गत तहसील घुमका एवं तहसील कुमरदा, जिला बिलासपुर अंतर्गत तहसील पचपेड़ी, जिला जशपुर अंतर्गत तहसील बागबहार, जिला कांकेर अंतर्गत तहसील बान्दे, तहसील आमाबेड़ा एवं तहसील कोयलीबेड़ा, जिला सक्ती अंतर्गत तहसील चंद्रपुर, जिला गरियाबंद अंतर्गत तहसील फिंगेश्वर, जिला बेमेतरा अंतर्गत तहसील दाढ़ी, जिला सक्ती अंतर्गत तहसील भोथिया तथा जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंतर्गत तहसील सरसींवा का गठन किया गया है।

महासमुंद – / 541 हो चुके किसान सत्याग्रह लेकिन नही हो रहा है समाधान विश्व धरोहर सिरपुर बचाने सत्याग्रह ।

महासमुंद – / 541 हो चुके किसान सत्याग्रह लेकिन नही हो रहा है समाधान विश्व धरोहर सिरपुर बचाने सत्याग्रह ।

महासमुंद

विश्व धरोहर सिरपुर बचाने 541 वें दिन किसान सत्याग्रह जारी लगातार जारी है प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि

,बाहरी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ,कोडार बांध का पानी किसानों का उद्योगों को बेचने नहीं देंगे-नहीं देंगे,अवैध डायवर्सन रद्द करो-रद्द करो,सत्याग्रही किसान दर्जनों गांव के महासमुंद में मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात,महासमुंद विधायक व्यापारी बन गए,क्या कांग्रेस विधायक इसलिए बनाती है कि वह किसान,आम जनता का शोषण करे,डेढ़ वर्ष से किसान सत्याग्रह एक बार भी विधायक किसानों से नहीं मिले,दिसम्बर 22 में मुख्यमंत्री ने लाखों छत्तीसगढ़ियों को संदेश दिया था पत्रकारों के सवाल के जबाब में जिलाधीश किसानों से करेगे भेंट पर जिलाधीश मुख्यमंत्री की बात नहीं मानी,डीएमएफ फंड से जनता का पैसा खाने वाले जिलाधीश मुख्यमंत्री से कैसे बड़ा बन गए जबाब दो बघेल जी,400 बाहरी लोगों को महासमुंद विधानसभा छत्तीसगढ़ की छाती में बैठा दिया जिसे किसान, युवा बेरोजगार कभी बर्दास्त नहीं करेंगे,कांग्रेस के मुख्यमंत्री के नाते तत्काल संज्ञान में लें,महासमुंद क्रांतिकारियों का जिला है यहाँ से किसान क्रांति की चिंगारी छत्तीसगढ़ और देश में जाएगी,विधायक ने,जगह- जगह झूठ बोलकर कहते हैं स्थानीय शत प्रतिशत लोगों के लिए रोजगार और विकास लाया हूँ,विकास विनोद सेवन चंद्राकर परिवार का हुआ है 05 साल से केवल पैसा कमाने का धंधा किया है विधायक ने,विधायक के यहाँ नंगाड़ा बजाकर 12 दिन पूर्व सैकड़ों किसानों ने किया था प्रदर्शन 10 दिन में बाहरी लोगों से खाली होगा क्षेत्र पर प्रशासन,विधायक करणी कृपा उद्योग के गोद में आदिवासी किसान,वृद्ध किसान, महिला किसानों पर फर्जी एफआईआर माननीय उच्च न्यायालय में खड़ा करेंगे भ्र्ष्ट पुलिस प्रशासन को,मुख्यमंत्री भेट मुलाकत में जो वादा किया था उसे पूर्व जिलाधीश नीलेश क्षीरसागर ने क्यों नहीं माना,हम किसान माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का करेंगे पालन।जय छत्तीसगढ़,किसान सेवा- नारायण सेवा गांधीवादी सत्याग्रह जारी,रेती ठेकेदार,शराब चखना सेंटर ठेकेदार विधायक विनोद सेवन चंद्राकर से क्षेत्र के किसान मजदूर हो रहे हैं बेहाल विधायक विनोद सेवन चंद्राकर हराओ सिरपुर महासमुंद क्षेत्र बचाओ किसानों का चलाया गया अभियान विधायक को हटाते तक जारी रहेगा- किसान मोर्चा

बसना -/शैक्षिक समन्वयक के कार्यवाही मामलों पर जिला समन्वयक संघ का वर्चुवल बैठक उचित कार्यवाही न होने पर सामूहिक रूप से समस्त समन्वयक त्यागपत्र देने की बात कही

बसना -/शैक्षिक समन्वयक के कार्यवाही मामलों पर जिला समन्वयक संघ का वर्चुवल बैठक उचित कार्यवाही न होने पर सामूहिक रूप से समस्त समन्वयक त्यागपत्र देने की बात कही

बसना हेमन्त वैष्णव

जिला शैक्षिक समन्वयक संघ के द्वारा वर्चुवल बैठक लिया गया जिसमें बसना,बागबाहरा,सराईपाली,पिथौरा, महासमुंद से 70 से अधिक शैक्षिक समन्वयक बैठक में जुड़े थे। इस बैठक में मुख्य पदाधिकारी प्रान्त अध्यक्ष पूर्णानंद मिश्रा, जिला अध्यक्ष अनिल ढ़ीढ़ी, सराईपाली ब्लॉक प्रभारी अनिल पटेल, बसना प्रभारी अनिल सिंह साव, बागबाहरा प्रभारी देवेन्द्र चंद्राकर, महासमुंद प्रभारी एवं संभाग प्रमुख आशीष कुमार महिला प्रकोष्ठ खेमलता प्रधान, जिला संरक्षक भीमसेन चंद्राकर एवं अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

महासमुंद जिला अंतर्गत विकासखंड बसना के संकुल केंद्र जेवरा समन्वयक राजेश साहू एवं विकासखंड सराईपाली के संकुल केंद्र पझरापाली समन्वयक चम्पालाल डडसेना को समन्वयक पद से पृथक कर मूल शाला में भेज दिया गया है। यह आदेश जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी महासमुंद से आदेश जारी हुआ है। जिसका विरोध दर्ज कराते हुए शैक्षिक समन्वयक द्वारा गूगल मीट के द्वारा बैठक आयोजित किया गया। जिसमें सभी ब्लॉक प्रीतिनिधियों के द्वारा इस आदेश पर घोर विरोध कर तत्काल बहाली की मांग की। वही जिला अध्यक्ष अनिल ढ़ीढ़ी ने बताया कि हमारे समन्वयक साथी राजेश साहू को शिक्षक व्यवस्था के संबध में हटाया गया है। यह काम विकासखंड शिक्षा अधिकारी का है उसके बदले समन्वयक के ऊपर कार्यवाही होना गलत बात है।इस पर त्वरित कार्यवाही कर सह सम्मान वापस करने की मांग की।

वही प्रान्त अध्यक्ष पूर्णनांद मिश्रा जी ने बताया की पहले आवेदन देकर एवं अधिकारीयों से वार्ता कर वस्तु स्थिति को जाना जायेगा। हमारे समन्वयक साथी को सह सम्मान वापस नहीं करने की स्थिति में काम बंद करना पड़ेगा तो काम बंद करने का भी आश्वासन दिया गया।और उसके बाद भी उचित कार्यवाही न होने पर सामूहिक रूप से समस्त समन्वयक त्यागपत्र देने की बात कही।यह जानकारी मिडिया प्रभारी डिजेन्द्र कुर्रे ने दी।